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May 5, 2025

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धर्म संसद में पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, हिन्दू राष्ट्र सहित 7 प्रस्ताव पारित

Hindu Rashtra: राजधानी लखनऊ में रविवार को विश्व हिंदू रक्षा परिषद की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि महासम्मेलन आयोजित किया गया है. इस महासम्मेलन में अयोध्या, काशी, मथुरा सहित देश भर के साधु-संत शामिल हुए थे. साथ ही मुख्य अतिथि के तौर पर सूबे की डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भी धर्म संसद में मौजूद रहे. इस दौरान विश्व हिन्दू रक्षा परिषद की ओर से हिन्दू समाज से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की. इसके अलावा, 7 प्रस्ताव भी पारित किए. हिंदुस्तान को हिन्दू राष्ट्र बनाने का प्रस्ताव पारित अयोध्या की हनुमानगढ़ी के पुजारी महंत राजू दास ने धर्म संसद को लेकर जानकारी दी कि इस आयोजन में देश भर के हिंदू समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण और ज्वलंत मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए हैं. उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा धर्म पूछकर की गई हत्याएं बेहद निंदनीय और कायरतापूर्ण हैं. ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए धर्म संसद में “हिंदू राष्ट्र” की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है. यह भी पढ़ें- राहुल गांधी हिंदुस्तानीय या ब्रिटिश नागरिक? हाई कोर्ट में आज केंद्र प्रशासन दाखिल करेगी जवाब यह भी पढ़ें- 33 निजी स्कूलों पर डीएम का एक्शन, ठोका लाख रुपए का जुर्माना, जानें मामला ये प्रस्ताव हुए पारित सनातनी हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा. हिन्दू राष्ट्र बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ. मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में विश्व हिन्दू रक्षा परिषद मंदिरों और हिन्दुओं की रक्षा के लिए कार्यालय खोला जाएगा. पश्चिम बंगाल में हुई मुर्शिदाबाद की घटना को लेकर जून में सनातन यात्रा पश्चिम बंगाल से शुरू की जाएगी, जो कि कश्मीर तक जाएगी. सनातन की रक्षा करने वाले लोगों को सनातन गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. हिन्दू लड़कियां मुस्लिम से शादी न कर पाएं, इसके लिए अभियान चलाया जाएगा. लव जिहाद और लैंड जिहाद पर रोक लगान के लिए सनातनी सेना का निर्माण किया जाएगा. यह भी पढ़ें- मेट्रो नेटवर्क के मामले में यूपी सबसे आगे, इतने शहरों में मिल रही सेवा, 8 जिलों में प्रस्तावित The post धर्म संसद में पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, हिन्दू राष्ट्र सहित 7 प्रस्ताव पारित appeared first on Naya Vichar.

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‘बेबी बॉस’ वैभव से मिले दादा गांगुली, बल्लेबाजी को लेकर दी खास सलाह, बोले- अपना तरीका बदलने…

