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June 8, 2026

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भारत की रिकॉर्ड जीत के हीरो मानव सुथार, डेब्यू टेस्ट में किसे दिया अपनी सफलता का श्रेय?

Manav Suthar: अफगानिस्तान के खिलाफ स्पोर्ट्से गए एकमात्र टेस्ट मुकाबले में हिंदुस्तानीय टीम ने अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज कर ली है. हिंदुस्तानीय टीम ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रन से हराया. इस मुकाबले में डेब्यू करने वाले युवा स्पिनर मानव सुथार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट झटके और 28 रन भी बनाए. उनके बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. मैच के बाद उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट स्पोर्ट्सना उनके बचपन का सपना था और जब उन्हें टीम इंडिया की कैप मिली तो वह पल उनके लिए अविश्वसनीय था. मानव सुथार ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतरता और सही लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी को दिया। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में सफलता हासिल करने के लिए धैर्य और अनुशासन सबसे जरूरी हैं. सफलता का श्रेय सुथार ने किसे दिया? मैच में 7 विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए सुथार ने अपनी सफलता का श्रेय सही जगह पर गेंदबाजी करने को दिया. उन्होंने कहा कि निरंतरता के कारण ही उन्हें सफलता मिली है. आपको बार-बार एक ही जगह पर गेंदबाजी करनी होती है. टेस्ट क्रिकेट ऐसा प्रारूप है जिसमें काफी धैर्य चाहिए. आपको अपनी योजनाओं पर कायम रहना होता है और लगातार सही लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी करनी होती है. नई गेंद से गेंदबाजी करने पर मानव सुथार ने क्या कहा? मानव सुथार को मैच के दौरान दूसरी नई गेंद भी सौंपी गई, जिसे उन्होंने अपने लिए गर्व का क्षण बताया. उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है. टीम का भरोसा मिलना किसी भी खिलाड़ी के लिए खास होता है. अपने डेब्यू टेस्ट से मिली सबसे बड़ी सीख के बारे में पूछे जाने पर मानव ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र निरंतरता और धैर्य है. मुकाबले का हाल हिंदुस्तानीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 564 रन बनाए. हिंदुस्तान के लिए शुभमन गिल ने 126 और केएल राहुल ने 100 रन की पारी स्पोर्ट्सी. वहीं अफगानिस्तान की टीम पहली पारी में 152 रनों पर सिमट गई. उसके बाद अफगानिस्तान को फॉलोऑन मिला. फॉलोऑन में भी अफगानिस्तान की टीम 112 रन पर ढेर हो गई. हिंदुस्तान ने यह मुकाबला पारी और 300 रन से जीत लिया. यह भी पढ़ें: डेब्यू मैच में चमके मानव सुथार, दिग्गजों के खास क्लब में हुए शामिल The post हिंदुस्तान की रिकॉर्ड जीत के हीरो मानव सुथार, डेब्यू टेस्ट में किसे दिया अपनी सफलता का श्रेय? appeared first on Naya Vichar.

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बिहार कैबिनेट की बैठक खत्म, जानिए किन 25 फैसलों पर लगी मुहर

Bihar Cabinet: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को बिहार कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में 25 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में ग्रामीण विकास विभाग की नई योजना विकसित हिंदुस्तान-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) को मंजूरी दी गई. राज्य प्रशासन इस योजना को 1 जुलाई 2026 से पूरे बिहार में लागू करेगी. Press-Cabinet-08-06-26Download गन्ना किसानों को मिलेगा बकाया भुगतान कैबिनेट ने गोपालगंज के सासामूसा चीनी मिल को फिर से चालू करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है. इसके लिए गन्ना किसानों का वर्षों से लंबित बकाया भुगतान करने की मंजूरी दी गई है. किसानों को करीब 43 करोड़ रुपये की राशि देने का रास्ता साफ हो गया है. डकरानाला पंप नहर योजना के अधूरे कामों को पूरा करने के लिए 251 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है. इसके अलावा सिंधवारणी जलाशय और उससे जुड़ी मुख्य नहर के मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य के लिए लगभग 197 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. बाढ़ प्रबंधन के लिए करोड़ों रुपये की मंजूरी हर साल आने वाली बाढ़ की चुनौती को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण और नदी प्रबंधन से जुड़े कार्यों के लिए बड़ी राशि जारी करने की अनुमति दी है. इसके तहत बाढ़ प्रबंधन, भूमि अधिग्रहण और नदी संरक्षण कार्यों के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. जल जीवन मिशन 2.0 को मिली मंजूरी राज्य प्रशासन ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र प्रशासन के साथ समझौता करने पर भी सहमति दे दी है. इस योजना का उद्देश्य लोगों तक बेहतर पेयजल सुविधा पहुंचाना है. अमृत 2.0 मिशन के तहत बिहारशरीफ, हाजीपुर, बेगूसराय और सहरसा में जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं. बेगूसराय में सीवरेज नेटवर्क और एसटीपी निर्माण के लिए सबसे अधिक राशि स्वीकृत की गई है. वहीं हाजीपुर, बिहारशरीफ और सहरसा में भी जलापूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण काम किए जाएंगे. पेंशनधारियों को समय पर मिलेगी राशि प्रशासन ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत दी है. वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग और अन्य पेंशन योजनाओं के तहत मई, जून और जुलाई महीने की पेंशन देने के लिए 3662 करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम राशि मंजूर की गई है. इससे लाखों लाभार्थियों को समय पर पेंशन मिलने का रास्ता साफ हो गया है. किसानों के लिए फिर लागू होगी फसल बीमा योजना कैबिनेट ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को फिर से लागू करने की मंजूरी दी है. यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के रबी सीजन से लागू होगी. इससे प्राकृतिक आपदा या फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें आईआईटी पटना रिसर्च पार्क के निर्माण और आईआईटी पटना फेज-2 के तहत नए हॉस्टल निर्माण को भी मंजूरी दी गई है. वहीं उद्योगों को मंजूरी देने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत करने का फैसला लिया गया है. कैबिनेट ने 15 साल से पुरानी प्रशासनी और निजी गाड़ियों की स्क्रैपिंग से जुड़े नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है. इसके अलावा विभिन्न प्रशासनी योजनाओं और वित्तीय कार्यों के लिए नए सॉफ्टवेयर के विकास पर भी मुहर लगाई गई है. भ्रष्ट अधिकारी पर कार्रवाई बैठक में समस्तीपुर के तत्कालीन जिला अवर निबंधक मणिरंजन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को मंजूरी दी गई. गंभीर आरोपों के आधार पर उन्हें प्रशासनी सेवा से बर्खास्त करने के फैसले पर कैबिनेट ने अंतिम मुहर लगा दी. कैबिनेट ने बिहार काश्तकारी संशोधन नियमावली 2026 को मंजूरी दी है. इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी नैदानिक संस्थानों की नियमावली में संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है. इसे भी पढ़ें: Bihar MLC Chunav: कुर्सी जाने का काउंटडाउन शुरू? जानें कब तक मंत्री बने रह सकते हैं दीपक प्रकाश The post बिहार कैबिनेट की बैठक खत्म, जानिए किन 25 फैसलों पर लगी मुहर appeared first on Naya Vichar.

