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September 27, 2025

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Bihar Election 2025: आज कटिहार में ओवैसी करेंगे 30 किलोमीटर का रोड शो, अलर्ट मोड पर प्रशासन

Bihar Election 2025: AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी इन दिनों सीमांचल न्याय यात्रा पर निकले हुए हैं. आज कटिहार में असदुद्दीन ओवैसी रोड शो करेंगे. करीब 30 किलोमीटर का रोड शो होगा, जो जिले के अलग-अलग इलाकों से गुजरेगा. आज शनिवार को असदुद्दीन ओवैसी बड़ी जनसभा को संबोधित भी करेंगे. पीडब्ल्यूडी मैदान में जनसभा को करेंगे संबोधित जानकारी के मुताबिक, आज शनिवार को रोड शो की शुरुआत बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र से होगी. जिसके बाद अलग-अलग इलाकों से होते हुए बारसोई तक पहुंचेगी. दरअसल, यहां पीडब्ल्यूडी मैदान में बड़ी जनसभा को ओवैसी संबोधित करेंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि जनसभा के दौरान लोगों की भारी भीड़ उमड़ सकती है. अलर्ट मोड में जिला प्रशासन कटिहार में ओवैसी के रोड शो और जनसभा को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. इसके साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस बल ने पूरे रूट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. दरअसल, रोड शो या फिर जनसभा के बीच किसी तरह की अनहोनी ना हो, इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. 24 सितंबर को हुई थी यात्रा की शुरुआत मालूम हो किशनगंज से 24 सितंबर को AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सीमांचल न्याय यात्रा की शुरुआत की थी. जिसके बाद अररिया और पूर्णिया से होते हुए यह यात्रा कटिहार तक पहुंची. जानकारी के मुताबिक, कटिहार के बाद ओवैसी की यह यात्रा सीमांचल के अन्य जिलों में भी जारी रहेगी. कई तरह की कर रहे बयानबाजी अपनी यात्रा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी कई तरह की बयानबाजी करते हुए दिख रहे हैं. सीमांचल यात्रा के दौरान उन्होंने राज्यसभा सांसद संजय यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर करारा तंज कसा था. दरअसल, असदुद्दीन ओवैसी ने संजय यादव का नाम लिए बिना कहा था कि एक हरियाणा से आया हुआ व्यक्ति बिहार से राज्यसभा का एमपी बन गया तो पेट में दर्द नहीं हुआ. लेकिन, मेरे हैदराबाद से आने पर सवाल उठाते हैं. Also Read: Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर, केंद्रीय बलों के इतनी कंपनी की हो सकती है तैनाती The post Bihar Election 2025: आज कटिहार में ओवैसी करेंगे 30 किलोमीटर का रोड शो, अलर्ट मोड पर प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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Maha Navami 2025 Kanjak Puja: नवरात्रि के दौरान कब की जाएगी कंजक पूजा, जानें क्या है जरूरी नियम