IPL 2025- Sourav Ganguly Meets Vaibhav Suryavanshi: अगर आश्चर्य और प्रतिभा को पैमाना माना जाए, तो आईपीएल 2025 की सबसे बड़ी खोज वैभव सूर्यवंशी जरूर उस सूची में पहले नंबर पर आएंगे. अपने डेब्यू मैच में छक्का लगाना और फिर तीसरे मैच में ही शतक जड़ना वाकई काबिल ए तारीफ है, यह तो प्रतिभा की बात हो गई. आश्चर्य तब हुआ जब उनकी उम्र का पुट उसमें जोड़ा जाए. वैभव ने मात्र 14 साल और 32 दिन की आयु में ही 35 गेंद पर शतक जड़कर तहलका मचा दिया था. वैभव को इस पारी के बाद तमाम दिग्गजों की ओर से सराहना मिली. अब इसी कड़ी में पूर्व हिंदुस्तानीय कप्तान सौरव गांगुली ने क्रिकेट सनसनी वैभव से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने उनकी निर्भीक बल्लेबाजी शैली की सराहना की और उसे इसी तरह स्पोर्ट्सने की सलाह दी.  राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबले के बाद गांगुली ने मैदान पर वैभव से मुलाकात की. इंडिया टुडे की समाचार के मुताबिक गांगुली ने कहा, “मैंने तुम्हारा स्पोर्ट्स देखा है. जैसे तुम बेखौफ क्रिकेट स्पोर्ट्सते हो, वैसे ही स्पोर्ट्सते रहो. अपनी बल्लेबाजी का तरीका बदलने की जरूरत नहीं है.” उन्होंने वैभव के भारी बल्ले पर भी गौर किया और उसकी ताकतवर हिटिंग की तारीफ करते हुए कहा, “उसमें काफी पावर है. भले ही वह केकेआर के खिलाफ रन नहीं बना सका, लेकिन वह बहुत अच्छा खिलाड़ी है.” (Sourav Ganguly Advices Vaibhav Suryavanshi) वैभव ने IPL में इतिहास रचते हुए सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम किया. गुजरात टाइटंस के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 38 गेंदों पर 101 रन बनाए, जिसमें 11 छक्के और 7 चौके शामिल थे. उनके इस तूफानी प्रदर्शन ने दिग्गजों और फैंस का दिल जीत लिया. हालांकि इसके बाद वैभव कुछ खास कमाल नहीं कर पाए और मुंबई के खिलाफ 0 और केकेआर के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए.  वैभव की बैटिंग में क्या है खास ब्रायन लारा से प्रेरणा लेने वाले वैभव की बैट लिफ्ट युजवेंद्र सिंह और गांगुली जैसी ऊँची है. उनके कोच और क्रिकेट दिग्गजों ने हिंदुस्तानीय क्रिकेट में उनके भविष्य को संवारने के लिए सामूहिक प्रयास की अपील की है. राहुल द्रविड़ ने मीडिया और फैंस से संयमित प्रतिक्रिया देने की सलाह दी है ताकि यह युवा खिलाड़ी संतुलन के साथ आगे बढ़ सके. हालांकि उनकी प्रतिभा को चारों ओर से सराहना मिल रही है. हेड राहुल द्रविड़ और बॉलिंग कोच शेन बॉन्ड ने भी वैभव की बैटिंग कुशलता पर बात करते हुए उन्हें राजस्थान रॉयल्स का भविष्य बताया है. बिहार के समस्तीपुर के एक क्रिकेट अकादमी में महज 9 साल की उम्र में ट्रेनिंग शुरू करने वाले वैभव को रणजी क्रिकेटर मनीष ओझा से कोचिंग मिली. आईपीएल 2025 में वह 14 साल और 23 दिन की उम्र में डेब्यू कर आईपीएल के सबसे युवा डेब्यूटेंट बने. इतना ही नहीं जब उन्हें राजस्थान रॉयल्स ने 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा था, तब भी वे नीलामी में बिकने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे.   ‘जिद्दी हो गए हैं ऋषभ’, अंबाती रायडू ने लगाई पंत को लताड़, बैटिंग में इस जगह सुधार की दी सलाह मिड सीजन आया और अब बाहर, SRH vs DC मैच से पहले सनराइजर्स टीम में शामिल हुआ चैंपियन बॉलर इंग्लैंड सीरीज में बुमराह नहीं होंगे उपकप्तान, पांच मैच स्पोर्ट्सने पर भी संशय, इन दो खिलाड़ियों पर BCCI की नजर The post ‘बेबी बॉस’ वैभव से मिले दादा गांगुली, बल्लेबाजी को लेकर दी खास सलाह, बोले- अपना तरीका बदलने… appeared first on Naya Vichar.

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Floating Hospital : बिहार में बनेंगे 15 फ्लोटिंग हॉस्पिटल, मिलेंगी ये सभी सुविधाएं

Floating Hospital : पटना. बिहार में स्वास्थ्य विभाग इस बार बाढ़ प्रभावित जिले में तैरते हुए अस्पताल बनाने की तैयारी कर रहा है. नाव पर ही पूरा अस्पताल बनेगा. जिसमें औषधालय के साथ-साथ डॉक्टर कंपाउंडर से लेकर नर्स तक तैनात रहेंगे. बिहार में 15 जिले बाढ़ की मार हर साल झेलते हैं और इस बार स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे सभी जिलों में नौका पर अस्पताल बनाने की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है. इन फ्लोटिंग हॉस्पिटल में कई प्रकार की सुविधाएं होंगी. सिविल सर्जन को दिए निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने एक एक्शन प्लान के तहत इसको करने की तैयारी भी शुरू कर दिया है. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बाढ़ प्रभावित जिले के सिविल सर्जन को इसकी तैयारी करने के निर्देश दिए हैं. नौका चलाने वाले नाविक का भी व्यवस्था जिला के जिलाधिकारी करेंगे. सिविल सर्जन की ओर से यह सुनिश्चित करवाया जाएगा की नाव और नाविक उस जिले के ही हो जिन्हें क्षेत्र का अनुभव भी हो. तैरता हुआ बनेगा अस्पताल दरअसल, तैरता हुआ अस्पताल नाव पर बनाया जाएगा और यह सबसे पहले जिला मुख्यालय में रहेगा. बाढ़ की स्थिति जब आएगी, तो फिर इस नाव को वहां से ट्रांसपोर्ट कर उस जगह पर ले जाया जाएगा, जहां बाढ़ से प्रभावित लोग रह रहे हैं. बाढ़ प्रभावित लोगों को इलाज करने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो यही सोचकर स्वास्थ्य विभाग ने इस तैरते हुए अस्पताल को बनाने का निर्णय लिया है. Also Read: Bihar News: बिहार ने 20 वर्षों में ऊर्जा के क्षेत्र में रचा इतिहास, उत्पादन क्षमता में की 7 गुना वृद्धि The post Floating Hospital : बिहार में बनेंगे 15 फ्लोटिंग हॉस्पिटल, मिलेंगी ये सभी सुविधाएं appeared first on Naya Vichar.