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पॉपुलर सिंगर दलेर मेहंदी ने खरीदी Mahindra की कूपे स्टाइल वाली इलेक्ट्रिक SUV, जानें कीमत और खूबियां

अक्सर आपने देखा होगा कि सेलिब्रिटीज अपनी लाइफस्टाइल और पर्सनैलिटी के हिसाब से महंगी और प्रीमियम गाड़ियां चुनते हैं. लेकिन अब इस ट्रेंड में थोड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. आजकल कई इंडियन सेलेब्रिटीज देसी यानी होमग्रोन ब्रांड्स को सपोर्ट करते नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में मशहूर सिंगर, सॉन्गराइटर और रिकॉर्ड प्रोड्यूसर दलेर मेहंदी ने भी एक बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने हाल ही में नई Mahindra XEV 9E इलेक्ट्रिक SUV खरीदी है. आइए देखते हैं वीडियो और जानते हैं इस कार की खूबियां. दलेर मेहंदी के घर आई Mahindra XEV 9E यह वीडियो Mahindra Electric SUVs के ऑफिशियल इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया गया है. इसमें दिखाया गया है कि डीलरशिप स्टाफ खुद गाड़ी लेकर सिंगर के घर पहुंचता है और वहीं पर डिलीवरी करता है. वीडियो में दलेर मेहंदी अपने परिवार के साथ उस जगह की तरफ जाते नजर आते हैं, जहां कार खड़ी होती है. गाड़ी पूरी तरह कवर होती है और फिर उसे खुद डलर मेहंदी अनवील करते हैं. कार देखने के बाद वो उसके सामने प्रार्थना भी करते हैं और फिर अंदर बैठते हैं. इस मौके पर डीलरशिप की टीम भी मौजूद रहती है. वो उन्हें गाड़ी के फीचर्स और फंक्शन्स के बारे में समझाती है. View this post on Instagram A post shared by Mahindra Electric Origin SUVs (@mahindraelectricsuvs) Mahindra XEV 9E की खूबियां Mahindra XEV 9E एक 5-सीटर इलेक्ट्रिक SUV है, जिसमें कूपे जैसी स्लोपिंग डिजाइन मिलती है. यह SUV साइज में भी काफी बड़ी है. इसकी लंबाई 4,790 mm, चौड़ाई 1,905 mm और ऊंचाई 1,690 mm है. वहीं इसका व्हीलबेस 2,775 mm है. इसमें टॉप वेरिएंट के हिसाब से फीचर्स की भरमार है. तीन बड़ी स्क्रीन वाला डैशबोर्ड, लेवल 2 ADAS सेफ्टी, और 663 लीटर का बड़ा बूट स्पेस दिया गया है. कम्फर्ट के लिए लेदरइट सीट्स, AR हेड-अप डिस्प्ले, NFC की, इन-कैबिन सेल्फी कैमरा, पैनोरमिक ग्लास रूफ, वेंटिलेटेड सीट्स और ड्यूल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल जैसे फीचर्स मिलते हैं. सेफ्टी के मामले में भी यह SUV काफी आगे है. इसमें 6-7 एयरबैग्स, 360 डिग्री कैमरा और हिंदुस्तान NCAP में शानदार स्कोर शामिल है. परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें 59 kWh और 79 kWh के दो बैटरी ऑप्शन मिलते हैं. छोटा बैटरी पैक 228 bhp पावर के साथ 542 km की रेंज देता है, जबकि बड़ा पैक 282 bhp पावर और 656 km तक की रेंज ऑफर करता है. इसकी कीमत 21.90 लाख रुपये से शुरू होकर 31.25 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है. यह भी पढ़ें: 59 साल पुरानी Ambassador में फिट कर दिया Skoda का इंजन और Mercedes गियरबॉक्स, देखें वीडियो The post पॉपुलर सिंगर दलेर मेहंदी ने खरीदी Mahindra की कूपे स्टाइल वाली इलेक्ट्रिक SUV, जानें कीमत और खूबियां appeared first on Naya Vichar.

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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से लेकर सर्वदलीय बैठक तक… इन पांच मुद्दों पर केंद्र को घेरेगा ‘इंडिया’ गठबंधन

