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February 3, 2026

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CBSE Admit Card 2026 OUT: सीबीएसई ने जारी किया एडमिट कार्ड, ऐसे करें डाउनलोड 

CBSE Admit Card 2026 OUT: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2026 की कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं. ये एडमिट कार्ड 17 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली परीक्षाओं के लिए जारी किए गए हैं. CBSE पहले ही कक्षा 10वीं और 12वीं के प्राइवेट कैंडिडेट्स के लिए एडमिट कार्ड जारी कर चुका है. कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होकर 9 अप्रैल तक चलेंगी. एडमिट कार्ड डाउनलोड करके देना स्कूल की जिम्मेदारी स्टूडेंट्स एडमिट कार्ड खुद से डाउनलोड नहीं कर पाएंगे. इसके लिए उन्हें स्कूल की मदद लेनी होगी. सीबीएसई ने साफ कहा है कि एडमिट कार्ड डाउनलोड करके देना स्कूलों की जिम्मेदारी है. स्कूल सारी डिटेल चेक करके ही इसे स्टूडेंट्स को दें. CBSE Admit Card: सीबीएसई के एडमिट कार्ड में होगी ये डिटेल उम्मीदवार का पूरा नाम रोल नंबर स्कूल नंबर सेंटर नंबर जिन विषयों की परीक्षा है, उनके नाम और कोड हर विषय की परीक्षा डेट और समय परीक्षा केंद्र का नाम और पूरा पता उम्मीदवार की फोटो परीक्षा से जुड़े जरूरी निर्देश (Instructions) CBSE Admit Card 2026 Download: कैसे डाउनलोड करें सीबीएसई एडमिट कार्ड? सबसे पहले सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं. यहां होमपेज पर परीक्षा संगम सेक्शन में जाएं. 10वीं या 12वीं संबंधित क्लास के एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करें. इसके बाद अपना User ID और Password डालकर लॉगिन करें. इतना करते ही एडमिट आपके स्क्रीन पर दिखने लगेगा. इसे डाउनलोड कर लें और इसका प्रिंटआउट निकाल लें. समाचार अपडेट हो रही है… The post CBSE Admit Card 2026 OUT: सीबीएसई ने जारी किया एडमिट कार्ड, ऐसे करें डाउनलोड  appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Budget Session: सदन में उठा अवैध खनन का मुद्दा, सरकार की कार्रवाई पर उठे सवाल तो क्या बोले विजय सिन्हा?

Bihar Budget Session: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के आज दूसरे दिन वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव बजट पेश करेंगे. इससे पहले सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने सत्ता पक्ष से कई सवाल किए. इसी क्रम में मनिहारी के विधायक मनोहर प्रसाद ने अवैध खनन का मुद्दा उठाया. इतना ही नहीं, उन्होंने प्रशासन की कार्यवाही पर भी सवाल खड़े किए. मनोहर प्रसाद ने सदन में क्या कहा? मनोहर प्रसाद ने कहा कि नियमों की अनदेखी कर बालू और खनिजों का अवैध खनन किया जा रहा है. इससे राजस्व को नुकसान हो रहा. इसके साथ ही पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है. विधायक ने काफी लंबे समय से अपने इलाके में अवैध खनन की बात कही. साथ ही यह भी कहा कि इसमें कोई सुधार नहीं किया जा रहा है. इस दौरान विधायक ने अवैध खनन पर एक्शन लेने की मांग की. विजय सिन्हा ने क्या दिया जवाब? इस दौरान सदन में मौजूद उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा, प्रशासन अवैध खनन को लेकर पूरी तरह से गंभीर है. लगातार कार्रवाई भी की जा रही है. डिप्टी सीएम ने मनिहारी में भी छापेमारी का उदाहरण दिया और कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की गई है. किसी भी सूरत में प्रशासन अवैध खनन बर्दाश्त नहीं करेगी. इस दौरान ओवरलोडिंग को लेकर डिप्टी सीएम ने दावा किया कि बिहार देश का पहला राज्य है, जहां यह पूरी तरह बंद हो चुका है. एक्शन में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा लगातार जमीन से जुड़े मामले हो या फिर अवैध खनन का मामला हो, वे एक्शन मोड में हैं. कई जिलों में आयोजित किए गए जनसंवाद कार्यक्रम में वे शामिल हो चुके हैं. इस दौरान लोगों की शिकायतें दूर करने के साथ-साथ अगर कहीं उन्हें गड़बड़ी की जानकारी मिली तो अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लेते भी दिखे. ऐसे में अवैध खनन के मुद्दे पर भी उन्होंने अपनी बात रखी. Also Read: Anant Singh: बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने ली शपथ, सीएम नीतीश कुमार के छुए पैर The post Bihar Budget Session: सदन में उठा अवैध खनन का मुद्दा, प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल तो क्या बोले विजय सिन्हा? appeared first on Naya Vichar.