Maha Navami 2025 Kanjak Puja: नवरात्रि का नौवां दिन, जिसे महानवमी कहा जाता है, हर साल श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. यह दिन देवी दुर्गा की शक्ति और बुराई पर विजय का प्रतीक माना जाता है. महानवमी पर विशेष रूप से देवी सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जिन्हें महिषासुर जैसे राक्षसों का नाश करने वाली माना जाता है. कब है महानावमी ? इस साल महानवमी 1 अक्टूबर 2025 को है. पर्व की शुरुआत 30 सितंबर 2025 शाम 6:06 बजे से होगी और यह अगले दिन 1 अक्टूबर 2025 शाम 7:01 बजे तक चलेगा. महानवमी का महत्व महानवमी पर श्रद्धालु देवी दुर्गा को फूल, फल, मिठाई और धूप-अगरबत्ती अर्पित करते हैं. मान्यता है कि इस दिन की पूजा करने से सफलता, ज्ञान और दिव्य सुरक्षा प्राप्त होती है. इसके साथ ही यह दिन सकारात्मक ऊर्जा और परिवारिक सामंजस्य का प्रतीक भी माना जाता है. महानवमी 2025 की मुख्य पूजा और रिवाज कंजक पूजा या कन्या पूजा महानवमी का सबसे खास आयोजन कंजक पूजा होती है. इस दिन नौ छोटी कन्याओं को घर बुलाया जाता है और उन्हें देवी का रूप मानकर पूजा की जाती है. बच्चों को खीर, पूरी और चना खिलाया जाता है. उनके लिए चुनरी, चूड़ियां और बिंदी जैसे उपहार भी दिए जाते हैं. पैर धोकर, तिलक और कलावा बांधकर बच्चों का सम्मान किया जाता है. पूजा के बाद उन्हें कपड़े, फल, पैसे, खिलौने या स्कूल का सामान भी दिए जाते हैं. आयुध पूजा या शस्त्र पूजा महानवमी पर पुराने हथियार, औजार और आधुनिक उपकरण देवी के शक्ति प्रतीक के रूप में पूजा जाते हैं. कारीगर और शिल्पकार इस पूजा को विशेष रूप से करते हैं, क्योंकि उनके काम के औजार सृजन और सुरक्षा का प्रतीक माने जाते हैं. नवमी होम (हवन) महानवमी पर हवन या होम करना भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यह पूजा के अंतिम चरण में किया जाता है और इसे सबसे शुभ समय माना जाता है. महानवमी 2025: क्या करें और क्या न करें घर और पूजा स्थल को स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखें. सकारात्मक विचार रखें और भक्ति में लीन रहें. स्वच्छ और शुभ रंग के कपड़े पहनें. बुजुर्गों, स्त्रीओं और बच्चों का सम्मान करें. पूजा में काले कपड़े न पहनें. किसी से झगड़ा या नकारात्मक व्यवहार न करें. मांसाहार या तामसिक भोजन का सेवन न करें. महानवमी केवल देवी की पूजा का दिन नहीं है, बल्कि यह सकारात्मक ऊर्जा, भक्ति और परिवारिक मिलन का प्रतीक भी है. इस दिन विधिपूर्वक कंजक पूजा और आयुध पूजा करने से घर और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. ये भी पढ़ें: घर में सुख-समृद्धि लाना चाहते हैं? दिवाली से पहले ये 5 चीजें करें बाहर  जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है . ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्राज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ8080426594/9545290847 The post Maha Navami 2025 Kanjak Puja: नवरात्रि के दौरान कब की जाएगी कंजक पूजा, जानें क्या है जरूरी नियम appeared first on Naya Vichar.

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Dussehra 2025: इस दशहरा पर जानें रावण के 10 सिरों के पीछे छुपा है ज्ञान और अहंकार का रहस्य, जो सिखाते हैं जीवन के बड़े सबक

Dussehra 2025: दशहरा 2025 पर रावण का वध सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत नहीं है, बल्कि यह हमारे अंदर छुपे अहंकार, लालच, मोह और नकारात्मक भावनाओं को पहचान कर उनसे पार पाने का संदेश भी देता है. रावण के 10 सिर केवल शक्ति का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे जीवन के गहरे रहस्यों और सीखों का दर्पण हैं. हर सिर हमें यह याद दिलाता है कि अगर हम अपने मन और कर्मों को संतुलित रखें, तो हम सच्ची सफलता, शांति और आत्म-सुधार की राह पा सकते हैं. दशहरे का असली अर्थ यही है – अच्छाई की विजय और आत्म-जागरूकता. रावण के 10 सिरों के पीछे छुपे हैं जीवन के बड़े सबक 1. वासना (इच्छाएं) वासना हमारे मन और जीवन में असीमित इच्छाओं का प्रतीक है. जब हम अपनी इच्छाओं पर काबू नहीं रखते, तो यह हमारे निर्णय और कर्मों को प्रभावित करती हैं. दशहरे का संदेश यही है कि वासना पर काबू पाने से मन की शांति और संतुलन प्राप्त होता है. 2. क्रोध (गुस्सा) क्रोध हमारे भीतर का वह भाव है जो विवेक को ढककर हमें अशांति की ओर ले जाता है. रावण का दूसरा सिर हमें यह सिखाता है कि बिना सोच-समझ के गुस्से में किए गए कार्य अक्सर विनाशकारी होते हैं. 3. मोह (मोह, आसक्ति) मोह और आसक्ति हमें भौतिक या भावनात्मक वस्तुओं से जोड़कर मानसिक उलझन पैदा करते हैं. रावण का यह सिर हमें चेतावनी देता है कि अगर हम वस्तुओं या लोगों के पीछे अंधाधुंध लगाव रखें, तो यह हमारे विकास में बाधक बन सकता है. 4. मद (घमंड) घमंड और आत्ममुग्धता इंसान को अपनी वास्तविकता से दूर कर देते हैं. रावण का यह सिर यह याद दिलाता है कि अहंकार जीवन में गिरावट का कारण बन सकता है. विनम्रता ही सच्ची महानता है. 5. मत्सर (ईर्ष्या) ईर्ष्या दूसरों की सफलता को देखकर अपने आप को कमतर समझने का भाव है. रावण का यह सिर हमें बताता है कि मत्सर और तुलना से मन अशांत रहता है और रिश्ते भी बिगड़ सकते हैं. 6. लोभ (लालच) लालच हमारे मन की शुद्धता और संतोष को खो देता है. रावण के इस सिर का संदेश है कि लोभ में फंसने से इंसान अपने नैतिक मूल्यों और जीवन के उद्देश्य से भटक जाता है. 7. अहंकार (घमंड, श्रेष्ठता की भावना) अहंकार हमें श्रेष्ठ समझकर दूसरों के विचारों और भावनाओं को अनदेखा करने की प्रवृत्ति देता है. रावण का यह सिर यह सिखाता है कि अहंकार से व्यक्ति का पतन निश्चित है, और विनम्रता ही स्थायी सफलता की चाबी है. 8. आलस्य (सुस्ती) सुस्ती और आलस्य हमारे कार्य और जीवन में प्रगति को रोकते हैं. रावण का यह सिर हमें याद दिलाता है कि समय की कद्र और मेहनत ही सफलता की राह खोलती है. 9. अन्याय (अन्याय) अन्याय और अधर्म समाज और व्यक्ति दोनों को हानि पहुंचाते हैं. रावण का यह सिर हमें यह शिक्षा देता है कि न्याय और धर्म के मार्ग पर चलना जीवन को स्थिर बनाता है. 10. अज्ञान (अज्ञानता, ईर्ष्या) अज्ञानता मनुष्य को सही और गलत में फर्क नहीं समझने देती. रावण का अंतिम सिर यह संदेश देता है कि ज्ञान और समझदारी ही बुराई पर विजय का रास्ता दिखाती है. Disclaimer:यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. यह भी पढ़ें: Dussehra 2025 Upay: विजयादशमी के दिन करें ये सिद्ध उपाय, जीवन में मिलेगी सफलता The post Dussehra 2025: इस दशहरा पर जानें रावण के 10 सिरों के पीछे छुपा है ज्ञान और अहंकार का रहस्य, जो सिखाते हैं जीवन के बड़े सबक appeared first on Naya Vichar.