INDIA Alliance Meeting: विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (INDIA) की सोमवार (8 जून) को नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में बैठक हुई. बैठक में 23 दलों के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के खिलाफ साझा रणनीति पर चर्चा की. गठबंधन ने कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी एकजुटता बनाए रखने और आगे की रणनीति तय करने पर सहमति जताई. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में पांच बिंदुओं पर सर्वसम्मति से सहमत हुए हैं. आज हमने यह तय किया है कि हम इन मुद्दों के लिए लड़ेंगे, इन पर काम करेंगे और आगे बढ़ेंगे. #WATCH | Delhi | Congress National President Mallikarjun Kharge says, “The INDIA alliance meeting has concluded, with 25 parties in attendance. Everyone shared their views, and subsequently, we reached a consensus on five points. We have agreed today; we will fight for these… pic.twitter.com/Kcx730ph5r — ANI (@ANI) June 8, 2026 NEET और CBSE विवाद पर शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि नीट-यूजी परीक्षा और सीबीएसई की उत्तर पुस्तिकाओं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) से जुड़े मुद्दों ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि इन परीक्षाओं में शामिल युवाओं के साथ विश्वासघात हुआ है. गठबंधन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है. चुनावी पारदर्शिता पर सीजेआई को पत्र लिखने का फैसला ‘इंडिया’ गठबंधन ने बैठक में मतदाता सूची में कथित हेरफेर, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), चुनावी निष्पक्षता और ‘वोट लूट’ जैसे मुद्दों पर चिंता जताई है. गठबंधन में शामिल दलों ने फैसला किया है कि इन विषयों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को जल्द ही एक पत्र भेजा जाएगा. विपक्षी दलों ने की सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग विपक्षी दलों ने केंद्र प्रशासन से देश की आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और अन्य समस्याओं पर चर्चा के लिए तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है. गठबंधन का कहना है कि इन विषयों पर व्यापक नेतृत्वक सहमति और संवाद की जरूरत है. #WATCH | Delhi | After the INDIA bloc meeting, Congress National President Mallikarjun Kharge says, “The Union government should immediately call an all-party meeting to discuss the precarious current economic situation, unemployment, price rise and farmers’ issue and other… pic.twitter.com/yNlytlKjBZ — ANI (@ANI) June 8, 2026 संसद के मानसून सत्र के लिए समन्वय रणनीति बैठक में यह भी तय किया गया कि संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के बीच समन्वय बनाए रखा जाएगा. इसके लिए प्रतिदिन नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी. साथ ही गठबंधन के नेताओं की बैठक हर दो महीने में आयोजित करने पर सहमति बनी और अगली बैठक हैदराबाद में करने का फैसला लिया गया. ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में ये नेता हुए शामिल ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में कांग्रेस की तरफ से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शामिल हुए. इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सुप्रिया सुले सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े. इसके अलावा नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती, भाकपा के डी राजा, माकपा के जॉन ब्रिटास और भाकपा (माले) लिबरेशन के दीपांकर भट्टाचार्य सहित कई अन्य नेताओं ने भी बैठक में हिस्सा लिया. DMK और AAP ने बनाई बैठक से दूरी बैठक में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) शामिल नहीं हुईं. आम आदमी पार्टी पहले ही सार्वजनिक रूप से गठबंधन से दूरी बना चुकी है, जबकि द्रमुक ने तमिलनाडु में कांग्रेस के उससे संबंध तोड़कर टीवीके की प्रशासन में शामिल होने के बाद बैठक का बहिष्कार करने का फैसला करने की घोषणा की थी. वहीं बैठक में तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के शामिल नहीं होने से जुड़े सवाल पर कांग्रेस सूत्रों ने कहा- टीवीके इस बैठक में शामिल नहीं हुई क्योंकि केवल उन पार्टियों को आमंत्रित किया गया था, जिनके संसद में सदस्य हैं. भाजपा के बढ़ते प्रभाव के बीच विपक्षी एकता पर जोर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की जबरदस्त हार ने विपक्षी गठबंधन को देश में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए एकजुट होने को मजबूर किया है. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी गठबंधन के दलों से अपील की कि वे केंद्र प्रशासन की नीतियों और चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी एकजुटता को और मजबूत करें. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन संविधान पर हमला जारी रखे हुए है. विपक्षी नेताओं ने भाजपा के बढ़ते नेतृत्वक प्रभाव का मुकाबला करने के लिए साझा मंच को और मजबूत करने की जरूरत है. Also Read: ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में फूट-फूटकर रोने लगीं ममता बनर्जी! कहा- अपनों की गद्दारी ने कहीं का नहीं छोड़ा The post शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से लेकर सर्वदलीय बैठक तक… इन पांच मुद्दों पर केंद्र को घेरेगा ‘इंडिया’ गठबंधन appeared first on Naya Vichar.

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‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में फूट-फूटकर रोने लगीं ममता बनर्जी! कहा- अपनों की गद्दारी ने कहीं का नहीं छोड़ा

खास बातें सोनिया और शरद के सामने बयां की बेबसी- अपनों ने पीठ में घोंपा काकोली घोष के कदम से लगा झटका बंद कमरे में अभिषेक बनर्जी पर फूटा गुस्सा वरिष्ठ नेताओं को किया गया जलील Mamata Banerjee Crying in INDIA Bloc Meeting: गठबंधन के साथियों ने बंधाया ढाढ़स नेतृत्वक अस्तित्व की लड़ाई Mamata Banerjee Crying in INDIA Bloc Meeting: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मचे अब तक के सबसे बड़े ऐतिहासिक तख्तापलट और लोकसभा में 20 सांसदों की खुली बगावत के बाद, बेहद कमजोर स्थिति में दिल्ली पहुंचीं ममता बनर्जी बंद कमरे में खुद को संभाल नहीं पायीं. बैठक के दौरान जब सभी विपक्षी दलों के शीर्ष नेता एक साथ बैठे, तब बंद कमरों की बातचीत में ममता बनर्जी फूट-फूटकर रोने लगीं. दीदी ने विपक्षी नेताओं के सामने अपनी ही पार्टी के बागियों और भतीजे अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किये. सोनिया और शरद के सामने बयां की बेबसी- अपनों ने पीठ में घोंपा सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के सामने रोते हुए कहा- मैंने जिंदगी भर जिन लोगों को अपनी उंगली पकड़कर नेतृत्व सिखायी, जिन्हें सांसद और मंत्री बनाया, आज सत्ता जाते ही उन्होंने ही मेरी पीठ में सबसे बड़ा खंजर घोंप दिया. काकोली घोष के कदम से लगा झटका दीदी ने विशेष रूप से लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक काकोली घोष दस्तीदार और उग्र गुट द्वारा सोमवार सुबह ही एनडीए (NDA) को समर्थन देने वाले सीक्रेट लेटर का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि दिल्ली पहुंचने से ठीक पहले उनके 20 सांसद इस तरह से बिक जायेंगे या पाला बदल लेंगे. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी को महा-झटका, काकोली घोष दस्तीदार समेत 20 सांसद NDA के साथ, दीदी का स्पोर्ट्स खत्म बंद कमरे में अभिषेक बनर्जी पर फूटा गुस्सा सूत्रों ने बताया कि गुप्त बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के सामने तृणमूल कांग्रेस के भीतर बुआ और भतीजे के बीच चल रहे वर्चस्व की जंग की कड़वी सच्चाई को खुले तौर पर स्वीकार की. ममता बनर्जी ने विपक्षी नेताओं से कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार और उसके बाद विधायकों व सांसदों में मची इस भगदड़ की सबसे बड़ी वजह अभिषेक बनर्जी की तानाशाही और अति-महत्वाकांक्षी कार्यशैली है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें वरिष्ठ नेताओं को किया गया जलील उन्होंने रोते हुए कहा कि पार्टी के पुराने और वफादार नेताओं को लगातार दरकिनार कर जलील किया गया. इसकी वजह से आज पार्टी के भीतर इस तरह का आत्मघाती विद्रोह खड़ा हो गया है. काकोली घोष दस्तीदार, रीतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा जैसे कद्दावर नेताओं का बागी हो जाना इसी गलत सांगठनिक फैसलों का नतीजा है. Mamata Banerjee Crying in INDIA Bloc Meeting: गठबंधन के साथियों ने बंधाया ढाढ़स ममता बनर्जी को इस तरह भावुक और असहाय देख बैठक में मौजूद तमाम विपक्षी दिग्गजों ने अपनी नेतृत्वक दूरियां भुलाकर उन्हें ढाढ़स बंधाया. सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी ने खुद ममता बनर्जी के पास जाकर उन्हें चुप कराया और सांत्वना देते हुए कहा कि नेतृत्व में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, और इस संकट की घड़ी में पूरा ‘इंडिया’ गठबंधन उनके साथ मजबूती से खड़ा है. इसे भी पढ़ें : काकोली घोष दस्तीदार ने बगावत के लिए 8 जून को ही क्यों चुना? सामने आये 3 बड़े कारण नेतृत्वक अस्तित्व की लड़ाई नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि बंद कमरे में चाहे कितनी भी सहानुभूति मिली हो, लेकिन व्यावहारिक रूप से लोकसभा के 28 में से 20 सांसदों और बंगाल विधानसभा के 80 में से 58 विधायकों को गंवाने के बाद अब राष्ट्रीय नेतृत्व और ‘इंडिया’ गठबंधन के भीतर ममता बनर्जी का वो पुराना दबदबा और नेतृत्वक वीटो पावर हमेशा के लिए खत्म हो चुका है. अब वे केवल अपने बचे-खुचे नेतृत्वक अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं. इसे भी पढ़ें टॉलीवुड का काला सच आया सामने, 10 साल तक काम के लिए तरसती रहीं श्रीलेखा मित्रा, ‘सिंडिकेट’ ने किया करियर बर्बाद आसान नहीं तृणमूल सांसदों का दलबदल! सांसदों की बगावत में बाधा बनेगा कानून विद्रोह के बीच तृणमूल की सर्जरी, अभिषेक के अधिकार घटे, सुखेंदु-सौगत और महुआ को ममता ने दी बड़ी जिम्मेदारी 1998 में आंदोलन की कोख से जन्म, सत्ता का घमंड और ऐतिहासिक पतन, पढ़ें ममता बनर्जी की पार्टी TMC की पूरी कहानी The post ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में फूट-फूटकर रोने लगीं ममता बनर्जी! कहा- अपनों की गद्दारी ने कहीं का नहीं छोड़ा appeared first on Naya Vichar.

