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December 5, 2025

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Sweet Potato Cutlet Recipe: सर्दियों में बनाएं हल्का, हेल्दी और झटपट तैयार होने वाला शकरकंद कटलेट, स्नैक के लिए परफेक्ट

Sweet Potato Cutlet Recipe: सर्दियों में शकरकंद का स्वाद और भी बढ़ जाता है, और उससे बने स्नैक्स तो हर किसी को पसंद आते हैं. अगर आप भी कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो हल्का, हेल्दी और कम समय में तैयार हो जाए, तो शकरकंद कटलेट एक बेहतरीन ऑप्शन है. यह न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि शरीर को गर्माहट और एनर्जी भी देता है. इसका कुरकुरापन और हल्का मसालेदार स्वाद इसे बच्चों और बड़ों, दोनों का पसंदीदा बना देता है. इस आर्टिकल में जानिए आसान तरीका जिससे आप घर पर मिनटों में टेस्टी शकरकंद कटलेट बना सकते हैं. Sweet Potato Cutlet Recipe शकरकंद कटलेट बनाने के लिए किन किन चीजों की जरुरत होती है? शकरकंद – 4 (मीडियम)अदरक-हरी मिर्च पेस्ट – 1 छोटा चम्मचअरारोट आटा / कुट्टू आटा / सिंघाड़ा आटा / राजगिरा आटा – 2 से 3 बड़े चम्मचचाट मसाला – 1 छोटा चम्मचअमचूर पाउडर – 1/2 छोटा चम्मचनींबू रस – 1 छोटा चम्मचभुना पिसा जीरा – 1 छोटा चम्मचलाल मिर्च पाउडर – 1/2 छोटा चम्मचगरम मसाला – 1/4 छोटा चम्मचसेंधा – स्वादानुसारतेल – 2 से 3 बड़े चम्मच (फ्राई करने के लिए) शकरकंद कटलेट कैसे बनाएं? शकरकंद कटलेट बनाने के लिए सबसे पहले शकरकंद को अच्छी तरह धोकर या तो ओवन में भून लें या पानी और नमक के साथ उबाल लें या फिर प्रेशर कुकर में 3–4 सीटी आने तक पका लें . जब शकरकंद ठंडे हो जाएं तो उनका पानी निकालकर छील लें और उन्हें अच्छी तरह मैश कर लें . अब मैश किए हुए शकरकंद में तेल को छोड़कर बाकी सारी सामग्री डालें और इसे अच्छी तरह मिलाकर थोड़ा सख्त मिश्रण तैयार करें . इस मिश्रण से मीडियम आकार की कटलेट बना लें और तवे पर थोड़ा तेल डालकर इन्हें दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंक लें . आखिर में इन टिक्कियों को धनिया से सजाएं और गरम-गरम चटनी के साथ परोसें . ये भी पढ़ें: Bajra Vadi Recipe: सर्दियों में बनाएं हेल्दी, क्रिस्पी और एनर्जी देने वाली बाजरे की स्वादिष्ट वड़ी ये भी पढ़ें: Cheesy Masala Potatoes Recipe: मिनटों में बनाएं चटपटा, क्रीमी और सुपर टेस्टी चीजी मसाला आलू स्नैक ये भी पढ़ें: Soya Sticks Recipe: घर पर बनाएं क्रिस्पी, हेल्दी और टेस्टी सोया स्टिक्स, परफेक्ट टी-टाइम स्नैक The post Sweet Potato Cutlet Recipe: सर्दियों में बनाएं हल्का, हेल्दी और झटपट तैयार होने वाला शकरकंद कटलेट, स्नैक के लिए परफेक्ट appeared first on Naya Vichar.

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Chhath Film Actor Exclusive: बिहार की मिट्टी से IFFI तक पहुंची भोजपुरी फिल्म, Deepak Singh ने बतायी पर्दे के पीछे की अनकही कहानी

