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January 1, 2026

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2026 के पहले ही दिन कंडोम, गर्भ निरोधक गोली और IUD पर बढ़ा 13% टैक्स, चीन का मकसद पैसा नहीं, कुछ और

China 13% Tax on Birth Control Products: नए साल की शुरुआत में चीन प्रशासन ने ऐसा फैसला लिया है, जिसने चीनी समाज में बहस को तेज कर दिया है. एक ओर प्रशासन घटती आबादी और गिरती जन्म दर से निपटने के उपाय खोज रही है, तो दूसरी ओर उसने गर्भनिरोधक साधनों पर टैक्स लगाकर लोगों को चौंका दिया है. गुरुवार, 1 जनवरी 2026 से चीन में कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियां और इंट्रायूटेरिन डिवाइस (IUD) जैसे साधनों पर 13 प्रतिशत वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) लागू कर दिया गया है. यह पहली बार है जब पिछले तीन दशकों में इन उत्पादों से टैक्स छूट हटाई गई है. यह बदलाव ऐसे समय में लागू हुआ है, जब चीन गंभीर जनसांख्यिकीय संकट से जूझ रहा है. आबादी घट रही है और जन्म दर कई वर्षों से लगातार नीचे जा रही है. नए VAT कानून के तहत सभी गर्भनिरोधक उत्पादों पर 13 प्रतिशत की मानक दर लागू होगी. हालांकि, चाइल्डकेयर, विवाह-परिचय सेवाएं और बुजुर्ग देखभाल जैसी गतिविधियों को टैक्स से छूट दी गई है, ताकि जन्म दर बढ़ाने की नीति को समर्थन मिल सके. कीमतों की बात करें तो कंडोम आमतौर पर 40 से 60 युआन में मिलते हैं, जबकि एक महीने की गर्भनिरोधक गोलियों की कीमत 50 से 130 युआन के बीच होती है. गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, अनुमान है कि इस टैक्स से सालाना करीब 5 अरब युआन की अतिरिक्त आय होगी, जो चीन के कुल बजट के मुकाबले बेहद मामूली है. एक-बच्चा नीति से तीन बच्चों तक: बदलती रणनीति यह टैक्स दरअसल 2024 में पारित नए VAT कानून का हिस्सा है, जिसके जरिए चीन अपनी कर व्यवस्था को आधुनिक और अधिक स्पष्ट बनाना चाहता है. 1993 में जब VAT व्यवस्था लागू हुई थी, तब गर्भनिरोधक साधनों को टैक्स से इसलिए मुक्त रखा गया था, क्योंकि उस समय चीन सख्ती से एक-बच्चा नीति लागू कर रहा था. प्रशासन मुफ्त या रियायती दरों पर जन्म नियंत्रण के साधन उपलब्ध कराती थी. उसी दौर में जबरन गर्भपात, नसबंदी और तय सीमा से अधिक बच्चों को पहचान पत्र न मिलने जैसे कठोर कदम भी देखने को मिले थे. आज हालात इसके ठीक उलट हैं. एक-बच्चा नीति को 2015 में खत्म किया गया, 2021 में तीन बच्चों की अनुमति दी गई और अब वही प्रशासन शादी व बच्चों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है. इसके तहत माता-पिता को लंबी सवेतन छुट्टियां, चाइल्डकेयर पर सब्सिडी, IVF इलाज में छूट और बुज़ुर्ग देखभाल जैसी सेवाओं पर टैक्स राहत दी जा रही है. गिरती जन्म दर और युवाओं की हकीकत 2024 में चीन में केवल 95 लाख से कुछ अधिक बच्चों का जन्म हुआ, जो एक दशक पहले की संख्या का लगभग आधा है. पिछले कुछ वर्षों से मौतों की संख्या जन्मों से अधिक रही है और 2023 में हिंदुस्तान ने चीन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बनने का दर्जा हासिल कर लिया. यह कदम न केवल नीति के स्तर पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि चीन की जनसंख्या नीति किस तरह एक बड़े संक्रमण दौर से गुजर रही है. गर्भनिरोधक महंगे करने के फैसले ने लोगों को हैरान किया है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर मजाक और नाराजगी दोनों देखने को मिल रही हैं. कई युवा मानते हैं कि कंडोम या गोलियों की कीमत बढ़ने से वे शिशु पैदा करने का फैसला नहीं बदलेंगे. उनका तर्क है कि जब बच्चों की परवरिश, शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च इतना ज्यादा है, तो कुछ युआन की बचत या बढ़ोतरी से जीवन के बड़े फैसले नहीं बदले जा सकते. स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी यूथ पॉपुलेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक, चीन उन देशों में शामिल है जहां शिशु को पालना सबसे महंगा है. महंगी शिक्षा, कामकाजी स्त्रीओं पर बढ़ता दबाव, धीमी होती वित्तीय स्थिति और लंबे समय से जारी प्रॉपर्टी संकट ने युवा परिवारों की आर्थिक स्थिति और आत्मविश्वास दोनों को कमजोर किया है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्स बढ़ने से छात्रों और कम आय वाले वर्गों में गर्भनिरोधकों की पहुंच घट सकती है. इससे अनचाही गर्भधारण, गर्भपात और यौन संचारित रोगों का जोखिम बढ़ने की आशंका है. विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि इसका असर आगे चलकर स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त बोझ के रूप में भी सामने आ सकता है. ये भी पढ़ें:- मातृभूमि का एकीकरण कोई रोक नहीं सकता, ताइवान पर जस्टिस मिशन के बाद गरजे शी जिनपिंग स्विट्जरलैंड में न्यू ईयर जश्न के दौरान बार में धमाका, कई लोगों की मौत की आशंका, एंबुलेंस और हेलीकॉप्टर तैनात जोहरान ममदानी ने कुरान पर हाथ रख न्यूयॉर्क मेयर पद की शपथ ली, ऐसा करने वाले बने पहले नेता, जानें क्या बोले? The post 2026 के पहले ही दिन कंडोम, गर्भ निरोधक गोली और IUD पर बढ़ा 13% टैक्स, चीन का मकसद पैसा नहीं, कुछ और appeared first on Naya Vichar.

