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January 17, 2026

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नशे का कारोबार करने वाले सावधान! खरसावां में आसमान से होगी अफीम की खेती की निगहबानी

शचिंद्र कुमार दाश Kharsawan: नशे का कारोबार करने वाले अब सावधान हो जाएं. झारखंड के सरायकेल खरसावां जिले में अफीम की खेती की निगरानी करने के लिए पुलिस ने तगड़ा इंतजाम किया है. समाचार है कि खरसावां में अफीम की खेती की आसमान से की जाएगी. इस क्षेत्र में अफीम की खेती पर नजर रखने के लिए अब ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है. पुलिस का उद्देश्य है कि इस साल अफीम की खेती को पूरी तरह जड़ से खत्म किया जाए. ड्रोन से की जा रही संदिग्ध इलाकों की निगरानी पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत के निर्देश पर पुलिस टीम ने खरसावां के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन कैमरे से निगरानी अभियान चलाया. इस दौरान खरसावां थाना क्षेत्र के लखनडीह, नारायणबेड़ा और हुडांगदा गांव के आसपास जंगलों और खेतों का फिजिकल वेरिफिकेशन भी किया गया. खेतों में आलू, सरसों और सब्जी की खेती पुलिस के वेरिफिकेशन के दौरान कुछ जगहों पर आलू, सरसों और सब्जी की खेती पाई गई, जबकि अधिकांश क्षेत्र परती मिले. पुलिस ने विशेष रूप से उन इलाकों पर फोकस किया है, जहां पहले अफीम की खेती नष्ट की गई थी. लखनडीह गांव में स्थानीय लोगों को वैकल्पिक खेती करने के लिए जागरूक किया गया. अफीम उगाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि अफीम की खेती युवाओं को बर्बाद कर रही है और उपजाऊ जमीन को बंजर बना रही है. यदि कोई व्यक्ति दोबारा अफीम की खेती करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि पिछले साल जिन गांवों में अफीम की खेती को पुलिस ने नष्ट कर दिया था, उन गांवों में अफीम की खेती पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए ड्रोन के जरिए सर्च अभियान चलाया गया. पुलिस ने अफीम की अवैध खेती को लेकर फिजिकल वेरिफिकेशन भी किया. 82 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती नष्ट थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि पिछले साल खरसावां थाना क्षेत्र के करीब 82 एकड़ खेतों में अफीम की खेती को विनष्ट किया गया था. उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन इस साल अफीम की खेती को जड़ से खत्म करना चाहती है. उन्होंने कहा कि अफीम की खेती युवाओं को बर्बाद कर रही है और यहां की उपजाऊ भूमि को बंजर बना रही है. इसे भी पढ़ें: सोमा मुंडा हत्याकांड : झारखंड बंद, खूंटी-सरायकेला में टायर जलाकर सड़क जाम, जानें रांची का हाल अफीम की खेती करने वालों पर कठोर कार्रवाई उन्होंने अफीम की खेती करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि अफीम के खेती करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने ग्रामीणों को अफीम के दुष्प्रभाव से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी तथा अफीम के स्थान पर वैकल्पिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया गया. इसे भी पढ़ें: Gambling Website Ban: प्रशासन का बड़ा एक्शन, 242 अवैध सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइट बैन The post नशे का कारोबार करने वाले सावधान! खरसावां में आसमान से होगी अफीम की खेती की निगहबानी appeared first on Naya Vichar.

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Matar ke Chilke ki Sabji Recipe: मटर के छिलके बेकार नहीं, इस आसान रेसिपी से बनाएं लाजवाब और चटपटी सब्जी

