Hot News

March 23, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रिमोट को थपथपाते ही क्यों फिर से काम करने लगता है? जानिए इसके पीछे का साइंस

TV Remote: टीवी देखते-देखते अचानक रिमोट की बैटरी जवाब दे दे, तो हम सब एक जुगाड़ जरूर अपनाते हैं. हां, आपने सही समझा. रिमोट को पीछे से, खासकर बैटरी वाले हिस्से पर जोर से थपथपाना. कमाल की बात यह है कि ऐसा करते ही रिमोट फिर से काम करने लगता है, भले ही कुछ देर के लिए ही सही. दिलचस्प ये है कि ये सिर्फ आपका जुगाड़ नहीं है. सालों से लोग बैटरी वाले गैजेट्स को इसी तरह थपथपाकर चलाने की कोशिश करते आ रहे हैं. अब सवाल ये उठता है कि आखिर ऐसा होता क्यों है? आइए इसके पीछे की असली वजह समझते हैं. थपथपाते ही रिमोट कैसे हो जाता है ठीक? होता क्या है कि जब आप रिमोट को जोर से मारते हैं, तो बैटरी के कॉन्टैक्ट्स पर जमी हुई गंदगी (जिसे ऑक्सिडेशन कहते हैं) थोड़ी ढीली हो जाती है. ये सफेद, हरे रंग की पाउडर जैसी परत होती है. यह तब बनती है जब बैटरी लंबे समय तक अंदर पड़ी रहती है. ये ऑक्सिडेशन बिजली के फ्लो को रोकती है. लेकिन जैसे ही आप रिमोट को थपथपाते हैं, बैटरी और उसके कॉन्टैक्ट्स थोड़ा हिल जाते हैं और सही तरीके से जुड़ जाते हैं. और बस, रिमोट फिर से काम करने लगता है. ऑक्साइड लेयर कैसे रोक देती है करंट का रास्ता? अगर आपके रिमोट में ऑक्सीडेशन हो गया है, तो एक और बड़ी दिक्कत सामने आती है. वह है रिमोट का खुद का पावर ड्रॉ. दरअसल, टीवी, साउंडबार या स्ट्रीमिंग डिवाइस जैसे गैजेट्स के रिमोट बहुत कम बिजली इस्तेमाल करते हैं. AA या AAA बैटरी उन्हें जितनी जरूरत होती है, उतनी ही पावर आराम से दे देती है. लेकिन जैसे ही ऑक्सीडेशन आ जाता है, स्पोर्ट्स बदल जाता है. अब जो हल्का-सा करंट रिमोट खींचता है, वो इस जमी हुई ऑक्साइड लेयर की रुकावट (resistance) को पार करने में संघर्ष करने लगता है. आसान शब्दों में कहें तो रिमोट को जितनी पावर चाहिए, वो मिल तो रही है, लेकिन रास्ते में आई ये ऑक्साइड की परत उसे ठीक से काम नहीं करने दे रही. ऑक्सीडेशन दिखे तो ऐसे करें तुरंत सफाई इससे बचने का एक आसान तरीका है कि जब रिमोट इस्तेमाल में न हो, तो उसकी बैटरियां निकालकर रख दें. आप चाहें तो हर 1-2 महीने में एक दिन तय कर लें, जब घर के सभी डिवाइस की बैटरियों को चेक करें. अगर बैटरी के टर्मिनल पर सफेद या जंग जैसा जमा दिखे, तो घबराने की जरूरत नहीं है. इसे आप एक मुलायम ब्रश से धीरे-धीरे साफ कर सकते हैं. पूरी तरह सफाई के लिए आखिर में एक कॉटन स्वैब (रूई) को थोड़ा-सा आइसोप्रोपाइल अल्कोहल में भिगोकर टर्मिनल पर हल्के से रगड़ दें. इससे बचा हुआ गंदा मटेरियल भी हट जाएगा और आपका रिमोट फिर से सही तरीके से काम करेगा. यह भी पढ़ें: ठंडी हवा देने के अलावा आपका AC कर सकता हैं ये सारे काम, कई लोग रहते हैं इनसे अनजान The post रिमोट को थपथपाते ही क्यों फिर से काम करने लगता है? जानिए इसके पीछे का साइंस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राशनकार्ड वालों की बल्ले-बल्ले, अप्रैल में मिलने जा रहा है 3 महीने का अनाज एक साथ, जानें किसे मिलेगा फायदा

