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January 9, 2026

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WPL 2026: RCB ने जीता टॉस, MI करेगी पहले बल्लेबाजी; देखें दोनों टीमों की प्लेइंग XI

WPL 2026: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की कप्तान स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने टॉस जीतकर नवी मुंबई में शुक्रवार को स्त्री प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के उद्घाटन मैच में मौजूदा चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ पहले फील्डिंग करने का विकल्प चुना. दो खिताब अपने नाम कर चुकी एमआई स्त्री टीम अपने खिताब का बचाव करने के अभियान को शुरू करने के लिए उत्सुक होगी. हिंदुस्तानीय स्त्री क्रिकेट की दो दिग्गज खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर और मंधाना पर सबकी निगाहें होंगी, क्योंकि वे कप्तान के रूप में अपनी-अपनी टीमों को नये सीजन में जीत दिलाने के लिए बेकरार होंगी. हरमनप्रीत को टीम पर पूरा भरोसा टॉस के समय एमआई की कप्तान हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने कहा, ‘बाद में ओस पड़ने की संभावना को देखते हुए हम भी पहले गेंदबाजी करना चाह रहे थे, लेकिन यह सीजन का पहला मैच है, इसलिए देखते हैं आगे क्या होता है. टीम काफी अच्छी रही है. हम पिछले 10 दिनों से अभ्यास कर रहे हैं और सभी खिलाड़ी अच्छी लय में नजर आ रहे हैं. हमारी टीम काफी संतुलित है, पिछले तीन सीजनों की तरह ही, इसलिए हम आत्मविश्वास के साथ मैच में उतर रहे हैं.’ एमआई की टीम इस सीजन में भी काफी दमदार दिख रही है और वह चैंपियन बनने की दौड़ में आगे है. 🚨 Toss 🚨@RCBTweets won the toss against @mipaltan in the season opener and elected to bowl first. Updates ▶️ https://t.co/IWU1URl1fr#TATAWPL | #KhelEmotionKa | #MIvRCB pic.twitter.com/2pdEsTzdYV — Women’s Premier League (WPL) (@wplt20) January 9, 2026 टॉस के बाद आरसीबी की कप्तान स्मृति मंधाना ने कहा, ‘हम पहले गेंदबाजी करेंगे. इस मैदान पर ओस का बहुत बड़ा असर होता है, खासकर दूसरी पारी में और यह ऐसा मैदान है जहां परिस्थितियां जल्दी बदल सकती हैं. हम शुरुआत में कसी हुई लाइन पर गेंदबाजी करके विपक्षी टीम को रोकना चाहते हैं. यह शानदार रहा है. लड़कियों का तालमेल बहुत अच्छा रहा है. यह एक युवा टीम है, विदेशी खिलाड़ी अच्छे से घुल-मिल गए हैं और माहौल बहुत खुशनुमा रहा है. सभी ने बहुत मेहनत की है और हम शुरुआत करने के लिए बहुत उत्साहित हैं. हम छह हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतर रहे हैं. हमारी चार विदेशी खिलाड़ी ग्रेस हैरिस, नादिन डी क्लर्क, वेल्च और लॉरेन स्मिथ हैं.’ Presenting the Playing XIs of @mipaltan and @RCBTweets for Match 1⃣ 🙌 Live ▶️ https://t.co/IWU1URl1fr#TATAWPL | #KhelEmotionKa | #MIvRCB pic.twitter.com/e2Q5dj5DxK — Women’s Premier League (WPL) (@wplt20) January 9, 2026 दोनों टीमों की प्लेइंग XI मुंबई इंडियंस स्त्री (प्लेइंग इलेवन): नैट साइवर-ब्रंट, जी कमलिनी (विकेटकीपर), अमेलिया केर, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), अमनजोत कौर, निकोला कैरी, पूनम खेमनार, शबनिम इस्माइल, संस्कृति गुप्ता, सजीवन सजाना, साइका इशाक.रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु स्त्री (प्लेइंग इलेवन): स्मृति मंधाना (कप्तान), ग्रेस हैरिस, दयालन हेमलता, ऋचा घोष (विकेटकीपर), राधा यादव, नादिन डी क्लार्क, अरुंधति रेड्डी, श्रेयंका पाटिल, प्रेमा रावत, लिन्से स्मिथ, लॉरेन बेल. ये भी पढ़ें… बांग्लादेश ने अपने पूर्व स्टार क्रिकेटर को बताया इंडियन एजेंट, बौखलाया BCB बक रहा अनाप-सनाप टेस्ट संन्यास से वापसी का समय, Virat Kohli ने शेयर की ट्रेनिंग की तस्वीरें तो आया रिएक्शन The post WPL 2026: RCB ने जीता टॉस, MI करेगी पहले बल्लेबाजी; देखें दोनों टीमों की प्लेइंग XI appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti: बुद्धिमान व्यक्ति समाज के सामने कभी नहीं करता इन 4 चीजों का दिखावा, खामोशी से पहचान बनाकर भीड़ से अलग होता है खड़ा