Matar ke Chilke ki Sabji Recipe: मटर के छिलके अक्सर सब्जी बनाते समय फेंक दिए जाते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इन्हीं छिलकों से स्वादिष्ट सब्जी भी बन सकती है. अगर आपको कुछ अलग, देसी और झटपट बनने वाला खाना पसंद है, तो यह रेसिपी जरूर पसंद आएगी. कम सामान में बनने वाली यह सब्जी स्वाद में लाजवाब लगती है और खाने का मजा दोगुना कर देती है. एक बार इसे बनाकर देखें, फिर मटर के छिलके कभी बेकार नहीं लगेंगे. मटर के छिलके की सब्जी बनाने के लिए किन चीजों की जरुरत होती है? मटर के छिलके (छोटे टुकड़े किए हुए) – 1 कपआलू (छीलकर छोटे क्यूब में कटे हुए) – 1/2 कपजीरा – 1/2 छोटा चम्मचहींग (ऑप्शनल) – चुटकी भरसूखी लाल मिर्च (पूरी) – 1नमक – स्वाद अनुसारलाल मिर्च पाउडर – 1/2 छोटा चम्मचहल्दी पाउडर – 1/2 छोटा चम्मचअमचूर पाउडर (सूखी आम पाउडर) – 1/2 छोटा चम्मचहरी मिर्च (बारीक कटी हुई) – 1गरम मसाला (ऑप्शनल) – 1/2 छोटा चम्मचखाना बनाने का तेल – 2 बड़े चम्मच मटर के छिलके की सब्जी कैसे बनाएं? 1. मटर के छिलके की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले मटर के छिलके निकालें. इसके लिए ताजे और सख्त मटर के फलियां चुनें. हर फली को दो हिस्सों में अलग करें, फिर हर हिस्से को इस तरह मोड़ें और दबाएं कि 2. फली का बाहरी मुलायम हिस्सा बाहर रहे. इसके बाद फली के अंदर की कठोर झिल्ली को धीरे-धीरे नीचे स्लाइड करके निकाल दें.सभी छिलकों को इसी तरह तैयार करके छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें और अलग रख दें.3. अब एक पैन में तेल गरम करें और उसमें हींग, सूखी लाल मिर्च और जीरा डालें. जब जीरा चटकने लगे, तब इसमें आलू के क्यूब डालकर धीमी आंच पर हल्का गुलाबी होने तक भूनें.4. फिर कटे हुए मटर के छिलके डालें और उसमें हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, कटी हरी मिर्च और नमक डालकर मिलाएं. यहां पानी डालने की जरूरत नहीं है क्योंकि छिलके अपने आप नम रहते हैं. इसे ढककर धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक सब्जी नरम न हो जाए.5. लास्ट में इसमें अमचूर पाउडर और गरम मसाला डालकर मिलाएन. स्वादिष्ट मटर के छिलके की सब्जी को गरम-गरम पराठा, रोटी और दाल के साथ परोसें और एन्जॉय करें. ये भी पढ़ें: Aloo Matar Pulao Recipe: लंच और डिनर में बनाएं आलू मटर पुलाव, हर निवाले में लें स्वाद और देसी खुशबू का तड़का ये भी पढ़ें: Chura Matar Bhuja Recipe: सर्दियों में बिहारी स्टाइल का टेस्टी स्नैक, मिनटों में तैयार करें चूड़ा मटर भूजा ये भी पढ़ें: Mushroom Tikka Masala Recipe: होटल जैसा स्वाद पाएं घर पर, बनाएं मसालेदार और क्रीमी मशरूम टिक्का मसाला The post Matar ke Chilke ki Sabji Recipe: मटर के छिलके बेकार नहीं, इस आसान रेसिपी से बनाएं लाजवाब और चटपटी सब्जी appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Road Accident: बिहार में दर्दनाक सड़क हादसे में 4 दोस्तों की मौत, बेटे को देखकर लौट रहे थे सभी, कार के उड़े परखच्चे

Bihar Road Accident: बिहार के मधेपुरा जिले में शनिवार को दर्दनाक सड़क हादसा हुआ. इस रोड एक्सीडेंट में 4 दोस्तों की मौत हो गई. यह हादसा सदर थाना इलाके में बिजली कार्यालय के सामने हुआ. एक तेज रफ्तार हाइवा और एक कार के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चार लोग कार के अंदर फंस गए. शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी. घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला. गंभीर हालत में सभी को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी चार लोगों को मृत बता दिया. पुलिस ने मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है. चारों मृतकों की हुई पहचान मृतकों की पहचान सदर थाना इलाके के गुलजारबाग के सोनू ,सदर थाना इलाके के वार्ड 13 के साहिल, उदाकिशुनगंज के निवासी साजन, सदर थाना इलाके के रूपेश के रूप में हुई है. जानकारी के मुताबिक, सदर थाना पुलिस ने हाइवा को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश की जा रही है. घटना को लेकर पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाना हादसे की मुख्य वजह प्रतीत हो रही है. शिशु को देखकर लौट रहे थे सभी दोस्त घटना को लेकर यह भी बताया जा रहा है कि सोनू की पत्नी ने शुक्रवार को बेटे को जन्म दिया था. जिसके बाद आज शनिवार को वह अपने दोस्तों के साथ अपनी पत्नी और बच्चों को देखने कि लिए गया था. अस्पताल से लौटने के दौरान ही यह हादसा हुआ. Also Read: Patna Crime News: पटना में रिटायर स्त्री टीचर की गला रेतकर हत्या, अंगूठी और चेन गायब, क्या बोली पुलिस? The post Bihar Road Accident: बिहार में दर्दनाक सड़क हादसे में 4 दोस्तों की मौत, बेटे को देखकर लौट रहे थे सभी, कार के उड़े परखच्चे appeared first on Naya Vichar.

