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February 3, 2026

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ChatGPT ने शिक्षा में खोले मौके और खतरे के रास्ते, जानिए कुछ चीजें मशीनों पर क्यों नहीं छोड़ी जा सकतीं

अब पढ़ाई में एआई (जैसे ChatGPT) का इस्तेमाल आम हो गया है. शिक्षक और छात्र दोनों ही इसे पढ़ने, सीखने और लिखने में काम में ला रहे हैं. इससे शिक्षा का तरीका बदल रहा है.बड़ा सवाल यह है कि असली सीख को कैसे परखा जाए, जब मशीनें भी इंसानों जैसी भाषा बना सकती हैं. पोस्ट-प्लेजरिज्म युग कनाडा के कॉलेजों के एक अध्ययन में कहा गया कि अब हम “पोस्ट-प्लेजरिज्म” दौर में हैं. यानी एआई का इस्तेमाल हमेशा नकल नहीं माना जाएगा. शिक्षक मानते हैं कि एआई को रोका नहीं जा सकता, इसलिए जरूरी है कि नीतियां बदली जाएं और छात्रों को जिम्मेदारी से एआई का उपयोग करना सिखाया जाए. प्रॉम्प्टिंग नया हुनर एआई से सही सवाल पूछना भी एक कौशल है. इसे “प्रॉम्प्टिंग” कहते हैं. इसमें साफ सोच, सही समझ और स्पष्ट संवाद की जरूरत होती है. अगर छात्र सही सवाल पूछ सकते हैं, तो यह उनकी समझ और विश्लेषण क्षमता दिखाता है. आलोचनात्मक सोच की परीक्षा शिक्षक छात्रों को एआई द्वारा बनाई गई सामग्री की जांच करने को कह सकते हैं. जैसे, एआई के सारांश या तर्कों में गलतियां ढूंढना. इससे पता चलेगा कि छात्र केवल जानकारी ले नहीं रहे, बल्कि उसे परख भी रहे हैं. लेखन सबसे संवेदनशील क्षेत्र लेखन को सबसे मानवीय और रचनात्मक काम माना गया है. विचार बनाने या भाषा सुधारने में एआई मदद कर सकता है, लेकिन पूरा लेख एआई से लिखवाना सही नहीं है. मौलिकता और रचनात्मकता इंसानों के पास ही रहनी चाहिए. अवसर और चुनौती एआई शिक्षा को नुकसान नहीं, बल्कि मदद भी कर सकता है. दिव्यांग छात्रों या नई भाषा सीखने वालों के लिए यह सहायक है. कई शिक्षक मानते हैं कि एआई को खतरे की तरह नहीं, बल्कि सुधार के साधन की तरह अपनाना चाहिए. यह भी पढ़ें: Gmail में Gemini AI, क्या सचमुच पढ़ रहा है आपके ईमेल? यह भी पढ़ें: कहीं आपने भी तो नहीं बता दीं ChatGPT को अपनी पर्सनल बातें? देर होने से पहले जानें कैसे करें पूरी हिस्ट्री डिलीट The post ChatGPT ने शिक्षा में खोले मौके और खतरे के रास्ते, जानिए कुछ चीजें मशीनों पर क्यों नहीं छोड़ी जा सकतीं appeared first on Naya Vichar.

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Gold-Silver Price Today: गिरावट के बाद उछला बाजार; चांदी ₹2.53 लाख और सोना ₹1.45 लाख पर पहुंचा

