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June 8, 2026

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कांग्रेस पर सवाल, राहुल की सफाई और 2029 का रोडमैप, जानिए ‘इंडिया’ गठबंधन बैठक की इनसाइड स्टोरी

India Bloc Meeting: विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक में शामिल कई नेताओं ने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एकजुट होने और केंद्र की मोदी प्रशासन के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ने पर जोर दिया है. नेताओं का मानना था कि विपक्षी दलों के बीच आपसी विश्वास और बेहतर समन्वय ही बीजेरी को चुनौती देने का सबसे कारगर तरीका है. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने गठबंधन के घटक दलों से एक-दूसरे पर सार्वजनिक बयान और आलोचना से बचने का आग्रह किया है. बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दलों को बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ प्रभावी लड़ाई के लिए एकजुट रहना होगा. उन्होंने नागरिक समाज के आंदोलनों के साथ अधिक जुड़ाव की जरूरत पर जोर दिया और गठबंधन के संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने की बात कही. अखिलेश यादव ने कहा- कांग्रेस दिखाए बड़ा दिल समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि गठबंधन के भीतर किसी तरह की कड़वाहट नहीं होनी चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि कांग्रेस को बड़ा दिल दिखाते हुए अलग-अलग राज्यों में भाजपा के खिलाफ सबसे मजबूत विपक्षी दल का समर्थन करना चाहिए. उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल हार-जीत के आधार पर नतीजे निकालना उचित नहीं होगा. 2029 की तैयारी का सुझाव आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बैठक में कहा कि विपक्ष को केवल मौजूदा चुनावी लड़ाइयों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू करनी चाहिए. उन्होंने भाजपा के खिलाफ लगातार जनसंपर्क और अभियान चलाने की वकालत की. उद्धव ठाकरे ने नियमित बैठकों का दिया सुझाव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गठबंधन सहयोगियों के बीच नियमित बैठकों का प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि हाल के चुनावों से सबसे बड़ा सबक बेहतर समन्वय की जरूरत है. बैठक में CJP अभियान पर भी हुई चर्चा बैठक के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अभियान का भी जिक्र हुआ. सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस पहल के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि यदि कोई अभियान लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है तो उसके साथ संवाद किया जाना चाहिए. हालांकि, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सीजेपी के अचानक उभार और उसकी वैचारिक पृष्ठभूमि को लेकर सवाल उठाए. कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की. ‘इंडिया’ गठबंधन से DMK ने किया किनारा द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने साफ कर दिया है कि वह अब INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है. पार्टी प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि तमिलनाडु की बदली नेतृत्वक परिस्थितियों और कांग्रेस के साथ मतभेदों के कारण यह निर्णय लिया गया. उन्होंने दावा किया कि कई पार्टियां पहले ही गठबंधन से किनारा कर चुकी हैं, जिसके चलते द्रमुक को भी इसी तरह का रास्ता अपनाना पड़ा. एलंगोवन ने कहा- तमिलनाडु में हमारे तीन सहयोगी दल- कांग्रेस, IUML और VCK अब तमिलगा वेत्री कषगम (YVK प्रशासन का हिस्सा हैं. इसका मतलब है कि हम (अशख) अब ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं. एलंगोवन ने यह भी कहा कि डीएमके स्वतंत्र रूप से काम करेगी. उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में एक मजबूत धर्मनिरपेक्ष और भाजपा विरोधी गठबंधन आकार ले सकता है. आम आदमी पार्टी ने भी गठबंधन से बाहर वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी दोहराया कि वह अब ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा नहीं है. राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि पार्टी कई बार साफ कर चुकी है कि वह गठबंधन से अलग हो चुकी है, इसलिए बैठक में शामिल होने का कोई सवाल नहीं उठता. पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने भी कांग्रेस के साथ भविष्य में किसी नेतृत्वक गठबंधन की संभावना को खारिज कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का प्राथमिक उद्देश्य राष्ट्रीय हितों के बजाय अपने नेतृत्वक हितों को साधना रहा है. केरल मुद्दे पर माकपा और कांग्रेस के बीच दिखी नाराजगी बैठक में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने केरल विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर नाराजगी जताई. पार्टी महासचिव डी. राजा ने भी इस मुद्दे को उठाया और कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद वाम दलों पर लगाए गए आरोप उचित नहीं थे. सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने साफ किया कि केरल में उठाए गए मुद्दे राज्य कांग्रेस की चुनावी रणनीति का हिस्सा थे. वहीं, कई अन्य विपक्षी नेताओं ने सुझाव दिया कि अब पुराने विवादों को पीछे छोड़कर भाजपा के खिलाफ साझा संघर्ष पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. Also Read: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से सर्वदलीय बैठक तक… इन पांच मुद्दों पर केंद्र को घेरेगा ‘इंडिया’ गठबंधन The post कांग्रेस पर सवाल, राहुल की सफाई और 2029 का रोडमैप, जानिए ‘इंडिया’ गठबंधन बैठक की इनसाइड स्टोरी appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में जमीन नपवाना हुआ दोगुना महंगा, सासामूसा चीनी मिल फिर चलेगी, सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला