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अब सिर्फ जाति के आधार पर सरकार बनाना संभव नहीं- पूर्व सांसद आनंद मोहन

जमशेदपुर, संजीव भारद्वाज: बिहार में बाहुबल की नेतृत्व के कभी पर्याय रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन ने जमशेदपुर में जातिगत नेतृत्व पर जमकर हमला बोला. जानकारी के अनुसार, आनंद मोहन 21 साल बाद रविवार को श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के लिए जमशेदपुर पहुंचे. पूर्व सांसद अपने पुराने साथी राजेश झा के पिता के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिये जमशेदपुर (Jamshedpur) के ईस्ट प्लांट बस्ती आये थे. उन्होंने हरियाणा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि अब सिर्फ जाति के आधार पर प्रशासन बनाना संभव नहीं है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें जातिगत जनगणना के आंकड़ों पर उठाए सवाल पूर्व सांसद आनंद मोहन ने बिहार में जातिगत जनगणना के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए और कहा कि बिहार की जनता अब जाति से ऊपर उठकर वोट करती है. पूर्व सांसद आनंद मोहन ने दावा किया कि जातिगत जनगणना की मांग करनेवाले यह सुन ले कि देश भर में सर्वाधिक संख्या राजपूत और ब्राह्मणों की ही होगी. वे खुद लंबे समय से यह मांग कर रहे थे कि जाति जनगणना हो, लेकिन बिहार में नहीं पूरे देश भर में हो. इसकी मांग करनेवालों की संख्या बिहार से निकल कर दूसरे प्रदेश तक जाते ही सिमट जायेगी. उसके बाद ये फिर नया कोई शिगूफा तैयार करेंगे. अंग्रेजों के समय से यह सिलसिला चला आ रहा है, जिसके आधार पर आज भी आरक्षण-व्यवस्था जारी है, तो भला इसे कोई कैसे बदल देगा. उन्होंने कहा कि बिहार में यादवों की आबादी को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है, जबकि कुशवाहा समाज जो संख्या में ज्यादा हैं, उनकी आबादी को कम करके दिखाया गया है. इसे भी पढ़ें झारखंड में स्लीपर सेल बना रहे हैं आतंकी संगठन, जांच में लगातार सामने आ रहे कनेक्शन बता दें कि पूर्व सांसद आनंद मोहन ने नया विचार से बातचीत करते हुए कहा कि पिछली जनगणना के मुताबिक, जातिगत जनगणना में राजपूतों की संख्या 8-10 प्रतिशत थी. लेकिन नई जातीगत जनगणना में राजपूत केवल 3-4 प्रतिशत दिखाये गये. ऐसे में पूर्व सांसद का सवाल है कि आखिर किस कारण से राजपूत जाति कि संख्या घट गई. उन्होंने कहा कि आज हमारी आबादी काफी बड़ी है और हम अपनी जाति और आबादी के हिसाब से सांसद चुनते हैं. हरियाणा चुनाव का दिया उदाहरण आनंद मोहन ने कहा कि अब वह समय गया जब सिर्फ जातिगत समीकरणों के आधार पर चुनाव जीते जा सकते थे. उन्होंने हरियाणा विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कांग्रेस ने जाट कार्ड स्पोर्ट्सा था और घोषणा की थी कि उनकी मुख्यमंत्री जाट समुदाय से होगी. लेकिन भाजपा ने किसी भी जाति का कार्ड नहीं स्पोर्ट्सा और सभी छोटी-छोटी जातियों को एकजुट कर कांग्रेस को हरा दिया. बिहार के चुनाव में यही होगा, महागठबंधन के लोग जो कह रहे हैं कि तेजस्वी यादव ही मुख्यमंत्री होंगे, तो उन्हें भी मालूम चल जायेगा. बिहार की जनता हो गयी है समझदार – आनंद मोहन आनंद मोहन ने कहा कि बिहार की जनता अब समझदार हो गयी है. ये जाति से ऊपर उठकर वोट करती है. बिहार में चार सीटों पर उप चुनाव हुए थे. महागठबंधन ने नारा दिया था कि उप चुनाव सेमीफाइनल हैं, जो जीतेगा वह 2025 का फाइनल जीत कर सत्ता हासिल करेगा. तीन सीटें महागठबंधन के सांसद चुने जाने के बाद छोड़ी गयी थी, जबकि एक सीट एनडीए गठबंधन की थी. उप चुनाव के परिणाम ने बता दिया कि 2025 में बिहार में क्या परिणाम आयेगा. इसे भी पढ़ें पलामू में करंट की चपेट में आने से पिता -पुत्र की मौत, बाइक भी जलकर खाक झारखंड में बढ़ायेंगे सक्रियता पूर्व सांसद आनंद मोहन ने आगे कहा कि बिहार चुनाव के बाद झारखंड में भी वे पहले की तरह अपनी सक्रियता बढ़ायेंगे. उन्होंने झारखंड में रहनेवाले अपने पुराने साथियों से छह माह यानी बिहार चुनाव तक अपनी गतिविधियां शांत रखने को कहा है. इसके बाद नये साल 2026 में फिर से पूरी ताकत के साथ झारखंड प्रशासन का पुरजोर विरोध करेंगे, जो जन सरोकर के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं दिखा रही है. इसे भी पढ़ें हिज्ब उत-तहरीर के संदिग्धों ने पूछताछ में दी कई अहम जानकारी, एटीएस कर रहा सत्यापन गिरिडीह में फेंकी मिली मरीजों को दी जाने वाली लाखों रूपये की दवाइयां, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप साहिबगंज में नकाबपोश अपराधियों ने की दुकानदार की हत्या, दुकान में घुसकर मारी गोली The post अब सिर्फ जाति के आधार पर प्रशासन बनाना संभव नहीं- पूर्व सांसद आनंद मोहन appeared first on Naya Vichar.