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लॉन्च से पहले iQOO 15R की बैटरी डिटेल्स आयी सामने, परफॉरमेंस के मामले में भी फोन जबरदस्त

iQOO अपना नया स्मार्टफोन iQOO 15R जल्द ही हिंदुस्तान में लॉन्च करने वाला है. कंपनी लॉन्च से पहले धीरे-धीरे इसकी खास जानकारी सामने ला रही है. हाल ही में पता चला है कि इस फोन में जबरदस्त 7,600mAh की बड़ी बैटरी मिलने वाली है, जो 100W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी. ये iQOO 15 की 7,000mAh बैटरी से भी बड़ी है. लेकिन बैटरी बड़ी होने के बावजूद फोन स्लिम और स्टाइलिश रखा गया है. इसकी मोटाई सिर्फ 7.9mm होगी. iQOO 15R की परफॉर्मेंस iQOO ने पहले ही इशारा दे दिया है कि उसका आने वाला मिड-फ्लैगशिप फोन काफी दमदार होने वाला है. कंपनी इसमें नया ऑक्टा-कोर Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर देने वाली है, जो 3nm टेक्नोलॉजी पर बना है. दावा किया जा रहा है कि फोन ने AnTuTu पर 3.5 मिलियन से ज्यादा का स्कोर हासिल किया है. वहीं कंपनी का कहना है कि इसमें CPU परफॉर्मेंस करीब 36% तक बेहतर होगी और AI से जुड़े कामों के लिए NPU परफॉर्मेंस लगभग 46% तक ज्यादा मजबूत मिलेगी. Big battery. Slim build. No compromises. The iQOO 15R stands tall as India’s Slimmest Smartphone in 7600mAh Category*, bringing long-lasting power without the bulk. Designed to feel light in hand, yet ready to go the distance through your day and beyond. Because endurance is… pic.twitter.com/mQjkhbP8H4 — iQOO India (@IqooInd) February 3, 2026 इस फोन में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला AMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जो अडाप्टिव स्क्रीन स्विचिंग के साथ आएगा. iQOO 15R में Q2 गेमिंग चिप भी मिलने की उम्मीद है. ये चीज दिखती है ये फोन खास तौर पर गेमिंग के लिए डिजाइन की गई है. सॉफ्टवेयर की बात करें तो ये फोन OriginOS 6 पर रन कर सकता है. 24 फरवरी को लॉन्च होगा iQOO 15R इसके अलावा कंपनी ने ये भी कंफर्म कर दिया है कि आने वाला फोन Dark Knight कलर में भी मिलेगा. वहीं, हिंदुस्तान में इसे ब्लू कलर ऑप्शन में भी लॉन्च करने की झलक दिखा दी गई है. हालांकि इस रंग का नाम अभी तक कंपनी ने रिवील नहीं किया है. उम्मीद है कि iQOO 15R की लॉन्च डेट (24 फरवरी) करीब आते-आते फोन से जुड़ी और भी डिटेल्स सामने आ जाएंगी. यह भी पढ़ें: Oppo K14x जल्द मरेगा एंट्री, लॉन्च डेट से लेकर पावरफुल फीचर्स तक कंपनी ने किया कंफर्म The post लॉन्च से पहले iQOO 15R की बैटरी डिटेल्स आयी सामने, परफॉरमेंस के मामले में भी फोन जबरदस्त appeared first on Naya Vichar.

