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December 5, 2025

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Anupama New Entry: पराग की एक्स गर्लफ्रेंड की होगी एंट्री, राही की जिंदगी में आया एक नया शख्स, कोठारी हाउस में आएगा वह इंसान

Anupama New Entry: सीरियल अनुपमा के आज रात के ट्रैक में दिखाया जाएगा कि गौतम, पराग और रजनी एक साथ मीटिंग करते हैं. रजनी का मैनेजर गौतम से पूछता है कि क्या वह 50 परसेंट शेयर के लिए तैयार है ताकि वे आगे बात कर सकें. गौतम सोचता है कि पराग इस डील के लिए नहीं मानेगा. हालांकि पराग इस डील के लिए मान जाता है. पराग, रजनी से अकेले में बात करने के लिए कहता है. दूसरी तरफ अनुपमा और डांस रानी फैशन शो के लिए प्रैक्टिस करती है. परी देखती है कि एक लड़की ने वैसा ही ड्रेस पहना है, जैसा उसने डिजाइन किया था. इस बात पर इशानी उसका मजाक उड़ाती है. पराग की एक्स गर्लफ्रेंड की एंट्री पराग, रजनी से पूछता है कि वह पॉलिटिशियन कैसे बन गई. रजनी उससे कहती है कि उसे क्या लगा वह उसे छोड़ देगा तो वह टूट जाएगी. पराग को लगता है कि उसे यूएस जाकर और रजनी को छड़कर बहुत गलत किया. पराग उसे समझाने की कोशिश करता है कि वह जब वापस आया तो उसने उससे कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की थी. तभी उसी वक्त गौतम वहां पर आ जाता है. रजनी काफी भावुक हो जाती है. दूसरी तरफ परी को तोशू बहुत सारे कॉल्स करता है. अनुपमा उससे पूछती है कि उसे परी और राजी के तलाक की इतनी जल्दी क्यों है. राही पर नजर रखेगा दिवाकर कोठारी हाउस में दिवाकर आता है, जो राही को होम ट्यूशन देने घर आएगा. मोटी बा उसे देखकर चौंक जाती है. राही उसका स्वागत करती है और उसे बताती है कि उसकी फ्रेंड सिमरन भी उसके साथ पढ़ाई करेगी. मोटी बा को लगता है कि एक यंग प्रोफेसर हर दिन घर आएगा तो लोग क्या कहेंगे. दिवाकर, राही को देखता है तो देखता ही रह जाता है. अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि अनु कहती है कि फैशन शो चॉल में ही होगा. वह अपनी टीम को इसकी तैयारी करने के लिए कहती है. राही अपनी मां का साथ देने के लिए आती है. यह भी पढ़ें– Anupama Twist: रजनी की कहानी सुनकर अनुपमा का पसीजेगा दिल, परी के लिए नया आइडिया सोचेगी उसकी दादी The post Anupama New Entry: पराग की एक्स गर्लफ्रेंड की होगी एंट्री, राही की जिंदगी में आया एक नया शख्स, कोठारी हाउस में आएगा वह इंसान appeared first on Naya Vichar.

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Anniversary Surprise Ideas For Wife: इस शादी की सालगिरह बनाएं पत्नी के लिए हर पल खास, ट्राई करें ये सरप्राइज आइडियाज

Anniversary Surprise Ideas For Wife: शादी की सालगिरह एक ऐसा मौका होता है जब हर इंसान ये चाहता है कि अपने पार्टनर के लिए कुछ स्पेशल सरप्राइज प्लान करे. आप भी शादी की सालगिरह पर अपनी पत्नी के लिए कुछ खास करना चाहते हैं तो इन सरप्राइज आइडियाज को ट्राई कर सकते हैं. सरप्राइज पाकर आपकी पत्नी का चेहरा खुशी से खिल उठेगा. आइए इस आर्टिकल से जानते हैं कुछ सरप्राइज आइडियाज. सुबह में करें कुछ खास  सुबह उठते ही कुछ खास मिल जाए तो पूरा दिन बन जाता है. शादी की सालगिरह वाले दिन आप पत्नी के लिए सुबह में कुछ स्पेशल करें. आप रूम को ताजे फूलों और लाइट से सजाएं. आपकी पत्नी सुबह-सुबह इस सेटअप को देखकर सरप्राइज जरूर हो जाएंगी. इसके बाद आप उन्हें गुलाब के फूलों का गुलदस्ता गिफ्ट में दें.  पहली मुलाकात वाली जगह पर जाएं शादी की सालगिरह पर आप अपनी वाइफ के लिए कुछ ऐसा करना चाहते हैं जिससे उनके चेहरे पर एक प्यारी-सी मुस्कान आ जाए तो अपनी पत्नी को उस जगह ले जाएं जहां आप दोनों पहली बार मिले थे. आप पत्नी को बिना बताए जाने की सारी तैयारी कर लें. जैसे ही आपकी पत्नी पहली मुलाकात वाली जगह पर पहुंचेंगी उस दिन की यादें फिर से ताजा हो जाएंगी.  पूरे दिन पत्नी के करें कुछ खास  आप पूरे दिन पत्नी के लिए कुछ खास प्लान कर सकते हैं. सुबह उनके लिए चाय या नाश्ता बनाकर शुरुआत करें. इसके बाद आप साथ में शॉपिंग पर जा सकते हैं. दोपहर में आप उनके लिए स्पेशल लंच तैयार करें और रात में पत्नी के पसंद का डिनर तैयार करें या बाहर किसी अच्छे रेस्टोरेंट में ले जाएं. पूरे दिन आप पत्नी को छोटे-छोटे गिफ्ट जैसे फूल या चॉकलेट दे सकते हैं.  रोमांटिक होम डेट  आप घर पर ही रोमांटिक डेट प्लान कर सकते हैं. इसके लिए आप एक थीम को चुनें. थीम को ध्यान में रखते हुए डेकोरेशन कर सकते हैं. आप गुलाब के फूलों, कैंडल्स और लाल रंग के बेलून से खूबसूरत सजावट कर सकते हैं. टेबल पर आप स्नैक्स और ड्रिंक्स को रख सकते हैं.  यह भी पढ़ें– Anniversary Gift Ideas For Wife: शादी की सालगिरह को बनाएं और भी खास, पत्नी को गिफ्ट करें ये चीजें, देखते ही चेहरे पर आ जाएगी मुस्कान यह भी पढ़ें: Long Distance Relationship Surprise Ideas: पार्टनर से रहते हैं दूर, तो इन तरीकों से प्यार जताएं, ट्राई करें ये आसान सरप्राइज आइडियाज  The post Anniversary Surprise Ideas For Wife: इस शादी की सालगिरह बनाएं पत्नी के लिए हर पल खास, ट्राई करें ये सरप्राइज आइडियाज appeared first on Naya Vichar.