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Desi Ghee Tips: सुबह खाली पेट देसी घी के सेवन से क्या होते हैं बदलाव, जानिए

 Desi Ghee Tips: सेहतमंद रहने के लिए खान-पान का सही होना बहुत जरूरी है. हम जो भी दिन भर में खाते हैं उसका असर सीधे हमारे शरीर पर पड़ता है. आमतौर पर किचन में रखी चीजों का आम मान कर उनका इस्तेमाल अपनी सेहत को ठीक करने में नहीं करते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है, किचन में रखी एक ऐसी चीज जिसके अनगिनत फायदे है, अगर हम उस चीज का इस्तेमाल सुबह खाली पेट में करना शुरू कर दें तो हमारे वजन से लेकर स्किन सभी चीजों पर उसका असर दिखेगा. वो चीज है देसी घी,जी हाँ इस आर्टिकल में आज  आपको बताएंगे कि कैसे आप देसी घी के 1 चम्मच को सुबह खाली पेट खाने से आपके शरीर में क्या-क्या बदलाव होते है.  क्या है घी से फायदें घी को सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में मिलकर पीने से शरीर को बहुत सारे फायदे होते है.   इम्यून सिस्टम क्या आपको मालूम हिय घी में मौजूद कई फैट में सॉल्यूबल विटामिन जैसे A,D,E और  K होते है. ये सभी पूरे शरीर को स्वास्थ्य और इम्यून सिस्टम के लिए जरूरी है.  हेल्दी हार्ट सुबह घी खाने के ये भी फायदे है कि इसमें सैचुरेटेड फैट और संयुग्मित लिनोलिक एसिड (CLA) होता है, जो कॉलेस्टरेल के लेवल को कम करने और हार्ट को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है.  बेहतर पाचन  खाली पेट घी खाने से आपके पाचन स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है, इसका एक कारण यह भी है कि यह पाचन तंत्र को शांत करने में मदद करता है.   वेट मेनेजमेंट शरीर को स्वस्थ रखें में सबसे ज्यादा मददगार होता है वेट को मैनेज करके रखना, जिसमें सुबह खाली पेट घी का गुनगुने पानी के सतह सेवन करना बेहद फायदे मंद होता है. इसमें मध्यम-श्रृंखला ट्राइग्लिसराइड्स (MCT) होते हैं, जिन्हें शरीर आसानी से ऊर्जा में बदल देता है और वजन को प्रबंधित करने में मदद करता है.  The post Desi Ghee Tips: सुबह खाली पेट देसी घी के सेवन से क्या होते हैं बदलाव, जानिए appeared first on Naya Vichar.

