Hot News

March 7, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मिडिल ईस्ट किसे कहते हैं, इसमें कौन-कौन से देश शामिल हैं और क्या है इस क्षेत्र का महत्व ?

Middle East : 28 फरवरी को जैसे ही अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला शुरू किया, पूरे देश में खलबली मच गई है. पूरा विश्व यह जानना चाहता है कि आखिर मिडिल ईस्ट में शुरू हुआ यह युद्ध कब खत्म होगा, क्योंकि इस युद्ध से पूरे विश्व की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है. अमेरिका और इजरायल के हमलों का ईरान ने जवाब देना शुरू किया और शुरुआत में इजरायल पर मिसाइल दागे और बाद में अपने पड़ोसी मुल्कों पर भी हमला किया, जिनपर उसे यह शंका है कि वे अमेरिका के साथ खड़े हैं. ईरान मिडिल ईस्ट का एक प्रमुख देश है और उसपर हुए हमले से पूरे मिडिल ईस्ट में अशांति है. हमला शुरू हुए अभी महज 7 दिन ही हुए हैं, अगर यह युद्ध और 7 दिन खिंच गया, तो पूरे विश्व में पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम अप्रत्याशित तरीके से बढ़ सकते हैं. किसे कहते हैं मिडिल ईस्ट? जब भी विश्व के किसी भी कोने में ऊर्जा यानी पेट्रोल और गैस की चर्चा होती है मिडिल ईस्ट की भी चर्चा होती है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर मिडिल ईस्ट किसे कहते हैं और मिडिल ईस्ट है क्या? मिडिल ईस्ट शब्द यूरोपीय दृष्टिकोण से गढ़ा गया शब्द है, जो एक भौगोलिक क्षेत्र को बताने के लिए प्रयोग में लाया गया है. 19वी– 20वीं सदी की शुरुआत में ब्रिटिश उपनिवेशवाद जब अपने चरम पर था तो इन लोगों ने विश्व को अपने दृष्टिकोण से नाम दिया. उसी क्रम में यूरोप और एशिया के बीच स्थित इलाके को मिडिल ईस्ट का नाम दिया दिया. इस इलाके में पश्चिमी एशिया और उत्तरी अफ्रीका के कुछ हिस्से शामिल हैं. यह भूभाग यूरोप, एशिया और अफ्रीका तीनों महाद्वीपों के बीच स्थित है, इसलिए इसे Geopolitical crossroads भी कहा जाता है. मिडिल ईस्ट में कौन-कौन से देश आते हैं? मिडिल ईस्ट में आने वाले प्रमुख देश इस प्रकार हैं– सऊदी अरब संयुक्त अरब अमीरात कतर कुवैत ओमान बहरीन यमन इजरायल फिलिस्तीन जाॅर्डन लेबनान सीरिया इराक ईरान मिस्र तुर्किए मिडिल ईस्ट का क्यों है इतना महत्व? मिडिल ईस्ट अपनी भौगोलिक स्थिति की वजह से इतना महत्वपूर्ण है. यह क्षेत्र तीन महाद्वीपों यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बीच व्यापार और समुद्री मार्गों का केंद्र है. यहां तेल और गैस के भंडार हैं और उन्हें बाहर भेजने के लिए कई महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग भी हैं, जैसे– होर्मुज जलडमरूमध्य स्वेज नहर बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य चूंकि यह दुनिया का सबसे प्रमुख समुद्री मार्ग है, जिससे होकर दुनिया के सबसे अधिक तेल का परिवहन होता है. इस वजह से अगर यहां युद्ध की स्थिति बनती है या टकराव होता है तो वैश्विक वित्तीय स्थिति बुरी तरह प्रभावित होती है. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें हिंदुस्तान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मिडिल ईस्ट या खाड़ी क्षेत्र खाड़ी क्षेत्र मिडिल ईस्ट का एक हिस्सा है और फारस की खाड़ी की वजह से इस क्षेत्र को खाड़ी क्षेत्र कहा जाता है. इसमें सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन,ओमान, ईरान और इराक जैसे देश आते हैं. इन देशों में हिंदुस्तान से हजारों लोग रोजगार के लिए जाते हैं. साथ ही इन देशों से हिंदुस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों का 60 प्रतिशत आयात करता है, इस वजह से हिंदुस्तान के लिए खाड़ी क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है. ये भी पढ़ें : –मिडिल ईस्ट में युद्ध से हिंदुस्तान में बढ़ेगी महंगाई, तेल-गैस के अलावा इन उद्योगों पर संकट कौन हैं अयातुल्ला अलीरेजा अराफी, जिन्हें बनाया गया है ईरान का कार्यवाहक सुप्रीम लीडर The post मिडिल ईस्ट किसे कहते हैं, इसमें कौन-कौन से देश शामिल हैं और क्या है इस क्षेत्र का महत्व ? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कमल हासन का ट्रंप को खुला पत्र: अपने काम से काम रखें, भारत को आदेश न दें

