Hot News

May 5, 2025

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Madhubani : शिविर में 25 दिव्यांग बच्चों का प्रमाणपत्र के लिए जांच कर किया रजिस्ट्रेशन

Madhubani : खजौली . सीएचसी के शिशु वार्ड में सोमवार को सीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ज्योतींद्र नारायण की अध्यक्षता में प्रखंड स्तरीय दिव्यांगता शिविर कैंप का आयोजन किया गया. दिव्यांगता शिविर में सीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ज्योतींद्र नारायण एवं डॉ. शत्रुघ्न कुमार, डॉ. शाहिद एकवाल ने कुल 25 दिव्यांग मरीज का रजिस्ट्रेशन एवं जांच कर प्रमाण पत्र के लिए मधुबनी भेजा. सीएचसी प्रभारी ने बताया कि हाथ, पैर से दिव्यांगता शून्य से 18 वर्ष के आयु वाले लड़का, लड़की की चिकित्सकों द्वारा जांच कर दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए जिला सिविल सर्जन कार्यालय को भेजा गया है. डॉ. शाहिद एकवाल ने बताया कि हाथ, पैर दिव्यांगता को छोड़कर शेष दर्जनभर मरीज आंख, कान, नाक, गला सहित अन्य प्रकार के दिव्यांग है उन मरीज की दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आवेदन पत्र को सदर हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया. डॉ. शत्रुघ्न कुमार ने बताया कि दिव्यांगता शिविर में कुछ दिव्यांग मरीज की जांच पड़ताल कर मुफ्त में दवा मुहैया करायी गई है. कैंप में सीएचसी स्वास्थ्य प्रबंधक अर्चना भट्ट ने कहा कि सभी दिव्यांग मरीज को बैठने के लिए कुर्सी, दरी, पेयजल, चाय, बिस्कुट, नाश्ता उपलब्ध कराया गया. मौके पर बीसीएम शंभु कुमार, कस्तूरबा विद्यालय के दिव्यांग शिक्षिका कुमारी रीता यादव, चंचला हिंदुस्तानी, बीएसडब्ल्यू चंदेश्वर महतो, जिला विधिक सेवा प्राधिकार धमेंद्र कुमार, मनीष कुमारी एवं दिव्यांग मरीज प्रभास कुमार,नवीन कुमार, नेहा कुमारी, राजा बाबू कुमार, अमन कुमार ठाकुर, सदराज राय सहित दर्जनों दिव्यांग मरीज उपस्थित थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Madhubani : शिविर में 25 दिव्यांग बच्चों का प्रमाणपत्र के लिए जांच कर किया रजिस्ट्रेशन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Madhubani : डीएम ने किया ईवीएम वेयर हाउस का निरीक्षण

Madhubani : मधुबनी . जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा ने सोमवार को ईवीएम वेयर हाउस का निरीक्षण किया. विदित हो कि हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग के निर्देश के पर प्रत्येक माह ईवीएम वेयर हाउस में रखे ईवीएम की सुरक्षा व्यवस्था का निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा निरीक्षण किया जाता है. इसी क्रम में ईवीएम से संबंधित सभी सुरक्षा मानकों की जांच के लिए जिला पदाधिकारी पदाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने ईवीएम वेयर हाउस का निरीक्षण किया. साथ ही वीवीपैट गोदाम के सुरक्षा मानकों का भी जायजा लिया. जिलाधिकारी ने उपस्थित उप निर्वाचन पदाधिकारी को कई आवश्यक दिशा निर्दर्श भी दिए. मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रशांत कुमार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Madhubani : डीएम ने किया ईवीएम वेयर हाउस का निरीक्षण appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मुजफ्फरपुर में फुटपाथ विक्रेताओं के लिए बनेंगे वेंडिंग जोन, फिर होगा सर्वेक्षण