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PAN-Aadhaar Link: 1 जनवरी 2026 से PAN हुआ बेकार? 31 दिसंबर की चूक पर जानें क्या करें

PAN-Aadhaar Link: जिन लोगों ने 31 दिसंबर तक अपना आधार पैन से लिंक नहीं कराया है, उनका पैन 1 जनवरी से निष्क्रिय हो गया है. इसका मतलब यह है कि पैन से जुड़े ज़्यादातर काम फिलहाल नहीं हो पाएंगे. जब तक पैन को दोबारा एक्टिव नहीं कराया जाता, तब तक वित्तीय और प्रशासनी कामकाज में रुकावट बनी रहेगी. राहत की बात क्या है? अच्छी समाचार यह है कि पैन को फिर से चालू कराया जा सकता है. इसके लिए आधार को पैन से लिंक करना होगा. हालांकि इसके साथ ₹1,000 का जुर्माना देना पड़ेगा. तय प्रक्रिया पूरी होते ही पैन दोबारा एक्टिव हो जाता है. निष्क्रिय पैन के कारण इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया जा सकता और टैक्स रिफंड भी अटक सकता है. इसके अलावा नया बैंक अकाउंट या डीमैट अकाउंट खुलवाना संभव नहीं रहेगा. बड़ी खरीदारी, ज्यादा नकद जमा करना और कुछ बैंकिंग सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं. डेबिट या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन, बैंक में कैश जमा करना या ड्राफ्ट बनवाने जैसे काम भी मुश्किल हो सकते हैं. पैन और आधार कई प्रशासनी सेवाओं के लिए जरूरी दस्तावेज हैं. पासपोर्ट बनवाने, बैंक खाता खोलने या किसी प्रशासनी सब्सिडी का लाभ लेने में पैन निष्क्रिय होने पर परेशानी हो सकती है. अगर पैन कार्ड खो जाए या खराब हो जाए, तो नया पैन बनवाना भी आसान नहीं रहेगा. पैन को दोबारा एक्टिव कैसे कराएं? पैन को फिर से चालू कराने के लिए इनकम टैक्स विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर लॉगिन करना होगा. लॉगिन के बाद ‘My Profile’ सेक्शन में जाकर ‘Link Aadhaar’ विकल्प चुनें और पैन व आधार नंबर दर्ज करें. इसके बाद ₹1,000 का जुर्माना ऑनलाइन भरना होगा. भुगतान सफल होते ही कुछ ही दिनों में पैन दोबारा एक्टिव हो जाता है. फिलहाल पैन को दोबारा एक्टिव कराने की कोई आखिरी तारीख तय नहीं की गई है. लेकिन जितनी जल्दी यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी, उतनी जल्दी रोजमर्रा के जरूरी काम सामान्य हो सकेंगे. जिन लोगों से 31 दिसंबर की डेडलाइन छूट गई है, उन्हें बिना देरी किए आधार–पैन लिंकिंग की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए. इससे लंबे समय तक होने वाली वित्तीय और प्रशासनी परेशानियों से बचा जा सकता है. Also Read: नई साल में गैस की कीमतों का तगड़ा झटका, जानिए कहां कितनी बढ़ी या घटी कीमतें The post PAN-Aadhaar Link: 1 जनवरी 2026 से PAN हुआ बेकार? 31 दिसंबर की चूक पर जानें क्या करें appeared first on Naya Vichar.

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Oppo Reno 15 Series Review: दमदार कैमरा और पावरफुल बैटरी, सीरीज में जानिए कौन सा बेहतर?

