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June 15, 2026

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घर खरीदने का सबसे बेस्ट फॉर्मूला ! समझें 3/20/30/40 का नियम, बचेंगे लाखों रुपये

Home Buying Financial Planning : अपना खुद का घर होना हर किसी का सपना होता है, लेकिन बिना सोचे-समझे लिया गया होम लोन भविष्य में बड़े मानसिक और वित्तीय तनाव का कारण बन सकता है. रियल एस्टेट और पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि घर खरीदने से पहले पैसों की प्लानिंग करना उतना ही जरूरी है, जितना कि घर का नक्शा (ब्लूप्रिंट) तैयार करना. यदि आप पहली बार घर खरीदने जा रहे हैं, तो फाइनेंस की दुनिया का एक बेहद प्रसिद्ध और जादुई फॉर्मूला ‘3/20/30/40 नियम’ आपकी इस राह को बेहद आसान और सुरक्षित बना सकता है. आइए विस्तार से समझते हैं कि यह नियम कैसे काम करता है. क्या है 3/20/30/40 का नियम और इसका महत्व ? यह नियम घर की कुल कीमत, लोन की अवधि, मासिक किस्त (EMI) और डाउन पेमेंट को लेकर चार बहुत जरूरी पैमानों को तय करता है. नियम के अंक इसका वास्तविक अर्थ ऐसा करने के फायदे 3 (कीमत का दायरा) घर की कुल लागत आपकी सालाना कमाई के 3 गुना से ज्यादा न हो। यह आपको अपनी क्षमता से अधिक महंगी प्रॉपर्टी खरीदने से रोकता है। 20 (लोन की अवधि) होम लोन की समय-सीमा अधिकतम 20 साल या उससे कम होनी चाहिए। लोन जल्दी खत्म होता है और ब्याज के रूप में जाने वाला लाखों रुपया बचता है। 30 (किस्त की सीमा) महीने की EMI आपकी कुल मासिक आय के 30% से कम हो। इससे घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य निवेशों के लिए पैसों की तंगी नहीं होती। 40 (डाउन पेमेंट) प्रॉपर्टी की कुल वैल्यू का कम से कम 40% हिस्सा खुद की बचत से दें। बैंक से कम लोन लेना पड़ेगा, जिससे ब्याज का बोझ और डिफॉल्ट का जोखिम घटेगा। आसान उदाहरण से समझें इस नियम का गणित सालाना आय का 3 गुना: मान लीजिए आपकी सालाना कुल कमाई ₹12 लाख है. इस नियम के हिसाब से आपको अधिकतम ₹36 लाख तक का ही घर देखना चाहिए ताकि आप पर कर्ज का ज्यादा दबाव न बने. 30% ईएमआई की सीमा: अगर आपकी महीने की इन-हैंड सैलरी ₹1 लाख है, तो आपके सभी लोन की कुल EMI ₹30,000 प्रति माह से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. इससे बाकी के ₹70,000 से आप अपना घर आराम से चला सकेंगे. 40% डाउन पेमेंट का नियम: यदि आप ₹50 लाख का फ्लैट फाइनल करते हैं, तो लोन के भरोसे बैठने के बजाय पहले अपनी जेब से 40% यानी ₹20 लाख डाउन पेमेंट देने की तैयारी करें. इसमें थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन यह आपके भविष्य को सुरक्षित कर देगा. SBI समेत कई बैंकों में 8% से कम ब्याज दर अगर आप घर खरीदने का मन बना चुके हैं, तो इस समय बैंकिंग सेक्टर से भी अच्छी समाचार आ रही है. हिंदुस्तानीय स्टेट बैंक (SBI) और बैंक ऑफ इंडिया समेत देश के कई बड़े प्रशासनी और प्राइवेट बैंक 8% से भी कम शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन की पेशकश कर रहे हैं. देश के प्रमुख बैंकों की शुरुआती होम लोन ब्याज दरें. बैंक ऑफ इंडिया (BOI): 7.10% से शुरू यूनियन बैंक ऑफ इंडिया: 7.15% से शुरू हिंदुस्तानीय स्टेट बैंक (SBI): 7.25% से शुरू पंजाब नेशनल बैंक (PNB): 7.50% से शुरू एचडीएफसी बैंक (HDFC): 7.75% से शुरू Also Read : आधी दुनिया नहीं जानती EMI का फुल फॉर्म, जान जाएंगे तो हो जाएंगे स्मार्ट ! The post घर खरीदने का सबसे बेस्ट फॉर्मूला ! समझें 3/20/30/40 का नियम, बचेंगे लाखों रुपये appeared first on Naya Vichar.