फोटो दीपक : 37 ::: शहर की यातायात व्यवस्था होगी दुरुस्त, विक्रेताओं को मिलेगा व्यवस्थित ठिकाना वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर शहर के फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित करने के लिए नगर निगम एक बार फिर पहल शुरू किया है. सोमवार को नगर आयुक्त विक्रम विरकर की अध्यक्षता में टाउन वेडिंग कमेटी की मीटिंग हुई. इसमें शहर के फुटपाथ विक्रेताओं को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने की दिशा किये जा रहे कार्यों पर चर्चा हुई. नगर आयुक्त श्री विरकर ने इस पहल को फुटपाथ विक्रेताओं को सशक्त बनाने और शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है. उन्होंने कहा कि नगर निगम जल्द ही वेंडिंग जोन के लिए संभावित स्थलों का सर्वेक्षण शुरू करेगा और इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और सभी हितधारकों की सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी. मीटिंग में डीएसपी ट्रैफिक नीलाभ कृष्ण के अलावा स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, एलडीएम सहित रिक्शा कर्मचारी संघ, ई-रिक्शा कर्मचारी संघ और फुटपाथ विक्रेता समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हुए. सभी ने मिलकर शहर में वेंडिंग जोन स्थापित करने की आवश्यकता और संभावित स्थलों पर गहन चर्चा की. ताकि, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भी सुगम बन सके. नगर निगम ने आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में फुटपाथी विक्रेताओं के लिए आवश्यक कमद उठाये जायेंगे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मुजफ्फरपुर में फुटपाथ विक्रेताओं के लिए बनेंगे वेंडिंग जोन, फिर होगा सर्वेक्षण appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Madhubani : समीक्षा बैठक मे टीबी मुक्त पंचायत बनाने का लिया गया संकल्प

Madhubani : मधुबनी . प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान के तहत वर्ष 2025 तक टीबी जैसी संक्रामक बीमारी को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. कार्यक्रम की बेहतरी के लिए सोमवार को सदर अस्पताल स्थित जिला टीबी कार्यालय में जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. जीएम ठाकुर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई. समीक्षा बैठक में चिकित्सकों एवं कर्मियों ने टीबी मुक्त पंचायत का बनाने संकल्प लिया. मौके पर सीडीओ डॉ. जीएम ठाकुर ने कहा कि जिले में जनवरी 2025 से अप्रैल 2025 तक टीबी के 2868 मरीजों को चिन्हित किया गया है. इसमें प्राइवेट में 1559 एवं प्रशासनी संस्थानों में 1309 मरीजों को चिन्हित किया गया. वहीं अप्रैल माह में टीबी के 648 मरीज चिन्हित किया गया. इसमें प्राइवेट में 364 एवं प्रशासनी संस्थान में 269 मरीज चिन्हित किये गये हैं. इसमें एमडीआर के 15 मरीजों की पहचान की गई. चिन्हित मरीजों को मुफ्त इलाज के साथ ही मुफ्त दवा दी गई है. उन्होने कहा कि यक्ष्मा विभाग द्वारा टीबी मरीजों की लगातार पर्यवेक्षण एवं निगरानी की जा रही है. सीडीओ ने कहा कि एमडीआर के मरीजों का उपचार 9 माह से 2 साल तक चलता है. उन्होंने कहा कि राज्य के निर्देशानुसार प्रति 1000 पापुलेशन पर 30 लोगों का टीबी का स्क्रीनिंग करना है. उन्होंने कहा कि जिले के 16 प्रखंडों में ट्रूनेट मशीन से टीबी की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जिले में टीबी मरीजों की संख्या बढ़ने का मुख्य कारण अधिकतर मरीजों द्वारा बीच में ही इलाज एवं नियमित रूप से दवा का सेवन करना छोड़ देते हैं. इसके लिए विभाग द्वारा निक्ष्य मित्र योजना की शुरूआत