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Home Gardening Tips: छत पर लगाने के लिए ये सब्जियां हैं बेस्ट, महीनों तक बाजार जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत

Home Gardening Tips: छत पर बागवानी करना कई तरह से फायदेमंद है. एक तरफ तो यह आपकी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है साथ ही आपके लिए एक अच्छी हॉबी भी जिससे मेंटल हेल्थ भी सही रहती है.   घर में अपने खाने की सब्जियां उगाने से आपको कई फायदे मिलते है. अगर आप सोच रहे हैं कि छोटे घर या छत पर कौन-कौन सी सब्जियां उगाई जा सकती हैं जो आपको जल्दी और लंबे समय तक फल देती रहें, तो हम लाए हैं कुछ बेहतरीन विकल्प. ये 6 सब्जियां न केवल जल्दी बढ़ती हैं, बल्कि 6 महीने तक लगातार फल देती हैं, जिससे आपका सब्जी वाला स्टॉक हमेशा तैयार रहेगा और आपको बाजार जाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. Home Gardening Tips: जल्दी ग्रो करती है और महीनों फल देती है ये सब्जियां Home gardening tips: जल्दी ग्रो करती है और महीनों फल देती है ये सब्जियां टमाटर (Tomato):टमाटर हर घर के किचन गार्डन की शान होते हैं. टमाटर के पौधे छोटे गमलों या बगिचे में टमाटर आसानी से उगाए जा सकते हैं. डेली पानी और धूप मिलने पर टमाटर के पौधे 1-2 महीने में फल देने लगते हैं और 6 महीने तक लगातार टमाटर फलते रहते हैं. बैंगन (Baigan):बैंगन को उगाना थोड़ा टाइम मांगता है, लेकिन यह लंबे समय तक फल देता है. छोटे गमलों में या जमीन पर रोपित बैंगन जल्दी बढ़ते हैं और 6 महीने तक आपको स्वादिष्ट बैंगन उपलब्ध कराते हैं अच्छे से देखभाल की जाये तो साल भर फसल देते नहीं थकते. मिर्च (Mirch):हरी मिर्च या लाल मिर्च दोनों ही घर पर आसानी से उगाई जा सकती हैं. मिर्च के पौधे जल्दी बढ़ते हैं और नियमित कटाई पर लंबे समय तक फलते हैं. धनिया-पुदीना (Dhaniya-Pudina):हरी पत्तेदार सब्जियों में धनिया और पुदीना सबसे लोकप्रिय हैं. इन्हें छोटे गमलों में उगाया जा सकता है. कुछ हफ्तों में ही आप ताजे पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं और 6 महीने तक पौधे लगातार नई पत्तियां देते रहते हैं. अदरक (Adrak):अदरक उगाना आसान है और यह घर के लिए बेहद उपयोगी है. गमले या मिट्टी में अदरक का टुकड़ा लगाकर आप कुछ महीने में इसका सेवन शुरू कर सकते हैं. अदरक पौधे लंबे समय तक फल देते हैं और हर दिन ताजगी से भरपूर अदरक मिलता है. लौकी (Lauki):लौकी का पौधा तेजी से बढ़ता है और लंबी अवधि तक फल देता है. इसे छत या बगीचे में आसानी से उगाया जा सकता है. 6 महीने तक लौकी का सेवन घर पर उपलब्ध रहेगा. घर पर सब्जियां उगाना केवल पैसे बचाने का तरीका नहीं है, बल्कि यह आपको सेहतमंद और सक्रिय भी बनाए रखता है. इन 6 सब्जियों को अपनी किचन गार्डन में लगाकर आप 6 महीने तक ताजगी और पौष्टिकता का आनंद ले सकते हैं. छोटे गमले, नियमित पानी और धूप ही इन पौधों की सफलता की कुंजी है. Also Read: 10 Tips to Buy Fresh Vegetable: सब्जी खरीदते समय इन 10 बातों का रखें ध्यान- हाथ नहीं पड़ेगा खराब माल Also Read: Kitchen Tips for Vegetable: कहीं आप भी तो नहीं रखती इन सब्जियों को फ्रिज के अंदर? The post Home Gardening Tips: छत पर लगाने के लिए ये सब्जियां हैं बेस्ट, महीनों तक बाजार जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत appeared first on Naya Vichar.

