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February 2, 2026

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फुटपाथी दुकानदारों ने प्रखंड मुख्यालय पर दिया धरना

गड़हनी. अतिक्रमण के दौरान उजाड़े गये गड़हनी बनास नदी पुल से उतर के फुटपाथी दुकानदारों ने पांच सूत्री मांगों को लेकर गड़हनी प्रखंड मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया. धरना व्यवसायी संघ के अध्यक्ष श्रीनिवास यादव के नेतृत्व में व्यवसायी संघ के बैनर तले किया गया. धरना के दौरान दुकानदारों ने मांग कर रहे थे कि अतिक्रमण द्वारा उजाड़े गये फुटपाथी दुकानदारों को पुनः स्थायी जगह देने, बैरिकेडिंग के अंदर कच्चा दुकान गुमटी या झोंपडी लगा कर देने, फुटपाथी दुकान के पीछे बिहार प्रशासन जमीन है, उसकी जांच करने, पुलिस प्रशासन द्वारा फुटपाथी दुकानदार को धमकी व परेशान न किया जाए, जरूरत के अनुसार मापी पहले से रहे दुकानदार का दुकान लगाने देने सहित पांच मांगें थीं. व्यवसायी संघ अध्यक्ष ने कहा कि जितने भी फुटपाथी दुकानदारों को अतिक्रमण के दौरान उजाड़ा गया है, सबको स्थायी जगह दिया जाये. सभी फुटपाथी दुकानदार गरीब हैं और दुकान से ही अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं. किसी के बहकावे में आकर इन दुकानदारों को तंग न किया जाये. सभी दुकानदार नगर पंचायत के द्वारा लगाये बैरिकेडिंग के अंदर अपनी दुकान लगाएं हैं. वहीं, धरना के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी अर्चना कुमारी को एक ज्ञापन सौंपा उचित कार्रवाई करने की मांग की गयी. प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि जब आपलोग बैरिकेडिंग के अंदर है, तो कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. आप लोग एक बार नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी से भी मिल लीजिए मैं बोल देती हूं. इस मौके पर राजद प्रखंड अध्यक्ष मो निक्कू उर्फ सोनू, मिथलेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, ओमप्रकाश गुप्ता, मो मुर्तजा अली, सोनू साह, जितेंद्र प्रसाद सहित कई दुकानदार उपस्थित थे. The post फुटपाथी दुकानदारों ने प्रखंड मुख्यालय पर दिया धरना appeared first on Naya Vichar.

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जगजीवन स्टेडियम का होगा कायाकल्प, डीडीसी और अधिकारियों ने किया निरीक्षण

प्रतिनिधि, करगहर प्रखंड मुख्यालय स्थित जगजीवन स्टेडियम, जो लंबे समय से जर्जर अवस्था में है, के जीर्णोद्धार की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गयी है. शुक्रवार को डीडीसी विजय शंकर पांडेय, जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय और जिला स्पोर्ट्स पदाधिकारी विनय प्रताप ने स्टेडियम का स्थल निरीक्षण किया.डीडीसी ने कहा कि करगहर में स्थित यह एकमात्र स्टेडियम है, जिसके जीर्णोद्धार की मांग क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से की जा रही है. इसको लेकर जिला प्रशासन अब एक्शन मोड में है.उन्होंने बताया कि स्टेडियम में जल्द ही ओपन जिम का निर्माण कराया जायेगा. स्टेडियम के मैदान में जगह-जगह बने गड्ढों को भरने के लिए मिट्टी भराई का कार्य शीघ्र शुरू किया जायेगा. साथ ही रनिंग ट्रैक बनाने और क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल का पुनर्निर्माण भी कराया जायेगा, ताकि खिलाड़ियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके. डीडीसी ने कहा कि स्टेडियम का निर्माण कार्य मनरेगा के माध्यम से कराया जायेगा. बाउंड्री निर्माण और मिट्टी भराई के कार्य को जल्द शुरू होगा, ताकि बच्चों और युवाओं को स्पोर्ट्सकूद में किसी प्रकार की परेशानी न हो. जिला स्पोर्ट्स पदाधिकारी विनय प्रताप ने कहा कि जगजीवन राम स्टेडियम के दक्षिण-पश्चिम दिशा में ओपन जिम का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा, जिससे युवाओं को व्यायाम और फिटनेस की बेहतर सुविधा मिल सकेगी.इस मौके पर विधायक वशिष्ठ सिंह, प्रखंड जदयू अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, रामबाबू केशरी सहित कई लोग मौजूद थे. The post जगजीवन स्टेडियम का होगा कायाकल्प, डीडीसी और अधिकारियों ने किया निरीक्षण appeared first on Naya Vichar.

