Hot News

December 29, 2025

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मैं धर्मनिरेपेक्ष हूं, बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा बयान, कहा- SIR के बहाने लोगों को किया जा रहा परेशान

Table of Contents मुझ पर लगाते हैं तुष्टिकरण की नेतृत्व का आरोप – ममता बनर्जी Mamata Banerjee News: एसआईआर की वजह से 50 लोगों की हो गयी मौत Mamata Banerjee News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अगले साल बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा बयान दिया है. तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा है कि वह सभी धर्मों के कार्यक्रमों में शामिल होतीं हैं. वह गुरुद्वारा जाती हैं, तो कोई सवाल नहीं उठता, लेकिन अगर वह ईद के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाती हैं, तो कुछ लोगों को आपत्ति होती है. मुझ पर लगाते हैं तुष्टिकरण की नेतृत्व का आरोप – ममता बनर्जी ममता बनर्जी ने पहली बार कहा कि लोग उन पर तुष्टिकरण की नेतृत्व करने का गलत आरोप लगाते हैं. ये आरोप गलत हैं. निराधार हैं. वह सही मायने में धर्मनिरपेक्ष हैं. ममता बनर्जी ने बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य में कराये जा रहे एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के मुद्दे पर केंद्र प्रशासन पर हमला बोला. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Mamata Banerjee News: एसआईआर की वजह से 50 लोगों की हो गयी मौत ममता बनर्जी ने कहा कि एसआईआर करवाकर लोगों को बेवजह परेशान किया जा रहा है. एसआईआर प्रक्रिया के दौरान एक महीने में 50 से अधिक लोगों की जान चली गयी. उन्होंने कहा कि केंद्र प्रशासन के इशारे पर इलेक्शन कमीशन (ईसीआई) लोगों को जान-बूझकर परेशान कर रहा है. इसे भी पढ़ें तृणमूल विधायक ने बाधित की SIR की सुनवाई, इलेक्शन कमीशन ने कहा- BLA को दूर रखें अमित शाह के बंगाल दौरे से पहले एसआईआर पर सिब्बल का तंज, कहा- 33 बीएलओ की मौत ठीक है? कुल्टी में गरजे मिथुन : ये बंगाल हमारा है, इसे बांग्लादेश नहीं बनने देंगे, भाजपा एकमात्र हिंदुओं की रक्षक पार्टी ठाकुरनगर में केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर और तृणमूल सांसद ममता बाला ठाकुर के समर्थकों में झड़प, बैनर फाड़े गये The post मैं धर्मनिरेपेक्ष हूं, बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा बयान, कहा- SIR के बहाने लोगों को किया जा रहा परेशान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पाकिस्तान में 5000 साल पुरानी हिंदू-बौद्ध धरोहर संकट में, तोड़फोड़ और अवैध कब्जों का खतरा

Hindu Buddhist Heritage Pakistan: पाकिस्तान में हजारों साल पुराने हिंदू और बौद्ध धर्म से जुड़े कई स्थल अब गंभीर खतरों का सामना कर रहे हैं. ये स्थल लगभग 5,000 साल पुराने हैं और दक्षिण एशिया की साझा सभ्यता की महत्वपूर्ण निशानियां हैं. लेकिन तोड़फोड़, उपेक्षा और अवैध कब्जों की वजह से इनकी सुरक्षा खतरे में है. यह जानकारी स्थानीय एक्टिविस्ट्स, विशेषज्ञों और खुफिया रिपोर्ट्स के हवाले से दी है. Hindu Buddhist Heritage Pakistan in Hindi: खतरे वाले इलाके सीएनएन-न्यूज18 के अनुसार, विशेषज्ञ और एक्टिविस्ट्स का कहना है कि पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर, गिलगित-बल्तिस्तान, चिलास, हुनजा, शतियल, खैबर पख्तूनख्वा और बलोचिस्तान के कुछ हिस्सों में प्राचीन मंदिर, शिलालेख और पाषाण चित्र मौजूद हैं. शोधकर्ताओं का अनुमान है कि सिर्फ चिलास-हुनजा-शतियल बेल्ट में ही 25,000 से ज्यादा शिलालेख और चित्र हैं, जिनकी तिथियां 5000 ईसा पूर्व से लेकर 16वीं सदी तक की हैं. सूत्रों के अनुसार, कट्टरपंथी समूह जानबूझकर हिंदू और बौद्ध चित्रों को निशाना बना रहे हैं. इन चित्रों को स्थायी रंग से रगड़ा गया या खरोंच कर नुकसान पहुंचाया गया है. कुछ मामलों में स्थानीय प्रशासन भी आलोचना के घेरे में है, क्योंकि उन्होंने आधिकारिक नोटिस सीधे प्राचीन शिलालेखों पर लिख दिए, जिसे विशेषज्ञ ‘धरोहर की अवमानना’ मानते हैं. (Hindu Buddhist Heritage Pakistan Endangered in Hindi) चिलास का विशेष खतरा खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चिलास क्षेत्र में कट्टरपंथी इस्लामी समूह सक्रिय हैं. इससे आसपास के पुरातात्विक और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई जा रही है. एक्टिविस्ट्स का यह भी आरोप है कि कई हिंदू और बौद्ध स्थल अवैध कब्जे में हैं, लेकिन उन्हें बचाने या सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं. UNESCO और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में काम करने वाले समूहों का कहना है कि पाकिस्तान ने UNESCO और अन्य अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की है. वे चेतावनी देते हैं कि अगर निष्क्रियता जारी रही तो दक्षिण एशिया की साझा सभ्यता की अमूल्य धरोहर स्थायी रूप से नष्ट हो सकती है. विशेषज्ञ और एक्टिविस्ट्स की मांग है कि इन स्थलों को मजबूत कानूनी सुरक्षा दी जाए, सुरक्षा उपाय बढ़ाए जाएं और अंतरराष्ट्रीय निगरानी की जाए. तभी इन ऐतिहासिक और प्राचीन स्थलों को और नुकसान पहुंचने से बचाया जा सकेगा. ये भी पढ़ें: पाकिस्तान ने अपने ही दोस्त पर चलाया छुरा, मुनीर का अल जजीरा के खिलाफ मीडिया हमला, रिश्तों में आई खटास! मुनीर दोषी करार! हक्कानी ने मिलाया ‘मौलाना डीजल’ के सुर में सुर, क्या अब काबुल-इस्लामाबाद में तल्खी होगी कम? The post पाकिस्तान में 5000 साल पुरानी हिंदू-बौद्ध धरोहर संकट में, तोड़फोड़ और अवैध कब्जों का खतरा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