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बारिश के मौसम में इन 5 चीजों को दोबारा गर्म करके खाना पड़ सकता है भारी, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?

Monsoon Cooking Tips: बारिश का मौसम जैसे ही आता है चारों तरफ हरियाली सी छा जाती है और मौसम भी काफी ज्यादा सुहाना लगने लगता है. इन दिनों में अक्सर हम गर्मागर्म चीजों को खाना ज्यादा शुरू कर देते हैं क्योंकि बाहर ठंडी-ठंडी बारिश के बीच जब कुछ गर्म खाने का मौका मिलता है, तो इसका एक्सपीरियंस बिलकुल ही अलग लगने लगता है. आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन बारिश के दिनों में आप किस चीज को किस तरह से खा रहे हैं, इसका काफी गहरा असर आपकी सेहत पर पड़ सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि मॉनसून के दौरान हवा में मॉइस्चर काफी ज्यादा बढ़ जाती है, जिस वजह से बैक्टीरिया और फंगस के बढ़ने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. आपकी सेहत न बिगड़े इसलिए आज की इस आर्टिकल में हम आपको 5 ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको बारिश के दिनों में कभी भी दोबारा गर्म करके नहीं खाना चाहिए. अगर आप घर इन चीजों को बना रहे हैं तो कोशिश करें कि इन्हें पहली बार में ही खाकर खत्म कर दें, इन्हें फ्रिज में बाद में गर्म करके खाने के लिए स्टोर करके न रखें. तो चलिए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से. चावल को भूलकर भी न करें दोबारा गर्म अक्सर दोपहर या रात के बचे हुए चावल को हम अगली सुबह फ्राई या गर्म करके खाना काफी ज्यादा पसंद करते हैं. लेकिन बारिश के दिनों में अगर आप ऐसा करते हैं तो यह फूड पॉइजनिंग की वजह भी बन सकता है. कच्चे चावल में बैसिलस सेरियस नाम के बैक्टीरिया के छोटे अंश होते हैं, जो चावल पकने के बाद भी जिंदा रह सकते हैं. अगर पके हुए चावलों को लंबे समय तक बाहर छोड़ दिया जाए, तो मॉनसून के भीगे हुए माहौल में ये बैक्टीरिया बहुत तेजी से बढ़ने लगते हैं. इन्हें दोबारा गर्म करने पर भी ये बैक्टीरिया पूरी तरह खत्म नहीं होते और आपका पेट खराब कर सकते हैं. पालक और अन्य हरी सब्जियों को न करें दोबारा गर्म हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे कि पालक, मेथी या राजगीरा को सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इन्हें सिर्फ एक बार पकाकर ही खाना चाहिए. इन सब्जियों में भारी मात्रा में नाइट्रेट पाया जाता है. जब आप बची हुई हरी सब्जी को दोबारा तेज आंच पर गर्म करते हैं, तो यह नाइट्रेट नाइट्रोजामिन में कन्वर्ट हो जाते हैं. यह एलिमेंट आपके शरीर के लिए नुकसानदेह होता है और इससे पेट में इंफेक्शन या उल्टी-दस्त की प्रॉब्लम भी हो सकती है. अंडे को दोबारा गर्म करने की न करें गलती अंडा प्रोटीन के सबसे बेहतरीन सोर्स में से एक है, चाहे वह उबला हुआ हो या ऑमलेट के रूप में। लेकिन प्रोटीन से भरपूर चीजों को लेकर बारिश में थोड़ी सावधानी बरतनी जरूरी है. जब आप पके हुए या उबले हुए अंडे को दोबारा गर्म करते हैं, तो इसका प्रोटीन स्ट्रक्चर पूरी तरह बदल जाता है. इससे अंडे में कुछ ऐसे हानिकारक एलिमेंट्स बन जाते हैं जो हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम को नुकसान पहुंचाते हैं और पेट दर्द की वजह बन सकते हैं. फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है मशरूम मशरूम को हमेशा उसी समय फ्रेश बनाकर ही खाने की सलाह दी जाती है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें बहुत ही नाजुक प्रोटीन और एंजाइम्स होते हैं. जैसे ही मशरूम पकने के बाद ठंडा होता है तो हवा में मौजूद बैक्टीरिया इस पर हमला कर देते