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Maharashtra Board 12th Result 2025 OUT: महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी, 91.86% छात्र पास, देखें टॉपर्स लिस्ट

Maharashtra Board 12th Result 2025 OUT: महाराष्ट्र बोर्ड हायर सेकेंडरी का रिजल्ट जारी हो गया है. ऐसे में जो छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए हैं वो अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. रिजल्ट चेक करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट mahresult.nic.in पर जाना होगा. बता दें कि महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं में इस बार कुल 91.86 फीसदी छात्र पास हुए हैं. महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं के नतीजे विद्यार्थी mahahsscboard.in पर चेक कर सकेंगे. MSBSHSE की तरफ से कक्षा 12वीं के तीनों स्ट्रीम का रिजल्ट एक साथ जारी कर दिया गया है. रिजल्ट चेक करने के लिए छात्र नीचे दिए स्टेप्स को फॉलो करें. Maharashtra Board 12th Result 2025 ऐसे करें चेक रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट – mahresult.nic.in पर जाएं. वेबसाइट की होम पेज पर New Updates पर क्लिक करें. अगले पेज पर Maharashtra Board 12th Result 2025 Link पर जाएं. अगले पेज पर रोल नंबर और माता का नाम देना होता है. अब रिजल्ट स्क्रीन पर खुल जाएगा. रिजल्ट चेक करने के बाद प्रिंट जरूर ले लें. मिलेगा रीचेकिंग का मौका महाराष्ट्र बोर्ड आर्ट्स, साइंस व कॉमर्स तीनों स्ट्रीम के नतीजे एक साथ जारी हुए हैं. बता दें कि मार्कशीट चेक करने के बाद जो छात्र अपने मार्क्स को लेकर असंतुष्ट होंगे वो रीचेकिंग, मार्क्स वेरिफिकेशन, आंसर-शीट की फोटोकॉपी, रीइवेल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे. इसके लिए 6 मई से 20 मई 2025 तक आवेदन लिए जाएंगे. ये भी पढ़ें: NEET Answer Key 2025: नीट आंसर-की में क्यों दिए जाते हैं कोड? जानें इसका रिजल्ट से कनेक्शन और NTA का प्रोसेस The post Maharashtra Board 12th Result 2025 OUT: महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी, 91.86% छात्र पास, देखें टॉपर्स लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Crime: बिहार में लड़की ने बीच सड़क पर की छूरेबाजी, टोटो ड्रावर को किया घायल

Bihar Crime: किशनगंज. बिहार के किशनगंज में एक टोटो चालक को लड़की से किराया मांगना महंगा पड़ा. एक युवती ने बीच सड़क पर टोटो चालक को चाकूओं से गोद दिया. पोठिया थाना क्षेत्र के छतरगाछ बाजार में छूरेबाजी की इस घटना ने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया. स्थानीय लोगों की मदद से पीड़ित चालक को रेफरल अस्पताल छतरगाछ ले जाकर उपचार कराया गया है. चालक के हाथ में गहरे जख्म हैं. इस घटना से ऑटो और ई-रिक्शा चालकों में रोष व्याप्त हो गया है. किराया मांगने पर हुई झड़प घटना के संबंध में सारोगोरा पंचायत के खाड़ीबस्ती बक्सा गांव निवासी टोटो चालक सोनेलाल राम ने बताया कि शाम को किशनगंज से वह अपनी टोटो से चार पैसेंजर को लेकर छतरगाछ के लिए निकला था. छतरगाछ बाजार पहुंचने पर टोटो में बैठे तीन लोगों ने उतरने के बाद तो किराया दे दिया, लेकिन एक युवती से किराया मांगने पर वह झगड़ा-झंझट करने पर उतारू हो गयी. वह ड्राइवर पर हाथ चलाने लगी. इसी क्रम में नजदीक के चिकन दुकान से एक चाकू उठाकर टोटो चालक पर लड़की ने जानलेवा हमला कर दिया. हमले से बचाव करने में चालक के हाथ की उंगलियां गंभीर रूप से जख्मी हो गई है. मौके पर पहुंची पुलिस हमले के बाद पीड़ित ने डायल-112 पर घटना की सूचना दी. सूचना मिलने पर पहाड़कट्टा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने आरोपित युवती को हिरासत में ले लिया है. युवती पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र के कोल्था पंचायत की रहनेवाली बताई जा रही है. स्थानीय लोगों ने बताया कि युवती के व्यवहार से लगता है कि वो मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. इधर लड़की को छुड़ाने के लिए भारी पैरवी की जा रही है. पीड़ित रिक्शा ड्राइवर को भी मनाने में कुछ लोग लगे हुए हैं. Also Read: Bihar News: बिहार ने 20 वर्षों में ऊर्जा के क्षेत्र में रचा इतिहास, उत्पादन क्षमता में की 7 गुना वृद्धि The post Bihar Crime: बिहार में लड़की ने बीच सड़क पर की छूरेबाजी, टोटो ड्रावर को किया घायल appeared first on Naya Vichar.