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Putin India Visit : भारत और रूस का सहयोग किसी के खिलाफ नहीं, पुतिन ने कहा

देश के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य केवल दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है. उन्होंने यह बात अमेरिका के हिंदुस्तान-रूस संबंधों पर कड़े रुख के संदर्भ में कही. पुतिन ने बताया कि रूस के साथ हिंदुस्तान की ऊर्जा साझेदारी को देखते हुए कुछ लोग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हिंदुस्तान की बढ़ती भूमिका पसंद नहीं करते. ऐसे लोग नेतृत्वक कारणों से हिंदुस्तान के प्रभाव को कम करने और हिंदुस्तान-रूस संबंधों में बाधा डालने के लिए कुछ रुकावट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. रूसी राष्ट्रपति ने गुरुवार शाम को एक प्राइवेट न्यूज चैनल को दिए गए इंटरव्यू में रूस के खिलाफ पश्चिमी प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके देश का हिंदुस्तान के साथ ऊर्जा सहयोग काफी हद तक अप्रभावित है. पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता करने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर 4 दिसंबर की शाम नयी दिल्ली पहुंचे. अमेरिकी मामले पर क्या बोले पुतिन रूसी राष्ट्रपति की हिंदुस्तान यात्रा ऐसे समय हो रही है जब हिंदुस्तान-अमेरिका संबंध पिछले 20 वर्षों के सबसे कमजोर दौर से गुजर रहे हैं. अमेरिका ने हिंदुस्तानीय सामान पर 50 प्रतिशत तक का भारी शुल्क लगा दिया है और रूस से हिंदुस्तान की कच्चे तेल की खरीद पर भी 25 प्रतिशत कर लगाया है. अमेरिका के इस सख्त रुख पर पूछे गए सवाल के जवाब में पुतिन ने कहा कि बाहरी दबावों के बावजूद न उन्होंने और न ही प्रधानमंत्री मोदी ने कभी हिंदुस्तान-रूस साझेदारी का इस्तेमाल किसी तीसरे देश के खिलाफ किया है. दोनों देश केवल अपने हितों और पारस्परिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान देते हैं. यह भी पढ़ें : Putin India Visit : प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को भेंट की खास चीज, रूसी भाषा में है ये गिफ्ट हिंदुस्तान और रूस का ध्यान सिर्फ अपने हितों की रक्षा पर : पुतिन पुतिन ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अपना एजेंडा और लक्ष्य है. वहीं हिंदुस्तान और रूस का ध्यान सिर्फ अपने हितों की रक्षा पर है, किसी के खिलाफ नहीं. रूस से हिंदुस्तान द्वारा कच्चा तेल खरीदने पर अमेरिका की आपत्ति को उन्होंने खारिज किया. पुतिन ने सवाल उठाया कि जब अमेरिका खुद रूसी ईंधन खरीद सकता है, तो हिंदुस्तान को ऐसा करने का अधिकार क्यों नहीं मिलना चाहिए. पुतिन ने कहा कि जहां तक ​​हिंदुस्तान द्वारा रूस से ऊर्जा संसाधनों की खरीद का सवाल है, मैं यह बताना चाहूंगा और एक बार पहले भी इसका उल्लेख कर चुका हूं कि अमेरिका स्वयं भी अपने परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए हमसे परमाणु ईंधन खरीदता है. The post Putin India Visit : हिंदुस्तान और रूस का सहयोग किसी के खिलाफ नहीं, पुतिन ने कहा appeared first on Naya Vichar.

