ITR Filing 2026 शुरू होने के साथ ही सबसे बड़ा सवाल यही है कि Old Tax Regime चुनें या New Tax Regime? केंद्र प्रशासन ने नई टैक्स व्यवस्था को डिफॉल्ट विकल्प बनाया है और इसमें टैक्स स्लैब भी अपेक्षाकृत कम हैं. वहीं पुरानी टैक्स व्यवस्था आज भी उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है जो HRA, Home Loan, NPS, 80C और 80D जैसी बड़ी टैक्स छूट का लाभ लेते हैं.
अगर आपकी सालाना सैलरी ₹15 लाख, ₹20 लाख या ₹25 लाख है, तो दोनों टैक्स व्यवस्थाओं में कितना टैक्स बनता है और किसमें ज्यादा बचत होगी, आइए आसान भाषा में समझते हैं.
Old और New Tax Regime में क्या अंतर है?
दोनों टैक्स व्यवस्थाओं का सबसे बड़ा अंतर Deductions और Exemptions का है.
New Tax Regime में टैक्स स्लैब कम हैं, लेकिन अधिकांश टैक्स छूट नहीं मिलती. वहीं Old Tax Regime में कई तरह की टैक्स छूट मिलती है, जिससे टैक्सेबल इनकम काफी कम हो सकती है.
इस तुलना में कौन-कौन सी टैक्स छूट शामिल की गई है?
Old Tax Regime के लिए यह मानकर गणना की गई है.
| टैक्स छूट | राशि |
| Standard Deduction | ₹50,000 |
| Section 80C | ₹1,50,000 |
| NPS (80CCD(1B)) | ₹50,000 |
| Section 80D | ₹25,000 |
| HRA Exemption | ₹2,00,000 |
| कुल छूट | ₹4,75,000 |
New Tax Regime में केवल ₹75,000 का Standard Deduction शामिल किया गया है.
₹15 लाख सैलरी पर कितना टैक्स बनेगा?
| विवरण | Old Regime | New Regime |
| Gross Salary | ₹15,00,000 | ₹15,00,000 |
| Taxable Income | ₹10,25,000 | ₹14,25,000 |
| कुल टैक्स (4% Cess सहित) | ₹1,24,800 | ₹97,500 |
टैक्स बचत: ₹27,300
इस आय स्तर पर New Tax Regime अधिक फायदेमंद दिखाई देती है.
₹20 लाख सैलरी पर कितना टैक्स देना होगा?
| विवरण | Old Regime | New Regime |
| Gross Salary | ₹20,00,000 | ₹20,00,000 |
| Taxable Income | ₹15,25,000 | ₹19,25,000 |
| कुल टैक्स | ₹2,80,800 | ₹1,92,400 |
टैक्स बचत: ₹88,400
₹25 लाख सैलरी पर कितना टैक्स बनेगा?
| विवरण | Old Regime | New Regime |
| Gross Salary | ₹25,00,000 | ₹25,00,000 |
| Taxable Income | ₹20,25,000 | ₹24,25,000 |
| कुल टैक्स | ₹4,36,800 | ₹3,19,800 |
टैक्स बचत: ₹1,17,000
जैसे-जैसे आय बढ़ती है, New Tax Regime का फायदा भी बढ़ता दिखाई देता है.
किस Tax Regime में ज्यादा बचत होगी?
| वार्षिक सैलरी | Old Regime टैक्स | New Regime टैक्स | संभावित बचत | बेहतर विकल्प |
| ₹15 लाख | ₹1,24,800 | ₹97,500 | ₹27,300 | New Regime |
| ₹20 लाख | ₹2,80,800 | ₹1,92,400 | ₹88,400 | New Regime |
| ₹25 लाख | ₹4,36,800 | ₹3,19,800 | ₹1,17,000 | New Regime |
इस उदाहरण में तीनों आय वर्गों के लिए New Tax Regime में कम टैक्स बनता है.
क्या सभी लोगों के लिए New Tax Regime बेहतर है?
नहीं.
यह केवल एक उदाहरण है. आपका वास्तविक टैक्स आपकी Salary Structure और मिलने वाली टैक्स छूट पर निर्भर करेगा.
यदि आप.
- HRA का बड़ा Exemption लेते हैं.
- Home Loan Interest पर ₹2 लाख तक की छूट लेते हैं.
- Section 80C में ₹1.5 लाख निवेश करते हैं.
- अतिरिक्त ₹50,000 NPS में निवेश करते हैं.
- Health Insurance पर Section 80D का लाभ लेते हैं.
- Employer NPS Contribution का फायदा लेते हैं.
तो Old Tax Regime आपके लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकती है.
कब Old Tax Regime चुनना बेहतर रहेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार Old Tax Regime इन परिस्थितियों में बेहतर साबित हो सकती है.
- किराए के घर में रहते हैं और अच्छी HRA छूट मिलती है.
- Home Loan Interest की पूरी टैक्स छूट लेते हैं.
- EPF, PPF, ELSS या Life Insurance के जरिए ₹1.5 लाख का 80C पूरा करते हैं.
- अतिरिक्त NPS निवेश करते हैं.
- Health Insurance Premium पर 80D का लाभ लेते हैं.
- Salary में Tax-free Allowances अधिक हैं.
ऐसे मामलों में कुल टैक्स छूट ₹5 लाख से ₹7 लाख या उससे अधिक हो सकती है.
Old Tax Regime को बेहतर बनाने के लिए कितनी Deduction चाहिए?
टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार लगभग ₹15 लाख की सैलरी पर Old Tax Regime तभी अधिक फायदेमंद हो सकती है जब.
- Chapter VI-A के तहत करीब ₹2 लाख की टैक्स छूट मिले.
- HRA, Donation या अन्य Exemptions मिलाकर लगभग ₹3.5 लाख की अतिरिक्त छूट उपलब्ध हो.
जैसे-जैसे आय बढ़ती है, Old Tax Regime को लाभदायक बनाने के लिए ज्यादा Deductions की जरूरत पड़ती है.
टैक्स चुनने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- केवल टैक्स स्लैब देखकर फैसला न करें.
- दोनों टैक्स व्यवस्थाओं में अपना वास्तविक टैक्स कैलकुलेट करें.
- Salary Structure और Employer Benefits को शामिल करें.
- Home Loan, HRA, NPS और अन्य टैक्स छूट का सही मूल्यांकन करें.
- ITR दाखिल करने से पहले जिस व्यवस्था में कम टैक्स बनता हो, उसी का चयन करें.
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