Bihar Land Measurement Fees: बिहार प्रशासन ने जमीन की मापी कराने वाले लोगों को बड़ा झटका दिया है. अब शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में जमीन नपवाने की फीस को करीब दो गुना बढ़ा दिया गया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस नए नियम को हरी झंडी दे दी गई. इस बैठक में कुल 25 अहम एजेंडों पर मुहर लगी, जिसकी पूरी जानकारी कैबिनेट सचिवालय के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. अब कितनी लगेगी फीस? सामान्य और तत्काल मापी का नया रेट समझें नए नियमों के मुताबिक, अगर आप नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायत वाले शहरी इलाके में अपनी जमीन की सामान्य मापी करवाना चाहते हैं, तो अब आपको प्रति खेसरा 2 हजार रुपये देने होंगे. इसकी अधिकतम सीमा 8 हजार रुपये तय की गई है. ग्रामीण इलाकों में सामान्य मापी के लिए अब प्रति खेसरा 500 रुपये की जगह 1 हजार रुपये लगेंगे और इसके लिए ज्यादा से ज्यादा 4 हजार रुपये की फीस तय की गई है. इससे पहले शहरी इलाकों में यह फीस केवल 1 हजार और ग्रामीण क्षेत्रों में महज 500 रुपये थी. अगर आपको अपनी जमीन की तुरंत नापी करानी है, यानी तत्काल मापी का विकल्प चुनना है, तो जेब और ज्यादा ढीली करनी होगी. शहरी क्षेत्रों में तत्काल मापी के लिए प्रति खेसरा 4 हजार रुपये और अधिकतम 16 हजार रुपये का शुल्क लगेगा. देहाती या ग्रामीण इलाकों में तत्काल मापी का नया रेट प्रति खेसरा 2 हजार रुपये और अधिकतम 8 हजार रुपये तय कर दिया गया है. पुरानी गाड़ियां कबाड़ करने पर टैक्स में छूट, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की वापसी कैबिनेट की बैठक में प्रदूषण कम करने और नई गाड़ियों की बिक्री बढ़ाने के लिए भी कदम उठाया गया है. राज्य में 15 साल पुराने गैर-प्रशासनी वाहनों को स्क्रैप करने की नीति जारी है. अब अगर आप अपनी पुरानी गाड़ी को रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग सेंटर पर ले जाकर कबाड़ करवाते हैं, तो आपको एक सर्टिफिकेट मिलेगा. इस सर्टिफिकेट के दम पर जब आप कोई नई गाड़ी खरीदेंगे, तो आपको मोटर व्हीकल टैक्स में अच्छी-खासी छूट दी जाएगी. इसके साथ ही, बिहार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की दोबारा वापसी हो रही है. रबी सीजन 2026-27 से इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा, जो साल 2018 से चल रही बिहार राज्य फसल सहायता योजना की जगह लेगी. इस नई व्यवस्था से बड़े और छोटे दोनों तरह के किसानों को फायदा होगा और फसल बर्बाद होने पर उन्हें खेती की लागत के बराबर मुआवजा सीधे उनके बैंक खातों में मिल सकेगा. सासामूसा मिल के किसानों के बकाए को मंजूरी ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए प्रशासन 1 जुलाई 2026 से एक नई रोजगार गारंटी योजना शुरू करने जा रही है. इस योजना का नाम विकसित हिंदुस्तान-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी विकसित हिंदुस्तान-जी राम जी रखा गया है. इसके तहत गांव के जो भी वयस्क लोग शारीरिक मजदूरी करना चाहते हैं, उन्हें प्रशासन एक साल में कम से कम 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देगी. गोपालगंज में बंद पड़ी सासामूसा शुगर मिल को दोबारा शुरू करने की परमिशन दे दी गई है. गन्ना किसानों का पिछले कई सालों से रुका हुआ 42 करोड़ 99 लाख 9 हजार 95 रुपये का बकाया भुगतान भी प्रशासन करेगी. इससे इलाके में रोजगार के नए अवसर बनेंगे. मुंगेर के खड़गपुर में बनने वाली सिंधवारणी जलाशय योजना का काम दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इसकी बजट राशि को 125 करोड़ से बढ़ाकर 196 करोड़ रुपये कर दिया गया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें निबंधन दफ्तर होंगे पूरी तरह पेपरलेस शहरी विकास के तहत अमृत 2.0 योजना के जरिए बिहारशरीफ में एसटीपी प्लांट लगाने के लिए करीब 101 करोड़ रुपये पास किए गए हैं. हाजीपुर में पीने के पानी की समस्या दूर करने के लिए 131 करोड़ 88 लाख रुपये मंजूर हुए हैं, जिसके जरिए 19 हजार 436 घरों में पानी के नए कनेक्शन दिए जाएंगे. इसी तरह बेगूसराय में सीवरेज नेटवर्क के लिए 375 करोड़ 86 लाख और सहरसा में जलापूर्ति के लिए 127 करोड़ 45 लाख राशि स्वीकृत हुई है. अब बिहार निबंधन नियमावली-2026 के तहत सभी रजिस्ट्री दफ्तरों को पूरी तरह डिजिटल यानी पेपरलेस बनाया जाएगा. देश में शुद्ध पेयजल के लिए जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र और राज्य प्रशासन के बीच समझौता होगा. पटना स्थित आईआईटी कैंपस में एक अत्याधुनिक रिसर्च पार्क बनाने के लिए राज्य प्रशासन ने अपनी तरफ से 305 करोड़ रुपये की भारी धनराशि को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है. इसे भी पढ़ें: Bihar MLC Chunav: कुर्सी जाने का काउंटडाउन शुरू? जानें कब तक मंत्री बने रह सकते हैं दीपक प्रकाश गया-किऊल रेल लाइन पर इस दिन रहेगा 8 घंटे का मेगा ब्लॉक, 4 ट्रेनें रद्द, रेलवे ने जारी किया अपडेट The post बिहार में जमीन नपवाना हुआ दोगुना महंगा, सासामूसा चीनी मिल फिर चलेगी, सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला appeared first on Naya Vichar.

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10 जून से बालू उठाव पर लग जायेगी रोक, केवल 14 घाट ही हो पाये चालू, धड़ल्ले से हो रहा अवैध कारोबार