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New Rail Line Bihar: बिहार में यहां बनने वाली है तीसरी और चौथी नई रेल लाइन, जानिये कब तक काम होगा पूरा

New Rail Line Bihar: बिहार में एक और नई रेल लाइन का निर्माण होने वाला है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, पटना जंक्शन और किऊल होते अब झाझा तक लगभग 400 किलोमीटर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाई जायेगी. यह काम मार्च 2026 में शुरू हो जायेगा. जानकारी के मुताबिक, इसके लिए रेलवे बोर्ड ने लगभग 17 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है. निर्माण के लिये कितने रेल खंडों में किया गया डिवाइड? रेलवे बोर्ड ने इसे फेज टू फेज तरीके से काम करने की स्वीकृति दी है. निर्माण कार्य तेजी से हो इसके लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल और किऊल-झाझा जैसे छोटे-छोटे रेल खंडों में बांटा गया है. पहले चरण में लगभग 931 करोड़ रुपये से 6.6 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण सहित बख्तियारपुर से फतुहा (24 किलोमीटर) का निर्माण होगा. यहां से हटाया जायेगा 2 स्टेबलिंग लाइन दरअसल, लगभग 392 करोड़ रुपये से 1 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण सहित बख्तियारपुर से पुनारख (30 किलोमीटर) की स्वीकृति दी गयी है. इसके बाद पुनारख से किऊल के लिये करीब 2514 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है. तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण में पटना के आस-पास जमीन की कमी को देखते हुए दानापुर से पटना के बीच 2 स्टेबलिंग लाइनों को हटाकर इसकी जगह तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण किया जायेगा. शहरों के बीच बढ़ने वाली है कनेक्टिविटी इसी तरह पटना और पटना सिटी के बीच जगह की कमी के कारण अप और डाउन दिशा के लिए एक अतिरिक्त लाइन का निर्माण संभव हो सकेगा. दरअसल, इसे रिवर्सेबल तरीके से इस्तेमाल किया जायेगा. इस तरह से नई रेल लाइन के बनने से शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ने वाली है. इसके बनने से लोगों को बड़ा फायदा मिलने वाला है. Also Read: Bihar Ka Mausam: बिहार में आज से इस दिन तक आफत बनकर चलेगी पछुआ हवाएं, 4 डिग्री तक गिरेगा पारा, मौसम विभाग की चेतावनी The post New Rail Line Bihar: बिहार में यहां बनने वाली है तीसरी और चौथी नई रेल लाइन, जानिये कब तक काम होगा पूरा appeared first on Naya Vichar.

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मैथ्यू हेडन की बेटी ने रुट के शतक पर शेयर की मजेदार स्टोरी, वायरल हुआ रिएक्शन

Grace Hayden Reaction Goes Viral: करीब एक दशक तक ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टेस्ट सेंचुरी का इंतजार करने वाले जो रूट (Joe Root) ने आखिरकार ब्रिस्बेन के गाबा में स्पोर्ट्से जा रहे दूसरे एशेज (Ashes) टेस्ट की पहली पारी में तीन अंकों का आंकड़ा छू ही लिया. यह शतक सिर्फ इंग्लैंड फैंस के लिए खुशी का मौका नहीं था बल्कि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर मैथ्यू हेडन (Matthew Hayden) के लिए भी राहत से भरा पल था. हेडन ने एशेज से पहले कहा था कि अगर रूट इस बार ऑस्ट्रेलिया में शतक नहीं लगा पाए तो वह एमसीजी के चारों ओर बिना कपड़ों के घूमने को तैयार हैं. रूट ने स्कॉट बोलैंड की गेंद पर ये उपलब्धि