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Vastu Tips for Home by Sadhguru: वास्तु अनुसार घर सजाने के सद्गुरु के खास टिप्स, दूर होगी नेगेटिविटी

Vastu Tips for Home by Sadhguru: सद्गुरु के अनुसार हमारा घर सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि एक जीवित ऊर्जा क्षेत्र है जो सीधे हमारे शरीर, मन और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करता है. जैसे पौधे और पशु सही वातावरण में ही फलते-फूलते हैं, वैसे ही इंसानों के लिए भी संतुलित और सजग रूप से व्यवस्थित घर बेहद जरूरी है. पारंपरिक हिंदुस्तानीय गृह व्यवस्था में कई ऐसे नियम शामिल हैं जो सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक संतुलन और स्वास्थ्य को मजबूत करते हैं. आइए जानते हैं सद्गुरु द्वारा बताए गए प्रमुख वास्तु टिप्स. Vastu Tips for Home by Sadhguru: घर में चाहिए खुशहाली और अच्छी ऊर्जा? अपनाएं सद्गुरु के ये वास्तु टिप्स घर में सामान को व्यवस्थित और साफ रखना बेहद जरूरी है. बिखरे कपड़े और अस्त-व्यस्त बिस्तर नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं, जबकि साफ-सुथरी व्यवस्था जीवन में स्पष्टता और स्थिरता लाती है. मानव शरीर का बड़ा हिस्सा पानी है. रातभर साफ बर्तन में पानी रखकर उसमें फूल, विभूति या कुमकुम का स्पर्श देने की परंपरा पानी की ऊर्जा को शुद्ध करने से जुड़ी मानी जाती है. पुरानी परंपराओं में नमक और इमली को साथ रखने की सलाह दी जाती थी. इसे ऊर्जा संतुलन से जुड़ा माना गया है. घर में प्राकृतिक धूप आने दें और पौधे लगाएं. यह आधुनिक बंद जीवनशैली के दुष्प्रभाव को कम कर मानसिक ताजगी और ऑक्सीजन बढ़ाते हैं. उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोना उचित नहीं माना गया. इससे नींद में बाधा, बुरे सपने और स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. उत्तर-पूर्व दिशा बेहतर मानी गई है. देवी से जुड़े यंत्र घर में स्थापित करने से कार्यों में रुकावट कम होती है और सफलता व समृद्धि की संभावना बढ़ती है. रात में सुरक्षित तरीके से दीपक जलाना योगिक परंपरा का हिस्सा है, जो घर में जीवन ऊर्जा और सकारात्मक कंपन बनाए रखने में सहायक माना जाता है. यह भी पढ़ें: Vastu Benefits of Hanging Ganesha Bells at Home: घर में गणेश घंटी लगाई तो खुल सकते हैं भाग्य के द्वार – वास्तु के ये नियम जरूर जानें यह भी पढ़ें: Laughing Buddha Placement Tips as per Vastu: लाफिंग बुद्धा की मूर्ति रखने से पहले जान लें वास्तु के ये नियम – सिर्फ खुशियां ही देगी दस्तक The post Vastu Tips for Home by Sadhguru: वास्तु अनुसार घर सजाने के सद्गुरु के खास टिप्स, दूर होगी नेगेटिविटी appeared first on Naya Vichar.

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Land Survey: हजारीबाग में 100 से साल से अधर में लटका है भूमि सर्वेक्षण का काम, डीसी को सौंपा गया ज्ञापन

हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट Land Survey: झारखंड के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के मुख्यालय हजारीबाग में भूमि सर्वेक्षण कार्य पिछले 100 वर्षों से अधिक समय से लंबित है. इस गंभीर मुद्दे को लेकर इचाक प्रखंड के दरिया गांव निवासी किशोर कुमार मेहता ने उपायुक्त सह प्रभारी बंदोबस्त पदाधिकारी शशि प्रकाश सिंह को ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में बंदोबस्त कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नियम संगत और पारदर्शी तरीके से सर्वे कार्य कराने की मांग की गई है. आयुक्त और विभागीय सचिव को भी भेजी गई कॉपी किशोर कुमार मेहता ने उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन की प्रतिलिपि आयुक्त, उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के साथ-साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निदेशक और सचिव को भी भेजी है. ज्ञापन में कहा गया है कि इतने लंबे समय से भूमि सर्वे लंबित रहने के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जमीन से जुड़े विवाद लगातार बढ़ रहे हैं और किसानों व रैयतों को कानूनी दिक्कतों से गुजरना पड़ रहा है. बंदोबस्त कार्यालय की खामियों की ओर इशारा ज्ञापन के माध्यम से हजारीबाग बंदोबस्त कार्यालय में व्याप्त विभिन्न अनियमितताओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया है. बताया गया है कि वर्तमान समय में कार्यालय में लगभग 60 कर्मी कार्यरत हैं. इनमें तीन कानूनगो, 15 परिमाप निरीक्षक, छह सर्वेयर, छह मुंसरिम, तीन मोहर्रिर, नौ निम्नवर्गीय लिपिक, तीन प्रतिलिपिक और कई दैनिक कर्मी शामिल हैं. इसके बावजूद भूमि सर्वे का काम प्रभावी ढंग से आगे नहीं बढ़ पा रहा है. एक कर्मी को कई जगहों पर पोस्टिंग का आरोप ज्ञापन में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि नियमों के विरुद्ध एक ही कर्मी को कई जगहों पर तैनात किया गया है. बरही और पदमा प्रखंड में तस्दीक शिविर के साथ-साथ धारा 89 का कार्य भी चल रहा है. आरोप है कि तस्दीक शिविर में प्रतिनियुक्त कर्मियों को गलत तरीके से धारा 89 के कार्यों में भी लगाया गया है. इससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. पांच जगहों पर एक साथ काम कर रहा कर्मी ज्ञापन में बंदोबस्त मुख्यालय में प्रधान पेशकार के पद पर कार्यरत निम्नवर्गीय लिपिक राजेश कुमार का विशेष रूप से जिक्र किया गया है. आरोप है कि राजेश कुमार मुख्यालय में रहते हुए बरही और पदमा दोनों प्रखंडों में तस्दीक शिविर, धारा 83 और धारा 89 के कार्यों में प्रधान पेशकार बनाए गए हैं. इस तरह वे एक साथ पांच जगहों पर कार्य कर रहे हैं. यह विभागीय नियमावली के पूरी तरह खिलाफ बताया गया है. रामगढ़ जिले में भी नियमों की अनदेखी ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड में तस्दीक शिविर और आपत्ति शिविर (धारा 83) में निम्नवर्गीय लिपिक दीपू कुमार को पेशकार बनाया गया है. इसे विभागीय पत्र संख्या 09 सर्वे 2010 के आदेश का उल्लंघन बताया गया है. इससे यह संकेत मिलता है कि केवल हजारीबाग ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी नियमों की अनदेखी हो रही है. इसे भी पढ़ें: Palamu News: पैसों के लालच में मां ने नाबालिग को बुजुर्ग से कराई शादी, पिता ने बचाई लाज जांच के बाद हटेंगे गलत पदस्थापित कर्मी हजारीबाग के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी विजय महतो ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है. उन्होंने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है. जांच पूरी होने के बाद जो भी कर्मी गलत तरीके से पदस्थापित पाए जाएंगे, उन्हें हटाया जाएगा. प्रशासन का दावा है कि भूमि सर्वे कार्य को पारदर्शी और नियम संगत तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. इसे भी पढ़ें: बेटे और पति की राह देखते-देखते मर गई स्त्री, 1997 में रिनपास में भर्ती कराने के बाद नहीं ली सुध The post Land Survey: हजारीबाग में 100 से साल से अधर में लटका है भूमि सर्वेक्षण का काम, डीसी को सौंपा गया ज्ञापन appeared first on Naya Vichar.

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Solar Lunar Eclipse Mythological Story: राहु-केतु की कहानी, ग्रहण के पीछे की पौराणिक सच्चाई