Oppo Reno 15 Series Review: स्मार्टफोन की दुनिया में Oppo ने एक बार फिर तहलका मचा दिया है. कंपनी ने ताइवान में अपनी नई Reno 15 सीरीज पेश की है, जिसमें Reno 15 Pro Max, Reno 15 Pro और Reno 15 शामिल हैं. ये तीनों फोन दमदार कैमरा सेटअप, तगड़ेप्रॉसेसर और शानदार डिस्प्ले के साथ आये हैं. खास बात यह है कि सभी मॉडल्स Android 16 आधारित ColorOS 16 पर चलते हैं और IP69 रेटिंग के साथ आते हैं. Reno 15 Pro Max : प्रीमियम मॉडल 6.78-इंच AMOLED डिस्प्ले, 120Hz रिफ्रेश रेट MediaTek Dimensity 8450 चिपसेट, 12GBRAM + 512GB स्टोरेज 200MP OIS मेन कैमरा + 50MP टेलीफोटो + 50MP अल्ट्रा-वाइड 50MP फ्रंट कैमरा 6500mAh बैटरी, 80Wवायर्ड + 50W वायरलेस चार्जिंग कीमत: TWD 24,990 (लगभग ₹71,000) Reno 15 Pro : बैलेंस्ड परफॉर्मेंस 6.32-इंच AMOLED डिस्प्ले, 120Hz रिफ्रेश रेट Dimensity 8450 प्रॉसेसर, 12GB RAM + 256GB स्टोरेज 200MP ट्रिपल कैमरा सेटअप 50MP फ्रंट कैमरा 6200mAh बैटरी, 80W फास्ट चार्जिंग कीमत: TWD 20,990 (लगभग ₹60,000) Reno 15 : स्नैपड्रैगन पावर 6.59-इंच AMOLED डिस्प्ले, 120Hz रिफ्रेश रेट Snapdragon 7 Gen 4 प्रॉसेसर, 12GBRAM + 512GB तक स्टोरेज 50MP मेन कैमरा + 50MP टेलीफोटो + 8MP अल्ट्रा-वाइड 50MP फ्रंट कैमरा 6500mAh बैटरी, 80W फास्ट चार्जिंग कीमत: TWD 17,990 (लगभग ₹51,000) कलर ऑप्शंस और डिजाइन Reno 15 Pro Max: Twilight Gold, Desert Brown Reno 15 Pro: Aurora Blue, DesertBlue Reno 15: Aurora White, SkyBlue स्लिम बॉडी और हल्के वजन के साथ ये फोन स्टाइलिश लुक देते हैं. खास फीचर्स और कनेक्टिविटी Wi-Fi 6E, Bluetooth 5.4, NFC, USB Type-C फेस अनलॉक + इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट GPS, Glonass, BeiDou, Galileo और QZSS सपोर्ट सभी मॉडल्स IP69 रेटिंग के साथ आते हैं, यानी पानी और धूल से पूरी सुरक्षा. यह भी पढ़ें: फ्लैगशिप से लेकर बजट तक, 2026 में तहलका मचाने आ रहे ये धाकड़ स्मार्टफोन्स, देखिए पूरी लिस्ट यह भी पढ़ें: Realme से लेकर Oppo तक, जबरदस्त कैमरा के साथ जनवरी में धमाल मचाने आ रहे हैं ये स्मार्टफोन्स The post Oppo Reno 15 Series Review: दमदार कैमरा और पावरफुल बैटरी, सीरीज में जानिए कौन सा बेहतर? appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: बिहार में सरकारी डॉक्टर क्यों ठुकरा रहे हैं नौकरी? नियुक्ति के बाद भी खाली हैं कुर्सियां

Bihar News: बिहार का स्वास्थ्य विभाग इन दिनों एक अजीब संकट से जूझ रहा है. यहां समस्या डॉक्टरों की भर्ती न होने की नहीं, बल्कि नियुक्ति मिलने के बाद भी डॉक्टरों के योगदान न देने की है. एमबीबीएस से लेकर आयुष चिकित्सकों तक, सैकड़ों डॉक्टर महीनों की चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रशासनी नौकरी ठुकरा रहे हैं. नतीजा यह है कि अस्पतालों में कुर्सियां खाली हैं और स्वास्थ्य सेवाएं भरोसे के सहारे चल रही हैं. संविदा का डर और कम वेतन का संकट स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या की सबसे बड़ी जड़ संविदा आधारित नियुक्तियां हैं. प्रशासनी नौकरी का मुख्य आकर्षण जीवन भर की सुरक्षा और सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभ होते हैं, जो संविदा वाली नौकरियों में नदारद हैं. डॉक्टरों के मन में यह डर हमेशा बना रहता है कि दो साल बाद उनका अनुबंध नवीनीकृत होगा या नहीं. इसके साथ ही, निजी अस्पतालों की तुलना में प्रशासनी संविदा का वेतन काफी कम है. वर्तमान में शहर से लेकर कस्बों तक निजी अस्पतालों की बाढ़ आ गई है, जहां इन डॉक्टरों को बेहतर वर्किंग कंडीशन और आकर्षक वेतन पैकेज आसानी से मिल जाता है. यही कारण है कि प्रशासनी अस्पतालों में काम करने के बजाय डॉक्टर निजी संस्थानों को प्राथमिकता दे रहे हैं. तारीख पर तारीख का स्पोर्ट्स और खाली रहती सीटें विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति प्रक्रिया जो अप्रैल 2020 में शुरू हुई थी, उसकी योगदान प्रक्रिया जुलाई 2024 तक चली. इसके बावजूद कई डॉक्टरों ने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है और लगातार समय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. विभाग ने मजबूरी में उन्हें 15 जनवरी तक का अंतिम मौका दिया है. इसी तरह विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारियों के मामले में भी तकनीकी सेवा आयोग द्वारा चयन के बाद भी दर्जनों डॉक्टरों ने योगदान नहीं दिया. जब डॉक्टर समय सीमा समाप्त होने के बाद भी नहीं आते, तो वे सीटें अगली नियुक्ति प्रक्रिया तक के लिए खाली रह जाती हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ता है. निजी अस्पतालों का ‘बढ़िया पैकेज’ बना बड़ी चुनौती आज के दौर में हर छोटे-बड़े शहर में निजी मेडिकल सुविधाओं का विस्तार तेजी से हुआ है. ये अस्पताल न केवल बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करते हैं, बल्कि डॉक्टरों को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार भारी वेतन भी देते हैं. एक डॉक्टर के लिए प्रशासनी संविदा की नौकरी में मिलने वाले तनाव और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के मुकाबले निजी प्रैक्टिस या कॉर्पोरेट अस्पतालों में काम करना कहीं अधिक फायदेमंद साबित हो रहा है. जब तक प्रशासन संविदा व्यवस्था को स्थायी नियुक्ति में नहीं बदलती या वेतनमान में बड़ा सुधार नहीं करती, तब तक प्रशासनी अस्पतालों में डॉक्टरों की कुर्सियां इसी तरह खाली रहने की आशंका बनी रहेगी. Also Read:Bihar News: अब बिहार में सजेगा बॉलीवुड का मंच! निर्माताओं की पसंद पर बनेगी हाईटेक फिल्म सिटी The post Bihar News: बिहार में प्रशासनी डॉक्टर क्यों ठुकरा रहे हैं नौकरी? नियुक्ति के बाद भी खाली हैं कुर्सियां appeared first on Naya Vichar.