हासिल करके न सिर्फ टीम इंग्लैंड को मजबूती दी बल्कि हेडन को भी एक मुश्किल वादे से बचा लिया. इसी पर हेडन की बेटी ग्रेस हेडन (Grace Hayden) ने भी सोशल मीडिया पर मजेदार अंदाज में रिएक्ट किया. रूट का ऑस्ट्रेलिया में लंबा इंतजार खत्म जो रूट पिछले कई दौरों में शतक के बेहद करीब पहुंचकर चूकते रहे थे. ऑस्ट्रेलिया में उनका पिछला रिकॉर्ड काफी सवालों में घिरा रहता था और आलोचक अक्सर इसी कमजोरी पर निशाना साधते थे. इस बार एशेज शुरू होने से पहले भी चर्चा इसी बात की थी कि क्या रूट ऑस्ट्रेलियाई धरती पर शतक का सूखा खत्म कर पाएंगे. गाबा में स्पोर्ट्से जा रहे दूसरे टेस्ट में उन्होंने शानदार धैर्य और क्लास दिखाते हुए आखिरकार लंबा इंतजार खत्म किया और अपना 40वां टेस्ट शतक जड़ा. ग्रेस हेडन ने किया मजेदार पोस्ट मैथ्यू हेडन ने एशेज से पहले मजाकिया लहजे में कहा था कि अगर रूट शतक नहीं लगाए तो वह एमसीजी में बिना कपड़ों के घूमने को तैयार हैं. रूट ने जैसे ही शतक पूरा किया. हेडन ने वीडियो के जरिये उन्हें बधाई दी और कहा कि उनसे ज्यादा इस शतक का इंतजार शायद किसी ने नहीं किया होगा. हेडन की बेटी ग्रेस ने भी इंस्टाग्राम पर एक मजेदार स्टोरी शेयर करते हुए लिखा कि रूट ने सभी की आंखें बचा लीं. यह पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रहा. ग्रेस हेडन की वायरल इंस्टाग्राम स्टोरी, फोटो- स्क्रीनग्रैब (Instagram/@grace.hayden_ रूट और आर्चर ने पलटा मोमेंटम इंग्लैंड की शुरुआत भले ही मजबूत रही हो लेकिन बीच के ओवर्स में टीम लड़खड़ाती नजर आई. लग रहा था कि इंग्लैंड की पारी 275 के आसपास सिमट सकती है. मगर आखिरी आधे घंटे में रूट और जोफ्रा आर्चर ने आक्रामक रुख अपनाते हुए ऑस्ट्रेलिया के थके हुए बॉलिंग अटैक पर जमकर प्रहार किए. दोनों ने मिलकर टीम को 325/9 तक पहुंचाया जिससे मुकाबले में इंग्लैंड की स्थिति बेहतर बनी. मिचेल स्टार्क की घातक गेंदबाजी मिचेल स्टार्क ने एक बार फिर पिंक बॉल के साथ अपना शानदार रिकॉर्ड कायम रखा. पैट कमिंस और जोश हेजलवुड की गैरमौजूदगी में स्टार्क ने फ्रंटलाइन बॉलर की भूमिका बखूबी निभाई. उन्होंने छह विकेट निकालते हुए इंग्लैंड की बल्लेबाजी लाइनअप को लगातार दबाव में रखा. उनकी तेज गेंदबाजी और सटीक लाइन लेंथ ने ऑस्ट्रेलिया को पहले दिन मुकाबले में मजबूती दी. क्रॉली की तेज पारी से इंग्लैंड की ठोस नींव इंग्लैंड कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया और टीम को अच्छी शुरुआत मिली. सलामी बल्लेबाज जैक क्रॉली ने 76 रन की तेज पारी स्पोर्ट्सी जिसमें 11 चौके शामिल थे. उनके आक्रामक स्पोर्ट्स ने इंग्लैंड को पारी की शुरुआत में ही लय दिलाई. हालांकि बीच में विकेट तेजी से गिरे लेकिन रूट की सेंचुरी और आर्चर के तेजतर्रार रन ने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. नया विचार पॉडकास्ट में रवि शास्त्री 7 दिसंबर को ये भी पढ़ें- मैथ्यू हेडन को MCG में नग्न होकर नहीं पड़ेगा दौड़ना, जो रूट ने शतक जड़ बचा ली लाज The Ashes: मिचेल स्टार्क की शालीनता, तोड़ डाला वसीम अकरम का बड़ा रिकॉर्ड फिर भी खुद को बताया छोटा The post मैथ्यू हेडन की बेटी ने रुट के शतक पर शेयर की मजेदार स्टोरी, वायरल हुआ रिएक्शन appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Land Registry: बिहार में जमीन-मकान की रजिस्ट्री होगी पेपरलेस, सरकार बना रही नई निबंधन नियमावली