हैं, खासकर बारिश के चिपचिपे मौसम में ऐसा ज्यादा होता है. अगर आप बचे हुए मशरूम को दोबारा गर्म करते हैं, तो इसका प्रोटीन पूरी तरह टूट जाता है, जिससे यह पेट में आसानी से नहीं पचता और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है. आलू को भी दोबारा नहीं करना चाहिए गर्म आलू एक ऐसी सब्जी है जिसका इस्तेमाल हमारे घरों में सबसे ज्यादा किया जाता है. आप इसे सब्जियों की जान भी कह सकते हैं. बता दें आपको बारिश के दिनों में उबले या पके हुए आलू को दोबारा गर्म करने की गलती भूलकर भी नहीं करनी चाहिए. जब आलू पकने के बाद कमरे के तापमान पर बहुत देर तक रखा रहता है, तो उसमें क्लॉस्ट्रिडियम बोटुलिनम नाम का बैक्टीरिया काफी तेजी से बढ़ने लगता है. यह बैक्टीरिया पेट में जाकर गंभीर इंफेक्शन का कारण बन सकता है. अगर आप इसे दोबारा गर्म भी कर लें, तब भी इसका खतरा पूरी तरह टलता नहीं है. हेल्दी रहने के लिए क्या करें? बारिश के इस मौसम में बीमारियों से बचने का सबसे आसान और सिंपल तरीका है कि आप हमेशा फ्रेश और गर्म खाना ही खाएं. आपको सिर्फ उतना ही खाना बनाना है जितनी आपको जरूरत लग रही हो. अगर खाना बच भी जाता है, तो उसे बाहर खुला छोड़ने की गलती बिल्कुल न करें, बल्कि तुरंत ढककर फ्रिज में रखें. ये भी पढ़ें: बिना प्याज-लहसुन के भी बन सकता है लाजवाब डिनर, ट्राई करें ये 3 टेस्टी रेसिपीज जिन्हें हर कोई करेगा पसंद The post बारिश के मौसम में इन 5 चीजों को दोबारा गर्म करके खाना पड़ सकता है भारी, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती? appeared first on Naya Vichar.

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US Iran डील पर इजरायल ने गिराया ‘बम’, कहा- हम इसका हिस्सा नहीं, अब क्या करेंगे ट्रंप?

Israel on US Iran Peace Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ समझौता पूरा होने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद इजरायल में इसका विरोध शुरू हो गया. इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका की मध्यस्थता में हुए किसी भी समझौते से इजरायल बाध्य नहीं है और देश अपनी सुरक्षा नीतियां खुद तय करेगा. ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते का ऐलान पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद किया. शरीफ ने दावा किया दोनों देश युद्ध समाप्त करने पर सहमत हैं और 19 जून को स्विट्जरलैंड में इस डील पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे.  बेन-गवीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘ट्रंप का समझौता हम पर लागू नहीं होता. इजरायल अमेरिका के अधीन नहीं है. हम एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र हैं. हमारी जिम्मेदारी इजरायल के नागरिकों, इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) और यहूदी समुदाय के प्रति है.’ उन्होंने कहा कि इतिहास में जब-जब इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुककर सुरक्षा संबंधी समझौते किए, तब उसे भारी कीमत चुकानी पड़ी. बेन-गवीर ने ओस्लो समझौते, 2006 के लेबनान समझौते और गाजा में संघर्ष विराम की विभिन्न अवधियों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे फैसलों का नतीजा अक्सर हिंसा के रूप में सामने आया. बेन-गवीर बोले- ‘इजरायल कोई बनाना रिपब्लिक नहीं’ राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री ने अमेरिका और ट्रंप के प्रति सम्मान जताते हुए भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय इजरायल के हितों को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘हम अमेरिका से प्रेम करते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप के आभारी हैं, लेकिन इजरायल कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है. मैं यह बात प्रधानमंत्री को लगातार कहता रहा हूं और हर महत्वपूर्ण ऐतिहासिक मोड़ पर बंद कमरों में भी दोहराता हूं.’ ההסכם של טראמפ אינו מחייב אותנו. ישראל לא כפופה לארצות הברית ואנחנו מדינה עצמאית וריבונית! חובתנו לאזרחי ישראל לחיילי צה״ל ולעם היהודי וחובתנו ההיסטורית לנרדפים ולנרצחים היהודים באלפי שנות גלות, להעניק ביטחון ליהודים בארץ ישראל. בכל פעם שנכנענו ללחץ בינלאומי על חשבון ביטחון… — איתמר בן גביר (@itamarbengvir) June 15, 2026 लेबनान और हिज्बुल्लाह पर सख्त रुख बेन-गवीर ने कहा कि इजरायल किसी ऐसे समझौते का हिस्सा नहीं बन सकता जो उसकी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता हो. उन्होंने मांग की कि हिज्बुल्लाह के सैन्य ढांचे को पूरी तरह खत्म किया जाए और इजरायली सेना जिन इलाकों को आतंकवादी ढांचे से मुक्त करा चुकी है, वहां से पीछे नहीं हटना चाहिए. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘लेबनान से इजरायल की ओर छोड़ा गया हर ड्रोन, यूएवी या मिसाइल दाहिया में इजरायली जवाबी हमले का कारण बनेगा. कुछ महीने पहले तक यही हमारी प्रतिरोधक नीति थी और हमें इसे छोड़ना नहीं चाहिए.’ बेन-गवीर ने आगे कहा, ‘इजरायल 3,000 साल पुरानी सभ्यता वाला राष्ट्र है. हम लंबी लड़ाई से नहीं डरते. अब वह दौर खत्म हो चुका है जब यहूदी समुदाय हमले सहकर चुप रहता था.’ विपक्षी नेता बेनी गैंट्ज ने भी उठाए सवाल प्रशासन के भीतर विरोध के साथ-साथ विपक्ष ने भी समझौते को लेकर चिंता जताई है. पूर्व रक्षा मंत्री और प्रमुख विपक्षी नेता बेनी गैंट्ज ने कहा कि किसी भी हालत में ऐसा समझौता स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए जो लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई की स्वतंत्रता को सीमित करे. गैंट्ज ने एक्स पर लिखा, ‘लेबनान में इजरायल की कार्रवाई की स्वतंत्रता पर रोक लगाने या ऐसे किसी सैन्य पीछे हटने को मंजूरी नहीं दी जा सकती जिससे उत्तरी क्षेत्रों के नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़े.’ उन्होंने आगे कहा, ‘ईरान के साथ उभरता हुआ समझौता एक रणनीतिक विफलता जैसा दिखता है. इसके कारण आने वाले वर्षों में इजरायल को कूटनीतिक, सैन्य और कानूनी मोर्चों पर संघर्ष करना पड़ सकता है.’ नेतन्याहू ने लेबनान पर अटैक कर कुछ देर के लिए रोकी पीस डील इससे पहले इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान पर हमला किया. उनका अटैक हिज्बुल्लाह के खिलाफ था. इस वजह से समझौते से पहले क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया था. ट्रंप के मुताबिक, लेबनान की राजधानी बेरूत पर इजरायल के हमले ने बातचीत की प्रक्रिया को झटका दिया और समझौते को अंतिम रूप देने में देरी हुई. उन्होंने संकेत दिया कि यह हमला ऐसे समय हुआ जब दोनों पक्ष समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके थे. न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने नेतन्याहू को लेकर कहा, ‘वह बेहद मुश्किल व्यक्ति हैं.ट उन्होंने आगे कहा, ‘सच कहूं तो उन्हें हमारे प्रति आभारी होना चाहिए. अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता तो इजरायल दो घंटे भी नहीं टिक पाता.’ अमेरिका और ईरान दोनों ने घोषणा की है कि सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को ‘तत्काल और स्थायी रूप से’ समाप्त करने पर सहमति बन गई है. इस समझौते में लेबनान भी शामिल है. प्रस्तावित समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होने हैं. इसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही बहाल करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य को लेकर दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे. ये भी पढ़ें:- यूएस-ईरान समझौते में तेहरान की बल्ले-बल्ले! 