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य की बात करें तो इन्हें अपने समय के सबसे ज्ञानी और बुद्धिमान पुरुष के तौर पर भी जाना जाता है. उन्हें अक्सर हम विष्णुगुप्त या फिर कौटिल्य के नाम से भी जानते हैं जो सिर्फ एक महान पॉलिटिशियन ही नहीं थे बल्कि मानव स्वभाव की भी काफी गहरी समझ रखते थे. अपने जीवनकाल के दौरान उन्होंने जिन भी बातों का जिक्र किया वह आज के समय में भी हमें सही और गलत रास्ते के बीच पहचान करना सिखाते हैं. अपनी नीतियों में आचार्य चाणक्य ने समझदार और बुद्धिमान व्यक्ति के व्यवहार के बारे में भी खुलकर बात की है. आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि बुद्धिमान लोग किन बातों का कभी दिखावा नहीं करते. ज्ञान का नहीं करते दिखावा आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो भी व्यक्ति असल में बुद्धिमान होता है वह कभी भी अपने ज्ञान का दिखावा किसी के सामने नहीं करता है. उन्हें यह बात पता होती है कि असली ज्ञान आत्मविश्वास और समझ से आती है किसी के सामने दिखावा करने से नहीं. इस तरह के जो लोग होते हैं वे दूसरों को शिक्षित करने में खुशी महसूस करते हैं लेकिन कभी भी अहंकार नहीं करते हैं. वे अपने ज्ञान का इस्तेमाल दूसरों के सामने बड़ाई करने के लिए नहीं बल्कि सही समय पर इस्तेमाल करने के लिए करते हैं. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: मीठी बातों के पीछे कहीं छिपा तो नहीं स्वार्थ? सच्चे और मतलबी लोगों में फर्क बताते हैं चाणक्य के ये संकेत धन और दौलत का दिखावा आचार्य चाणक्य के अनुसार एक बुद्धिमान व्यक्ति कभी भी अपने धन और संपत्ति का दिखावा नहीं करता है. वह अपने दौलत और पैसों को इस्तेमाल हमेशा से समझदारी से खर्च करने में करता है दिखावा करने में नहीं. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो भी इंसान अपने पैसों का दिखावा करता है उसे समाज में इज्जत नहीं बल्कि नफरत का सामना करना पड़ता है. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि एक बुद्धिमान व्यक्ति को इस बात की जानकारी होती है कि पैसों का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर करना चाहिए न कि दूसरों को इम्प्रेस करने के लिए. शक्तियों और पदों का दिखावा आचार्य चाणक्य कहते हैं जो भी व्यक्ति असलियत में समझदार होता है वह कभी भी अपने शक्तियों या फिर पद का दिखावा दूसरों के सामने नहीं करता है. एक बुद्धिमान व्यक्ति को यह बात काफी अच्छे से मालूम होता है कि शक्ति और पद हमेशा के लिए नहीं है वह समय के साथ बदल भी सकती है. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अगर आप अपनी शक्तियों का दिखावा करते हैं तो आपका पतन होना तय है. शारीरिक या बाहरी सुंदरता का दिखावा चाणक्य नीति में यह बात बिलकुल साफ तौर पर कही गयी है कि एक समझदार और बुद्धिमान व्यक्ति कभी भी अपनी सुंदरता या फिर शरीर का दिखावा दूसरों के सामने नहीं करता है. उसे यह बात काफी अच्छे से पता होती है कि उसकी यह शारीरिक सुंदरता हमेशा के लिए नहीं है. जीवन में उसे आगे बढ़ने में सिर्फ उसके अंदर की खूबियां की मदद करने वाली हैं. यह एक मुख्य कारण है कि एक बुद्धिमान व्यक्ति अपनी बाहरी खूबसूरती से दूसरों को इम्प्रेस करने की कोशिश कभी भी नहीं करता है. लोग उनके प्रति उनकी सोच और व्यवहार से अट्रैक्ट होते हैं. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: आज लिए गए ये छोटे फैसले बदल देंगे आपकी पूरी जिंदगी, सफलता और सुख का राज छिपा है चाणक्य की इन नीतियों में Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: बुद्धिमान व्यक्ति समाज के सामने कभी नहीं करता इन 4 चीजों का दिखावा, खामोशी से पहचान बनाकर भीड़ से अलग होता है खड़ा appeared first on Naya Vichar.

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नाबार्ड असिस्टेंट मैनेजर ग्रेड A भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी, यहां डायरेक्ट करें चेक

NABARD Assistant Manager Result OUT: नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट यानी NABARD की ओर से असिस्टेंट मैनेजर ग्रेड A भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया है. जो कैंडिडेट्स इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अब अपना रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट nabard.org पर जाकर चेक कर सकते हैं. इस भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत 8 नवंबर 2025 को हुई थी. आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों को 30 नवंबर 2025 तक का समय दिया गया था. इसके बाद NABARD Assistant Manager Grade A की प्रारंभिक परीक्षा 20 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी. अब लगभग एक महीने के इंतजार के बाद प्रीलिम्स परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है. NABARD Assistant Manager Result कैसे चेक करें सबसे पहले NABARD की ऑफिशियल वेबसाइट nabard.org पर जाएं. होमपेज पर Career या What’s New सेक्शन पर क्लिक करें. यहां आपको Assistant Manager Grade A Result 2025 का लिंक दिखाई देगा. इस लिंक पर क्लिक करते ही एक PDF फाइल खुलेगी. PDF में अपना रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर सर्च करें. अगर आपका नंबर लिस्ट में है, तो आप मेन्स परीक्षा के लिए सेलेक्ट हो चुके हैं. NABARD Assistant Manager Grade A Result Check Here आगे की प्रक्रिया इस परीक्षा में शामिल लाखों उम्मीदवारों के लिए यह रिजल्ट बेहद अहम है, क्योंकि प्रीलिम्स में सफल होने वाले कैंडिडेट्स को अगले चरण यानी फेज 2 में शामिल होने का मौका मिलेगा. फेज 2 को मेन्स परीक्षा भी कहा जाता है, जिसका आयोजन 25 जनवरी 2026 को किया जाएगा. ऐसे में जिन उम्मीदवारों का नाम रिजल्ट लिस्ट में आया है, उन्हें अब मेन्स परीक्षा की तैयारी में पूरी ताकत झोंक देनी चाहिए. इस भर्ती अभियान के जरिए NABARD में असिस्टेंट मैनेजर ग्रेड A के कुल 91 पदों को भरा जाएगा. यह भी पढ़ें: बिहार एसटीईटी का रिजल्ट जारी, 2.5 लाख कैंडिडेट्स पास The post नाबार्ड असिस्टेंट मैनेजर ग्रेड A भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी, यहां डायरेक्ट करें चेक appeared first on Naya Vichar.