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Cooking Tips and Tricks: इन कुकिंग टिप्स से नार्मल खाने में भी आएगा गजब का स्वाद

Cooking Tips and Tricks: खाना बनाने का शौक पुरुषों की अपेक्षा स्त्रीओं में ज्यादा होता है. वह बड़े शौक से घरवालों के लिए खाना बनाती है. जबकि आजकल की भाग दौड़ वाली लाइफ में हम खाना बनाने के बेसिक टिप्स ही भूलते जा रहे हैं, लेकिन इसके लिए चिंता वाली कोई बात नहीं है. इस आर्टिकल में हमने ऐसे टिप्स दिये हैं जिससे न सिर्फ आपके खाना बनाने की स्पीड बढ़ेगी बल्कि इनसे आपको स्वादिष्ट खाना बनाने में भी मदद मिलेगा. कुछ छोटी-छोटी बातें आपकी साधारण खाने को भी टेस्टी बना सकती है. अब जानते हैं बेस्ट कुकिंग टिप्स के बारे में. बेस्‍ट कुकिंग टिप्स पराठे को स्वादिष्ट बनाने के लिए आप आटे में उबला आलू कद्दूकस करके मिला लें. अगर पराठें ऑयल या घी के जगह बटर में सेकें तो टेस्‍ट बढ़ जाता है. वहीं आप ग्रेवी को गाढ़ा करने के लिए सत्तू मिला सकते हैं. अगर आप पकौड़े बनाते है तो उस वक्त उसके धोल में एक-चुटकी अरारोट और थोड़ा गर्म तेल मिलाने से ये पकौडें कुरकुरे और टेस्टी बनेंगे. इसे भी पढ़ें: Kitchen Tips for Vegetable: कहीं आप भी तो नहीं रखती इन सब्जियों को फ्रिज के अंदर? भिंडी को अधिक समय तक फ्रेश रखने के लिये उस पर थोड़ा सरसों तेल लगा दें. इसके अलावा नूडल्‍स उबालते समय उबलते हुए पानी में थोड़ा सा नमक और तेल डालें. फिर निकालने के बाद उन्हें ठंडे पानी से धोने पर नूडल्‍स आपस में चिपकते नहीं. रायते में आप हींग-जीरा भूनकर डालने की बजाय हींग-जीरे का तड़का लगाएंगे तो स्वाद बढ़ जाएगा. पूरियां खस्ता बनाने के लिए आप आटा गुंदते समय उसमें एक चम्मच सूजी या चावल का आटा मिला दें. टाइट पनीर को चुटकी भर नमक मिले गुनगुने पानी में 10 मिनट रखने पर ये नर्म हो जाते हैं. चावल पकाते समय आप उसके पानी में नींबू का रस मिला दें तो चावल अधिक खिले-खिले, सफेद व स्वादिष्ट बनेंगे. इसे भी पढ़ें: Kitchen Tips: अब खराब नहीं होंगे किचन में रखे ये सामान, बस आजमाएं आसान ट्रिक्स इसे भी पढ़ें: Kitchen Tips: बर्तन जल जाए तो नो टेंशन, इस ट्रिक से मिनटों में गायब होंगे जिद्दी दाग The post Cooking Tips and Tricks: इन कुकिंग टिप्स से नार्मल खाने में भी आएगा गजब का स्वाद appeared first on Naya Vichar.

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पटना हॉस्टल कांड: गर्ल्स हॉस्टल के बाहर लगती थीं महंगी-महंगी गाड़ियां, प्रभात खबर के कैमरे पर लोगों ने किए कई चौंकाने वाले खुलासे

Patna NEET Chhatra Case: पटना के शंभु गर्ल्स हॉस्टल में एक छात्रा बेहोशी की हालत में मिली थी. उसे तुरंत पटना के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई. घटना के चार दिन बाद जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, तो मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया. शनिवार को नया विचार की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची. जहां स्थानीय लोगों ने कई खुलासे किए. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. पुलिस की ओर से जारी प्रेस रिलीज में साफ लिखा गया कि छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न हुआ है. इसे नकारा नहीं जा सकता. इस खुलासे के बाद पूरे पटना में हड़कंप मच गया. इस मामले पर SSP ने क्या-क्या बताया? शुक्रवार को इस मामले में पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट को उच्च स्तरीय जांच के लिए एम्स भेजा गया है. अगर किसी भी स्तर पर डॉक्टरों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. एसएसपी ने यह भी कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है. नया विचार के कैमरे पर लोगों ने क्या-क्या बताया? शनिवार को नया विचार की टीम शंभु गर्ल्स हॉस्टल के बाहर पहुंची. यहां स्थानीय लोगों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए. लोगों का कहना है कि हॉस्टल के बाहर अक्सर फॉर्च्यूनर, सफारी और इनोवा जैसी महंगी गाड़ियां लगा करती थीं. यह स्थिति लंबे समय से थी. स्थानीय लोगों ने कई बार इसकी सूचना पुलिस को दी थी. लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की. पटना NEET छात्रा की मौत मामला: स्थानीय लोगों का बड़ा खुलासा लोगों का कहना है कि हॉस्टल को लेकर पहले से शिकायतें थीं, लेकिन पुलिस ने अब तक इसका जिक्र नहीं किया. रात के समय हॉस्टल के बाहर महंगी गाड़ियां अक्सर देखी जाती थीं. शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर से नया विचार की ग्राउंड… pic.twitter.com/MtF1FkfS8k — Naya Vichar (@prabhatkhabar) January 17, 2026 हॉस्टल को लेकर पहले से भी लोगों ने की थी शिकायत स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि हॉस्टल को लेकर पहले से कई शिकायतें थीं. इसके बावजूद न तो हॉस्टल प्रबंधन पर कार्रवाई हुई और न ही सख्त निगरानी रखी गई. घटना के बाद भी पुलिस की ओर से समय रहते कोई स्पष्ट जानकारी शेयर नहीं की गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए कई चौंकाने वाले खुलासे पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार छात्रा के शरीर पर दरिंदगी के स्पष्ट निशान मिले हैं. शरीर पर कई जगह खरोंच के निशान पाए गए हैं. कंधे के नीचे जख्म हैं. पीठ पर नीले पड़ने के निशान मिले हैं. इन सभी तथ्यों ने मामले को और गंभीर बना दिया है. अब रिपोर्ट एम्स भेजी गई है, जहां से और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है. पुलिस का कहना है कि अब तक 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा चुके हैं. जांच का दायरा पटना से जहानाबाद तक बढ़ा दिया गया है. हॉस्टल मालिक को भी गिरफ्तार किया गया है. कई लोगों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले से पर्दा उठाया जाएगा. ग्राउंड जीरो से राजकमल की रिपोर्ट Also Read: पटना हॉस्टल कांड में SIT का गठन, NEET छात्रा मौत मामले में SSP ने क्या-क्या बताया? The post पटना हॉस्टल कांड: गर्ल्स हॉस्टल के बाहर लगती थीं महंगी-महंगी गाड़ियां, नया विचार के कैमरे पर लोगों ने किए कई चौंकाने वाले खुलासे appeared first on Naya Vichar.