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तोरपा के कोचा मदरसा में दस्तारबंदी कार्यक्रम आयोजित

तोरपा. प्रखंड के कोचा स्थित मदरसा में रविवार को दस्तारबन्दी का कार्यक्रम धार्मिक श्रद्धा और सादगी के साथ आयोजित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन शरीफ की तिलावत से हुई, जिसके बाद नौ बच्चियों को दस्तांरबंदी की रस्म अदा करायी गयी. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झामुमो जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद उपस्थित थे. इस अवसर पर उन्होंने बच्चियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उन्होंने कहा कि इन बच्चियों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, फिर भी ये कोचा के मदरसा रह कर तालिम हासिल की है, जो कबिले तारीफ़ है. उन्होंने कहा कि आज लड़कियां शिक्षा ग्रहण कर बड़े-बड़े पद पर आसीन हो रही हैं. मौके पर मौजूद आलिमों ने कहा कि दस्तांरबंदी बच्चों के जीवन में इल्म और संस्कार की पहली सीढ़ी है. इससे बच्चों में धार्मिक चेतना, नैतिकता और अनुशासन का विकास होता है. कार्यक्रम में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, समाज में अमन-शांति और देश की तरक्की के लिए विशेष दुआ की गई. कार्यक्रम में मौलाना शेर मोहम्मद, मौलाना रूहूला, हाफीज एजाज, हाफीज अरसलान हाफीज तौसीफ, हाफीज एकबाल, सदर कुरबान खान,सेक्रेटरी इम्तियाज़ खान, ख़ुर्शीद आलम सहित काफ़ी संख्या में जिला और जिला से बाहर के लोग शामिल हुए. इन बच्चियों ने दस्तारबंदी ग्रहण की : कार्यक्रम में नौ बच्चियों को दस्तांरबंदी दी गयी. जिनमें तारामुन खातून (कटिंगकेला), अरसलाह खातून (तपकारा) जोया खातून (कोचा), मनतसा खातून (कामडारा), सिमरन परवीन (रनिया), मुस्कान खातून (बम्भनी), सोन खातून (कामडारा), जैनब खातून (कोचा) तथा खुशी खातून (गुमला) शामिल हैं. अतिमा उमूलवरा फातमा तथा खतीजा फातमा ने बच्चियों को दस्तार दिया. विभिन्न जगहों के नौ बच्चियों ने दस्तारबंदी ग्रहण कियाB The post तोरपा के कोचा मदरसा में दस्तारबंदी कार्यक्रम आयोजित appeared first on Naya Vichar.

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बुलेट व बाइक की सीधी भिड़ंत आर्मी जवान समेत चार जख्मी

आरा. आरा-बड़हरा मार्ग पर शहर के टाउन थाना क्षेत्र के गौसगंज स्थित पीएनबी के समीप बुलेट व बाइक की सीधी भिड़ंत हो गयी. हादसे में बुलेट सवार आर्मी जवान समेत चार लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये. जिसके बाद डायल 112 नंबर पुलिस वाहन द्वारा उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया. सूचना पाकर परिजन भी सदर अस्पताल पहुंचे. जानकारी के अनुसार घायलों में एक बाइक पर सवार बड़हरा थाना क्षेत्र के मनी छपरा गांव निवासी धनंजय तिवारी का 16 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार, नवादा थाना क्षेत्र के बहिरो निवासी सिद्धनाथ पांडेय का 17 वर्षीय पुत्र कुंदन कुमार एवं कोईलवर थाना क्षेत्र के दयालचक गांव निवासी मंटू तिवारी का 16 वर्षीय पुत्र अजीत तिवारी है. जबकि दूसरे बाइक पर सवार बड़हरा थाना क्षेत्र के चातर गांव निवासी राम शेखर सिंह सह रिटायर आर्मी सूबेदार के पुत्र पवन कुमार सिंह है. वह आर्मी जवान है. वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में पोस्टेड हैं. वह गौसगंज शंकर नगर स्थित अपना मकान बनाकर रहते हैं. बताया जाता की बुलेट सवार आर्मी जवान पवन कुमार सिंह गौसगंज बाजार पर सामान खरीद कर वापस घर लौट रहे थे. जबकि दूसरे बाइक पर सवार राहुल कुमार, उसके दो दोस्त कुंदन कुमार एवं अजीत तिवारी बड़हरा से आरा की ओर आ रहे थे. उसी दौरान गौसगंज स्थित पीएनबी के समीप सीधी भिड़ंत हो गयी, जिससे सभी गंभीर रूप से जख्मी हो गयी. हादसे में अजीत तिवारी एवं आर्मी जवान पवन कुमार सिंह को काफी गंभीर चोटें आयी हैं. The post बुलेट व बाइक की सीधी भिड़ंत आर्मी जवान समेत चार जख्मी appeared first on Naya Vichar.