Chhath Film Actor Exclusive: छठ पर्व पर आधारित फिल्म ‘छठ’ के जरिये अभिनेता दीपक सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं.वेव्सओटीटी पर रिलीज होते ही फिल्म ने दर्शकों से गहरा कनेक्ट बनाया. हाल ही में इस फिल्म को गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (आइएफएफआइ) में दिखाया गया. नितिन चंद्रा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में वे मोहित श्रीवास्तव का किरदार निभा रहे हैं. एक पढ़ा-लिखा, भावुक, जिद्दी और परिस्थितियों से जूझता आम बिहारी युवक. दीपक (Actor Deepak Singh) कहते हैं कि यह फिल्म सिर्फ छठ नहीं, परिवार, परंपरा और रिश्तों की कहानी है. सिवान से उठे इस कलाकार ने भोजपुरी से लेकर तमिल तक अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया है. उन्होंने देसवा, आयाम, द सुपर हसबैंड जैसी कई फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं. पेश है हिमांशु देव से बातचीत के प्रमुख अंश.. ये भी पढ़ें: नारियल वेस्ट से रोजाना इतने टन होता है कचरा उत्पादन, अब कोकोपीट व फाइबर में बदलेगी निगम Q. छठ में आपके किरदार मोहित की सबसे बड़ी चुनौती क्या रही? – मेरा किरदार मोहित श्रीवास्तव एक पढ़ा-लिखा इंजीनियर है, जो विदेश से लौटता है लेकिन अपने परिवारिक और भावनात्मक उलझनों में फंस जाता है. वह तेज दिमाग का है, पर गुस्सैल और जिद्दी भी. उसके इसी कॉन्फ्लिक्ट ने किरदार को चुनौतीपूर्ण बनाया, क्योंकि उसे एक साथ भावुक भी रहना था और आक्रोश भी दिखाना था. उसकी इमोशन जर्नी को समझना मेरे लिए सबसे कठिन हिस्सा था. Q. फिल्म (Chhath Film) की शूटिंग बिहार के गांव में हुई, किस चुनौती ने सबसे ज्यादा परेशान किया? – अभिनय तो पहले से तैयार था, पर सबसे बड़ी चुनौती भीषण गर्मी थी. फिल्म हमें छठ से पहले रिलीज करनी थी, इसलिए लगातार 14 दिनों तक सुबह से रात तक शूट करना पड़ा. समस्तीपुर के मिल्की गांव में जून-जुलाई की गर्मी ने शूट को टफ बना दिया, लेकिन टीमवर्क से सब पूरा हुआ. ये भी पढ़ें: सिंदूर नहीं, श्रद्धा जरूरी; Akshara Singh ने क्यों किया अविवाहित रहते छठ व्रत? बताया- मां ने कलछुल से पीटा था जब.. Q. छठ पूजा को फिल्माने के दौरान क्या आपने इस त्योहार के बारे में कुछ नया महसूस किया? – छठ तो हम बचपन से देखते आए हैं. मां, चाची, भाभियां सभी करती रही हैं. नया यह महसूस हुआ कि छठ सिर्फ पूजा नहीं, परिवारों को जोड़ने वाला भाव है. फिल्म की कहानी में छठ एक बैकड्रॉप है, पर असल कहानी है उन रिश्तों की, उन दर्दों की, जो इस त्योहार के समय सामने आते हैं. यही वजह है कि दर्शक इतने जुड़ रहे हैं. Q. ‘छठ’ का आइएफएफआइ (IFFI) में चयन आपकी नजर में कितना बड़ा मायने रखता है? – बहुत बड़ा. मुझे लगा जैसे बिहार की मिट्टी की आवाज अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंच गई. यह फिल्म छठ की धार्मिक भावना से ज्यादा उसकी मानवीय संवेदना को दिखाती है. त्याग, परिवार, संघर्ष. शायद इस वजह से आइएफएफआइ में भोजपुरी को नहीं समझने वाले भी देखने पहुंचे. Q. भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Film) को लेकर आपकी सोच क्या है? अगर बदलाव लाने का मौका मिले तो क्या करेंगे? – भोजपुरी का गलत चित्रण लोगों के जेहन में बैठ गया है. हम लोग ‘देसवा’ से ही इस इमेज को बदलने की कोशिश कर रहे हैं. अगर मौका मिले तो मैं चाहूंगा कि बिहार प्रशासन और बड़े डायरेक्टर्स मिलकर अच्छी भोजपुरी कहानियों को आगे लाएं. बिहार में सब्सिडी की शुरुआत अच्छी है, पर जरूरत है कि जो सिनेमा हमारी भाषा और पहचान को बचा सके उसे प्लैटफॉर्म मिले. ये भी पढ़ें: छठ गीतों में रोजगार, पलायन और बेटी का दर्द! लोकगायिकाओं ने महत्वपूर्ण विषयों को उठाया Q. नीतू चंद्रा और नितिन चंद्रा के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? – नीतू मैम (Neetu Chandra) बेहद सपोर्टिव हैं. वो मुझे छोटे भाई की तरह मानती हैं. वहीं, नितिन सर (Nitin Chandra) के साथ काम करना आसान होता है, क्योंकि उन्हें हर सीन का मूड, लाइटिंग, कैरेक्टर स्केच सब पहले से तैयार रहता है. यही प्रोफेशनलिज्म मुझे भोजपुरी करने को तैयार कर गया. Q. युवा कलाकारों को आप क्या सलाह देना चाहेंगे? – सबसे बड़ी चीज, भाषा और उच्चारण पर मेहनत करें. बिहार के कई टैलेंटेड बच्चों की आवाज, डिक्शन या भाषा की कमजोरी उन्हें पीछे कर देती है. इसके अलावा इतिहास और अपने नायकों के बारे में पढ़ें, क्योंकि वही आपको एक मजबूत आंतरिक आधार देता है. ये भी पढ़ें: Bhojpuri Film Chhath का पटना में ग्रैंड प्रीमियर, Neetu Chandra ने कहा- अश्लीलता के खिलाफ है हमारी कहानी The post Chhath Film Actor Exclusive: बिहार की मिट्टी से IFFI तक पहुंची भोजपुरी फिल्म, Deepak Singh ने बतायी पर्दे के पीछे की अनकही कहानी appeared first on Naya Vichar.