Kamal Haasan Open Letter To Trump: कमल हासन ने डोनाल्ड ट्रंप के नाम खुले पत्र में लिखा- हम हिंदुस्तान के लोग एक स्वतंत्र और संप्रभु देश से संबंध रखते हैं. हम अब दूर बैठे विदेशी तटों से दिए जाने वाले आदेशों को नहीं मानते. अपने काम से काम रखें: कमल हासन की ट्रंप को दो टूक अभिनेता से नेतृत्व में कदम रखने वाले कमल हासन ने ट्रंप से साफ-साफ कह दिया कि उन्हें अपने काम से काम रखना चाहिए. हासन ने अपने खुले पत्र में ट्रंप को नसीहत देते हुए लिखा- कृपया अपनी पूरी क्षमता से अपने काम से काम रखें. उन्होंने आगे लिखा- संप्रभु देशों के बीच आपसी सम्मान ही स्थायी वैश्विक शांति का एकमात्र आधार है. ToThe President of the United States of America @POTUS Dear Mr. President, We, the people of India, belong to a free and sovereign nation. We no longer take orders from distant foreign shores. Please mind your own business to the best of your abilities. Mutual respect… — Kamal Haasan (@ikamalhaasan) March 7, 2026 कमल हासन ने अमेरिका और वहां के लोगों के लिए मांगी दुआ कमल हासन ने अमेरिका और वहां के लोगों के लिए दुआ भी मांगी. उन्होंने ट्रंप के नाम अपने पत्र में लिखा- हम आपके देश और उसके लोगों के लिए शांति और खुशहाली की कामना करते हैं. हासन ने किस संदर्भ में ट्रंप को लिखा खुला पत्र? डोनाल्ड ट्रंप पिछले कुछ दिनों से हिंदुस्तान को लेकर लगातार बयान देते आ रहे हैं. जिसमें ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उनका दावा है कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच उन्होंने ही सीजफायर कराया था. जबकि हिंदुस्तान ने इससे साफ इनकार किया है. इसके अलावा रूस से तेल खरीद पर ट्रंप ने हिंदुस्तान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था. अब उन्होंने हिंदुस्तान को रूस से तेल खरीद पर 30 दिनों की छूट दी है. ट्रंप के फैसले और बयान पर विपक्ष ने केंद्र की नरेंद्र मोदी प्रशासन को निशाने पर लिया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तो नरेंद्र मोदी को सरेंडर मोदी तक कह डाला है. The post कमल हासन का ट्रंप को खुला पत्र: अपने काम से काम रखें, हिंदुस्तान को आदेश न दें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कोयला सिंडिकेट पर ED का शिकंजा, धनबाद के बड़े कारोबारी LB सिंह को फिर नोटिस, 9 मार्च को बुलाया

LB Singh Dhanbad, धनबाद : कोयला के अवैध कारोबार और परिवहन से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फिर से धनबाद के चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह को नोटिस भेजा है. उन्हें नौ मार्च को इडी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है. पूछताछ के बाद ईडी की टीम उनका बयान रिकॉर्ड करेगी. जानकारी के अनुसार ईडी ने पहले भी एलबी सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह इडी कार्यालय नहीं पहुंचे थे. उन्होंने बीमार होने का हवाला दिया था और समय देने की मांग की थी. इस बार फिर से नोटिस जारी किया गया है. साक्ष्य इकठ्ठा करने के लिए ईडी अधिकारी कर रहे जांच जानकारी के अनुसार कुछ माह पूर्व ईडी की अलग-अलग टीम ने उक्त मामले में बंगाल, धनबाद और दुमका के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की थी. छापेमारी में ईडी को इस बात के तथ्य मिले थे कि कोयले के अवैध कारोबार के पीछे धनबाद और पश्चिम बंगाल की सीमा पर बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था. इसके पीछे प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका होने से संबंधित जानकारी ईडी के अधिकारियों को मिली थी. इसके बाद पूरे मामले में साक्ष्य एकत्रित करने के लिए ईडी के अधिकारी जांच कर रहे हैं. मामले से जुड़े विभिन्न लोगों का बयान दर्ज कर रहे हैं. Also Read: झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की मौत: एंबुलेंस नहीं मिली तो डिब्बे में मासूम का शव लेकर पैदल निकला बेबस पिता The post कोयला सिंडिकेट पर ED का शिकंजा, धनबाद के बड़े कारोबारी LB सिंह को फिर नोटिस, 9 मार्च को बुलाया appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

T20 वर्ल्ड कप फाइनल का क्रेज, फ्लाइट टिकट महंगे; फैंस के लिए स्पेशल ट्रेन