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T20 World Cup 2026: भारत से भिड़ने से डरा पाकिस्तान? हरभजन सिंह ने खोली पोल

Highlights हरभजन सिंह का तीखा हमला बांग्लादेश वाला मामला और दिखावा ICC ने जताई सख्त नाराजगी मैदान पर हिंदुस्तान का पलड़ा भारी टूर्नामेंट पर संकट के बादल टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के शुरू होने से पहले ही क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है. पाकिस्तान ने 15 फरवरी को हिंदुस्तान के खिलाफ होने वाले बड़े मुकाबले का बहिष्कार करने का फैसला किया है. हालांकि, पाकिस्तान प्रशासन ने इसके पीछे कोई ठोस वजह नहीं बताई है, लेकिन पूर्व हिंदुस्तानीय स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने इसे महज एक ‘ड्रामा’ करार दिया है. हरभजन का मानना है कि पाकिस्तान खुद को बांग्लादेश का साथी दिखाने के लिए ये सब कर रहा है, जबकि असल में इसके पीछे कोई तर्क नहीं है. ICC ने भी इस पर सख्त रुख अपनाते हुए साफ किया है कि इस तरह के बर्ताव से क्रिकेट का भारी नुकसान होगा.  हरभजन सिंह का तीखा हमला हरभजन सिंह ने अपने यूट्यूब चैनल पर पाकिस्तान को खूब खरी-खोटी सुनाई है. उन्होंने कहा कि ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना’ वाली कहावत यहां बिल्कुल फिट बैठती है. उनका सवाल है कि जब मैच श्रीलंका के कोलंबो में होना है, जो कि एक न्यूट्रल वेन्यू है, तो फिर स्पोर्ट्सने में क्या दिक्कत है? भज्जी ने याद दिलाया कि पिछले साल एशिया कप के वक्त भी तनाव था, लेकिन तब पैसों के लालच में पाकिस्तान ने हिंदुस्तान के साथ मैच स्पोर्ट्से थे. उन्होंने पूछा कि तब देश भक्ति कहां गई थी? बांग्लादेश वाला मामला और दिखावा असल में ये पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश ने हिंदुस्तान में स्पोर्ट्सने से मना कर दिया और ICC ने उनकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया. पाकिस्तान अब दिखावा कर रहा है कि वो बांग्लादेश के साथ खड़ा है. हरभजन ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि यह सिर्फ लोगों को गुमराह करने की कोशिश है. उन्होंने सवाल किया कि क्या पाकिस्तान ने अपने उन फैंस के बारे में सोचा जो हिंदुस्तान-पाकिस्तान का महामुकाबला देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं? ICC ने जताई सख्त नाराजगी पाकिस्तान के इस फैसले पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने भी कड़ा रुख अपनाया है. ICC ने एक बयान जारी कर कहा है कि किसी भी बड़े टूर्नामेंट में अपनी मर्जी से मैच चुनना गलत है. ICC ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को चेतावनी दी है कि इसका बुरा असर उनके देश के क्रिकेट पर पड़ सकता है. ICC ने उम्मीद जताई है कि PCB कोई बीच का रास्ता निकालेगा, क्योंकि ऐसे फैसलों से स्पोर्ट्स की भावना खत्म होती है. मैदान पर हिंदुस्तान का पलड़ा भारी अगर आंकड़ों की बात करें तो T20 वर्ल्ड कप में हिंदुस्तान का दबदबा रहा है. दोनों टीमों के बीच अब तक 8 मुकाबले हुए हैं, जिसमें से हिंदुस्तान ने 7-1 की बढ़त बना रखी है. पिछले साल एशिया कप में भी अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा जैसे युवा खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी. तिलक ने फाइनल में 69 रनों की शानदार पारी स्पोर्ट्सकर पाकिस्तान से मैच छीन लिया था. ऐसे में पाकिस्तान के पीछे हटने को कई लोग हार के डर से भी जोड़कर देख रहे हैं. टूर्नामेंट पर संकट के बादल डिफेंडिंग चैंपियन हिंदुस्तान इस वक्त जबरदस्त फॉर्म में है और हाल ही में न्यूजीलैंड को 4-1 से हराया है. दूसरी तरफ, बांग्लादेश के बाहर होने के बाद स्कॉटलैंड की एंट्री हो चुकी है. पाकिस्तान ग्रुप ए में हिंदुस्तान, नामीबिया, नीदरलैंड और अमेरिका के साथ है. अगर पाकिस्तान वाकई मैच नहीं स्पोर्ट्सता है, तो ICC उन पर भारी जुर्माना या बैन भी लगा सकता है. अब देखना यह होगा कि क्या पाकिस्तान अपनी जिद पर अड़ा रहता है या दबाव में झुककर मैदान पर उतरता है. ये भी पढ़ें- T20 World Cup 2026: वॉर्म-अप मैचों का शेड्यूल जारी, जानें कब और कहां भिड़ेंगी टीमें ICC Rankings: वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया का जलवा बरकरार, पाकिस्तान की जीत भी नहीं बिगाड़ पाई स्पोर्ट्स हम उनके साथ हैं, पाकिस्तान के ड्रामें के बीच ICC को मिला BCCI का साथ, राजीव शुक्ला का बड़ा बयान The post T20 World Cup 2026: हिंदुस्तान से भिड़ने से डरा पाकिस्तान? हरभजन सिंह ने खोली पोल appeared first on Naya Vichar.