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Tere Ishk Mein Box Office: कृति सेनन ने अपनी ही फिल्म का तोड़ा रिकॉर्ड, शाहिद कपूर की इस मूवी को छोड़ा पीछे, अब नजरें करीना कपूर की फिल्म पर

Tere Ishk Mein Box Office: लेटेस्ट फिल्म ‘तेरे इश्क में’ की चर्चा आज करल बॉक्स ऑफिस पर हो रही है. फिल्म के लीड एक्टर्स धनुष और कृति सेनन है. फिल्म की कहानी में खूब सारे टर्न एंड ट्विस्ट है. आखिरी का आधा घंटा काफी जबरदस्त है. मूवी ने ओनपिंग डे पर डबल डिजिट में कमाई की. उसके बाद कुछ दिनों तक फिल्म का कलेक्शन अच्छा रहा. हालांकि डे 6 से इसकी कमाई में गिरावट आ गई. फिर भी मूवी ने 80 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया. अब इसने कृति सेनन की फिल्म का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. चलिए आपको मूवी का नाम बताते हैं. ‘तेरे इश्क में’ ने तोड़ा ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ का तोड़ा रिकॉर्ड sacnilk की एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘तेरे इश्क में’ ने हिंदुस्तान में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 83.6 करोड़ रुपये का कलेक्शन अभी तक किया है. फिल्म ने करीना कपूर, तब्बू, कृति सेनन स्टारर फिल्म क्रू का रिकॉर्ड तोड़ने के करीब है. फिल्म ने हिंदुस्तान में 89.92 करोड़ रुपए का लाइफटाइम कलेक्शन किया था. इसने फिल्म ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिसका इंडिया में 80.88 करोड़ रुपए का लाइफटाइम कलेक्शन था. फिल्म में शाहिद कपूर और कृति है. ‘तेरे इश्क में’ का बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट कार्ड Tere Ishk Mein Box Office Collection Day 1: 16 करोड़ रुपये Tere Ishk Mein Box Office Collection Day 2: 17 करोड़ रुपये Tere Ishk Mein Box Office Collection Day 3: 19 करोड़ रुपये Tere Ishk Mein Box Office Collection Day 4: 8.75 करोड़ रुपये Tere Ishk Mein Box Office Collection Day 5: 10. 25 करोड़ रुपये Tere Ishk Mein Box Office Collection Day 6: 6.8 करोड़ रुपये Tere Ishk Mein Box Office Collection Day 7: 5.7 करोड़ रुपये Tere Ishk Mein Box Office Collection Day 8: 0.05 करोड़ रुपये टोटल कलेक्शन- 83.6 करोड़ रुपये यह भी पढ़ें– Dhurandhar First Review: सामने आया रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ का फर्स्ट रिव्यू, टिकट बुक करने से पहले जानें पास या फेल, क्रिटिक बोले- क्लाइमेक्स उड़ा देगा होश The post Tere Ishk Mein Box Office: कृति सेनन ने अपनी ही फिल्म का तोड़ा रिकॉर्ड, शाहिद कपूर की इस मूवी को छोड़ा पीछे, अब नजरें करीना कपूर की फिल्म पर appeared first on Naya Vichar.

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How to wake up early: सुबह आंख नहीं खुलती है, अलख पांडे ने बताया जल्दी उठने का आसान तरीका

How to wake up early By Alakh Pandey: चाहे बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले स्टूडेंट हों या फिर यूपीएससी, जेईई की, सभी के लिए सुबह उठना बहुत मुश्किल होता है. कई स्टूडेंट्स देर रात तक पढ़ लेते हैं, लेकिन सुबह नहीं उठ पाते हैं. हालांकि, सुबह जल्दी उठने से पढ़ी हुई चीज जल्दी याद हो जाती है. ऐसे में सुबह के टाइम को रिवीजन के लिए बेस्ट माना जाता है. फिजिक्स वाला (Physics Wallah) के नाम से मशहूर अलख पांडे ने छात्रों को सुबह जल्दी उठने का तरीका बताया है. रात को समय पर सोना जरूरी अलख पांडे स्टूडेंट्स को कहा कि सुबह जल्दी उठना तभी संभव है, जब आप रात में समय से सोएं और नींद अच्छी आई हो. ऐसे में रात में लगभग 10 से 10:30 बजे सो जाएं. हमारे शरीर को पूरी नींद चाहिए, कम-से-कम 8 घंटे की. जल्दी उठने के लिए अपने सोने का टाइम सही करना जरूरी है. मोबाइल से बनाएं दूरी सुबह जल्दी उठना है तो मोबाइल से दूरी बनानी होगी. रात को देर तक फोन स्क्रॉल करने से दूरी बनानी होगी. रात को देर तक फोन स्क्रॉल करने से नींद प्रभावित होती है. अगर आप रात को मोबाइल फोन से दूरी बना लें, तो दिमाग शांत होगा और नींद गहरी आएगी. इससे सुबह उठना भी आसान लगेगा और शरीर हल्का व फ्रेश महसूस करेगा. डिनर समय से करें अलख पांडे पांडे के अनुसार जल्दी उठने के लिए रात का खाना समय पर और हल्का होना चाहिए. बेहतर है कि आप शाम 8 बजे तक डिनर कर लें. देर से या ज्यादा भारी खाना खाने से पाचन धीमा होता है, जिससे नींद भी सही नहीं आती और सुबह उठते समय सुस्ती व आलस महसूस होता है. मसालेदार और तेल वाले खाने से भी बचना चाहिए. वहीं इसके अलावा आप और भी चीजें कर सकते हैं जैसे कि पानी पीकर सोएं और अलार्म को थोड़ी दूरी पर रखें. इससे जब अलार्म बजेगा तो आप उसे बंद करने के लिए बिस्तर से उठेंगे और आपकी नींद टूट जाएगी. वहीं अगर उठने के बाद भी नींद आती है तो आप थोड़ी एक्सरसाइज करके पढ़ने बैठ सकते हैं. यह भी पढ़ें- UPSC की तैयारी, प्रेम और छल पर विकास दिव्यकीर्ति का इंटरव्यू, यहां पढ़ें  The post How to wake up early: सुबह आंख नहीं खुलती है, अलख पांडे ने बताया जल्दी उठने का आसान तरीका appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में सोशल मीडिया हो रहा अनसोशल, छह माह में थाने में दर्ज हुए दुरुपयोग के 584 मामले