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Vastu Tips Diwali 2025: घर में सुख-समृद्धि लाना चाहते हैं? दिवाली से पहले ये 5 चीजें करें बाहर

Vastu Tips Diwali 2025: दिवाली हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है. पूरे हिंदुस्तान में इसे प्रकाश, खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक मानकर बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है. अंधकार पर प्रकाश की जीत, बुराई पर अच्छाई की विजय और जीवन में सुख-शांति लाने का संदेश यही पर्व देता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक महीने की अमावस्या को दिवाली मनाई जाती है. इस दिन घर में भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष विधान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए घर की सफाई, सकारात्मक वातावरण और पूजा स्थल की व्यवस्था बेहद जरूरी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ चीजें घर में रखने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और दरिद्रता आती है? आइए जानते हैं, दिवाली से पहले किन पांच चीजों को घर से हटाना शुभ माना जाता है. टूटा हुआ शीशा या बर्तन वास्तु शास्त्र के अनुसार, टूटा हुआ शीशा या बर्तन घर में नेगेटिव ऊर्जा पैदा करता है. इससे घर के सदस्यों पर अशुभ प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए दिवाली से पहले ऐसे सभी टूटे-फूटे आइटम को घर से बाहर कर दें. बंद पड़ी या खराब घड़ियां जो घड़ियां काम नहीं कर रही हैं, उन्हें सही करवाएं या घर से हटा दें. वास्तु के अनुसार, खराब घड़ियां जीवन में बाधाएं और समय संबंधी परेशानियां ला सकती हैं. टूटा-फूटा फर्नीचर पुराना, टूटा-फूटा या खराब फर्नीचर घर की सकारात्मक ऊर्जा को कमजोर करता है. इससे सौभाग्य और समृद्धि में रुकावट आती है. दिवाली से पहले ऐसे फर्नीचर को बदलना या हटाना शुभ माना जाता है. खंडित या टूटी हुई मूर्तियां पूजा स्थल में रखी देवी-देवताओं की खंडित या टूटी हुई मूर्तियां घर में अशांति और नकारात्मक ऊर्जा लाती हैं. इन मूर्तियों को हटा दें और जरूरत हो तो नई मूर्तियां स्थापित करें. घर में जमा खराब लोहा या धातु पुराने या खराब लोहे के बर्तन, उपकरण और धातु घर में शनि और राहु के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ा सकते हैं. दिवाली से पहले इनसे छुटकारा पाना बेहद शुभ माना जाता है. इन पांच चीजों के अलावा ध्यान दें इन पांच प्रमुख चीजों को हटाने के अलावा, घर की सफाई, दीपक जलाना, रंगोली बनाना और पूजा स्थल की सुंदर व्यवस्था भी जरूरी है. ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार में खुशहाली आती है. साथ ही, परिवार में प्यार, सहयोग और मेल-जोल बनाए रखना भी शुभ माना जाता है. माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए घर का वातावरण स्वच्छ, शांत और सकारात्मक होना बेहद जरूरी है. जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है . ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्राज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ8080426594/9545290847 The post Vastu Tips Diwali 2025: घर में सुख-समृद्धि लाना चाहते हैं? दिवाली से पहले ये 5 चीजें करें बाहर appeared first on Naya Vichar.