Solar Lunar Eclipse Mythological Story: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा. यह ग्रहण शाम 5:31 बजे शुरू होकर 7:57 बजे तक रहेगा. यह सूर्य ग्रहण हिंदुस्तान में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. सूर्य ग्रहण केवल एक खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि इसका गहरा संबंध ज्योतिष और पौराणिक कथाओं से भी माना जाता है. ग्रहण और राहु-केतु का संबंध हिंदू मान्यताओं के अनुसार, सूर्य और चंद्र ग्रहण का कारण राहु और केतु को माना जाता है. कहा जाता है कि राहु और केतु सूर्य और चंद्रमा से बदला लेने के लिए समय-समय पर उन्हें ग्रस लेते हैं, जिससे ग्रहण की स्थिति बनती है. इसके पीछे एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा है. समुद्र मंथन की पौराणिक कथा प्राचीन समय में जब दैत्यों ने तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया, तब देवताओं ने भगवान विष्णु से सहायता मांगी. भगवान विष्णु ने देवताओं को क्षीर सागर का मंथन करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि मंथन से निकलने वाला अमृत देवता पिएं, लेकिन असुरों को यह अमृत नहीं मिलना चाहिए, क्योंकि अमृत पीने से वे अमर हो जाते. देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया. मंथन के बाद अमृत निकला, जिसे लेकर देवताओं और असुरों में विवाद होने लगा. मोहिनी रूप और राहु का छल तब भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया और अमृत बांटने की जिम्मेदारी ली. उन्होंने देवताओं और असुरों को अलग-अलग पंक्तियों में बैठाया. इसी दौरान एक असुर देवता का वेश बनाकर देवताओं की पंक्ति में बैठ गया. सूर्य-चंद्र ने खोली पोल सूर्य और चंद्रमा ने उस असुर को पहचान लिया और तुरंत भगवान विष्णु को इसकी जानकारी दी. लेकिन तब तक असुर अमृत पी चुका था. भगवान विष्णु ने तुरंत अपने सुदर्शन चक्र से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया. अमृत गले से नीचे नहीं उतरा था, इसलिए उसका सिर अमर हो गया. राहु और केतु का जन्म असुर का सिर राहु और धड़ केतु कहलाया. सूर्य और चंद्र द्वारा भेद खोलने के कारण राहु और केतु उनसे शत्रुता रखने लगे. यही कारण माना जाता है कि राहु और केतु समय-समय पर सूर्य और चंद्रमा को ग्रस लेते हैं, जिससे सूर्य और चंद्र ग्रहण होता है. The post Solar Lunar Eclipse Mythological Story: राहु-केतु की कहानी, ग्रहण के पीछे की पौराणिक सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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Patna News: पटना में जाम से मिलेगी मुक्ति, ट्रैफिक पुलिस का नया मास्टरप्लान, बंद होंगे अनावश्यक यू-टर्न और कट

Patna News: पटना में लगातार बढ़ते जाम और वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात पुलिस ने शहर की सड़कों का नए सिरे से सर्वे कराने का फैसला किया है. इस सर्वे का मकसद उन सड़कों और इलाकों की पहचान करना है, जहां ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा रहता है. बीते एक-दो वर्षों में निजी वाहनों, ऑटो और ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ी है, जबकि सड़कों की चौड़ाई लगभग जस की तस बनी हुई है. ऐसे में ट्रैफिक प्रबंधन के लिए पुराने इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं. किन सड़कों पर ज्यादा दबाव, बनेगी अलग सूची यातायात पुलिस उन सड़कों की अलग-अलग सूची तैयार कर रही है, जहां वाहनों का दबाव सबसे ज्यादा रहता है. खास तौर पर मुख्य सड़कों पर दिन के छह घंटे ऐसे होते हैं, जब जाम की स्थिति सबसे गंभीर होती है. इसमें सुबह 9:30 बजे से 12:30 बजे तक और शाम 4 बजे से 7 बजे तक का समय शामिल है. इस दौरान दफ्तर जाने और लौटने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा होती है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा जाती है. सर्वे के आधार पर कई सड़कों पर बने अनावश्यक कट बंद करने की योजना है. खासकर व्यस्त समय में कई जगहों पर कट को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सके. इसके साथ ही शहर के कई चौक-चौराहों पर नई रेड लाइट लगाने की तैयारी भी चल रही है, जिससे ट्रैफिक को सिग्नल सिस्टम के जरिए नियंत्रित किया जा सके. पार्किंग और ई-रिक्शा बने बड़ी चुनौती यातायात पुलिस के मुताबिक, सड़कों के किनारे बेतरतीब पार्किंग भी जाम की बड़ी वजह बन रही है. कई इलाकों में ऑटो और ई-रिक्शा का सड़क पर खड़ा होना ट्रैफिक को और धीमा कर देता है. हाल ही में चौक-चौराहों पर ऑटो और ई-रिक्शा खड़े करने पर रोक के बाद अब इन जगहों की निगरानी और सख्त करने की तैयारी है. कई विभाग मिलकर करेंगे सर्वे इस सर्वे में यातायात पुलिस के साथ जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारी भी शामिल रहेंगे. ट्रैफिक एसपी के अनुसार, सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद उसी के आधार पर ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम लोगों को रोजाना जाम से राहत मिल सके. कई जगहों पर रेड लाइन और यूटर्न की उपयोगिता की भी दोबारा समीक्षा की जाएगी. Also Read: Anant Singh: बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने ली शपथ, सीएम नीतीश कुमार के छुए पैर The post Patna News: पटना में जाम से मिलेगी मुक्ति, ट्रैफिक पुलिस का नया मास्टरप्लान, बंद होंगे अनावश्यक यू-टर्न और कट appeared first on Naya Vichar.