मुख्य बातें करीब एक दर्जन मामलों में हुई कार्रवाई क्या कहते हैं अधिकारी Social Media: पटना. बिहार में सोशल मीडिया के दुरुपयोग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इस वर्ष 1 अप्रैल से 11 नवंबर तक पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेल (एसएमसी) के पास 584 मामले जांच के लिए पहुंचे हैं. विधानसभा चुनाव के दौरान भी सोशल मीडिया के दुरुपयोग से जुड़े मामले बड़ी संख्या में सामने आए थे, जिन पर पुलिस ने कार्रवाई की थी. 584 मामलों में आर्थिक अपराध इकाई ने 236 पर कार्रवाई की 191 मामलों में जांच चल रही है. 157 मामले में कार्रवाई जरूरी नहीं समझी गई. हाल में एक मॉर्फ वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें प्रधानमंत्री और एक स्त्री विधायक को लेकर आपत्तिजनक सामग्री थी. हालांकि इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी की जा चुकी है. करीब एक दर्जन मामलों में हुई कार्रवाई आपत्तिजनक पोस्टों में जन भावना को आहत करने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की संभावना वाले मामलों की संख्या अधिक है. हालांकि सोशल मीडिया के आपत्तिजनक पोस्ट पर आईटी एक्ट एवं हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस में एक सोशल मीडिया यूनिट का खासतौर से गठन किया गया है. बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता 6 अक्टूबर को लागू होने के बाद से चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने तक 225 शिकायतें सामने आईं. इनमें 77 एफआईआर दर्ज की गयीं. आईटी एक्ट के अंतर्गत 93 मामले ऐसे हैं, जिन्हें विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को हटाया गया. 126 सोशल मीडिया आईडी को नोटिस भी जारी की गई थी. करीब एक दर्जन मामलों में आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई भी की गई है. क्या कहते हैं अधिकारी इस संबंध में बिहार पुलिस के एडीजी-मुख्यालय कुंदन कृष्णन ने कहा कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालना और इसे शेयर करना या अशोभनीय पोस्ट, स्त्री की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले पोस्ट डालना, शेयर करना गैर-कानूनी है. इनसे भावना आहत होती है और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की आशंका होती है. ये दंडनीय अपराध है. ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कांड दर्ज कर गिरफ्तारी का भी प्रावधान है. यह राज्य प्रशासन एवं बिहार पुलिस का दृढ़ संकल्प है कि इस तरह के आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. Also Read: Bihar News: बिहार में पहली बार एक ही इवीएम से छह पदों का चुनाव, नोटा का नहीं होगा विकल्प The post बिहार में सोशल मीडिया हो रहा अनसोशल, छह माह में थाने में दर्ज हुए दुरुपयोग के 584 मामले appeared first on Naya Vichar.

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Repo Rate: EMI होगी सस्ती! RBI ने घटाई रेपो रेट, घर-गाड़ी के लोन पर मिलेगी राहत