Gold-Silver Price Today: हिंदुस्तानीय बुलियन मार्केट और वायदा बाजार (MCX) के लिए आज का दिन बेहद हलचल भरा रहा. पिछले तीन दिनों से लगातार गिरावट का सामना कर रहे निवेशकों के लिए 3 फरवरी की सुबह राहत की समाचार लेकर आई है. सोने और चांदी, दोनों ही कीमती धातुओं में आज जबरदस्त रिकवरी देखी गई है, जहां चांदी ने एक ही दिन में करीब 7% की छलांग लगाकर बाजार को चौंका दिया है. एक तरफ जहां वैश्विक कारणों और मार्जिन मनी में बढ़ोतरी ने हाल के दिनों में कीमतों पर दबाव बनाया था, वहीं आज की तेजी ने एक बार फिर घरेलू बाजार में हलचल तेज कर दी है. इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर कीमतों में इस उतार-चढ़ाव की मुख्य वजह क्या है, MCX और सर्राफा बाजार के भाव में अंतर क्यों होता है, और आम खरीदार नकली चांदी की पहचान कैसे कर सकते हैं. MCX और सर्राफा बाजार के भाव में अंतर क्यों? अक्सर लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि टीवी पर दिखने वाले दाम और दुकान के दाम अलग क्यों होते हैं. MCX (वायदा बाजार): यह एक डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है जहां शेयर बाजार की तरह हर सेकंड कीमतों में बदलाव होता है. यहां मेटल का व्यापार अनुबंधों (Contracts) के रूप में होता है. सर्राफा बाजार (Physical Market): यहां आप भौतिक रूप में सोना-चांदी खरीदते हैं. इसमें मेटल के ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज (भंडारण) और सुरक्षा का खर्च जुड़ा होता है, इसलिए यहां दाम थोड़े अधिक होते हैं. क्यों गिरती हैं कीमतें ? विशेषज्ञों के अनुसार, शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) द्वारा मार्जिन मनी बढ़ाना कीमतों पर दबाव डाल रहा है. मार्जिन क्या है? सरल शब्दों में, यह वह ‘बयाना’ या सिक्योरिटी डिपॉजिट है जो किसी ट्रेड को शुरू करने के लिए जमा करना पड़ता है.जब एक्सचेंज मार्जिन बढ़ाता है (जैसे चांदी पर 11% से बढ़ाकर 15% किया गया), तो व्यापारियों को अधिक पैसा जमा करना पड़ता है. फंड की कमी होने पर ट्रेडर्स अपनी होल्डिंग बेचने लगते हैं, जिससे बाजार में अचानक बिकवाली आती है और दाम गिरने लगते हैं. मेटल तेजी (%) भाव (MCX) 3 दिन की गिरावट चांदी ~7% (₹17,000) ₹2.53 लाख/किलो ₹1.60 लाख सोना ~3% (₹5,000) ₹1.45 लाख/10 ग्राम ₹26,000 Also Read : India-US Trade Deal : हिंदुस्तानीय शेयर बाजार के लिए ‘गेम चेंजर’, GDP में 80 bps तक की बढ़त संभव The post Gold-Silver Price Today: गिरावट के बाद उछला बाजार; चांदी ₹2.53 लाख और सोना ₹1.45 लाख पर पहुंचा appeared first on Naya Vichar.

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Beetroot Lip Scrub: घर पर बनाएं चुकंदर लिप स्क्रब, होंठों को बनाए नेचुरली गुलाबी और मुलायम