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World Tourism Day 2025: छुट्टी के दिनों में इन हिल स्टेशन पर परिवार के साथ जरूर जाएं

World Tourism Day 2025: हर कोई चाहता है कि काम से छुट्टी लेकर परिवार या दोस्तों के साथ कहीं पर घूमने के लिए जाएं. इस तरह से लोग साथ में टाइम भी बिता पाते हैं और रिलैक्स भी कर पाते हैं. हर वर्ष 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस (World Tourism Day) मनाया जाता है. इस दिन को पर्यटन से जुड़े मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है. पर्यटन से आप नई जगहों के बारे, लोगों के बारे में और संस्कृति के बारे में जान सकते हैं. घूमने की बात जब आती है तो हिल स्टेशन एक परफेक्ट ऑप्शन है. इस आर्टिकल से जानते हैं कुछ खूबसूरत हिल स्टेशन के बारे में जहां आप छुट्टियों को एंजॉय कर सकते हैं. मनाली मनाली एक बहुत ही खूबसूरत जगह है और ये हिमाचल प्रदेश में है. यहां के सुंदर नजारे आपका दिल जीत लेंगे. इस जगह पर दूर-दूर से पर्यटक घूमने आते हैं. यहां पर प्रकृति के बीच में समय बिताएं. आप इस जगह पर एडवेंचर स्पोर्ट्स का भी मजा ले सकते हैं. यह भी पढ़ें: Travel Tips with Kids: बच्चों के साथ छुट्टियों को बनाएं यादगार, ट्रिप पर जाने से पहले याद रखें ये स्मार्ट ट्रैवल टिप्स माउंट आबू राजस्थान में घूमने के लिए कई जगह है. लेकिन, क्या आप जानते हैं यहां पर हिल स्टेशन भी है. आप परिवार के साथ माउंट आबू में छुट्टियां स्पेंड कर सकते हैं. आप यहां सनसेट पॉइंट, नक्की झील जैसी जगहों पर घूमने जा सकते हैं. कूर्ग  कुर्ग हिल स्टेशन कर्नाटक राज्य में है. आप इस जगह और प्रकृति की सुंदरता का मजा ले सकते हैं. इसके कॉफी के बागान, हरियाली आपका दिल जीत लेंगे. काम की थकान को दूर करने और अच्छा टाइम स्पेंड करने के लिए आप इस जगह पर जा सकते हैं.  दार्जिलिंग  सुंदर नजारों के बीच टाइम बिताना है तो आप दार्जिलिंग घूमने के लिए जरूर जाएं. दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल में है और ये एक फेमस पर्यटक स्थल है. यहां के चाय बागान बेहद ही खूबसूरत हैं. यह भी पढ़ें: Travel Tips: चार धाम यात्रा को बनाएं आसान और सुरक्षित, साथ रखें ये स्मार्ट गैजेट्स The post World Tourism Day 2025: छुट्टी के दिनों में इन हिल स्टेशन पर परिवार के साथ जरूर जाएं appeared first on Naya Vichar.

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तीन महीने तक कैंसिल रहेंगी 16 ट्रेनें, बिहार के यात्रियों की भी बढ़ेगी परेशानी