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Kailash Vijayvargiya Video : पिछले दो साल से…, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को देखते ही महिला बताने लगी समस्या

Kailash Vijayvargiya Video : इंदौर के भागीरथपुरा इलाके के लोगों ने पानी की समस्या को लेकर मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से शिकायत की. इसका वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. वीडियो में स्थानीय लोगों कहते नजर आ रहे हैं कि नाली की लाइन को पीने के पानी की सप्लाई से जोड़ा जा रहा है, जिस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा. पिछले डेढ़ से दो साल से लोगों को गंदे पानी और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. आप भी देखें ये वीडियो… #WATCH | Indore | Bhagirathpura locals express their grievances over water supply in their locality to Madhya Pradesh Minister Kailash Vijayvargiya A local says, “No one is paying any attention to the drainage line, which is being attached to the drinking water supply. We have… pic.twitter.com/OTuWHWhwhe — ANI (@ANI) January 1, 2026 वीडियो में एक स्त्री कहते नजर आ रही है कि पीने के पानी में नाली की लाइन है. इसकी लिकेज है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है. हम बहुत परेशान हैं. हमारी शिकायत को कोई सुन नहीं रहा है. पार्षद जी बोलते हैं कि करवाता हूं लेकिन होता कुछ नहीं. हमारे घर में 10 से 11 लोग बीमार हो गए हैं. दूषित पेयजल से 13 लोगों के दम तोड़ने का दावा देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से उल्टी-दस्त फैलने और मौतों की संख्या को लेकर भ्रम बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले आठ दिनों में छह महीने के शिशु सहित 13 लोगों की मौत हुई है. वहीं प्रशासन ने डायरिया से अब तक केवल चार मौतों की ही पुष्टि की है. भागीरथपुरा में 1,400 से 1,500 लोग प्रभावित अधिकारियों के मुताबिक पहली नजर में लीकेज के कारण पेयजल की पाइपलाइन में ड्रेनेज का गंदा पानी मिलने के कारण भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला. भागीरथपुरा, राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र ‘इंदौर-1’ में आता है. विजयवर्गीय ने मीडिया को जानकारी दी कि उल्टी-दस्त के प्रकोप से भागीरथपुरा में 1,400 से 1,500 लोग प्रभावित हुए जिनमें से लगभग 200 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं. उन्होंने कहा कि इन मरीजों की हालत खतरे से बाहर है और स्वस्थ होने पर लोगों को अस्पताल से लगातार छुट्टी दी जा रही है. यह भी पढ़ें : मौत का जिम्मेदार कौन? दूषित पानी पीने से 7 लोगों की मौत के बाद इंदौर में मचा हड़कंप विजयवर्गीय ने उल्टी-दस्त के प्रकोप से मरे लोगों के आंकड़े को लेकर जारी विरोधाभास पर कहा कि मुझे प्रशासन के अधिकारियों ने इस प्रकोप से चार लोगों की मौत की जानकारी दी है, पर यहां (भागीरथपुरा में) आठ-नौ लोगों की मौत की सूचना है. हम इस सूचना की तसदीक कर लेंगे और इसके सही पाए जाने पर संबंधित मृतकों के परिवारों के मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के अनुसार सहायता राशि प्रदान की जाएगी. The post Kailash Vijayvargiya Video : पिछले दो साल से…, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को देखते ही स्त्री बताने लगी समस्या appeared first on Naya Vichar.

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स्विट्जरलैंड में न्यू ईयर जश्न के दौरान बार में धमाका, कई लोगों की मौत की आशंका, एंबुलेंस और हेलीकॉप्टर तैनात