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Internal Security: आतंक से जुड़ी जानकारी अब नेशनल आईईडी डाटा मैनेजमेंट सिस्टम पर

Internal Security: मौजूदा समय में आतंकवाद के बदलते तरीके से निपटने के लिए डेटा का महत्व काफी बढ़ गया है. पिछले कुछ साल से डेटा जेनरेट कर उसे व्यवस्थित तरीके से एकत्रित करने का काम किया गया है. इस काम में नेशनल आईईडी डाटा मैनेजमेंट सिस्टम(एनआईडीएमएस) का अहम योगदान होगा. देश में होने वाली सभी तरह की आतंकवादी घटनाओं की जांच और उनके विभिन्न पहलुओं के विश्लेषण करने में मदद करेगा और यह आतंकवाद के खिलाफ नेक्स्ट जनरेशन सुरक्षा कवच बनेगा. शुक्रवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के नेशनल आईईडी डाटा मैनेजमेंट सिस्टम (एनआईडीएमएस) का उद्घाटन करते हुए कहा कि गृह मंत्रालय ने हाल के वर्षों में कई तरह के डेटा सृजित किए हैं, लेकिन अब तक वे सिलोस में यानी अलग-अलग थे. अब इन सभी डेटा स्रोतों को एक-दूसरे से जोड़ने और उनके विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एक उन्नत सॉफ्टवेयर विकसित करने का प्रयास किया गया है.   एनआईडीएमएस की यह पहल इसे गति प्रदान करेगी और देश को आतंकवाद से सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी. इस दौरान केंद्रीय गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक, एनएसजी के महानिदेशक, केंद्रीय अर्धसैनिक पुलिस बलों के महानिदेशक और राज्यों के पुलिस महानिदेशक मौजूद रहे. गृह मंत्री ने कहा कि एनआईडीएमएस से एनआईए, देशभर की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड(एटीएस), राज्यों की पुलिस और सभी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को एक वृहद, एकीकृत और ऑनलाइन डेटा प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा. यह प्लेटफार्म दो-तरफा (टू-वे) होगा और इसमें किसी भी स्थान पर हुए विस्फोट संबंधी घटना का डेटा शामिल होगा.  आतंकी घटनाओं की जांच को मिलेगी गति गृह मंत्री ने कहा कि डेटा का उपयोग करके हर राज्य जांच के दौरान सहायता करने में मदद करेगी. एनआईडीएमएस आतंकी गतिविधियों की जांच, विस्फोटों के ट्रेंड समझने और उनके खिलाफ प्रभावी रणनीति बनाने में कारगर साबित होगा. एनएसजी के पास जो डेटाबेस उपलब्ध है, उसमें 1999 से लेकर अब तक सभी बम विस्फोटों से संबंधित डेटा संग्रहीत है. एनआईडीएमएस के जरिये से यह डेटा अब देशभर की पुलिस और संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध होगा. एनआईडीएमएस देश में अब तक हुए बम विस्फोटों के पैटर्न, मोडस ऑपरेंडी और इस्तेमाल हुए विस्फोटकों का सटीक विश्लेषण करने का मजबूत प्लेटफॉर्म बनेगा. इससे घटनाओं की आपसी जुड़ाव और सर्किट पद्धति के आधार पर कारणों को समझने में मदद मिलेगी.  अमित शाह ने कहा कि एनआईडीएमएस एक सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिये देशभर की बम विस्फोट संबंधी घटनाओं का संगठित तौर पर सटीक विश्लेषण किया जा सकेगा. यह प्लेटफॉर्म आईईडी संबंधित डेटा को संकलित, मानकीकृत, संयोजित और सुरक्षित तरीके से साझा करने की प्रक्रिया को मजबूती प्रदान करेगा. एनआईडीएमएस जांच एजेंसियों और एंटी टेरर संगठनों के लिए अलग-अलग केस फाइलों में बिखरे डेटा का सिंगल क्लिक एक्सेस विंडो होगा और इससे केंद्र और राज्यों की जांच एजेंसियों, आतंकवाद-निरोधक संगठनों और सभी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को डेटा तत्काल उपलब्ध होगा.  The post Internal Security: आतंक से जुड़ी जानकारी अब नेशनल आईईडी डाटा मैनेजमेंट सिस्टम पर appeared first on Naya Vichar.