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‘जिद्दी हो गए हैं ऋषभ’, अंबाती रायडू ने लगाई पंत को लताड़, बैटिंग में इस जगह सुधार की दी सलाह

Ambati Rayudu on Rishabh Pant Batting in IPL 2025: आईपीएल नीलामी में 27 करोड़ रुपये में बिकने वाले पंत इस सीजन में अब तक बेहद निराशाजनक प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने 10 पारियों में सिर्फ 128 रन बनाए हैं, जिसमें पांच बार वह सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट हुए हैं, एक बार शून्य पर और केवल एक अर्धशतक लगाया है. पंजाब किंग्स के खिलाफ उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन रविवार, 4 मई को धर्मशाला में स्पोर्ट्से गए मैच में फिर एकबार ऋषभ 17 गेंद पर 18 रन बनाकर आउट हो गए. पूर्व हिंदुस्तानीय क्रिकेटर अंबाती रायडू का मानना है कि लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान ऋषभ पंत आईपीएल 2025 में बेहद खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं और इसका कारण उनकी जिद है. रायडू ने कहा कि पंत का मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने का मानसिक दृष्टिकोण सही नहीं है और वह ओपनर के तौर पर ज्यादा बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं. रायडू ने मैच के बाद ऋषभ की पारी का एनालिसिस करते हुए ईएसपीएन क्रिकइंफो के टाइम आउट शो में कहा, “मुझे लगता है कि इस समय मुझे उनके लिए बहुत दुख हो रहा है क्योंकि वह अपने बल्लेबाजी क्रम या अपने दृष्टिकोण में कोई बदलाव नहीं कर रहे हैं. मुझे लगता है कि वह चीजों को लेकर बहुत जिद्दी हो रहे हैं. यह फिलहाल उनके पक्ष में काम नहीं कर रहा है. ईमानदारी से कहूं तो इस स्पोर्ट्स में ऐसा होता है और वह बहुत बुरे दौर से गुजर रहे हैं. यह किसी के साथ भी हो सकता है. मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि वह इस सीख को अपनाएं और इसमें सुधार करें और और भी जिद्दी न बनें, लेकिन बस इस तथ्य को स्वीकार करें कि वह संघर्ष कर रहे हैं और चीजों को थोड़ा अलग तरीके से करना शुरू करें और हर दिन बेहतर होने की कोशिश करें. आप बस इतना ही कर सकते हैं.” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि किसी भी चीज से ज्यादा यह स्पष्टता है कि वह क्या करना चाहते हैं, क्योंकि मेरे लिए पंत आदर्श रूप से सफेद गेंद वाले क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज हैं, क्योंकि मध्य क्रम में वह बहुत अच्छे नहीं रहे हैं. मुझे पता है कि उन्हें मध्यक्रम में स्पोर्ट्सना पसंद है, लेकिन उनके पास वह बल्लेबाजी कौशल नहीं है जो आवश्यक है या कौशल सेट नहीं है. हो सकता है कि उनके पास कौशल हो, लेकिन उसे क्रियान्वित करने की मानसिकता नहीं है.” #RishabhPant was sold for 25crores in IPL but didn’t score 25 runs in a single match He should return all the money His fans always talk bad about other wicketkeepers but the way Rishabh Pant is playing,no one is saying anything wrong about him#PBKSvsLSG pic.twitter.com/Mf114VrKVN — Rahul Gupta (@RahulGu04197245) May 4, 2025 बदलाव के बाद भी फेल रहे ऋषभ हालांकि अगर देखा जाए तो पंत ने इस सीजन में अपनी बल्लेबाजी क्रम में कुछ बदलाव किए हैं. उन्होंने नंबर 4 से शुरुआत की, एक मैच में नंबर 6 पर उतरे, एक बार ओपनिंग की और एक बार नंबर 7 पर भी स्पोर्ट्से. लेकिन वह बार-बार नंबर 4 पर लौटते हैं, जो लगता है कि उनकी पसंदीदा पोजीशन है. PBKS के खिलाफ मैच में पंत ने शुरुआत में मार्को जानसन के खिलाफ मिड-ऑफ के ऊपर छक्का जड़ा और युजवेंद्र चहल की गेंदों पर दो चौके भी लगाए. लेकिन आठवें ओवर में जब वह अजमतुल्लाह उमरजई के खिलाफ बड़ा शॉट लगाने की कोशिश कर रहे थे, तो बल्ले पर नियंत्रण खो बैठे. बल्ला मिडविकेट की ओर उड़ गया और गेंद टॉप एज लेकर डीप कवर में कैच हो गई. पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ मैच में पंत तीसरे विकेट के रूप में नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने आए, जब टीम दो जल्दी विकेट गंवा चुकी थी. 237 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पंत सिर्फ 18 रन बना सके और प्रभाव नहीं छोड़ सके. वे ऐसा लगा जैसे दबाव में आ गए और अपना विकेट फेंक कर चले गए. अंत में LSG 199 रन ही बना सका और यह मुकाबला 37 रन से हार गया.  इन्हें भी पढ़ें:- मिड सीजन आया और अब बाहर, SRH vs DC मैच से पहले सनराइजर्स टीम में शामिल हुआ चैंपियन बॉलर इंग्लैंड सीरीज में बुमराह नहीं होंगे उपकप्तान, पांच मैच स्पोर्ट्सने पर भी संशय, इन दो खिलाड़ियों पर BCCI की नजर श्रेयस अय्यर ने खोला पंजाब किंग्स की किस्मत का ताला, 11 साल बाद दिलाई ये बड़ी सफलता The post ‘जिद्दी हो गए हैं ऋषभ’, अंबाती रायडू ने लगाई पंत को लताड़, बैटिंग में इस जगह सुधार की दी सलाह appeared first on Naya Vichar.