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Railway: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मौजूदा सरकार के दौरान रेलवे का आवंटन कई गुणा बढ़ा

Railway: रेलवे में बुनियादी ढांचा विकास पर केंद्रीय बजट 2026-27 में 2.92  लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. यह वित्त वर्ष 2025-26 के 2.65 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से 10 फीसदी से अधिक है. रेलवे को प्रशासन से बजटीय समर्थन के रूप में अपने पूंजीगत व्यय में भी वृद्धि मिलेगी और यह वित्त वर्ष 2027 में 2.77 लाख करोड़ रुपये होगा, जो वित्त वर्ष 2026 के 2.52 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से 9.9 फीसदी अधिक है.  पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ यात्री प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए देश के प्रमुख शहरों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर तैयार करने की योजना है. बजट में रेलवे को लेकर सुरक्षा, सुविधा और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है.  रेलवे के लिए आवंटित बजट से राज्यों को होने वाले लाभ पर गौर करें तो बिहार लिए वर्ष 2009-14 के दौरान सालाना बजट में औसतन 1132 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर 10379 करोड़ रुपये हो गया. यानी इस दौरान बिहार के लिए रेलवे के आवंटन में 9 गुणा की वृद्धि दर्ज की गयी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मौजूदा समय में बिहार में 1.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे योजना पर काम चल रहा है, जिसके तहत नयी रेल लाइन का निर्माण, स्टेशनों का पुनर्विकास और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने का काम किया जा रहा है. अमृत हिंदुस्तान स्टेशन योजना के तहत राज्य के 98 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है. थावे और पीरपैंती स्टेशन का काम पूरा हो चुका है. बिहार में वर्ष 2014 के बाद दो हजार किलोमीटर ट्रैक का निर्माण किया गया है. राज्य में रेलवे ट्रैक का 100 फीसदी बिजलीकरण हो चुका है. राज्यों में 1149 किलोमीटर ट्रैक पर कवच सिस्टम लगाने की योजना है और 802 किलोमीटर के लिए टेंडर जारी करने की प्रक्रिया जारी है. रेलवे की ओर से राज्य में 568 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया गया है.  झारखंड में रेल नेटवर्क का हो रहा है विस्तार रेल मंत्री ने बताया कि झारखंड में रेल नेटवर्क के विस्तार का काम तेज गति से चल रहा है. राज्य में मौजूदा समय में रेलवे की 63470 करोड़ की योजना पर काम चल रहा है. वर्ष 2009-14 के दौरान झारखंड को औसतन रेलवे  के लिए 457 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया जो वर्ष 2026-27 में 7536 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है और इस दौरान आवंटन में 16 गुणा की वृद्धि हुई है. अमृत स्टेशन योजना के तहत राज्य में 57 स्टेशन के पुनर्विकास का काम हो रहा है और इस मद में 2153 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.  वर्ष 2014 के बाद झारखंड में 1400 किलोमीटर नये रेलवे ट्रैक का निर्माण हुआ है और यह संयुक्त अरब अमीरात के कुल रेल नेटवर्क से अधिक है. राज्य में 1907 किलोमीटर ट्रैक पर कवच सिस्टम लगाने की योजना है, जिसमें से 917 किलोमीटर ट्रैक पर यह सिस्टम लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम दौर में है. कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए मौजूदा समय में 12 जोड़ी वंदे हिंदुस्तान ट्रेन और चार जोड़ी अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस का संचालन किया जा रहा है.  पश्चिम बंगाल को वर्ष 2009-14 के दौरान रेलवे के तहत 4380 करोड़ रुपये का सालाना आवंटन हुआ जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर 14207 करोड़ रुपये हो गया है. राज्य में 92974 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजना पर काम चल रहा है और 101 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है. वर्ष 2014 के बाद राज्य में 1400 किलोमीटर नया रेलवे ट्रैक बनाया गया है. पश्चिम बंगाल में 3200 किलोमीटर ट्रैक पर कवच सिस्टम लगाने की योजना है और 1041 किलोमीटर ट्रैक के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है.  The post Railway: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मौजूदा प्रशासन के दौरान रेलवे का आवंटन कई गुणा बढ़ा appeared first on Naya Vichar.