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सामाजिक मेल मिलाप और सद्भाव का त्यौहार है मकर संक्रांति: मंत्री

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड अंतर्गत बथुआ बुजुर्ग निवासी सह भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रो. अमरेंद्र कुमार के आवास पर शुक्रवार को पुरातन सामाजिक– नेतृत्वक कार्यकर्ता समागम सह मकर संक्रांति सहभोज का आयोजन हुआ। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि स्थानीय जदयू विधायक सह राज्य के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मकर संक्रांति पर्व सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व पारंपरिक रूप से सामाजिक मेल– मिलाप और सद्भाव को बढ़ाने वाला त्यौहार है। इसलिए नेतृत्वक दलों के साथ-साथ शिक्षाविद एवं समाजसेवी भी अपने समर्थकों के साथ इस पर्व को मानते हैं, जो इस पर्व की पारंपरिक नेतृत्वक और सामाजिक महत्ता को दर्शाता है। मंत्री ने उपस्थित लोगों को मकर संक्रांति पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोगों को चादर, माला एवं पाग भेंट कर सम्मानित किया गया। मौके पर जदयू विधायक अश्वमेघ देवी, भाजपा विधायक वीरेंद्र कुमार,भाजपा विधायक राजेश कुमार सिंह, विधान पार्षद डॉ. तरुण कुमार,सर्वेश कुमार, सुशील चौधरी, भाजपा दक्षिणी जिलाध्यक्ष शशिधर झा,प्रखंड जदयूध्यक्ष रामाश्रय प्रसाद,डॉ. रामकिशोर चौधरी, अनिल सिंह बाबा, मणि प्रसाद सिंह, जवाहर प्रसाद सिंह,राम लगन सिंह,डॉ.मित्र कुमार ठाकुर, रूप नारायण झा, भोला प्रसाद सिंह, नागराज झा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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BJP: प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई में मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप अनैतिक और गैर कानूनी

BJP: कोलकाता में आई-पैक के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय के छापे को लेकर सियासी बवाल थमता नहीं दिख रहा है. प्रवर्तन निदेशालय के छापे के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया. शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के कई सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया. हालांकि प्रदर्शनकारी सांसदों को पुलिस उठाकर थाने ले गयी और कुछ घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया गया. वहीं पश्चिम बंगाल में भी तृणमूल कांग्रेस के नेता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं. कोलकाता हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई भीड़ के कारण स्थगित कर दी गयी और अब मामले की सुनवाई 14 जनवरी को होगी. इस मामले में भाजपा भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के रवैये को लेकर आक्रामक है. शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई में जिस तरह दखल दिया गया वह हिंदुस्तान के इतिहास में कभी नहीं हुआ. मुख्यमंत्री ने जिस तरह का काम किया वह पूरी तरह अनैतिक, गैर-जिम्मेदार और असंवैधानिक है. मुख्यमंत्री की हरकत से लोकतांत्रिक प्रक्रिया कलंकित हुई है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि एक निजी संपत्ति पर प्रवर्तन निदेशालय की ओर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत छापेमारी की कार्रवाई हो रही थी. इस कार्रवाई के बीच मुख्यमंत्री ने वहां पहुंचकर जांच एजेंसी के अधिकारी को धमकाने का काम किया और दस्तावेज लेकर अपने साथ चली गयी. यह छापा किसी नेतृत्वक दल के कार्यालय पर नहीं मारा गया था बल्कि कोयले की तस्करी और और हवाला लेनदेन को लेकर किया गया था.   आखिर क्या छुपाना चाहती है ममता बनर्जी  भाजपा नेता ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर, दफ्तर, तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर या पार्टी के किसी नेता के घर पर नहीं हो रही थी. प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई एक निजी कंसल्टेंसी फर्म पर थी, जिस पर करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर शिकायत मिली थी. ऐसे में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पुलिस अधिकारियों के छापे की जगह पहुंचकर जांच एजेंसी के अधिकारियों को धमकाने का काम करती है और उनसे जरूरी दस्तावेज छीनकर अपने साथ लेकर जाने का काम करती है. साथ ही जांच एजेंसी के अधिकारियों को धमकाया जाता है. एक मुख्यमंत्री का ऐसा आचरण अमर्यादित और शर्मनाक ही नहीं बल्कि संवैधानिक मर्यादाओं को भी तार-तार करने वाला है. उन्होंने कहा कि आखिर क्या वजह रही है कि मुख्यमंत्री प्रवर्तन निदेशालय के छापे से इतनी डरी और घबराई हुई हैं. पिछले 15 साल से मुख्यमंत्री के पद पर काबिज ममता बनर्जी को आखिर एक निजी एजेंसी पर छापे के कारण नियमों और संवैधानिक प्रक्रिया को ताक पर रखने के लिए क्यों कदम उठाना पड़ा? मुख्यमंत्री के रवैये से साफ जाहिर होता है कि वहां कुछ ऐसा संवेदनशील दस्तावेज था, जिसे निकालना बेहद जरूरी थी. चाहे इसके लिए नियमों और संवैधानिक मर्यादाओं को ही ताक पर क्यों नहीं रखना पड़े. ममता बनर्जी ने जिस तरह का काम किया है, उससे स्पष्ट होता है कि पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार का राज खुलने के डर से वे बौखला गयी है. लेकिन आने वाले समय में राज्य की जनता इसका जवाब देगी.  The post BJP: प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई में मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप अनैतिक और गैर कानूनी appeared first on Naya Vichar.