T20 World Cup Final: मुंबई-अहमदाबाद का हवाई किराया आमतौर पर लगभग 3,000 रुपये होता है जो अब बढ़कर 15000 से 17000 रुपये हो गया है. गुजरात टूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी’ के चेयरमैन मनीष शर्मा ने कहा, मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और दूसरे शहरों से आने वाली उड़ानों के किराए में काफी बढ़ोतरी हुई है. शर्मा ने कहा कि नयी दिल्ली से अहमदाबाद की उड़ान का किराया अभी लगभग 14000 रुपये है जबकि बेंगलुरु-अहमदाबाद का किराया भी लगभग 13000 रुपये हो गया है. नयी दिल्ली से साबरमती स्पेशल ट्रेन टी20 वर्ल्ड कप फाइनल देखने के लिए बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी अहमदाबाद का रूख कर रहे हैं. यात्रा की बढ़ती मांग के कारण हिंदुस्तानीय रेलवे ने अहमदाबाद के लिए विशेष ट्रेन शुरू की हैं. 19 कोचों वाली विशेष ट्रेन आज रात 11:45 बजे नयी दिल्ली से रवाना होकर दिल्ली कैंट, गुरुग्राम और जयपुर के रास्ते कल दोपहर 2:30 बजे साबरमती पहुंचेगी. बांद्रा टर्मिनस से अहमदाबाद स्पेशल ट्रेन पश्चिम रेलवे ने मुंबई से अहमदाबाद के लिए स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है. मुंबई सेंट्रल ने कहा- टी20 पुरुष विश्व कप फाइनल के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए स्पेशल किराए पर एसी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेनें ऑन डिमांड बांद्रा टर्मिनस-अहमदाबाद के बीच चलेंगी. शाम 7 बजे से हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड के बीच होगी भिड़ंत अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार शाम 7 बजे से हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला स्पोर्ट्सा जाएगा. टॉस 6:30 बजे होना है. ये भी पढ़ें: सस्पेंस खत्म, पता चल गया कैसी होगी फाइनल की पिच? जानिए किसको मिलेगा इसका फायदा The post T20 वर्ल्ड कप फाइनल का क्रेज, फ्लाइट टिकट महंगे; फैंस के लिए स्पेशल ट्रेन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Analysis : सीएम नीतीश का मास्टर प्लान! पहले राज्यसभा, फिर निशांत की एंट्री का ऐलान… एक तीर से साधे कई निशाने?

समाचार के ये खास निशांत की टीम में होंगे ये लोग नेतृत्वक परिवारों की बढ़ती पकड़ छात्र नेतृत्व से आने वाले नेताओं के लिए बंद रास्ते मगर अब बदल चुका है माहौल आसान नहीं टिकट की राह निशांत की इंट्री के लिए रचा गया चक्रव्‍यूह? वंशवाद का आरोप लगाए बिना निशांत की इंट्री फिक्‍स! बिहार की नेतृत्व में एक नए अध्याय की शुरुआत होती दिख रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की अब सक्रिय नेतृत्व में एंट्री हो चुकी है. इस बात का ऐलान 6 फरवरी को ही हो गया. आज पार्टी के वरिष्‍ठ नेता संजय झा ने यह बात कह दी कि निशांत को किसी सदस्‍यता की जरूरत नहीं है. वो किसी दूसरी पार्टी में थे. अब समाचार है कि उनके लिए युवा नेताओं की एक खास टीम तैयार की जा रही है, जो नेतृत्वक गतिविधियों में उनका सहयोग करेगी. निशांत की टीम में होंगे ये लोग इस टीम में निशांत के करीबी मित्र रुहेल रंजन, शुभानंद मुकेश, कोमल सिंह और चेतन आनंद जैसे युवा नेता शामिल होंगे. खास बात ये है कि इस टीम में जो भी लोग हैं, उन सभी की लगभग एक जैसी ही पहचान है. ये सभी प्रभावशाली नेतृत्वक परिवारों से आते हैं और नेतृत्व में उनकी एंट्री भी पारिवारिक पृष्ठभूमि की वजह से ही आसान रही है. नेतृत्वक परिवारों की बढ़ती पकड़ बिहार की नेतृत्व के लगभग डेढ़ दशक पर निगाह डाली जाए पिछले कुछ वर्षों में यह ट्रेंड रहा है कि बड़े नेताओं के बेटे-बेटियों को सीधे नेतृत्व में जगह मिल गई है. ऐसे में अब उन युवाओं के लिए नेतृत्व का रास्ता कठिन है, जो छात्र नेतृत्व या सामाजिक आंदोलनों से निकलकर प्रदेश की नेतृत्व में जगह बनाना चाहते हैं. यह रास्‍ता अब लगभग नामुमकिन सा हो गया है. छात्र नेतृत्व से आने वाले नेताओं के लिए बंद रास्ते बिहार की नेतृत्व में एक दौर वो भी था. जब नेता छात्र नेतृत्व और आंदोलन से निकल कर आते थे. बिहार के कॉलेजों से ऐसे कई छात्र नेता उभरे. जेपी आंदोलन ने भी बिहार को कई नेता दिए. एक वो भी दौर था. जब सामान्‍य घरों से निकला अनजान युवा भी धीरे धीरे प्रदेश की नेतृत्व में पहचान बना लेता था. लालू, नीतीश, सुशील