दुनिया के इन देशों से देख सकेंगे रेयर एस्ट्रोनॉमिकल इवेंट्स, इन टॉप डेस्टिनेशन्स को ट्रैवल लिस्ट में करें शामिल

Astronomical Events For Travel In 2026: पिछले कुछ सालों में लोगों का झुकाव हिल स्टेशन, पहाड़, समंदर और डेजर्ट देखने की बजाय एस्ट्रो टूरिज्म की ओर तेजी से बढ़ता जा रहा है. कई लोग इस शब्द से बिल्कुल अनजान भी होंगे तो कुछ का यह फेवरेट ट्रैवल डेस्टिनेशन होगा. ऐसे में आइए जानते हैं एस्ट्रो टूरिज्म क्या है और आने वाले साल के लिए अगर कोई ऐस्ट्रो ट्रिप प्लान करना चाहते हैं तो दुनिया भर की यह बेहतरीन जगहों पर जा सकते हैं. क्या है एस्ट्रो टूरिज्म? (Astro Tourism) एस्ट्रो टूरिज्म यानी तारों, ग्रहों और चांद को निहारने का एक अनोखा अनुभव. आपने नॉर्दन लाइट्स के बारे में जरूर सुना होगा और बॉलीवुड सेलिब्रिटीज से इस बारे में चर्चा करते हुए कई वीडियो भी देखे होंगे. इसी तरह धीरे-धीरे युवाओं में भी एस्ट्रो टूरिज्म में रूची बढ़ती जा रही है. सालों पहले जब सुनिता विलियम्स अंतरिक्ष यात्रा करके वापिस धरती पर लौटी थीं तब भी दुनिया भर में इसकी चर्चाएं तेज हो गई थी. यही वजह है कि बढ़ते समय के साथ आम लोगों का भी तारों और ग्रहों की दुनिया को नजदीक से जानने का क्रेज बढ़ गया है और वो एस्ट्रो टूरिज्म की ओर आकर्षित होते जा रहे हैं.  ऐसे में अगर आप साल 2026 में एस्ट्रो ट्रिप का प्लान बना रहे हैं तो आज हम आपके लिए कुछ ऐसे प्राइम लोकेशन्स लेकर आए हैं जहां से आप दुनिया की सबसे खूबसूरत एस्ट्रोनोमिकल घटनाओं को करीब से देख सकते हैं. आर्टेमिस II लॉन्च – 5 फरवरी 2026 फरवरी 2026 में नासा (NASA) अपने आर्टेमिस II मिशन के तहत इंसानों को चांद पर भेजने जा रहा है. यहां कोई तारा या ग्रह नहीं है लेकिन यह मिशन को देखना किसी बड़े एस्ट्रोनोमिकल इवेंट से कम भी नहीं है. इसे देखने के लिए आपको फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर जाना होगा जहां से आप सामने से यह रॉकेट मिशन लॉन्च देख सकते हैं. हालांकि इस स्पेस मिशन की तारीख बदल सकती है तो आप फ्लोरिडा में जाकर कुछ दिन जरूर रूकें. इस स्पेस सेंटर से रॉकेट लॉन्च देखना बहुत ही रोमांचक होता है जो किसी बड़े त्योहार जैसा लगता है. सूर्य ग्रहण – 17 फरवरी 2026  17 फरवरी को होने वाले इस सूर्य ग्रहण में सूरज पूरी तरह ढकेगा नहीं बल्कि चांद की सतह पर पड़ रही रोशनी से चारों तरफ से आग जैसी चमकदार रोशनी दिखेगी. इस सूर्य ग्रहण को आप सामने से देखना चाहते हैं तो आप अंटार्कटिका से देख सकते हैं. इस ग्रहण को देखने के लिए आप क्रूज यात्राएं कर सकते हैं. हालांकि अगर आप और भी अच्छे से इसका मजा लेना चाहते हैं तो आप खुद का एक जहाज भी किराए पर ले सकते हैं लेकिन यह आपको बहुत महंगा पड़ेगा. पूर्ण चंद्र ग्रहण – 3 मार्च 2026 3 मार्च 2026 को पूर्ण चंद्र ग्रहण होने वाला है जिसे विज्ञान की भाषा में ब्लड मून भी कहा जाता है. इस ग्रहण में पृथ्वी सूरज और चांद के बीच में आती है जिससे इसकी छाया चांद की सतह पर पड़ती है और तांबे जैसे लाल रंग का बना देती है. उत्तरी अमेरिका, पूर्वी एशिया और ऑस्ट्रेलिया के कई हिस्से से आप चंद्र ग्रहण देख सकते हैं. इसे देखने के लिए किसी डिवाइस की जरूरत नहीं होती है लेकिन फिर भी आप टेलीस्कोप या दूरबीन से आप चांद की सतह की बारिकियों को देख सकते हैं.  नॉर्दर्न लाइट्स – मार्च 20 (Northern Lights) स्प्रिंग इक्वीनॉक्स के आसपास जियोमैग्नेटिक स्थितियां अक्सर ऑरोरा एक्टिविटी को बढ़ा देती हैं. इस समय नॉर्दर्न लाइट्स को देखने का सबसे बेहतरीन समय होता है जिसका अनुभव लेने के लिए आप आइसलैंड, नॉर्दर्न नॉर्वे, अलास्का या फिर नॉर्दन कनाडा जा सकते हैं. हालांकि जरूरी नहीं है कि आपको इसी तारीख पर ये लाइट्स दिखे, इसके लिए आपको थोड़े दिनों का इंतजार भी करना पड़ेगा. सूर्य ग्रहण – 12 अगस्त 2026 (Lunar Eclipse Astronimical Events) यह साल का सबसे बड़ा इवेंट है. एक पूर्ण सूर्य ग्रहण में जब चांद पूरी तरह से सूरज को ढक लेता है. यह ग्रीनलैंड, आइसलैंड और उत्तरी स्पेन में दिखाई देगा जिससे दिन में ही अंधेरा छा जाएगा. अगर आप इसे सामने से एक्सपिरिएंस करना चाहते हैं तो स्पेन जाकर देख सकते हैं. ग्रीनलैंड में एक्सपेडिशन क्रूज के जरिए इसे देखना सबसे अच्छा होता है. साथ ही मेडिटेरेनियन सी और बे बॉफ बिस्के से भी इस भव्य नजारे का मजा ले सकते हैं. पर्सीड उल्का बौछार – 12-13 अगस्त 2026  पर्सीड गर्मीयों का एक शानदार आकाशीय शो है जिसमें हर घंटे दर्जनों चमकीले तेजी से चलने वाले उल्कापिंड रात के आसमान में चमकते हैं. इस साल होने वाले उल्का बौछार ठीम अमावस्या के समय में अपने चरम पर होगी मतलब चांद बिल्कुल न के बराबर दिखेगा और उसकी रोशनी कोई रूकावट नहीं बनेगी. इसका मतलब है कि आसमान बिल्कुल साफ रहेगा और टूटते तारों का नजारा खुलकर देख सकेंगे. इसे देखने के लिए आप नॉर्दर्न हेमीस्फेयर में मौजूद डार्क स्काई डेस्टिनेशन से देख सकते हैं. इसकी खासियत है इस उल्कापिंड की बारिश को आप खुली आंखों से बिना किसी इक्वीपमेंट के देख सकते हैं. जेमिनिड उल्का वर्षा 13 -14 दिसंबर 2026 (Geminid Meteor Shower) जेमिनिड उल्का वर्षा अक्सर साल के अंत में होता है जिसे सबसे शानदार उल्का बौछार माना जाता है. इसमें हर घंटे कई चमकीली और रंग-बिरंगी उल्काएं आसमान में दौड़ती नजर आती हैं. इसे देखने के लिए आप नॉर्दर्न हेमीस्फीयर सबसे बढ़िया रहता है, लेकिन साउदर्न हेमीस्फीयर से भी इसका मजा लिया जा सकता है. इस बात का खास ध्यान रखें कि यहां बहुत ठंड होती है तो आप अपने साथ ढेर सारी गर्म कपड़े लेकर जाए जिससे आप अपने ट्रिप को अच्छी तरह एंजॉय कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: मुस्लिम मुल्कों के झंडे में चांद-सितारा कहां से आए? क्या इस्लाम से इनका कोई ताल्लुक है? यह भी पढ़ें: यूरोप के इस देश में अब जिंदा केकड़े को उबलाकर खाना होगा बंद, प्रशासन ने दिया बड़ा आदेश, जानवरों के खिलाफ क्रूरता होगी खत्म यह भी पढ़ें: हीरा या सोना नहीं, यह है दुनिया की सबसे महंगी चीज, कीमत जान उड़ जाएंगे होश!   The post दुनिया के इन देशों से देख सकेंगे रेयर एस्ट्रोनॉमिकल इवेंट्स, इन टॉप डेस्टिनेशन्स को ट्रैवल