Repo Rate:हिंदुस्तानीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार, 5 दिसंबर 2025 को मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले की घोषणा करते हुए बताया कि रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई है. इसके साथ ही नई रेपो रेट 5.25% हो गई है, जो तुरंत प्रभाव से लागू होगी. RBI का मानना है कि यह कदम कर्ज को सस्ता बनाकर बाजार में मांग बढ़ाएगा और आर्थिक गतिविधियों को गति देगा. रेपो रेट क्या होता है? रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर रिजर्व बैंक देश के बैंकों को कर्ज प्रदान करता है. जब RBI रेपो रेट बढ़ा देता है, तो बैंकों को ऊंची ब्याज दर पर पैसा मिलता है, जिसके कारण वे अपने ग्राहकों को भी महंगे लोन देने लगते हैं. इसके विपरीत, जब रेपो रेट घटता है तो बैंकों को सस्ती दर पर कर्ज मिलता है और वे होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन सहित सभी तरह के लोन की ब्याज दरें कम कर देते हैं. रेपो रेट कम होने पर EMI भी घट जाती है और कर्ज लेना थोड़ा आसान हो जाता है. RBI रेपो रेट कब और क्यों घटाता है? जब वित्तीय स्थिति धीमी होती है, निवेश कम हो जाता है या महंगाई नियंत्रण में रहती है, तब RBI रेपो रेट में कटौती करता है. इसका उद्देश्य बैंकों को सस्ते ब्याज पर लोन उपलब्ध कराना होता है, जिससे बैंक भी ग्राहकों को कम ब्याज पर लोन देना शुरू करते हैं. इसका असर यह होता है कि होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन जैसे कर्ज लेना आसान और सस्ता हो जाता है. लोग अधिक खर्च और निवेश करने लगते हैं, जिससे बाजार में मांग बढ़ती है और वित्तीय स्थिति को गति मिलती है. RBI रेपो रेट कब और क्यों बढ़ाता है? जब महंगाई बढ़ती है और बाजार में जरूरत से ज्यादा नकदी उपलब्ध होती है, तब RBI रेपो रेट बढ़ाता है. इसके कारण बैंकों को RBI से महंगे ब्याज पर पैसा मिलता है और वे ग्राहकों को भी महंगे लोन देना शुरू करते हैं. लोन महंगा होने से लोग कम खर्च और कम उधारी लेते हैं. परिणामस्वरूप बाजार में नकदी का प्रवाह कम हो जाता है और महंगाई पर नियंत्रण पाया जाता है. वित्त वर्ष 2025-26 में MPC की मीटिंग का शेड्यूल मीटिंग क्रमांक तिथि पहली 7-9 अप्रैल 2025 दूसरी 4-6 जून 2025 तीसरी 5-7 अगस्त 2025 चौथी 29 सितंबर – 1 अक्टूबर 2025 पांचवीं 3-5 दिसंबर 2025 छठी 4-6 फरवरी 2026 बिजनेस से जुड़ी समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें The post Repo Rate: EMI होगी सस्ती! RBI ने घटाई रेपो रेट, घर-गाड़ी के लोन पर मिलेगी राहत appeared first on Naya Vichar.

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Lauki Achaar Recipe: धूप की जरूरत नहीं, घर पर ऐसे बनाएं झटपट इंस्टेंट लौकी का अचार

Lauki Achaar Recipe: लौकी का अचार एक हल्का, स्वादिष्ट और जल्दी बनने वाला घरेलू अचार है, जिसे खासतौर पर तब बनाया जाता है जब आपके पास समय कम हो लेकिन खाने के साथ कुछ चटपटा परोसना हो. पारंपरिक अचारों की तरह इसे ज्यादा दिनों तक धूप में रखने या लंबे प्रोसेस से गुजरने की जरूरत नहीं होती. बस कुछ बुनियादी मसाले, थोड़ा सा सरसों का तेल और ताजी लौकी इन सबकी मदद से यह अचार 10–15 मिनट में तैयार होकर खाने के लिए बिल्कुल रेडी हो जाता है. अगर आप झटपट तैयार होने वाला, हेल्दी और स्वाद में लाजवाब अचार ढूंढ रहे हैं, तो इंस्टेंट लौकी का अचार एक परफेक्ट विकल्प है जिसे आप रोजमर्रा के खाने में आसानी से शामिल कर सकते हैं. लौकी की आचार बनाने के लिए कौन-कौन सी चीजों की जरूरत है? लौकी – 2 कप (छोटे टुकड़ों में कटी) सरसों का तेल – 3 चम्मच  राई – 1 चम्मच मेथी दाना – ½ चम्मच सौंफ – 1चम्मच हल्दी – 1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर – 1–2 चम्मच नमक – स्वादानुसार सिरका – 1 चम्मच(वैकल्पिक) हींग – 1 चुटकी लौकी को आचार के लिए कैसे तैयार करें? लौकी को छोटे-छोटे क्यूब्स में काटें, थोड़ा नमक लगाकर 10 मिनट रख दें. इससे इसका एक्स्ट्रा पानी निकल जाएगा. आचार के लिए मसालों को कैसे तैयार करें? मसाले को तैयार करने के लिए सरसों का तेल धुआं आने तक गर्म करें. फिर आंच धीमी करके राई, मेथी दाना और सौंफ डालें. चटक जाने पर हल्दी, लाल मिर्च और हींग डालकर हल्का चलाएं. लौकी में मसालें को कब मिलाएं? जब मसाले भुन जाएं, तब लौकी के टुकड़े डालकर 3–4 मिनट हल्का पकाएं. लौकी ज़्यादा नरम नहीं करनी. क्या आचार में सिरका डालना जरूरी होता है? नहीं, ऐसा जरूरी नहीं लेकिन सिरका डालने से अचार की शेल्फ लाइफ 7–10 दिन तक बढ़ जाती है. इंस्टेंट आचार बनने में कितना समय लगता है? इस अचार को बनने में सिर्फ 10-15 मिनट लगता है.  यह आचार कितने दिन चलता है? इस आचार को फ्रिज में रखने पर 7–10 दिन तक आसानी से चलता है. यह भी पढ़ें: Rice Uttapam Recipe: बचे हुए चावल से बनाएं सॉफ्ट और क्रिस्पी उत्तपम, नाश्ते से लेकर बच्चों की टिफिन के लिए परफेक्ट ऑप्शन यह भी पढ़ें: Carrot Ginger Soup: सर्दियों में आप भी जरूर बनाएं गाजर-अदरक से ये डिलीशियस सूप, गरमा-गरम करें सर्व The post Lauki Achaar Recipe: धूप की जरूरत नहीं, घर पर ऐसे बनाएं झटपट इंस्टेंट लौकी का अचार appeared first on Naya Vichar.