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चुनावी राज्यों को लाभ जरूर मिलेगा लेकिन यह बजट चुनाव केंद्रित नहीं है

Budget 2026 : अगले कुछ महीने में चार राज्यों और पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं. इनमें से असम को छोड़कर अन्य तीनों राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में गैर भाजपा-गैर एनडीए की प्रशासनें हैं. ऐसे में हर कोई यही मानकर चल रहा था कि वित्त मंत्री सीतारमण का बजट भाषण चुनावी भाषण बन जायेगा. लेकिन बजट की बड़ी तस्वीर कुछ और बयान करती है. यह एक संयोग है कि सी-वोटर का एक सर्वे बजट से ठीक पहले आया है और इसमें बताया गया है कि असम को छोड़ कर अन्य तीन राज्यों में भाजपा के लिए पाने को कुछ भी खास नहीं है. भाजपा हालांकि पश्चिम बंगाल में बहुत ज्यादा मेहनत कर रही है. लेकिन तमिलनाडु और केरल में तो वैसे भी उसके सत्ता में आने की संभावना नहीं है. इसको लेकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को भी कोई गलतफहमी नहीं है. ऐसे में, प्रशासन ने इस बजट के साथ बेमतलब की नेतृत्व करने के बजाय इसे विशुद्ध अर्थनीति पर ही केंद्रित रखने का निर्णय लिया. इससे वह न केवल बजट का नेतृत्वकरण करने के आरोपों से बच गयी, बल्कि इससे उसे विकास के साथ कोई समझौता न करने वाली प्रशासन की छवि गढ़ने का भी मौका मिल गया. बजट में बेशक चुनावी राज्यों पर केंद्रित कुछ छुटपुट घोषणाएं की गयी  हैं. जैसे जो सात हाई प्रोफाइल रेल कॉरिडोर स्थापित करने की घोषणा की गयी है, उनमें से तीन-हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरू और वाराणसी-सिलीगुड़ी चुनावी राज्यों में होंगे. ऐसे ही, बजट में नारियल और काजू संवर्धन योजना का लाभ केरल को, मत्स्यपालन योजना का लाभ पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु तथा केरल को तथा तटवर्ती इलाकों में नारियल, चंदन, कोको, काजू जैसी ऊंची कीमतों वाली फसल को प्रोत्साहित करने की योजना का लाभ दक्षिण के दो चुनावी राज्यों को मिलेगा. ऐसे ही, नये बौद्ध सर्किट के एलान से असम को फायदा होगा. पर्यटन पर जो जोर बजट में दिया गया है, उसका भी कुछ लाभ चुनावी राज्यों को मिलेगा. लेकिन इन घोषणाओं को चुनाव प्रेरित नहीं माना जा सकता. हर बजट में कुछ न कुछ ऐसी घोषणाएं होती ही हैं, जो किसी न किसी न राज्य से जुड़ी होती हैं. अगर इन राज्यों में चुनाव न होते, तब भी इनमें से अधिकांश घोषणाएं की जातीं. तब शायद इनकी चर्चा नहीं होती. वित्त मंत्री ने बजट भाषण देते समय तमिलनाडु की खास पहचान मानी जाने वाली कांजीवरम की साड़ी पहन रखी थी. इसे भी कुछ लोगों ने नेतृत्व से जोड़कर देखा. लेकिन नहीं भूलना चाहिए कि निर्मला सीतारमण तमिलनाडु से ही ताल्लुक रखती हैं. इसलिए वहां की साड़ी पहनने का मतलब केवल चुनावी नहीं हो सकता. इसके अलावा मतदाता भी अब समझदार हो गये हैं. वे ऐसी बातों से इतना प्रभावित नहीं होते कि उनकी भावनाएं वोट में तब्दील हो सकें. इसलिए यह कहने में गुरेज नहीं है कि भाजपानीत केंद्र प्रशासन ने बजट पेश करते हुए चुनावी राज्यों पर बहुत ज्यादा जोर नहीं दिया है. इसी कारण उसके कर्ताधर्ता भी इस निष्कर्ष पर पहुंचे होंगे कि बजट को अनावश्यक पॉलिटिकल टच देने का कोई औचित्य नहीं है. वैसे भी, आर्थिक सर्वेक्षण ने लोकप्रियतावादी कदम न उठाने के संकेत दे दिये थे. आर्थिक सर्वेक्षण में लोकलुभावन घोषणाओं और नकद हस्तांतरण योजनाओं को लेकर गहरी चिंता जतायी गयी थी. इसमें कहा गया था कि पिछले तीन वर्षों में ऐसी योजनाएं राज्यों के कुल बजट खर्च का 8.26 फीसदी तक हिस्सा खा रही हैं. आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी कहा गया कि यदि राज्यों ने अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर और कौशल विकास जैसे उत्पादक कार्यों के बजाय केवल नकद बांटने में लगाया, तो यह भविष्य की आर्थिक वृद्धि को बाधित कर देगा. इस आर्थिक सर्वे के बाद भी अगर केंद्र प्रशासन खुद अपने बजट में चुनाव केंद्रित लोकलुभावन घोषणाएं करती, तो उस पर कथनी व करनी में अंतर के आरोप लगते.(ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post चुनावी राज्यों को लाभ जरूर मिलेगा लेकिन यह बजट चुनाव केंद्रित नहीं है appeared first on Naya Vichar.