Bihar Train News: दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में रेल लाइन का मरम्मत कार्य किया जाएगा. इस मरम्मत कार्य की वजह से 11 अक्टूबर 2025 से 20 जनवरी 2026 तक 16 प्रमुख ट्रेनों का परिचालन रद्द किया गया है. साउथ बिहार एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें रहेंगी प्रभावित मिली जानकारी के अनुसार यह मरम्मत राउरकेला-कासबहाल और बंडामुंडा ए केबिन-राउरकेला सेक्शन में होगी, जहां हर मंगलवार और शनिवार को सुबह 5:30 बजे से 5.5 घंटे का मेगा ब्लॉक रहेगा. इसकी अधिसूचना डिप्टी चीफ ऑपरेशंस मैनेजर श्रीनिवास सामंत ने जारी की है. इस दौरान बिहार-झारखंड-ओडिशा रूट पर चलने वाली साउथ बिहार एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय ट्रेनें भी प्रभावित होंगी. रद्द की गई ये ट्रेनें बता दें कि कैंसिल ट्रेनों में सबसे ज्यादा असर 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस पर पड़ेगा जो 14, 21, 28 नवंबर और 5, 12 दिसंबर को पूरी तरह रद्द रहेगी. वहीं, 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस 15, 22, 29 नवंबर और 6, 13 दिसंबर को नहीं चलेगी. लंबी लिस्ट में 18109/18110 टाटा-इतवारी एक्सप्रेस और 18175/18176 हटिया-झारसुगुडा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी 11 अक्टूबर से जनवरी की कई तारीखों पर रद्द की गई हैं. साथ ही 68029/68030 राउरकेला-झारसुगुडा मेमू, 68043/68044 टाटा-राउरकेला मेमू, 18125/18126 राउरकेला-पुरी एक्सप्रेस, 18107/18108 राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस, 58659 हटिया-राउरकेला पैसेंजर और 58660 राउरकेला-हटिया पैसेंजर पर भी असर पड़ेगा. इन तारीखों पर कुल 16 ट्रेनें पूरी तरह बंद रहेंगी. कुछ ट्रेनों को मिलेगी आंशिक राहत इसके अलावा कुछ ट्रेनों को आंशिक राहत मिलेगी. इस कड़ी में 13288 साउथ बिहार एक्सप्रेस 10, 17, 24, 31 अक्टूबर और 7 नवंबर को राउरकेला तक शॉर्ट टर्मिनेट होगी. यानी उसके बाद का सफर रद्द रहेगा. ठीक इसी तरह, 13287 दुर्ग-आरा आगामी 11, 18, 25 अक्टूबर और 1, 8 नवंबर को राउरकेला से शुरू होगी. शॉर्ट टर्मिनेशन से चलाई जाएंगी चार ट्रेनें हावड़ा-कंटाबांजी इस्पात एक्सप्रेस (22861) कई तारीखों पर राउरकेला तक ही सीमित रहेगी. जबकि, टिटलागढ़-हावड़ा (12872) झारसुगुडा तक चलेगी. दिसंबर-जनवरी में ये इस्पात एक्सप्रेस टाटानगर तक चलेंगी. कुल चार ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेशन या ओरिजिनेशन से चलाई जाएंगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें तीन ट्रेनों का बदला रूट जानकारी के अनुसार तीन ट्रेनों का रूट बदला गया है. 18478 योगनगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस 10, 17, 24, 31 अक्टूबर, 7, 14, 21, 28 नवंबर और 5, 12 दिसंबर को इब-झारसुगुडा रोड-संबलपुर सिटी-कटक होते हुए चलेगी. जबकि, टाटा-झारसुगुडा सेक्शन छोड़कर. पुरी-ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस भी कई तारीखों पर इसी वैकल्पिक रूट से दौड़ेंगी. 13288 साउथ बिहार एक्सप्रेस कुछ तारीखों पर टाटा की बजाय कांड्रा-सिनी होते हुए दुर्ग पहुंच जाएगी. रेलवे की यात्रियों से अपील है कि वे IRCTC ऐप या हेल्पलाइन से चेक करें और वैकल्पिक ट्रेन बुक करें. इसे भी पढ़ें: इस दिन से शुरू होगा मुंगेर-भागलपुर मरीन ड्राइव का निर्माण, पहले चरण में 4450.17 करोड़ होंगे खर्च The post तीन महीने तक कैंसिल रहेंगी 16 ट्रेनें, बिहार के यात्रियों की भी बढ़ेगी परेशानी appeared first on Naya Vichar.

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अक्षर पटेल की गलती और गेंद बाउंड्री के पार, लेकिन अंपायर ने सिक्सर से किया इनकार, आड़े आया ये बड़ा नियम