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रक्सौल एयरपोर्ट पर आया सबसे बड़ा अपडेट, जमीन अधिग्रहण लास्ट फेज में, अंतिम नोटिस जारी

Raxaul Airport: केंद्र और राज्य प्रशासन की रजामंदी के बाद रक्सौल एयरपोर्ट को संचालित करने को लेकर सभी तरह के आवश्यक तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा करने का काम किया जा रहा है. हिंदुस्तानीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airports Authority of India) ने रक्सौल एयरपोर्ट को चालू करने के लिए राज्य प्रशासन से बिना शर्त अतिरिक्त 121 एकड़ जमीन की डिमांड की थी. जिसके लिए राज्य कैबिनेट ने अनुमति मिलने के बाद जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई थी और दिसंबर के अंतिम सप्ताह में अधिग्रहण को लेकर सभी तरह की कागजी कार्य को पूरा कर लिए जाने की संभावना है. जिसके बाद रैयतों को उनके जमीन का भुगतान किया जाएगा. क्या है योजना जमीन के अधिग्रहण का कार्य पूरा हो जाने के बाद राज्य प्रशासन रक्सौल एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित की गई जमीन को हिंदुस्तानीय विमानपत्तन प्राधिकरण को सौंपेगी. इसके बाद, रक्सौल एयरपोर्ट के विकास काम हिंदुस्तानीय विमानपत्तन प्राधिकरण के द्वारा कराया जाएगा. रक्सौल से 8 सीटर विमान के परिचालन को लेकर बैंगलोर की कंपनी स्प्रिट एयर को लेटर ऑफ इंटेंट पहले ही जारी किया जा चुका है. रक्सौल से दो रूटों पटना के समीप बिहटा और यूपी के बनारस के बीच 8 सीटर विमान उड़ाने को लेकर लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है. हालांकि, बाद में रक्सौल एयरपोर्ट के रनवे का विस्तार आदि का काम होने के बाद यहां से एटीआर-72 जैसे विमानों को उड़ाने की भी योजना है. ए-320 जैसे विमानों के परिचालन को लेकर अभी तैयारी नहीं देखी जा रही है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें प्रक्रिया लास्ट फेज में भविष्य में रक्सौल एयरपोर्ट का दायरा बढ़ेगा. नेपाल की सीमा से सटा होने के कारण रक्सौल से उड़ने वाले विमानों से नेपाली नागरिकों को भी लाभ मिलेगा. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तुरंत हिंदुस्तानीय विमानपत्तन प्राधिकरण के द्वारा यहां एयरपोर्ट को चालू करने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा. फिलहाल स्थिति यह है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और रैयतों को अंतिम नोटिस दिया जा चुका है. इसे भी पढ़ें: बिहार में कोहरा और ठंड का डबल अटैक, सभी 38 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, एडवाइजरी जारी The post रक्सौल एयरपोर्ट पर आया सबसे बड़ा अपडेट, जमीन अधिग्रहण लास्ट फेज में, अंतिम नोटिस जारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