सुनील चौधरीRanchi: 10 जून से राज्य के सभी बालू घाटों से बालू की निकासी पर एनजीटी की रोक लग जायेगी. इधर, राज्य के 444 बालू घाटों में से केवल 14 घाटों से ही वैध रूप से बालू की निकासी शुरू हो सकी है. रांची में दो बालू घाटों की लीज डीड पूरी हो चुकी थी, लेकिन एक घाट में चालान को लेकर तकनीकी पेंच फंस गया. इसके कारण रांची में अब तक बालू की निकासी शुरू नहीं हो सकी है. वहीं, दुमका के तीन घाट, जमशेदपुर के दो घाट, गोड्डा के तीन घाट, रामगढ़ का एक घाट और हजारीबाग के दो घाटों से बालू की निकासी शुरू हो गयी है. राज्य में 290 घाटों की नीलामी हो चुकी है. इनमें 35 घाट ऐसे हैं, जिनकी ग्रामसभा और अन्य प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं. इन्हें पहले ही पर्यावरण स्वीकृति मिल चुकी है. इन 35 घाटों में से 17 घाटों की लीज डीड भी पूरी हो चुकी है, लेकिन इनमें से केवल 14 घाटों से ही बालू का उठाव शुरू हो सका है. मॉनसून के दौरान होने बालू की भारी किल्लत बालू कारोबारियों के अनुसार, इस बार मॉनसून के दौरान फिर बालू की किल्लत हो सकती है. पिछले वर्ष जेएसएमडीसी द्वारा संचालित 21 बालू घाट चालू थे, जिससे चार करोड़ सीएफटी बालू का भंडारण हो सका था. इसके बावजूद बालू की कीमतों में वृद्धि हुई थी. इस बार केवल 14 घाट ही वैध रूप से चालू हो पाये हैं और वे भी कुछ दिन पहले ही शुरू हुए हैं. विभाग ने इन घाटों को भी चार करोड़ सीएफटी बालू का भंडारण करने का निर्देश दिया है. हालांकि, इन घाटों से तेजी से बालू का उठाव किया जा रहा है. 10 जून को यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितना सीएफटी बालू का भंडारण हो सका है. अनुमान है कि निर्माण कार्यों के लिए मॉनसून के दौरान राज्य में चार से पांच करोड़ सीएफटी बालू की जरूरत होती है. ट्रैक्टर संचालकों को आसानी से मिल रहा अवैध बालू रांची में श्यामनगर और चेकोसेरेंग घाटों से बालू का वैध उठाव शुरू होना था, लेकिन तकनीकी कारणों से यह अब तक शुरू नहीं हो सका है. बताया गया है कि कई जिलों में बालू के भंडारण के लिए ट्रैक्टर नहीं मिल रहे हैं. एक बालू कारोबारी ने बताया कि वे वैध रूप से बालू का भंडारण करना चाहते हैं, लेकिन ट्रैक्टर संचालकों को आसानी से अवैध बालू मिल जा रहा है. इसके कारण वे वैध रूप से संचालित घाटों पर काम नहीं करना चाहते. दूसरी ओर, अवैध बालू का उठाव बेरोक-टोक जारी है. उठाव पर 10 जून से 15 अक्तूबर तक रहती है रोक बालू घाटों से 10 जून से 15 अक्तूबर तक मॉनसून के दौरान बालू के उठाव पर रोक रहती है. यही कारण है कि खान विभाग चाहता है कि अधिक से अधिक बालू का भंडारण हो जाए, ताकि मॉनसून के दौरान निर्माण कार्यों के लिए बालू की किल्लत न हो. पिछले वर्ष भी बालू की कमी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुए थे. प्रशासन चाहती है कि इस बार निर्माण कार्य बाधित न हों. कालाबाजारी में 30-32 हजार रुपये प्रति हाइवा बिक रहा बालू वर्तमान में बालू की कालाबाजारी भी जारी है. 700 सीएफटी क्षमता वाले एक हाइवा बालू की कीमत 30 से 32 हजार रुपये तक पहुंच गई है. वहीं, 180 सीएफटी क्षमता वाले टर्बो ट्रक बालू की कीमत 9,000 रुपये तक है. 80 से 90 सीएफटी क्षमता वाले छोटे टर्बो ट्रक बालू की कीमत 5,000 रुपये तक वसूली जा रही है. लोगों को उम्मीद थी कि वैध बालू घाट शुरू होने के बाद कीमतों में कमी आयेगी, लेकिन अब मॉनसून के दौरान दरों में और बढ़ोतरी की आशंका जतायी जा रही है. क्या कहते हैं अधिकारी खान एवं भूतत्व विभाग के निदेशक राहुल सिन्हा कहते हैं कि 14 बालू घाटों से वैध रूप से उठाव शुरू हो गया है. सभी संचालकों को अधिकतम बालू भंडारण करने का निर्देश दिया गया है, ताकि मॉनसून के दौरान बालू की किल्लत न हो. ये भी पढ़ें… छह साल से खाली है झारखंड स्त्री आयोग के अध्यक्ष की कुर्सी, 5200 से अधिक मामले लंबित ई-वेस्ट पर झारखंड हाइकोर्ट सख्त: राज्य प्रशासन से मांगा जवाब, 2 जुलाई को अगली सुनवाई The post 10 जून से बालू उठाव पर लग जायेगी रोक, केवल 14 घाट ही हो पाये चालू, धड़ल्ले से हो रहा अवैध कारोबार appeared first on Naya Vichar.

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यूसुफ पठान पर भड़कीं महुआ मोईत्रा, कहा- अमित शाह के बुलावे पर दिल्ली भागे? शर्म करो, थोड़ी हिम्मत दिखाओ

खास बातें यूसुफ पठान को ‘बेशर्म’ भी कहा अमित शाह के फोन पर दिल्ली भागे यूसुफ? क्रिकेटर से नेता बने पठान पर सीधा हमला रीढ़ की हड्डी दिखाने की नसीहत बागियों को ‘पीली पैंट वाले लालची गद्दार’ बताया बागियों को ललकारा – बीजेपी के सिंबल पर लड़ें चुनाव Mahua Moitra Slams Yusuf Pathan TMC: चीफ व्हिप पद पर नया सस्पेंस Mahua Moitra Slams Yusuf Pathan TMC: लोकसभा में काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में 20 टीएमसी सांसदों द्वारा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने वाले सीक्रेट लेटर के बाद ममता बनर्जी का राष्ट्रीय किला पूरी तरह ढह रहा है. इस महा-संकट के बीच कृष्णानगर की फायरब्रांड सांसद महुआ मोईत्रा (Mahua Moitra) पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी की सबसे बड़ी ढाल बनकर मैदान में उतर गयी हैं. यूसुफ पठान को ‘बेशर्म’ भी कहा महुआ ने पाला बदलने वाले बागी सांसदों पर तीखा और अपमानजनक हमला बोला है. कृष्णानगर की सांसद ने न केवल बागियों को ‘पीली पैंट वाले गद्दार’ कहा, बल्कि बहरमपुर से रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज करने वाले पूर्व हिंदुस्तानीय दिग्गज क्रिकेटर यूसुफ पठान (Yusuf Pathan) की वफादारी पर भी सीधा हमला बोलते हुए उन्हें ‘बेशर्म’ तक कह डाला. अमित शाह के फोन पर दिल्ली भागे यूसुफ? जैसे ही सोमवार को दिल्ली में भाजपा के बंगाल चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में टीएमसी के बागी सांसदों (जिनमें राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय भी शामिल हैं) की गुप्त बैठक की समाचारें आयीं, महुआ मोईत्रा का गुस्सा सोशल मीडिया (X) पर फूट पड़ा. इसे भी पढ़ें : ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में फूट-फूटकर रोने लगीं ममता बनर्जी! कहा- अपनों की गद्दारी ने कहीं का नहीं छोड़ा क्रिकेटर से नेता बने पठान पर सीधा हमला महुआ मोईत्रा ने टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर और वर्तमान टीएमसी सांसद यूसुफ पठान की संदिग्ध भूमिका पर सवाल दागते हुए लिखा- क्या आप केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक बुलावे पर तुरंत दिल्ली की तरफ भाग रहे हैं? थोड़ी हिम्मत दिखाइए. आप हिंदुस्तान के लिए स्पोर्ट्स चुके हैं, देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें रीढ़ की हड्डी दिखाने की नसीहत महुआ ने यूसुफ पठान को उनके अतीत की याद दिलाते हुए कहा- बहरमपुर के हमारे जिले के लोगों ने आपको भारी अंतर से (अधीर रंजन चौधरी को हराकर) जिताकर संसद भेजा था. कम से कम मतदाताओं के भरोसे का ख्याल रखिए. थोड़ी शर्म कीजिए और अपनी रीढ़ की हड्डी (Spine) मजबूत कीजिए. बागियों को ‘पीली पैंट वाले लालची गद्दार’ बताया ममता की वफादार महुआ मोईत्रा ने यूसुफ पठान ही नहीं, काकोली घोष दस्तीदार के बागी गुट के परखच्चे भी उड़ा दिये. उन्होंने लिखा- ये सभी सांसद वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के टिकट और ममता बनर्जी की तस्वीर के दम पर जीते थे. जनता ने जो फैसला दिया था, वो एनडीए (NDA) या भाजपा के समर्थन के लिए बिल्कुल नहीं था. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी को महा-झटका, काकोली घोष दस्तीदार समेत 20 सांसद NDA के साथ, दीदी का स्पोर्ट्स खत्म बागियों को ललकारा – बीजेपी के सिंबल पर लड़ें चुनाव बागियों को ललकारते हुए महुआ मोईत्रा ने कहा कि जितने भी ये लालची और स्वार्थी गद्दार हैं, जिनकी पैंट डर के मारे पीली पड़ चुकी है (Yellow-stained pants), वे कृपया अभी के अभी आधिकारिक रूप से बीजेपी में शामिल हो जाएं. लेकिन उनमें हिम्मत है, तो पहले संसद सदस्यता से इस्तीफा दें और फिर बीजेपी के टिकट पर दोबारा चुनाव लड़कर दिखाएं. तब हम देखेंगे कि वे जनता के बीच कितने बड़े सूरमा और हीरो बनते हैं. Mahua Moitra Slams Yusuf Pathan TMC: चीफ व्हिप पद पर नया सस्पेंस महुआ मोईत्रा के इस आक्रामक काउंटर-अटैक के साथ ही टीएमसी के आधिकारिक धड़े ने दिल्ली में कानूनी मोर्चाबंदी तेज कर दी है. बागी गुट का नेतृत्व कर रहीं काकोली घोष दस्तीदार ने खुद को अभी भी लोकसभा में मुख्य सचेतक (Chief Whip) बताते हुए स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपा है. इस पर कीर्ति आजाद ने कहा कि ममता बनर्जी ने 20 मई को ही काकोली को हटाकर कल्याण बनर्जी को लोकसभा का चीफ व्हिप नियुक्त कर दिया था. इसलिए काकोली के दावों की कोई कानूनी कीमत नहीं है. इसे भी पढ़ें काकोली घोष दस्तीदार ने बगावत के लिए 8 जून को ही क्यों चुना? सामने आये 3 बड़े कारण ममता बनर्जी का रीतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष मानने से इनकार, स्पीकर के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची टीएमसी ममता बनर्जी को महा-झटका, काकोली घोष दस्तीदार समेत 20 सांसद NDA के साथ, दीदी का स्पोर्ट्स खत्म 1998 में आंदोलन की कोख से जन्म, सत्ता का घमंड और ऐतिहासिक पतन, पढ़ें ममता बनर्जी की पार्टी TMC की पूरी कहानी The post यूसुफ पठान पर भड़कीं महुआ मोईत्रा, कहा- अमित शाह के बुलावे पर दिल्ली भागे? शर्म करो, थोड़ी हिम्मत दिखाओ appeared first on Naya Vichar.