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बिहार पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर की वैकेंसी, जानें कहां और कैसे करें अप्लाई

Bihar Police ASI Recruitment 2026: बिहार पुलिस में प्रशासनी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी समाचार सामने आई है. बिहार पुलिस स्टाफ सेलेक्शन कमीशन यानी BPSSC ने असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती के जरिए कुल 462 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. इसमें आवेदन शुरू होने के बाद ऑफिशियल वेबसाइट- bpssc.bihar.gov.in पर जाना होगा. इस वैकेंसी के लिए आवेदन प्रक्रिया 4 फरवरी 2026 से शुरू होगी. इसमें आवेदन करने के लिए कैंडिडेट्स को 4 मार्च 2026 तक का मौका मिलेगा. इसके लिए फीस जमा करने की आखिरी तारीख भी यही है. Bihar Police ASI Recruitment 2026 में ऐसे करें आवेदन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाएं. होमपेज पर Bihar Police ASI Recruitment 2026 के लिंक पर क्लिक करें. अब New Registration पर क्लिक करके अपनी बेसिक डिटेल्स भरें. रजिस्ट्रेशन के बाद लॉगिन करके आवेदन फॉर्म पूरा करें. जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और आवेदन फीस जमा करें. फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंट आउट निकालकर सुरक्षित रख लें. Bihar Police ASI Recruitment 2026 Notification PDF Bihar Police ASI Salary कितनी मिलेगी अगर सैलरी की बात करें तो इस पद पर सेलेक्ट होने वाले कैंडिडेट्स को पे लेवल 5 के तहत सैलरी दी जाएगी. शुरुआती सैलरी करीब 40,000 से 45,000 रुपये प्रति महीने होगी. इसके अलावा प्रशासनी नौकरी के सभी भत्ते और सुविधाएं भी मिलेंगी. कौन कर सकता है अप्लाई? इस वैकेंसी में आवेदन करने के लिए कैंडिडेट्स के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से BSc की डिग्री होना जरूरी है. यानी साइंस बैकग्राउंड से पढ़ाई करने वाले उम्मीदवार ही इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं. ASI की यह वैकेंसी उन कैंडिडेट्स के लिए खास है जो पढ़ाई के साथ-साथ फील्ड में काम करने का जज्बा रखते हैं. यह भी पढ़ें: बैंकिंग सेक्टर में नौकरी पाने का सुनहरा मौका, सैलरी 1 लाख से ज्यादा The post बिहार पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर की वैकेंसी, जानें कहां और कैसे करें अप्लाई appeared first on Naya Vichar.