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Basket Chaat Recipe: शाम के नाश्ते में चटपटा खाने का करे दिल, तो ट्राई करें बास्केट चाट

Basket Chaat Recipe: शाम के नाश्ते में अक्सर आपको कुछ चटपटा खाने का दिल करता होगा. ऐसे में आप ज्यादातर कचौड़ी, समोसे और पकौड़े ही खाते होंगे. अब आप शाम के नाश्ते में घर पर बास्केट चाट ट्राई कर सकते हैं. यह चाट घर में हर किसी को खूब पसंद आएगा. खट्टे-मीठे स्वाद की वजह से यह चाट सबका फेवरेट होता है. चलिए अब आपको इस बास्केट चाट की रेसिपी बताते हैं.   बास्केट चाट बनाने की सामग्री मैदा – 2 कप तेल – एक चम्मच नमक – स्वादानुसार पानी – आवश्यकतानुसार उबले आलू – 2 कप (मैश किए हुए) काबुली चने – 1 कप (उबले हुए) दही – 1 कप पुदीना और इमली की चटनी – 1-2 कप जीरा पाउडर – 1 चम्मच (भुना हुआ) काली मिर्च – ¼ चम्मच लाल मिर्च पाउडर – 1 चम्मच फीकी सेव – 2 कप नमक – स्वादानुसार हरी धनिया – गार्निश के लिए इसे भी पढ़ें: Rasgulla Chaat Recipe: स्वाद में मजेदार है खट्टा-मीठा रसगुल्ला चाट, बहुत आसान है रेसिपी बास्केट चाट बनाने की विधि बास्केट चाट बनाने के लिए पहले एक बर्तन में मैदा, नमक और तेल डालकर नरम आटा गूंध लें. अब आप इसे सेट होने के लिए 20-30 मिनट तक ढककर रख दें. इसके बाद आप बास्केट बनाने के लिए आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें. फिर एक लोई को बेलकर इसे एक कटोरी के ऊपर बिचा लें और ध्यान रखें कि किनारों को पकड़कर आप उसे  बास्केट जैसा शेप दें. फिर आप इन बास्केट्स को गर्म तेल में सुनहरा होने तक तल लें और फिर निकालकर एक पेपर टॉवल पर रखें. अब आप चाट बनाने के लिए एक बर्तन में उबले आलू, काबुली चने, भुना जीरा पाउडर, काली मिर्च, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छे से मिक्स कर लें.   इस मिश्रण को अब आप चम्मच की मदद से थोड़ा-थोड़ा बास्केट भर लें. फिर इसके ऊपर से दही, चटनी और बारीक कटी हरी धनिया डालकर सजा लें. फिर उपर से बारीक सेव डालकर इसे सर्व कर दें. इसे भी पढ़ें: Paneer Kathi Rolls Recipe: रोजाना एक ही स्नैक्स खाकर भर चुका है दिल, तो आज ही ट्राई करें पनीर काठी रोल इसे भी पढ़ें: Mughlai Paratha Recipe: स्वाद में बेमिसाल है मुगलई पराठा, जल्दी से नोट कर लें बनाने की रेसिपी   The post Basket Chaat Recipe: शाम के नाश्ते में चटपटा खाने का करे दिल, तो ट्राई करें बास्केट चाट appeared first on Naya Vichar.