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Sundarkand: सुंदरकांड और हनुमान चालीसा इस विश्वविद्यालय में अनिवार्य, मिलेगा अध्यात्मिक लाभ

Sundarkand: मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ ही यहां का पाठ्यक्रम भी खास बनाया गया है. अब विद्यार्थी नियमित पढ़ाई के साथ सुंदरकांड और श्री हनुमान चालीसा भी पढ़ेंगे. विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक समझ भी जरूरी है. प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के बाद इन ग्रंथों को शामिल करने का निर्णय और भी अहम माना जा रहा है. कुलपति का संदेश—जहां राम, वहां हनुमान का स्मरण कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह बताते हैं कि गोस्वामी तुलसीदास की रचनाएं पहले से ही पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं. अब सुंदरकांड और हनुमान चालीसा को इसलिए जोड़ा गया है क्योंकि इनमें हनुमानजी के समर्पण, शक्ति और आदर्श चरित्र का विस्तार से वर्णन मिलता है. 15 मार्च 2024 को विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया था और तभी से लक्ष्य एक ऐसा संस्थान बनाना था जहां ज्ञान के साथ संस्कार भी जुड़े हों. स्थानीय भाषा और साहित्य को बढ़ावा अवध क्षेत्र की समृद्ध अवधी भाषा को आगे बढ़ाने के लिए पीजी के हिंदी पाठ्यक्रम में अवधी साहित्य को खास महत्व दिया गया है. कुलपति का कहना है कि विश्वविद्यालय स्थानीय रचनाकारों के योगदान को सामने लाकर उन्हें सम्मान दिलाने की कोशिश कर रहा है. यहां का उद्देश्य सिर्फ डिग्री देना नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना भी है. हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) ॥ दोहा॥ श्रीगुरु चरन सरोज रजनिज मनु मुकुरु सुधारि .बरनउं रघुबर बिमल जसुजो दायकु फल चारि ॥ बुद्धिहीन तनु जानिकेसुमिरौं पवन-कुमार .बल बुधि बिद्या देहु मोहिंहरहु कलेस बिकार ॥ ॥ चौपाई ॥ जय हनुमान ज्ञान गुन सागर .जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥ राम दूत अतुलित बल धामा .अंजनि पुत्र पवनसुत नामा ॥ महाबीर बिक्रम बजरंगी .कुमति निवार सुमति के संगी ॥ कंचन बरन बिराज सुबेसा .कानन कुण्डल कुँचित केसा ॥४ हाथ बज्र अरु ध्वजा बिराजै .काँधे मूँज जनेउ साजै ॥ शंकर स्वयं/सुवन केसरी नंदन .तेज प्रताप महा जगवंदन ॥ बिद्यावान गुनी अति चातुर .राम काज करिबे को आतुर ॥ प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया .राम लखन सीता मन बसिया ॥८ सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा .बिकट रूप धरि लंक जरावा ॥ भीम रूप धरि असुर सँहारे .रामचन्द्र के काज सँवारे ॥ लाय सजीवन लखन जियाए .श्री रघुबीर हरषि उर लाये ॥ रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई .तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई ॥१२ सहस बदन तुम्हरो जस गावैं .अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं ॥ सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा .नारद सारद सहित अहीसा ॥ जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते .कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते ॥ तुम उपकार सुग्रीवहिं कीह्ना .राम मिलाय राज पद दीह्ना ॥१६ तुम्हरो मंत्र बिभीषण माना .लंकेश्वर भए सब जग जाना ॥ जुग सहस्त्र जोजन पर भानु .लील्यो ताहि मधुर फल जानू ॥ प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं .जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं ॥ दुर्गम काज जगत के जेते .सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ॥२० राम दुआरे तुम रखवारे .होत न आज्ञा बिनु पैसारे ॥ सब सुख लहै तुम्हारी सरना .तुम रक्षक काहू को डरना ॥ आपन तेज सम्हारो आपै .तीनों लोक हाँक तै काँपै ॥ भूत पिशाच निकट नहिं आवै .महावीर जब नाम सुनावै ॥२४ नासै रोग हरै सब पीरा .