की गई है. इस योजना के तहत टीबी मरीजों को निक्ष्य मित्र द्वारा गोद लिया जाता है. इसके लिए प्रशासन और विभाग अपने स्तर से प्रयासरत है. उन्होंने कहा कि अब जनमानस को जागरूक होने की आवश्यकता है. ताकि टीबी के खिलाफ लड़ाई में आसानी से विजय प्राप्त किया जा सके. बैठक के दौरान उन्होंने सभी एसटीएस, एसटीएलएल को टीबी मुक्त पंचायत अभियान को सफल बनाने के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्य करने का निर्देश दिया. प्रशासनी अस्पताल में ही कराएं अपने टीबी का इलाज डीपीसी पंकज कुमार ने कहा कि जिले के सभी प्रशासनी अस्पतालों में टीबी इलाज से लेकर जांच तक की व्यवस्था निःशुल्क है. सबसे ख़ास बात यह है कि दवा के साथ टीबी के मरीज को पौष्टिक आहार के लिए प्रतिमाह सहायता राशि भी दी जाती है. बावजूद देखा जा रहा है कि कुछ लोग इलाज कराने के लिए बड़े-बड़े निजी अस्पतालों या फिर बड़े शहर की ओर रुख कर जाते हैं. हालांकि फिर मरीज निराश होकर संबंधित जिले के प्रशासनी अस्पतालों की शरण में ही आना पड़ता है. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को जैसे ही टीबी के बारे में पता चले, तो सबसे पहले नजदीकी प्रशासनी अस्पताल जाकर जांच कराएं. जिले में टीबी मरीजों के इलाज के साथ मुकम्मल निगरानी और अनुश्रवण की व्यवस्था की जाती है. सीडीओ डॉ. जी. एम. ठाकुर ने बताया कि टीबी संक्रमण दर को कम करने के लिए ज्यादा से ज्यादा टीबी नोटिफिकेशन करने की जरूरत होती है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने टीबी नोटिफिकेशन टारगेट को 90 प्रतिशत करने का निर्देश दिया है. डॉ. ठाकुर ने बताया कि विभाग द्वारा प्रत्येक माह 800 मरीज एवं 1 वर्ष में कुल 9600 का नोटिफिकेशन करने का लक्ष्य रखा गया है. राज्य के निर्देशानुसार 100000 की आबादी पर 3000 टीबी के संदिग्ध मरीजों की जांच की जानी है. जांच बिल्कुल निशुल्क है. मालुम हो कि पंचायत प्रतिनिधि अपने पंचायत में आशा के माध्यम से डोर टू डोर जाकर संदिग्ध टीबी मरीजों को चिन्हित कर रहे हैं. जिले में उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों एवं समूहों पर ख़ास ध्यान रखा जा रहा है. अगर किसी पंचायत के गांव में कोई संदिग्ध व्यक्ति अपना स्पुटम देने से इंकार करता है तो संबंधित पंचायत के मुखिया द्वारा आशा के सहयोग से व्यक्ति को समझकर स्पुटम लिया जाता है. एक प्रखंड के सभी पंचायत के टीबी मुक्त होने से ही टीबी मुक्त प्रखंड का स्वप्न साकार हो सकता है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Madhubani : समीक्षा बैठक मे टीबी मुक्त पंचायत बनाने का लिया गया संकल्प appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Madhubani : प्रोस्टेट बढ़ने पर होने वाली परेशानी को नहीं करें नजर अंदाज: सीएस

Madhubani : मधुबनी . यदि आपकी उम्र चालीस वर्ष से अधिक हो रहा है और पेशाब में परेशानी हो रही है तो सावधान हो जायें. यह प्रोस्टेट बढ़ने की वजह हो सकता है. चालीस से अधिक उम्र के बाद मूत्र संबंधी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह बढ़े हुए प्रोस्टेट का कारण हो सकता है. जो भविष्य में प्रोस्टेट कैंसर का रूप भी ले सकता है. यह जानकारी सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने दी है. उन्होंने कहा कि प्रोस्टेट पुरुषों की पौरुष ग्रंथि होती है. इसके आकार बढ़ने से यह समस्या होती है. प्रोस्टेट मूत्राशय के ठीक नीचे और मलाशय के सामने स्थित होता है. यह लगभग एक अखरोट के आकार का होता है. जो मूत्राशय से मूत्र को खाली करने वाली नली को घेरे रहता है. पुरुष की उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट का आकार बढ़ने लगता है. प्रोस्टेट बढ़ने से मूत्रमार्ग संकीर्ण हो जाता है और मूत्र प्रवाह कम हो सकता है. 