Ration Card: देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए अप्रैल का महीना खुशियों की सौगात लेकर आया है. बढ़ती महंगाई और घर के बजट को देखते हुए प्रशासन ने एक बेहद राहत भरा फैसला लिया है. अब प्रशासनी राशन के लिए लाभार्थियों को हर महीने दुकान के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी. प्रशासन ने राशन वितरण की प्रक्रिया को और भी आसान बना दिया है जिससे आम जनता का समय और पैसा दोनों बचेगा. अप्रैल, मई और जून का कोटा एक साथ प्रशासन की नई व्यवस्था के तहत अब पात्र राशन कार्ड धारकों को अप्रैल, मई और जून 2026 का राशन एक ही बार में दे दिया जाएगा. इसका मतलब है कि आपको तीन महीने का अनाज एक साथ मिल जाएगा. यह फैसला उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है जो कामकाजी हैं या जिन्हें हर महीने राशन की दुकान पर लंबी लाइनों में लगने के लिए समय निकालना मुश्किल होता था. भीड़ से छुटकारा और पारदर्शिता पर जोर इस नई पहल से राशन की दुकानों पर होने वाली भीड़ में भारी कमी आएगी. वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ई-पॉस (e-POS) मशीनों और डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल कर रही है. राशन लेते समय लाभार्थियों को अपना राशन कार्ड या आधार कार्ड साथ रखना होगा ताकि वेरिफिकेशन में कोई दिक्कत न आए. डिजिटल सिस्टम होने की वजह से राशन वितरण में पूरी पारदर्शिता बनी रहेगी और हकदार को उसका पूरा हिस्सा मिलेगा. गांवों और दूरदराज के इलाकों को बड़ा फायदा इस फैसले का सबसे शानदार असर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में देखने को मिलेगा. अक्सर गांवों में लोगों को राशन लेने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है जिससे उनका पूरा दिन खराब हो जाता है. अब एक बार में तीन महीने का कोटा मिलने से बुजुर्गों, स्त्रीओं और मजदूरों को बार-बार आने-जाने की परेशानी से मुक्ति मिल जाएगी. इससे न सिर्फ उनका किराया बचेगा बल्कि समय की भी बचत होगी. उचित दर की दुकानों पर मिलेगी सुविधा लाभार्थी अपने नजदीकी फेयर प्राइस शॉप यानी प्रशासनी राशन की दुकान पर जाकर अपना कोटा ले सकते हैं. प्रशासन द्वारा तय की गई तारीखों पर ही राशन का वितरण किया जाएगा इसलिए समय का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. अगर आप सही समय पर दुकान पहुंचते हैं तो बिना किसी रुकावट के आपको तीन महीने का अनाज मिल जाएगा. प्रशासन की इस कोशिश से अब हर घर में राशन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी. Also Read: UP के किसानों की बल्ले-बल्ले, गेहूं के MSP में ₹160 की बढ़ोतरी,अब ₹2585 में बिकेगी फसल The post राशनकार्ड वालों की बल्ले-बल्ले, अप्रैल में मिलने जा रहा है 3 महीने का अनाज एक साथ, जानें किसे मिलेगा फायदा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

East Singhbhum: बहरागोड़ा में 8 दिन पहले मिले जिंदा बम का सेना के अधिकारियों ने किया निरीक्षण

East Singhbhum (बहरागोड़ा): बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत पानीपोड़ा स्वर्णरेखा नदी में पिछले 8 दिन पहले मिले बम को डिफ्यूज करने के लिए सोमवार को हिंदुस्तानीय थल सेना विभाग के साथ झारखंड पुलिस की बम स्क्वायड टीम ने बम और बम मिलने वाले जगह का निरीक्षण किया. उसके बाद ड्रोन के माध्यम से पूरी जगह का बारीकी से मेजरमेंट किया गया. फिर आगे की प्रक्रिया के लिए चिंतन मंथन किया जा रहा है. बताया गया कि यह बम काफी शक्तिशाली है उसे निष्क्रिय करने के लिए विशेष संसाधनों की आवश्यकता पड़ेगी. बम को निष्क्रिय करने के लिए आवश्यक पहल की जा रही है. ग्रामीणों को दी गई बम से दूर रहने की सलाह सुरक्षा के दृष्टिकोण से बहरागोड़ा प्रशासन द्वारा जिंदा बम के चारों ओर घेराबंदी की गई है. वहीं ग्रामीणों को नदी पर मछली मारने बैल बकरी चराने के लिए जाने से सख्त मना किया गया है. नदी से लौटते वक्त सेना विभाग के अफसर को ग्रामीणों ने रोककर एक दूसरे बम होने की भी जानकारी दी. इस पर पहल करते हुए विभाग के अधिकारियों द्वारा कुदाल से खुदाई करके बम को निकाला गया. काफी जांच पड़ताल के पश्चात देखा गया कि वह बहुत पहले निष्क्रिय हो चुका था सिर्फ उसका कवर वहीं पर गिरा है. दूसरी और बम स्क्वायड की टीम के पहुंचने के बाद ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर पहुंच चुकी थी. मौके पर डीएसपी अजीत कुजूर, इंस्पेक्टर अनिल कुमार, राजाराम मुंडा, बहरागोड़ा और बरसोल थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा, अभिषेक कुमार सहित काफी संख्या में पुलिस बल के लोग मौजूद थे. ये भी पढ़ें… जर्जर सड़क से रांची में कोकदोरो गांव के लोग परेशान, वर्षों से मरम्मत का इंतजार धनबाद के सड़क हादसे में दुमका सीआईडी की एसआई की मौत, सरहुल मनाकर लौट रहीं थीं The post East Singhbhum: बहरागोड़ा में 8 दिन पहले मिले जिंदा बम का सेना के अधिकारियों ने किया निरीक्षण appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चिली गार्लिक पनीर तवा फ्राइ नोट करें शेफ संज्योत कीर की चटपटी रेसिपी