मोदी, प्रेम चंद मिश्रा, शकील अहमद खान, विक्रम कुंवर जैसे नेताओं के रूप में ऐसे नेताओं की लंबी लिस्‍ट रही है. मगर अब बदल चुका है माहौल लेकिन बिहार की नेतृत्व का माहौल अब बदल चुका है. पटना विश्वविद्यालय में 2012 से दोबारा चुनाव शुरू हुए. मगर छात्र संघ चुनावों के बाद भी छात्र नेताओं को मुख्यधारा की नेतृत्व में जगह नहीं मिली. अब तक छात्र संघ के पदाधिकारी रहे युवा नेता किसी बड़े दल से चुनावी टिकट हासिल नहीं कर सके. हाल के दिनों में देखा जाए पिछले 15 -16 सालों में ऐसा नाम नहीं मिलेगा. जो छात्र नेतृत्व से इलेक्‍ट्रोरल पॉलिटिक्‍स का हिस्‍सा बना हो. आसान नहीं टिकट की राह नेतृत्वक दलों के टिकट पाने वालों की दौड़ अब सामान्‍य परिवार के बच्‍चे नहीं रहे. अब आपको अक्सर वही लोग आगे दिखेंगे, जो बड़े नेतृत्वक परिवारों से आते हैं या जिनके पास आर्थिक और प्रशासनिक ताकत का मजबूत बैकअप है. कई बार बड़े अधिकारी या कारोबारी भी नौकरी छोड़कर नेतृत्व में आते हैं, बावजूद इसके उन्हें भी लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है. इसके उदाहरण भी मौजूद है. आरसीपी सिंह, मनीष वर्मा, आनंद मिश्रा जैसे उदाहरण सामने हैं. टिकट पाने की इच्‍छा में पूर्व डीजीपी गुप्‍तेश्‍वर पांडे बाबा बन गए. मगर उन्‍हें टिकट नहीं मिला. कुछ को लंबा इंतजार करना पड़ा. निशांत की इंट्री के लिए रचा गया चक्रव्‍यूह? हालांकि नेतृत्वक विश्लेषकों का ये भी आकलन है कि बिहार की नेतृत्व में अभी जो हो रहा है वह सीएम नीतीश की इच्‍छा के अनुसार ही हो रहा है. ये बात बिहार की नेतृत्व पर निगाह रखने वाले नहीं मान रहे बल्कि खुद पार्टी के वरिष्‍ठ नेता भी कह रहे हैं. पार्टी के वरिष्‍ठ नेताओं का कहना है कि नीतीश राज्‍यसभा जाएंगे. मगर राज्‍यसभा जाकर भी केवल संसदीय काम के लिए दिल्‍ली जाएंगे. नीतीश बिहार में ही रहेंगे और पार्टी का काम देखेंगे. ऐसे में ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि बिहार की नेतृत्व में अभी जो भी घटना क्रम हो रहा है वह नीतीश कुमार की नेतृत्व का हिस्‍सा है. बेटे निशांत कुमार की बिहार की नेतृत्व में इंट्री के लिए सेफ जोन तैयार करना और पार्टी की कमान उनके हाथ में सौंपने की रणनीति चाल! ऐसे सवाल उठना लाजमी है. वंशवाद का आरोप लगाए बिना निशांत की इंट्री फिक्‍स! नेतृत्वक गलियारे में इस बात की भी चर्चा है कि नीतीश कुमार के राज्‍यसभा जाने के फैसले और निशांत की कार्यकर्ताओं की मांग पर बिहार की नेतृत्व में इंट्री से सीएम नीतीश कुमार की मजबूत समाजवादी नेता की छवि बरकरार रहेगी और सीएम नीतीश जेडीयू को भी अपने हिसाब से चला सकेंगे. यदि सीएम नीतीश राज्‍यसभा जाए बिना ही निशांत को पार्टी में शामिल कराते तो उन पर भी लालू यादव की तरह परिवारवाद का दाग लगता. जो सीएम के बिहार के विकास पुरुष के विशाल व्‍यक्त्वि को बौना कर देता. अब निशांत की भावनात्‍मक और राजनैतिक इंट्री आसान हो जाएगी. इस एंट्री बाद यह सवाल और तेज हो सकता है कि क्या बिहार की नेतृत्व में वंशवाद की पकड़ और मजबूत हो रही है? “कल 1 बजे JDU जॉइन करेंगे निशांत कुमार.”JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने किया ऐलान. कहा- निशांत पहले से पार्टी से जुड़े हैं, अब औपचारिक रूप से सदस्यता ग्रहण करेंगे. CM नीतीश के राज्यसभा जाने को लेकर कहा- यह भ्रम न फैलाएं कि नीतीश जी दिल्ली जा रहे हैं. सदन चलेगा तो दिल्ली में… pic.twitter.com/pkQr2ej4Pu — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 7, 2026 ALSO READ : नीतीश प्रशासन का बड़ा फैसला, स्कूल हो या मदरसा, 1 तारीख को मिलेगी सैलरी The post Analysis : सीएम नीतीश का मास्टर प्लान! पहले राज्यसभा, फिर निशांत की एंट्री का ऐलान… एक तीर से साधे कई निशाने? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पश्चिम बंगाल की 5 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव, TMC को चार और BJP को एक सीट मिलना तय