Beetroot Lip Scrub: खूबसूरत और गुलाबी होंठ हर किसी को पसंद होते हैं, लेकिन धूप, ठंड, पानी की कमी और लिपस्टिक के ज्यादा इस्तेमाल से होंठ रूखे और काले हो जाते हैं. ऐसे में चुकंदर से बना लिप स्क्रब एक आसान और घरेलू उपाय है. चुकंदर में प्राकृतिक रंग और पोषक तत्व होते हैं, जो होंठों की मरी हुई त्वचा हटाकर उन्हें मुलायम और गुलाबी बनाने में मदद करते हैं. यह लिप स्क्रब घर पर आसानी से बनाया जा सकता है और होंठों के लिए बिल्कुल सुरक्षित होता है. चुकंदर लिप स्क्रब बनाने के लिए सामान  चुकंदर का रस – 1 टेबलस्पून चीनी (दरदरी) – 1 टेबलस्पूनशहद – 1 टीस्पून नारियल तेल या बादाम तेल – ½ टीस्पून चुकंदर लिप स्क्रब बनाने का तरीका  चुकंदर का रस निकालें एक ताजा चुकंदर को कद्दूकस करें और उसका रस निकाल लें. स्क्रब तैयार करें एक छोटे बाउल में चुकंदर का रस, चीनी, शहद और तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं. होंठों पर लगाएं इस स्क्रब को हल्के हाथों से होंठों पर 2–3 मिनट तक गोल-गोल घुमाते हुए रगड़ें. धो लें गुनगुने पानी से धो लें और बाद में लिप बाम लगाएं. चुकंदर लिप स्क्रब के फायदे डेड स्किन हटाता ह. होंठों को नेचुरल पिंक बनाता है. होंठों की ड्राइनेस दूर करता है. होंठों को मुलायम और चमकदार बनाता है. यह भी पढ़ें: Honey For Detan Oily Skin: ऑयली स्किन की टैनिंग होगी गायब! शहद से बनाएं नेचुरल डी-टैन पैक यह भी पढ़ें: Beauty Tips: चेहरे पर इस तरह लगाएं बेसन और नींबू का रस, दूर होंगी ये समस्याएं डिस्क्लेमर: इस ब्लॉग में दी गई यह स्किनकेयर और हेयरकेयर जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, यह मेडिकल सलाह नहीं है. किसी भी प्रोडक्ट या नुस्खे को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करें और समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें. The post Beetroot Lip Scrub: घर पर बनाएं चुकंदर लिप स्क्रब, होंठों को बनाए नेचुरली गुलाबी और मुलायम appeared first on Naya Vichar.

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Astrology for Children: छोटे बच्चों की हस्त रेखाओं से जानें उनका स्वभाव और प्रतिभा

Astrology for Children: कहा जाता है कि बच्चों के हाथ सिर्फ कोमल ही नहीं होते, बल्कि उनमें उनके स्वभाव और प्रतिभा के कई संकेत भी छिपे होते हैं. हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हथेली की बनावट और रेखाएं शिशु की सोच, भावनाओं और रुचियों के बारे में इशारा करती हैं. हालांकि यह केवल एक पारंपरिक मान्यता है, फिर भी इसे जानना काफ़ी रोचक माना जाता है. हथेली का आकार क्या बताता है? बच्चों की हथेली का आकार उनके स्वभाव से जुड़ा माना जाता है. अगर शिशु की हथेली गोल और मुलायम हो, तो ऐसे शिशु आमतौर पर संवेदनशील, स्नेही और दूसरों से जल्दी घुलने-मिलने वाले होते हैं. चौकोर हथेली वाले शिशु व्यवहारिक सोच रखते हैं और उनमें जिम्मेदारी की भावना कम उम्र में ही दिखने लगती है. लंबी हथेली और पतली उंगलियां कल्पनाशील स्वभाव और रचनात्मक रुचि का संकेत मानी जाती हैं. मस्तिष्क रेखा और सीखने की क्षमता मस्तिष्क रेखा शिशु की समझने और सीखने की क्षमता से जुड़ी होती है. अगर यह रेखा साफ और लंबी दिखाई दे, तो माना जाता है कि बच्चा नई चीजें जल्दी सीखता है और पढ़ाई में रुचि रखता है. वहीं हल्की घुमावदार मस्तिष्क रेखा यह बताती है कि शिशु का झुकाव कला, संगीत, चित्रकला या लेखन जैसी गतिविधियों की ओर हो सकता है. हृदय रेखा से भावनात्मक स्वभाव हृदय रेखा शिशु की भावनाओं को दर्शाती है. स्पष्ट और गहरी हृदय रेखा वाले शिशु दयालु, प्यार बांटने वाले और रिश्तों को महत्व देने वाले माने जाते हैं. अगर यह रेखा हल्की हो, तो ऐसा बच्चा अपनी भावनाएं आसानी से व्यक्त नहीं करता, लेकिन भीतर से संवेदनशील हो सकता है. जीवन रेखा और ऊर्जा स्तर जीवन रेखा से शिशु की ऊर्जा और सक्रियता का अंदाज़ा लगाया जाता है. स्पष्ट जीवन रेखा अच्छे स्वास्थ्य और उत्साह का संकेत मानी जाती है. जबकि हल्की जीवन रेखा वाले शिशु शांत स्वभाव के और सोच-समझकर कदम उठाने वाले हो सकते हैं. जरूरी बात यह ध्यान रखना जरूरी है कि बच्चों की हस्त रेखाएं समय के साथ बदलती रहती हैं. शिशु का विकास, उसकी परवरिश, शिक्षा और वातावरण उसकी असली प्रतिभा को आकार देते हैं. इसलिए हस्तरेखा को केवल एक रोचक पारंपरिक जानकारी के रूप में ही देखना चाहिए, न कि पक्के भविष्य के रूप में. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा15+ वर्षों का अनुभव | ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञConsultation: 8080426594 / 9545290847 The post Astrology for Children: छोटे बच्चों की हस्त रेखाओं से जानें उनका स्वभाव और प्रतिभा appeared first on Naya Vichar.