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Vijay Hazare Trophy: बिना टॉप प्लेयर्स के भी फाइनल में सौराष्ट्र और विदर्भ, होगी टाइटल की टक्कर

विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) का फाइनल मुकाबला 18 जनवरी 2026 यानी रविवार को स्पोर्ट्सा जाएगा. यह मैच सौराष्ट्र और विदर्भ (Saurashtra vs Vidarbha) की टीमों के बीच होगा. खास बात यह है कि दोनों ही टीमों में कोई बहुत बड़ा स्टार खिलाड़ी नहीं है, फिर भी इनका स्पोर्ट्स अब तक सबसे शानदार रहा है. दोनों टीमें कागज पर एकदम बराबर नजर आ रही हैं, इसलिए मैच में रोमांच की कोई कमी नहीं होगी. एक तरफ विदर्भ है जो तीसरी बार यह ट्रॉफी जीतना चाहेगी, तो दूसरी तरफ सौराष्ट्र है जो पहली बार चैंपियन बनने के लिए पूरा जोर लगा देगी. बल्लेबाजी में किसका पलड़ा भारी दोनों टीमों के पास ऐसे बल्लेबाज हैं जो अकेले दम पर मैच का रिजल्ट बदल सकते हैं. सौराष्ट्र के कप्तान हार्विक देसाई (Harvik Desai) ने अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा 561 रन बनाए हैं. उनका साथ देने के लिए विश्वराज जडेजा (Vishvaraj Jadeja) हैं, जिन्होंने पंजाब के खिलाफ पिछले मैच में शानदार शतक लगाकर टीम को फाइनल में पहुंचाया था. उधर विदर्भ की टीम भी कम नहीं है. उनके पास अमन मोखाड़े (Aman Mokhade) हैं जिन्होंने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 781 रन बनाए हैं. ध्रुव शोरे भी 515 रन बनाकर अच्छी फॉर्म में हैं. अमन ने सेमीफाइनल में कर्नाटक के खिलाफ बहुत समझदारी से बल्लेबाजी की थी और शतक जमाया था. मिडिल ऑर्डर में रविकुमार समर्थ (Ravikumar Samarth) ने भी 427 रन बनाकर टीम को सहारा दिया है. कुल मिलाकर बल्लेबाजी में दोनों टीमें बराबर हैं. गेंदबाजों का भी है जलवा गेंदबाजी की बात करें तो यहां भी मामला टक्कर का है. सौराष्ट्र के तेज गेंदबाज अंकुर पंवार (Ankur Panwar) ने अब तक 21 विकेट लिए हैं, जबकि चेतन सकारिया (Chetan Sakariya) ने 15 विकेट चटकाए हैं. इन दोनों ने शुरू और आखिरी के ओवरों में बहुत अच्छी गेंदबाजी की है. विदर्भ के गेंदबाजों ने भी सबको प्रभावित किया है. नचिकेत भूटे (Nachiket Bhute) और यश ठाकुर (Yash Thakur) ने 15-15 विकेट लेकर साबित कर दिया है कि वे किसी से कम नहीं हैं. दर्शन नालकंडे भी एक अच्छे गेंदबाज हैं, उन्होंने सेमीफाइनल में कर्नाटक के बल्लेबाजों को टिकने नहीं दिया था. फाइनल में भी इन गेंदबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी. टॉस और ओस का स्पोर्ट्स इस मैच में टॉस जीतना बहुत जरूरी माना जा रहा है. शाम के समय मैदान पर ओस गिरने लगती है, जिससे बाद में गेंदबाजी करना मुश्किल हो जाता है. गेंद गीली होने से स्पिनरों को भी दिक्कत आती है. आंकड़े बताते हैं कि यहां पिछले 6 मैचों में से 4 बार उन टीमों ने जीत दर्ज की है जिन्होंने बाद में बल्लेबाजी की. इसलिए जो भी कप्तान टॉस जीतेगा, वह पहले गेंदबाजी करना पसंद करेगा. विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का फाइनल मुकाबला सौराष्ट्र और विदर्भ के बीच 18 जनवरी को दोपहर 1:30 बजे से शुरु होगा. इससे आधा घंटे पहले दोपहर में एक बजे दोनों टीमों के कप्तान टॉस के लिए आएंगे.  विदर्भ का स्क्वाड:- हर्ष दुबे (कप्तान), यश ठाकुर (उप-कप्तान), अथर्व तायडे, ध्रुव शौरी, अमन मोखाड़े, यश राठौड़, शिवम देशमुख (विकेटकीपर), अक्षय वाडकर, नचिकेत भुटे, दर्शन नालकंडे, आर समर्थ, पार्थ रेखाडे, दीपेश परवानी, प्रफुल्ल हिंगे, शुभम दुबे, गणेश भोसले. सौराष्ट्र का स्क्वाड:- हार्विक देसाई (विकेटकीपर/कप्तान), विश्वराज जडेजा, प्रेरक मांकड़, सम्मर गज्जर, चिराग जानी, रुचित अहीर, धर्मेंद्रसिंह जडेजा, अंकुर पंवार, प्रशांत राणा, आदित्य जडेजा, चेतन सकारिया, हेतविक कोटक, प्रणव कारिया, युवराज चुडासमा, पार्थ भुट, तरंग गोहेल, जय गोहिल, अंश गोसाई, पार्श्वराज राणा, हितेन कंबी. ये भी पढ़ें- Vijay Hazare Trophy: बारिश बनी विलेन, सेमीफाइनल की रेस से मुंबई आउट, कर्नाटक ने 55 रन से हराया 1 ओवर में 30 रन, Sarfaraz Khan ने VHT में अर्धशतक जड़ रचा इतिहास; वनडे के लिए भी ठोका दावा महाकाल की शरण में पहुंचे कोहली, कुलदीप ने भी लगाई हाजिरी, तीसरे वनडे से पहले मांगा जीत का आशीर्वाद The post Vijay Hazare Trophy: बिना टॉप प्लेयर्स के भी फाइनल में सौराष्ट्र और विदर्भ, होगी टाइटल की टक्कर appeared first on Naya Vichar.