Switzerland Explosion 2026 New Year Celebration: स्विट्जरलैंड के क्रांस-मोंटाना में रात के समय एक बार में हुए भयंकर विस्फोट ने इलाके में हड़कंप मचा दिया. इस घटना में कई लोग घायल हुए और कुछ की मौत की समाचार है. स्विस ब्रॉडकास्टर Schweizer Radio und Fernsehen (SRF) के अनुसार, झुलसे मरीजों की संख्या इतनी अधिक थी कि आसपास के अस्पताल इससे निपटने में भारी दबाव का सामना कर रहे हैं. पुलिस प्रवक्ता गैटन लैथियोन ने बताया कि विस्फोट करीब रात 1:30 बजे हुआ. उन्होंने कहा कि उस समय बार में 100 से अधिक लोग मौजूद थे. हालांकि अभी तक विस्फोट का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है.  सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कथित तौर पर Constellation Bar के बाहर से आग की लपटें और मौके पर पहुंचती आपातकालीन गाड़ियों की कतारें दिखाई गईं. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि घायलों को निकालने और अस्पताल पहुँचाने के लिए “अनगिनत” एंबुलेंस और कई हेलिकॉप्टर तैनात किए गए. कुछ स्विस मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि आग नए साल की पूर्व संध्या पर आयोजित एक कॉन्सर्ट के दौरान आतिशबाजी से लगी हो सकती है. हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि अभी तक विस्फोट का कारण “अज्ञात” है. SRF के अनुसार, वैले कैंटोनल पुलिस इस मामले पर और जांच की जानकारी देने के लिए सुबह 10 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी. 🇨🇭⚡ Several people were ki!!ed and others injured after an explosion tore through a bar in the luxury Alpine ski resort of Crans-Montana, Swiss police say. A cantonal police spokesperson told AFP that the blast was of unknown origin while confirming multiple fatalities. pic.twitter.com/GGbEOvvKrk — Osint World (@OsiOsint1) January 1, 2026 क्रांस-मोंटाना, स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न से लगभग दो घंटे की दूरी पर स्थित एक प्रीमियम और लोकप्रिय स्की रिसॉर्ट शहर है. यह एक फेमस जगह है, जो स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और अन्य बर्फ वाले स्पोर्ट्सों के लिए जाना जाता है. इस जगह पर नए साल के जश्न के लिए काफी लोग पहुंचे हुए थे. विस्फोट के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल पर पहुंचीं और फंसे हुए लोगों को बचाने का काम शुरू किया. पीड़ितों के परिजनों और रिश्तेदारों के लिए एक हेल्पलाइन भी चालू की गई है, जिसका नंबर 084 811 21 17 है.  🚨🇨🇭#BREAKING | NEWS ⚠️Multiple people have been killed and others injured after a large explosion and fire ripped through a bar at the luxury alpine ski resort of Crans-Montana. Swiss Police Department says they are looking into the blast and how it happened. Possible… pic.twitter.com/q5UFjqUrk0 — 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) January 1, 2026 इस शहर में हुई यह घटना न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि देशभर में सुरक्षा और राहत कार्यों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है. घटना का असर आसपास के शहरों तक महसूस किया गया. Rega एयर रेस्क्यू सेवा के एक डॉक्टर ने फ्रेंच-भाषी चैनल RTS को बताया कि अस्पतालों में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने से परेशानी हो रही है. डॉक्टर ने जनता से अपील की कि वे एकजुट रहें और 1 जनवरी को किसी भी जोखिम भरी गतिविधियों से दूर रहें. यह हादसा वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 की वार्षिक बैठक से कुछ ही हफ्ते पहले हुआ, जो 19 से 23 जनवरी तक दावोस-क्लॉस्टर्स में होने वाली है. ANI के इनपुट के साथ. ये भी पढ़ें:- रूस ने दिया पुतिन के घर पर हमले का वीडियो सबूत, लेकिन क्या यह सच है?  जोहरान ममदानी ने कुरान पर हाथ रख न्यूयॉर्क मेयर पद की शपथ ली, ऐसा करने वाले बने पहले नेता, जानें क्या बोले? यूक्रेन युद्ध जीतेंगे… पितृभूमि का भविष्य तय होगा, पुतिन का देश और फ्रंटलाइन सैनिकों के नाम न्यू ईयर मैसेज The post स्विट्जरलैंड में न्यू ईयर जश्न के दौरान बार में धमाका, कई लोगों की मौत की आशंका, एंबुलेंस और हेलीकॉप्टर तैनात appeared first on Naya Vichar.

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New Year Auspicious Work 2026: नए साल पर शुभ कार्य की सही शुरुआत ऐसे करें,  सुख, समृद्धि और सफलता के खुलेंगे नए द्वार 

New Year Auspicious Work 2026:  नया साल जीवन में नई शुरुआत, नई उम्मीदों और नए संकल्पों का प्रतीक माना जाता है. ऐसे में अगर वर्ष की शुरुआत शुभ कार्यों और सकारात्मक सोच के साथ की जाए, तो पूरे साल उसका शुभ प्रभाव देखने को मिलता है. हिंदुस्तानीय सनातन परंपरा में किसी भी कार्य को शुभ मुहूर्त, शुद्ध मन और सकारात्मक भावना के साथ शुरू करने पर विशेष बल दिया गया है. माना जाता है कि नए साल के पहले दिन किए गए कार्य पूरे वर्ष की दिशा और दशा तय करते हैं. शुभ समय और दिशा का महत्व नए साल के पहले दिन सूर्योदय से पहले या सूर्योदय के समय उठकर स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. इसके बाद पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य को जल अर्पित करें. सूर्य को ऊर्जा, आत्मबल और सफलता का कारक माना गया है. ऐसा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है. यदि संभव हो, तो किसी भी नए कार्य की शुरुआत सुबह के समय ही करें, क्योंकि यह समय सकारात्मकता से भरा माना जाता है. पूजा और संकल्प का महत्व नए साल के दिन घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और अपने इष्ट देव का स्मरण करें. पूजा के दौरान नए साल के लिए संकल्प लें कि किन आदतों को छोड़ना है और किन अच्छे कार्यों को अपनाना है. संकल्प लेते समय मन और वाणी दोनों की शुद्धता बहुत जरूरी मानी जाती है. ऐसा विश्वास है कि शुद्ध भाव से लिया गया संकल्प अवश्य पूर्ण होता है. नए कार्य की शुरुआत कैसे करें नए साल पर नया व्यवसाय, नौकरी, पढ़ाई या निवेश शुरू करने से पहले भगवान को पहला फल, मिठाई या प्रसाद अर्पित करें. साथ ही घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना न भूलें. बुजुर्गों का आशीर्वाद जीवन में सफलता और स्थिरता लाने वाला माना जाता है. ये भी देखें:  नए साल की पहली गलती बन सकती है सालभर की परेशानी सकारात्मक सोच से करें साल की शुरुआत नया साल तभी शुभ फल देता है, जब हम नकारात्मक विचारों को पीछे छोड़ते हैं. क्रोध, ईर्ष्या और भय को त्यागकर आत्मविश्वास, परिश्रम और धैर्य के साथ आगे बढ़ें. सकारात्मक सोच के साथ की गई शुरुआत जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता के नए द्वार खोलती है. The post New Year Auspicious Work 2026: नए साल पर शुभ कार्य की सही शुरुआत ऐसे करें,  सुख, समृद्धि और सफलता के खुलेंगे नए द्वार  appeared first on Naya Vichar.

