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May 1, 2026

समस्तीपुर

उपमुख्यमंत्री से मिले सरायरंजन के पैक्स अध्यक्ष व इफको प्रबंधक, उर्वरक की किल्लत से कराया अवगत

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड क्षेत्र के पैक्स अध्यक्षों एवं मुसरीघरारी के इफको प्रबंधक ने पटना में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी से मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री से मिलकर सभी ने शुभकामनाएं देते हुए मिथिला पेंटिंग भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद पैक्स अध्यक्षों एवं समस्तीपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक ने जिले भर में उर्वरक की कमी को लेकर जानकारी दी । उर्वरक की कमी की शिकायत मिलने के संबंध में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समस्तीपुर जिला हीं नहीं पूरे बिहार में उर्वरक की कोई कमी नहीं होगी।इस कमी को दूर करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री से मिलनेवालों में समस्तीपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक मो. फराज खान, पैक्स अध्यक्ष रामकुमार झा, मुकेश कुमार चौधरी आदि कई पैक्स अध्यक्ष शामिल थे।

समस्तीपुर

शिक्षक की सेवानिवृत्ति पर दी गई भावपूर्ण विदाई 

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर: प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरबट्टा में गुरुवार को विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक शिव सकल महतो की सेवानिवृत्ति पर भावपूर्ण विदाई दी गई। इस अवसर पर बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रामचंद्र राय ने कहा कि शिव सकल महतो एक कर्तव्यनिष्ठ,ईमानदार एवं विद्यानुरागी शिक्षक रहे हैं। उन्होंने उनके उज्जवल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं सफल सेवानिवृत्त जीवन की मंगलकामना की। वहीं जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के वरीय उपाध्यक्ष अखिलेश ठाकुर ने शिव सकल महतो के शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, अनुशासनप्रियता और विद्यार्थियों को प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह विदाई नहीं, नए दायित्वों की ओर एक सशक्त कदम है। इसके पूर्व सेवानिवृत होने वाले शिक्षक को अंग वस्त्र,पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। विदाई समारोह की अध्यक्षता पंचायत के पूर्व मुखिया अजय कुमार राय ने की। संचालन शिक्षक रामनाथ पंडित ने किया। धन्यवाद ज्ञापन देवराज परिमल ने किया। मौके पर महावीर राय, नवीन कुमार, रतन कुमार,फिरदौस आलम, मो. सनाउल्लाह, मो. शाहनवाज सहित सभी शिक्षक –शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

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राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली राहत, एफआईआर की मांग वाली याचिका खारिज

Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने साल 2025 में ‘इंडियन स्टेट से लड़ने’ वाला बयान दिया था, जिस पर काफी हंगामा हुआ. बीजेपी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. राहुल गांधी ने नए कांग्रेस ऑफिस के उद्घाटन के मौके पर कहा था कि हमारी लड़ाई आरएसएस, बीजेपी और इंडियन स्टेट से है. ‘इंडियन स्टेट’ वाली बात पर खासा विवाद हुआ था. इस बयान को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी. इसी याचिका पर शुक्रवार (1 मई) को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए इसे खारिज कर दिया. सिमरन गुप्ता नाम की स्त्री की ओर से दायर इस याचिका पर न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने यह आदेश पारित किया. कोर्ट ने सुरक्षित रख लिया था फैसला कोर्ट ने पहले ही इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली थी और आदेश सुरक्षित रख लिया था. न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने याचिकाकर्ता और राज्य प्रशासन के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद 8 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रखा था. याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता ने संभल की एक अदालत के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 2025 में राहुल गांधी की कथित विवादास्पद टिप्पणी पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज कर दी गई थी. राहुल गांधी पर याचिकाकर्ता ने क्या लगाया था आरोप? याचिकाकर्ता के अनुसार, राहुल गांधी ने अखिल हिंदुस्तानीय कांग्रेस कमेटी के कार्यालय के उद्घाटन के दौरान कहा था कि हम बीजेपी, आरएसएस और हिंदुस्तान प्रशासन के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं. उनका आरोप था कि इस बयान से लोगों की भावनाएं आहत हुईं और यह देश को अस्थिर करने की मंशा से दिया गया, जो देशद्रोह के समान है. हालांकि, कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका को खारिज कर दिया. Also Read: पवन खेड़ा को मिली सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत, कांग्रेस ने कहा- सच की जीत हुई The post राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली राहत, एफआईआर की मांग वाली याचिका खारिज appeared first on Naya Vichar.