खास बातें तुरंत मिलेगी वैध डिजिटल कॉपी नियमों के मसौदे के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित क्या होगी पेपरलेस रजिस्ट्री की मुख्य विशेषताएं डिजिटल डॉक्यूमेंट और बायोमेट्रिक साइन Bihar Land Registry: मुजफ्फरपुर. बिहार में संपत्ति के निबंधन (रजिस्ट्री) की प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य भर में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को लागू करने की तैयारी में है. इसके लिए नई ‘बिहार निबंधन नियमावली 2025’ का मसौदा तैयार किया जा रहा है, जिसे इसी वित्तीय वर्ष में लागू कर दिया जायेगा. तुरंत मिलेगी वैध डिजिटल कॉपी यह नई व्यवस्था निबंधन कार्यालयों के चक्कर और कागजी हेराफेरी को खत्म कर लोगों को बड़ी राहत देगी. विभाग का उद्देश्य है कि नई नियमावली में सभी पक्षों के अनुभवों और सुझावों को शामिल कर एक ऐसी मजबूत प्रणाली तैयार की जाए, जो राज्य के सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में सुचारू रूप से लागू हो सके. रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होते ही संपत्ति की कानूनी रूप से वैध डिजिटल कॉपी तुरंत प्राप्त हो सकेगी. यह कॉपी हमेशा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी, जिससे कागजात गुम होने या हेराफेरी की संभावना समाप्त हो जायेगी. नियमों के मसौदे के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित पेपरलेस रजिस्ट्री की दिशा में आगे बढ़ते हुए, विभाग ने नियमावली का सटीक प्रारूप तैयार करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है. इस समिति की अध्यक्षता सहायक निबंधन महानिरीक्षक, मगध प्रमंडल, गया कर रहे हैं. इस महत्वपूर्ण कार्य में विशेषज्ञ मार्गदर्शन सुनिश्चित करने के लिए सेवानिवृत्त पदाधिकारियों को भी परामर्शी (कंसलटेंट) के रूप में शामिल किया गया है, ताकि उनके दशकों के अनुभव का लाभ मिल सके. वहीं, राज्य के सभी सहायक निबंधन महानिरीक्षकों से नियमावली के प्रारूप पर उनके सुझाव और मंतव्य मांगे गये हैं. क्या होगी पेपरलेस रजिस्ट्री की मुख्य विशेषताएं पेपरलेस या ई-निबंधन प्रणाली लागू होने से रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल हो जायेगी. इस नई व्यवस्था में कई कड़े प्रावधान शामिल होने की उम्मीद है, जिसका मुख्य उद्देश्य जालसाजी पर नकेल कसना है. हालांकि, क्रेता (खरीदने वाला) और विक्रेता (बेचने वाला) दोनों के लिए आधार कार्ड का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य हो चुका है. इससे फर्जी पहचान के जरिए होने वाले रजिस्ट्री फर्जीवाड़े पूरी तरह रुक चुके है. डिजिटल डॉक्यूमेंट और बायोमेट्रिक साइन दस्तावेजों पर पारंपरिक हस्ताक्षर की जगह क्रेता और विक्रेता के बायोमेट्रिक निशान को ही उनका डिजिटल साइन माना जायेगा. सभी दस्तावेजों को डिजिटल रूप में अपलोड करना होगा. ऑनलाइन भुगतान: स्टाम्प ड्यूटी और निबंधन शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यमों (नेट बैंकिंग, यूपीआई, डेबिट/क्रेडिट कार्ड) से ही करना होगा. नकद भुगतान की अनुमति नहीं होगी. Also Read: Bihar News: समस्तीपुर में बनी अगरबत्ती से सुगंधित होगा ओमान, मिथिला मखान के निर्यात पर भी चर्चा The post Bihar Land Registry: बिहार में जमीन-मकान की रजिस्ट्री होगी पेपरलेस, प्रशासन बना रही नई निबंधन नियमावली appeared first on Naya Vichar.

