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June 6, 2025

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Patna Crime: प्रेम प्रसंग में रची गहरी साजिश का पर्दाफाश, 5 लाख की सुपारी में खौफनाक हत्या

Patna Crime: पटना के दानापुर के खगौल थाना इलाके के मुस्तफापुर में हुए कोथवा निवासी रौशन कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी. पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. यह हत्या प्रेम प्रसंग को लेकर की गई थी, इस हत्या के पीछे गहरी साजिश का पर्दाफाश हुआ है. तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों, राहुल कुमार, शेखर कुमार और वीरू कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. राहुल और वीरू खगौल के निवासी हैं, जबकि शेखर मनेर का रहने वाला है. इनके पास से एक देसी कट्टा, एक हाई-स्पीड बाइक और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है. पुलिस ने इनके खिलाफ ठोस सबूत जुटाए हैं, जो हत्या की साजिश को उजागर करते हैं. रौशन हत्याकांड का खुलासा इसकी जानकारी पटना पश्चिम के नगर पुलिस अधीक्षक शरत आर. एस और दानापुर एसपी भानु प्रताप सिंह ने दी. उन्होंने बताया कि रौशन कुमार का एक स्त्री के साथ प्रेम संबंध था, जिसके चलते 5 लाख रुपये की सुपारी देकर उसकी हत्या की साजिश रची गई. यह प्रेम प्रसंग ही इस रौशन की हत्या का मुख्य कारण बना गया. प्रेम प्रसंग में मारी रौशन को गोली बता दें कि 21 मई 2025 को मुस्तफापुर के पास अपराधियों ने रौशन कुमार को गोली मार दी. जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी. घटना के दिन पुलिस ने एक कट्टा बरामद किया था. गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक और देसी कट्टा, एक बाइक और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है. ये साक्ष्य पुलिस जांच में अहम साबित हुए हैं, जिससे हत्या की साजिश का खुलासा हो सका है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें फरार आरोपियों की तलाश जारी इस मामले में दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस अधीक्षकों ने बताया कि फरार आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं. पुलिस इस मामले को पूरी तरह सुलझाने में जुटी हुई है. इसे भी पढ़ें: Patna: तीन आभूषण कारोबारियों के यहां छापा, 70 किलो सोना, 5500 किलो चांदी देख अधिकारियों के उड़े होश! The post Patna Crime: प्रेम प्रसंग में रची गहरी साजिश का पर्दाफाश, 5 लाख की सुपारी में खौफनाक हत्या appeared first on Naya Vichar.

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Success Story: चौका बर्तन के साथ 3 बच्चों को संभाल, बिना कोचिंग रचा इतिहास, शादी के 18 साल बाद बनीं PCS टॉपर