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शनि जयंती 2026 कब है? जानें सही तारीख, पूजा विधि और उपाय

Shani Jayanti 2026: ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को दंडाधिकारी कहा गया है, जो प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं. मान्यता है कि जिस व्यक्ति पर शनिदेव की कृपा बरसती है, वह रातों-रात उन्नति प्राप्त कर लेता है, वहीं जिस पर शनि की वक्र दृष्टि पड़ती है, उसे जीवन में संघर्षों का सामना करना पड़ता है. यही कारण है कि कुंडली में शनि से संबंधित दोष का नाम सुनते ही लोगों के मन में चिंता उत्पन्न हो जाती है. शनि से संबंधित दोष को दूर करने के लिए हिंदू धर्म में शनि जयंती का पर्व अत्यंत फलदायी माना गया है. इस वर्ष शनि जयंती कब पड़ेगी और शनि को प्रसन्न करने की पूजा विधि क्या है, यह जानने के लिए पढ़ें यह लेख. शनि जयंती कब है? पंचांग के अनुसार, शनि जयंती हर वर्ष ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है. इस वर्ष अमावस्या तिथि 16 मई 2026, शनिवार के दिन प्रातःकाल 05:11 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 17 मई 2026, रविवार के दिन पूर्वाह्न 01:30 बजे तक रहेगी. इस प्रकार उदया तिथि के अनुसार शनि जयंती का महापर्व 16 मई 2026 को मनाया जाएगा. शनि जयंती की पूजा विधि शनि जयंती के दिन प्रातःकाल सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए. स्नान के जल में काले तिल मिलाना अत्यंत शुभ माना जाता है. शरीर और मन से पवित्र होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और शनि मंदिर में जाकर शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करें. इस दिन शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए पूजा में विशेष रूप से नीले रंग के पुष्प, काले तिल, लोहे की कील, काली उड़द की दाल, काले रंग के वस्त्र और सरसों के तेल का प्रयोग करना चाहिए. शनि जयंती की पूजा के दौरान शनि चालीसा और शनि मंत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए. शनि जयंती के महाउपाय शनि जयंती के दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि मंदिर या पीपल के वृक्ष के नीचे आटे से बना चौमुखा दीपक सरसों के तेल से जलाना चाहिए. इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति या दिव्यांग को काले जूते, काला छाता, काले वस्त्र, सरसों का तेल, चाय की पत्ती आदि का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है. साथ ही शनि जयंती पर शनिदेव के मंत्र “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का अधिक से अधिक जप करना चाहिए. ॐ शं शनैश्चराय नमः  आचार्य विनोद त्रिपाठी यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी समाचारें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Naya Vichar The post शनि जयंती 2026 कब है? जानें सही तारीख, पूजा विधि और उपाय appeared first on Naya Vichar.

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सीजफायर में चौकस ईरान ने बढ़ाई सैन्य ताकत, अमेरिकी मीडिया का दावा: निकाल लाया हथियार और गोला-बारूद