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Paush Month 2025: आज से शुरू हुआ पौष का महीना, जानें सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए क्या करें

Paush Month 2025: आज यानी 5 दिसंबर 2025 से पौष मास या पौस महीने की शुरुआत हो चुकी है, वहीं इस महीने का समापन 3 जनवरी 2026 को होगा. हिंदू धर्म में यह महीना सूर्य देव को समर्पित माना गया है. माना जाता है कि इस महीने सूर्य देव की पूजा के साथ यदि कुछ विशेष कार्य किए जाएँ, तो घर में सुख–समृद्धि आती है. आइए जानते हैं कि पौष महीने में किन चीज़ों को करना शुभ माना जाता है. पौष महीने में क्या करना चाहिए? जल अर्पण – इस महीने सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और सूर्य देव को जल अर्पित करें. ऐसा करना बेहद शुभ माना जाता है और इससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है. मंत्रों का जाप – इस महीने सूर्य देव के मंत्रों का जाप करना चाहिए. इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं. दान–पुण्य – पौष महीने में दान–पुण्य करना अत्यंत उत्तम माना जाता है. इस महीने आप ज़रूरतमंदों को कपड़े, भोजन सामग्री और अनाज आदि का दान कर सकते हैं. कहते हैं कि इससे सूर्य देव की कृपा बनी रहती है और घर में सौभाग्य आता है. धार्मिक ग्रंथों का पाठ – इस महीने धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना चाहिए. इससे मन को शांति मिलती है. सात्त्विक भोजन – इस महीने सात्त्विक भोजन का सेवन करना चाहिए. कहा जाता है कि पौष का महीना धार्मिक कार्यों और दान–पुण्य के लिए श्रेष्ठ होता है. ऐसे में तामसिक भोजन जैसे मांस, मछली, प्याज़ और लहसुन आदि का सेवन अशुभ माना जाता है. सूर्य देव के मंत्र ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः। ॐ सूर्याय नमः। ॐ घृणि सूर्याय नमः। Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post Paush Month 2025: आज से शुरू हुआ पौष का महीना, जानें सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए क्या करें appeared first on Naya Vichar.

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मुझे सच बताना की… अजित अगरकर की पत्नी ने शेयर किया बर्डथे पर पोस्ट, फैन ने किया चौंकाने वाला कमेंट

Ajit Agarkar Birthday Post Goes Viral: टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजित अगरकर (Ajit Agarkar) 48 साल के हो गए हैं. उन्होंने 4 दिसंबर को अपना जन्मदिन मनाया. अगरकर के जन्मदिन के इस मौके पर उनकी पत्नी फातिमा अगरकर (Fatema Agarkar) ने एक शानदार पोस्ट शेयर किया. जिसमें उन्होंने अजित की तारीफ करते हुए काफी कुछ लिखा. फातिमा का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में आ गया. लेकिन वजह उनका मैसेज नहीं एक फैन का कमेंट था. जानिए फैन ने क्या कमेंट किया. (Fan Comment on Ajit Agarkar Birthday Post). अजित के बर्थडे पर पत्नी का मैसेज अजित अगरकर के 48वें बर्थडे पर फातिमा अगरकर ने एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि जैसे-जैसे आप अपने महत्वपूर्ण मील के पत्थर वाले साल के करीब आ रहे हैं, आपके साथ और भी यादें जोड़ रही हूं (और हां, आप मुझे यह याद दिलाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ेंगे कि अभी कुछ साल बाकी हैं, जबकि मैं पहले से ही उस क्लब में हूं)! बिना किसी प्रयास के आप जो लाखों हवाई मील तय करते हैं, उसके साथ आने वाला यह साल आपको सुकून के पल भी दे, और ज्यादा इत्मीनान से मॉर्निंग कॉफी (और अब कॉफी मशीन खरीदने की जरूरत नहीं, चाहे आपको कितना भी अच्छा लगे), नए कोर्स में गोल्फ के राउंड और दोस्तों के साथ हंसी-मजाक करने का ज्यादा समय… और उम्मीद है कि इस साल आप वह किताब ज़रूर पढ़ पाएंगे जिसे आप हर छोटी-बड़ी यात्रा पर अपने साथ रखते हैं, जिसका वजन आपके बैग जितना ही है! दुआ है कि ये वन-लाइनर हमें यूं ही चौकन्ना रखें, और आने वाला यह साल मस्ती, हंसी और ढेर सारी मुस्कुराहटों से भरा हो. जन्मदिन मुबारक हो@imaagarkar. फातिमा अगरकर के पोस्ट पर वायरल कमेंट पत्नी फातिमा ने अजित अगरकर के लिए लिखे इस बर्डथे पोस्ट पर एक फैन ने कमेंट किया कि मुझे एक बात पूछनी थी सच बताना मम्मी कसम खा कर, हर्षित राणा सबसे बेस्ट है कि मोहम्मद सिराज. हर फॉर्मेट में हर्षित लायक है सिराज नहीं! वाह अगरकर साहब वाह… ताली बजानी चाहिए आपके लिए. अजित अगरकर के बर्थडे पोस्ट यह कमेंट @haidershaan36 के अकाउंट से हुआ है. जो अब चर्चा का विषय बन गया है. मुझे सच बताना की… अजित अगरकर की पत्नी ने शेयर किया बर्डथे पर पोस्ट, फैन ने किया चौंकाने वाला कमेंट 3फैन का वायरल कमेंट, फोटो- स्क्रीनग्रैब (Instagram/@fatemaagarkar) बता दे कि साल 2023 में अजित अगरकर टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर बने थे. इसी दौरान उनके कार्यकाल में टीम इंडिया ने ICC के दो बड़े टूर्नामेंट अपने नाम कर लिए हैं. जिसमें 2024 का टी 20 वर्ल्ड कप और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी शामिल है. नया विचार पॉडकास्ट में रवि शास्त्री 7 दिसंबर को The post मुझे सच बताना की… अजित अगरकर की पत्नी ने शेयर किया बर्डथे पर पोस्ट, फैन ने किया चौंकाने वाला कमेंट appeared first on Naya Vichar.