जपत निरंतर हनुमत बीरा ॥ संकट तै हनुमान छुडावै .मन क्रम बचन ध्यान जो लावै ॥ सब पर राम तपस्वी राजा .तिनके काज सकल तुम साजा ॥ और मनोरथ जो कोई लावै .सोई अमित जीवन फल पावै ॥२८ चारों जुग परताप तुम्हारा .है परसिद्ध जगत उजियारा ॥ साधु सन्त के तुम रखवारे .असुर निकंदन राम दुलारे ॥ अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता .अस बर दीन जानकी माता ॥ राम रसायन तुम्हरे पासा .सदा रहो रघुपति के दासा ॥३२ तुम्हरे भजन राम को पावै .जनम जनम के दुख बिसरावै ॥ अंतकाल रघुवरपुर जाई .जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई ॥ और देवता चित्त ना धरई .हनुमत सेइ सर्ब सुख करई ॥ संकट कटै मिटै सब पीरा .जो सुमिरै हनुमत बलबीरा ॥३६ जै जै जै हनुमान गोसाईं .कृपा करहु गुरुदेव की नाईं ॥ जो सत बार पाठ कर कोई .छूटहि बंदि महा सुख होई ॥ जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा .होय सिद्धि साखी गौरीसा ॥ तुलसीदास सदा हरि चेरा .कीजै नाथ हृदय मह डेरा ॥४० ॥ दोहा ॥ पवन तनय संकट हरन,मंगल मूरति रूप .राम लखन सीता सहित,हृदय बसहु सुर भूप ॥ सुंदरकांड पाठ ॥ श्लोक ॥ शान्तं शाश्वतमप्रमेयमनघं निर्वाणशान्तिप्रदं,ब्रह्माशम्भुफणीन्द्रसेव्यमनिशं वेदान्तवेद्यं विभुम्‌. रामाख्यं जगदीश्वरं सुरगुरुं मायामनुष्यं हरिं,वन्देऽहं करुणाकरं रघुवरं भूपालचूडामणिम्‌॥१॥नान्या स्पृहा रघुपते हृदयेऽस्मदीये,सत्यं वदामि च भवानखिलान्तरात्मा.भक्तिं प्रयच्छ रघुपुंगव निर्भरां मे,कामादिदोषरहितं कुरु मानसं च॥२॥अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं,दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्‌.सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं,रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥३॥ ॥ चौपाई ॥ जामवंत के बचन सुहाए.सुनि हनुमंत हृदय अति भाए॥तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह भाई.सहि दुख कंद मूल फल खाई॥जब लगि आवौं सीतहि देखी.होइहि काजु मोहि हरष बिसेषी॥यह कहि नाइ सबन्हि कहुं माथा.चलेउ हरषि हियँ धरि रघुनाथा॥सिंधु तीर एक भूधर सुंदर.कौतुक कूदि चढ़ेउ ता ऊपर॥बार-बार रघुबीर संभारी.तरकेउ पवनतनय बल भारी॥जेहिं गिरि चरन देइ हनुमंता.चलेउ सो गा पाताल तुरंता॥जिमि अमोघ रघुपति कर बाना.एही भाँति चलेउ हनुमाना॥जलनिधि रघुपति दूत बिचारी.तैं मैनाक होहि श्रम हारी॥श्री राम चरित मानस-सुन्दरकाण्ड (दोहा 1 – दोहा 6) ॥ दोहा 1 ॥ हनूमान तेहि परसा कर पुनि कीन्ह प्रनाम,राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम. ॥ चौपाई ॥ जात पवनसुत देवन्ह देखा.जानैं कहुँ बल बुद्धि बिसेषा॥सुरसा नाम अहिन्ह कै माता.पठइन्हि आइ कही तेहिं बाता॥आजु सुरन्ह मोहि दीन्ह अहारा.सुनत बचन कह पवनकुमारा॥राम काजु करि फिरि मैं आवौं.सीता कइ सुधि प्रभुहि सुनावौं॥तब तव बदन पैठिहउं आई.सत्य कहउँ मोहि जान दे माई॥कवनेहुं जतन देइ नहिं जाना.ग्रससि न मोहि कहेउ हनुमाना॥जोजन भरि तेहिं बदनु पसारा.कपि तनु कीन्ह दुगुन बिस्तारा॥सोरह जोजन मुख तेहिं ठयऊ.तुरत पवनसुत बत्तिस भयऊ॥जस जस सुरसा बदनु बढ़ावा.तासु दून कपि रूप देखावा॥सत जोजन तेहिं आनन कीन्हा.अति लघु रूप पवनसुत लीन्हा॥बदन पइठि पुनि बाहेर आवा.मागा बिदा ताहि सिरु नावा॥मोहि सुरन्ह जेहि लागि पठावा.बुधि बल मरमु तोर मैं पावा॥ ॥ दोहा 2 ॥ राम काजु सबु करिहहु तुम्ह बल बुद्धि निधान,आसिष देइ गई सो हरषि चलेउ हनुमान. ॥ चौपाई ॥ निसिचरि एक सिंधु महुं रहई.करि माया नभु के खग गहई॥जीव जंतु जे गगन उड़ाहीं.जल बिलोकि तिन्ह कै परिछाहीं॥गहइ छाहं सक सो न उड़ाई.एहि बिधि सदा गगनचर खाई॥सोइ छल हनूमान कहं कीन्हा.तासु कपटु कपि तुरतहिं चीन्हा॥ताहि मारि मारुतसुत बीरा.बारिधि पार गयउ मतिधीरा॥तहां जाइ देखी बन सोभा.गुंजत चंचरीक मधु लोभा॥नाना तरु फल फूल सुहाए.खग मृग बृंद देखि मन भाए॥सैल बिसाल देखि एक आगें.ता पर धाइ चढ़ेउ भय