Iran War Capacity: ईरान अमेरिका के साथ चल रहे मौजूदा युद्धविराम का फायदा उठाकर तेजी से अपने ड्रोन और मिसाइल क्षमता को फिर से खड़ा कर रहा है. ये रिकवरी ऑपरेशन उन हथियारों को निकालने पर केंद्रित हैं, जिन्हें हमलों के बाद मलबे के नीचे या जमीन में छिपा दिया गया था. अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इन कोशिशों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू करने का फैसला लेते हैं, तो ईरान पूरे मध्य पूर्व में हमले करने के लिए तैयार रहे. एक अमेरिकी अधिकारी और स्थिति से परिचित दो अन्य स्रोतों के हवाले से एनबीसी न्यूज ने रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट के अनुसार, इन रणनीतिक हथियारों को बाहर निकालने की कोशिश को भविष्य में क्षेत्रीय सुरक्षा हालात में संभावित बदलावों को देखते हुए आक्रामक क्षमता बहाल करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र में कूटनीतिक टकराव तेज यह गुप्त पुनःसशस्त्रीकरण अभियान संयुक्त राष्ट्र में तेज कूटनीतिक तनाव के बीच सामने आया है, जहां ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने छह अरब देशों पर पलटवार किया. इरावानी ने आरोप लगाया कि इन देशों ने सैन्य कार्रवाई में सहयोग किया और अपने क्षेत्र में मौजूद सैन्य ठिकानों को अमेरिका-इजरायल दुश्मन के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया, जहां से ईरान पर हवाई हमले किए गए. उन्होंने ईरान की सैन्य प्रतिक्रिया का बचाव करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत आत्मरक्षा का वैध अधिकार बताया. इरावानी ने चेतावनी दी कि जो देश अपने ठिकानों, हवाई क्षेत्र, जल क्षेत्र या जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए होने देते हैं, वे जिम्मेदार हैं और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इस संघर्ष और युद्ध की शुरुआत करने वाला नहीं था. अमेरिका का दावा- ‘हम युद्ध में नहीं’ यह कूटनीतिक तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अमेरिका “ईरान के साथ युद्ध में नहीं है,” जबकि गतिरोध के चलते वैश्विक तेल कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गई हैं. 30 अप्रैल को ब्रेंट क्रूड 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. अमेरिका और ईरान दोनों ने ही अपनी-अपनी तरफ से होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी की है. इसकी वजह से तेल की कमी और कीमतें दोनों ही संकट पैदा हुआ है.  वॉर पावर्स एक्ट को लेकर कानूनी विवाद वॉशिंगटन से आए बयान ऐसे समय में आए हैं जब अमेरिकी वॉर पावर्स एक्ट के तहत एक अहम कानूनी समयसीमा करीब आ रही है, जिसके मुताबिक लंबे समय तक सैन्य कार्रवाई जारी रखने के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होती है. व्हाइट हाउस अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा युद्धविराम 60 दिन की कानूनी समयसीमा को रोक देता है. इस दावे का समर्थन करते हुए अमेरिकी हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने एनबीसी न्यूज से कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि अभी कोई सक्रिय, प्रत्यक्ष सैन्य बमबारी या फायरिंग हो रही है. फिलहाल हम शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं.’ जॉनसन ने यह भी कहा कि संवेदनशील बातचीत के दौरान वह प्रशासन के सामने जाने में बहुत हिचकिचाएंगे. इसी तरह, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सांसदों को बताया कि युद्धविराम 60 दिन की समयसीमा को रोक देता है. जब डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम केन ने 1 मई की समयसीमा को लेकर सवाल किया, तो हेगसेथ ने कहा, ‘आखिरकार मैं इस पर व्हाइट हाउस और उसके कानूनी सलाहकारों पर छोड़ूंगा. लेकिन फिलहाल हम युद्धविराम में हैं, जिसका मतलब है कि हमारी समझ के अनुसार 60 दिन की घड़ी रुक जाती है या ठहर जाती है.’ ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान में मुस्लिम, उर्दू और कश्मीर की पहचान मिट रही, RSS-हिंदुत्व फैल रहा… फिर बिलबिलाया पाकिस्तान ये भी पढ़ें:- जेपी मॉर्गन की अधिकारी पर यौन गुलाम बनाने का आरोप, ब्राउन इंडियन जैसी रेसिस्ट टिप्पणी की, वायग्रा खिलाया और दीं धमकियां संघर्ष की शुरुआत और नेतृत्वक टकराव यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 मार्च को इस सैन्य अभियान की जानकारी आधिकारिक तौर पर कांग्रेस को दी थी, जिससे वॉर पावर्स एक्ट के तहत 1 मई की समयसीमा तय हुई. हालांकि, डेमोक्रेटिक सांसद इस कानूनी व्याख्या को चुनौती दे रहे हैं. सीनेटर टिम केन ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि कानून इस तरह की व्याख्या का समर्थन करता है.” इन चुनौतियों और कार्यकारी अधिकार सीमित करने के असफल सीनेट प्रस्ताव के बावजूद, प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन नियंत्रण और राष्ट्रपति के वीटो के खतरे के चलते संघर्ष खत्म करने की कोशिशें प्रभावित हो रही हैं. The post सीजफायर में चौकस ईरान ने बढ़ाई सैन्य ताकत, अमेरिकी मीडिया का दावा: निकाल लाया हथियार और गोला-बारूद appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में बीजेपी को 48 प्रतिशत वोट शेयर का अनुमान, 10 फीसदी के ‘स्विंग’ से डगमगाया ममता बनर्जी का किला!