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इस खास मुहूर्त में लगाएं मेहंदी, जीवन भर मिलेगी वैवाहिक सुख-शांति

Mehndi Design Shubh Muhurat: हिंदुस्तानीय संस्कृति में विवाह केवल एक सामाजिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह सात जन्मों का एक पवित्र बंधन माना जाता है. इस पवित्र बंधन की शुरुआत रीतियों और रस्मों से होती है, जिनमें मेहंदी की रस्म का विशेष महत्व है. मेहंदी को सुहाग का प्रतीक माना जाता है, और यह मान्यता है कि जितनी गहरी मेहंदी लगाई जाती है, उतना ही गहरा दांपत्य प्रेम होता है. शादी की मेहंदी लगाने का एक विशेष शुभ समय होता है. यदि इस रस्म को सही समय पर किया जाए, तो यह वैवाहिक जीवन में प्रेम, समृद्धि और शांति लाता है. आमतौर पर शादी से एक या दो दिन पहले मेहंदी की रस्म होती है, लेकिन पंडितों और ज्योतिषियों के अनुसार चंद्रमा के शुभ प्रभाव और तिथि, वार, नक्षत्र को ध्यान में रखते हुए इस मुहूर्त का चयन किया जाना चाहिए. शुभ मुहूर्त कैसे चुनें? शुक्ल पक्ष के दिनों में, विशेषकर बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार को मेहंदी लगवाना शुभ माना जाता है. रोहिणी, मृगशिरा, अनुराधा, उत्तरा फाल्गुनी और रेवती नक्षत्र में मेहंदी लगाना विशेष रूप से लाभकारी होता है. प्रदोष काल या संध्या समय में मेहंदी लगाने से विवाह जीवन में मिठास बढ़ती है. क्यों खास है मेहंदी की रस्म? मेहंदी केवल एक सजावटी परंपरा नहीं है, बल्कि इसमें औषधीय गुण भी विद्यमान हैं. यह तनाव को कम करती है और त्वचा को ठंडक प्रदान करती है. विवाह की व्यस्तता और मानसिक दबाव के बीच यह रस्म नववधू को मानसिक और शारीरिक शांति प्रदान करती है. क्या करें इस दिन? मेहंदी लगाने से पूर्व श्रीगणेश और माता पार्वती की पूजा करना चाहिए. मेहंदी में एक चुटकी हल्दी मिलाने से सौभाग्य और शुभता में वृद्धि होती है. मेहंदी लगाते समय “ॐ लक्ष्मीनारायणाय नमः” का जप करने से विवाह जीवन में समृद्धि बनी रहती है. The post इस खास मुहूर्त में लगाएं मेहंदी, जीवन भर मिलेगी वैवाहिक सुख-शांति appeared first on Naya Vichar.