Asia Cup 2025 IND vs SL Why Pathum Nissanka six was denied: हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच स्पोर्ट्सा गया सुपर-4 का मुकाबला एशिया कप 2025 का सबसे रोमांचक मैच साबित हुआ. हालांकि श्रीलंका पहले ही फाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी थी और हिंदुस्तान की टीम ने फाइनल में जगह पक्की कर ली थी, इसके बावजूद दोनों टीमों ने अंतिम गेंद तक कड़ा संघर्ष किया. 202 रन के स्कोर के बावजूद मैच टाई होने के बाद इसकी निर्णायक भिड़ंत सुपर ओवर में हुई, जहां हिंदुस्तान ने श्रीलंका को हराकर टूर्नामेंट में अपनी अपराजेय बढ़त बनाए रखी. इसी मैच के दौरान एक अनोखी घटना भी देखने को मिली, जब पथुम निसांका के एक छक्के को अंपायर ने मना कर दिया. लक्ष्‍य का पीछा कर रही श्रीलंका की टीम के शतकवीर पाथुम निसंका ने 10वें ओवर में वरुण चक्रवर्ती की तीसरी गेंद पर लॉन्ग-ऑन की दिशा में एक जोरदार शॉट स्पोर्ट्सा, जो सीधे बाउंड्री लाइन पर खड़े अक्षर पटेल के हाथों में गया. यह आसान कैच था, गेंद उनकी हथेलियों में लगी, लेकिन उन्होंने इसे पकड़ने में चूक कर दी और गेंद बाउंड्री के पार चली गई, जिससे आमतौर पर छक्का माना जाता. हालांकि इस शॉट के बाद श्रीलंका को रन नहीं मिला, क्योंकि गेंद डालने से पहले ही अंपायर इजातुल्लाह साफी ने डेड बॉल का संकेत दे दिया था. खिलाड़ियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया और स्पोर्ट्स चलता रहा. डेड बॉल के नियम के कारण निसांका को छक्का नहीं मिला. अगर अक्षर कैच भी पकड़ लेते, तो वह आउट भी नहीं होते.  pic.twitter.com/d4eeEUf4JT — Symonds (@Symonds716624) September 26, 2025 सही था अंपायर का निर्णय डेड-बॉल का निर्णय नियमों के अनुसार सही था. दरअसल उस समय हिंदुस्तानीय ओपनर अभिषेक शर्मा चोट के कारण मैदान से बाहर जा रहे थे और पूरी तरह से बाउंड्री के पार नहीं गए थे. क्रिकेट नियमों के मुताबिक, जब तक कोई खिलाड़ी मैदान से पूरी तरह बाहर नहीं होता, रिप्लेसमेंट खिलाड़ी वैध रूप से मैदान में नहीं आ सकता और स्पोर्ट्स को आगे बढ़ाया नहीं जा सकता. इस फैसले ने हिंदुस्तान के लिए राहत की सांस दिलाई क्योंकि अगर यह रन वैध होता तो टीम पर दबाव बढ़ सकता था. जीत के साथ फाइनल में हिंदुस्तान इस मैच में पथुम निसांका ने शानदार शतक जड़ा. उन्होंने आखिरी ओवर की पहली गेंद पर हर्षित राणा का शिकार बनने से पहले 58 गेंदों में 107 रन बनाए. इसके बावजूद श्रीलंका मैच अपने नाम नहीं कर सकी. निसांका की विस्फोटक पारी के बावजूद उन्हें सुपर ओवर में नहीं उतारा गया और टीम को हार का सामना करना पड़ा. वहीं हिंदुस्तान ने जीत के आत्मविश्वास के साथ फाइनल में प्रवेश किया, जहां उसका सामना पाकिस्तान से होगा.  ये भी पढ़ें:- खिलाड़ी हो तो सूर्यकुमार जैसा, दुनिथ वेल्लालागे को लगाया गले, बड़े भाई की तरह दिया भरोसा, इमोशनल वीडियो वायरल फाइनल से पहले झटका! पांड्या, अभिषेक हुए चोटिल, क्या पाकिस्तान के खिलाफ स्पोर्ट्सेंगे? कोच मोर्ने मोर्कल ने दिया अपडेट IND vs SL: अगर आखिरी गेंद पर न होते ये दो ब्लंडर, तो सुपर ओवर होता ही नहीं, दोनों टीमों से हुई ये गलती The post अक्षर पटेल की गलती और गेंद बाउंड्री के पार, लेकिन अंपायर ने सिक्सर से किया इनकार, आड़े आया ये बड़ा नियम appeared first on Naya Vichar.

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Patna Metro: 29 सितंबर को पटना मेट्रो का आखिरी ट्रायल, अक्टूबर में शुरू होगा यात्री सेवा