खास बातें 10 प्रतिशत का वोट स्विंग कैसे बदलेगा बाजी? क्यों खिसक रहा है ममता का आधार? क्या कहता है पोलस्टर का विश्लेषण? टीएमसी को योजनाओं पर भरोसा ‍BJP Vote Share: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले आये एक ताजा सर्वे ने राज्य की नेतृत्व में भूचाल ला दिया है. एक प्रमुख पोलस्टर (Pollster) के विश्लेषण के मुताबिक, इस बार बंगाल में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में जबरदस्त ‘वोट शेयर स्विंग’ देखने को मिल रहा है. अनुमान है कि भाजपा 48 प्रतिशत वोट शेयर के साथ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर 10 अंकों की बढ़त बना सकती है. यदि यह अनुमान नतीजों में तब्दील होता है, तो ममता बनर्जी के लिए अपनी सत्ता को बचा पाना नामुमकिन हो सकता है. 10 प्रतिशत का वोट स्विंग कैसे बदलेगा बाजी? नेतृत्वक विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल जैसे राज्य में 10 प्रतिशत का वोट शेयर स्विंग किसी चुनावी भूकंप से कम नहीं होगा. 2021 के चुनाव में भाजपा का वोट शेयर करीब 38 प्रतिशत था, जिसके अब बढ़कर 48 प्रतिशत होने का अनुमान है. तृणमूल कांग्रेस के वोट शेयर में भारी सेंध लगने की आशंका है. भ्रष्टाचार के आरोप और सत्ता विरोधी लहर इसका मुख्य कारण मानी जा रही है. 10 अंकों की यह बढ़त भाजपा को बहुमत के जादुई आंकड़े (148) से आगे ले जा सकती है. क्यों खिसक रहा है ममता का आधार? सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, इस बड़े बदलाव के पीछे 3 प्रमुख कारण हैं. संदेशखाली जैसी घटनाओं और सुरक्षा के मुद्दों ने स्त्री वोटरों के एक वर्ग को टीएमसी से दूर किया है. भर्ती घोटालों और बेरोजगारी के मुद्दे पर युवाओं ने इस बार बदलाव के लिए वोट किया है. उत्तर और दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में मतों का ध्रुवीकरण भाजपा के पक्ष में जाता दिख रहा है. क्या कहता है पोलस्टर का विश्लेषण? पोलस्टर का दावा है कि बंगाल में इस बार मौन लहर (Silent Wave) चल रही है. लोग प्रशासनी योजनाओं का लाभ तो ले रहे हैं, लेकिन वोटिंग मशीन पर बटन दबाते समय उनकी प्राथमिकता बदल गयी है. अगर भाजपा 48 फीसदी के आंकड़े को छू लेती है, तो टीएमसी 100 सीटों के नीचे भी सिमट सकती है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में रिकॉर्डतोड़ वोटिंग पर जश्न के बीच गहराया सस्पेंस, क्या डरा-धमकाकर डलवाये गये वोट? जानें भारी मतदान का सच ‍BJP Vote Share: टीएमसी को योजनाओं पर भरोसा हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी ‘लक्ष्मी भंडार’ और अन्य जनहितकारी योजनाएं किसी भी स्विंग को रोकने में सक्षम हैं. 4 मई को होने वाली मतगणना ही तय करेगी कि पोलस्टर का यह ‘स्विंग थ्योरी’ सही साबित होता है या ममता बनर्जी एक बार फिर सबको चौंका देंगी. इसे भी पढ़ें भवानीपुर में स्ट्रांग रूम में आधी रात तक डटी रहीं ममता बनर्जी, बोलीं- जनता का वोट लूटा तो खैर नहीं, सुरक्षा बल अलर्ट श्मशान में आये एक फोन ने बदल दी किस्मत, हाथ पर ‘चे ग्वेरा’ और दिल में ‘राम’, जानें बीजेपी विधायक शंकर घोष की अनसुनी कहानी बंगाल के ‘सिंहासन’ पर कौन बैठेगा? ये 7 फैक्टर तय करेंगे चुनाव परिणाम, पढ़ें पूरा विश्लेषण बंगाल में महामुकाबले के बाद अब 4 मई का इंतजार, ममता बनर्जी लगायेंगी जीत का चौका या खिलेगा कमल? The post बंगाल में बीजेपी को 48 प्रतिशत वोट शेयर का अनुमान, 10 फीसदी के ‘स्विंग’ से डगमगाया ममता बनर्जी का किला! appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव में ‘ड्रेस कोड’! वायरल न्यूज पर भड़की टीएमसी, चुनाव आयोग ने दी सफाई, जानें क्या है पूरा विवाद