Chilli Garlic Paneer Tawa Fry Recipe: क्या आप पनीर की नई और मसालेदार रेसिपी ट्राई करना चाहते हैं? अगर हां तो चिली गार्लिक पनीर तवा फ्राइ की ये चटपटी रेसिपी जरूर ट्राइ करें. यह रेसिपी शेफ संज्योत कीर की स्पेशल रेसिपी है, जिसमें देसी स्वाद और शेजवान फ्लेवर मिक्स होता है. यह डिश स्टार्टर के रूप में या रूमाली रोटी के साथ मेन कोर्स के साथ सर्व की जा सकती है. इसका तीखा, लहसुन वाला और हल्का खट्टा-मीठा स्वाद इसे बहुत स्वादिष्ट बनाता है. चिली गार्लिक पनीर तवा फ्राइ बनाने के लिए आवश्यक सामग्री पनीर – 350 ग्राम कश्मीरी लाल मिर्च – 15 (भिगोकर बीज निकाल लें) अदरक – 1 इंच हरी मिर्च – 3 लहसुन – 1 मुट्ठी (कटा हुआ) दही – 1/3 कप (फेंटा हुआ) गरम मसाला – ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटा चम्मच चाट मसाला – ½ छोटा चम्मच नमक – स्वादानुसार चीनी – एक चुटकी तेल – 2–3 बड़े चम्मच हरा धनिया – डंठल और पत्तियां नींबू रस – थोड़ा सा (ऑप्शनल) बटर – थोड़ा सा (ऑप्शनल) चिली गार्लिक पनीर तवा फ्राइ बनाने की विधि (Chilli Garlic Paneer Tawa Fry Recipe) चिली गार्लिक पनीर रेसिपी सबसे पहले कश्मीरी लाल मिर्च को भिगोकर अदरक और हरी मिर्च के साथ पीसकर स्मूद पेस्ट बना लें. अब पनीर को स्लैब या बड़े टुकड़ों में काटकर तवे पर हल्का सुनहरा होने तक शैलो फ्राई करें और अलग रख दें. अब उसी पैन में तेल गरम करें और कटा हुआ लहसुन डालकर हल्का भूनें. इसके बाद तैयार चिली पेस्ट डालें और नमक मिलाकर कुछ मिनट पकाएं. अब इसमें फेंटा हुआ दही डालें और लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं. फिर गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला और थोड़ा सा पानी डालकर मसाले को तब तक पकाएं जब तक तेल अलग न दिखने लगे. अब इसमें एक चुटकी चीनी डालें और फ्राई किया हुआ पनीर डालकर मसाले में अच्छे से कोट करें. ऊपर से हरा धनिया, थोड़ा बटर और नींबू का रस डालकर गरमा-गरम सर्व करें. यह भी पढ़ें: बचे हुए चावल से बनाएं हॉट एण्ड स्पाइसी ठेचा पनीर राइस यह भी पढ़ें: एक बार खाएंगे तो बार-बार बनाएंगे – घर पर बनाएं स्वादिष्ट घी रोस्ट पनीर यह भी पढ़ें: शेफ संजीव कपूर से जानें छोले बनाने का खास तरीका – पालक के साथ मिलेगा स्पेशल पंजाबी स्वाद The post घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चिली गार्लिक पनीर तवा फ्राइ नोट करें शेफ संज्योत कीर की चटपटी रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

भारत में लॉन्च को तैयार Realme 16 5G, कैमरा मॉड्यूल में मिलेगा छोटा सा ‘आइना’