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बिहार विधानसभा में बजट पेश, वित्त मंत्री ने महिलाओं के लिए किया बड़ा ऐलान

Bihar Budget 2026: बिहार प्रशासन ने मंगलवार को विधानसभा में राज्य का आम बजट पेश कर रहे हैं. वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने सदन के पटल पर बजट रखा. विधानसभा चुनाव के बाद यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रशासन का पहला बजट है, इसलिए इसे नेतृत्वक रूप से अहम माना जा रहा है. वित्त मंत्री का बजट भाषण अभी सदन में चल रहा है. शुरुआती बजट भाषण में ही उन्होंने स्त्रीओं को लेकर बड़ा एलान कर दिया है. उन्होंने कहा कि स्त्री रोजगार योजना के तहत स्त्रीओं को दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे. इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है. The post बिहार विधानसभा में बजट पेश, वित्त मंत्री ने स्त्रीओं के लिए किया बड़ा ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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T20 World Cup 2026 से बाहर होने पर Pat Cummins का छलका दर्द, बताई बड़ी वजह

Highlights चोट और रिकवरी पर क्या बोले कमिंस? भारी भरकम टेस्ट शेड्यूल बड़ी वजह IPL और टीम की तैयारियों पर नजर भविष्य की सुरक्षा के लिए लिया फैसला Pat Cummins Injury Update: ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज पैट कमिंस (Pat Cummins) आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) से बाहर हो गए हैं. पीठ की चोट के कारण वह समय पर रिकवर नहीं कर पाए, जिसके चलते उन्हें यह कड़ा फैसला लेना पड़ा. कमिंस ने साफ किया है कि वह आने वाले टेस्ट सीजन के लिए खुद को पूरी तरह फिट रखना चाहते हैं और इसीलिए उन्होंने वर्ल्ड कप से हटने का निर्णय लिया. उनकी जगह टीम में बेन ड्वार्शियस को शामिल किया गया है. टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 7 फरवरी से होने जा रही है. चोट और रिकवरी पर क्या बोले कमिंस? कमिंस ने अपनी चोट को लेकर बताया कि एडिलेड टेस्ट के बाद उन्हें लगा था कि वह 4 हफ्ते में ठीक हो जाएंगे. लेकिन हाल ही में हुए स्कैन से पता चला कि हड्डी को पूरी तरह ठीक होने में कुछ और समय लगेगा. कमिंस के मुताबिक, वह काफी अच्छा महसूस कर रहे थे लेकिन डॉक्टर्स ने उन्हें थोड़ा और आराम करने की सलाह दी है. समय की कमी की वजह से वह वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा नहीं बन सके. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए काफी दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन वह कुछ हफ्तों के आराम के बाद आगे की योजना बनाएंगे. भारी भरकम टेस्ट शेड्यूल बड़ी वजह ऑस्ट्रेलियाई कप्तान के लिए आगामी महीनों में टेस्ट मैचों का कार्यक्रम काफी व्यस्त है. अगस्त में ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैच स्पोर्ट्सने हैं. इसके बाद दक्षिण अफ्रीका का दौरा और फिर न्यूजीलैंड के साथ घरेलू सीरीज होनी है. सबसे महत्वपूर्ण हिंदुस्तान के खिलाफ होने वाली पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सीरीज है. इसके अलावा अगले साल मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक 150वें साल का टेस्ट और फिर एशेज सीरीज भी स्पोर्ट्सी जानी है. कमिंस इन सभी मैचों में अपनी टीम की अगुवाई करना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने साल के शुरुआती महीनों में आराम करना सही समझा. IPL और टीम की तैयारियों पर नजर भले ही पैट कमिंस टी20 वर्ल्ड कप नहीं स्पोर्ट्स रहे हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वह 26 मार्च से शुरू होने वाले आईपीएल 2026 के लिए पूरी तरह फिट हो जाएंगे. वह आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी करते नजर आ सकते हैं. कमिंस का मानना है कि टी20 के लिए तैयारी करना टेस्ट क्रिकेट के मुकाबले थोड़ा आसान होता है. वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में मिली हार के बावजूद टीम का मनोबल ऊंचा है. खिलाड़ी बिग बैश लीग स्पोर्ट्सकर आ रहे हैं और वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने के लिए बेताब हैं. भविष्य की सुरक्षा के लिए लिया फैसला कमिंस ने स्पष्ट किया कि यदि वह अभी सावधानी नहीं बरतते, तो उनकी चोट गंभीर रूप ले सकती थी. आने वाले समय में वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल और वनडे वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट भी होने हैं. ऐसे में वह किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहते थे. उन्होंने कहा कि आगामी क्रिकेट सत्र को देखते हुए संयम बरतना उनके करियर के लिए बेहतर होगा. फिलहाल वह अपनी फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं ताकि जब वह मैदान पर वापसी करें, तो वह अपनी पूरी लय में हों. ये भी पढ़ें- Video: हिंदुस्तान प्रशासन का शुक्रिया, पद्म श्री ऑवर्ड के नामित होने के बाद रोहित शर्मा का रिएक्शन आया सामने T20 World Cup 2026: पाकिस्तान करेगा हिंदुस्तान के खिलाफ मैच बॉयकॉट, सलमान आगा ने बयान देकर मचाई हलचल T20 World Cup 2026: पाकिस्तान नहीं स्पोर्ट्सेगा तो भी टीम इंडिया को जाना होगा श्रीलंका, वरना हो जाएगा नुकसान The post T20 World Cup 2026 से बाहर होने पर Pat Cummins का छलका दर्द, बताई बड़ी वजह appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी ने मेयर चुनाव के लिए भरा पर्चा, जमशेदपुर के मानगो से करेंगी फाइट