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Shab e Barat 2026: आज है शब ए बारात, जानें क्यों जागते हैं लोग पूरी रात

Shab e Barat 2026: आज शब-ए-बारात है और इस रात कब्रिस्तानों में जाकर पूर्वजों की मगफिरत के लिए दुआ करना एक आम परंपरा है. शब-ए-बारात केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्ममंथन और सुधार का संदेश भी देती है. यह रात इंसान को अपने गुनाहों को स्वीकार कर उनसे तौबा करने, दूसरों को माफ करने और दिल से नफरत निकालने की सीख देती है. आइए जानते हैं शब-ए-बारात के बारे में खास बातें… Shab-e-Barat 2026 कब है शब-ए-बारात 2026 इस्लामी कैलेंडर के शाबान महीने की 15वीं (15 Shaban 1447 AH) रात को मनाई जाती है. हिंदुस्तान में शब-ए-बारात 2026 की तिथि 3 फरवरी 2026 (शाम से) से 4 फरवरी 2026 तक होने की संभावना है, लेकिन सटीक तारीख चांद नजर आने के बाद तय होती है. यह 15 शाबान 1447 हिजरी को मेल खाती है. क्यों है ये ‘माफी की रात’? भाई, शब-ए-बारात को ‘लैलतुल बरात’ भी बोलते हैं, मतलब बरी होने की रात. इस्लामी मान्यता है कि अल्लाह इस रात कयामत तक के तमाम बंदों के अमल देखता है. जो लोग जागते हैं, नमाज पढ़ते हैं, कुरान की तिलावत करते हैं, उनकी तौबा कुबूल हो जाती है. रिवाज देखो तो लोग रात भर इबादत में लगे रहते हैं. घरों में हलवा-खीर बनती है, मस्जिदों में महफिलें सजती हैं. कब्रिस्तान जाकर मरहूम रिश्तेदारों के लिए फातिहा पढ़ना भी आम है. कुछ लोग नफिल रोजा भी रखते हैं. ये सब अल्लाह की रहमत पाने के लिए. मैंने खुद देखा है, गलियों में लाइटें जलती हैं, माहौल भक्ति से भर जाता है. अगर आप भी प्लान कर रहे हो, तो पहले से कुरान की कोई सूरह याद कर लो! शब-ए-बारात में क्यों जागते हैं लोग शब-ए-बारात की रात को लोग पूरी रात जागकर इबादत और दुआ करते हैं. माना जाता है कि इस रात अल्लाह अपनी रहमत और माफी बरसाते हैं. लोग गुनाहों की माफी मांगते हैं, नेक कामों की योजना बनाते हैं और अपने भविष्य के लिए दुआ करते हैं. यह रात आत्म-चिंतन और आध्यात्मिक शुद्धि का समय होती है. रमजान 2026 कब से शुरू होगा? शब-ए-बारात के ठीक 15 दिन बाद आता है रमजान का पाक महीना. 2026 में अगर चांद 18 फरवरी को दिखा, तो 19 फरवरी से रोजे शुरू हो जाएंगे. ये तारीख भी चांद पर डिपेंड करती है, UAE या सऊदी अरब के ऐलान से मैच हो सकती है. रमजान में मुसलमान भाई सुबह सूर्योदय से शाम सूर्यास्त तक खाना-पानी छोड़कर अल्लाह की इबादत करते हैं. ये नेकी का महीना है – कुरान पढ़ना, जकात देना, गरीबों की मदद. हिंदुस्तान में देहरादून, लखनऊ जैसे शहरों में इफ्तार पार्टियां धूम मचाती हैं. रोजे रखने से जज्बा मजबूत होता है, दिल पाक होता है. The post Shab e Barat 2026: आज है शब ए बारात, जानें क्यों जागते हैं लोग पूरी रात appeared first on Naya Vichar.