Realme अपने नए स्मार्टफोन Realme 16 5G को हिंदुस्तान में जल्द लॉन्च करने जा रहा है. इसका पहला ऑफिशियल टीजर भी सामने आ चुका है. सोमवार को शेयर किए गए इस टीजर में फोन का डिजाइन और इसकी उपलब्धता से जुड़ी कुछ झलकियां देखने को मिली हैं. बता दें कि ये फोन पहले ही जनवरी में कुछ ग्लोबल मार्केट्स में लॉन्च हो चुका है, जहां इसे दमदार MediaTek Dimensity 6400 Turbo चिपसेट और 6.57-इंच AMOLED डिस्प्ले के साथ पेश किया गया था. आइए इस फोन से जुड़ी बाकी के डिटेल्स जानते हैं. Realme 16 5G का डिजाइन  कंपनी ने फिलहाल इसकी लॉन्च डेट तो नहीं बताई है, लेकिन इतना साफ कर दिया है कि ये फोन Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा. टीजर में फोन का लुक और कैमरा सैंपल्स भी दिखाए गए हैं. खास बात ये है कि कंपनी इसे हिंदुस्तान का पहला ‘Selfie Mirror Phone’ बता रही है. मतलब, फोन के रियर कैमरा मॉड्यूल में एक छोटा सा मिरर दिया गया है, जिससे आप रियल टाइम में अपनी सेल्फी प्रीव्यू कर सकते हैं. डिजाइन की बात करें तो फोन काफी लाइटवेट बताया जा रहा है और इसका लुक थोड़ा iPhone Air से इंस्पायर्ड लगता है. टीजर में इसे व्हाइट कलर में दिखाया गया है, जिसमें पीछे की तरफ एक हॉरिजॉन्टल कैमरा बार दिया गया है, जो ग्लास कवर के साथ आता है. Realme 16 5G की कीमत  इस फोन को इस साल जनवरी में वियतनाम में लॉन्च किया गया था, जहां इसके 8GB RAM और 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत करीब ₹40,000 रखी गई थी. वहीं, अगर आप ज्यादा पावर चाहते हैं तो 12GB RAM वाला टॉप मॉडल भी मौजूद है, जिसकी कीमत लगभग ₹44,000 है. India, we’re about to twist the way you take selfies.Introducing India’s 1st Selfie Mirror Phone.#realme16 launching soon Know more: https://t.co/lRIg72W5sjhttps://t.co/QcRTjRjgXw pic.twitter.com/2klpyGSvpV — realme (@realmeIndia) March 23, 2026 Realme 16 5G के फीचर्स इसका इंटरनेशनल वर्जन 6.57-इंच का फुल HD+ AMOLED डिस्प्ले लेकर आता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ स्मूद और शानदार विजुअल एक्सपीरियंस देता है. परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें MediaTek Dimensity 6400 Turbo चिपसेट दिया गया है. कैमरा सेटअप भी काफी दमदार है. पीछे की तरफ 50MP का वाइड-एंगल कैमरा और 2MP का मोनोक्रोम सेंसर मिलता है. वहीं, सेल्फी के लिए इसमें 50MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. बैटरी इस फोन की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है. इसमें 7,000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 60W फास्ट चार्जिंग के साथ आती है. इतना ही नहीं, फोन IP66, IP68 और IP69K जैसी रेटिंग्स के साथ आता है. यानी यह धूल और पानी से भी अच्छी तरह सेफ रहता है. यह भी पढ़ें: 200MP कैमरा के साथ हिंदुस्तान में जल्द दस्तक देगा Vivo V70 FE, जानें डिटेल्स The post हिंदुस्तान में लॉन्च को तैयार Realme 16 5G, कैमरा मॉड्यूल में मिलेगा छोटा सा ‘आइना’ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Fact Check: आने वाला है धुरंधर 3? वायरल हो रहे दावे की सच्चाई जानिए

Dhurandhar 3: रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर द रिवेंज को लेकर रिलीज के बाद से ही सोशल मीडिया पर जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है. इसी बीच अब फिल्म के तीसरे पार्ट को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिसने फैंस को और एक्साइटेड कर दिया है. दरअसल, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि “धुरंधर पार्ट 3: द फाइनल चैप्टर” जल्द आने वाली है और इसे जून में रिलीज किया जाएगा.  क्या सच में बन रही है पार्ट 3? Is This For Real ? 3 Parts #Dhurandhar The Final Chapter on 14 June 2026 pic.twitter.com/EqAINSzpxN — INDIAN (@hindus47) March 18, 2026 हालांकि, सच्चाई यह है कि डायरेक्टर आदित्य धर या फिल्म से जुड़े मेकर्स की तरफ से धुरंधर पार्ट 3 को लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है. फैक्ट चेक में यह पाया गया है कि वायरल हो रहा पोस्ट असली नहीं, बल्कि एडिटेड या आर्टिफिशियल तरीके से बनाया गया बताया जा रहा है, जिसे फिल्म की पॉपुलैरिटी का फायदा उठाने के लिए फैलाया जा रहा है. अगर सीधे शब्दों में कहें, तो अभी तक ऐसा कुछ भी कन्फर्म नहीं है. फिर क्यों फैली ये समाचार? इस कन्फ्यूजन की शुरुआत तब हुई, जब रिलीज से पहले डायरेक्टर आदित्य धर ने दर्शकों से कहा था कि फिल्म खत्म होने तक सीट से न उठें. बस इसी बयान के बाद लोगों ने अंदाजा लगाना शुरू कर दिया कि शायद एंड क्रेडिट्स में पार्ट 3 की घोषणा छिपी हो सकती है. हकीकत ये है कि फिल्म के आखिर में दिखाए गए क्रेडिट्स में पार्ट 3 का कोई ऐलान नहीं है. बल्कि, वहां सिर्फ कहानी को थोड़ा ओपन एंड में छोड़ा गया है, जो बड़ी फिल्मों में आम बात होती है ताकि दर्शकों में चर्चा बनी रहे. यह भी पढे़ं: कहां हुई ‘धुरंधर’ की शूटिंग? क्या पाकिस्तान गए थे एक्टर्स The post Fact Check: आने वाला है धुरंधर 3? वायरल हो रहे दावे की सच्चाई जानिए appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मिडिल ईस्ट जंग: भारत का प्लान B तैयार, पीएम मोदी बोले- 53 लाख MT+ पेट्रोलियम रिजर्व