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Paush Month 2025: पौष मास का ‘पितृपक्ष’ से क्या है संबंध, जानें पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए क्या करें

Paush Month 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार पौष का महीना साल का दसवां महीना होता है. इस महीने को छोटा पितृपक्ष के नाम से भी जाना जाता है. इस महीने में मृत पूर्वजों के लिए श्राद्ध, तर्पण और दान किया जाता है. कहा जाता है कि इससे पूर्वज प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते हैं. माना जाता है कि छोटे पितृपक्ष के समय किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए. यही कारण है कि इस अवधि में विवाह, नामकरण और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते. ‘छोटा पितृपक्ष’ के दौरान पितरों को प्रसन्न करने के लिए क्या करें? 1. दान–पुण्य इस समय दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना गया है. कहा जाता है कि ऐसा करने से घर में शांति बनी रहती है और पितृ प्रसन्न होते हैं. 2. दीपक जलाना छोटे पितृपक्ष के दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना चाहिए. दीपक जलाने के लिए मिट्टी के दीये, तिल के तेल और रूई की बाती का उपयोग करें. इसके बाद पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें. 3. ब्राह्मण भोजन छोटे पितृपक्ष के दौरान ब्राह्मणों को भोजन कराना अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. कहा जाता है कि बिना ब्राह्मणों को भोजन कराए, पूर्वजों के लिए किया गया तर्पण और श्राद्ध अधूरा माना जाता है. 4. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान इस अवधि में सुबह जल्दी उठकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना शुभ माना गया है. यह भी पढ़ें: Paush Month 2025: कल से पौष माह का आरंभ, जानें इस महीने का धार्मिक महत्व यह भी पढ़ें: Paush Month 2025: आज से पौष माह प्रारंभ, जानें इस माह कैसे करें सूर्य की पूजा यह भी पढ़ें: Paush Month 2025: आज से शुरू हुआ पौष का महीना, जानें सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए क्या करें Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post Paush Month 2025: पौष मास का ‘पितृपक्ष’ से क्या है संबंध, जानें पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए क्या करें appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में होगा 13 हजार करोड़ का निवेश, बिहार सरकार दो कंपनियों से करेगी एमओयू

खास बातें इन कंपनियों से होगा करार नेट ज़ीरो लक्ष्य पाने में मददगार बनेगा बिहार क्या है पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट Bihar News: पटना. बिहार प्रशासन ने पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दो निजी कंपनियों, ग्रीनको एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड और सन पेट्रो केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया है. दोनों कंपनियों के साथ जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर किए जायेंगे. प्रशासन का अनुमान है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में लगभग तेरह हजार करोड़ रुपये का निजी निवेश आयेगा. इसके साथ ही आठ हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा और युवाओं के लिए कौशल विकास के नये अवसर भी खुलेंगे. इन कंपनियों से होगा करार ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि इन परियोजनाओं की खासियत यह है कि ये किसी नदी पर निर्भर नहीं होतीं. इसलिए पर्यावरण को कम नुकसान होता है और जमीन तथा आसपास के इलाकों पर दबाव भी सीमित रहता है. राज्य की पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट प्रोमोशन नीति- 2025 के तहत बिहार राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को इन परियोजनाओं के संचालन, निगरानी और विकास के लिए नोडल संस्था बनाया गया है. निगम ने पूरे राज्य में उपयुक्त स्थानों की पहचान कर पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के लिए रुचि प्रस्ताव जारी किया था. जिन प्रस्तावों का चयन हुआ है, उनमें ग्रीनको की 7308 मेगावाट प्रति घंटा और सन पेट्रो केमिकल्स की 6973 मेगावॉट प्रति घंटा क्षमता वाली परियोजनाएं शामिल हैं. नेट ज़ीरो लक्ष्य पाने में मददगार बनेगा बिहार ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि यह नीति बिहार को देश के नेट ज़ीरो लक्ष्य में एक सक्रिय भागीदार बनायेगी. उनका कहना है कि पंप्ड स्टोरेज तकनीक स्वच्छ, विश्वसनीय और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत करेगी और आने वाले वर्षों में बिहार की बिजली प्रणाली को अधिक सुरक्षित और सक्षम बनाएगी. क्या है पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट जब राज्य में बिजली की जरूरत से अधिक उत्पादन होता है, तो उसी अतिरिक्त बिजली का उपयोग करके पानी को ऊपर बने जलाशय में चढ़ाया जाता है. जब बिजली की मांग बढ़ती है, तो उसी पानी को ऊपर से नीचे छोड़ा जाता है, जिससे टरबाइन घूमती है और बिजली का उत्पादन होता है. इस तरह पानी बिजली को संग्रहित करने का माध्यम बन जाता है. यही कारण है कि इसे पानी के रूप में बिजली जमा करने वाली बड़ी बैटरी भी कहा जाता है. Bihar News: समस्तीपुर में बनी अगरबत्ती से सुगंधित होगा ओमान, मिथिला मखान के निर्यात पर भी चर्चा The post Bihar News: स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में होगा 13 हजार करोड़ का निवेश, बिहार प्रशासन दो कंपनियों से करेगी एमओयू appeared first on Naya Vichar.

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