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Baby Care Tips: बच्चे की सेहत से जुड़ी ये लापरवाही पड़ सकती है भारी, हर माता-पिता को जरूर जानना चाहिए

Baby Care Tips: शिशु की सेहत हर माता-पिता के लिए सबसे अहम होती है, लेकिन कई बार रोज की भागदौड़ में कुछ छोटी-छोटी बातें नजरअंदाज हो जाती हैं. यही लापरवाही धीरे-धीरे शिशु पर असर दिखाने लगती है. शुरुआत में यह बातें मामूली लगती हैं, लेकिन समय के साथ ये बड़ी परेशानी बन सकती हैं. सही समय पर ध्यान न दिया जाए, तो शिशु की आदतों, खाने-पीने और डेली रूटीन पर बुरा असर पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि माता-पिता पहले से सतर्क रहें और ऐसी बातों को समझें, जो शिशु की सेहत से सीधे जुड़ी होती हैं. तो आइए जानते हैं, ऐसी बेबी कर टिप्स जो हर माता-पिता को जानना चाहिए और अपनाना चाहिए ताकि आपका बच्चा हमेशा स्वस्थ, खुशहाल और सुरक्षित रहे. सही खान-पान – Proper Nutrition for Babies शिशु को सही खाना देना उसकी सेहत और बढ़त के लिए बहुत जरूरी है. माता-पिता को चाहिए कि शिशु को उम्र के अनुसार बराबर मात्रा में खाना दें. कम उम्र के बच्चों को दूध और हेल्दी फूड्स समय पर देना बहुत जरूरी है. अनहेल्दी फूड या ज्यादा मिठाई शिशु की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है. समय पर नींद – Proper Sleep Schedule छोटे बच्चों की नींद उनकी बढ़त और बीमारी से लड़ने की शक्ति के लिए अहम होती है. समय पर सोना और नियमित नींद का रूटीन बनाए रखना बहुत जरूरी है. नींद पूरी न होने पर शिशु जल्दी थक सकते हैं और उनकी सेहत कमजोर हो सकती है. साफ-सफाई का ध्यान – Hygiene & Cleanliness बच्चों को बीमारी से बचाने के लिए साफ-सफाई बहुत जरूरी है. नहाना, हाथ-पांव साफ रखना और खाने-पीने की चीजें साफ रखना जरूरी है. गंदगी से शिशु जल्दी बीमार हो सकते हैं. नियमित डॉक्टर विजिट – Regular Health Checkups शिशु की सही सेहत बनाए रखने के लिए नियमित डॉक्टर विजिट और वैक्सीनेशन बेहद जरूरी है. छोटी-सी समस्या को नजरअंदाज करना बड़े हेल्थ इश्यू में बदल सकता है. डॉक्टर की सलाह से शिशु की बढ़त और बीमारी से लड़ने की शक्ति सही रहती है. स्पोर्ट्स और एक्टिविटी – Play & Physical Activity बच्चों के दिमाग और शरीर की बढ़त के लिए स्पोर्ट्स और एक्टिविटी बहुत जरूरी हैं. ज्यादा टीवी या मोबाइल स्क्रीन टाइम उनके विकास को प्रभावित कर सकता है. रोज थोड़ी-थोड़ी एक्टिविटी बच्चों को स्वस्थ, खुश और एनर्जेटिक बनाए रखती है. ये भी पढ़ें: Winter Baby Care Tips: सर्दियों में नवजात की सुरक्षा के लिए जरूरी टिप्स, जिससे बच्चा रहे हमेशा हेल्दी और स्ट्रॉन्ग Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Baby Care Tips: शिशु की सेहत से जुड़ी ये लापरवाही पड़ सकती है भारी, हर माता-पिता को जरूर जानना चाहिए appeared first on Naya Vichar.