40 के बाद एक ग्राम सालाना बढ़ता है प्रोस्टेट सीएस ने कहा कि चालीस साल के बाद हर पुरुष का प्रोस्टेट एक ग्राम प्रतिवर्ष बढ़ता है. सामान्यतः यह 18 से 22 ग्राम का होता है. प्रोस्टेट में होने वाले सूजन को प्रोस्टेटाइटिस कहते है. प्रोस्टेटाइटिस में अक्सर पेशाब करने में कठिनाई होती है. प्रोस्टेट में सूजन की समस्या अमूमन चालीस साल या इससे अधिक उम्र में दिखाई देता है. प्रोस्टेट के लक्षणों में पेशाब कम आना, थोड़ी- थोड़ी देर में पेशाब करने की तीव्र इच्छा या प्रोस्टेट के आसपास वाले हिस्से में दर्द रहना, पेशाब की धार कम होना, पेशाब करने में ज्यादा जोर लगाना, पेशाब करने में बाद भी ऐसा महसूस करना कि पेशाब पूरी तरह नहीं हुआ है, रात में पेशाब के लिए बार- बार उठना तथा पेशाब पूरी तरह रूक जाना शामिल है. प्रोस्टेट संबंधी रोग के लिए पीएसए जांच तथा अल्ट्रासांउड किया जाता है. पुरुषों की उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट के मामले दिखाई देता है. 40 साल की उम्र के बाद पीएसए यानि प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजेन जांच करवानी चाहिए. पीएसए तीन से चार नैनो मिलीग्राम से कम होना चाहिए. इससे अधिक आने पर यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेनी चाहिए. प्रोस्टेट ग्रंथि की मांसपेशियों को आराम देने और उसके आकार को कम करने के लिए जरूरी दवा भी दी जाती है. तंबाकू और शराब नशीली चीज का सेवन नहीं करें. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Madhubani : प्रोस्टेट बढ़ने पर होने वाली परेशानी को नहीं करें नजर अंदाज: सीएस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Madhubani : कैंप में दिव्यांग को पीएलवी करेंगे विधिक जागरूक

Madhubani : मधुबनी . सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर किशोर न्याय अनुश्रवण समिति के निर्देशानुसार जिले में दिव्यांगजनों के लिए 5 से 15 मई तक विशेष शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार में चयनित पीएलवी अब विधिक जागरूकता का कार्य करेंगे. यह जानकारी जिला विधिक प्राधिकार प्रभारी सचिव एसीजेएम तृतीय संदीप चैतन्य ने दी. उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर होने वाले शिविर का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ उनके विधिक अधिकारों की जानकारी देना भी है. प्राधिकर सचिव ने कहा कि पीएलवी का कार्य शिविर में उपस्थित दिव्यांगों को उनके अधिकार, प्रशासनी योजनाएं, लाभकारी कानून तथा कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देना है. साथ ही वैसे दिव्यांग को जरूरत पड़ने पर उन्हें संबंधित फॉर्म भरने, आवेदन करने या अन्य सहायता उपलब्ध कराने में भी मदद करेंगे. कैंप में दिव्यांगों को उपस्थित कराने के लिए टोला सेवक, पंचायत सचिव एवं आशा को निर्देश दिया गया है. पीएचसी पर लगेगा कैंप, तिथि घोषित प्रखंडों में लगने वाले विशेष कैंप की तिथि घोषित कर दी गई है. जहां 5 से 15 मई तक कैंप में दिव्यांगता की पहचान की जायेगी. 5 मई को कलुआही, खजौली व बाबूबरही से शुरूआत की गई. वहीं 7 मई को राजनगर, रहिका व पंडौल में कैंप लगेगा. 8 मई को अंधराठाढ़ी, मधेपुर व लखनौर पीएचसी में, 9 मई को झंझारपुर, घोधरडीहा, खुटौना स्थित पीएचसी, 10 मई को लौकही, फुलपरास, 13 मई को हरलाखी, मधवापुर, 14 मई को बेनीपट्टी व बिस्फी एवं 15 मई को लदनियां, बासोपट्टी एवं जयनगर पीएचसी में कैंप का आयोजन होगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Madhubani : कैंप में दिव्यांग को पीएलवी करेंगे विधिक जागरूक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Madhubani : आधार कार्ड की तरह दिव्यांगों का बनेगा यूनिक आईडी कार्ड