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सुनील सिंह को टिकट देने पर राजद में बवाल, शिवचंद्र राम ने दिया राष्ट्रीय पद से इस्तीफा

Bihar MLC Chunav: राजद के वरिष्ठ नेता और बिहार प्रशासन के पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने पार्टी के अनुसूचित जाति-जनजाति (SC/ST) प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. बिहार विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवारों के चयन के बाद उन्होंने यह फैसला लिया. बिहार विधान परिषद की सीटों के लिए राजद ने सुनील कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है. सोमवार को सुनील सिंह ने पार्टी की ओर से नामांकन भी दाखिल कर दिया. इसके बाद शिवचंद्र राम की नाराजगी खुलकर सामने आ गई. उन्होंने अपने इस्तीफे में कहा कि यह फैसला उन्होंने भारी मन से लिया है. पार्टी से नहीं, पद से दिया इस्तीफा शिवचंद्र राम ने अपने पत्र में साफ लिखा है कि वह पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं. उनका इस्तीफा केवल संगठन के पद से दिया है. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की विचारधारा और राजद के प्रति उनका विश्वास पहले की तरह बना हुआ है. लेकिन अपने समाज की भावनाओं और कार्यकर्ताओं की उम्मीदों को देखते हुए अब इस पद पर बने रहना उनके लिए संभव नहीं रह है. उन्होंने कहा कि वर्षों से वह पार्टी और सामाजिक न्याय की सोच के साथ जुड़े रहे हैं. नेतृत्व को उन्होंने कभी पद पाने का जरिया नहीं माना, बल्कि समाज के अधिकार और सम्मान की लड़ाई का माध्यम समझा. “ऐसी जिंदगी भगवान ना करे किसी को मिले…” एमएलसी उम्मीदवार नहीं बनाए जाने से नाराज राजद नेता शिवचंद्र राम मीडिया के सामने फूट-फूट कर रो पड़े. शिवचंद्र राम ने पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया. एससी-एसटी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर रहे शिवचंद्र राम ने आरोप लगाया कि पार्टी… pic.twitter.com/eR4KNspEeU — Naya Vichar (@prabhatkhabar) June 8, 2026 समाज के बीच जाकर किया पार्टी का काम- राम अपने पत्र में शिवचंद्र राम ने लिखा कि उन्होंने गांव से लेकर जिला स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया. विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने दलित, वंचित और रविदास समाज के लोगों के बीच जाकर पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि हजारों कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत कर पार्टी को मजबूत बनाया. समाज के लोगों को उम्मीद थी कि उनकी भागीदारी और योगदान का सम्मान किया जाएगा. आहत हैं शिवचंद्र राम शिवचंद्र राम ने कहा कि हाल के घटनाक्रम ने उन्हें अंदर तक दुखी कर दिया है. जहां भी वह जाते हैं, लोग उनसे सवाल पूछते हैं. समाज के लोगों की नाराजगी और निराशा देखकर उन्हें काफी पीड़ा होती है. उन्होंने कहा कि उन्हें किसी पद का मोह नहीं है. पद मिले या न मिले, इससे उनके जीवन का उद्देश्य नहीं बदलता. लेकिन जिस समाज ने उन पर भरोसा किया, उसकी भावनाओं को अनदेखा करना उनके लिए आसान नहीं है. चार दिनों से नहीं सो पाए शिवचंद्र राम ने भावुक होते हुए कहा कि पिछले कई दिनों से वह मानसिक रूप से परेशान हैं. उन्होंने कहा कि पिछले चार रात से वह ठीक से सो भी नहीं पाए हैं. समाज की उम्मीदों और लोगों के सवालों ने उन्हें भीतर तक परेशान कर दिया है. उनका कहना है कि वह लगातार सोच रहे हैं कि उन लोगों को क्या जवाब दें जिन्होंने उन पर भरोसा किया था और बेहतर प्रतिनिधित्व की उम्मीद लगाई थी. प्रतिनिधित्व को लेकर उठाया सवाल अपने इस्तीफे में शिवचंद्र राम ने राजद नेतृत्व से मांग की है कि विधान परिषद और राज्यसभा जैसी संस्थाओं में दलित, आदिवासी, पिछड़ा, अतिपिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय केवल नारे या समर्थन तक सीमित नहीं होना चाहिए. समाज के विभिन्न वर्गों को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व भी मिलना चाहिए. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें लालू-राबड़ी के प्रति जताया सम्मान शिवचंद्र राम ने अपने पत्र में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पार्टी नेतृत्व का आभार भी जताया. उन्होंने कहा कि संगठन में काम करने का अवसर देने के लिए वह नेतृत्व के प्रति सम्मान रखते हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके मन में किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई नाराजगी या कटुता नहीं है. उनका फैसला पूरी तरह समाज की भावनाओं और अपने नैतिक दायित्व को देखते हुए लिया गया है. शिवचंद्र राम ने कहा कि सामाजिक न्याय, सम्मान और बराबरी की लड़ाई उनके जीवन का उद्देश्य रही है और आगे भी बनी रहेगी. वह पद छोड़ सकते हैं, लेकिन समाज के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करना नहीं छोड़ेंगे. इसे भी पढ़ें: Bihar MLC Chunav: कुर्सी जाने का काउंटडाउन शुरू? जानें कब तक मंत्री बने रह सकते हैं दीपक प्रकाश The post सुनील सिंह को टिकट देने पर राजद में बवाल, शिवचंद्र राम ने दिया राष्ट्रीय पद से इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी को महा-झटका, काकोली घोष दस्तीदार समेत 20 सांसद NDA के साथ, दीदी का खेल खत्म