खास बातें टीएमसी ने चुनाव आयोग पर बोला हमला क्या है विवाद की जड़? चुनाव आयोग ने कहा- कोई ड्रेस कोड नहीं भाजपा बनाम टीएमसी काउंटिंग से पहले ‘ड्रेस कोड’ विवाद का तड़का West Bengal Election 2026 Controversy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की वोटिंग का दौर समाप्त हो चुका है. लेकिन विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा विवाद बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के ड्रेस कोड (Dress Code) को लेकर शुरू हुआ है. टीएमसी ने चुनाव आयोग पर बोला हमला सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ समाचारों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया कि कुछ मतदान केंद्रों पर बुजुर्ग मतदाताओं को विशेष तरह के कपड़े पहनकर आने या खास रंगों से परहेज करने का मौखिक निर्देश दिया गया. टीएमसी ने इसे मतदाताओं को डराने और उनकी स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करने की साजिश करार दिया. क्या है विवाद की जड़? विवाद की शुरुआत दक्षिण कोलकाता के कुछ मतदान केंद्रों से हुई, जहां कथित तौर पर पोलिंग अधिकारियों ने होम वोटिंग और बूथ पर आने वाले बुजुर्गों के पहनावे को लेकर कुछ टिप्पणियां की थी. टीएमसी का आरोप है कि भाजपा के इशारे पर कुछ अधिकारियों ने बुजुर्ग मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की. कुछ स्थानीय निवासियों ने कथित तौर पर शिकायत की कि उन्हें मतदान केंद्र के भीतर अपनी पसंद के पारंपरिक पहनावे (जैसे शॉल या गमछा) के लिए टोकने की कोशिश की गयी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें चुनाव आयोग ने कहा- कोई ड्रेस कोड नहीं मामले के तूल पकड़ते ही चुनाव आयोग (ECI) ने स्पष्टीकरण जारी किया. आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मतदाताओं के लिए कोई ‘ड्रेस कोड’ तय नहीं किया गया. नियम केवल इतना है कि मतदाता ऐसा कोई कपड़ा या चिह्न पहनकर न आये, जिससे किसी विशेष नेतृत्वक दल का प्रचार होता हो (जैसे पार्टी का लोगो या झंडा). इसे भी पढ़ें : बंगाल के ‘सिंहासन’ पर कौन बैठेगा? ये 7 फैक्टर तय करेंगे चुनाव परिणाम, पढ़ें पूरा विश्लेषण भाजपा बनाम टीएमसी भाजपा ने इन आरोपों को टीएमसी की ‘झुंझलाहट’ बताया. भाजपा नेताओं ने कहा कि जब हार सामने दिखती है, तो टीएमसी ऐसे बेबुनियाद मुद्दे उठाती है. टीएमसी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मांग की कि मतदान के दिन किसी भी मतदाता को उनके पहनावे के आधार पर वोट देने से न रोका जाये. इसे भी पढ़ें : भवानीपुर में स्ट्रांग रूम में आधी रात तक डटी रहीं ममता बनर्जी, बोलीं- जनता का वोट लूटा तो खैर नहीं, सुरक्षा बल अलर्ट West Bengal Election 2026 Controversy: काउंटिंग से पहले ‘ड्रेस कोड’ विवाद का तड़का 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले इस ‘ड्रेस कोड’ विवाद ने बंगाल के चुनावी माहौल में एक नया तड़का लगा दिया है. हालांकि, प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. मतगणना भी कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न होगी. इसे भी पढ़ें बंगाल में महामुकाबले के बाद अब 4 मई का इंतजार, ममता बनर्जी लगायेंगी जीत का चौका या खिलेगा कमल? बंगाल में ‘वोट लूट’ पर आर-पार, धरने पर बैठीं ममता की मंत्री शशि पांजा, चुनाव आयोग ने दी सफाई, जानें क्या है पूरा मामला डायमंड हार्बर या बंगाल का ‘ल्यारी’? अभिषेक बनर्जी के गढ़ का क्या है पाकिस्तान कनेक्शन? कोलकाता में बोले मेयर हकीम- 6 मई को शपथ लेंगी ममता बनर्जी, दुर्गापुर में ‘गुड़-बतासा’ और ‘पाचन’ वाली सियासत The post बंगाल चुनाव में ‘ड्रेस कोड’! वायरल न्यूज पर भड़की टीएमसी, चुनाव आयोग ने दी सफाई, जानें क्या है पूरा विवाद appeared first on Naya Vichar.