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Waxing Tips in Winters: सर्दियों में वैक्सिंग करते समय ये गलतियां बिल्कुल न करें

Waxing Tips in Winters: सर्दियों के मौसम में त्वचा रूखी और संवेदनशील हो जाती है. ऐसे में वैक्सिंग करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है. अगर सही तरीके से वैक्सिंग न की जाए तो त्वचा पर जलन, रैशेज़ और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए सर्दियों में वैक्सिंग से पहले और बाद में कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. Waxing Tips in Winters: सर्दियों में वैक्सिंग करते समय न करें ये गलतियां 1. ड्राई स्किन पर वैक्सिंग ना करें सर्दियों में त्वचा पहले से ही रूखी होती है. बिना मॉइस्चराइज़ किए वैक्सिंग करने से स्किन छिल सकती है. वैक्सिंग से एक दिन पहले अच्छी तरह मॉइस्चराइज़र लगाएं. 2. बहुत ठंडी वैक्स का इस्तेमाल ना करें ठंडी वैक्स बालों को ठीक से नहीं निकाल पाती और दर्द भी ज़्यादा देती है. वैक्स हमेशा हल्की गुनगुनी होनी चाहिए ताकि वह स्किन पर आसानी से फैल सके. 3. स्किन को अच्छे से साफ न करना गंदी या ऑयली त्वचा पर वैक्सिंग करने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. वैक्सिंग से पहले स्किन को माइल्ड क्लींजर से साफ करना ज़रूरी है. 4. वैक्सिंग के बाद मॉइस्चराइज़र न लगाना वैक्सिंग के बाद स्किन को पोषण की ज़रूरत होती है. एलोवेरा जेल या हेवी मॉइस्चराइज़र लगाकर त्वचा को शांत करें. 5. तुरंत गर्म पानी से नहा लेना या हाथ पैर धो लेना वैक्सिंग के बाद पोर्स खुले होते हैं. ऐसे में गर्म पानी से नहाने से जलन हो सकती है. कम से कम 6–8 घंटे तक गर्म पानी से बचें. सर्दियों में सही तरीके से वैक्सिंग करने से आपकी त्वचा मुलायम, साफ और हेल्दी बनी रहती है. थोड़ी सी सावधानी आपको स्किन प्रॉब्लम्स से बचा सकती है और वैक्सिंग का अनुभव भी बेहतर बनाती है. Also Read: Best Home Remedies for Flaky Skin Treatment: फ्लीकी और झुर्रियों वाली त्वचा के लिए 5 बेहतरीन घरेलू नुस्खे Also Read: Natural Beauty Routines for Glowing Skin: बिना पार्लर जाए पाएं ग्लोइंग स्किन, सुबह अपनाएं ये नेचुरल ब्यूटी रूटीन डिस्क्लेमर: इस ब्लॉग में दी गई यह स्किनकेयर और हेयरकेयर जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, यह मेडिकल सलाह नहीं है. किसी भी प्रोडक्ट या नुस्खे को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करें और समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें. The post Waxing Tips in Winters: सर्दियों में वैक्सिंग करते समय ये गलतियां बिल्कुल न करें appeared first on Naya Vichar.

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अगर ईरान में सत्ता बदली और रजा पहलवी लौटे, तो भारत के साथ कैसा रिश्ता रहेगा? प्रिंस ने दिया जवाब