Jharkhand Civic Polls: झारखंड के जमशेदपुर में मानगो नगर निगम के मेयर पद के लिए नेतृत्वक सरगर्मी उस वक्त अपने चरम पर पहुंच गई, जब क्षेत्र की ‘हेवीवेट’ प्रत्याशी सुधा गुप्ता ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. झारखंड की सियासत में एक कद्दावर पहचान रखने वाली सुधा गुप्ता का नामांकन महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन और सादगी का अनूठा संगम रहा. राज्य के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक बन्ना गुप्ता की धर्मपत्नी होने के नाते सुधा गुप्ता के पास लंबा नेतृत्वक अनुभव और गहरा जनसंपर्क है, जो इस चुनाव में उनकी स्थिति को बेहद मजबूत बनाता है. बन्ना गुप्ता की धर्मपत्नी, मजबूत नेतृत्वक पकड़ पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता का नामांकन केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं रहा, बल्कि बरसों का नेतृत्वक अनुभव, जमीनी पकड़ और गहरा जनसंपर्क उन्हें इस चुनाव में एक मजबूत दावेदार बनाता है. मानगो क्षेत्र में उनकी सक्रियता पहले से चर्चा में रही है. नामांकन से पहले दिखा पारिवारिक और भावनात्मक पक्ष नामांकन के लिए निकलने से पहले उनके आवास पर भावुक दृश्य देखने को मिला. पति बन्ना गुप्ता ने स्वयं कार का गेट खोलकर उन्हें विदा किया. यह पल उनके साझा नेतृत्वक संघर्ष और विश्वास को दर्शाता है. इसके बाद सुधा गुप्ता ने कदमा स्थित रंकनी मंदिर और मानगो बड़ा हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर जीत का आशीर्वाद लिया. जाम से बचने के लिए बिना रैली पहुंचीं नामांकन स्थल सुधा गुप्ता ने नामांकन के दौरान भीड़ और रैली से दूरी बनाकर संवेदनशीलता दिखाई. उन्होंने कहा कि मानगो में फ्लाईओवर निर्माण के कारण सड़कें संकरी हैं. रैली से आम लोगों को जाम की परेशानी झेलनी पड़ती, जो उन्हें मंजूर नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि जनता की सुविधा उनकी नेतृत्व का मूल है. सर्वधर्म समभाव की झलक नामांकन प्रक्रिया के दौरान सुधा गुप्ता के साथ समाज के हर वर्ग के लोग मौजूद रहे. प्रस्तावक के रूप में डॉ. मोहम्मद जकारिया, भगवान सिंह, बिपिन झा, भगवान प्रसाद, लीला गुप्ता, डेविड पूर्ति और राजेश शर्मा की मौजूदगी ने उनके सर्वसमावेशी चरित्र को रेखांकित किया. बेटियों और माताओं के सम्मान का मुद्दा नामांकन के बाद सुधा गुप्ता भावुक नजर आईं. उन्होंने कहा कि यह चुनाव उनके लिए सत्ता की नहीं, बल्कि मानगो की बेटियों, माताओं और परिवारों के सम्मान और अधिकार की लड़ाई है. उनका कहना है कि नगर निगम को संवेदनशील, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाना उनकी प्राथमिकता होगी. इसे भी पढ़ें: Land Survey: हजारीबाग में 100 से साल से अधर में लटका है भूमि सर्वेक्षण का काम, डीसी को सौंपा गया ज्ञापन मुकाबला हुआ और भी रोचक नेतृत्वक गलियारों में माना जा रहा है कि सुधा गुप्ता की एंट्री से मानगो मेयर चुनाव बेहद कड़ा और दिलचस्प हो गया है. आने वाले दिनों में चुनावी सरगर्मी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है. इसे भी पढ़ें: Jharkhand Civic Polls: धनबाद के डीसी-एसपी ने डिस्पैच और रिसीविंग सेंटर का किया निरीक्षण, बारीकी से की जांच The post झारखंड के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी ने मेयर चुनाव के लिए भरा पर्चा, जमशेदपुर के मानगो से करेंगी फाइट appeared first on Naya Vichar.

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Kesar Thandai Recipe: बाजार जैसी नहीं, इससे भी बेहतर, एक बार ट्राई करें ये केसर ठंडाई