भारत में बढ़ रही लोगों की कमाई मगर घट गया रिटायरमेंट प्लान! पीजीआईएम की रिपोर्ट में खुलासा

Report: पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड ने सोमवार 29 दिसंबर 2025 को अपनी रिटायरमेंट रेडीनेस रिसर्च रिपोर्ट 2025 का तीसरा एडिशन जारी किया. यह रिपोर्ट हिंदुस्तानीय परिवारों की बदलती सोच, उम्मीदों, चिंताओं और महत्वाकांक्षाओं को सामने लाती है. ऐसे समय में, जब देश में आय का स्तर बढ़ रहा है और व्यक्तिगत पहचान को नए सिरे से परिभाषित किया जा रहा है, तब यह स्टडी एक चौंकाने वाला विरोधाभास दिखाती है. रिटायरमेंट पहली बार हिंदुस्तान की नंबर-1 फाइनेंशियल प्राथमिकता बन गया है, लेकिन वास्तविक तैयारी में तेज गिरावट आई है. रिपोर्ट के अनुसार, जहां 2023 में 67% लोगों के पास रिटायरमेंट प्लान था, वहीं 2025 में यह आंकड़ा गिरकर सिर्फ 37% रह गया है. रिटायरमेंट बना नंबर-1 प्राथमिकता पीजीआईएम इंडिया की इस रिसर्च में सामने आया है कि 2025 में रिटायरमेंट हिंदुस्तानीयों की सबसे बड़ी वित्तीय प्राथमिकता बन गया है. यह प्राथमिकता सूची में सीधे आठवें स्थान से पहले स्थान पर पहुंच गया है. यह बदलाव दर्शाता है कि अब लाइफस्टाइल, आत्म-संतुष्टि और उद्यमशील लक्ष्यों ने पारंपरिक परिवार-केंद्रित चिंताओं को पीछे छोड़ दिया है. यह ट्रेंड एक ऐसे हिंदुस्तान की ओर इशारा करता है, जहां लोग सिर्फ भविष्य की सुरक्षा नहीं, बल्कि बेहतर जीवन गुणवत्ता की भी योजना बना रहे हैं. इरादे मजबूत, लेकिन प्लानिंग कमजोर हालांकि, रिटायरमेंट को लेकर इरादा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ है, लेकिन असल प्लानिंग में गिरावट चिंता का विषय है. रिपोर्ट बताती है कि लोग अब इंश्योरेंस-आधारित समाधानों से हटकर प्रोटेक्शन और वेल्थ क्रिएशन के बीच स्पष्ट अंतर करना शुरू कर चुके हैं. इस बदलाव के कारण कई लोग पुराने ढर्रे की योजनाओं को छोड़ तो रहे हैं, लेकिन नई, ठोस रिटायरमेंट स्ट्रैटेजी अभी तक नहीं बना पाए हैं. सुरक्षा से आकांक्षा की ओर बदलती सोच रिपोर्ट यह भी दिखाती है कि हिंदुस्तान की फाइनेंशियल सोच अब डर-आधारित सुरक्षा मॉडल से निकलकर आकांक्षा-आधारित महत्वाकांक्षा की ओर बढ़ रही है. पहले जहां पारिवारिक सुरक्षा और मेडिकल इमरजेंसी सबसे ऊपर थीं, अब उनकी जगह लाइफस्टाइल अपग्रेड, बिजनेस शुरू करना और व्यक्तिगत संतुष्टि जैसे लक्ष्य ले रहे हैं. यह संकेत देता है कि अधिक समृद्ध हिंदुस्तान में स्वास्थ्य और परिवार अब “हाइजीन फैक्टर” बनते जा रहे हैं, जबकि लोग अपने लिए बेहतर और स्वतंत्र भविष्य की कल्पना करने लगे हैं. म्यूचुअल फंड बने रिटायरमेंट प्लानिंग का केंद्र रिपोर्ट के मुताबिक, म्यूचुअल फंड रिटायरमेंट प्लानिंग का सबसे पसंदीदा माध्यम बनकर उभरे हैं. म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर की पसंद 2023 के 44% से बढ़कर 62% हो गई है, जबकि इन्हें अपनाने वालों की संख्या 35% तक पहुंच गई है. इसके साथ ही एनपीएस, पीपीएफ और रिटायरमेंट-केंद्रित फंड्स की लोकप्रियता भी बढ़ रही है. आरईआईटी जैसे नए जमाने के प्रोडक्ट्स ने भी धीरे-धीरे अपनी जगह बनानी शुरू कर दी है. वैकल्पिक इनकम का रुझान, इरादा तेज वैकल्पिक आय स्रोत अपनाने की मौजूदा गति भले ही 25% पर धीमी हो गई हो, लेकिन इसे अपनाने का इरादा बढ़कर 44% हो गया है. ‘कभी रिटायर न होने’ की मानसिकता, लाइफस्टाइल लक्ष्यों और अतिरिक्त आय की चाह ने इस ट्रेंड को बढ़ावा दिया है. मानसिकता में आया परिपक्व बदलाव पीजीआईएम इंडिया के सीईओ अभिषेक तिवारी के अनुसार, रिटायरमेंट को प्राथमिकता बनाना लेकिन तैयारी का कम होना नकारात्मक नहीं, बल्कि एक सकारात्मक संकेत है. यह दिखाता है कि हिंदुस्तानीय अब जोखिम से बचने के साथ-साथ अपने भविष्य को सक्रिय रूप से गढ़ने की सोच अपना रहे हैं. वहीं, सीनियर एडवाइजर अजीत मेनन का मानना है कि यह बदलाव “सब कुछ परिवार के लिए” से “मेरे लिए क्या?” की ओर बढ़ने का संकेत है. बढ़ती फाइनेंशियल जटिलता के बीच, प्रोफेशनल सलाह की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है. इसे भी पढ़ें: 10 रुपये वाले छोटकू SIP से भी कर सकते हैं मोटी की कमाई, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट? रिटायरमेंट प्लानिंग को आसान बनाती रिपोर्ट रिटायरमेंट रेडीनेस रिसर्च रिपोर्ट 2025 निवेशकों, सलाहकारों और नीति निर्माताओं तीनों के लिए उपयोगी है. यह रिपोर्ट रिटायरमेंट प्लानिंग को जटिलता और चिंता से निकालकर एक्शन योग्य इनसाइट्स में बदलती है और हिंदुस्तान में सक्रिय रिटायरमेंट प्लानिंग को सामान्य बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होती है. इसे भी पढ़ें: Gas Supply Decline: गैस की सप्लाई में आई गिरावट, जानें क्या हैं बड़े कारण? The post हिंदुस्तान में बढ़ रही लोगों की कमाई मगर घट गया रिटायरमेंट प्लान! पीजीआईएम की रिपोर्ट में खुलासा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Aravalli Mining Case: अरावली खनन मामले में ‘सुप्रीम’ रोक, फैसले का भूपेंद्र यादव ने किया स्वागत, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा