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BPSC प्रिलिम्स परीक्षा का बदला नियम, फिर मिलेगा ‘E’ ऑप्शन, ऐसा करने पर कटेंगे मार्क्स

BPSC Rule Change: बीपीएससी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के पास एक बार फिर परीक्षा में ‘E’ ऑप्शन मिलने वाला है. पहले भी यह नियम लागू था लेकिन अभ्यर्थियों के विरोध के बाद इसे हटा दिया गया था. लेकिन एक बार फिर इसे लागू किया जा रहा है. आयोग का मानना है कि इस व्यवस्था से परीक्षा पारदर्शी के साथ-साथ व्यवस्थित और अनुशासित भी होगी. अभी क्या है नियम? अगली बार आयोजित होने वाली बीपीएससी प्रिलिम्स की परीक्षा में यह नियम लागू हो जाएगा. अभी की बात करें तो, अभ्यर्थियों के पास A, B, C और D का ऑप्शन मिलता है. साथ ही अभ्यर्थियों को हर एक क्वेश्चन का आंसर देना जरूरी नहीं होता है. ऐसे में अभ्यर्थी कुछ सवालों के जवाब खाली छोड़ देते हैं. माना जा रहा है कि ऐसा करने पर इवैल्यूएशन पर असर पड़ता है. नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को क्या करना होगा? नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब अभ्यर्थियों के पास A, B, C और D के साथ ‘E’ ऑप्शन भी मिलेगा. ऑप्शन ‘E’ का मीनिंग होगा- प्रयास नहीं किया गया. यानी कि अगर सवाल का जवाब अभ्यर्थी को पता होगा तो वह A, B, C और D में से किसी एक ऑप्शन को मार्क करेगा. अगर किसी सवाल का जवाब नहीं आता है तो अनिवार्य रूप से ‘E’ ऑप्शन मार्क करना होगा. नियम नहीं फॉलो करने पर कटेंगे नंबर जानकारी के मुताबिक, अगर अभ्यर्थी A, B, C, D और E में से कोई भी ऑप्शन पर मार्क नहीं करते हैं तो उसके लिए नंबर काटे जायेंगे. ऐसा करने पर अभ्यर्थियों के 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग की जाएगी. साथ ही इससे यह सुनिश्चित होगा कि हर क्वेश्चन पर अभ्यर्थी अपनी स्पष्ट स्थिति दर्ज करें. इस तरह से इस नए नियम के लागू होने पर संभावना जताई जा रही है कि अभ्यर्थी इसका विरोध फिर कर सकते हैं. Also Read: बिहार में घूमने आने वालों को मिलेगा गाड़ी और घर, लोकल डिश का ले सकेंगे मजा, इन जिलों को मिलेगी सुविधा The post BPSC प्रिलिम्स परीक्षा का बदला नियम, फिर मिलेगा ‘E’ ऑप्शन, ऐसा करने पर कटेंगे मार्क्स appeared first on Naya Vichar.

