Tiger Shroff Case Update: टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलियां चलने के मामले में पुलिस के हाथ एक और बड़ी कामयाबी लगी है. तीन शूटरों की गिरफ्तारी के बाद अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार और लोगों को पकड़ा है, जिनमें दो स्त्रीएं भी शामिल हैं.
पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने हमले के लिए हथियारों का जुगाड़ किया और उन्हें मुंबई तक पहुंचाने में मदद की. अब इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम भी उछल रहा है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर यह पूरी साजिश रची कैसे गई और इसके पीछे किसका दिमाग था.
कौन हैं गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी?
रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुणाल, सुमित, राधा और बबीता के रूप में हुई है. कुणाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत से पकड़ा गया, जबकि राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने चारों आरोपियों को आगे की जांच के लिए मुंबई पुलिस को सौंप दिया है.
#WATCH | Maharashtra | Firing incident targeting actor Tiger Shroff | In the case involving the firing incident linked to Tiger Shroff, the Mumbai Police brought 4 suspects arrested by Delhi Police, Kunal (21) and Sumit (19), and Radha (23) and Babita (23), to the Anti-extortion Cell in Mumbai
— ANI (@ANI) October 21, 2026
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जांच अधिकारियों का आरोप है कि कुणाल और सुमित ने हथियारों की व्यवस्था करने में भूमिका निभाई थी. वहीं, राधा और बबीता कथित तौर पर हथियार लेकर ट्रेन से मुंबई पहुंची थीं. वहां उन्होंने हथियारों से भरा बैग दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया था. पुलिस अब इन सभी के बीच संपर्क और कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.
शो-रूम में करती थीं काम, फिर कैसे जुड़ा नाम?
इस मामले में गिरफ्तार की गईं राधा और बबीता उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं और हरियाणा के सोनीपत में काम करती थीं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों शो-रूम में नौकरी करती थीं और अपने परिवार की आर्थिक मदद करती थीं. पुलिस का आरोप है कि दोनों ने हथियार को मुंबई पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.
पुलिस के अनुसार, राधा की पहचान कुणाल नाम के युवक से हुई थी. आरोप है कि कुणाल ने उसे हथियार मुंबई ले जाने के लिए तैयार किया और इस काम में अपनी दोस्त बबीता को भी शामिल करने के लिए कहा. दोनों को इस काम के बदले 12-12 हजार रुपये देने का वादा किया गया था. हालांकि, ये सभी आरोप हैं और मामले की जांच जारी है.
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अमृतसर से मुंबई तक पहुंची पिस्तौल
पुलिस की जांच में सामने आया कि इस कथित नेटवर्क में अमेरिका में रहने वाले अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है. पुलिस का आरोप है कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित के निर्देश पर कुणाल अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस लेकर आया था.
इसके बाद 15 अक्टूबर को कुणाल दोनों स्त्रीओं को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर गया. पुलिस के मुताबिक, पिस्तौल राधा के बैग में थी. दोनों ट्रेन से मुंबई पहुंचीं और 17 अक्टूबर को दादर स्टेशन पर उतरकर एक होटल में ठहरीं. आरोप है कि उसी दिन एक नाबालिग लड़का होटल के पास राधा से बैग लेकर चला गया.
18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग
18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाई गईं. अभिनेता इस घटना में सुरक्षित बच गए, लेकिन फायरिंग के दौरान उनके ड्राइवर और वहां मौजूद एक व्यक्ति घायल हो गए. घायल व्यक्ति की पहचान उमेश कुमार चौहान के रूप में हुई, जो कथित तौर पर अभिनेता का वीडियो बना रहे थे.
घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज की और हमले में शामिल बताए जा रहे तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया. इसके बाद हथियार पहुंचाने के कथित नेटवर्क की जांच के दौरान राधा, बबीता, कुणाल और सुमित को भी गिरफ्तार किया गया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी साजिश में किसकी क्या भूमिका थी.
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ रहे तार
इस मामले में पुलिस लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े कथित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है. रिपोर्ट के अनुसार, अनिल पंडित और कुणाल के बीच एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क होने का आरोप है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हथियारों की व्यवस्था किसने की और फायरिंग की योजना किस स्तर पर बनाई गई थी. फिलहाल इस मामले में गिरफ्तार लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच जारी है.
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