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छह साल से खाली है झारखंड महिला आयोग के अध्यक्ष की कुर्सी, 5200 से अधिक मामले लंबित

रांची से लता रानी की रिपोर्ट Jharkhand Women Commission: झारखंड राज्य स्त्री आयोग की कुर्सी पिछले छह सालों से खाली है. अध्यक्ष और सदस्यों के बिना आयोग संचालित हो रहा है. इसका नियमित कामकाज लगभग ठप पड़ गया है और स्त्रीओं की शिकायतों की सुनवाई पूरी तरह बंद है. स्थिति यह है कि आयोग में 5200 से अधिक मामले लंबित हैं, जबकि नई शिकायतों के निस्तारण की कोई व्यवस्था फिलहाल मौजूद नहीं है. स्त्री अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मामलों की सुनवाई नहीं होने से प्रभावित स्त्रीओं को न्याय के लिए अन्य मंचों का सहारा लेना पड़ रहा है. छह जून 2020 को समाप्त हुआ था कार्यकाल झारखंड राज्य स्त्री आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष कल्याणी शरण और उनकी पांच सदस्यीय टीम का कार्यकाल 6 जून 2020 को समाप्त हो गया था. इसके बाद 7 जून 2020 से आयोग अध्यक्ष और सदस्यों से विहीन हो गया. बीते छह वर्षों के दौरान आयोग के पुनर्गठन को लेकर कई बार चर्चा हुई, लेकिन अब तक नई अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति नहीं हो सकी है. इसका सीधा असर आयोग की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निष्पादन पर पड़ा है. स्त्रीओं की शिकायतों की सुनवाई पूरी तरह बंद राज्य स्त्री आयोग स्त्रीओं से जुड़े उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, संपत्ति विवाद और अन्य सामाजिक समस्याओं से संबंधित मामलों की सुनवाई करता है. लेकिन आयोग में पदाधिकारी नहीं होने के कारण शिकायतों का निपटारा पूरी तरह बंद हो गया है. पहले बड़ी संख्या में स्त्रीएं अपनी समस्याएं लेकर आयोग पहुंचती थीं, जहां उनकी शिकायतों पर सुनवाई होती थी. अब स्थिति यह है कि शिकायतकर्ताओं को पता है कि आयोग में सुनवाई करने वाला कोई नहीं है, इसलिए वहां आने वालों की संख्या भी लगभग समाप्त हो गई है. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी हुई बंद स्त्री आयोग में न केवल प्रत्यक्ष सुनवाई रुकी हुई है, बल्कि ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया भी प्रभावी रूप से बंद हो चुकी है. इससे राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाली स्त्रीओं को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्त्री अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि आयोग का निष्क्रिय होना स्त्रीओं के न्याय पाने के अधिकार को प्रभावित कर रहा है. विशेष रूप से उन स्त्रीओं को कठिनाई हो रही है, जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्यायालय तक नहीं पहुंच पातीं. 5200 से अधिक मामले लंबित आयोग के निष्क्रिय रहने का सबसे बड़ा असर लंबित मामलों पर पड़ा है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार आयोग में 5200 से अधिक मामले लंबित हैं. इनमें लगभग 3000 नए मामले भी शामिल हैं, जिन पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी है. लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. इससे शिकायतकर्ताओं में निराशा बढ़ रही है और कई मामलों में न्याय मिलने में अत्यधिक विलंब हो रहा है. बकाया मानदेय से कर्मियों की बढ़ी परेशानी जानकारी के अनुसार तत्कालीन अध्यक्ष कल्याणी शरण सहित उस समय कार्यरत 13 कर्मियों का कई महीनों का मानदेय भी अब तक बकाया है. आर्थिक कठिनाइयों के कारण एक कर्मी की मृत्यु होने की भी चर्चा है. हालांकि आयोग का कार्यालय औपचारिक रूप से अभी भी खुल रहा है. वर्तमान में वहां एक कंप्यूटर ऑपरेटर, एक सफाईकर्मी और एक सुरक्षा कर्मी कार्यरत हैं, लेकिन उनके पास शिकायतों के निस्तारण का अधिकार नहीं है. अन्य राज्यों में सक्रिय हैं स्त्री आयोग वर्ष 2005 में गठित झारखंड राज्य स्त्री आयोग का उद्देश्य स्त्रीओं के अधिकारों की रक्षा और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था. देश के अधिकांश राज्यों में स्त्री आयोग सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं. दिल्ली, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और चंडीगढ़ समेत कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को छोड़ अधिकांश स्थानों पर स्त्री आयोग नियमित रूप से काम कर रहे हैं. इसके विपरीत झारखंड में आयोग के पुनर्गठन को लेकर लंबे समय से अनिश्चितता बनी हुई है. विभाग ने गठन के लिए प्रयास जारी होने की कही बात स्त्री आयोग के गठन में हो रही देरी पर राष्ट्रीय स्त्री आयोग भी चिंता जता चुका है. इस मुद्दे पर स्त्री, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह का कहना है कि राज्य स्त्री आयोग के गठन को लेकर विभागीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं. हालांकि अब तक नई नियुक्तियों को लेकर कोई स्पष्ट समयसीमा घोषित नहीं की गई है. ऐसे में हजारों लंबित मामलों और स्त्रीओं की न्याय संबंधी उम्मीदों के बीच आयोग के पुनर्गठन का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है. अब तक किस-किस ने संभाली स्त्री आयोग की कमान आईएएस डॉ लक्ष्मी सिंह (अब दिवंगत): 18 सितंबर 2006 से 17 सितंबर 2009 डॉ हेमलता मोहन: 07 सितंबर 2010 से छह सितंबर 2013 डॉ महुआ माजी: 11 नवंबर 2013 से 10 नंबर 2016 कल्याणी शरण: 07 जून 2017 से छह जून 2020 न्याय के लिए कहां जाएंगी स्त्रीएं: कल्याणी शरण झारखंड स्त्री आयोग की पूर्व अध्यक्ष कल्याणी शरण ने कहा, ‘मेरा कार्यकाल समाप्त होने के बाद से आज तक राज्य स्त्री आयोगB ठप है. स्त्रीओं की सुनवाई करनेवाला कोई नहीं है. आयोग के लिए आवंटित फंड का क्या हो रहा है, यह भी सवाल है. स्त्रीएं न्याय के लिए कहां जायेंगी? आज भी न्याय की आस में स्त्रीएं मुझे फोन करती हैं. मैं अपने स्तर से मदद का प्रयास करती हूं.’ इसे भी पढ़ें: डोमचांच के जानपुर में कुएं से मिला युवक का शव, जमीन विवाद में हत्या का आरोप स्त्री आयोग का गठन बेहद जरूरी: डॉ हेमलता मोहन झारखंड स्त्री आयोग की पूर्व अध्यक्ष डॉ हेमलता मोहन ने कहा, ‘राज्य स्त्री आयोग का गठन बेहद आवश्यक है. यह स्त्रीओं की आवाज सुने जाने का महत्वपूर्ण मंच है. यहां स्त्रीएं खुलकर अपनी समस्याएं रख पाती हैं. मैंने वर्ष 2010 से 2013 तक आयोग की अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. उस दौरान स्त्रीओं की शिकायतों की सुनवाई हुई, मामलों का निष्पादन हुआ और उन्हें न्याय मिला.’ इसे भी पढ़ें: मेदिनीनगर में बोले सुदेश महतो – झारखंड को नई दिशा देने के लिए युवाओं के उलगुलान की जरूरत The post छह साल से खाली है झारखंड स्त्री आयोग के अध्यक्ष की कुर्सी, 5200 से अधिक मामले लंबित appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी का रीतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष मानने से इनकार, स्पीकर के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची टीएमसी

खास बातें 11 जून को होगी हाईकोर्ट में सुनवाई विधानसभा अध्यक्ष को बनाया मुख्य प्रतिवादी टीएमसी के 80 में 58 विधायकों ने किया विद्रोह आधिकारिक उम्मीदवार हो गया खारिज नयी विधानसभा में ममता बनर्जी की साख का सवाल Mamata Banerjee Challenge Ritabrata LoP Status: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य की नेतृत्व में मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अंदरूनी लड़ाई कोर्ट तक पहुंच गयी है. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) में एक याचिका दायर की. याचिका में पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष के उस फैसले को चुनौती दी गयी है, जिसके तहत पार्टी के बागी गुट के नेता रीतब्रत बनर्जी को विधानसभा में आधिकारिक तौर पर नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) के रूप में मान्यता दी गयी है. 11 जून को होगी हाईकोर्ट में सुनवाई कलकत्ता हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर सोमवार को काफी गहमागहमी देखी गयी. तृणमूल के वरिष्ठ वकील ने न्यायमूर्ति कृष्णा राव से केस की जल्द से जल्द सुनवाई की मांग की. जस्टिस कृष्णा राव ने मामले की गंभीरता और समय की कमी को देखते हुए कहा कि याचिका पर 11 जून को प्राथमिकता के आधार पर (Priority Basis) विस्तृत सुनवाई की जायेगी. विधानसभा अध्यक्ष को बनाया मुख्य प्रतिवादी याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि इस पूरी कानूनी लड़ाई में सदन के अध्यक्ष (Speaker) को ही मुख्य प्रतिवादी (Main Respondent) बनाया गया है, क्योंकि उनके ही एक फैसले ने पार्टी के भीतर इस संवैधानिक संकट को जन्म दिया है. इसे भी पढ़ें : ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में फूट-फूटकर रोने लगीं ममता बनर्जी! कहा- अपनों की गद्दारी ने कहीं का नहीं छोड़ा टीएमसी के 80 में 58 विधायकों ने किया विद्रोह कानूनी लड़ाई का सियासी गणित और संख्या बल ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले आधिकारिक धड़े के लिए बेहद चिंताजनक और परेशान करने वाला है. विधानसभा चुनाव 2026 के बाद टीएमसी के कुल 80 विधायकों में से रिकॉर्ड 58 विधायकों ने ममता बनर्जी के आधिकारिक आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए नेता प्रतिपक्ष पद के लिए बागी नेता रीतब्रत बनर्जी का समर्थन किया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Mamata Banerjee Challenge Ritabrata LoP Status: आधिकारिक उम्मीदवार हो गया खारिज इन 58 विधायकों के संख्या बल के कारण ममता बनर्जी के वफादार और पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार शोभनदेब चट्टोपाध्याय के नाम को बागी गुट ने पूरी तरह से खारिज कर दिया. विधायकों के बहुमत के आधार पर विधानसभा अध्यक्ष ने रीतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता दी थी, जिसे अब अदालत में घसीटा गया है. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी को महा-झटका, काकोली घोष दस्तीदार समेत 20 सांसद NDA के साथ, दीदी का स्पोर्ट्स खत्म नयी विधानसभा में ममता बनर्जी की साख का सवाल हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 294 सदस्यीय विधानसभा के भीतर सीटों का समीकरण पूरी तरह बदल चुका है. चुनाव में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर प्रशासन बनायी है. तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमटकर मुख्य विपक्षी दल बनी थी. इनमें से 58 अलग हो गये. यानी ममता बनर्जी के साथ अब मात्र 22 विधायक बचे हैं. 11 जून को अगर हाईकोर्ट ने टीएमसी के हक में फैसला नहीं दिया, तो ममता बनर्जी की नेतृत्वक साख दांव पर होगी. इसे भी पढ़ें काकोली घोष दस्तीदार ने बगावत के लिए 8 जून को ही क्यों चुना? सामने आये 3 बड़े कारण टॉलीवुड का काला सच आया सामने, 10 साल तक काम के लिए तरसती रहीं श्रीलेखा मित्रा, ‘सिंडिकेट’ ने किया करियर बर्बाद आसान नहीं तृणमूल सांसदों का दलबदल! सांसदों की बगावत में बाधा बनेगा कानून विद्रोह के बीच तृणमूल की सर्जरी, अभिषेक के अधिकार घटे, सुखेंदु-सौगत और महुआ को ममता ने दी बड़ी जिम्मेदारी The post ममता बनर्जी का रीतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष मानने से इनकार, स्पीकर के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची टीएमसी appeared first on Naya Vichar.