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बेटे और पति की राह देखते-देखते मर गई महिला, 1997 में रिनपास में भर्ती कराने के बाद नहीं ली सुध

रांची से अजय दयाल की रिपोर्ट Ranchi News: मां ने बेटे के उस वादे को सच मान लिया था, जो कभी सच था ही नहीं. उसने अपना सामान समेटा, कपड़े ठीक किए और आंखें दरवाजे पर टिकाए बैठी रही. दिन ढल गया, फिर रात हो गई, लेकिन बेटा नहीं आया. उसी इंतजार ने एक मां के भीतर ऐसा खालीपन भर दिया, जिससे वह कभी उबर नहीं सकी. करीब 28 वर्षों तक बेटे और पति की राह देखते-देखते आखिरकार रांची के रिनपास में उसकी जिंदगी थम गई. 1997 में रिनपास में भर्ती कराने के बाद नहीं आया पति यह कहानी केवल मानसिक बीमारी से ग्रस्त उस स्त्री की नहीं है, बल्कि टूटे भरोसे और रिश्तों की भी है. वर्ष 1997 में झारखंड के हजारीबाग की रहने वाली स्त्री के पति ने उसे मानसिक रोगी बताकर रांची के रिनपास में भर्ती कराया था. उस समय पति ने इलाज का भरोसा दिलाया था, लेकिन भर्ती कराने के बाद वह कभी लौटकर नहीं आया. धीरे-धीरे समय बीतता गया, रिश्ते पीछे छूटते चले गए और स्त्री अस्पताल की चारदीवारी के भीतर ही जीवन काटती रही. वर्षों बाद बेटे से मुलाकात के बाद जगी थी उम्मीद कई सालों बाद स्त्री का बेटा अपनी पत्नी के साथ रिनपास पहुंचा. बेटे को देखकर मां बेहद खुश हुई. बातचीत के दौरान स्त्री पूरी तरह सामान्य दिख रही थी. मां-बेटे के बीच घंटों बातचीत हुई. बेटे ने कुछ जरूरी कागजात पर मां से हस्ताक्षर कराए और रिनपास प्रशासन से कहा कि वह अगले दिन आकर मां को अपने साथ घर ले जाएगा. बेटे का वादा बना जिंदगी की सबसे बड़ी उम्मीद बेटे का यह वादा मां के लिए नई जिंदगी की तरह था. उसने खुद को आजाद महसूस किया. अगले दिन जाने की खुशी में उसने अपना सारा सामान बांध लिया. सुबह से शाम तक वह बेटे की राह देखती रही. हर आहट पर उसकी नजर दरवाजे की ओर उठ जाती थी. उसे भरोसा था कि बेटा जरूर आएगा. लेकिन वह दिन ढल गया और बेटा नहीं आया. इंतजार ने तोड़ दी मानसिक स्थिति जिस दिन बेटा नहीं आया, उसी दिन से स्त्री सदमे में चली गई. बेटे के वादे के टूटने ने उसकी मानसिक स्थिति को पूरी तरह झकझोर दिया. इसके बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी. वह फिर से गहरे अवसाद में चली गई. अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार, उस दिन के बाद स्त्री अक्सर दरवाजे की ओर देखती रहती थी, मानो अब भी किसी का इंतजार कर रही हो. रिनपास में ही थम गई जिंदगी लंबे समय तक इलाज के बावजूद स्त्री की हालत में सुधार नहीं हो सका. आखिरकार रिनपास में ही उसकी मौत हो गई. स्त्री की मौत के बाद जब रिनपास प्रशासन ने परिजनों को सूचना दी, तो उन्होंने शव लेने से साफ इनकार कर दिया. परिजनों का कहना था कि उनका स्त्री से अब कोई संबंध नहीं है. डालसा ने दिखाई मानवीय संवेदना परिजनों द्वारा शव लेने से इनकार किए जाने के बाद मामले की जानकारी झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण यानी डालसा को दी गई. न्यायालय के निर्देश पर डालसा सचिव राकेश रोशन और पीएलवी हिंदुस्तानी शाहदेव ने मामले में हस्तक्षेप किया. दोनों ने लगातार दो दिनों तक परिजनों की काउंसलिंग की. काउंसलिंग के बाद पहुंचे रिश्तेदार डालसा की लगातार कोशिशों के बाद मृतका के चचेरे भाई काउंसलिंग के लिए तैयार हुए और रांची पहुंचे. उन्होंने शव को रिसीव किया. इसके बाद हरमू मुक्तिधाम में स्त्री का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ कराया गया. अंतिम संस्कार के दौरान डालसा की टीम और रिनपास प्रशासन भी मौजूद रहा. इसे भी पढ़ें: Palamu News: पैसों के लालच में मां ने नाबालिग को बुजुर्ग से कराई शादी, पिता ने बचाई लाज एक मां, एक पत्नी और टूटे रिश्तों की कहानी यह घटना केवल एक मानसिक रोगी स्त्री की मौत की कहानी नहीं है. यह उस मां और पत्नी की कहानी है, जिसे अपनों ने समय रहते संभाला नहीं. 28 साल तक रिनपास की चारदीवारी में बंद जिंदगी, बेटे और पति की राह देखते हुए खत्म हो गई. यह कहानी समाज के लिए एक सवाल छोड़ जाती है कि इलाज के साथ-साथ रिश्तों की जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है. इसे भी पढ़ें: Kanya Vivah Yojana: बेटियों की शादी में लाखों का दान, अभिनंदन ट्रस्ट ने उठाया बीड़ा The post बेटे और पति की राह देखते-देखते मर गई स्त्री, 1997 में रिनपास में भर्ती कराने के बाद नहीं ली सुध appeared first on Naya Vichar.