खास बातें तृणमूल को 4 सीटें मिलनी तय तृणमूल के 4, माकपा के 1 सांसद की सीट हो रही खाली तृणमूल ने उतारे 4 उम्मीदवार, भाजपा से राहुल सिन्हा जायेंगे राज्यसभा Rajya Sabha Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टियों का संख्या बल राज्यसभा जा रहे उम्मीदवारों को जानें Rajya Sabha Election 2026: पश्चिम बंगाल की 5 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होना है. इन सीटों के लिए 5 मार्च को नामांकन दाखिल किये गये. कुल 37 राज्यसभा सीटों के लिए देशभर में चुनाव की प्रक्रिया चल रही है, जिनमें पश्चिम बंगाल की 5 सीटें भी शामिल हैं. तृणमूल को 4 सीटें मिलनी तय राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को विधानसभा में संख्या बल के आधार पर 4 सीटें मिलना लगभग तय है. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) को भी एक सीट मिलना निश्चित है. विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से दोनों दल अपने-अपने उम्मीदवारों को राज्यसभा भेजने में सक्षम हैं. तृणमूल के 4, माकपा के 1 सांसद की सीट हो रही खाली पश्चिम बंगाल के जिन राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनके नाम हैं – साकेत गोखले, रीतब्रत बनर्जी, विकास रंजन भट्टाचार्य, मौसम नूर और सुब्रत बक्शी. विकास रंजन भट्टाचार्य मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के टिकट पर उच्च सदन गये थे. बाकी 4 टीएमसी के टिकट पर राज्यसभा सांसद चुने गये थे. मौसम नूर टीएमसी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुकीं हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें तृणमूल ने उतारे 4 उम्मीदवार, भाजपा से राहुल सिन्हा जायेंगे राज्यसभा तृणमूल कांग्रेस ने इस बार जिन 4 लोगों को राज्यसभा का टिकट दिया है, उनके नाम – राजीव कुमार, बाबुल सुप्रियो, कोयल मल्लिक और मेनका गुरुस्वामी हैं. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल सिन्हा को राज्यसभा का टिकट दिया है. पश्चिम बंगाल के इन सभी 5 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन दाखिल कर दिये हैं. सभी का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है. Rajya Sabha Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टियों का संख्या बल पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सदस्य हैं. टीएमसी के पास स्पष्ट बहुमत है, जिसके चलते 4 सीटें उसके खाते में जाना तय है. भाजपा प्रमुख विपक्षी दल है और उसके पास भी इतने विधायक हैं कि वह राहुल सिन्हा को आसानी से राज्यसभा भेज सकते हैं. राज्यसभा जा रहे उम्मीदवारों को जानें राहुल सिन्हा : हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं. पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता राहुल सिन्हा ने कई पदों पर काम किया है. उनके समर्पण का इनाम पार्टी ने दिया है. राजीव कुमार : पश्चिम बंगाल कैडर के तेज-तर्रार आईपीएस ऑफिसर राजीव कुमार प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी हैं. कोलकाता के पुलिस कमिश्नर और पश्चिम बंगाल के डीजीपी रह चुके हैं. आई-पैक के ठिकानों पर हुई ईडी की छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी के साथ प्रतीक जैन के घर जाकर जांच में दखल देने का उन पर गंभीर आरोप लगा. मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. बाबुल सुप्रियो : बैंकर से बॉलीवुड सिंगर और फिर राजनेता बने बाबुल सुप्रियो को ममता बनर्जी ने राज्यसभा का टिकट दिया है. बाबुल सुप्रियो अचानक नेतृत्व में आये और भाजपा के टिकट पर 2 बार लोकसभा के सांसद चुने गये. केंद्रीय मंत्री भी बने. बाद में जब मंत्रिमंडल से हटाया गया, तो भाजपा छोड़ टीएमसी में शामिल हो गये. बंगाल विधानसभा के सदस्य और ममता बनर्जी की कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं. कोयल मल्लिक : तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा की उम्मीदवार कोयल मल्लिक बांग्ला फिल्मों की जानी-मानी अभिनेत्री हैं. उनके पिता रंजीत मल्लिक भी बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री के नामचीन एक्टर थे. कोयल को तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा भेजने का फैसला किया है. मेनका गुरुस्वामी : तृणमूल कांग्रेस के 4 उम्मीदवारों में मेनका गुरुस्वामी एक ऐसी उम्मीदवार हैं, जो पश्चिम बंगाल से नहीं हैं. वह सुप्रीम कोर्ट की सीनियर एडवोकेट हैं. एलजीबीटीक्यू (LGBTQ) समुदाय से आती हैं. वह संवैधानिक मामलों की जानकार हैं और जनहित से जुड़े विषयों पर सुप्रीम