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Defense: भविष्य के युद्ध की चुनौतियों से निपटने के लिए  तीसरा फ्यूचर वॉरफेयर कोर्स हुआ शुरू

Defense: समय के साथ युद्ध का तरीका तेजी से बदल रहा है. युद्ध का परिणाम अब सेना की संख्या और परंपरागत तरीके की बजाय तकनीक तय कर रही है. ऐसे माहौल में हर देश की सेना खुद को आधुनिक बनाने और भविष्य के युद्ध के लिए खुद को तैयार कर रही है. इस कड़ी में हिंदुस्तानीय सेना भी पीछे नहीं है. समय के साथ हिंदुस्तानीय सेना खुद को आधुनिक और भावी चुनौतियों से निपटने के लिए सक्षम बनाने का काम कर रही है. इस कड़ी में तीनों सेनाओं के लिए तीसरा फ्यूचर वॉरफेयर कोर्स दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में 2 से 25 फरवरी, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है.  यह कोर्स एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय के तत्वावधान और संयुक्त युद्ध अध्ययन केंद्र (सीईएनजेओडब्‍ल्‍यूएस) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है. इस कोर्स में विशिष्ट विषयों और सैन्य अभियानों में आ रहे बदलाव सहित कई अहम कोर्स का संचालन किया जा रहा है. कोर्स आयोजित करने का मकसद भावी जरूरतों के लिहाज से गहन समझ विकसित करना, तकनीकी युद्ध संचालन के हर पहलू से अवगत कराना है. भावी युद्ध से निपटने के लिए सोच, अवधारणा, सिद्धांत और युद्ध रणनीति पर पुनर्विचार करना जरूरी हो गया है. कोर्स के दौरान महत्वपूर्ण विषयों का गहन अध्ययन, उभरती तकनीक के व्यावहारिक प्रदर्शन और रक्षा बलों की क्षमताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संस्थान से संवाद कार्यक्रम का आयोजन होगा.  स्वदेशी तकनीक के साथ सामंजस्य बनाने पर होगा जोर इस कोर्स में तीनों सेनाओं के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप, एमएसएमआई, रक्षा क्षेत्र से जुड़े सार्वजनिक उपक्रम और निजी उद्योगों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं. कोर्स में सेना के मेजर से लेकर मेजर जनरल (और उनके समकक्ष) अधिकारी के सामने कनिष्ठ अधिकारी अपनी तकनीकी दक्षता और विशेषज्ञता का प्रदर्शन करेंगे. साथ ही वरिष्ठ अधिकारी अपने संचालन अनुभव और रणनीतिक ज्ञान का अनुभव साझा करेंगे. फ्यूचर वॉरफेयर संबंधी कोर्स सशस्त्र बलों की संचालन से जुड़ी प्राथमिकताओं को रक्षा क्षेत्र के स्वदेशी उद्योग की क्षमताओं के साथ तालमेल बिठाने और आधुनिक एवं भविष्य के युद्ध के विभिन्न पहलुओं पर मुक्त चर्चा को सार्थक बनाने का काम करेगा. पूर्व-सैनिक, सेवारत अधिकारी, पूर्व-राजदूतों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों और अकादमिक पेशेवरों सहित अन्य विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करेंगे कि हिंदुस्तान की सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का समग्र विश्लेषण कैसे पेशेवर तरीके से हो सके.  इसके अलावा कोर्स में महत्वपूर्ण और रेयर अर्थ एलिमेंट, आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों और भविष्य में होने वाले अभियानों को प्रभावित करने वाली क्षेत्रीय और वैश्विक भू-नेतृत्व जैसे विषयों के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे ताकि भविष्य में अभियानों की योजना बनाने और उन्हें संचालित करने के लिए रक्षा बलों को तैयार किया गया जा सके. गौरतलब है कि सितंबर 2024 में आयोजित प्रथम कोर्स की सफलता को आगे बढ़ाते हुए इस विस्तारित तीन-सप्ताह के कार्यक्रम का मकसद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान के उस दृष्टिकोण को साकार करना है जिसके तहत अधिकारियों को आधुनिक युद्ध की जटिल चुनौतियों के लिए तैयार किया जाना है.  The post Defense: भविष्य के युद्ध की चुनौतियों से निपटने के लिए  तीसरा फ्यूचर वॉरफेयर कोर्स हुआ शुरू appeared first on Naya Vichar.