Patna Metro: बिहार की राजधानी पटना लंबे इंतजार के बाद मेट्रो युग में प्रवेश करने जा रही है. शहर की पहचान अब सिर्फ गंदगी और ट्रैफिक जाम नहीं रहेगी. पटना मेट्रो परियोजना का पहला चरण इस महीने के अंत तक यात्रियों के लिए खोला जाएगा. रेड लाइन पर परिचालन शुरू करने से पहले आखिरी ट्रायल रन 29 सितंबर को होगा. मेट्रो परियोजना शहर को न सिर्फ आधुनिकता की ओर ले जाएगी बल्कि यातायात को भी सुगम बनाएगी. न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल और भूतनाथ के बीच मेट्रो रेल अधिकतम 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, जिससे यात्रियों का सफर तेज और आरामदायक होगा. अंतिम ट्रायल और सुरक्षा निरीक्षण 29 सितंबर को मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) जनक कुमार गर्ग टीम के साथ आखिरी बार ट्रायल करेंगे. इस दौरान ट्रैक और ट्रेन रैक का निरीक्षण किया जाएगा. उनके अनुमोदन के बाद ही मेट्रो यात्रियों के लिए खोलने की अनुमति दी जाएगी. यदि सभी मानक पूरी तरह से सही पाए जाते हैं तो अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में उद्घाटन संभव है. नगर विकास एवं आवास मंत्री जिवेश कुमार ने बताया कि निरीक्षण पूरा होते ही मेट्रो का शुभारंभ किया जाएगा. 16 सितंबर को भी सीएमआरएस ने निरीक्षण कर पटना और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों के साथ बैठक की थी. उस समय सुरक्षा के दृष्टिकोण से कुछ कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए थे. स्टेशनों की तैयारी रेड लाइन की तीनों स्टेशनों पर तेजी से फिनिशिंग का काम चल रहा है. टिकट काउंटर, यात्रियों के प्रवेश व निकास द्वार, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसे कार्य पूरे कर लिए गए हैं. जेरोडोल मिले और आईएसबीटी स्टेशन के प्रवेश द्वार के पास फिनिशिंग का काम जारी है. अधिकारियों ने बताया कि 30 सितंबर तक स्टेशनों को पूरी तरह तैयार करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन उद्घाटन की प्रक्रिया बाधित नहीं होगी. पटना मेट्रो परियोजना न सिर्फ शहर के ट्रैफिक की समस्या को कम करेगी बल्कि यात्रियों को आरामदायक, तेज और सुरक्षित सफर भी मुहैया कराएगी. इसके साथ ही स्टेशन परिसर में सुरक्षा, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाओं के कारण यात्रियों को अधिक सुविधा और सहजता का अनुभव मिलेगा. शहर में बदलाव की उम्मीद पटना मेट्रो का परिचालन शहर के लिए सिर्फ एक यातायात सुविधा नहीं, बल्कि बदलाव की प्रतीक है. यह परियोजना शहरवासियों को आधुनिकता और सुविधा का अनुभव देगी. लंबे इंतजार के बाद यह परियोजना पटनावासियों की उम्मीदों को पूरा करने जा रही है. 29 सितंबर को होने वाला अंतिम ट्रायल और उसके बाद सीएमआरएस की मंजूरी पटना मेट्रो के परिचालन की दिशा तय करेगी. यदि सबकुछ योजना अनुसार हुआ तो अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से पटनावासियों को मेट्रो का अनुभव मिलने लगेगा. यह सिर्फ परिवहन का साधन नहीं, बल्कि शहर की बदलती तस्वीर और आधुनिकता का प्रतीक बनेगा. Also Read: Bihar Hit and Run Compensation: सड़क हादसों का मुआवजा देने में बिहार देश में नंबर वन,1.5 साल में 84 करोड़ रुपये The post Patna Metro: 29 सितंबर को पटना मेट्रो का आखिरी ट्रायल, अक्टूबर में शुरू होगा यात्री सेवा appeared first on Naya Vichar.

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27 साल का हुआ Google, जानें कैसे छोटे से गैराज से शुरू हुई इसकी कहानी, खास मौके पर देखें ये स्पेशल डूडल

Happy Birthday Google! आज यानी 27 सितंबर को दुनिया का सबसे पॉपुलर सर्च इंजन 27 साल का हो गया है. बीते कई सालों में गूगल हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. आज के समय में किसी भी सवाल का जवाब ढूंढना हो तो सबसे पहले दिमाग में आता है- “गूगल कर लो.” आइए इस खास मौके पर जानते हैं कि गूगल की शुरुआत कैसे हुई, इसे किसने बनाया, इसके नाम का असली मतलब क्या है और भी बहुत कुछ. कैसे हुई Google की शुरुआत?  गूगल की कहानी 1995 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से शुरू हुई. उस समय लैरी पेज वहां ग्रेजुएट स्कूल जॉइन करने के बारे में सोच रहे थे और सर्गेई ब्रिन, जो पहले से स्टूडेंट थे, उन्हें कैंपस दिखाने के लिए साथ आए. पहली मुलाकात में दोनों की जमकर बहस हुई और किसी बात पर सहमत नहीं हो पाए. लेकिन अगले ही साल दोनों ने मिलकर साथ काम शुरू कर दिया. लैरी और सर्गेई ने अपने हॉस्टल के कमरे से एक सर्च इंजन बनाना शुरू किया, जो वेब पेजेज को उनकी लिंकिंग के आधार पर रैंक करता था. शुरुआत में इसका नाम Backrub रखा गया, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर Google कर दिया गया. यह सर्च इंजन जल्दी ही स्टूडेंट्स और इन्वेस्टर्स के बीच काफी पॉपुलर हो गया. अगस्त 1998 में सन माइक्रोसिस्टम्स के को-फाउंडर एंडी बेचटोल्सहाइम ने इन्हें 1 लाख डॉलर का चेक दिया और यहीं से गूगल इंक. की आधिकारिक शुरुआत हुई. समाचारें अपडेट हो रही हैं… यह भी पढ़ें: फोन Silent पर हो या चोरी हो जाए, Google Find My Device फीचर मिनटों में लगाएगा पता, जानें कैसे करता है काम The post 27 साल का हुआ Google, जानें कैसे छोटे से गैराज से शुरू हुई इसकी कहानी, खास मौके पर देखें ये स्पेशल डूडल appeared first on Naya Vichar.

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