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Anant Singh: बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने ली शपथ, सीएम नीतीश कुमार के छुए पैर

Anant Singh: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने मंगलवार को सदन में शपथ ग्रहण किया. उन्होंने बिना पढ़े ही शपथ ली. साथ ही अनंत सिंह ने सीएम नीतीश कुमार के पांव भी छुए. बताया जा रहा है कि अनंत सिंह की तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से उन्हें शपथ लेने में देरी हुई. आज भी बेऊर जेल से अनंत सिंह एंबुलेंस में ही विधानसभा पहुंचे. जेल से बाहर आने पर क्या बोले? अनंत सिंह के लंबे समय के बाद विधानसभा पहुंचते ही मीडियाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया. मीडिया ने उनसे पूछा कि वे जनता के बीच आखिर कब तक आयेंगे. इस पर अनंत सिंह ने जवाब दिया कि जब जज चाहेंगे तभी बाहर आ पायेंगे. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बेल के लिए अप्लाई कर दिया गया है. आज अनंत सिंह सिर्फ शपथ ग्रहण के लिए जेल से बाहर आए थे. पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छुए, फिर ली शपथ… मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह ने विधानसभा में शपथ ग्रहण किया. पटना सिविल कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद जेल से सीधे विधानसभा पहुंचे ‘छोटे प्रशासन’. शपथ ग्रहण का पूरा वीडियो देखिए…#AnantSingh #NitishKumar #Mokama… pic.twitter.com/L6KEIKTYKc — Naya Vichar (@prabhatkhabar) February 3, 2026 तेजस्वी से जुड़े सवाल पर क्या बोले अनंत सिंह? मीडिया से बात करते हुए अनंत सिंह ने दुलारचंद हत्याकांड में न्याय मिलने की बात कही. उन्होंने कहा, जांच चल रही है. हम निर्दोष हैं. तेजस्वी यादव से जुड़े सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि अगली बार उन्हें दूसरी पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ना पड़ेगा. बाहुबली नेता अनंत सिंह दुलारचंद हत्याकांड के मामले में जेल में बंद हैं. सिविल कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अनंत सिंह ने 24 दिसंबर को हाईकोर्ट का रुख किया था. इस मामले में जल्द सुनवाई हो सकती है. 28,206 वोटों के अंतर से अनंत सिंह ने जीता था चुनाव बिहार विधानसभा में अब तक 242 विधायक शपथ ले चुके हैं. अनंत सिंह उन गिने-चुने विधायकों में थे, जिन्होंने शपथ नहीं ली थी. जेल में रहने के कारण वे सदन की किसी भी प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए. अनंत सिंह ने मोकामा विधानसभा सीट से बड़ी जीत दर्ज की थी. उन्होंने 28,206 वोटों के अंतर से चुनाव जीता. उन्हें कुल 91,416 वोट मिले. दूसरे नंबर पर राजद की प्रत्याशी वीणा देवी रहीं, जिन्हें 63,210 वोट मिले. जीत के बाद अनंत सिंह के पुराने बंगले में भव्य भोज का आयोजन हुआ था. बताया जाता है कि करीब 50 हजार लोगों के खाने की व्यवस्था की गई थी. यह आयोजन भी खूब चर्चा में रहा था. Also Read: Bihar Economic Survey: बिहार की इंडस्ट्रियल इकोनॉमी हुई मजबूत, जानिए क्या बताते हैं आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े The post Anant Singh: बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने ली शपथ, सीएम नीतीश कुमार के छुए पैर appeared first on Naya Vichar.

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