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‘राजा शिवाजी’ ने पहले दिन कितनी की कमाई? दोपहर 2 बजे तक के आंकड़े आए सामने

Raja Shivaji Box Office Collection Day 1: फिल्म ‘राजा शिवाजी’ आज रिलीज हो गई है. रितेश देशमुख के निर्देशन में बनी इस फिल्म में वह खुद छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार में दिखाई दे रहे हैं. मूवी में संजय दत्त, जेनेलिया देशमुख, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन, महेश मांजरेकर, सचिन खेडेकर, बोमन ईरानी, ​​भाग्यश्री, फरदीन खान अहम किरदार निभा रहे हैं. सलमान खान का कैमियो भी चर्चा में है. पहले दिन मूवी कितने करोड़ की कमाई कर सकती है, यहां जानिए. एडवांस बुकिंग में बनाया नया रिकॉर्ड Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, ‘राजा शिवाजी‘ ने एडवांस बुकिंग में करीब 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन किया, जो किसी भी मराठी फिल्म के लिए अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है. सिर्फ मराठी वर्जन ने ही लगभग 3 करोड़ रुपये की प्री-सेल्स हासिल कर ली थी. महाराष्ट्र में फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला. पहले दिन की कमाई ने बढ़ाई उम्मीदें Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, पहले दिन फिल्म करीब ‘राजा शिवाजी’ करीब 2,793 शो में रिलीज हुई. अभी तक इसने 3.88 करोड़ का नेट कलेक्शन किया है. हिंदुस्तान में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन 4.58 करोड़ और कुल नेट कलेक्शन 3.88 करोड़ हो गया है. ये नंबर्स 2 बजे के है. हालांकि यह शुरुआती आंकड़े हैं और फाइनल कलेक्शन अभी आना बाकी है. लेकिन ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म आने वाले दिनों में और तेज रफ्तार पकड़ सकती है. मल्टी-लैंग्वेज रिलीज से मिलेगा फायदा फिल्म सिर्फ मराठी में ही नहीं, बल्कि हिंदी और तेलुगु भाषाओं में भी रिलीज की गई है. अगर इन वर्जन को भी दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है, तो फिल्म आसानी से डबल डिजिट ओपनिंग हासिल कर सकती है. महाराष्ट्र डे के मौके पर 1 मई को रिलीज होने का भी फिल्म को पूरा फायदा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इस दिन छुट्टी होने की वजह से थिएटर्स में दर्शकों की संख्या बढ़ सकती है. यह भी पढ़ें- X यूजर्स ने ‘राजा शिवाजी’ को बताया धमाकेदार, सलमान खान का कैमियो बना सरप्राइज फैक्टर The post ‘राजा शिवाजी’ ने पहले दिन कितनी की कमाई? दोपहर 2 बजे तक के आंकड़े आए सामने appeared first on Naya Vichar.