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विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में बड़ा हादसा, पिघला लोहा गिरने से 8 मजदूरों की मौत

Visakhapatnam Steel Plant Accident: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के संयंत्र में सोमवार (8 जून) को बड़ा हादसा हो गया है. संयंत्र परिसर में क्रेन के जरिए ले जाए जा रहे पिघले हुए लोहे के श्रमिकों पर गिर जाने से कम से कम आठ मजदूरों की मौत हो गई. हादसे में छह मजदूर झुलस गये हैं. कुछ श्रमिक गंभीर रूप से झुलसे हैं और उनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है. हादसे के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई. विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र के SMS-2 और STC-3 ताप संयंत्र में में हादसा हुआ है. #WATCH | Andhra Pradesh | Visuals from outside the hospital where the injured have been admitted after a large quantity of molten steel leaked at the SMS-2 and STC-3 heat facility at the Visakhapatnam Steel Plant. Eight workers have lost their lives in the incident. pic.twitter.com/jWl6t8ba0g — ANI (@ANI) June 8, 2026 1600 डिग्री सेल्सियस था लोहे का तापमान पुलिस के मुताबिक, बाल्टीनुमा कंटेनर में रखे पिघले लोहे को क्रेन से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था. इसी दौरान कंटेनर से पिघला हुआ लोहा नीचे काम कर रहे श्रमिकों पर गिर गया. अधिकारियों ने बताया कि लोहे का तापमान करीब 1,600 डिग्री सेल्सियस था, जिससे हादसा बेहद घातक साबित हुआ. पीएम मोदी ने हादसे पर जताया दुख, मुआवजे का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुए हादसे पर दुख जताया है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा- विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुई दुर्घटना से व्यथित हूं. अपनों को खोने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. स्थानीय अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं. मोदी ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपये और घायल को 50 रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. Saddened by the mishap at the Visakhapatnam Steel Plant. Condolences to those who have lost their loved ones. Praying that the injured recover at the earliest. The local authorities are providing all possible assistance to those affected. An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF… — PMO India (@PMOIndia) June 8, 2026 मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया दुख आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर गहरा शोक जाहिर किया है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ राहत और सहायता कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने को कहा गया है. हादसे की होगी जांच प्रशासन और संयंत्र प्रबंधन ने घटना की जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक तौर पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्रेन संचालन या सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई थी. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. मौके पर बचाव दलों को तैनात किया गया और प्रभावित क्षेत्र को खाली कराया गया है. The post विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में बड़ा हादसा, पिघला लोहा गिरने से 8 मजदूरों की मौत appeared first on Naya Vichar.

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लोकगायक, अभिनेता से नेता बनने तक, पवन सिंह का ‘पावर स्टार’ सफर

Bihar News : भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह का सफर लोकगीतों से शुरू होकर भोजपुरी सिनेमा और अब नेतृत्व तक पहुंच चुका है. अपनी दमदार आवाज और अभिनय से उन्होंने करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाई है और अब वे नेतृत्वक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. गांव से उठकर बने भोजपुरी के सुपरस्टार बिहार के भोजपुर (आरा) जिले से आने वाले पवन सिंह ने शुरुआती दौर में लोकगीतों से पहचान बनाई. साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने भोजपुरी संगीत जगत में अपनी मजबूत जगह बनाई और लोकप्रियता हासिल की. ‘लॉलीपॉप लागेलू’ से मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान पवन सिंह का सुपरहिट गीत ‘लॉलीपॉप लागेलू‘ उनकी किस्मत बदलने वाला साबित हुआ. इस गाने ने उन्हें न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी पहचान दिलाई और वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बड़े स्टार बन गए. भोजपुरी सिनेमा के ‘पावर स्टार’ बने संगीत के बाद उन्होंने फिल्मों में कदम रखा और कई हिट फिल्मों में अभिनय किया. एक्शन और रोमांटिक भूमिकाओं के कारण उन्हें भोजपुरी इंडस्ट्री में ‘पावर स्टार’ के नाम से जाना जाने लगा. नेतृत्व में उतार-चढ़ाव और भाजपा से जुड़ाव पवन सिंह ने 4 सितंबर 2017 को भाजपा से जुड़कर नेतृत्व में प्रवेश किया था. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ जाकर काराकाट से निर्दलीय चुनाव लड़ने के कारण उन्हें मई 2024 में पार्टी से बाहर निकाल दिया गया था. बाद में, बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 30 सितंबर 2025 को उनकी भाजपा में दोबारा वापसी हो गई. 2024 लोकसभा चुनाव में कराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़कर उन्होंने नेतृत्वक हलकों में चर्चा बटोरी, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा. बढ़ता नेतृत्वक प्रभाव मनोरंजन जगत में अपार लोकप्रियता के बाद अब पवन सिंह नेतृत्व में अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं. उनके समर्थकों का मानना है कि वे आने वाले समय में बिहार की नेतृत्व में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. इसी को देखते हुए हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने पवन सिंह को 2026 में बिहार विधान परिषद सदस्य उम्मीदवार घोषित किया है. उनके फैन और चाहनेवाले लोग उन्हे सोशल मीडिया पर काफी प्यार, आशीर्वाद और बधाई दे रहे हैं. Also Read : छपरा में भीषण गर्मी और हीट वेव से अस्पतालों में बढ़े मरीज, तापमान 40 डिग्री पार The post लोकगायक, अभिनेता से नेता बनने तक, पवन सिंह का ‘पावर स्टार’ सफर appeared first on Naya Vichar.