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कोलकाता में बरसीं ममता बनर्जी, कहा- TMC की ‘रणनीति चोरी’ के लिए I-PAC पर छापे, बीजेपी ने एजेंसियों पर किया कब्जा

Table of Contents ईडी रेड के बीच प्रतीक जैन के घर जाने पर ममता बनर्जी ने दी सफाई Mamata Banerjee on ED Raid: जादवपुर से हाजरा तक ममता बनर्जी ने 7 किलोमीटर तक मार्च किया बीजेपी ने सभी एजेंसियों पर कर लिया है कब्जा – ममता बनर्जी टीएमसी सुप्रीमो ने बीजेपी से पूछा- बंगाल पर भी कर सकते हैं कब्जा? ममता बनर्जी नयी दिल्ली में निर्वाचन आयोग के खिलाफ करेंगी प्रदर्शन Mamata Banerjee on ED Raid: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आई-पैक के ठिकानों पर ईडी की रेड के विरोध में शुक्रवार को सड़क पर उतर आयीं. इसके साथ ही 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी घमासान तेज हो गया. I-PAC पर ईडी की रेड के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र प्रशासन पर उनकी (टीएमसी की) चुनावी रणनीति ‘चुराने’ का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने ईडी पर केंद्र में सत्तारूढ़ हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्वक हथियार के रूप में काम करने का आरोप भी लगाया. ईडी रेड के बीच प्रतीक जैन के घर जाने पर ममता बनर्जी ने दी सफाई पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि ईडी द्वारा ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पैक) के कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर बृहस्पतिवार को छापेमारी के दौरान उनका वहां जाना और दस्तावेज लेकर आना गलत नहीं था. उन्होंने छापेमारी स्थल पर विशुद्ध रूप से तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष के रूप में हस्तक्षेप किया था, न कि मुख्यमंत्री के रूप में. कहा कि ‘आई-पैक’ तृणमूल कांग्रेस को नेतृत्वक परामर्श सेवा मुहैया कराती है. अगर कोई मुझे नेतृत्वक रूप से निशाना बनाने की कोशिश करता है, तो मुझे नेतृत्वक रूप से नयी ऊर्जा मिलती है और मेरा पुनर्जन्म होता है. ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल 2026 बंगाल चुनाव से पहले नेतृत्वक जंग रणनीति जानने के लिए पड़े छापे नेतृत्वक हमला मुझे और ताकत देता है बीजेपी एजेंसियों पर कब्जा कर चुकी है Mamata Banerjee on ED Raid: जादवपुर से हाजरा तक ममता बनर्जी ने 7 किलोमीटर तक मार्च किया रैली से पहले ममता बनर्जी जादवपुर के 8-बी बस स्टैंड से हाजरा तक करीब 7 किलोमीटर की पदयात्रा की. तृणमूल सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि एजेंसी सुबह-सुबह आई-पैक के निदेशक के आवासीय परिसर में दाखिल हुई. जब तक वह (ममता बनर्जी) पहुंचीं, तब तक ‘बहुत सारा सामान पहले ही ले जाया जा चुका था’. तृणमूल प्रमुख ने कहा, ‘आप सुबह 6 बजे परिसर में दाखिल हुए. मैं करीब 11:45 बजे वहां पहुंची. तब तक कई चीजें चोरी हो चुकी होंगी’ बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बीजेपी ने सभी एजेंसियों पर कर लिया है कब्जा – ममता बनर्जी ममता बनर्जी ने ईडी पर बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले उनकी पार्टी टीएमसी के रणनीतिक दस्तावेजों तक पहुंचने की कोशिश करने का आरोप लगाया. केंद्र के साथ अपने टकराव को बढ़ाते हुए ने ममता बनर्जी ने दावा किया कि ‘सभी एजेंसियों पर कब्जा’ कर लिया गया है. उन्होंने हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कई राज्यों की सत्ता पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया. Today, Bengal showed the streets what its roar truly sounds like. Row after row, people poured out in numbers that left no room for doubt. Answering the call of Hon’ble Chairperson Smt. @mamataofficial, ordinary citizens stepped forward to give a fitting reply to every… pic.twitter.com/Z3d8ACxX4v — All India Trinamool Congress (@AITCofficial) January 9, 2026 टीएमसी सुप्रीमो ने बीजेपी से पूछा- बंगाल पर भी कर सकते हैं कब्जा? तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने पूछा कि बीजेपी आपनी ताकत के बल पर महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार की सत्ता पर काबिज हुई. क्या आपको लगता है कि आप बंगाल पर भी कब्जा कर सकते हैं? उन्होंने कहा कि कोई भी नेतृत्वक हमला उनके संकल्प को और मजबूत करता है. ममता बनर्जी की अगुवाई में निकली तृणमूल की रैली में विशाल जनसमूह. फोटो : एएनआई ममता बनर्जी नयी दिल्ली में निर्वाचन आयोग के खिलाफ करेंगी प्रदर्शन मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग पर भी निशाना साधा. कहा कि भाजपा ने उसकी मदद से महाराष्ट्र में जनादेश ‘चुरा लिया’ था. अब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से वैध मतदाताओं के नाम हटाकर बंगाल में भी ऐसा ही करने का प्रयास कर रही है. ममता बनर्जी ने कहा है कि अब वह नयी दिल्ली में निर्वाचन आयोग के कार्यालय पर धरना देंगी. उनका आरोप है कि चुनाव आयोग ने एसआईआर के दौरान मतदाताओं का उत्पीड़न किया. टीएमसी उस उत्पीड़न का विरोध करेगी. इसे भी पढ़ें घुटने पर बैठे अभिषेक बनर्जी, जहां पीएम मोदी नहीं जा सके, उसी ताहिरपुर में BJP पर जमकर बरसे TMC महासचिव कलकत्ता हाईकोर्ट में अनियंत्रित हुई भीड़, कोर्ट से बाहर निकल गयीं जज, जानें पूरा मामला Video: हल्लाबोल करना है, तो इजाजत लेकर जंतर-मंतर पर बैठ जाओ, टीएमसी सांसदों के प्रदर्शन पर बोले शुभेंदु अधिकारी दिल्ली में अमित शाह के घर पर प्रदर्शन कर रहे TMC सांसदों को सुरक्षा बलों ने हटाया, ममता बनर्जी बोलीं- लोकतंत्र पर हमला The post कोलकाता में बरसीं ममता बनर्जी, कहा- TMC की ‘रणनीति चोरी’ के लिए I-PAC पर छापे, बीजेपी ने एजेंसियों पर किया कब्जा appeared first on Naya Vichar.