Madhubani : मधुबनी . दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए प्रशासन पहल शुरू कर दी है. अब आधार कार्ड की तरह दिव्यांगजनों को विशेष पहचान पत्र बनाया जायेगा. 5 से 15 मई तक जिले के सभी प्रखंडों में शिविर आयोजित कर दिव्यांगजनों को यूनिक डिसेबिलिटी आइडी कार्ड बनाया जायेगा. शिविर के लिए जिला दिव्यांगजन कोषांग के सहायक निदेशक आशीष प्रकाश अमन को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. शत-प्रतिशत दिव्यांगों को यूनिक कार्ड बनाने में शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायती राज, समाज कल्याण विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा सहयोग किया जायेगा. कार्ड बन जाने से दिव्यांगों को होंगे कई फायदे यूडीआईडी कार्ड बन जाने से दिव्यांगो को कई योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो जायेगा. दिव्यांगजन अपने यूडीआईडी कार्ड का उपयोग वित्तीय सहायता, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और रोजगार जैसी विभिन्न प्रशासनी योजनाओं और लाभों तक पहुंचने के लिए कर सकेंगे. दिव्यागों का आसान होगा पहचान विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) का मतलब है यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड. यह हिंदुस्तान प्रशासन के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) की एक पहल है. यूडीआईडी कार्ड दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक सामान्य पहचान पत्र प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. जिससे लाभ और सेवाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सके. इसमें एक विशिष्ट आईडी नंबर, व्यक्तिगत विवरण और दिव्यांगता से संबंधित जानकारी शामिल है. हिंदुस्तान प्रशासन यूडीआईडी कार्ड रखने वाले सभी लोगों का डेटाबेस भी रखती है. जिससे उन्हें भविष्य में प्रासंगिक योजनाएं शुरू करने में मदद मिलेगी. दिव्यांगता से पीड़ित व्यक्ति यूडीआईडी के लिए आवेदन करता है तो उसे यूडीआईडी आईडी कार्ड प्राप्त होगा. . यूडीआईडी कार्ड का क्या है उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों का राष्ट्रीय डाटाबेस बनाये रखना तथा प्रत्येक व्यक्ति को विशेष दकव्यांगता पहचान पत्र प्रदान करना. विकलांग लोगों को विभिन्न प्रशासनी लाभों के वितरण में खुलेपन, प्रभावशीलता और सरलता को बढ़ावा देना. कार्ड से लाभार्थियों के समग्र वित्तीय और शारीरिक विकास पर नजर रखना भी आसान हो जाएगा. यह कार्ड पूरे हिंदुस्तान में मान्य होगा. यूडीआईडी कार्ड की यह है विशेषता यूडीआईडी कार्ड एक समावेशी वातावरण बनाने और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सहायता को बढ़ावा देने में योगदान देता है. इस कार्ड के उपयोग से लाभार्थी के समग्र वित्तीय और शारीरिक विकास की निगरानी की जाएगी. यूडीआईडी कार्ड के तहत श्वेत कार्ड तभी जारी किया जाता है जब लाभार्थी की विकलांगता 40 प्रतिशत से कम होती है. और पीला कार्ड तब जारी किया जाता है जब लाभार्थी की विकलांगता 40 प्रतिशित से अधिक लेकिन 80 प्रतिशित या उससे कम होगा. वहीं ब्लू कार्ड तब जारी किया जाता है जब लाभार्थी की विकलांगता 80 प्रतिशत से अधिक होता है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Madhubani : आधार कार्ड की तरह दिव्यांगों का बनेगा यूनिक आईडी कार्ड appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पाकिस्तान के छक्के छुड़ा देगा भारत, नौसेना और DRDO ने किया MIGM का सफल परीक्षण, बढ़ जाएगी समुद्री युद्ध क्षमता