Aravalli Mining Case: अरावली खनन मामले (Aravalli Mining Case) में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (29 दिसंबर) को अपने पुराने फैसले पर रोक लगा दी है. कोर्ट के फैसले का केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने स्वागत किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट किया- मैं अरावली रेंज से जुड़े अपने आदेश पर रोक लगाने और मुद्दों का अध्ययन करने के लिए एक नई समिति बनाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का स्वागत करता हूं. हम अरावली रेंज की सुरक्षा और बहाली में MOEFCC से मांगी गई सभी सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. मौजूदा स्थिति के अनुसार, नए माइनिंग लीज या पुराने माइनिंग लीज के रिन्यूअल के संबंध में खनन पर पूरी तरह से रोक जारी है.” उच्चस्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने 20 नवंबर के फैसले में दिए गए निर्देशों को स्थगित कर दिया है, जिसमें पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की एक समिति की सिफारिश पर अरावली पहाड़ियों और पर्वत श्रृंखलाओं की एक समान परिभाषा को स्वीकार किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे की व्यापक और समग्र समीक्षा के लिए इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल कर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा. I welcome the Supreme Court directions introducing a stay on its order concerning the Aravalli range, and the formation of a new committee to study issues. We stand committed to extending all assistance sought from MOEFCC in the protection and restoration of the Aravalli range.… — Bhupender Yadav (@byadavbjp) December 29, 2025 भूपेंद्र यादव तत्काल इस्तीफा दें, कांग्रेस ने की मांग कांग्रेस ने अरावली पर्वतमाला की पुनर्परिभाषा से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए सोमवार को कहा कि अब पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए जो नई परिभाषा की बार -बार वकालत कर रहे थे. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप भी लगाया कि मोदी प्रशासन अरावली को बचाने का नहीं , बेचने का प्रयास कर रही है. रमेश ने कहा- कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करती है. मोदी प्रशासन ने की ओर से जिस तरह से परिभाषा बदलने की कोशिश की गई थी, उसका मकसद सिर्फ खनन की गतिविधियों, रियल स्टेट को बढ़ावा देना था. अरावली को पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है, उसे और भी मुसीबत में डालने के लिए नई परिभाषा तय की गई. उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि पर्यावरण मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए जो इस नई परिभाषा की बार-बार वकालत कर रहे थे. #WATCH सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों और अरावली रेंज की सेंट्रल पर्यावरण मंत्रालय की परिभाषा को स्वीकार करने के अपने पहले के फैसले (जो 20 नवंबर को जारी किया गया था) को “स्थगित” कर दिया है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा, “आज सुप्रीम कोर्ट में बिल्कुल दूध का दूध पानी का पानी… pic.twitter.com/zPtOVOFkyv — ANI_HindiNews (@AHindinews) December 29, 2025 सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फैसले पर रोक सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (29 नवंबर) को अपने 20 नवंबर के फैसले में दिए गए उन निर्देशों को स्थगित रखने का आदेश दिया, जिसमें अरावली पहाड़ियों और पर्वतमाला की एक समान परिभाषा को स्वीकार किया गया था. हिंदुस्तान के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की अवकाशकालीन पीठ ने इस मुद्दे की व्यापक और समग्र समीक्षा के लिए इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल कर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा है. पीठ ने कहा- हम यह निर्देश देना आवश्यक समझते हैं कि समिति की ओर से प्रस्तुत सिफारिशों के साथ-साथ इस कोर्ट की ओर से 20 नवंबर, 2025 के फैसले में निर्धारित निष्कर्षों और निर्देशों को स्थगित रखा जाए. कोर्ट ने केंद्र प्रशासन और अन्य को नोटिस जारी कर मामले को आगे की सुनवाई के लिए 21 जनवरी को सूचीबद्ध किया है. (इनपुट भाषा) Also Read: Supreme Court Aravalli Hearing: अरावली रेंज पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही फैसले पर लगाई रोक, केंद्र को जारी किया नोटिस The post Aravalli Mining Case: अरावली खनन मामले में ‘सुप्रीम’ रोक, फैसले का भूपेंद्र यादव ने किया स्वागत, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