खास बातें बागी सांसदों ने निकाली दलबदल कानून की काट हम एनडीए के साथ जा रहे हैं : काकोली घोष दस्तीदार दलबदल विरोधी कानून की उड़ी धज्जियां बंगाल की जनता के फैसले को किया स्वीकार TMC Crisis: दिल्ली में खलबली, कालीघाट में सन्नाटा ममता के ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक से पहले हुआ ‘धमाका’ TMC Crisis: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद बिखर रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ताबूत में सोमवार को दिल्ली की धरती पर सबसे आखिरी और सबसे बड़ा कील ठोक दिया गया. पश्चिम बंगाल से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक उस समय नेतृत्वक भूकंप आ गया, जब तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद और लोकसभा में पार्टी की पूर्व मुख्य सचेतक (Chief Whip) काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि टीएमसी के 28 लोकसभा सदस्यों में से 20 ने केंद्र में सत्तारूढ़ हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी राजग (NDA) को समर्थन देने का फैसला कर लिया है. बागी सांसदों ने निकाली दलबदल कानून की काट बागी टीएमसी सांसदों ने दलबदल कानून की काट निकालते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को आधिकारिक पत्र भी सौंप दिया है, जिससे ममता बनर्जी का संसदीय कुनबा ताश के पत्तों की तरह ढह गया. इसी तरह रीतब्रत बनर्जी की अगुवाई में 58 टीएमसी विधायकों ने ममता बनर्जी को बंगाल विधानसभा में झटका दिया था. हम एनडीए के साथ जा रहे हैं : काकोली घोष दस्तीदार सोमवार को काकोली घोष दस्तीदार ने टीएमसी में सबसे बड़े विद्रोह की आधिकारिक पुष्टि की. उन्होंने खुलासा किया कि केंद्र प्रशासन को समर्थन देने की इच्छा जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक लिखित पत्र पहले ही भेजा जा चुका है. उन्होंने एक बड़ा तकनीकी दावा ठोकते हुए कहा- तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 सांसदों ने, जिनमें मैं भी शामिल हूं, एनडीए को समर्थन देने के अपने फैसले से लोकसभा अध्यक्ष को अवगत करा दिया है. मैं अभी भी लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक बनी हुई हूं और यह निर्णय सभी साथी सांसदों के साथ गहन विचार-विमर्श और आम सहमति के बाद लिया गया है. इसे भी पढ़ें : कालीघाट की बैठकों के ‘सीक्रेट दस्तावेज’ लीक, रीतब्रत ने पूछे 3 सवाल, सीआईडी खंगालेगी विधायकों का मोबाइल लोकेशन दलबदल विरोधी कानून की उड़ी धज्जियां बागियों ने दलबदल कानून (Anti-Defection Law) के उस चक्रव्यूह को पूरी तरह भेद दिया, जिसकी चर्चा रविवार को टीएमसी के थिंक टैंक कर रहे थे. लोकसभा में टीएमसी के कुल 28 सदस्य हैं. नियमानुसार, दलबदल कानून से बचने और अपनी सांसदी बचाने के लिए दो-तिहाई यानी कम से कम 19 सांसदों की जरूरत थी. काकोली का दावा है कि 20 सांसदों का उनको समर्थन प्राप्त है. इसलिए दलबदल कानून उन पर लागू नहीं होता. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बंगाल की जनता के फैसले को किया स्वीकार बगावत को जायज ठहराते हुए काकोली घोष दस्तीदार ने कहा- हमने पश्चिम बंगाल की जनता के फैसले और जनादेश को खुले दिल से स्वीकार कर लिया है. हमारा दृढ़ विश्वास है कि बंगाल के विकास के लिए हमारा भविष्य का नेतृत्वक मार्ग अब राजग (NDA) की नीतियों के अनुरूप ही होना चाहिए. TMC Crisis: दिल्ली में खलबली, कालीघाट में सन्नाटा यह अप्रत्याशित घटनाक्रम उस वक्त सामने आया है, जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर पिछले कुछ दिनों से वरिष्ठ नेताओं द्वारा खुले तौर पर केंद्रीय नेतृत्व (अभिषेक बनर्जी की शैली) के खिलाफ असहमति जताने और इस्तीफे देने का दौर चल रहा था. लोकसभा के 28 सांसदों के साथ-साथ राज्यसभा में भी टीएमसी के 12 सदस्य हैं, लेकिन लोकसभा में हुए इस 20 सांसदों के महा-विद्रोह ने ममता बनर्जी की राष्ट्रीय नेतृत्व को शून्य पर ला खड़ा किया है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में 28 साल का सबसे बड़ा भूचाल, ममता में ‘लेनिन’ को देखने वाले रीतब्रत बने टीएमसी के 58 बागियों के ‘बॉस’ ममता के ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक से पहले हुआ ‘धमाका’ दिल्ली में ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की बड़ी बैठक से ठीक पहले यह धमाकेदार समाचार आ गयी. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस महा-तख्तापलट और काकोली घोष दस्तीदार के दावों पर समाचार लिखे जाने तक तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व (कालीघाट) की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या खंडन सामने नहीं आया है. इसे भी पढ़ें अधीर रंजन चौधरी का बड़ा बयान- अपनी ही करनी का फल भुगत रही हैं टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ममता बनर्जी का कोलकाता की सड़कों पर चटाई बिछाकर धरना, टीएमसी में टूट की आशंका के बीच ‘दिल्ली चलो’ का नारा बंगाल में महाराष्ट्र जैसे विभाजन के दावों पर भड़के शोभनदेव चट्टोपाध्याय, कहा- ममता बनर्जी के पास ही रहेगा ‘जोड़ा फूल’ मैं भी बड़ी खिलाड़ी हूं, समय आने पर दूंगी जवाब, चौतरफा संकट के बीच फेसबुक लाइव पर गरजीं ममता बनर्जी The post ममता बनर्जी को महा-झटका, काकोली घोष दस्तीदार समेत 20 सांसद NDA के साथ, दीदी का स्पोर्ट्स खत्म appeared first on Naya Vichar.