Indian Navy: हिंदुस्तान ने सोमवार को स्वदेशी तकनीक से विकसित मल्टी इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM) का सफल परीक्षण किया. यह प्रणाली हिंदुस्तानीय नौसेना की समुद्री युद्ध क्षमताओं को और ज्यादा बढ़ाएगी. इसका परीक्षण सोमवार को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और हिंदुस्तानीय नौसेना ने किया. इस कामयाबी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिंदुस्तानीय नौसेना और डीआरडीओ को बधाई दी है. #WATCH | DRDO (Defence Research and Development Organisation) and Indian Navy successfully conducted validation trial of Multi-Influence Ground Mine. This system will further enhance undersea warfare capabilities of Indian Navy. (Video Source: DRDO) pic.twitter.com/tnaASlhpvt — ANI (@ANI) May 5, 2025 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई सोमवार को डीआरडीओ और नौसेना की ओर से एमआईजीएम के सफल परीक्षण पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानीय नौसेना और डीआरडीओ ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित एमआईजीएम का सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया है. उन्होंने कहा कि यह सिस्टम हिंदुस्तानीय नौसेना की ताकत और बढ़ाएगी. पानी में युद्ध करने की क्षमता में इससे और निखार आएगी.उन्होंने कहा कि यह प्रणाली हिंदुस्तानीय नौसेना की अंडरसी युद्ध क्षमताओं को और बढ़ाएगी. The @DRDO_India and @indiannavy successfully undertook combat firing (with reduced explosive) of the indigenously designed and developed Multi-Influence Ground Mine (MIGM). Raksha Mantri Shri @rajnathsingh has complimented DRDO, Indian Navy and the Industry on this… pic.twitter.com/pOvynpBcr5 — रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) May 5, 2025 क्या है एमआईजीएम प्रणाली मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन(MIGM) हिंदुस्तानीय नौसेना के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. यह एक प्रकार की समुद्री बारूदी सुरंग है. यह खतरा भांपकर दुश्मनों के जहाजों या पनडुब्बियों को नष्ट कर देती है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक MIGM को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसके आसानी से रडार या सोनार या कई अन्य तरीके से आसानी से नहीं डिडेक्ट किया जा सकता है. The post पाकिस्तान के छक्के छुड़ा देगा हिंदुस्तान, नौसेना और DRDO ने किया MIGM का सफल परीक्षण, बढ़ जाएगी समुद्री युद्ध क्षमता appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

1 महीने का बैन झेलने के बाद फिर आईपीएल में दिखेंगे कैगिसो रबाडा, डोपिंग का लगा था आरोप