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Fertiliser: उर्वरक उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है देश

Fertiliser: देश में कृषि के लिए उर्वरक की मांग लगातार बढ़ रही है. उर्वरकों की मांग को पूरा करने के लिए हिंदुस्तान दूसरे देशों पर निर्भर है. हालांकि हाल के वर्षों में जरूरत को पूरा करने के लिए घरेलू स्तर पर उत्पादन बढ़ाने का काम किया गया है. आत्मनिर्भर हिंदुस्तान के लक्ष्य को हासिल करने में केंद्र प्रशासन ने उर्वरक क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है. वर्ष 2025 में देश की कुल उर्वरक खपत का 73 फीसदी हिस्सा देश में ही उत्पादन कर पूरा किया गया. प्रशासन किसानों को सशक्त और स्वावलंबी बनाने के साथ-साथ पूरे देश में उर्वरकों की समय पर और तय समय में आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है. उर्वरक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कच्चे माल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया है. इन प्रयासों का नतीजा है कि वर्ष 2025 में उर्वरकों का घरेलू उत्पादन अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है. यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी का कुल घरेलू उत्पादन लगातार बढ़ रहा है. वर्ष 2021 में यह 433.29 लाख टन था, जो वर्ष 2022 में बढ़कर 467.87 लाख टन हो गया और फिर वर्ष 2023 में इसमें बड़ी वृद्धि दर्ज की गई और उत्पादन 507.93 लाख टन तक पहुंच गया. यह बढ़त वर्ष 2024 में भी जारी रही और उत्पादन 509.57 लाख टन रहा. वहीं वर्ष 2025 में उर्वरक उत्पादन अब तक के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच कर 524.62 लाख टन हो गया. उत्पादन बढ़ने की वजह नये उर्वरक संयंत्रों की स्थापना, बंद पड़ी इकाइयों का पुनरुद्धार और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने से हुआ.   प्रशासन की नीतियों के कारण बढ़ा है उत्पादन उर्वरक विभाग देश में तय समय पर सभी तरह उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना होता है. हर फसल चक्र से पहले कृषि एवं कल्याण विभाग राज्य स्तर पर उर्वरकों की जरूरत का आकलन करता है और फिर राज्यों के लिए इसके आपूर्ति की मात्रा तय करता है. पहले अधिकांश उर्वरकों के लिए हिंदुस्तान को दूसरे देशों पर निर्भर होना होता था. वैश्विक स्तर पर होने वाले घटनाक्रमों के कारण उर्वरकों की आपूर्ति पर असर होता था. इस चुनौती से निपटने के लिए हाल के समय में प्रशासन ने इस मामले में आत्मनिर्भर बनने के लिए कई कदम उठाए. प्रशासन के प्रयासों का नतीजा है कि पिछले एक दशक में घरेलू उर्वरक के उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गयी. वर्ष 2013-14 में यूरिया का घरेलू उत्पादन 227.15 लाख मीट्रिक टन था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 307.67 लाख मीट्रिक टन हो गया. इस अवधि में यूरिया के उत्पादन में 35 फीसदी की वृद्धि हुई. इसी तरह डीएपी और एनपीकेएस उर्वरक का उत्पादन वर्ष 2013-14 में 110.09 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 158.78 लाख मीट्रिक टन हो गया. इस अवधि में इन उर्वरकों का उत्पादन 44 फीसदी बढ़ा. प्रशासन की इन पहलों से किसानों को उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित हुई है और कृषि उत्पादन को भी समर्थन मिला है. किसानों को कम कीमत पर उर्वरक मुहैया कराने के लिए प्रशासन सब्सिडी के तौर पर लाखों करोड़ रुपये खर्च कर रही है.  The post Fertiliser: उर्वरक उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है देश appeared first on Naya Vichar.

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200 साल पुरानी मुनरो डोक्ट्रिन के बाद ट्रंप का नया ‘डोनरो डोक्ट्रिन’, जानिए क्यों दहशत में हैं लैटिन अमेरिका!