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Bihar MLC Chunav: कुर्सी जाने का काउंटडाउन शुरू? जानें कब तक मंत्री बने रह सकते हैं दीपक प्रकाश

Bihar MLC Chunav: बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए एनडीए के सभी 9 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया है. इसके बाद बिहार की नेतृत्व में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. इस बार उन्हें एनडीए की ओर से एमएलसी उम्मीदवार नहीं बनाया गया. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या वह आगे भी मंत्री पद पर बने रह पाएंगे या नहीं. मंत्री पद को लेकर क्यों उठ रहे सवाल? दीपक प्रकाश राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रह चुके उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं. वह इस समय बिहार प्रशासन में पंचायती राज मंत्री हैं. लेकिन फिलहाल वह न तो विधानसभा के सदस्य हैं और न ही विधान परिषद के. ऐसे में संवैधानिक नियमों को लेकर उनकी स्थिति पर चर्चा शुरू हो गई है. संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति मंत्री बनाया जा सकता है, लेकिन उसे छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद में से किसी एक सदन का सदस्य बनना जरूरी होता है. यदि तय समय के अंदर सदस्यता नहीं मिलती है तो मंत्री पद छोड़ना पड़ता है. मई में दोबारा मिली थी मंत्री पद की जिम्मेदारी दीपक प्रकाश ने पहले भी मंत्री पद की शपथ ली थी. उस कार्यकाल के समाप्त होने के बाद मई महीने में बने नए मंत्रिमंडल में उन्हें फिर से मंत्री बनाया गया. इसी वजह से छह महीने की नई समयसीमा की गणना मई से मानी जा रही है. नेतृत्वक जानकारों का कहना है कि वर्तमान स्थिति में वह नवंबर तक मंत्री पद पर बने रह सकते हैं. लेकिन इसके बाद उनके सामने संवैधानिक चुनौती खड़ी हो सकती है. एमएलसी चुनाव में नहीं मिला मौका विधान परिषद की जिन सीटों पर चुनाव हो रहा है, वहां एनडीए ने अपने उम्मीदवारों के नाम पहले ही तय कर दिए हैं. भाजपा ने चार उम्मीदवार उतारे हैं. जदयू ने भी चार नेताओं को मैदान में भेजा है. एक सीट लोक जनशक्ति पार्टी (रा) के हिस्से में गई है. ऐसे में एनडीए की ओर से सभी नौ सीटों पर उम्मीदवार तय हो चुके हैं. दीपक प्रकाश का नाम इनमें शामिल नहीं है. यही कारण है कि उनके लिए फिलहाल विधान परिषद पहुंचने का रास्ता बंद नजर आ रहा है. दूसरी तरफ दसवीं सीट पर राजद ने सुनील कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है. नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नेतृत्वक हलकों में अब दीपक प्रकाश की आगे की रणनीति को लेकर चर्चा बढ़ गई है. नवंबर के बाद क्या हो सकता है? नेतृत्वक और संवैधानिक जानकारों का मानना है कि यदि नवंबर तक दीपक प्रकाश किसी भी सदन के सदस्य नहीं बनते हैं तो उनके लिए मंत्री पद पर बने रहना संभव नहीं होगा. नियमों के तहत उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है. फिलहाल निकट भविष्य में विधान परिषद की कोई नई सीट खाली होती भी नहीं दिख रही है. ऐसे में उनके सामने सदस्य बनने के ऑप्शन कम नजर आ रहे हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें इस्तीफे की चर्चा भी तेज नेतृत्वक गलियारों में यह चर्चा भी चल रही है कि यदि समय रहते कोई रास्ता नहीं निकलता है तो दीपक प्रकाश नैतिक आधार पर स्वयं भी मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. अभी तक इस तरह की किसी संभावना पर उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है. प्रशासन, एनडीए या राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इसे भी पढ़ें: दीपक प्रकाश ने नहीं किया नामांकन, मंत्री पद जाना तय! जानें 10 उम्मीदवारों के नाम The post Bihar MLC Chunav: कुर्सी जाने का काउंटडाउन शुरू? जानें कब तक मंत्री बने रह सकते हैं दीपक प्रकाश appeared first on Naya Vichar.

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कल किन राशि वालों को मिलेगा किस्मत का पूरा साथ और किनकी बढ़ेगी चुनौतियां, पढ़ें 9 जून का राशिफल