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Indian Sweets Recipe: मीठे में क्या बनाएं? जानिए टेस्टी इंडियन स्वीट्स रेसिपी

Indian Sweets Recipe: हिंदुस्तान को मिठाइयों का देश कहा जाता है. यहाँ हर त्योहार, खुशी और खास मौके पर मीठा खाना शुभ माना जाता है. चाहे शादी हो या नया साल कोई शुभ अवसर – बिना मिठाई के जश्न अधूरा माना जाता है. हिंदुस्तानीय मिठाइयाँ न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होती हैं, बल्कि इन्हें बनाना भी उतना ही आनंददायक होता है. इस आर्टिकल में हम आपको कुछ आसान और स्वादिष्ट इंडियन स्वीट्स रेसिपी बताएंगे, जिन्हें आप घर पर आसानी से बना सकते हैं. गुलाब जामुन रेसिपी सामग्री: ⦁ खोया – 1 कप⦁ मैदा – 2 टेबलस्पून⦁ बेकिंग सोडा – एक चुटकी⦁ चीनी – 1½ कप⦁ पानी – 1 कप⦁ इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच⦁ घी – तलने के लिए बनाने की विधि ⦁ खोया, मैदा और बेकिंग सोडा मिलाकर नरम आटा गूंथ लें.⦁ छोटी-छोटी गोलियां बना लें.⦁ धीमी आंच पर घी में तलें.⦁ चाशनी बनाकर गरम गुलाब जामुन उसमें डाल दें.⦁ 1 घंटे बाद सर्व करें. सूजी का हलवा सामग्री: ⦁ सूजी – 1 कप⦁ घी – ½ कप⦁ चीनी – 1 कप⦁ पानी – 2 कप⦁ इलायची – ½ चम्मच⦁ काजू-बादाम – कटे हुए बनाने का तरीका ⦁ कढ़ाही में घी गरम कर सूजी भूनें.⦁ पानी डालकर पकाएँ.⦁ चीनी और इलायची मिलाएँ.⦁ गाढ़ा होने पर ड्राई फ्रूट डालकर परोसें. नारियल लड्डू सामग्री: ⦁ कसा हुआ नारियल – 2 कप⦁ कंडेंस्ड मिल्क – 1 कप⦁ इलायची पाउडर – ½ चम्मच तैयार करने का तरीका ⦁ पैन में नारियल और कंडेंस्ड मिल्क मिलाएँ.⦁ धीमी आंच पर पकाएँ.⦁ मिश्रण गाढ़ा हो जाए तो लड्डू बना लें. बेसन के लड्डू सामग्री: ⦁ बेसन – 2 कप⦁ घी – ¾ कप⦁ चीनी पाउडर – 1 कप⦁ इलायची – ½ चम्मच बनाने का तरीका ⦁ बेसन को घी में धीमी आंच पर भूनें.⦁ ठंडा होने पर चीनी और इलायची मिलाएँ.⦁ लड्डू बनाकर तैयार करें. यह भी पढ़ें: New Year Party Snacks Recipes 2026: इस न्यू ईयर घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसे सॉफ्ट सीख कबाब यह भी पढ़ें: न्यू ईयर पार्टी में सब पूछेंगे रेसिपी, बस परोसें कश्मीरी स्टाइल चिकन रोगन जोश, 45 मिनट में फाइनल The post Indian Sweets Recipe: मीठे में क्या बनाएं? जानिए टेस्टी इंडियन स्वीट्स रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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January Bank Holidays 2026: नए साल की शुरुआत में 16 दिन बैंक रहेंगे बंद, पहले से कर लें प्लानिंग