कोर्ट में पूरी मजबूती के साथ दलील पेश करतीं हैं. इसे भी पढ़ें राज्यसभा चुनाव 2026: बंगाल में सियासी टकराव, तृणमूल ने भाजपा उम्मीदवार राहुल सिन्हा के हलफनामे पर उठाये सवाल राज्यसभा चुनाव 2026: TMC की LGBTQ प्रत्याशी मेनका की हैं ये प्राथमिकताएं पश्चिम बंगाल से चुने जायेंगे 5 राज्यसभा सदस्य, 16 मार्च को होगी वोटिंग अप्रैल में हो सकता है बंगाल विधानसभा चुनाव 2026, इलेक्शन प्रोग्राम की घोषणा मार्च में संभव The post पश्चिम बंगाल की 5 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव, TMC को चार और BJP को एक सीट मिलना तय appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ईरान पर आज होगा जबरदस्त प्रहार, डोनाल्ड ट्रंप ने दी चेतावनी

Table of Contents ट्रंप ने कहा- ईरान बुरी तरह पिट रहा, पड़ोसियों के आगे टेक दिए घुटने हजारों सालों में ईरान की सबसे बड़ी हार ईरान के और भी अधिकारियों को निशाना बनाया जायेगा: ट्रंप ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका की बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग ठुकरायी ईरानी राष्ट्रपति ने पड़ोसियों से माफी मांगी Israel Iran War: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को पूरी तरह से खत्म कर देने की धमकी दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल ट्रूथ पर पोस्ट डाला और ईरान को मिडिल ईस्ट का लूजर बताया. ट्रंप ने कहा- ईरान कई दशकों तक लूजर बना रहेगा, जब तक वह पूरी तरह से बर्बाद नहीं हो जाता. या फिर सरेंडर नहीं कर देता. ट्रंप के आज ईरान पर भीषण हमले की चेतावनी के बाद पूरी दुनिया की नजर पश्चिम एशिया पर है. ऐसी संभावना है कि अमेरिका और इजराइल मिलकर ईरान पर कोई बड़ा हमला कर सकता है. ट्रंप ने कहा- ईरान बुरी तरह पिट रहा, पड़ोसियों के आगे टेक दिए घुटने डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- ईरान बुरी तरह पिट रहा है. उसने अपने मिडिल ईस्ट पड़ोसियों से माफी मांगी है और सरेंडर कर दिया है. वादा किया है कि वह अब उन पर हमला नहीं करेगा. ट्रंप का दावा है कि ईरान ने यह वादा सिर्फ इसलिए किया है, क्योंकि US और इजराइल उस पर हमला कर रहा है. हजारों सालों में ईरान की सबसे बड़ी हार डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि हजारों सालों में ईरान की यह सबसे बड़ी हार है. यह पहली बार है जब ईरान मिडिल ईस्ट देशों से हारा है. ट्रंप ने चुटकी लेते हुए कहा- पड़ोसी देशों ने उन्हें थैंक यू प्रेसिडेंट ट्रंप कहा. मैंने कहा, आपका स्वागत है! ईरान के और भी अधिकारियों को निशाना बनाया जायेगा: ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि युद्ध में ईरान के और भी अधिकारियों को निशाना बनाया जायेगा. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ईरान के खराब व्यवहार के कारण अब ऐसे इलाकों और लोगों के समूहों को भी निशाना बनाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है, जिन्हें अब तक निशाना बनाने के लिए नहीं सोचा गया था. ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका की बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग ठुकरायी ईरान ने अमेरिका की बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग को ठुकरा दिया है. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि अमेरिका द्वारा बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग एक ऐसा ख्वाब है जिसे उन्हें अपनी कब्र तक साथ ले जाना चाहिए. ईरानी राष्ट्रपति ने पड़ोसियों से माफी मांगी ईरानी राष्ट्रपति ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी. कहा कि तेहरान हमलों को रोक देगा. उन्होंने कहा- ये हमले सैन्य अधिकारियों के बीच सूचनाओं के गलत संचार के कारण हुए थे. उन्होंने यह बयान तब दिया जब शनिवार सुबह बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर बार-बार हमले किए गए. ये भी पढ़ें: राहत भरी समाचार: नहीं बढ़ेंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें, होर्मुज के पास जहाजों की आवाजाही शुरू ये ख्वाब कब्र तक ले जाएं ट्रंप… ईरानी राष्ट्रपति का ‘सरेंडर’ से इनकार, पड़ोसियों से मांगी माफी क्या ईरान पर अटैक करेगा पाकिस्तान? मुनीर से मिले सऊदी रक्षामंत्री, रक्षा समझौते पर हुई बात  ईरान से बदला लेगा सऊदी अरब? हमलों के बाद प्लानिंग में जुटे क्राउन प्रिंस, वर्ल्ड लीडर्स से की बात The post ईरान पर आज होगा जबरदस्त प्रहार, डोनाल्ड ट्रंप ने दी चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