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मां बनने के बाद अचानक क्यों झड़ने लगते हैं बाल? घबराने से पहले जान लें इसकी असली वजह और कंट्रोल करने के तरीके

Postpartum Hair Fall: मां बनना एक ऐसी एहसास है जिसे दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास भी माना जाता है. लेकिन डिलीवरी के कुछ ही समय बाद स्त्रीओं के शरीर में बहुत सारे बदलाव होने लगते हैं जो उन्हें कहीं न कहीं परेशान और एक तरह से निराश भी कर देते हैं. इन्हीं बदलावों में से एक है पोस्टपार्टम हेयर फॉल. अगर आप इस प्रॉब्लम के बारे में नहीं जानती हैं तो बता दें इसका मतलब होता है डिलीवरी के बाद अचानक से बालों का झड़ना काफी ज्यादा बढ़ जाना. जब आप अपने बालों को कंघी करती होंगी या फिर शैंपू करती होंगी, तो आपको गुच्छों में टूटे हुए बाल चारों तरफ दिखाई देते होंगे. जब ऐसा होता है, तो अक्सर स्त्रीएं पूरी तरह से घबरा जाती हैं. अगर आप प्रेग्नेंट हैं या फिर डिलीवरी के बाद इस प्रॉब्लम से जूझ रही हैं, तो बता दें यह पूरी तरह से ही नॉर्मल है. आज इस आर्टिकल में हम आपको आसान भाषा में इसके बारे में और इसे कंट्रोल करने के तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से. डिलीवरी के बाद क्यों झड़ते हैं बाल? प्रेग्नेंसी के दौरान स्त्रीओं के शरीर में एस्ट्रोजेन नाम के हार्मोन का लेवल काफी ज्यादा बढ़ जाता है. यह हार्मोन आपके बालों को टूटने से प्रोटेक्ट करते है और साथ ही उन्हें घना बनाये रखने में भी मदद करता है. यह एक बड़ी वजह है कि प्रेगनेंसी के दौरान आपके बाल काफी ज्यादा खूबसूरत और शाइनी दिखते हैं. लेकिन डिलीवरी के तुरंत ही बाद, एस्ट्रोजेन का लेवल अचानक से नीचे गिर जाता है. इसी वजह से आपको जो बाल 9 महीनों के दौरान नहीं टूटे थे, वे सभी एक साथ रेस्टिंग फेज यानी कि सिक्सथ मंथ साइकल में चले जाते हैं और झड़ने लगते हैं. मेडिकल भाषा में इसे टेलोजन एफ्लुवियम कहा जाता है. शिशु की डिलीवरी के 2 से 4 महीने बाद इसकी शुरुआत होती है और यह 6 से 12 महीनों के अंदर अपने आप ही ठीक हो जाता है. बाल झड़ने को कंट्रोल करने के आसान तरीके अगर आप चाहती हैं कि यह प्रॉब्लम किसी भी तरह से रुक जाए, तो बता दें इसे पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता है क्योंकि यह एक नेचुरल प्रोसेस है. लेकिन कुछ ऐसी आदतें जरूर हैं जिन्हें अपनाकर आप बालों के झड़ने की इस रफ्तार को काफी हद तक धीमा कर सकते हैं और नए बालों को भी तेजी से उगा सकती हैं. तो चलिए अब इन आदतों के बारे में विस्तार से आपको बताते हैं. अपनी न्यूट्रिशन और डाइट पर ध्यान दें डिलीवरी के बाद आपके शरीर को अंदर से मजबूत होना काफी ज्यादा जरूरी हो जाता है. शरीर को अंदर से मजबूती देने के लिए अपनी डाइट में उन चीजों को शामिल करें जिनमें आयरन, प्रोटीन, जिंक और विटामिन-डी की मात्रा काफी ज्यादा मात्रा में पाया जाता हो. इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, अंडे, ड्राई फ्रूट्स और सीजनल फ्रूट्स जरूर खाएं. ये सभी न्यूट्रिएंट्स बालों की जड़ों को मजबूत बनाने के लिए मेडिकली जरूरी माने गए हैं. डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स जारी रखें कई स्त्रीएं डिलीवरी के बाद अपनी प्रेगनेंसी वाली दवाएं जैसे कि आयरन और कैल्शियम खाना बंद कर देती हैं. डॉक्टरों का कहना है कि शिशु को दूध पिलाने की वजह से आपके शरीर को एक्सट्रा विटामिंस की जरूरत होती है. इसलिए अपने डॉक्टर से पूछकर मल्टीविटामिन या बायोटिन सप्लीमेंट्स जरूर लें. बालों के साथ रहें बिल्कुल सॉफ्ट डिलीवरी के बाद आपके बाल बहुत नाजुक होते हैं. अगर आप अपने बालों को बचाकर रखना चाहती हैं, तो उन्हें कभी भी गीले होने पर कंघी न करें. जब आपके बाल गीले होते हैं, तो उस समय आपकी जड़ें काफी कमजोर हो चुकी होती हैं. बालों को कंघी करने के लिए हमेशा ही एक मोटे दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करें. इसके अलावा बालों को कभी भी बहुत ही कसकर न बांधें और हाई पोनीटेल या टाइट जूड़ा बनाने से भी बचें. इस तरह के हेयरस्टाइल से जड़ों पर खिंचाव पड़ता है और बाल ज्यादा टूटते हैं. केमिकल और हीटिंग टूल्स से दूरी बनाएं डिलीवरी के बाद कुछ समय के लिए बालों में स्ट्रेटनर, कर्लर या ब्लो ड्रायर जैसी गर्म चीजों का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दें. इसके अलावा, बालों में हैवी केमिकल वाले कलर, स्ट्रेटनिंग या स्मूदनिंग ट्रीटमेंट न भी करवाएं. अपने बालों को धोने के लिए हमेशा एक माइल्ड या सल्फेट-फ्री शैम्पू और कंडीशनर का ही इस्तेमाल करें. स्कैल्प की हल्की मालिश और स्ट्रेस से दूरी अगर आप अपने बालों को बचाकर रखना चाहती हैं तो हफ्ते में एक या दो बार गुनगुने नारियल तेल या आल्मंड ऑयल से स्कैल्प की हल्के हाथों से मसाज जरूर करें. इससे सिर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और बालों को न्यूट्रिशन मिलता है. इसके साथ ही, नई मदर्स के लिए नींद की कमी और स्ट्रेस होना भी पूरी तरह से लाजमी है, लेकिन ज्यादा स्ट्रेस लेने से बाल और ज्यादा झड़ते हैं. जब आपका बच्चा सो जाए, तो उसी समय आप भी अपनी नींद पूरी करने की कोशिश करें. ये भी पढ़ें: AC की ठंडी हवा लेने के चक्कर में कहीं छिन न जाए चेहरे की खूबसूरती, जान लें इसके नुकसान The post मां बनने के बाद अचानक क्यों झड़ने लगते हैं बाल? घबराने से पहले जान लें इसकी असली वजह और कंट्रोल करने के तरीके appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड टी20 लीग का शेड्यूल हुआ जारी, उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे एमएस धोनी; फैंस के लिए एंट्री फ्री