Success Story: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की तरफ से आयोजित होने वाली UP PCS परीक्षा राज्य की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है. इस परीक्षा को शादी के 18 साल बाद क्रैक करके दीपा भाटी ने इतिहास रच दिया है. हालांकि, उनका सफर आसान नहीं था. उन्होंने इस परीक्षा को क्रैक करने के लिए कई तरह के संघर्षों का सामना किया. आइए उनके सफर पर एक नजर डालते हैं. Success Story of Deepa Bhati: कौन हैं दीपा भाटी? दीपा भाटी मूलरूप से गौतमबुद्ध नगर जिले यानी नोएडा की रहने वाली हैं. वो छोटे से गांव कोंडली बांगर में रहती हैं. दीपा एक बेहद साधारण परिवार से आती हैं. शुरू से पढ़ाई में अव्वल दीपा की स्कूलिंग केंद्रीय विद्यालय से हुई है. स्कूलिंग खत्म होने के बाद दीपा ने कैमिस्ट्री में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली. कम उम्र में शादी दीपा बताती हैं कि उनकी शादी बेहद कम उम्र में ही हो गई थी. जल्दी शादी होने के चलते उनको बहुत से कठिनाइयों का सामना कर पड़ा. उनकी पढ़ाई पूरी तरह छूट गई. वो पूरी तरह एक हाउस वाइफ बन गईं और अपने परिवार की सेवा में लग गईं. ये भी पढ़ें: मां के अपमान ने दिखाई अफसर बनने की राह, बिना कोचिंग शालिनी ने UPSC में गाड़ दिया झंडा, बनीं IPS तीन बच्चों की मां कम उम्र में शादी होने के चलते दीपा को शिशु भी जल्द हो गए. दीपा को तीन शिशु हैं. उनके ऊपर परिवार के साथ-साथ बच्चों की भी जिम्मेदारी आ गई. वो किताबों से पूरी तरह दूर हो गई थीं. हालांकि, परिवार की स्थिति ठीक ना होने के चलते उन्होंने एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना शुरू किया. घर और नौकरी एक साथ संभाला दीपा भाटी बताती हैं कि वो 7 से 8 घंटे प्राइवेट स्कूल में नौकरी के साथ घर भी संभालती थीं. यह वो समय था जब उनके शिशु बड़े हो रहे थे. बच्चों पर ध्यान देने के लिए उन्होंने एक समय नौकरी छोड़ने का भी मन बना लिया. हालांकि, उनके जीवन में बड़ा बदलाव आने वाला था. IAS भाई ने बढ़ाया हौसला शादी के लंबे समय के बाद दीपा को उनके एक आईएएस भाई ने सिविल सर्विस की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया. इसके बाद उनके पति ने भी उनकी काफी मदद की. दीपा बताती हैं कि घर और नौकरी के साथ पढ़ाई कर पाना मुश्किल था. नौकरी छोड़ने के फैसले पर उनके पति ने साथ दिया और वो अब यूपी पीसीएस की तैयारी में लग गईं. दीप भाटी घर में रहकर ही यूपी पीसीएस की तैयारी में लग गईं. इसके लिए दीपा ने कभी कोई कोचिंग नहीं की. साल 2021 की यूपी पीसीएस परीक्षा में दीपा को सफलता हासिल हो गई. दीपा ने UP PCS की परीक्षा रैंक 166 के साथ क्रैक की. प्रींसिपल सर्विस कैटेगरी में उनका चयन हो गया. ये भी पढ़ें: सस्ता नहीं असिस्टेंट प्रोफेसर बनना! IAS PCS से 20 गुना महंगी है फीस The post Success Story: चौका बर्तन के साथ 3 बच्चों को संभाल, बिना कोचिंग रचा इतिहास, शादी के 18 साल बाद बनीं PCS टॉपर appeared first on Naya Vichar.

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Numerology: बातों के जाल में फंसाने वाले होते हैं इस मूलांक वाले लोग,क्या आप भी हैं इनमें से एक