Kagiso Rabada: डोप टेस्ट में फेल होने के कारण एक महीने का बैन झेलने के बाद गुजरात टाइटंस (GT) के स्टार गेंदबाज कैगिसो रबाडा (Kagiso Rabada) को फिर से स्पोर्ट्सने की अनुमति मिल गई है. रबाडा ने पिछले दिनों खुलासा किया था कि प्रतिबंधित मनोरंजक दवा के सेवन के कारण उनपर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया था. कैगिसो रबाडा को अब क्रिकेट गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति दे दी गई है और वे गुजरात टाइटंस के आईपीएल (IPL) अभियान का हिस्सा बनेंगे. दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज को दक्षिण अफ्रीकी नशा मुक्त स्पोर्ट्स संस्थान (SAIDS) द्वारा क्रिकेट में वापसी की अनुमति दी गई, जिन्होंने कहा कि उन्होंने एक महीने का प्रतिबंध पूरा कर लिया है और आगे भी मादक द्रव्यों के सेवन को रोकने के लिए शिक्षा और जागरुकता कार्यक्रम भी पूरा कर लिया है. Kagiso Rabada tobe seen in IPL again after facing 1 month ban he was accused of doping रबाडा ने पूरी प्रक्रिया का किया पालन विज्ञप्ति में कहा गया, ‘रबाडा ने मादक द्रव्यों के सेवन के लिए सकारात्मक परीक्षण किया और बाद में 1 अप्रैल 2025 को उनके डोपिंग अपराध के आरोप की सूचना दी गई. एक अस्थाई निलंबन लगाया गया था और रबाडा तुरंत हिंदुस्तान से दक्षिण अफ्रीका लौट आए थे.’ विशेष रूप से मादक द्रव्यों के सेवन से संबंधित दक्षिण अफ्रीकी डोपिंग रोधी नियमों के अनुसार, खिलाड़ी को मादक द्रव्यों के सेवन के उपचार कार्यक्रम को पूरा करने का अवसर दिया गया था. इसमें कहा गया है, ‘रबाडा द्वारा अपने उपचार कार्यक्रम के दो सत्र संतोषजनक ढंग से पूरे करने के बाद, उनका अस्थाई निलंबन समाप्त हो गया. खिलाड़ी ने प्रभावी रूप से एक महीने की अयोग्यता अवधि पूरी कर ली है और अब वह स्पोर्ट्स में भागीदारी फिर से शुरू कर सकते हैं.’ Hello, from the City of Dreams! 👋✨ pic.twitter.com/XqLyhOZ6SR — Gujarat Titans (@gujarat_titans) May 5, 2025 मनोरंजन के चक्कर में ड्रग्स ले बैठे थे रबाडा रबाडा के मनोरंजन के लिए नशीली दवाओं के सेवन की समाचारें आने के बाद, 30 वर्षीय खिलाड़ी ने एक बयान जारी किया. रबाडा ने कहा, ‘आगे बढ़ते हुए, यह क्षण मुझे परिभाषित नहीं करेगा. मैं वही करता रहूंगा जो मैंने हमेशा किया है, लगातार कड़ी मेहनत करता रहूंगा और अपने स्पोर्ट्स के प्रति जुनून और समर्पण के साथ स्पोर्ट्सता रहूंगा.’ दूसरी ओर, गुजरात टाइटंस के क्रिकेट निदेशक विक्रम सोलंकी ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के इस तेज गेंदबाज के मनोरंजन के लिए प्रतिबंधित दवा के उपयोग से संबंधित सभी प्रक्रियाओं का ‘अक्षरशः पालन’ किया जा रहा है. सोमवार को ट्रेनिंग सत्र में मौजूद थे रबाडा सोलंकी ने वानखेड़े स्टेडियम में टाइटंस के ट्रेनिंग सत्र के दौरान मीडिया से कहा, ‘जहां तक कल के मैच का सवाल है, तथ्य यह है कि पिछले एक महीने में लिए गए सभी निर्णयों और जो कुछ भी हुआ है उसे देखते हुए, वह अब उपलब्ध है.’ उन्होंने कहा, ‘कागिसो अपने फैसले में त्रुटि पर खेद व्यक्त किया है लेकिन वह अपने पसंदीदा स्पोर्ट्स को फिर से स्पोर्ट्सने के लिए बहुत उत्सुक है. वह इससे सबक लेगा और हम उसे अभ्यास में वापस लाने के लिए उत्सुक हैं.’ सोलंकी ने कहा कि इस मामले में संबंधित पक्षों द्वारा सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था क्योंकि 29 वर्षीय रबादा ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ मुकाबले से पहले गुजरात टाइटंस के साथ ट्रेनिंग की. टिम पेन ने रबाडा को जमकर लगाई फटकार हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर टिम पेन ने कहा कि रबाडा की हरकतें एक निजी मामला है, लेकिन इस मामले को छुपाना ठीक नहीं है. पेन ने कहा, ‘यह कोई व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है, यह आपके निजी जीवन में घटित होने वाली बात है. मनोरंजन के लिए या प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए ड्रग्स लेना कोई व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है जिसे सिर्फ़ एक महीने के लिए छिपाया जा सके. किसी व्यक्ति को आईपीएल से बाहर किया जा सकता है, उसे वापस दक्षिण अफ्रीका भेजा जा सकता है और हम इसे ऐसे ही दबा देते हैं. फिर हम उसे वापस लाएंगे जब वह अपना प्रतिबंध पूरा कर लेगा.’ ये भी पढ़ें:- जिंदगी और मौत से जूझ रहा पिता और बेटा IPL 2025 में लगा रहा चौके-छक्के, सिंह के जज्बे की दास्तां IPL 2025: ‘दिग्गज को फोन लगाओ, वीडियो देखो…’ फॉर्म से त्रस्त ऋषभ पंत को सहवाग की नसीहत ‘वैभव की तरह शतक मत बनाना’, आयुष म्हात्रे को कैरियर की शुरुआत में ही किसने दी ये सलाह The post 1 महीने का बैन झेलने के बाद फिर आईपीएल में दिखेंगे कैगिसो रबाडा, डोपिंग का लगा था आरोप appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मुजफ्फरपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस से 18 बच्चों को बैंगलुरू ले जा रहा था तस्कर, हुआ गिरफ्तार

Muzaffarpur News, वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर: बाल तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार को मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर मुजफ्फरपुर–यशवंतपुर एक्सप्रेस (15228) से 18 बच्चों को मानव तस्करों के चंगुल से आज़ाद कराया गया. यह संयुक्त अभियान रेलवे सुरक्षा बल (RPF), गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) और बचपन बचाओ आंदोलन (BBA) द्वारा चलाया गया. गुप्त सूचना के आधार पर ट्रेन में छापेमारी की गई, जिसमें बच्चों को बरामद कर लिया गया और 5 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया. बच्चों को बहला-फुसलाकर बैंगलुरु ले जाया जा रहा था, जहां उनसे होटल और फैक्ट्री में मजदूरी करवाई जाती थी. सबसे अधिक बच्चा मुजफ्फरपुर का पकड़े गए तस्करों में चार मुजफ्फरपुर और एक पूर्वी चंपारण जिले का रहने वाला है. पूछताछ में तस्करों ने बताया कि उन्हें ठेकेदारी के तहत बच्चों को काम पर लगाने के लिए भेजा जा रहा था, जिसके एवज में बच्चों को 10000 से 12000 रुपया/ मंथ देने की बात कही थी. बचाए गए बच्चों में सबसे अधिक 10 मुजफ्फरपुर जिला के हैं. बच्चों को सुरक्षित बचाने के बाद मामला GRP को सौंप दिया गया है. इस अभियान को RPF इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने लीड किया. इस दौरान कई अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। गिरफ्तार मानव तस्कर के नाम मिंटू कुमार, नाजीरपुर अहियापुर मुजफ्फरपुर राकेश पासवान, धबौली गायघाट, मुजफ्फरपुर मोहम्मद मुस्तफा, साहेबगंज केसर चौक, मुजफ्फरपुर रंजीत कुमार, हरनाही बरूराज, मुजफ्फरपुर प्रेमचंद्र पंडित, रोहुआ, मधुबन, पूर्वी चंपारण बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें कहां के कितने शिशु मुक्त हुए बथना, अहियापुर- 4 बेगाही कांटी – 1 साहेबगंज – 5 रामगढ़वा, पूर्वी चंपारण – 4 शिवहर – 4 इसे भी पढ़ें: बिहार के सभी जिलों में अगले 24 घंटे होगी भयंकर बारिश, IMD ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट The post मुजफ्फरपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस से 18 बच्चों को बैंगलुरू ले जा रहा था तस्कर, हुआ गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top