दरभंगा एयरपोर्ट तक के लिए बनेगी 4-लेन रोड, संजय झा ने नितिन गडकरी को लिखा पत्र 

Darbhanga Airport 4-Lane Road: जदयू के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय झा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक पत्र लिखकर दरभंगा एयरपोर्ट को बेहतर सड़क सुविधा देने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि दरभंगा हवाई अड्डे पर बने नए सिविल एन्क्लेव को एनएच-27 से जोड़ने के लिए बिना रुकावट वाली और सुरक्षित 4-लेन सड़क बेहद जरूरी है.  संजय झा ने पत्र में क्या लिखा ?  संजय झा ने पत्र में बताया कि मिथिलांचल और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग दरभंगा एयरपोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं. यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन मौजूदा सड़क व्यवस्था अब पर्याप्त नहीं रह गई है. इसकी वजह से अक्सर जाम लगता है, सुरक्षा की परेशानी होती है और यात्रियों को देर का सामना करना पड़ता है.  4-लेन कनेक्टिविटी जरूरी  उन्होंने कहा कि उत्तर बिहार में दरभंगा एयरपोर्ट एक अहम और तेजी से उभरता हुआ हवाई केंद्र बन रहा है. आने वाले समय में यात्रियों की संख्या और बढ़ेगी. ऐसे में NH-27 पर ट्रम्पेट इंटरचेंज और अंडरपास बनाकर एयरपोर्ट तक सीधी 4-लेन कनेक्टिविटी देना जरूरी है. इससे आने-जाने में आसानी होगी, ट्रैफिक का दबाव कम होगा और पूरे इलाके के विकास को भी रफ्तार मिलेगी.  एनुअल एक्शन प्लान में शामिल हो प्रोजेक्ट  संजय झा ने यह भी बताया कि NHAI के अनुसार यह योजना अभी एनुअल एक्शन प्लान में शामिल नहीं है. उन्होंने आग्रह किया कि इसे प्राथमिकता देते हुए मौजूदा योजना में शामिल किया जाए ताकि नए सिविल एन्क्लेव को 4-लेन सड़क से जोड़ा जा सके और उड़ान योजना के लक्ष्य पूरे हो सकें.  सोशल मीडिया पर शेयर किया पत्र  उन्होंने यह पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी शेयर किया. पोस्ट में लिखा कि इस सड़क कनेक्टिविटी से दरभंगा एयरपोर्ट तक सुचारु आवागमन होगा और बेहतर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के जरिए क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी.  दरभंगा एयरपोर्ट पर विकसित नये सिविल एन्क्लेव को 4-लेन कनेक्टिविटी प्रदान करने और NH-27 पर ट्रम्पेट इंटरचेंज एवं अंडरपास के निर्माण के लिए माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री @nitin_gadkari जी को पत्र लिख कर अनुरोध किया। इससे दरभंगा एयरपोर्ट तक सुचारु आवागमन… pic.twitter.com/LTbKI0b5qh — Sanjay Kumar Jha (@SanjayJhaBihar) December 29, 2025 इंटरनेशल एयरपोर्ट बन सकता है   दरभंगा एयरपोर्ट NH-27 के पास है. यहां से नवंबर 2020 से रेगुलर उड़ानें शुरू हुई थीं. यह एयरपोर्ट मिथिला क्षेत्र के लिए बड़ी सुविधा साबित हो रहा है और भविष्य में इसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की भी योजना है.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें The post दरभंगा एयरपोर्ट तक के लिए बनेगी 4-लेन रोड, संजय झा ने नितिन गडकरी को लिखा पत्र  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पुतिन बने सांता, दुनिया के नेताओं को दिया ‘खास तोहफा’, PM मोदी को मिला स्टील्थ जेट, वीडियो हुआ वायरल

Putin Santa Gifts: रूसी दूतावास, केन्या ने हाल ही में एक एआई वीडियो जारी किया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सांता क्लॉज की पोशाक में दिखाया गया है. पुतिन क्रिसमस के पेड़ के पास जाते हैं और अलग-अलग देशों के नेताओं को प्रतीकात्मक गिफ्ट देते हैं. हर गिफ्ट रूस और उस देश के बीच रिश्तों का प्रतीक है. वीडियो की स्टाइल मजेदार है, लेकिन इसमें साफ तौर पर वैश्विक नेतृत्व के संदेश भी छिपे हैं. वीडियो में चीन और रूस अमेरिकी डॉलर पर आर्थिक संबंध मजबूत कर रहे हैं वीडियो में सबसे पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए गिफ्ट दिखाया गया है. इसमें रूबल और युआन के ऑर्नामेंट्स पेड़ पर रखे जाते हैं और डॉलर के ऑर्नामेंट को गिरते और टूटते दिखाया गया है. इसका मतलब है कि रूस और चीन मिलकर अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने और अपने आर्थिक संबंध मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं. हाल के महीनों में रूबल दुनिया की मजबूत मुद्राओं में शामिल हो गया है. रूस के सेंट्रल बैंक के अनुसार, अब देश के निर्यात-आयात में आधे से ज्यादा लेन-देन रूबल में होता है और पश्चिमी मुद्राओं का इस्तेमाल कम हो गया है. Putin Santa Gifts PM Modi in Hindi: रक्षा सहयोग और हिंदुस्तान के लिए लड़ाकू विमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए पुतिन ने सु-57 स्टील्थ लड़ाकू विमान की मिनिएचर कॉपी गिफ्ट की. यह हिंदुस्तान और रूस के लंबे समय से चल रहे रक्षा संबंधों को दर्शाता है. हाल ही में रूस ने सु-57 के लिए तकनीक हस्तांतरण की पेशकश की है, जिसमें इंजन, राडार सिस्टम और स्टील्थ तकनीक शामिल है. साथ ही हिंदुस्तान में इस विमान का निर्माण करने की संभावना भी बताई गई है. 🎁 Christmas season is the time of giving, when Russia makes sure that all of its friends get something nice and are well and merry. As for the naughty ones, they too will get what is coming for them. pic.twitter.com/NqRnm0v3BG — Russian Embassy in Kenya/Посольство России в Кении (@russembkenya) December 28, 2025 अलास्का शांति सम्मेलन की याद वीडियो में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए पुतिन ने उनके और ट्रंप के अलास्का शांति सम्मेलन की तस्वीर गिफ्ट के रूप में दिखाई. इस बैठक में F-35 और B-2 स्टील्थ बमवर्षक की फ्लाईपासिंग भी हुई थी. हालांकि बैठक में यूक्रेन पर कोई ठोस समझौता नहीं हुआ. वहीं वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक डीजे सेट भेंट में मिला, जो चालू होते ही बोल उठा, कोई युद्ध नहीं, सिर्फ शांति, हमेशा, हमेशा, हमेशा. यह अमेरिका के कैरिबियन में अपने सैन्य प्रभाव बढ़ाने की ओर संकेत है. Putin Santa Gifts in Hindi: तुर्की को अक्कूयू नामक स्नो ग्लोब गिफ्ट किया तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगन के लिए पुतिन ने अक्कूयू नामक स्नो ग्लोब गिफ्ट किया. यह तुर्की का पहला परमाणु बिजली घर है, जिसे रूस की राज्य कंपनी रोसाटॉम बना रही है. हाल ही में रूस ने इस प्रोजेक्ट के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी है. अक्कूयू 2026 तक चालू होने की उम्मीद है. सबसे विवादित दृश्य में पुतिन यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की को हथकड़ी का गिफ्ट देते हैं और उन्हें सलाखों के पीछे दिखाया गया है. यह रूस की यूक्रेन युद्ध पर सख्त नीति का संकेत है. रूस पहले ही जेलेंस्की को ‘वांटेड’ घोषित कर चुका है, जिसे कीव ने प्रचार बताया. उत्तर कोरिया को आभार और रणनीतिक निकटता उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के लिए पुतिन ने तलवार और रूस की तरफ से आभार लिखा नोट दिया. यह उनकी 2019 की मुलाकात की याद दिलाता है, जब दोनों नेताओं ने प्रतीकात्मक हथियारों का आदान-प्रदान किया था. रूस और उत्तर कोरिया ने उसके बाद नेतृत्वक, सैन्य सहयोग और पश्चिमी प्रभाव के खिलाफ साझेदारी मजबूत की है. क्रिसमस का उत्सव और सांस्कृतिक महत्व वीडियो का अंत एक शहर के क्रिसमस सजावट और रोशनी के दृश्य से सजा होता है. रूस में क्रिसमस हर साल 7 जनवरी को मनाया जाता है. इसका कारण है कि रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्च पुराने जूलियन कैलेंडर का पालन करता है. रूस में नए साल का दिन (1 जनवरी) क्रिसमस से ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है. क्रिसमस से पहले 40 दिन का उपवास होता है और मुख्य जश्न 6 जनवरी की रात को शुरू होता है. ये भी पढ़ें: चीन ने बनाया कमाल का फाइटर प्लेन! रडार से ही खुद लेगा पावर, 6G से उड़ान होगी और तेज मुर्गी परोसकर पहले प्रपोज, फिर जंगल में इजहार-ए-मोहब्बत! ड्रैगन के घर में ऐसे होती है शादी The post पुतिन बने सांता, दुनिया के नेताओं को दिया ‘खास तोहफा’, PM मोदी को मिला स्टील्थ जेट, वीडियो हुआ वायरल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