Numerology : क्या आपने कभी किसी ऐसे शख्स से मुलाकात की है जो केवल कुछ ही मिनटों में आपको अपनी बातों से इस कदर बांध लेते हैं कि आप खुद को उसका फैन बना बैठते हैं.अंक ज्योतिष के अनुसार कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके बोलने का तरीका, हाजिरजवाबी और व्यवहार इतना प्रभावशाली होता है कि वे बिना ज्यादा कोशिश किए लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं.इनकी पर्सनैलिटी इतनी स्मार्ट और आकर्षक होती है कि कोई भी इनसे आसानी से बच नहीं पाता है.आइए जानते हैं वो कौन-सा मूलांक है जिसके लोग इस खासियत के लिए जाने जाते हैं और जानें कहीं आप भी तो उनमें शामिल नहीं हैं. मूलांक 3 करिश्माई और प्रभावशाली व्यक्तित्व ग्रह स्वामी: बृहस्पति (गुरु) कैसे होते हैं: मूलांक 3 वाले लोग शानदार कम्युनिकेशन स्किल्स के मालिक होते हैं. इनकी बातों में गहराई और असर होता है. ये लोग भीड़ में भी अलग दिखते हैं. खासियत: जब ये किसी को पसंद करते हैं तो बातों और हाजिरजवाबी से सामने वाले को दीवाना बना देते हैं. मूलांक 5 चालाक, फुर्तीले और फ्लर्टी नेचर ग्रह स्वामी: बुध कैसे होते हैं: ये लोग बेहद स्मार्ट, एडॉप्टेबल और तेज दिमाग वाले होते हैं. किसी भी सिचुएशन में तुरंत प्रतिक्रिया देना इनकी खासियत है. खासियत: इनका ह्यूमर सेंस और फ्लर्टिंग टोन लोगों को हंसने पर मजबूर कर देता है. हर दिल इनकी ओर खिंचा चला आता है. मूलांक 6 आकर्षक और रोमांटिक व्यक्तित्व ग्रह स्वामी: शुक्र कैसे होते हैं: मूलांक 6 वाले लोग बहुत चार्मिंग, रोमांटिक और दिल से कलाकार होते हैं. इनमें एक प्राकृतिक आकर्षण होता है. जिससे लोग उनकी ओर खींचते हैं. खासियत: ये लोग अपने लुक्स, बोलचाल और सॉफ्ट नेचर से सामने वाले को जल्दी इम्प्रेस कर लेते हैं. इन्हें जानने के बाद कोई भी इन्हें भूल नहीं पाता है. Also Read : Numerology: इस मूलांक की लड़कियां होती हैं दुनिया की सबसे आकर्षक और सफल स्त्रीएं Also Read : Numerology: इमोशनल होते है इस मूलांक के लोग,फिर भी सफलता चूमती है इनके कदम Also Read : Numerology Secrets: जानें किस तारीख पर जन्मे शिशु बनते हैं IAS-IPS और क्या है उनके सफलता का राज Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Numerology: बातों के जाल में फंसाने वाले होते हैं इस मूलांक वाले लोग,क्या आप भी हैं इनमें से एक appeared first on Naya Vichar.

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मिट्टी और जानवरों की खाल से ऐसे तैयार किया जाता आदिवासियों का पारंपरिक वाद्य यंत्र मांदर, तरीका जान रह जाएंगे हैरान

Mandar Making Process | बड़कागांव, संजय सागर : झारखंड का सबसे प्रमुख वाद्य यंत्र मांदर आज भी विभिन्न समुदायों के बीच काफी लोकप्रिय है. यहां लोग जब तक मांदर की थाप पर न थिरकें तब तक उनकी खुशियां अधूरी-सी लगती है. यही कारण है कि मांदर को झारखंड की सांस्कृतिक पहचान भी कहा जाता है. सरहुल, करमा, जितिया, सोहराय जैसे विभिन्न पर्व तो मांदर की थाप के बिना कल्पना भी नहीं किये जा सकते. शादी-विवाह में मांदर की थाप के बिना मानो कोई रस्म ही पूरी नहीं हो सकती. तो चलिए आज आपको बताते हैं कि आखिर ये मधुर आवाज निकालने वाली मांदर कैसे बनायी जाती है. कैसे बनता है मांदर ? हजारीबाग जिले के बड़कागांव निवासी विजय भुइयां बताते हैं कि मांदर का निर्माण नगड़ा मिट्टी और जानवर के चमड़े के उपयोग से किया जाता है. पहले मिट्टी का खोल बनाकर उसे तेज आग में पकाया जाता है. जब मिट्टी का खोल आग में पूरी तरह पक जाता है, तब उसे किसी मवेशी के चमड़े से बनी पतली पट्टी या रस्सी को चारों को लपेटा जाता है. बाद में मिट्टी के खोल के दोनों किनारे लगभग 5 सेंटीमीटर की चौड़ाई पर चमड़े को लगाया जाता है. मांदर की बांयी ओर के मुंह की गोलाई लगभग 30 इंच और दांयी ओर की गोलाई लगभग 12 इंच तक की होती है. दोनों ओर मवेशी के मोटे चमड़े का प्रयोग किया जाता है और उसके मुंह को बंद कर दिया जाता है. इसके बाद दोनों ओर मिट्टी और एक खास तरह के लाल पत्थर को पीस कर चमड़े ऊपर उसका लेप चढ़ाया जाता है, जिसे खरन कहा जाता है. बांयी ओर मिट्टी की मोटी परत का लेप चढ़ाया जाता है, जबकि दांयी ओर पतली. इसी से मांदर के दोनों ओर मधुर आवाज निकलती है. झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें तीन प्रकार के होते हैं मांदर सिकंदर भुइयां ने बताया कि संरचना के आधार पर मांदर तीन प्रकार के होते हैं. एक छोटा मांदर बनता है, जो लगभग 2 फीट लंबा और गोलाकार होता है. इसे मुची मांदर कहा जाता है. दूसरा लगभग 3 फीट लंबा और गोलाकार होता है, जिसे ठोंगी मांदर कहा जाता है. तीसरा लगभग साढ़े 3 फीट लंबा और गोलाकार होता है, जिसे जसपुरिया मांदर कहा जाता है. इसे भी पढ़ें रांची के सभी पुलिस स्टेशन और थाना प्रभारियों के नंबर एक क्लिक पर, अभी करें नोट और रहें सुरक्षित Rath Yatra: रथयात्रा पर भव्य होगा रांची का नजारा, प्रभु जगन्नाथ के दर्शन के लिए उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़ Babulal Marandi: बाबूलाल मरांडी का सीएम पर तीखा प्रहार, कहा- हेमंत प्रशासन में सड़कों के नाम पर घोटाले की परतें बिछाई जा रही The post मिट्टी और जानवरों की खाल से ऐसे तैयार किया जाता आदिवासियों का पारंपरिक वाद्य यंत्र मांदर, तरीका जान रह जाएंगे हैरान appeared first on Naya Vichar.

