Ram Mandir donation theft case : अयोध्या के राम मंदिर में हुई चंदा चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी प्रशासन और ट्रस्ट पर हमला बोला है. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यदि छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो किसी भी तरह की जानकारी सार्वजनिक करने में हिचक क्यों है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा पारदर्शिता से बनता है, न की खामोशी से.
यह सिर्फ नेतृत्व नहीं, आस्था का भी सवाल
कांग्रेस नेता सिंघवी ने कहा कि यह मुद्दा केवल नेतृत्वक नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि यदि दान की रकम में चोरी हुई है तो यह सच्ची श्रद्धा के साथ विश्वासघात है. उन्होंने कहा कि जवाबदेही तय किए बिना केवल चुप्पी साध लेना लोगों के विश्वास को कमजोर करता है.
‘सुनियोजित लूट’ का लगाया आरोप
कांग्रेस नेता सिंघवी ने आरोप लगाया कि इस मामले में सिर्फ निचले स्तर के आठ कर्मचारियों गिरफ्तारी कर कार्रवाई पूरी मान ली गई, जबकि असली जिम्मेदार अब भी सवालों के घेरे से बाहर हैं. उन्होंने दावा किया कि यह कोई सामान्य चूक नहीं बल्कि सुनियोजित और संगठित तरीके से लूट की गई है, जो सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी में हुई. सिंघवी ने सवाल उठाया कि जिन अधिकारियों की निगरानी में यह सब हुआ, उनकी जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई.
पुराने मामले की जांच पर फिर उठे सवाल
कांग्रेस नेता सिंघवी ने कहा कि चंपत राय , अनिल मिश्रा और गोविंद गिरि की जबावदेही क्यों नहीं तय की गई, क्योंकि प्रशासन इन लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि एसआईटी केवल दिखावे के लिए गठित की गई है. सिंघवी कहा कि यदि पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्षता से जांच नहीं हुई तो लोगों के मन में संदेह बना रहेगा.
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