New Year Vastu Tips: सुख-शांति और समृद्धि के लिए साल के पहले दिन करें ये 5 काम, वास्तु के ये उपाय बदल सकते हैं आपकी जिंदगी

New Year Vastu Tips: वास्तु शास्त्र का महत्व हमारे जी काफी ज्यादा गहरा होता है. कहा जाता है अगर किसी भी कार्य को करने से पहले या फिर करने के दौरान इसमें बताये गए नियमों का पालन किया जाए तो पूरा जीवन सुख-समृद्धि और खुशियों से भर जाता है. वहीं, इसमें बताये गए नियमों को अगर नजरअंदाज किया जाए तो इसके परिणाम भी उतने ही नुकसानदेह होते हैं. कुछ ही दिनों में नया साल आने वाले है और ऐसे में हमारे वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे उपाय बताये गए हैं जिन्हें अगर आप अपनाते हैं तो आपके घर पर खुशियां और पॉजिटिव एनर्जी भर जाती है. केवल यहीं नहीं, वास्तु शास्त्र में बताई गयी इन बातों का जब आप पालन करते हैं घर पर मौजूद हर तरह की निगेटिव एनर्जी बाहर भी चली जाती है. साल के पहले दिन अपनाये गए ये उपाय आपके पूरे साल को बेहतर, सुख-समृद्धि और खुशियों से भरा हुआ बना सकते हैं. तो चलिए जानते हैं उन कामों के बारे में जिन्हें आपको साल के पहले दिन जरूर करना चाहिए. सुबह जल्दी उठकर स्नान और घर की सफाई वास्तु शास्त्र के जानकार बताते हैं कि आपको साल के पहले दिन सोकर उठने के बाद पूरे घर की सफाई कर लेनी चाहिए और जल्दी से स्नान भी कर लेना चाहिए. इस दिन आपको सूर्योदय से पहले ही या फिर ब्रह्म मुहूर्त में सोकर उठ जाना चाहिए. आपको इस बात का खास ख्याल रखना है कि घर का मुख्य द्वार, पूजाघर और किचन की सफाई अच्छे से हो गयी हो. ऐसा करने से घर पर मौजूद हर तरह की निगेटिव एनर्जी बाहर चली जाती है और साथ ही चारों तरह पॉजिटिव एनर्जी भर जाता है. यह भी पढ़ें: Bedroom Vastu Tips: सोते समय सिरहाने रखी ये चीजें बिगाड़ देती हैं सेहत, देखते ही देखते शरीर बन जाता है बीमारियों का घर मंदिर में दीपक और अगरबत्ती जरूर जलाएं वास्तु के जानकार बताते हैं कि आपको साल के पहले दिन घर के मंदिर में पूजा-पाठ जरूर करना चाहिए. ऐसा करना काफी ज्यादा शुभ होता है. इसके अलावा आपको इस बात का भी ख्याल रखना है कि मंदिर में एक घी का दीया भी जरूर ही जलाएं. इसके साथ ही अगर आप धूप या फिर अगरबत्त जलाते हैं तो यह भी बेहतर परिणाम लेकर आते हैं. जब आप ऐसा करते हैं तो आपको सालभर भगवान का आशीर्वाद मिलता है और साथ ही मानसिक शांति भी. घर से बाहर निकालें पुराना और बेकार सामान वास्तु के जानकार बताते हैं कि अगर आपके घर पर किसी भी तरह का बेकार और पुराना सामान पड़ा हुआ है तो उसे आपको नए साल के दिन याद से बाहर निकाल देना चाहिए. घर पर रखें किसी भी तरह के टूटे हुए बर्तन, फटे हुए कपड़े और खराब इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स सिर्फ निगेटिव एनर्जी को अट्रैक्ट करते हैं. आपको इस बात का भी ख्याल रखना है कि घर की उत्तर और उत्तर पूर्व दिशा साफ रहे. बता दें अगर आप जीवन में तरक्की करना चाहते हैं तो आपको इस तरह की सभी चीजों से छुटकारा पा लेना चाहिए. यह भी पढ़ें: Vastu Tips: पूजा करते समय की गई इन गलतियों की वजह से नहीं मिलता फल, 80 प्रतिशत लोग आज भी हैं अनजान! अन्न का सम्मान और रसोई की सफाई हमारे वास्तु शास्त्र में रसोई घर को समृद्धि का केंद्र माना गया है. यह एक मुख्य कारण है कि साल के पहले दिन आपको रसोईघर की सफाई अच्छे से करनी चाहिए. इसके अलावा आपको इस बात का भी ख्याल रखना है कि अनाज, चीनी और नमक जैसी चीजें इस दिन खत्म न हो. सुबह का नाश्ता भी आपको उस समय ही करना है जब आपने स्नान करके भगवान को भोग चढ़ा दिया हो. यह छोटा सा उपाय आपके घर पर कभी भी पैसों और अन्न की कमी नहीं होने देता है. घर पर लगाएं पौधे वास्तु के जानकार बताते हैं कि साल के पहले दिन आपको अपने घर पर तुलसी, मनी प्लांट या फिर अन्य कोई भी हरा पौधा जरूर लगाना चाहिए. ऐसा करना काफी ज्यादा शुभ माना जाता है. इसके अलावा आपको इस बात का भी ख्याल रखना है कि घर पर मौजूद सूखे हुए पौधों को घर से बाहर निकाल दिया जाए. यह छोटा सा उपाय घर और जीवन में पॉजिटिव एनर्जी और आर्थिक उन्नति को बढ़ावा देता हैं. यह भी पढ़ें: Vastu Tips: रात के समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां? ज्यादातर लोग अनजाने में बुला रहे हैं परेशानियां Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर बेस्ड है. नया विचार किसी भी तरह से इनकी पुष्टि नहीं करता है. The post New Year Vastu Tips: सुख-शांति और समृद्धि के लिए साल के पहले दिन करें ये 5 काम, वास्तु के ये उपाय बदल सकते हैं आपकी जिंदगी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पार्लर पर फूंक रहे हैं हजारों रुपये? ये 5 फ्री आदतें अपनाएं, खूबसूरती पर लट्टू हो जाएंगे लोग