Jharkhand T20 League: झारखंड टी20 लीग 2026 की शुरुआत 10 जून से होने जा रही है. टूर्नामेंट के शेड्यूल की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है. पहला मुकाबला 10 जून को रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में छोटानागपुर रॉयल्स और रांची टाइटंस के बीच स्पोर्ट्सा जाएगा. इस टूर्नामेंट में कुल 27 मुकाबले स्पोर्ट्से जाएंगे. इस टूर्नामेंट को लेकर सबसे बड़ी समाचार यह है कि हिंदुस्तानीय टीम के पूर्व कप्तान और झारखंड के सबसे बड़े क्रिकेट आइकन महेंद्र सिंह धोनी उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे. झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के अध्यक्ष सौरभ तिवारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि धोनी ने आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है. 6 टीमें इस लीग में लेंगी हिस्सा झारखंड टी20 लीग के पहले सीजन में कुल छह टीमें हिस्सा ले रही हैं. इनमें छोटानागपुर रॉयल्स, रांची टाइटंस, कोयलांचल सुपर किंग्स, जमशेदपुर स्टीलर्स, धनबाद डायमंड्स और संथाल स्ट्राइकर्स शामिल हैं. लीग चरण में कुल 24 मुकाबले स्पोर्ट्से जाएंगे. 21 जून तक स्पोर्ट्से जाएंगे लीग के मुकाबले लीग चरण के सभी मैच 10 जून से 21 जून के बीच स्पोर्ट्से जाएंगे. इसके बाद 22 जून को दो सेमीफाइनल मुकाबले आयोजित किए जाएंगे. अंक तालिका में शीर्ष चार स्थान हासिल करने वाली टीमें नॉकआउट चरण में जगह बनाएंगी. पहले सेमीफाइनल में अंक तालिका की पहले और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच मुकाबला होगा, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में दूसरे और तीसरे स्थान की टीमें आमने-सामने होंगी. टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 23 जून को स्पोर्ट्सा जाएगा, जहां दोनों सेमीफाइनल की विजेता टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी. झारखंड टी20 लीग का शेड्यूल मैच तारीख समय मुकाबला 1 10 जून 12:00 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs रांची टाइटंस 2 10 जून 7:30 PM कोयलांचल सुपर किंग्स vs जमशेदपुर स्टीलर्स 3 11 जून 12:00 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs धनबाद डायमंड्स 4 11 जून 7:30 PM रांची टाइटंस vs संथाल स्ट्राइकर्स 5 12 जून 12:00 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs कोयलांचल सुपर किंग्स 6 12 जून 7:30 PM धनबाद डायमंड्स vs जमशेदपुर स्टीलर्स 7 13 जून 12:00 PM रांची टाइटंस vs कोयलांचल सुपर किंग्स 8 13 जून 7:30 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs संथाल स्ट्राइकर्स 9 14 जून 12:00 PM रांची टाइटंस vs जमशेदपुर स्टीलर्स 10 14 जून 7:30 PM धनबाद डायमंड्स vs कोयलांचल सुपर किंग्स 11 15 जून 12:00 PM रांची टाइटंस vs संथाल स्ट्राइकर्स 12 15 जून 7:30 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs जमशेदपुर स्टीलर्स 13 16 जून 12:00 PM कोयलांचल सुपर किंग्स vs संथाल स्ट्राइकर्स 14 16 जून 7:30 PM रांची टाइटंस vs धनबाद डायमंड्स 15 17 जून 12:00 PM जमशेदपुर स्टीलर्स vs संथाल स्ट्राइकर्स 16 17 जून 7:30 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs कोयलांचल सुपर किंग्स 17 18 जून 12:00 PM धनबाद डायमंड्स vs संथाल स्ट्राइकर्स 18 18 जून 7:30 PM रांची टाइटंस vs जमशेदपुर स्टीलर्स 19 19 जून 12:00 PM धनबाद डायमंड्स vs कोयलांचल सुपर किंग्स 20 19 जून 7:30 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs संथाल स्ट्राइकर्स 21 20 जून 12:00 PM धनबाद डायमंड्स vs जमशेदपुर स्टीलर्स 22 20 जून 7:30 PM रांची टाइटंस vs कोयलांचल सुपर किंग्स 23 21 जून 12:00 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs जमशेदपुर स्टीलर्स 24 21 जून 7:30 PM धनबाद डायमंड्स vs संथाल स्ट्राइकर्स सेमीफाइनल-1 22 जून 12:00 PM अंक तालिका में प्रथम स्थान प्राप्त टीम vs चौथे स्थान की टीम सेमीफाइनल-2 22 जून 7:30 PM अंक तालिका में दूसरे स्थान की टीम vs तीसरे स्थान की टीम फाइनल 23 जून 7:30 PM सेमीफाइनल-1 विजेता vs सेमीफाइनल-2 विजेता फैंस के लिए बड़ी खुशसमाचारी रांची और आसपास के क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशसमाचारी है. स्टेडियम में जाकर मैचों और उद्घाटन समारोह का आनंद लेने के लिए किसी टिकट की आवश्यकता नहीं होगी. आयोजकों ने दर्शकों के लिए एंट्री पूरी तरह निशुल्क रखी है. ऐसे में फैंस बिना कोई टिकट खरीदे स्टेडियम में बैठकर लाइव क्रिकेट के साथ उद्घाटन समारोह का भी लुत्फ उठा सकेंगे. झारखंड क्रिकेट के लिए यह लीग बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. टूर्नामेंट का उद्देश्य राज्य के युवा खिलाड़ियों को बड़ा मंच देना और स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करना है. वहीं, उद्घाटन समारोह में एमएस धोनी की मौजूदगी इस लीग के पहले सीजन को और भी खास बनाने वाली है. यह भी पढ़ें: झारखंड T20 लीग में निरहुआ की एंट्री, VIDEO जारी कर फैंस से की खास अपील The post झारखंड टी20 लीग का शेड्यूल हुआ जारी, उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे एमएस धोनी; फैंस के लिए एंट्री फ्री appeared first on Naya Vichar.

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