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Bajaj ने लॉन्च की Pulsar NS400Z, दमदार इंजन और फीचर्स के साथ अब ज्यादा किफायती

स्पोर्ट्स बाइक सेगमेंट में हलचल मचाते हुए Bajaj Auto ने अपनी नई Pulsar NS400Z को अपडेट के साथ लॉन्च कर दिया है. दिलचस्प बात यह है कि नई बाइक पहले से ज्यादा पावरफुल होने के बावजूद अब सस्ती हो गई है. कंपनी ने इसमें नया इंजन दिया है और साथ ही कीमत में भी कटौती की है, जिससे यह अपने सेगमेंट में और ज्यादा आकर्षक विकल्प बन गई है. नया इंजन, बढ़ी ताकत नई Pulsar NS400Z में 349cc का इंजन दिया गया है, जो करीब 40.6 हॉर्सपावर की ताकत पैदा करता है. यह इंजन शहर और हाईवे दोनों तरह की राइडिंग के लिए बेहतर परफॉर्मेंस देता है. खासकर अर्बन यूजर्स के लिए यह बाइक स्मूद और पावरफुल एक्सपीरियंस देने का दावा करती है. इस अपडेट के बाद यह बाइक अपने सेगमेंट में पावर और कीमत के संतुलन के कारण खास बन गई है. कीमत में बड़ी कटौती, ग्राहकों को फायदा नई Pulsar NS400Z की एक्स-शोरूम कीमत अब लगभग 1.80 लाख रुपये रखी गई है. GST स्लैब में बदलाव के कारण बाइक की कीमत में कमी आई है. इसके चलते ग्राहकों को कुल मिलाकर करीब 24,500 रुपये तक की बचत हो सकती है. इसमें सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि इंश्योरेंस और रजिस्ट्रेशन लागत में भी राहत मिलती है. फीचर्स में भी कोई समझौता नहीं कम कीमत के बावजूद कंपनी ने फीचर्स में कोई कटौती नहीं की है. इस बाइक में चार राइडिंग मोड्स, क्विक शिफ्टर, ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम और डुअल चैनल ABS जैसे एडवांस फीचर्स मिलते हैं. इसके अलावा ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के साथ डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और रेडियल टायर भी दिए गए हैं, जो राइडिंग को और सुरक्षित और स्मार्ट बनाते हैं. मार्केट में मजबूत पकड़ Pulsar सीरीज लंबे समय से हिंदुस्तानीय बाजार में मजबूत पकड़ बनाए हुए है. मार्च 2026 में कंपनी ने Pulsar नेमप्लेट के तहत 1.32 लाख से ज्यादा यूनिट्स बेचीं. इससे साफ है कि यह ब्रांड अभी भी ग्राहकों के बीच बेहद लोकप्रिय है. हालांकि यह आंकड़ा पूरे Pulsar पोर्टफोलियो का है, लेकिन इससे सीरीज की डिमांड का अंदाजा लगाया जा सकता है. क्या यह आपके लिए सही बाइक है अगर आप ऐसी स्पोर्ट्स बाइक चाहते हैं जो पावरफुल भी हो और बजट में भी फिट बैठे, तो नई Pulsar NS400Z एक अच्छा विकल्प बन सकती है. इसमें परफॉर्मेंस, फीचर्स और कीमत का संतुलन देखने को मिलता है, जो इसे युवा राइडर्स के लिए खास बनाता है. ज्यादा वैल्यू फॉर मनी बनी बाइक Bajaj Auto ने Pulsar NS400Z को नए इंजन और कम कीमत के साथ पेश करके इसे और ज्यादा वैल्यू फॉर मनी बना दिया है. यह बाइक उन लोगों के लिए खास है जो कम बजट में ज्यादा पावर और एडवांस फीचर्स चाहते हैं. यह भी पढ़ें: Hero Xtreme – Bajaj Pulsar – TVS Apache: सबसे सस्ती ड्यूल-चैनल ABS बाइक कौन? The post Bajaj ने लॉन्च की Pulsar NS400Z, दमदार इंजन और फीचर्स के साथ अब ज्यादा किफायती appeared first on Naya Vichar.

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