Middle East War: पीएम मोदी ने कहा- आज हिंदुस्तान के पास 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व हैं. जबकि 65 लाख मीट्रिक टन की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है. तेल कंपनियों के पास जो रिजर्व स्टॉक हैं, वो अलग है. हर साल 4.5 करोड़ बैरल तेल कम आयात कर रहा हिंदुस्तान, पीएम मोदी ने बताई वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में बताया-इथेनॉल ब्लेंडिंग की वजह से, हम हर साल लगभग 4.5 करोड़ बैरल तेल के आयात की बचत कर रहे हैं. इसी तरह, रेलवे विद्युतीकरण से भी बहुत फायदे हो रहे हैं. अगर इतने बड़े पैमाने पर रेलवे विद्युतीकरण नहीं हुआ होता, तो हर साल 180 करोड़ लीटर अतिरिक्त डीजल की जरूरत पड़ती. हमने मेट्रो नेटवर्क का भी विस्तार किया है. 2014 में, मेट्रो नेटवर्क 250 किमी से भी कम था, जो अब बढ़कर 1100 किमी से ज़्यादा हो गया है. #WATCH | On the West Asia conflict, Prime Minister Narendra Modi says, “… In the last 11 years, India has diversified its energy imports. Earlier, for energy needs like crude oil, LNG and LPG, imports were made from 27 countries, but today India imports energy from 41… pic.twitter.com/ElXZOR6b1C — ANI (@ANI) March 23, 2026 41 देशों से कच्चे तेल, LNG और LPG आयात किया जा रहा : पीएम मोदी लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- पिछले 11 वर्षों में हिंदुस्तान ने अपने ऊर्जा आयात में विविधता लाई है. पहले कच्चे तेल, LNG और LPG जैसी ऊर्जा जरूरतों के लिए 27 देशों से आयात किया जाता था, लेकिन आज हिंदुस्तान 41 देशों से ऊर्जा आयात करता है. होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाज हिंदुस्तान लौट रहे हैं अपने समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम अपने सभी वैश्विक साझेदारों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं. इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज हाल ही में हिंदुस्तान लौट आए हैं. गल्फ और आसपास के शिपिंग रूट पर हमारी नजर : पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- पिछले 11 वर्षों में, हमारी रिफाइनिंग क्षमता में काफी वृद्धि हुई है. प्रशासन विभिन्न देशों के आपूर्तिकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क में है. हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि जहां से भी संभव हो, तेल और गैस की आपूर्ति जारी रहे. गल्फ और आसपास के शिपिंग रूट पर हमारी नजर है. हमारा प्रयास है, तेल हो या गैस हो फर्टिलाइजर हो ऐसे हर जरूरी सामान से जुड़े जहाज हिंदुस्तान तक सुरक्षित पहुंचे. ऊर्जा संकट के बीच हिंदुस्तान ने अंतर-मंत्रालयी समूह गठित किया हिंदुस्तान प्रशासन ने एक अंतर-मंत्रालयी समूह भी गठित किया है. यह समूह प्रतिदिन बैठक करता है, और इसमें हमारी सभी जानकारियों को पूरी तरह से शामिल किया जाता है. साथ ही, यह समूह आवश्यक समाधानों पर भी लगातार काम करता रहता है. मुझे विश्वास है कि प्रशासन और उद्योग जगत के संयुक्त प्रयासों से, हम मौजूदा स्थिति का बेहतर ढंग से सामना कर पाएंगे. ये भी पढ़ें: वेस्ट एशिया तनाव पर बोले पीएम मोदी- नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले गलत The post मिडिल ईस्ट जंग: हिंदुस्तान का प्लान B तैयार, पीएम मोदी बोले- 53 लाख MT+ पेट्रोलियम रिजर्व appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार बोर्ड 12वीं साइंस में समस्तीपुर के आदित्य स्टेट टॉपर, डॉक्टर बनने का सपना

Bihar Board 12th Topper 2026: बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट साइंस परीक्षा में दलसिंहसराय के छात्र आदित्य प्रकाश अमन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया है. उनकी इस सफलता से परिवार और इलाके में खुशी का माहौल है. आदित्य मुख्तियारपुर सलखनन्नी निवासी शिक्षक हरेंद्र कुमार और रिंकू कुमारी के बेटे हैं. कड़ी मेहनत और परिवार के सहयोग से उन्होंने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है. आदित्य ने बताया कि इस सफलता के पीछे माता-पिता और गुरुजनों का आशीर्वाद है. उन्होंने कहा कि वह आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहते हैं और समाज की सेवा करना उनका सपना है. पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें संस्कृत भाषा से भी खास लगाव है. Bihar Board 12th Topper 2026: कौन हैं आदित्य प्रकाश? आदित्य की शुरुआती पढ़ाई पहली से पांचवीं तक रामचन्द्रपुर के प्रशासनी स्कूल में हुई. उस समय वह अपनी मौसी के घर रहकर पढ़ाई करते थे. इसके बाद साल 2019 में उन्होंने सिमुलतला आवासीय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा पास की और वहां दाखिला लिया. दसवीं कक्षा में भी उन्होंने 476 अंक हासिल कर बेहतरीन प्रदर्शन किया था. समस्तीपुर: दलसिंहसराय के आदित्य बने साइंस स्ट्रीम में स्टेट टॉपर बने. आदित्य प्रकाश अमन ने हासिल किया पहला स्थान. डॉक्टर बनने का है सपना. साधारण परिवार से आते हैं. मेहनत और सेल्फ स्टडी से मिली सफलता. प्रशासनी स्कूल से की थी शुरुआती पढ़ाई. सिमरतल्ला विद्यालय से आगे की शिक्षा.… pic.twitter.com/JLnCIjeXPo — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 23, 2026 सिमुलतला आवासीय विद्यालय में पढ़ाई फिलहाल आदित्य अपनी मां के साथ दलसिंहसराय के माल गोदाम रोड पर किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रहे थे. उन्होंने ज्यादातर पढ़ाई स्वाध्याय यानी खुद से तैयारी करके की और इसी मेहनत की बदौलत आज राज्य में टॉपर बने हैं. उनकी बहन भी सिमुलतला आवासीय विद्यालय में पढ़ाई कर रही है. आदित्य की सफलता पर मां रिंकू देवी ने खुशी जताते हुए कहा कि उनका बेटा हमेशा से मेहनती रहा है. वहीं पिता हरेंद्र कुमार ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण होने के बावजूद आदित्य ने कभी हिम्मत नहीं हारी और लगातार मेहनत करता रहा. यह भी पढ़ें: जारी हुआ बिहार बोर्ड 12वीं का रिजल्ट, देखें टॉपर्स लिस्ट The post बिहार बोर्ड 12वीं साइंस में समस्तीपुर के आदित्य स्टेट टॉपर, डॉक्टर बनने का सपना appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