January Bank Holidays 2026: नया साल 2026 शुरू हो चुका है और अगर आपकी टूडू लिस्ट में बैंक जाना शामिल है, तो पहले यह जान लेना जरूरी है कि जनवरी में आपके राज्य या इलाके में बैंक कब-कब बंद रहेंगे. बैंक की छुट्टियां अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हो सकती हैं क्योंकि बैंक राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दोनों तरह की छुट्टियां मानते हैं. इसलिए बिना पता लगाए बैंक जाना, खासकर साल के पहले दिनों में, आपके लिए बेकार की ट्रिप साबित हो सकती है. तारीख बंद रहने का कारण (छुट्टी का कारण) कहां बंद रहेंगे (राज्य/शहर) 1 जनवरी नववर्ष दिवस / गीत और संगीत का उत्सव आइजोल, चेन्नई, गंगटोक, इंफाल, ईटनगर, कोहिमा, कोलकाता, शिलांग 2 जनवरी नववर्ष समारोह / मन्नम जयंती आइजोल, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम 3 जनवरी हजरत अली का जन्मदिन लखनऊ 4 जनवरी रविवार (सप्ताहांत की छुट्टी) सभी स्थान 10 जनवरी दूसरा शनिवार (बंद) सभी स्थान 11 जनवरी रविवार (सप्ताहांत की छुट्टी) सभी स्थान 12 जनवरी विवेकानंद जयंती कोलकाता 14 जनवरी मकर संक्रांति / माघ बिहू अहमदाबाद, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, ईटनगर 15 जनवरी उत्तरायण पुण्यकाल / पोंगल / माघे संक्रांति / मकर संक्रांति बेंगलुरु, चेन्नई, गंगटोक, हैदराबाद, विजयनगर 16 जनवरी तिरुवल्लुवर दिवस चेन्नई 17 जनवरी उड़ावार थिरुनाल चेन्नई 18 जनवरी रविवार (सप्ताहांत की छुट्टी) सभी स्थान 23 जनवरी सुभाष चंद्र बोस जयंती / सरस्वती पूजा (श्री पंचमी) / बसंत पंचमी अगरतला, भुवनेश्वर, कोलकाता 24 जनवरी चौथा शनिवार (बंद) सभी स्थान 25 जनवरी रविवार (सप्ताहांत की छुट्टी) सभी स्थान 26 जनवरी गणतंत्र दिवस भोपाल, चंडीगढ़, देहरादून, श्रीनगर, कानपुर को छोड़कर सभी स्थान स्रोत: RBI कैलेंडर ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए काम बिना रुकावट चलेंगे बैंक की छुट्टियों के बावजूद आप ऑनलाइन बैंकिंग सुविधाओं का इस्तेमाल आराम से कर सकते हैं. UPI, IMPS, NEFT, RTGS जैसे डिजिटल लेन-देन के माध्यम से पैसे भेजना-लेना, बिल भुगतान और अन्य बैंकिंग कार्य बिना किसी रुकावट के हो सकते हैं. इसके अलावा, एटीएम भी बैंक बंद रहने पर भी काम करते रहेंगे, जिससे नकदी निकालने में कोई परेशानी नहीं होगी. जनवरी 2026 में शेयर मार्केट की छुट्टियां शेयर बाजार में भी जनवरी 2026 में कुल 9 दिन ट्रेडिंग बंद रहेगी. BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, हर रविवार और शनिवार के अलावा 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर भी बाजार बंद रहेगा. इसका मतलब है कि आपको ट्रेडिंग या शेयर से जुड़ी किसी भी योजना के लिए इन दिनों का ध्यान रखना होगा. आसान तरीके से जानें अपनी बैंक की छुट्टियां आप अपने राज्य या शहर की बैंक छुट्टियों की जानकारी संबंधित बैंक की वेबसाइट या RBI (हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक) की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं. साथ ही, आप मोबाइल बैंकिंग ऐप्स पर भी छुट्टियों का अपडेट पा सकते हैं ताकि बैंक के खुलने के दिन अपनी योजना बना सकें. Also Read: नई साल में गैस की कीमतों का तगड़ा झटका, जानिए कहां कितनी बढ़ी या घटी कीमतें The post January Bank Holidays 2026: नए साल की शुरुआत में 16 दिन बैंक रहेंगे बंद, पहले से कर लें प्लानिंग appeared first on Naya Vichar.

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रूस ने दिया पुतिन के घर पर हमले का वीडियो सबूत, लेकिन क्या यह सच है?