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मिट्टी और जानवारों की खाल से ऐसे तैयार किया जाता आदिवासियों का पारंपरिक वाद्य यंत्र मांदर, तरीका जान रह जाएंगे हैरान

Mandar Making Process | बड़कागांव, संजय सागर : झारखंड का सबसे प्रमुख वाद्य यंत्र मांदर आज भी विभिन्न समुदायों के बीच काफी लोकप्रिय है. यहां लोग जब तक मांदर की थाप पर न थिरकें तब तक उनकी खुशियां अधूरी-सी लगती है. यही कारण है कि मांदर को झारखंड की सांस्कृतिक पहचान भी कहा जाता है. सरहुल, करमा, जितिया, सोहराय जैसे विभिन्न पर्व तो मांदर की थाप के बिना कल्पना भी नहीं किये जा सकते. शादी-विवाह में मांदर की थाप के बिना मानो कोई रस्म ही पूरी नहीं हो सकती. तो चलिए आज आपको बताते हैं कि आखिर ये मधुर आवाज निकालने वाली मांदर कैसे बनायी जाती है. कैसे बनता है मांदर ? हजारीबाग जिले के बड़कागांव निवासी विजय भुइयां बताते हैं कि मांदर का निर्माण नगड़ा मिट्टी और जानवर के चमड़े के उपयोग से किया जाता है. पहले मिट्टी का खोल बनाकर उसे तेज आग में पकाया जाता है. जब मिट्टी का खोल आग में पूरी तरह पक जाता है, तब उसे किसी मवेशी के चमड़े से बनी पतली पट्टी या रस्सी को चारों को लपेटा जाता है. बाद में मिट्टी के खोल के दोनों किनारे लगभग 5 सेंटीमीटर की चौड़ाई पर चमड़े को लगाया जाता है. मांदर की बांयी ओर के मुंह की गोलाई लगभग 30 इंच और दांयी ओर की गोलाई लगभग 12 इंच तक की होती है. दोनों ओर मवेशी के मोटे चमड़े का प्रयोग किया जाता है और उसके मुंह को बंद कर दिया जाता है. इसके बाद दोनों ओर मिट्टी और एक खास तरह के लाल पत्थर को पीस कर चमड़े ऊपर उसका लेप चढ़ाया जाता है, जिसे खरन कहा जाता है. बांयी ओर मिट्टी की मोटी परत का लेप चढ़ाया जाता है, जबकि दांयी ओर पतली. इसी से मांदर के दोनों ओर मधुर आवाज निकलती है. झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें तीन प्रकार के होते हैं मांदर सिकंदर भुइयां ने बताया कि संरचना के आधार पर मांदर तीन प्रकार के होते हैं. एक छोटा मांदर बनता है, जो लगभग 2 फीट लंबा और गोलाकार होता है. इसे मुची मांदर कहा जाता है. दूसरा लगभग 3 फीट लंबा और गोलाकार होता है, जिसे ठोंगी मांदर कहा जाता है. तीसरा लगभग साढ़े 3 फीट लंबा और गोलाकार होता है, जिसे जसपुरिया मांदर कहा जाता है. इसे भी पढ़ें रांची के सभी पुलिस स्टेशन और थाना प्रभारियों के नंबर एक क्लिक पर, अभी करें नोट और रहें सुरक्षित Rath Yatra: रथयात्रा पर भव्य होगा रांची का नजारा, प्रभु जगन्नाथ के दर्शन के लिए उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़ Babulal Marandi: बाबूलाल मरांडी का सीएम पर तीखा प्रहार, कहा- हेमंत प्रशासन में सड़कों के नाम पर घोटाले की परतें बिछाई जा रही The post मिट्टी और जानवारों की खाल से ऐसे तैयार किया जाता आदिवासियों का पारंपरिक वाद्य यंत्र मांदर, तरीका जान रह जाएंगे हैरान appeared first on Naya Vichar.