ईरान में विरोध प्रदर्शन लगभग 20 दिन से हो रहे हैं. 28 दिसंबर को गिरती मुद्रा की वजह से तेहरान के बाजारों में व्यापारियों ने नारेबाजी शुरू की. हालांकि, यह आक्रोश थोड़े समय का था, एक दो दिन में ही थम गया. लेकिन इसके बाद देश भर में आग लग गई. महंगाई और आर्थिक कारणों से ईरान के भीतरी इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनी भवनों में आग लगानी शुरू कर दी. मस्जिदों को खाक कर दिया और खामेनेई शासन के खिलाफ नारेबाजी भी होने लगी. नतीजा- हमेशा की तरह, क्रूर शासन ने दमन किया. अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक हजारों लोग मारे गए हैं, जिसकी संख्या 2000-12,000 बताई जा रही है. गिरफ्तार नागरिकों की संख्या भी 19,000 के पार ही है. इस आंदोलन में देश के बाहर बैठे रजा पहलवी भी सक्रिय रहे. उनकी वापसी के बड़े चर्चे हुए. लेकिन हिंदुस्तान इसे लेकर सशंकित ही रहा. अब उन्होंने इस मुद्दे पर खुद टिप्पणी की है.  ईरान के निर्वासित युवराज रजा पहलवी ने शुक्रवार को कहा कि एक लोकतांत्रिक ईरान हिंदुस्तान के साथ निकट और सहयोगात्मक संबंध बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा. एक समाचार सम्मेलन में बोलते हुए पहलवी ने कहा,“एक लोकतांत्रिक ईरान उन सभी देशों के साथ बेहतर संभव संबंध स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध (कमिटेड) होगा, जो संप्रभुता और स्वतंत्रता जैसे समान मूल्यों का पालन करते हैं. हम ऐसे देशों के साथ कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं और साझेदारी कर सकते हैं.” उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक इतिहास में ईरान और हिंदुस्तान के बीच अच्छे रिश्ते रहे हैं. उन्होंने उस समय को याद किया जब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ईरान की यात्रा की थी. उन्होंने कहा कि उस समय वह बहुत छोटे थे, इसलिए यह रिश्ता काफी पुराना है. हिंदुस्तान की सभ्यतागत विरासत की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने समृद्ध संस्कृति और समृद्ध इतिहास पर गर्व कर सकते हैं. उनके मुताबिक यह एक मजबूत संबंध और सहयोग का स्वाभाविक रास्ता बन सकता है. पहलवी ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए गहरे अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है और इस दिशा में हिंदुस्तान की भूमिका अहम होगी. उन्होंने कहा कि हमारी धरती के सामने कई चुनौतियाँ हैं, ऊर्जा से जुड़ी समस्याएँ हैं, जनसंख्या से संबंधित मुद्दे हैं, ऊर्जा की कमी है और जल संकट भी मौजूद है. उन्होंने हिंदुस्तान की क्षमताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि तकनीक और विशेषज्ञता के क्षेत्र में हिंदुस्तान एक अग्रणी देश है. उन्होंने कहा कि सहयोग का दायरा नई और नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) के साथ ही अन्य उभरते क्षेत्रों तक बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने दोनों देशों के विशेषज्ञों, उद्यमियों और कारोबारी समुदायों के बीच अधिक निकट सहयोग की उम्मीद जताई. उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि अन्य सभी लोग अपने हिंदुस्तानीय समकक्षों के साथ बहुत नजदीकी से काम करें. उन्होंने आगे कहा कि उम्मीद है कि जब हम स्वतंत्र होंगे, तब हम पूरी तरह से एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकेंगे.” कौन हैं रजा पहलवी? रजा पहलवी, ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी के सबसे बड़े बेटे हैं. उन्हें 1979 की इस्लामी क्रांति के दौरान सत्ता से हटा दिया गया था. राजशाही के पतन के बाद से ही रजा पहलवी निर्वासन में रह रहे हैं. वे लगातार ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को समर्थन देने और उन्हें जारी रखने की अपील करने वाली एक प्रमुख आवाज रहे हैं. My press conference on the state of affairs in Iran will be broadcast live here at 10AM EST. https://t.co/EazepSpcpl — Reza Pahlavi (@PahlaviReza) January 16, 2026 हिंदुस्तान और ईरान के संबंध सैकड़ों साल पुराने ईरान और हिंदुस्तान के बीच सैकड़ों साल पुराने सांस्कृतिक संबंध रहे हैं. इनमें भाषा, लिटरेचर और ट्रेड शामिल रहे हैं. 20वीं सदी के अधिकांश समय तक दोनों देशों के बीच घनिष्ठ रिश्ते बने रहे. हालांकि, 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद इन संबंधों का स्वरूप बदला. हाल के वर्षों में क्षेत्रीय नेतृत्व, प्रतिबंधों और ऊर्जा से जुड़े कारकों ने इन्हें प्रभावित किया है. ईरान पर पश्चिमी देशों खासकर अमेरिका का कड़ा रुख ईरान में पिछले दो हफ्तों से अधिक समय से व्यापक प्रशासन विरोधी प्रदर्शन नेतृत्वक बदलाव और देश की धार्मिक शासकीय व्यवस्था के अंत की मांग में बदल गए हैं. इस पर अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाया है. उसकी तैयारियों को देखकर लगा कि उसने पहले ईरान पर सीधा हमला करने की नीति बनाई थी. हालांकि अब हमला करने की बजाय अमेरिका ने आर्थिक दबाव का कसाव और मजबूत करना शुरू किया है. इसी हफ्ते डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि जो देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उसे अमेरिका के साथ ट्रेड करने पर 25% का टैरिफ देना पड़ेगा.  हिंदुस्तान ने चाबहार पोर्ट से हुआ बाहर ऐसे में इसका असर हिंदुस्तान पर भी पड़ा रहा है. हिंदुस्तान चाबहार पोर्ट को लंबे समय से विकसित कर रहा था. इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) को इस बंदरगाह के शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल को चलाने का अधिकार मिला था. इसका उपयोग हिंदुस्तान अपनी पहुंच अफगानिस्तान तक बढ़ाने के लिए करता था. लेकिन शुक्रवार की इकॉनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुस्तान ने अब इससे बाहर निकलने का फैसला किया है. हिंदुस्तान ने 120 मिलियन डॉलर चुका दिए हैं और वह अप्रैल 2026 तक इससे पूरी तरह बाहर हो जाएगा. IPGL के प्रशासनी डायरेक्टरों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है. इसकी वेबसाइट भी बंद कर दी गई है.  विदेश मंत्रालय ने क्या कहा? हालांकि, शनिवार को हिंदुस्तानीय विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर टिप्पणी की. मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि 28 अप्रैल 2025 को अमेरिकी वित्त विभाग ने एक लेटर जारी किया था. इसमें हिंदुस्तान को चाबहार पोर्ट से 26 अप्रैल 2026 तक के लिए वैलिड शर्तों के साथ प्रतिबंध में छूट के दिशा निर्देश दिए गए थे. जायसवाल ने आगे कहा कि हिंदुस्तान इस मामले में अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का ईरान के साथ लंबे समय से संबंध है. हम इन घटनाक्रमों पर नजर बनाए हैं. वहीं हिंदुस्तान ने अपने नागरिकों को ईरान से बाहर निकालने का काम भी शुरू कर दिया है. दूतावास ने इसके तहत एडवाइजरी जारी की थी. शुक्रवार देर रात कई

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