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नकली डीएम बनकर गांव में जमाई हनक, 20 मिनट में खुल गई पोल

Fake IAS Officer: सोमवार को एक व्यक्ति जिलाधिकारी (DM) वैभव श्रीवास्तव के कार्यालय में पूरे सूटबूट में अपने आप को हिंदुस्तानीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बताते हुए मिलने पहुंच गया. जब जिलाधिकारी ने उसके बारे में धीरे-धीरे जानकारी लेनी शुरू की और जानकारी के दौरान फर्जी अधिकारी होने का मामला सामने आया तो उन्होंने तुरंत अपने सुरक्षा कर्मियों को बुलाकर फर्जी अधिकारी को नगर थाने के हवाले करने को कहा. इस बीच सूचना पाकर एसडीपीओ रामपुकार सिंह पहुंचे. उन्होंने फर्जी अधिकारी को अपने कब्जे में लेते हुए, नगर थाना को तुरंत कार्रवाई करने को कहा. गिरफ्तार फर्जी अधिकारी सदर प्रखंड के मुफस्सिल थाना क्षेत्र बसाढी गांव निवासी कृष्णा पंडित का पुत्र रितेश कुमार बताया जाता है. वह अपने भाई मुन्ना पंडित के साथ जिलाधिकारी से मिलने पहुंचा था. मेरठ में बताया था अपनी पोस्टिंग जिलाधिकारी को गिरफ्तार फर्जी अधिकारी ने अपनी पोस्टिंग उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बताई थी. चुकी जिलाधिकारी खुद उत्तर प्रदेश के निवासी हैं इसलिए उन्होंने छानबीन शुरू कर दी और कड़ी 20 मिनट के अंदर फर्जीवाड़ा का मामला समझते हुए पुलिस के हवाले कर दिया. पहले एसएसपी से मिला फिर डीएम से मिलने पहुंचा था थाने में पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई की जिलाधिकारी से मिलने के पहले वह एस एस पी से मिल चुका था. उसके बाद डीएम से मिलने पहुंचा था. यह भी बताया जा रहा है कि पूर्व जिलाधिकारी और एसपी से भी कई बार मिल चुका था यह फर्जी अधिकारी. गांव में भी अधिकारी होने का है चर्चा रितेश ने पूरे अपने गांव में अपने आप को हिंदुस्तानीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बताकर हनक बना ली है. गांव के कुछ लोगों से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि यहां पर यह व्यक्ति अपने आप को अधिकारी बताता है. कई अधिकारी से मिलने भी आते हैं. कई बार स्थानीय थाने के अधिकारियों के साथ इसकी उठक बैठक देखी गई है. अब पर्दाफाश हो गया. भाई ने कहा विक्षिप्त है यह साथ में पकड़े गए रितेश के बड़े भाई मुन्ना पंडित नगर थाने के पुलिस को बताया कि यह मेरा छोटा भाई है और विक्षिप्त है. मेरे पास ₹100 थे और उसने उसे गुलदस्ता खरीद लिया और मिलने के लिए चला गया. पुलिस पूरे मामले में आवेदन का इंतजार कर रही है कि जिलाधिकारी के तरफ से आवेदन आए ताकि प्राथमिकी की कार्रवाई की जा सके. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें क्या बोले थाना अध्यक्ष पुलिस अधिकारी संजीव कुमार ने कहा कि लिखित रूप में आवेदन का इंतजार किया जा रहा है. डीएम के तरफ से जैसे ही आवेदन आएगा प्राथमिकी की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी. इसे भी पढ़ें: हड़ताल पर गए कर्मियों पर लागू होगा नो वर्क नो पे, जमीन से जुड़े काम चलते रहेंगे, प्रशासन ने जारी किए आदेश The post नकली डीएम बनकर गांव में जमाई हनक, 20 मिनट में खुल गई पोल appeared first on Naya Vichar.

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