Kesar Thandai Recipe: केसर ठंडाई हिंदुस्तान की एक पारंपरिक और स्वादिष्ट पेय है, जिसे खास तौर पर होली, महाशिवरात्रि और गर्मियों के मौसम में पिया जाता है. बादाम, सौंफ, खसखस और खुशबूदार केसर से बनी यह ठंडाई न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि शरीर को ठंडक और ताजगी भी देती है. बाजार की ठंडाई की तुलना में घर पर बनी केसर ठंडाई ज्यादा शुद्ध, हेल्दी और खुशबूदार होती है. अगर आप गर्मी में कुछ ठंडा, पौष्टिक और पारंपरिक पीना चाहते हैं, तो केसर ठंडाई एक बेहतरीन विकल्प है. केसर ठंढाई बनाने के लिए जरूरी सामान  फुल क्रीम दूध – 1 लीटर केसर – 10–12 धागे बादाम – 10–12 काजू – 8–10 पिस्ता – 8–10 खसखस – 1 टेबलस्पून सौंफ – 1 टेबलस्पून काली मिर्च – 6–8 दाने इलायची – 4–5 गुलाब जल – 1 टेबलस्पून चीनी – स्वादानुसार  केसर ठंडाई बनाने का आसान तरीका  ड्राई फ्रूट्स भिगोएं बादाम, काजू और पिस्ता को 3–4 घंटे या रात भर पानी में भिगो दें. बादाम के छिलके उतार लें. मसाला पेस्ट तैयार करें भीगे हुए ड्राई फ्रूट्स, सौंफ, खसखस, काली मिर्च और इलायची को थोड़ा सा दूध डालकर मिक्सी में बारीक पीस लें. दूध उबालें एक पैन में दूध को धीमी आंच पर उबालें. जब दूध हल्का गाढ़ा हो जाए, तो इसमें केसर के धागे डाल दें. ठंडाई तैयार करें अब दूध में तैयार किया हुआ पेस्ट और चीनी डालें. 5–7 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. अंत में गुलाब जल मिलाएं. ठंडा करें और परोसें ठंडाई को ठंडा होने दें. चाहें तो फ्रिज में रखकर अच्छी तरह ठंडा करें. ऊपर से कटे हुए पिस्ता और केसर से सजाकर सर्व करें. यह भी पढ़ें: Aloo Palak Paneer Paratha: घरवालों को खिलाना है कुछ खास, बनाएं गरमा-गरम टेस्टी आलू पालक पनीर पराठा  यह भी पढ़ें: Moong Palak Appe: ब्रेकफास्ट के लिए आसानी से तैयार करें मूंग पालक अप्पे, नोट करें स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी The post Kesar Thandai Recipe: बाजार जैसी नहीं, इससे भी बेहतर, एक बार ट्राई करें ये केसर ठंडाई appeared first on Naya Vichar.

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यूपी में बीएड एडमिशन के लिए नोटिफिकेशन जारी, देखें यूनिवर्सिटी की लिस्ट

UP BEd Admission 2026: यूपी में बीएड कोर्स में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अच्छी समाचार है. बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी झांसी की तरफ से UP BEd Admission 2026 का ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. इस नोटिफिकेशन के अनुसार दो साल के बीएड कोर्स में एडमिशन के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 फरवरी 2026 से शुरू होगी. जो छात्र शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं, उनके लिए यह एक बड़ा मौका है. दो साल के बीएड कोर्स में एडमिशन के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 फरवरी 2026 से शुरू होगी. इसमें आवेदन करने के लिए कैंडिडेट्स को 10 मार्च 2026 तक का समय मिलेगा. इसमें आवेदन शुरू होने के बाद कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट- bujhansi.ac.in पर एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं. UP BEd Admission 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन स्टेप्स सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट bujhansi.ac.in पर जाएं. UP BEd Admission 2026 के लिंक पर क्लिक करें. नई रजिस्ट्रेशन करके लॉगिन डिटेल्स बनाएं. आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी ध्यान से भरें. जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और एप्लीकेशन फीस जमा करें. फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखें. UP BEd Admission 2026 Notification Check Here UP BEd Admission 2026 के लिए योग्यता क्या है? यूपी बीएड में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से बैचलर या मास्टर्स की डिग्री होनी चाहिए. अलग अलग कैटेगरी के लिए मार्क के नियम भी अलग अलग ही है. इसमें इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स के पास 55% मार्क्स होने जरूरी है. UP BEd University List: इन यूनिवर्सिटी में होगा एडमिशन क्रम संख्या यूनिवर्सिटी का नाम स्थान 1 लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) लखनऊ 2 महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय बरेली 3 डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BRAU) आगरा 4 डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय (RMLAU) फैजाबाद 5 चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) मेरठ 6 बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (आयोजक विश्वविद्यालय) झांसी 7 महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (MGKVP) वाराणसी 8 सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी 9 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (VBSPU) जौनपुर 10 दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय (DDU) गोरखपुर 11 छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) कानपुर 12 इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय (राजू भैया विश्वविद्यालय) प्रयागराज 13 जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (JCU) बलिया 14 सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर 15 ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय लखनऊ 16 गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) नोएडा 17 महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ 18 मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय सहारनपुर 19 राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय अलीगढ़ UP BEd Entrance Date: कब होगी प्रवेश परीक्षा? यूपी बीएड में एडमिशन (UP BEd Admission 2026) के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन 20 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 के बीच किया जाएगा. परीक्षा अलग अलग शिफ्ट में आयोजित हो सकती है. परीक्षा के बाद इसका रिजल्ट 25 मई से 30 मई 2026 के बीच जारी होने की संभावना है. रिजल्ट घोषित होने के बाद मेरिट के आधार पर काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी. यह भी पढ़ें: बिहार में 72वीं कंबाइंड परीक्षा जुलाई में, TRE 4 पर सस्पेंस बरकरार, देखें नया कैलेंडर The post यूपी में बीएड एडमिशन के लिए नोटिफिकेशन जारी, देखें यूनिवर्सिटी की लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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पुराने SIM कार्ड से निकला ‘असली सोना’, इस शख्स ने कबाड़ को बना दिया कुबेर का खजाना!