Kal Ka Rashifal 9 June 2026: कल 9 जून 2026 दिन मंगलवार है. ग्रहों की स्थिति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है, क्योंकि चंद्रमा अपनी राशि परिवर्तन प्रक्रिया के तहत अब मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं. मंगल का अपनी स्वराशि मेष में होना साहस और पराक्रम में वृद्धि करेगा, जबकि कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति और शुक्र का युति योग भावनात्मक स्थिरता और सुख-सुविधाओं में इजाफा करने वाला है. मीन राशि का चंद्रमा अध्यात्म और रचनात्मकता की ओर झुकाव बढ़ाता है. यह दिन मंगल प्रधान होने के कारण ऊर्जा से भरा रहेगा, लेकिन चंद्रमा की मीन स्थिति मन में थोड़ी भावुकता भी पैदा करेगी. करियर में मेहनत का फल मिलने की संभावना है और व्यापारियों के लिए निवेश का यह एक शुभ चरण है. आइए जानते हैं कि ग्रहों का यह विशेष गोचर आपके व्यक्तिगत जीवन के विभिन्न पहलुओं, जैसे कि करियर, प्रेम और स्वास्थ्य पर कैसा प्रभाव डालने वाला है. पढ़ें कल का राशिफल मेष कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए थोड़ा खर्चीला रह सकता है, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के बारहवें भाव में स्थित है. करियर के क्षेत्र में कार्यभार अधिक रहेगा, लेकिन आप अपनी बुद्धिमानी से सब संभाल लेंगे. बिजनेस में धन के निवेश के समय सावधानी बरतें. लव लाइफ में साथी के साथ थोड़ी गलतफहमियां हो सकती हैं, इसलिए स्पष्ट बात करना ही उचित रहेगा. स्वास्थ्य में पैरों या आंखों की थकान महसूस हो सकती है, भरपूर आराम करें. कल आपको व्यर्थ की भागदौड़ से बचने की सलाह दी जाती है. अपने लक्ष्यों को प्राथमिकता दें और किसी भी प्रकार के तनाव से दूर रहकर सकारात्मक रहने का प्रयास करें. वृषभ कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए काफी लाभकारी रहेगा, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के एकादश भाव में विराजमान है. करियर में आपकी मेहनत का अच्छा फल मिलेगा और वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे. बिजनेस में अचानक आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं. लव लाइफ में साथी के साथ बेहतरीन समय बीतेगा और आप भविष्य को लेकर चर्चा कर सकते हैं. स्वास्थ्य उत्तम रहेगा और आप मानसिक रूप से काफी प्रसन्न महसूस करेंगे. कल आप जो भी नया काम शुरू करेंगे, उसमें सफलता प्राप्त होगी. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और आप अपने मित्रों के साथ यादगार पल साझा करेंगे. मिथुन कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए सफलता दिलाने वाला है, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के दशम भाव में संचरण कर रहा है. करियर में आपको बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे आपके पद में वृद्धि होगी. बिजनेस में नई योजनाएं सफल होंगी और लाभ के नए अवसर सामने आएंगे. लव लाइफ में साथी के साथ तालमेल बना रहेगा और आपसी प्रेम में प्रगाढ़ता आएगी. स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन अच्छा है, बस काम के साथ-साथ अपने खान-पान पर भी ध्यान दें. कल कार्यस्थल पर आपकी पहचान एक कुशल रणनीतिकार के रूप में बनेगी. आत्म-विश्वास के साथ अपने सभी कार्यों को समय पर पूरा करने का प्रयास करें. कर्क कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए भाग्यशाली रहेगा, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के नवम भाव में स्थित है. करियर में तरक्की के नए द्वार खुलेंगे और विदेश यात्रा के योग भी बन सकते हैं. बिजनेस में कोई बड़ा सौदा फाइनल हो सकता है. लव लाइफ में साथी के साथ रिश्ता और मजबूत होगा. स्वास्थ्य के प्रति आप पहले से बेहतर महसूस करेंगे, ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा. कल आप किसी धार्मिक या सामाजिक कार्य में रुचि ले सकते हैं. आपका मन शांत रहेगा और आप सही निर्णय लेने में सक्षम होंगे. परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. सिंह कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के अष्टम भाव में गोचर कर रहा है. करियर में सहकर्मियों से सतर्क रहें और अपने काम पर ही ध्यान दें. बिजनेस में किसी भी प्रकार का बड़ा निवेश अभी न करें. लव लाइफ में साथी की सेहत को लेकर थोड़ी चिंता रह सकती है. स्वास्थ्य में पेट या पाचन से जुड़ी समस्या हो सकती है, सात्विक भोजन लें. कल आपको धैर्य रखने की बहुत अधिक आवश्यकता है. शांत रहकर ही आप मुश्किलों का सामना कर पाएंगे. किसी भी प्रकार के विवाद से दूर रहें और अपने कार्यों में स्पष्टता बनाए रखें. कन्या कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए मिश्रित फलदायी रहेगा, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के सप्तम भाव में विराजमान है. करियर में नई साझेदारी करने के लिए दिन अच्छा है. बिजनेस में मुनाफा बढ़ेगा, लेकिन खर्चों पर भी नियंत्रण रखना होगा. लव लाइफ में साथी के साथ कहीं बाहर जाने का मौका मिल सकता है, जिससे मूड अच्छा रहेगा. स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन सामान्य है, बस नियमित व्यायाम करते रहें. कल आप अपने लक्ष्यों के प्रति काफी गंभीर रहेंगे. कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा. जीवनसाथी का पूरा सहयोग आपको मिलेगा. तुला कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए अनुकूल है, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के छठे भाव में स्थित है. यह स्थान रोगों और शत्रुओं पर विजय दिलाने वाला है. करियर में आपको पुरानी मेहनत का फल मिलेगा और आपके विरोधी शांत रहेंगे. बिजनेस में लाभ की स्थिति बनी रहेगी. लव लाइफ में साथी के साथ मधुर संबंध रहेंगे और आप दोनों एक-दूसरे की भावनाओं को बेहतर समझेंगे. स्वास्थ्य में सुधार आएगा और आप नई स्फूर्ति का अनुभव करेंगे. कल का दिन कठिन कार्यों को पूरा करने के लिए उपयुक्त है. अपने आत्मविश्वास को बनाए रखें और अपनी कार्यक्षमता का पूरा लाभ उठाएं. वृश्चिक कल का राशिफल कल का दिन आपके लिए मध्यम फलदायी रहेगा, क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि के पंचम भाव में संचरण कर रहा है. करियर में रचनात्मक विचारों की प्रशंसा होगी. बिजनेस में कोई बड़ा लाभ मिल सकता है, बशर्ते आप सही योजना बनाएं. लव लाइफ में साथी के साथ थोड़ी नोकझोंक हो सकती है, लेकिन अंत में सब ठीक हो जाएगा. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. कल आपको अपने बच्चों की शिक्षा या भविष्य से जुड़ी किसी बात पर ध्यान देने की आवश्यकता पड़ सकती है. विद्यार्थियों के लिए यह समय बहुत अच्छा है,

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पाकिस्तान ने 16 महीनों में लॉन्च किए 6 सैटेलाइट, भारत का इंच-इंच नाप रहा; कश्मीर पर खास फोकस