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संवदेनशील मुद्दों पर संयम और गंभीरता बरते नेपाल

-डॉ सौरभ- (एसोसिएट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज, जेएनयू) Nepal : नेपाल ने सौ रुपये के अपने नये नोट पर एक नया राष्ट्रीय नेतृत्वक मानचित्र दिखाया है, जिसमें कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा के हिंदुस्तानीय क्षेत्र शामिल हैं. नेपाल के इस कदम ने पहले से चल रही सीमा समस्या को और जटिल बना दिया है. हमें याद रखना चाहिए कि हिंदुस्तान द्वारा लिपुलेख सड़क खोलने के जवाब में नेपाल की संसद ने लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा क्षेत्रों को अपना क्षेत्र दर्शाते हुए एक नये नेतृत्वक मानचित्र को मंजूरी दे दी थी, जिसे हिंदुस्तान ने नेपाल द्वारा दावों का ‘कृत्रिम विस्तार’ बताया था. लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा परस्पर जुड़े हुए क्षेत्र हैं, जो वर्षों से हिंदुस्तानीय नियंत्रण में हैं, वहां रहने वाले हिंदुस्तानीय नागरिक हैं, हिंदुस्तान में कर देते हैं और हिंदुस्तानीय चुनावों में मतदान करते हैं. नेपाल प्रशासन ने अपने कथित नये नेतृत्वक मानचित्र के अनुरूप नोटों की छपाई का काम चीनी कंपनी को दिया था. नये मुद्रा नोटों के मुद्रण में चीनी कंपनी की भागीदारी ने स्थिति को और जटिल बना दिया है. लिपुलेख दर्रा सदियों से हिंदुस्तान और तिब्बत के पठार के बीच प्राचीन व्यापार और तीर्थयात्रा मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है. व्यापारी, भिक्षुक और तीर्थयात्री ऊन, नमक, बोरेक्स जैसी वस्तुओं व सांस्कृतिक विचारों के आदान-प्रदान के लिए इस दर्रे से गुजरते थे. हिंदुस्तान-नेपाल सीमा का निर्धारण 1816 की सुगौली संधि द्वारा किया गया था. दोनों देशों के क्षेत्रीय दावे काली नदी के उद्गम स्थल पर केंद्रित हैं. नेपाल का तर्क है कि यह नदी लिपुलेख के उत्तर-पश्चिम में लिंपियाधुरा की एक धारा से निकलती है. कालापानी, लिंपियाधुरा और लिपुलेख नदी के पूर्व में स्थित हैं और नेपाल का हिस्सा हैं. हिंदुस्तान का जवाब है कि काली नदी दर्रे के काफी नीचे स्थित झरनों से निकलती है, और हालांकि संधि इन झरनों के उत्तर के क्षेत्र का सीमांकन नहीं करती, फिर भी 19वीं सदी के प्रशासनिक और राजस्व रिकॉर्ड बताते हैं कि कालापानी हिंदुस्तान की ओर था. हिंदुस्तान का वर्षों से इस क्षेत्र पर नियंत्रण है और चीन के साथ सीमा दर्रे तक अपना प्रशासन चलाने व सैन्य बल तैनात करने के अलावा हिंदुस्तान ने पहले भी वहां अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है. वर्ष 1954 में तिब्बत के साथ व्यापार और संपर्क पर हिंदुस्तान-चीन समझौते के तहत इस दर्रे को एक व्यापार मार्ग के रूप में औपचारिक रूप दिया गया था. वर्ष 1992 में एक सहमति पत्र के बाद आधिकारिक तौर पर व्यापार फिर से शुरू हुआ, जिससे यह चीन के साथ व्यापार के लिए खोली गयी हिंदुस्तान की पहली सीमा चौकी बन गयी. उसके बाद 1994 में शिपकी ला और 2006 में नाथू ला को भी व्यापार के लिए खोला गया था. वर्ष 2015 के एक बयान में चीन ने लिपुलेख दर्रे के माध्यम से व्यापार बढ़ाने पर सहमति जताकर हिंदुस्तान की संप्रभुता को मान्यता दी थी.हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच वार्ता के दौरान शिपकी ला और नाथू ला के साथ लिपुलेख के माध्यम से व्यापार को फिर से खोलने पर सहमति बनी थी. तब जब नेपाल ने लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को अपना अभिन्न अंग बताया था, तब भी हिंदुस्तान ने कहा था कि काठमांडू के क्षेत्रीय दावे ‘न तो उचित हैं और न ही ऐतिहासिक तथ्यों और सबूतों पर आधारित’. सदियों से कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदुओं, बौद्धों और जैनियों द्वारा पवित्र तीर्थयात्रा है. हर साल हजारों हिंदुस्तानीय तीर्थयात्री इस मार्ग का उपयोग करते हैं और हिंदुस्तान प्रशासन ने परमिट और बुनियादी ढांचे के माध्यम से इसे सुगम बनाया है. उत्तराखंड की स्थानीय वित्तीय स्थिति के लिए, यह तीर्थयात्रा व्यापार के मौसम के दौरान पर्यटन, ट्रैकिंग और सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देती है. भू-नेतृत्वक दृष्टि से लिपुलेख हिंदुस्तान की सीमा सुरक्षा और चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैन्य रसद आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. मुद्रा विवाद ने सीमा निर्धारण से जुड़ी कूटनीतिक वार्ताओं को और जटिल बना दिया है, और इससे सीमांत जिलों में रहने वाले निवासियों को लेन-देन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. यदि हिंदुस्तानीय व्यापारी नये नोट लेने से मना कर दें, तो सीमापार व्यापार प्रभावित हो सकता है. हिंदुस्तान-नेपाल सीमा के व्यापारी नेतृत्वक संवेदनशीलताओं का हवाला देते हुए नयी मुद्रा स्वीकारने में हिचकिचाहट जता चुके हैं. इस विवाद ने हिंदुस्तान-नेपाल के बीच पर्यटन के भविष्य पर चिंता बढ़ा दी है. हाल के वर्षों में दक्षिण एशिया में अराजकतावादी शक्तियां प्रशासनें बदलती रही हैं. नेपाल में, जहां लोकतांत्रिक व्यवस्था हाल के वर्षों में ही आयी है, हिंदुस्तान विरोधी स्वर को कवच बनाकर अपनी विफलता छिपाने का प्रयास नेतृत्वक दलों द्वारा किया जा रहा है. सीमा निर्धारण का प्रश्न अत्यंत संवेदनशील है, जिसे सिर्फ बातचीत के माध्यम से सुलझाया जा सकता है, न कि एकतरफा नीति बनाकर. तेजी से बदलती वैश्विक कूटनीतिक बिसात में, जहां राष्ट्रों के बीच कूटनीतिक धुरी कल्पना से भी कहीं ज्यादा तेजी से बदल रही हैं, हिंदुस्तान और नेपाल को द्विपक्षीय संबंधों को बनाये रखते हुए, व्यापार सहयोग को गहरा करते हुए आपसी हितों को आगे बढ़ाना चाहिए. ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर मनचाहा निर्णय लेना उचित नहीं.(ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post संवदेनशील मुद्दों पर संयम और गंभीरता बरते नेपाल appeared first on Naya Vichar.