भारत की अरुंधति रेड्डी बनीं आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ, पाकिस्तान के फरहान भी सम्मानित

Highlights अरुंधति रेड्डी का ऑस्ट्रेलिया में कमाल अवॉर्ड जीतने पर अरुंधति का बयान टी20 वर्ल्ड कप में साहिबजादा फरहान का जलवा फरहान ने पार किया विराट कोहली का रिकॉर्ड शुभमन गिल जीत चुके हैं सबसे ज्यादा अवॉर्ड ICC Player of the Month: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने 23 मार्च 2026 को फरवरी महीने के प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड का ऐलान कर दिया है. मेन्स क्रिकेट में यह अवॉर्ड पाकिस्तान के ओपनर साहिबजादा फरहान ने जीता है. वहीं विमेंस क्रिकेट में हिंदुस्तान की तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी ने बाजी मारी है. दोनों क्रिकेटरों को उनके बेहतरीन स्पोर्ट्स के लिए यह सम्मान मिला है. इन दोनों ने अपने शानदार प्रदर्शन से अपनी टीमों के लिए अहम योगदान दिया है. अरुंधति रेड्डी का ऑस्ट्रेलिया में कमाल हिंदुस्तान की तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी ने पहली बार प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीता है. उन्होंने फरवरी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार गेंदबाजी की थी. हिंदुस्तान ने यह टी20 सीरीज 2-1 से जीती थी. अरुंधति इस पूरी सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रही थीं. उन्होंने तीन मैचों में 10.87 की औसत और 7.25 की इकॉनमी से रन देकर 8 विकेट लिए थे. सिडनी में स्पोर्ट्से गए टी20 में उन्होंने मात्र 22 रन देकर 4 विकेट झटके थे. इसके अलावा कैनबरा टी20 में 2 और एडिलेड टी20 में भी 2 विकेट अपने नाम किए. इस अवॉर्ड के लिए उन्होंने श्रीलंका की हर्षिता समरविक्रमा और पाकिस्तान की फातिमा सना को पीछे किया. A star performer in India’s milestone series win against Australia has been awarded the ICC Women’s Player of the Month honour for February 2026 🥇 Read more 👉 https://t.co/MHibkQF6a9 pic.twitter.com/dpMduzKAPI — ICC (@ICC) March 23, 2026 अवॉर्ड जीतने पर अरुंधति का बयान अपना पहला आईसीसी अवॉर्ड जीतने के बाद अरुंधति काफी खुश नजर आईं. उन्होंने कहा कि प्लेयर ऑफ द मंथ चुना जाना उनके लिए खास सम्मान की बात है. यह अवॉर्ड इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में हराने में टीम की मदद की. उन्होंने आगे कहा कि ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराना आसान काम नहीं है. इस जीत से पूरी टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है. हिंदुस्तानीय टीम आने वाले विमेंस टी20 वर्ल्ड कप में भी इसी तरह का बेहतरीन स्पोर्ट्स दिखाना चाहेगी. टी20 वर्ल्ड कप में साहिबजादा फरहान का जलवा मेन्स कैटेगरी में पाकिस्तान के ओपनर साहिबजादा फरहान ने प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड अपने नाम किया. उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाए. फरहान ने 6 पारियों में 76.6 की औसत और 160 से ज्यादा के शानदार स्ट्राइक रेट से 383 रन बनाये. उनके बल्ले से इस टूर्नामेंट में 2 शतक निकले. साथ ही उन्होंने 18 छक्के और 37 चौके भी लगाए. उन्होंने इंग्लैंड के विल जैक्स और अमेरिका के शेडली वेन शाल्कविक को पीछे कर यह मुकाम हासिल किया. हालांकि उनकी टीम पाकिस्तान टूर्नामेंट के सुपर 8 या सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाई थी. A record-breaking #T20WorldCup campaign rewarded with the ICC Men’s Player of the Month honour for February 2026 🥇 Read more 👉 https://t.co/M4ElAUIdZa pic.twitter.com/E9eUg4aQ9M — ICC (@ICC) March 23, 2026 फरहान ने पार किया विराट कोहली का रिकॉर्ड टी20 वर्ल्ड कप 2026 में साहिबजादा फरहान ने कई अहम रिकॉर्ड अपने नाम किए. वह टी20 वर्ल्ड कप के एक एडिशन में दो शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं. इसके साथ ही उन्होंने एक एडिशन में सबसे ज्यादा रन बनाने का विराट कोहली का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है. फरहान ने कहा कि वर्ल्ड कप जैसे विश्व स्तर के मंच पर अच्छा स्पोर्ट्सकर यह अवॉर्ड जीतना एक बहुत ही शानदार अहसास है, जहां दुनियाभर के फैंस आपको देख रहे होते हैं. शुभमन गिल जीत चुके हैं सबसे ज्यादा अवॉर्ड आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड के इतिहास में सबसे ज्यादा बार यह खिताब जीतने का रिकॉर्ड हिंदुस्तान के शुभमन गिल के नाम है. वह अब तक कुल 4 बार यह अवॉर्ड जीत चुके हैं. गिल ने जनवरी 2023, सितंबर 2023, फरवरी 2025 और जुलाई 2025 में यह सम्मान पाया था. हिंदुस्तान के ही जसप्रीत बुमराह और श्रेयस अय्यर ने 2-2 बार यह सम्मान पाया है. पाकिस्तान के लिए बाबर आजम 3 बार जबकि हैरी ब्रूक और कामिंदु मेंडिस 2-2 बार यह अवॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं. ये भी पढ़ें- CSK के कैंप में धोनी की मस्ती, सरफराज के बेटे पर लुटाया प्यार, वीडियो वायरल 60 साल तक आईपीएल स्पोर्ट्सेंगे एमएस धोनी? CSK के इवेंट में दिया मजेदार जवाब CSK ने दिग्गज क्रिकेटर्स को दिया तोहफा, रैना और हेडन बने हॉल ऑफ फेम का हिस्सा The post हिंदुस्तान की अरुंधति रेड्डी बनीं आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ, पाकिस्तान के फरहान भी सम्मानित appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