SIM Cards: आजकल सोशल मीडिया पर एक वीडियो आग की तरह फैल रहा है. किस्सा चीन के गुआंगडोंग प्रांत के हुइझोउ शहर का है. यहां ‘क्याओ’ (Qiao) नाम के एक भाई साहब रहते हैं, जो पेशे से कबाड़ से कीमती धातुएं निकालने और उन्हें शुद्ध करने का काम करते हैं. उन्होंने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया कि लोग अब अपने पुराने सिम कार्ड ढूंढने लगे हैं. केमिकल का स्पोर्ट्स और 20 लाख का मेल South China Morning Post के अनुसार हुआ ये कि क्याओ ने 20 जनवरी को एक वीडियो डाला. वीडियो में उन्होंने पुराने सिम कार्ड्स और टेलीकॉम कचरे को रसायनों (Chemicals) से भरे ड्रमों में डाल दिया. इसके बाद शुरू हुआ ‘कौरोशन’ और ‘हीटिंग’ का लंबा प्रोसेस. अंत में जो निकलकर आया, उसे देख सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं. भाई ने कुल 191 ग्राम सोना निकाल लिया, जिसकी बाजार में कीमत करीब 2 लाख युआन यानी लगभग 23 लाख हिंदुस्तानीय रुपये है. Scrap sim cards. Photo: weibo क्या सच में सिम कार्ड में सोना होता है? अब आप सोच रहे होंगे कि क्या मेरा सिम कार्ड भी सोने की खान है? तो भैया, गणित समझ लीजिए. सिम कार्ड के जो हिस्से चिप से कनेक्ट होते हैं, उन पर सोने की परत चढ़ाई जाती है ताकि उनमें जंग न लगे और वे लंबे समय तक चलें. लेकिन, क्याओ ने बताया कि उन्होंने सिर्फ सिम कार्ड से ये सोना नहीं निकाला. उन्होंने लगभग 2 टन (2000 किलो) इलेक्ट्रॉनिक कचरा इस्तेमाल किया था, जिसमें सिम कार्ड के साथ-साथ टेलीकॉम इंडस्ट्री के तमाम चिप्स शामिल थे. जानकारों की मानें तो एक अकेले सिम कार्ड में 0.001 ग्राम से भी कम सोना होता है. यानी अगर आप अमीर बनने के चक्कर में अपना सिम कार्ड गलाएंगे, तो हाथ में सिर्फ राख ही आएगी. Also Read: खेती और डेयरी पर कोई समझौता नहीं, पुराने रुख पर कायम रहेगा हिंदुस्तान The post पुराने SIM कार्ड से निकला ‘असली सोना’, इस शख्स ने कबाड़ को बना दिया कुबेर का खजाना! appeared first on Naya Vichar.

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