घर की लक्ष्मी के नाम पर खरीदे प्रॉपर्टी, पाएं टैक्स में भारी छूट

Property Benefits for Women: आज के दौर में घर खरीदना हर हिंदुस्तानीय परिवार का सबसे बड़ा सपना होता है. सालों की मेहनत और पाई-पाई जोड़कर हम इस सपने को सच करते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि अगर आप घर का रजिस्ट्रेशन परिवार की किसी स्त्री के नाम पर कराते हैं, तो आप लाखों रुपये बचा सकते हैं? जी हां, प्रशासन और बैंक स्त्रीओं को प्रॉपर्टी का मालिक बनाने के लिए कई खास छूट दे रहे हैं. आइए समझते हैं कैसे: रजिस्ट्री के वक्त लाखों की बचत कैसे? इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, जब भी हम मकान या जमीन खरीदते हैं, तो प्रशासन को स्टैंप ड्यूटी (रजिस्ट्री फीस) देनी पड़ती है. हिंदुस्तान के कई राज्यों में स्त्रीओं के लिए यह फीस पुरुषों के मुकाबले 1% से 2% तक कम है. मान लीजिए आप दिल्ली या यूपी में 50 लाख का घर खरीद रहे हैं. एक पुरुष को जहां 6% या 7% फीस देनी होगी, वहीं स्त्री के नाम पर यह 4% या 5% हो सकती है. यानी सीधे-सीधे 1 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है. क्या होम लोन की ब्याज दर भी कम होगी? ज्यादातर प्रशासनी और प्राइवेट बैंक स्त्रीओं को होम लोन पर स्पेशल डिस्काउंट देते हैं. आमतौर पर स्त्रीओं के लिए ब्याज दर 0.05% से 0.10% तक कम होती है. सुनने में यह मामूली लग सकता है, लेकिन अगर लोन 20 साल का है, तो लंबे समय में आपकी EMI और कुल ब्याज पर हजारों-लाखों का फर्क पड़ जाता है. टैक्स में कितनी ज्यादा मिलेगी छूट? अगर घर की मालकिन कामकाजी (Working Woman) है, तो उन्हें इनकम टैक्स में भी बड़ा फायदा मिलता है. लोन की मूल राशि (Principal): पर 1.5 लाख रुपये तक की छूट. ब्याज (Interest): पर 2 लाख रुपये तक की छूट. अगर पति-पत्नी मिलकर जॉइंट प्रॉपर्टी लेते हैं, तो दोनों अलग-अलग इन टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं. इससे पूरे परिवार की टैक्स देनदारी काफी कम हो जाती है. प्रशासनी स्कीम का लाभ कैसे लें? आजकल की प्रशासनी योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में यह नियम है कि घर का मालिकाना हक स्त्री के नाम पर होना जरूरी है (या जॉइंट में). इसका मकसद स्त्रीओं को समाज में बराबरी का हक और आर्थिक सुरक्षा देना है. The post घर की लक्ष्मी के नाम पर खरीदे प्रॉपर्टी, पाएं टैक्स में भारी छूट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

दुमका में बरसीं वृंदा करात, बोलीं- ‘केंद्र ने अमेरिका के सामने किया सरेंडर’, 24 मार्च को जनाक्रोश रैली का ऐलान

Brinda Karat, दुमका (आनंद जायसवाल) : झारखंड की उपराजधानी दुमका पहुंचीं सीपीआईएम की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने मोदी प्रशासन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र प्रशासन अमेरिका के दबाव में काम कर रही है और देश की संप्रभुता से समझौता किया जा रहा है. उन्होंने ये बातें शनिवार को दुमका परिसदन में पत्रकारों से बीतचीत के दौरान कही. मोदी प्रशासन ने अमेरिका के सामने किया सरेंडर : वृंदा करात वृंदा करात ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मोदी प्रशासन ने अमेरिका के सामने देश की संप्रभुता को सरेंडर कर दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों का यह बयान कि हिंदुस्तान एक महीने तक रूस से तेल ले सकता है, बेहद चिंताजनक है. इससे साफ होता है कि प्रशासन अमेरिका के दबाव में काम कर रही है. इस दौरान उन्होंने पचुवाड़ा कोयला खदान का भी मुद्दा उठाया. लेफ्ट की यह दिग्गज नेता ने आरोप लगाया कि यहां कोयला कंपनी के वाहनों से लगातार हादसे हो रहे हैं, जिसमें स्थानीय आदिवासी और दलितों की जान जा रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि खदान क्षेत्र में रहने वाले लोगों का शोषण किया जा रहा है. Also Read: पूर्वी सिंहभूम में ‘बच्चा चोरी’ की अफवाह पर बवाल! युवक-युवती को