US-ईरान के बीच शांति का मुद्दा कहां अटका? युद्ध रोकने के लिए मोजतबा की शर्तें क्या? ट्रंप के पास कौन सा रास्ता? जानें

US Iran Deal: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की रणनीति इस समय एक जोखिम भरे संतुलन की तरह नजर आ रही है, जिसमें युद्ध और कूटनीति दोनों को साथ-साथ साधने की कोशिश की जा रही है. एक तरफ अमेरिका ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ा रहा है, तो दूसरी ओर पर्दे के पीछे संभावित शांति समझौते की जमीन भी तैयार की जा रही है. यह दोहरी नीति इस बात का संकेत है कि वॉशिंगटन युद्ध को पूरी तरह खत्म होने का इंतजार नहीं करना चाहता, बल्कि उसी दौरान ‘एंडगेम’ तय करने की कोशिश कर रहा है. अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि लगातार सैन्य दबाव से ईरान को बातचीत की टेबल पर मजबूर किया जा सकता है, हालांकि यह रास्ता आसान नहीं है और संघर्ष के अभी कई हफ्तों तक जारी रहने की आशंका भी जताई जा रही है. इस उभरती रणनीति की खास बात यह है कि पारंपरिक कूटनीतिक चैनलों के बजाय बैकडोर संपर्कों पर ज्यादा भरोसा किया जा रहा है. उनके दामाद जेरेड कुश्नर और स्टीव विटकॉफ जैसे करीबी सहयोगियों के जरिए संभावित समझौते की रूपरेखा तैयार करने की कोशिश हो रही है. इससे साफ है कि यह पहल औपचारिक राजनयिक प्रक्रिया के बजाय नेताओं के बीच सीधे और अनौपचारिक संवाद पर आधारित है. हालांकि, यह मॉडल जहां तेजी से नतीजे दे सकता है, वहीं इसमें रणनीतिक विरोधाभास भी छिपे हैं, क्योंकि एक तरफ युद्ध जारी है और दूसरी ओर उसी दौरान शांति की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं, जो पूरे समीकरण को और जटिल बना देती हैं. अमेरिका-ईरान डील का संभावित ढांचा कैसा हो सकता है? • ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सीमा: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु संवर्धन और हथियार से जुड़ी गतिविधियों पर सख्त रोक लगाए. यह मांग पहले भी उठ चुकी है, लेकिन भरोसे की कमी और शर्तों पर असहमति के कारण सहमति नहीं बन पाई. • मिसाइल कार्यक्रम पर नियंत्रण: वॉशिंगटन ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करने की शर्त रख सकता है. अमेरिका का मानना है कि यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है, जबकि ईरान इसे अपनी रक्षा जरूरत बताता है. • क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों पर रोक: अमेरिका चाहता है कि ईरान मिडिल ईस्ट में अपने सहयोगी समूहों (हमास, हिज्बुल्ला और हूथी) और सैन्य प्रभाव को कम करे. ईरान इसे अपनी रणनीतिक गहराई का हिस्सा मानता है, इसलिए यह मुद्दा बातचीत में सबसे जटिल बन सकता है. • प्रतिबंधों में राहत (ईरान की मांग): ईरान चाहता है कि उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध पूरी तरह या चरणबद्ध तरीके से हटाए जाएं. प्रतिबंध हटने से उसकी वित्तीय स्थिति को राहत मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार फिर से शुरू हो सकेगा. • फ्रीज किए गए एसेट्स की वापसी: ईरान की बड़ी रकम विदेशी बैंकों में जमी हुई है, जिसे वह वापस पाना चाहता है. यह मुद्दा ईरान के लिए आर्थिक स्थिरता और घरेलू दबाव कम करने से जुड़ा है. • आर्थिक