Donroe Doctrine: इस महीने की शुरुआत में ‘डोनरो डोक्ट्रिन’ शब्द सुर्खियों में आया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे हवाले देते हुए वेनेजुएला में एक बड़े सैन्य अभियान की घोषणा की. इस अभियान में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना ने हिरासत में लिया. डोनरो डोक्ट्रिन, पुराने मुनरो डोक्ट्रिन का आधुनिक और आक्रामक रूप माना जा रहा है, जिसे अमेरिका ने पश्चिमी गोलार्ध में अपनी बढ़ती शक्ति और प्रभाव दिखाने के लिए पेश किया. मुनरो डोक्ट्रिन और इसका इतिहास मुनरो डोक्ट्रिन को सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जेम्स मुनरो ने दिसंबर 1823 में (लगभग 200 साल पहले) कांग्रेस को अपने संदेश में पेश किया था. इसमें कहा गया कि अमेरिका (उत्तर, मध्य और दक्षिण अमेरिका) में अब यूरोपीय देशों को उपनिवेश (Colony) बनाने की अनुमति नहीं है और अगर कोई यूरोपीय देश स्वतंत्र अमेरिकी राष्ट्रों के मामलों में हस्तक्षेप करेगा, तो उसे अमेरिका के लिए खतरा माना जाएगा. डोक्ट्रिन ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका यूरोप की लड़ाइयों में हस्तक्षेप नहीं करेगा, लेकिन पश्चिमी गोलार्ध में नए बाहरी नियंत्रण का विरोध करेगा. 19वीं और 20वीं सदी तक मुनरो डोक्ट्रिन अमेरिकी विदेश नीति की बुनियाद रहा. बाद में इसे और आक्रामक रूप दिया गया, जैसे 1904 में रूजवेल्ट कोरोलरी ने अमेरिका को यह अधिकार दिया कि वह पश्चिमी गोलार्ध के देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर सके ताकि यूरोपीय प्रभाव रोका जा सके. 20वीं सदी में इसका उपयोग कई बार हुआ, जैसे 1962 में क्यूबा मिसाइल संकट में, जब सोवियत मिसाइलों की मौजूदगी को अमेरिका ने अपने क्षेत्र में खतरा मानकर रोक दिया. Donroe Doctrine in Hindi: डोनरो डोक्ट्रिन कोई औपचारिक नीति नहीं डोनरो डोक्ट्रिन कोई औपचारिक नीति नहीं है, बल्कि ट्रंप और उनके सहयोगियों द्वारा पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिका की वर्तमान आक्रामक नीति के लिए बनाया गया नाम है. ट्रंप ने इसे वेनेजुएला अभियान के बाद स्पष्ट रूप से संदर्भित किया और बताया कि यह पुराने मुनरो डोक्ट्रिन का आधुनिक और ज्यादा आक्रामक रूप है. इस सिद्धांत के अनुसार, अमेरिका को नेतृत्वक, आर्थिक और सैन्य रूप से किसी भी पश्चिमी गोलार्ध के क्षेत्र में अपनी शक्ति दिखाने का अधिकार है. इसमें ट्रंप कोरोलरी भी शामिल है, जो अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है. इसके तहत पश्चिमी गोलार्ध को अमेरिका के प्रभाव का मुख्य क्षेत्र माना जाता है, बाहरी ताकतों को यहां प्रवेश से रोकने की बात कही जाती है और अमेरिकी सुरक्षा हितों के खतरे पर हस्तक्षेप को सही ठहराया जाता है. ट्रंप प्रशासन ने इसे चीन और रूस जैसे वैश्विक ताकतों के साथ प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया. अमेरिका ने वेनेजुएला, ग्रीनलैंड और पनामा नहर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में अपनी प्राथमिकता को इस डोक्ट्रिन के माध्यम से स्पष्ट किया. (Donroe Doctrine Trump Latin America Policy in Hindi) लैटिन अमेरिका: डोनरो का केंद्र भौगोलिक नजदीकी, ऐतिहासिक रिश्ते और रणनीतिक संसाधनों की वजह से लैटिन अमेरिका डोनरो डोक्ट्रिन का मुख्य केंद्र है. जनवरी 2026 में वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, जिसे व्हाइट हाउस ने ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व कहा, डोनरो डोक्ट्रिन के तहत अमेरिकी सुरक्षा और शक्ति प्रदर्शन का उदाहरण माना गया. ट्रंप प्रशासन ने इसे ड्रग तस्करी से लड़ने और वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार जैसे रणनीतिक ऊर्जा संसाधनों को हासिल करने के उद्देश्य से जोड़ा. विशेषज्ञों के अनुसार, यह दृष्टिकोण पिछले अमेरिकी प्रशासनों से अलग है, जिन्होंने अक्सर लैटिन अमेरिका नीति में साझेदारी और सहयोग को प्राथमिकता दी. डोनरो डोक्ट्रिन के तहत, जो देश अमेरिका के हितों के खिलाफ जाते हैं चाहे वह अन्य वैश्विक शक्तियों के साथ गठबंधन के माध्यम से हो या आर्थिक नीति के कारण वे कूटनीतिक दबाव, प्रतिबंध या सीधे सैन्य कार्रवाई का सामना कर सकते हैं. ट्रंप ने कोलंबिया, क्यूबा और मेक्सिको को निशाना बनाया ट्रंप का वेनेजुएला पर सैन्य करवाई के बाद कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को बीमार आदमी कहा, और दावा किया कि पेट्रो अमेरिका को कोकीन बनाते और बेचते हैं. ट्रम्प ने चेतावनी दी कि यह ज्यादा दिन नहीं चलेगा और मिलिट्री कार्रवाई की संभावना का इशारा किया. ट्रम्प ने यह भी कहा कि क्यूबा कमजोर हो गया है, और वेनेजुएला से तेल और पैसे की सप्लाई बंद होने के कारण क्यूबा अब गिरने की कगार पर है. उन्होंने सुझाव दिया कि अमेरिका को शायद सीधे कार्रवाई करने की जरूरत भी न पड़े. ट्रम्प ने कहा कि मेक्सिको को अपने ड्रग कार्टेल को कंट्रोल करना होगा, नहीं तो अमेरिका कार्रवाई कर सकता है. ट्रम्प ने ईरान और ग्रीनलैंड का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अगर ईरान विरोधियों पर हमला किया तो अमेरिका जोरदार जवाब देगा. उन्होंने यह भी कहा कि ग्रीनलैंड राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है. इन टिप्पणियों पर संबंधित देशों से प्रतिक्रियाएं आईं, कोलंबिया के पेट्रो ने ट्रम्प की टिप्पणियों को अपने देश की संप्रभुता पर हमला बताया. वहीं क्यूबा ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई को स्टेट टेररिज्म कहा और डेनमार्क ने ग्रीनलैंड पर अमेरिका के दावे को खारिज कर दिया. अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या है इस कारवाई को लेकर  आलोचक मानते हैं कि ट्रंप का यह संस्करण अमेरिका को फिर से नव-उपनिवेशवाद (Neocolonialism) की ओर ले जा सकता है, जैसा कि अतीत में अमेरिका ने कई लैटिन अमेरिकी देशों में किया. लैटिन अमेरिकी प्रशासनों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं. कुछ देशों ने सुरक्षा कार्रवाई का संकोचपूर्ण समर्थन किया, जबकि अन्य ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानून का हनन बताया. वैश्विक शक्तियों ने भी इस डोक्ट्रिन की आलोचना की, क्योंकि इससे उनके आर्थिक और सुरक्षा हित सीधे चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं. विश्लेषकों का कहना है कि अगर अमेरिका लैटिन अमेरिका को केवल अपने प्रभाव के क्षेत्र के रूप में दिखाता है, जबकि अन्य बड़े खिलाड़ी वहां आर्थिक और कूटनीतिक संबंध बनाए रखते हैं, तो यह नए भू-नेतृत्वक तनाव को जन्म दे सकता है. डोनरो डोक्ट्रिन, मुनरो डोक्ट्रिन का आधुनिक संस्करण है, जो अमेरिकी रणनीतिक हितों को सर्वोपरि रखता है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग या संप्रभुता के पुराने नियमों को अक्सर पीछे छोड़ देता है. ये भी पढ़ें: ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए अमेरिका पहले भी तीन बार लगा चुका है दांव, अब ट्रंप की नजर बर्फीले टापू पर! ग्रीनलैंड पर क्यों टिकी है ट्रंप की नजर, बर्फीली परत के नीचे छुपा है अकूत खजाना The post 200 साल