जमकर कूटा, पुलिस ने बचाई जान 24 मार्च को दिल्ली में होगी जनाक्रोश रैली वृंदा करात ने बताया कि 24 मार्च को नई दिल्ली में जनाक्रोश रैली आयोजित की जायेंगी. इसके लिए संथालपरगना क्षेत्र में दुमका से पाकुड़ तक गांव-गांव जाकर लोगों को केंद्र प्रशासन की नीतियों के खिलाफ एकजुट किया जायेगा. उन्होंने केंद्र प्रशासन पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप भी लगाया और कहा कि प्रशासन की नई योजनाओं का विरोध किया जायेगा. Also Read: जमशेदपुर टाटा स्टील WSO गेट के पास खड़ी तीन बाइकों में लगी आग, मची अफरा-तफरी The post दुमका में बरसीं वृंदा करात, बोलीं- ‘केंद्र ने अमेरिका के सामने किया सरेंडर’, 24 मार्च को जनाक्रोश रैली का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती या पटना एम्स की डॉक्टर? UPSC रिजल्ट में 301वीं रैंक पर छिड़ा विवाद

UPSC Result Controversy: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा के नतीजों में 301वीं रैंक को लेकर बड़ा विवाद सामने आ गया है. दरअसल एक ही नाम की दो लड़कियां आकांक्षा सिंह इस रैंक पर अपने सिलेक्शन का दावा कर रही हैं. दोनों ने अपना रोल नंबर 0856794 बताया है. इससे सोशल मीडिया और मीडिया में काफी भ्रम फैल गया है. शुक्रवार को दिन भर यह समाचार चलती रही कि 301वीं रैंक हासिल करने वाली आकांक्षा सिंह बिहार के आरा की रहने वाली हैं और वे रणवीर सेना के पूर्व प्रमुख ब्रह्मेश्वर सिंह उर्फ मुखिया की पोती हैं. यह समाचार तेजी से फैल गई और कई जगहों पर उन्हें बधाई भी दी जाने लगी. इसी बीच उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की एक और आकांक्षा सिंह सामने आईं. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि यूपीएससी में 301वीं रैंक उन्हें मिली है. उन्होंने यह भी कहा कि वे फिलहाल पटना एम्स में डॉक्टर के रूप में काम कर रही हैं. क्या है पूरा मामला मामला तब और उलझ गया जब दोनों उम्मीदवारों ने मीडिया के सामने अपने-अपने एडमिट कार्ड साझा किए. दिलचस्प बात यह है कि दोनों एडमिट कार्ड पर एक ही रोल नंबर 0856794 लिखा हुआ है. हालांकि दोनों के दस्तावेजों में कुछ अंतर भी सामने आए हैं. गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ने इंटरव्यू का एडमिट कार्ड शेयर किया है. इस एडमिट कार्ड पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करने पर रोल नंबर 0856794 और आवेदन संख्या 12507292880 दिखाई देता है. साथ ही उनका एग्जाम सेंटर नंबर 001 बताया जा रहा है. वहीं आरा की आकांक्षा सिंह ने जो एडमिट कार्ड दिखाया है, वह प्रारंभिक परीक्षा यानी प्रिलिम्स का है. उनके एडमिट कार्ड पर भी रोल नंबर 0856794 लिखा हुआ है, लेकिन जब उस पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन किया गया तो अलग रोल नंबर 0856569 सामने आया. उनके एग्जाम सेंटर का नंबर 115 बताया जा रहा है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें गाजीपुर की आकांक्षा ने वीडियो जारी कर क्या बताया गाजीपुर वाली आकांक्षा सिंह ने इस पूरे मामले पर एक वीडियो भी जारी किया है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे एडमिट कार्ड पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर सच्चाई खुद देख सकते हैं. उनका कहना है कि उन्होंने ही यूपीएससी में 301वीं रैंक हासिल की है और वे इस सफलता से बहुत खुश हैं. फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. किसका दावा सही है और किसका दस्तावेज गलत है, इसे लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है. माना जा रहा है कि जल्द ही यूपीएससी या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले पर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकती है. इसे भी पढ़ें: बिहार के 17 जिलों में अगले 48 घंटे में बारिश और वज्रपात की चेतावनी, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट बिहार में डेढ़ करोड़ लोगों का राशन संकट में, 31 मार्च तक ई-केवाईसी नहीं कराने पर कटेगा नाम The post ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती या पटना एम्स की डॉक्टर? UPSC रिजल्ट में 301वीं रैंक पर छिड़ा विवाद appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top