Russia releases Ukrainian drone attack on Putin’s House: रूस ने यूक्रेन पर नोवगोरोद क्षेत्र में स्थित राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास को ड्रोन हमले का निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाया है. रूस के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को एक वीडियो फुटेज जारी करते हुए दावा किया कि इसी ड्रोन का इस्तेमाल इस कथित हमले में किया गया था. मंत्रालय का कहना है कि यह कार्रवाई “सुनियोजित, चरणबद्ध और स्पष्ट रूप से लक्षित” थी. रात में रिकॉर्ड किए गए वीडियो में एक क्षतिग्रस्त ड्रोन को बर्फ से ढके जंगल में गिरा हुआ दिखाया गया है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ड्रोन में ऐसा उच्च-विस्फोटक वारहेड लगा था, जिसमें बड़ी संख्या में घातक तत्व भरे हुए थे और इसका मकसद सैन्य बलों के साथ-साथ नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचाना था. वीडियो में बताया गया है कि ड्रोन का लक्ष्य नोवगोरोद क्षेत्र के वाल्दाई जिले में मौजूद एक सुरक्षित राष्ट्रपति परिसर था. यह मामला ऐसे समय सामने आया जब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फ्लोरिडा में मुलाकात कर रहे थे. रूसी प्रशासनी मीडिया आरटी के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के वीडियो में दिखाई देने वाले एक सैनिक ने दावा किया कि मार गिराया गया ड्रोन यूक्रेन में बना चकलुन-V (Chaklun-V) टोही और हमला करने वाला यूएवी था, जिसे विशेष रूप से संशोधित किया गया था. रूसी सेना के अनुसार, यह हमला 28 और 29 दिसंबर की दरम्यानी रात को किया गया. सैनिक का कहना है कि वायु रक्षा प्रणाली ने ड्रोन को पीछे से निशाना बनाया, लेकिन इसके बावजूद वह काफी हद तक सुरक्षित स्थिति में गिरा, जिसे उन्होंने असामान्य बताया.  91 ड्रोन से हुआ हमला उन्होंने कहा कि ड्रोन में लगा विस्फोटक वारहेड फटा नहीं था, हालांकि उसमें बड़ी मात्रा में घातक सामग्री मौजूद थी. रूस का दावा है कि उस रात राष्ट्रपति परिसर की ओर भेजे गए कुल 91 यूक्रेनी ड्रोन को नष्ट कर दिया गया. रक्षा मंत्रालय ने इसे “रूसी राष्ट्रपति के आवास पर कीव शासन द्वारा किए गए योजनाबद्ध आतंकवादी हमले के अखंडनीय सबूत” करार दिया है. मंत्रालय ने एक नक्शा भी जारी किया, जिसमें ड्रोन की उड़ान का रास्ता दिखाया गया है. रूस के अनुसार, ब्रांस्क क्षेत्र में 49, स्मोलेंस्क में एक और नोवगोरोद में 41 ड्रोन को मार गिराया गया. Downed UAV with a 6kg explosive charge — Russian MOD publishes VIDEO PROOF of Ukrainian attack on Putin’s residence The attempt was carried out on the night of December 28 to 29 WATCH report by the unit who took down 41 of the 91 drones sent by Kiev https://t.co/J9Tgd8yAJx pic.twitter.com/b7Yv55OlxP — RT (@RT_com) December 31, 2025 यूक्रेन ने आरोपों से किया इनकार यूक्रेन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हेओरही तिखी ने इस वीडियो को “हास्यास्पद” करार दिया. उन्होंने रॉयटर्स से कहा, “यह हास्यास्पद है, चाहे इस वीडियो को तैयार करने में उन्हें दो दिन लगना हो या फिर जिस तरह की चीजों को वे सबूत के तौर पर पेश कर रहे हैं, उससे साफ है कि वे कहानी गढ़ने में भी गंभीर नहीं हैं.” उन्होंने कहा, “हमें पूरा भरोसा है कि ऐसा कोई हमला हुआ ही नहीं.”  हालांकि इस तरह के हमले से इनकार नहीं किया जा सकता. यूक्रेन ने मॉस्को में कई बार ड्रोन हमले का प्रयास किया है. वहीं 25 दिसंबर को क्रिसमस के दिन वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपनी इच्छा में पुतिन की मौत मांगी थी. हालांकि राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इसे शांति वार्ता में प्रगति को बाधित करने के लिए फैलाया गया जानबूझकर झूठ बताया. उनका कहना है कि इसका उद्देश्य डोनाल्ड ट्रंप के साथ संभावित बातचीत को प्रभावित करना है. डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा और अमेरिकी अधिकारियों का क्या बयान आया डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस कथित ड्रोन हमले की जानकारी उन्हें पुतिन से बातचीत के दौरान मिली. ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह पसंद नहीं आया और यह बेहद नाजुक समय है. यह सही समय नहीं है. एक बात होती है जवाबी कार्रवाई करना, लेकिन किसी के घर पर हमला करना बिल्कुल अलग बात है. अभी ऐसा करने का समय नहीं है.” जब उनसे पूछा गया कि क्या इस तरह के हमले के कोई सबूत हैं, तो ट्रंप ने कहा, “हम इसका पता लगाएंगे.” इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हालिया ड्रोन घटनाओं में न तो पुतिन और न ही उनके किसी आवास को निशाना बनाया गया. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, सीआईए के आकलन में भी पुतिन पर किसी हमले की कोशिश के सबूत नहीं मिले हैं. Footage of Putin’s residency getting drone has allegedly surfaced online.pic.twitter.com/m8W1WU4UvV — DramaAlert (@DramaAlert) December 31, 2025 वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है? विवाद के बीच एक 15 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें ड्रोन को कथित तौर पर पुतिन के आवास पर हमला करते हुए दिखाया गया है. इस वीडियो को लाखों बार देखा गया. हालांकि, एक्स (ट्विटर) ने इस वीडियो की फैक्ट-चेकिंग करते हुए ने लिखा, “यह वीडियो एआई से बनाया गया है. ध्यान दें कि वाहन ताजी बर्फ में चलने के बावजूद कोई टायर के निशान नहीं छोड़ता. खराब ऑडियो क्वालिटी, 15 सेकंड की छोटी अवधि और छोटे विस्फोट जिनसे कोई नुकसान नहीं दिखता ये सभी एआई-जेनेरेटेड वीडियो की विशेषताएं हैं.” ये भी पढ़ें:- फिनलैंड ने जब्त किया रूस का कार्गो शिप, समुद्र के नीचे केबल को नुकसान पहुंचाने का लगाया आरोप मातृभूमि का एकीकरण कोई रोक नहीं सकता, ताइवान पर जस्टिस मिशन के बाद गरजे शी जिनपिंग यूक्रेन युद्ध जीतेंगे… पितृभूमि का भविष्य तय होगा, पुतिन का देश और फ्रंटलाइन सैनिकों के नाम न्यू ईयर मैसेज The post रूस ने दिया पुतिन के घर पर हमले का वीडियो सबूत, लेकिन क्या यह सच है? appeared first on Naya Vichar.

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