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आमस में जहर खाने से एक राजमिस्त्री की मौत

आमस. थाना क्षेत्र के गम्हरिया टोला बंकट में गुरुवार की रात जहर खाने से एक राजमिस्त्री की मौत हो गयी है. आमस थानाध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि मृतक राजमिस्त्री तीस वर्षीय बबलू खान के शव को कब्जे में लेकर शुक्रवार को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज गया भेज दिया गया है. लोगों का कहना है की जहर खाने से मौत हुई है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में मृतक के भांजे ने केस दर्ज कराया है और मृतक की पत्नी व साला पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि मृतक राजमिस्त्री हमेशा नशे में रहता था और पत्नी की पिटाई भी करता था. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post आमस में जहर खाने से एक राजमिस्त्री की मौत appeared first on Naya Vichar.

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शिविर में 12 लोगों ने किया रक्तदान

खूंटी. सदर अस्पताल खूंटी व केएस गंगा अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का केएस गंगा अस्पताल के निदेशक डॉ अंजीव कुमार नयन ने रक्तदान कर शुरुआत की. शिविर में कई चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य कर्मियों ने भी बढ़-चढ़ कर रक्तदान किया. शिविर में कुल 12 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ आनंद उरांव ने रक्तदान करनेवालों का हौसला बढ़ाया. कहा कि जिले में कभी भी खून की कमी नहीं होगी. कई निजी संस्थान के लोग भी रक्तदान करने के लिए आगे आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि अभियान के तहत रविवार तक अलग-अलग स्थानों पर रक्तदान शिविर लगाया जायेगा. निदेशक डॉ अंजीव कुमार नयन ने बताया कि केएस गंगा अस्पताल में आगे भी रक्तदान शिविर लगाया जायेगा. रक्तदान करनेवालों को सदर अस्पताल के उपाधीक्षक और केएस गंगा अस्पताल के निदेशक डॉ अंजीव कुमार नयन ने प्रमाण पत्र प्रदान किया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post शिविर में 12 लोगों ने किया रक्तदान appeared first on Naya Vichar.