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गोल्ड मेडल विजेता को झारखंड में मिल रही सिपाही और ट्रैफिक पुलिस की नौकरी, इधर बिहार में मिल रहा DSP का पद

Jharkhand Players: झारखंड के कई ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ी है, जिन्होंने अपनी मेहनत के दम पर देश और राज्य के लिए कई मेडल्स जीते. लेकिन इन खिलाड़ियों का दुर्भाग्य देखिये राज्य प्रशासन इन्हें प्रतिष्ठित पद पर एक नौकरी नहीं दिला पा रही है. मेडल्स जीतने वाले कई खिलाडियों को तो राज्य में सिपाही बनाकर खानापूर्ति की जा रही है. इनसे प्रशासन सिपाही और ट्रैफिक पुलिस के रूप में सेवा ले रही है. एक ओर जहां झारखंड में मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को सिपाही बनाया जा रहा है तो वहीं पड़ोसी राज्य बिहार में खिलाड़ियों को सब इंस्पेक्टर और डीएसपी के अलावा जिला स्तर की नौकरियां दी जा रही है. स्वर्ण पदक विजेता को बनाया गया सिपाही कॉमनवेल्थ गेम्स के लॉन बॉल में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली लवली चौबे, रजत पदक विजेता दिनेश कुमार और सरिता तिर्की को राज्य में सिपाही बनाया गया है. झारखंड के लॉन बॉल के खिलाड़ी चंदन कुमार ने वर्ष 2022 में झारखंड के लिए स्पोर्ट्सा और कई मेडल्स भी जीतें. लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि राज्य प्रशासन की ओर से अब तक चंदन को कोई नौकरी नहीं मिली है. वह फिलहाल बिहार में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (4200 ग्रेड पे) के पद पर कार्यरत है. झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें 25 सालों में केवल 50 खिलाड़ियों को मिली नौकरी आंकड़ों की बात करें तो बीते 25 सालों में झारखंड प्रशासन केवल 50 खिलाड़ियों को ही नौकरी दे सकी है. झारखंड बनने के बाद से अब तक राज्य प्रशासन की ओर से सीधी नियुक्ति का फायदा केवल 44 खिलाड़ियों को ही मिला है. इसके विपरीत पड़ोसी राज्य बिहार में वर्ष 2010 से खिलाड़ियों को नौकरी देने की शुरूआत हुई. बिहार में केवल 15 सालों के भीतर 271 खिलाड़ियों को नौकरियां मिल चुकी है. इनमें से अधिकतर खिलाड़ी प्रतिष्ठित पदों पर कार्यरत हैं. खिलाड़ियों के लिए 2 प्रतिशत आरक्षण झारखंड में खिलाड़ियों को सभी विभागों में नियुक्ति और 2 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का प्रावधान है. पुलिस विभाग में पहली बार खिलाड़ियों को वर्ष 2003-04 में नौकरी मिली थी. वर्ष 2019 में 39 खिलाड़ियों को नौकरी मिली. इस तरह प्रावधान के अनुसार अब तक केवल 2 बार ही खिलाड़ियों को नौकरी मिली है. इसके अलावा पड़ोसी राज्य की बात करें तो बिहार में खिलाड़ियों को राज्य सेवा के बराबर का दर्जा मिलता है. मैडल जीतने वाले खिलाड़ियों को नौकरी में प्राथमिकता भी दी जाती है. इसे भी पढ़ें झारखंड में स्लीपर सेल बना रहे हैं आतंकी संगठन, जांच में लगातार सामने आ रहे कनेक्शन गिरिडीह में फेंकी मिली मरीजों को दी जाने वाली लाखों रूपये की दवाइयां, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप Bokaro News : दांत साफ करने के साथ मसूड़ों की मालिश भी जरूरी : डॉ प्रशांत The post गोल्ड मेडल विजेता को झारखंड में मिल रही सिपाही और ट्रैफिक पुलिस की नौकरी, इधर बिहार में मिल रहा DSP का पद appeared first on Naya Vichar.

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