Beauty Tips: आज के समय में खूबसूरत दिखने की चाहत भला किसे नहीं होती है. खासकर स्त्रीएं अपनी ब्यूटी को लेकर बेहद सेंसेटिव होती है. वह चेहरे के लिए महीने में ब्यूटी पार्लर जाकर हजारों रुपये फूंक देती हैं. हालांकि इसका असर केवल कुछ ही दिन नजर आएगा फिर फेस ज्यों का त्यों हो जाएगा. इसके लिए कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट जिम्मेदार नहीं है बल्कि रोजाना की कुछ ऐसी आदते हैं जिनसे ज्यादातर लोग दूरी बनाते हैं. आज हम उन आदतों के बारे में बताएंगे जो जिन्हें अपनाकर आप ब्यूटी पार्लर के बचा लेंगे यह वो आदत है जिसे अधिकतर लोग फॉलो नहीं करते हैं. खास बात ये है कि इसके लिए आपको कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा. आइये जानते वह जानते हैं वह कौन कौन सी आदते हैं जो आपकी नेचुरल ब्यूटी का कारण बन सकती है. सुबह की शुरुआत गुनगुने पानी से सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं. इसका सीधा असर त्वचा पर पड़ता है. नियमित रूप से यह आदत अपनाने पर मुंहासे, दाग-धब्बे और रूखापन कम होने लगता है और चेहरे पर नेचुरल चमक आती है. मोबाइल स्क्रीन से दूरी बनाना भी जरूरी डिजिटल के इस जमाने में लोग आजकल लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप का लगातार इस्तेमाल करते हैं. इससे आपकी त्वचा पर बुरा असर पड़ता है. क्योंकि स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट स्किन को डल बना देती है और जिससे चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां आ जाती हैं. इसलिए समय-समय पर ब्रेक लेना और स्क्रीन टाइम कम करना त्वचा के लिए फायदेमंद होता है. Also Read: Natural Beauty Routines for Glowing Skin: नए साल में अपनाएं ये खास स्किन केयर टिप्स, साल भर दमकता रहेगा चेहरा हफ्ते में 2–3 बार हल्की फेस मसाज करें कुछ लोग अपनी त्वचा को बेहतर बनाने के लिए महंगे कॉस्मेटिक क्रीम से पर चेहरे पर मालिश करते हैं या उसका रेगुलर इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इसके बजाय वे अगर हफ्ते में 2–3 बार भी नारियल तेल या बादाम तेल से हल्की फेस मसाज करें तो इससे चेहरे में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और स्किन टाइट व फ्रेश नजर आती है. यह आदत पार्लर फेशियल की जरूरत को काफी हद तक खत्म कर देती है. धूप से बचाव को बनाएं आदत बिना किसी सुरक्षा के धूप में निकलना त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है. इसलिए कोशिश करें कि कोई भी मौसम में बाहर जाते वक्त स्कार्फ, टोपी या छाते का इस्तेमाल करें. इससे टैनिंग, झाइयां और समय से पहले झुर्रियां पड़ने का खतरा कम हो जाता है. तनाव कम करें, चेहरे पर असर खुद दिखेगा लगातार तनाव में रहने से चेहरे की रौनक खत्म होने लगती है. मेडिटेशन, हल्की एक्सरसाइज या मनपसंद काम करने से तनाव कम होता है, जिसका असर सीधे चेहरे की चमक पर दिखाई देता है. Also Read: Rice Flour and Aloe Vera Face Pack: स्किन डलनेस से परेशान हैं? तो ये फेसपैक देगा आपको नैचुरल ग्लोइंग स्किन The post पार्लर पर फूंक रहे हैं हजारों रुपये? ये 5 फ्री आदतें अपनाएं, खूबसूरती पर लट्टू हो जाएंगे लोग appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top