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हर घर तक पहुंचे सरकार की योजनाओं का लाभ

पूर्णिया. प्रखंड स्तरीय बीस सूत्री समिति की बैठक में बतौर मुख्यअतिथि पहुंचे विधायक विजय खेमका ने कहा कि एनडीए प्रशासन की विभिन्न योजनाएं जनता के कल्याण हेतु बनाई गई हैं और इनका भरपूर लाभ हर घर तक पारदर्शिता और सक्रियता के साथ पहुंचना चाहिए. अधिकारियों से उन्होंने कहा कि वे केंद्र एवं राज्य प्रशासन की योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुंचाएं. स्त्री संवाद, डॉ. भीमराव अंबेडकर समग्र सेवा,विकसित कृषि अभियान के द्वारा विशेष शिविर में प्रशासनी योजनाओं का लाभ सबको पहुंचाएं. विधायक ने योजनाओं की सूची डिस्प्ले करने तथा कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्थित करने के साथ तीन-चार पंचायतों का एक केंद्र बनाकर शिविर लगाने का सुझाव दिया. विधायक श्री खेमका ने कहा कि विकास की गति को और तेज़ करने के लिए पारदर्शिता और टीम भावना से कार्य करने की आवश्यकता है. बैठक के बाद विधायक ने प्रखंड परिसर में वृक्षारोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण संवर्धन के लिए एक पेड़ मां के नाम लगाने का आग्रह किया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post हर घर तक पहुंचे प्रशासन की योजनाओं का लाभ appeared first on Naya Vichar.

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महम्मदपुर गांव में करेंट से एक की मौत

खिजरसराय. खिजरसराय के महम्मदपुर गांव में बिजली के करंट से बाबूलाल मांझी के 18 वर्षीय बेटे नंदन मांझी की मौत हो गयी. नंदन मांझी खजूर तोड़ने गया था, तभी वह खजूर के पेड़ में लटके 11000 वोल्टेज के तार की चपेट में आ गया. नंदन मांझी की मौत के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने शव को गया-पटना मुख्य मार्ग पर रखकर यातायात को आधे घंटे तक बाधित कर दिया. मामले की सूचना मिलने पर स्थानीय थाना की पुलिस ने समझा बुझाकर आश्वासन के साथ जाम को हटाया. पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. आधे घंटे तक जाम रहने के कारण दोनों छोरों पर वाहनों की लंबी कतार हो गयी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post महम्मदपुर गांव में करेंट से एक की मौत appeared first on Naya Vichar.

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पुरुषोत्तमपुर गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट, प्राथमिकी दर्ज

चैनपुर. थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर गांव में आपसी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई. इस मारपीट में एक वृद्ध सहित दो स्त्री गंभीर रूप से घायल हुई, जिन्हें परिजनों द्वारा चैनपुर थाना लाया गया. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया. इलाज के बाद घायल पुरुषोत्तमपुर गांव निवासी मंतोष बिंद की पत्नी लीलावती देवी द्वारा थाने में आवेदन देते हुए गांव के ही पांच लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाया गया. आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर द्वारा की गयी छापेमारी के दौरान सभी पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिन्हें मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया. गिरफ्तार लोगों में पुरुषोत्तमपुर गांव निवासी पिंटू गोंड, सोनू गोंड, रजिंद्र गोंड, उपेंद्र गोंड व मनीष गोंड शामिल है. इस मारपीट मामले में आवेदन देकर लीलावती देवी ने बताया कि वह सास संजू देवी के साथ घर के दरवाजे पर बैठी थी, तभी गांव के ही पिंटू गोंड, सोनू गोंड, रजींद्र गोंड, उपेंद्र गोंड व मनीष गोंड आये और गाली गलौज करने लगे. गाली देने से सास ने मना किया, तो सभी मिलकर सास के साथ मारपीट करने लगे. मारपीट के दौरान सास को गंभीर चोट आयी, जिससे वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी. वह सास को बचाने के लिए दौड़ी, तो सभी उनके साथ भी मारपीट की, जिससे उन्हें भी चोट आयी. थानाध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि स्त्री के दिये आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर सभी पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया और मेडिकल जांच के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया. # पुलिस ने छापेमारी कर पांच आरोपितों को किया गिरफ्तार डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पुरुषोत्तमपुर गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट, प्राथमिकी दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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