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US में बैन हो शहबाज-मुनीर की एंट्री, 44 अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप सरकार से की मांग, खोला पूरा कच्चा चिट्ठा

US Lawmaker letter on Shehbaz Sharif Asim Munir: हिंदुस्तान के ऑपरेशन सिंदूर में पड़ी मार के बाद पाकिस्तान अमेरिका के पास पहुंचा था. जहां उसने लगभग अपने देश को गिरवी रख दिया. बलूचिस्तान में रेयर अर्थ मैटेरियल के लिए अमेरिका को आमंत्रित किया. बलूचिस्तान में ही पासनी बंदरगाह बनाने का ऑफर दे दिया. लेकिन पाकिस्तान में सैन्य बदलाव की आहट के साथ ही अमेरिका के कान खड़े हो गए हैं. आतंकवाद को पाल पोसकर दुनिया भर में फैलाने वाले पाकिस्तान पर अब अमेरिका ने नजर टेढ़ी की है. इसकी शिकायत अमेरिका के 44 सांसदों ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो से की है. उन्होंने आग्रह किया है कि वे वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारियों पर तुरंत प्रतिबंध लगाएँ. उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सैन्य समर्थित प्रशासन और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का नाम लिया है.  बुधवार को अमेरिकी कांग्रेस के 44 सांसदों ने एक द्विदलीय (रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स) पत्र जारी किया. इसमें उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध और संपत्ति जब्त करने की मांग की गई है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में मानवाधिकार स्थिति बिगड़ रही है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दमन की मुहिम तेज होती जा रही है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारी अमेरिकी नागरिकों और निवासियों को धमकाने की योजना बना रहे हैं, विशेषकर उनकी जो पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था की आलोचना करते हैं. इस पत्र के प्रमुख सिग्नेटरी प्रमिला जयपाल, राशीदा तलीब, ग्रेगर कैसर और जेम्स पी. मैकगवर्न हैं. उनका मानना है कि पाकिस्तान में प्रशासन को सेना चला रही है. उन्होंने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के शासन में तानाशाही चल रही है. जनता के अधिकारों का हनन हो रहा है. विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है.  पत्र में क्या लिखा है? पढ़ें पूरा बयान सांसदों ने लिखा- हम यह पत्र पाकिस्तान में सैन्य-समर्थित प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की प्रशासन और सेना प्रमुख असीम मुनीर के अधीन बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दमन (transnational repression) और बिगड़ते मानवाधिकार संकट को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करने के लिए लिख रहे हैं. पिछले कुछ वर्षों में, पाकिस्तान में अधिनायकवादी दुरुपयोगों के खिलाफ बोलने वाले अमेरिकी नागरिकों और निवासियों को धमकियों, डराने-धमकाने और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है. अक्सर यह उत्पीड़न पाकिस्तान में उनके परिवारों तक भी फैल जाता है. इन रणनीतियों में मनमानी हिरासत, जबरदस्ती, और प्रतिशोधात्मक हिंसा शामिल है, जिनका लक्ष्य प्रवासी समुदाय और उनके रिश्तेदार होते हैं. अहमद नूरानी और सलमान अहमद का किया जिक्र उन्होंने कहा कि हम आपसे आग्रह करते हैं कि पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय दमन, व्यापक मानवाधिकार उल्लंघनों और व्यवस्थित दमन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर लक्षित कार्रवाई की जाए. इसमें वीजा प्रतिबंध और संपत्ति फ्रीज करना तुरंत लागू करें. हम पहले भी अन्य देशों में होने वाले अंतरराष्ट्रीय दमन की आलोचना कर चुके हैं और आगे भी करते रहेंगे; इसी सैद्धांतिक रुख को यहाँ भी लागू किया जाना चाहिए. पत्र में वर्जीनिया स्थित खोजी पत्रकार अहमद नूरानी के बारे में जिक्र है, जो सैन्य भ्रष्टाचार पर अपनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं. वे लगातार धमकियों का सामना कर रहे हैं. इस वर्ष की शुरुआत में जब नूरानी ने एक खोजी रिपोर्ट प्रकाशित की, तो इस्लामाबाद में उनके भाइयों को उनके घर से अगवा कर लिया गया, उन्हें पीटा गया और एक महीने से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया. इसी तरह, संगीतकार सलमान अहमद को भी सेना की सीधी धमकियों का सामना करना पड़ा, जिनमें अमेरिका और पाकिस्तान दोनों जगहों पर उनके परिवार को निशाना बनाने वाली धमकियाँ शामिल थीं. उनके बहनोई को अगवा कर लिया गया और बिना किसी आरोप के हिरासत में रखा गया, जब तक कि अमेरिकी विदेश विभाग और एफबीआई ने हस्तक्षेप नहीं किया. विपक्ष और बलूचिस्तान पर उठाई आवाज उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या सिर्फ प्रवासी आलोचकों के उत्पीड़न तक सीमित नहीं है. पत्र में कहा गया-पाकिस्तान में यह अधिनायकवादी प्रणाली लगातार दमन के सहारे चल रही है. विपक्षी नेताओं को बिना आरोप के हिरासत में रखा जाता है, निष्पक्ष मुकदमे नहीं दिए जाते और उन्हें अनिश्चितकालीन न्यायिक हिरासत में रखा जाता है. स्वतंत्र पत्रकारों को परेशान किया जाता है, अगवा किया जाता है या निर्वासन के लिए मजबूर किया जाता है. आम नागरिकों को सोशल मीडिया पोस्ट के लिए गिरफ्तार किया जाता है, जबकि स्त्रीएँ, धार्मिक अल्पसंख्यक और हाशिए पर पड़े समुदाय खासकर बलूचिस्तान में, जहां वे अत्यधिक हिंसा और निगरानी का सामना करते हैं. 2024 का चुनाव लोकतंत्र का पतन सांसदों ने 2024 के चुनाव और स्वतंत्र निगरानी को लोकतांत्रिक पतन का महत्वपूर्ण संकेतक बताया. पत्र में कहा गया है कि 2024 के चुनाव में भारी अनियमितताएँ थीं और जिन्हें पाकिस्तान के नागरिक समाज द्वारा तैयार ‘पट्टन रिपोर्ट’ में विस्तार से दर्ज किया गया. एक ‘कठपुतली’ जैसी नागरिक प्रशासन स्थापित करने के लिए उपयोग किए गए. अमेरिकी विदेश विभाग ने भी इन चिंताओं को दोहराते हुए अनियमितताओं पर सार्वजनिक रूप से चिंता जताई और चुनावी प्रक्रिया की पूरी जांच की मांग की. ये घटनाएँ व्यापक अधिनायकवादी दमन की ओर इशारा करती हैं. इमरान खान की रिहाई की भी की मांग सांसदों के समूह ने नेतृत्वक बंदियों की रिहाई की मांग भी की, जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का नाम प्रमुख है. पत्र के अंत में कहा गया कि हम प्रशासन से आग्रह करते हैं कि व्यवस्थित दमन, अंतर्राष्ट्रीय दमन और न्यायिक स्वतंत्रता को कमजोर करने में शामिल अधिकारियों पर तुरंत वीजा प्रतिबंध और संपत्ति फ्रीज करने जैसे कदम उठाए जाएँ. ऐसा करने से न केवल मानवाधिकारों के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता मजबूत होगी, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और अन्य नेतृत्वक बंदियों की रिहाई की मांग को भी बल मिलेगा, अमेरिकी नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय दमन से सुरक्षा मिलेगी और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा. अमेरिकी कांग्रेस के द्वारा जारी वास्तविक पत्र आप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं.  आसिम मुनीर बने सीडीएफ उनका तर्क है कि उन अधिकारियों पर प्रतिबंध, व्यवस्थित दमन, अंतर्राष्ट्रीय दमन और न्यायपालिका को कमजोर करेगा. इससे अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और मानवाधिकारों को समर्थन मिलेगा. यह पत्र ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान में सैन्य ढांचे में एक बड़ा बदलाव दिख रहा है. पाकिस्तान ने 27वें संविधान संशोधन के तहत एक नया पद सृजित किया है. इससे आर्मी चीफ आसिम मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज बनाया गया है.

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