Pakistan Surveillance Satellites: पाकिस्तान ने पिछले डेढ़ साल के दौरान अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई रफ्तार दी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच पाकिस्तान ने छह नए अर्थ-ऑब्जर्वेशन (पृथ्वी अवलोकन) सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे हैं. इन सैटेलाइट्स की तैनाती और उनकी कक्षाओं को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चिंता जताई है, क्योंकि इनमें से कई हिंदुस्तान, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और उत्तरी क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने में सक्षम बताए जा रहे हैं. द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने पीएयूसैट-1 (PAUSAT-1), पीआरएससी-ईओ1 (PRSC-EO1), पीआरएसएस-2 (PRSS-2), एचएस-1 (HS-1), पीआरएससी-ईओ2 (PRSC-EO2) और पीआरएससी-ईओ3 (PRSC-EO3) सैटेलाइट्स को तैनात किया है. रिपोर्ट का दावा है कि यह पारंपरिक सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट वाले सैटेलाइट्स से अलग तरीके से काम करता है और किसी क्षेत्र की दोबारा तस्वीर लेने (रीविजिट रेट) की क्षमता बढ़ाता है. यह विस्तार ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने अंतरिक्ष आधारित निगरानी क्षमताओं को चुपचाप मजबूत करने का काम किया है. रिपोर्ट की मुख्य बातें एक नजर में जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच पाकिस्तान ने 6 नए अर्थ-ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट लॉन्च किए. कई सैटेलाइट हिंदुस्तान, खासकर जम्मू-कश्मीर और उत्तरी क्षेत्रों की बार-बार निगरानी करने में सक्षम बताए गए. सैटेलाइट्स में हाई-रिजॉल्यूशन इमेजिंग, हाइपरस्पेक्ट्रल सेंसर और एआई आधारित विश्लेषण तकनीक मौजूद है. अप्रैल 2026 में लॉन्च पीआरएससी-ईओ3 को दक्षिण एशिया पर अधिक निगरानी के लिए विशेष कक्षा में स्थापित किए जाने का दावा. पाकिस्तान के कुल 15 सैटेलाइट मिशनों में से 6 केवल पिछले 16 महीनों में लॉन्च हुए. अधिकांश मिशनों में चीन का प्रत्यक्ष या परोक्ष सहयोग रहा. विशेषज्ञों ने अंतरिक्ष आधारित निगरानी को भविष्य की सामरिक प्रतिस्पर्धा का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया. रिपोर्ट की मुख्य बातें इंफोग्राफिक में. यह तस्वीर एआई से बनवाई गई है. अब विस्तार से समझिए पाकिस्तान ने इन मिशनों को कृषि, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण अध्ययन और प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी से जुड़ी नागरिक परियोजनाएं बताया है. लेकिन रक्षा और अंतरिक्ष मामलों के जानकारों का कहना है कि आधुनिक अर्थ-ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट्स का इस्तेमाल दोहरे उद्देश्य (डुअल-यूज) के लिए किया जा सकता है, यानी नागरिक कार्यों के साथ-साथ सैन्य निगरानी में भी. पिछले 16 महीनों में पाकिस्तान के प्रमुख सैटेलाइट लॉन्च 14 जनवरी 2025: पीएयूसैट-1 (PAUSAT-1) पाकिस्तान की अंतरिक्ष एजेंसी सुपारको ने इसे स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट की मदद से लॉन्च किया. यह 16U क्यूबसैट श्रेणी का अर्थ-ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है. इसे पृथ्वी से करीब 513 किलोमीटर ऊंचाई पर सूर्य-समकालिक निम्न कक्षा (Sun-Synchronous Orbit) में स्थापित किया गया. 17 जनवरी 2025: पीआरएससी-ईओ1 (PRSC-EO1) पीएयूसैट-1 के लॉन्च के तीन दिन बाद ही पाकिस्तान ने दूसरा पृथ्वी अवलोकन उपग्रह अंतरिक्ष में भेजा. इस मिशन के लिए चीन के लॉन्ग मार्च-2डी रॉकेट का उपयोग किया गया. इसका उद्देश्य पृथ्वी की निगरानी और भू-स्थानिक डेटा जुटाना बताया गया. 31 जुलाई 2025: पाकिस्तान रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट-2 (PRSS-2) चीन के सहयोग से विकसित और लॉन्च किया गया. यह हाई-रिजॉल्यूशन इमेजिंग क्षमता वाला रिमोट सेंसिंग उपग्रह है. इससे अधिक स्पष्ट और विस्तृत तस्वीरें प्राप्त की जा सकती हैं. 19 अक्टूबर 2025: एचएस-1 (HS-1) पाकिस्तान का पहला हाइपरस्पेक्ट्रल अर्थ-ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट. यह विभिन्न तरंगदैर्घ्यों (वेवलेंथ) में डेटा एकत्र करने में सक्षम है. इसकी तकनीक जमीन पर मौजूद वस्तुओं, संरचनाओं और सामग्रियों की बेहतर पहचान में मदद कर सकती है. फरवरी 2026: पीआरएससी-ईओ2 (PRSC-EO2) पाकिस्तान के पृथ्वी अवलोकन कार्यक्रम का अगला चरण. इसे निगरानी और भू-डेटा संग्रहण क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया. अप्रैल 2026: पीआरएससी-ईओ3 (PRSC-EO3) पिछले 16 महीनों का छठा प्रमुख सैटेलाइट मिशन. रिपोर्टों के अनुसार इसे ऐसी कक्षा में स्थापित किया गया, जिससे दक्षिण एशिया के कुछ क्षेत्रों पर अपेक्षाकृत अधिक बार निगरानी संभव हो सके. इसकी कक्षा पारंपरिक सन-सिंक्रोनस सैटेलाइट्स से अलग बताई जाती है. आधुनिक तकनीक से लैस हैं नए सैटेलाइट रिपोर्ट के मुताबिक इन सैटेलाइट्स में हाई-रिजॉल्यूशन ऑप्टिकल इमेजिंग, हाइपरस्पेक्ट्रल सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इमेज प्रोसेसिंग जैसी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी प्रणालियां सीमावर्ती गतिविधियों, सैन्य ठिकानों, सैनिकों की आवाजाही, बुनियादी ढांचे में बदलाव और समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने में मदद कर सकती हैं. कश्मीर और उत्तरी हिंदुस्तान पर अधिक फोकस? रिपोर्ट में सबसे अधिक चर्चा पीआरएससी-ईओ3 सैटेलाइट को लेकर की गई है. अप्रैल 2026 में लॉन्च किए गए इस सैटेलाइट को कथित तौर पर ऐसी कक्षा में स्थापित किया गया है, जिससे दक्षिण एशिया, खासकर उत्तरी हिंदुस्तान और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के ऊपर बार-बार निगरानी संभव हो सके. इसमें सन सिंक्रोनस ऑर्बिट बड़ा योगदान देता है. अमेरिका की COMSPOC के अनुसार, यह इस तरह से मुड़ा हुआ है, जिससे 20 से 40 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर बेहतर निगरानी कर सके.  1961 के बाद सबसे तेज विस्तार पाकिस्तान की अंतरिक्ष एजेंसी सुपारको (SUPARCO) की स्थापना 1961 में हुई थी. रिपोर्ट के अनुसार स्थापना के बाद से पाकिस्तान ने कुल 15 सैटेलाइट लॉन्च किए हैं, लेकिन इनमें से छह सैटेलाइट केवल पिछले 16 महीनों में ही भेजे गए हैं. यह पाकिस्तान के अंतरिक्ष कार्यक्रम में बड़ा बदलाव है. इतने कम समय में इतने मिशन पूरे करना पाकिस्तान की पहले की रणनीति की तुलना में कहीं अधिक आक्रामक और महत्वाकांक्षी कदम है. ये भी पढ़ें:- PoK में भारी गोलीबारी, दावा- 100 से ज्यादा लोग मारे गए, 4 पुलिस वालों की मौत कंफर्म; इंटरनेट बंदी बरकरार ये भी पढ़ें:- अमेरिका, रूस ने घटाए, फ्रांस, चीन और हिंदुस्तान ने बढ़ाए;  परमाणु हथियार पर SIPRI की ताजा रिपोर्ट, इस बात पर जताई चिंता चीन की भूमिका सबसे ज्यादा रिपोर्ट में पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते अंतरिक्ष सहयोग का भी उल्लेख किया गया है. बताया गया है कि हाल के अधिकांश सैटेलाइट या तो चीनी रॉकेटों की मदद से लॉन्च किए गए या फिर संयुक्त परियोजनाओं के तहत विकसित किए गए. रिपोर्ट में सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि बाहरी तकनीकी और वित्तीय सहयोग के बिना इतनी तेज गति से सैटेलाइट तैनाती संभव नहीं होती. इसी कारण चीन की भूमिका को इस पूरे कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. हिंदुस्तान के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम? रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब हिंदुस्तान को पिछले कुछ वर्षों में कुछ रणनीतिक अंतरिक्ष मिशनों में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. ईओएस-एन1 (EOS-N1), ईओएस-09 (EOS-09) और नाविक एनवीएस-02 (NavIC NVS-02) जैसे मिशनों से जुड़े तकनीकी झटकों का भी रिपोर्ट

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