नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर/वाराणसी, 27 जुलाई। मानवता और सेवा के क्षेत्र में बिहार के रक्तवीरों ने एक नया इतिहास रचते हुए देशभर के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। 26 जुलाई 2026 (रविवार) को पहली बार बिहार के विभिन्न जिलों से विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़े रक्तदाता “एसडीपी डोनर्स टीम बिहार” के बैनर तले एकजुट होकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल पहुँचे और सामूहिक रूप से SDP (Single Donor Platelet) Donation किया।
इस ऐतिहासिक अभियान में 38 स्वैच्छिक रक्तवीरों ने प्लेटलेट्स दान कर कैंसर सहित गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों एवं अन्य जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह अभियान न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश में स्वैच्छिक प्लेटलेट्स दान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल माना जा रहा है।
इस अवसर पर सनातन रक्तदान समूह के संस्थापक अविनाश कुमार (बादल) एवं समूह के सक्रिय सदस्य दीपक सिंह चौहान ने भी स्वयं SDP डोनेशन कर समाज को सेवा और समर्पण का संदेश दिया।
क्या है SDP (Single Donor Platelet) डोनेशन?
SDP (सिंगल डोनर प्लेटलेट) डोनेशन एक आधुनिक रक्तदान प्रक्रिया है, जिसमें विशेष मशीन (Apheresis Machine) की सहायता से केवल प्लेटलेट्स निकाले जाते हैं, जबकि रक्त के अन्य घटक (लाल रक्त कण एवं प्लाज़्मा) दाता के शरीर में वापस पहुँचा दिए जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, एक SDP डोनर से प्राप्त प्लेटलेट्स कई सामान्य रैंडम डोनर प्लेटलेट्स के बराबर प्रभावी मानी जाती हैं। इसका उपयोग विशेष रूप से कैंसर रोगियों, डेंगू के गंभीर मरीजों, बोन मैरो प्रत्यारोपण एवं अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के उपचार में किया जाता है।
मानवता की मिसाल
इस सामूहिक सेवा अभियान ने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज सेवा का संकल्प मजबूत हो, तो राज्य की सीमाएँ भी मानवता के मार्ग में बाधा नहीं बनतीं। बिहार के रक्तवीरों की यह पहल निश्चित रूप से देशभर के युवाओं और स्वैच्छिक रक्तदाताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
सभी 38 रक्तवीरों को इस ऐतिहासिक एवं मानवीय सेवा कार्य के लिए हार्दिक बधाई एवं नमन। उनका यह योगदान अनेक मरीजों और परिवारों के लिए जीवन की नई उम्मीद लेकर आया है।
“रक्तदान महादान है, और SDP डोनेशन जीवन बचाने का एक अमूल्य संकल्प है।”