रियायतें: ईरान निवेश, व्यापार और तेल निर्यात पर छूट जैसी अतिरिक्त आर्थिक सहूलियतें मांग सकता है. इन रियायतों के बिना ईरान किसी भी समझौते को अधूरा मान सकता है. ईरान बातचीत से क्यों हिचक सकता है? • पहले युद्धविराम या तनाव कम करने की शर्त: ईरान चाहता है कि बातचीत शुरू होने से पहले संघर्ष को रोका या कम किया जाए. उसका मानना है कि दबाव की स्थिति में बातचीत करना उसके हित में नहीं होगा. • भविष्य में समझौते से अमेरिका के पीछे हटने की गारंटी: ईरान को डर है कि अमेरिका पहले की तरह किसी भी समय समझौते से बाहर निकल सकता है. इसलिए वह कानूनी और ठोस गारंटी चाहता है ताकि समझौता टिकाऊ हो. • क्षेत्रीय भूमिका की मान्यता: ईरान चाहता है कि मिडिल ईस्ट में उसके प्रभाव और भूमिका को औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाए. यह उसके लिए सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि नेतृत्वक प्रतिष्ठा और रणनीतिक पहचान का सवाल भी है. अविश्वास की खटास दोनों के बीच बातचीत की सबसे बड़ी बाधा अमेरिका और ईरान के बीच अविश्वास इस पूरे संकट की सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आया है. हालिया घटनाक्रम ने इस खाई को और गहरा कर दिया है. अब्बास अराघची ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत अब हमेशा के लिए खत्म हो चुकी है, क्योंकि वॉशिंगटन ने हमले न करने का भरोसा दिया था, लेकिन बाद में उसी वादे से मुकर गया.  उनके बयान से यह स्पष्ट होता है कि ईरान अब अमेरिकी दबाव को कूटनीतिक अवसर नहीं, बल्कि जबरदस्ती और धोखे के रूप में देख रहा है. यही वजह है कि जहां अमेरिका सैन्य दबाव को अपनी ताकत मानकर बातचीत का रास्ता खोलना चाहता है, वहीं ईरान इसे अपनी संप्रभुता पर दबाव के तौर पर देख रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच किसी भी संभावित समझौते की जमीन और कमजोर होती जा रही है. ये भी पढ़ें:- लंदन में यहूदियों के एंबुलेंस में लगाई गई आग, धू-धूकर जला वाहन, पुलिस ने जताई हेट क्राइम की आशंका ईरान की ओर से कौन करेगा बात? बातचीत की कोई ठोस राह फिलहाल नजर नहीं आ रही है. बैकडोर चैनलों की चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन यह साफ नहीं है कि ईरान की ओर से आधिकारिक प्रतिनिधि कौन होगा, मध्यस्थ देश कौन बनेगा और क्या दोनों पक्ष एक साथ बातचीत के लिए तैयार भी होंगे या नहीं. पहले ओमान जैसे देश इस भूमिका में अहम रहे हैं, लेकिन इस बार ऐसी किसी व्यवस्था की पुष्टि नहीं हुई है. वहीं ईरान की लीडरशिप भी समाप्त हो गई है, इसमें अली लारिजानी सबसे अहम हैं, जो ईरान की ओर से अब तक इस बातचीत में शामिल थे.  ये भी पढ़ें:- अपने ही अड्डे पर कैसे मारा गया लश्कर आतंकी बिलाल आरिफ? चाकू और गोली से छलनी कर दी गई दर्दनाक मौत सैन्य दबाव और कूटनीति दोनों नाव पर सवार ट्रंप प्रशासन कुल मिलाकर ट्रंप प्रशासन की रणनीति एक हाई-रिस्क संतुलन की तरह दिख रही है, जहां सैन्य दबाव और कूटनीति दोनों को साथ लेकर चला जा रहा है. अमेरिकी अधिकारियों को भी इस बात का अंदाजा है कि जल्दबाजी में पीछे हटना उनकी ताकत को कमजोर कर सकता है, जबकि लंबे समय तक संघर्ष जारी रहने से क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top