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बेंगलुरु-मुंबई को टक्कर देगा बिहार, आईटी हब बनेगा, आइटी कंपनियां करेंगी 827 करोड़ का निवेश

Bihar IT Policy: बिहार में आईटी नीति 2024 लागू होने के बाद अब तक 22 से अधिक कंपनियों ने आइटी क्षेत्र में 827 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने का प्रस्ताव दिया है. इस पर तेजी से काम चल रहा है. नयी आईटी पॉलिसी बनने के बाद से बिहार को डेटा केंद्र और डिजिटल बिहार जैसी सुविधाओं के साथ प्रशासन कनेक्टिविटी, डेटा सुरक्षा और इ-गवर्नेंस समाधान में सुधार कर रही है. इससे बिहार में रोजगार, तकनीक की सुविधाएं बढ़ेगी. बिहार में जल्द ही कंप्यूटर, लैपटॉप, ड्रोन और सोलर पैनल की मैन्युफैक्चरिंग की सात से अधिक कंपनियां काम करना शुरू कर देंगी. आईटी क्षेत्र में काम करने के लिए बिहारी युवाओं की हो रही पहचान बिहार अब देश के अन्य विकसित राज्यों की तरह तेजी से आईटी हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है. देश की कई बड़ी कंपनियों ने बिहार में निवेश करने में अपनी दिलचस्पी दिखायी है. इसके बाद विभाग ने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु सहित देश से बाहर आईटी क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं को एक मंच पर लाने की तैयारी तेज कर दी है. इसको लेकर विभाग एक आईटी पोर्टल विकसित करेगा. इसके माध्यम से देश और विदेशों के आईटी क्षेत्र में काम करने वाले बिहारी युवाओं से राय लगा और उन्हें बिहार में काम करने के लिए आमंत्रित भी करेगा. दूसरे राज्यों में भी बिहार आईटी पॉलिसी का हो रहा प्रचार सूचना प्रावैधिकी विभाग (Department of Information Technology) के अधिकारी दूसरे राज्यों में जाकर आईटी पॉलिसी का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, ताकि बिहार में अधिक से अधिक निवेशक पहुंचे. विभाग की ओर से मुंबई और बेंगलुरु में सबसे अधिक कर आईटी कंपनी तक बिहार आईटी पॉलिसी के संबंध में जानकारी दी गयी है. कई कार्यक्रमों के माध्यम से भी कंपनियों को बिहार में निवेश करने का आग्रह किया गया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें निवेशकों को मिलेगी यह सुविधाएं आईटी कंपनियों को बिहार प्रशासन द्वारा न केवल सब्सिडाइज्ड रेट पर भूमि उपलब्ध करायी जा रही है, बल्कि बिहार आईटी पालिसी 2024 के तहत जहां एक ओर कैपिटल इन्वेस्टमेंट के लिए इन्सेंटिव मिलेगा. यूनिट के ऑपरेशनल एक्सपेंसेस के लिए भी आईटी पॉलिसी के तहत इन्सेंटिव मिलेगा. इसमें लीज रेंटल सब्सिडी, एनर्जी बिल सब्सिडी एवं एम्प्लॉमेन्ट जेनरेशन सब्सिडी शामिल है. इसके अलावा बैलेंस्ड रीजनल डेवलपमेंट के मकसद से बिहार में पटना और दानापुर म्युनिसिपल एरिया के बाहर लगने वाले यूनिट्स को हर हेड में 10 प्रतिशत एक्स्ट्रा इन्सेंटिव का भी प्रावधान किया गया है. इसे भी पढ़ें: सावधान! बिहार के इस जिले के 2.16 लाख किसानों की रुक सकती है प्रशासनी किस्त, कृषि विभाग का अल्टीमेटम The post बेंगलुरु-मुंबई को टक्कर देगा बिहार, आईटी हब बनेगा, आइटी कंपनियां करेंगी 827 करोड़ का निवेश appeared first on Naya Vichar.

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