12 अरब डॉलर तुरंत देगा अमेरिका, सेना भी हटाएगा; इन 14 पॉइंट में डील हुई सील ये भी पढ़ें:- ट्रंप के बर्थडे पर व्हाइट हाउस के बाहर हुई UFC फाइट, 92 फुट ऊंची केज के भीतर जमकर चले लात-घूंसे, कौन जीता? ट्रंप ने की थी समझौते की घोषणा इजरायल की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौता पूरा होने की घोषणा की है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो चुका है. सभी को बधाई.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं होरमुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को तत्काल हटाने की अनुमति देता हूं. दुनिया के जहाज अपने इंजन चालू करें, तेल का प्रवाह फिर शुरू होने दें.’ ट्रंप की घोषणा से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी बताया था कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय तक चली बातचीत के बाद समझौता हो गया है. Following intensive talks, we are pleased to announce that the Peace Deal between the United States of America and Islamic Republic of

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बासमती की खुशबू पड़ गई फीकी! 25% तक लुढ़का भारत का एक्सपोर्ट

Basmati Rice Exports: हिंदुस्तान के बासमती चावल एक्सपोर्ट को पश्चिम एशिया में जारी संकट का बड़ा असर झेलना पड़ रहा है. मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, खाड़ी देशों को होने वाली सप्लाई घटने से बासमती चावल का एक्सपोर्ट करीब 25% तक गिर गया है. इसका असर देश के कुल एक्सपोर्ट कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है.  खाड़ी देशों में कितना घटा एक्सपोर्ट? आंकड़ों के अनुसार, मार्च में हिंदुस्तान का बासमती चावल एक्सपोर्ट 27.4% और अप्रैल में 20.9% घट गया.  मार्च-अप्रैल 2026 के दौरान कुल एक्सपोर्ट 24% गिरकर 838.34 मिलियन डॉलर रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1105.36 मिलियन डॉलर था. हिंदुस्तान हर साल करीब 60 लाख टन बासमती चावल एक्सपोर्ट करता है. इसमें से लगभग 40 लाख टन चावल खाड़ी देशों में भेजा जाता है. सऊदी अरब, ईरान, इराक, यूएई और यमन हिंदुस्तान के सबसे बड़े खरीदार हैं. ये पांचों देश मिलकर हिंदुस्तान के कुल बासमती एक्सपोर्ट का करीब 50% हिस्सा खरीदते हैं.  सबसे ज्यादा असर किन देशों में दिखा? मार्च और अप्रैल के दौरान इराक, बहरीन, ईरान और कतर को होने वाले एक्सपोर्ट में 50% से 90% तक की गिरावट दर्ज की गई. हालांकि सऊदी अरब और इजरायल के लिए स्थिति कुछ बेहतर दिखी है. अप्रैल में इन देशों को एक्सपोर्ट में गिरावट मार्च के मुकाबले कम रही. व्यापार से जुड़े आंकड़े यह भी बताते हैं कि कई एक्स्पोर्टर्स अब जॉर्डन के रास्ते दूसरे देशों तक माल भेज रहे हैं. अप्रैल में जॉर्डन हिंदुस्तान के लिए दूसरा सबसे बड़ा बासमती एक्सपोर्ट गंतव्य बनकर उभरा. कुल एक्सपोर्ट में उसकी हिस्सेदारी 15% रही, जबकि सऊदी अरब 18% हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर है.  क्या नए बाजार राहत दे सकते हैं? एक्स्पोर्टर्स ने नए खरीदार भी तलाशने शुरू कर दिए हैं. अप्रैल में ब्रिटेन को बासमती चावल एक्सपोर्ट 80%, इटली को 67% और नीदरलैंड्स को 18% बढ़ा. ओमान को होने वाला एक्सपोर्ट भी 65% बढ़ा क्योंकि उसके प्रमुख बंदरगाह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाहर स्थित हैं. इसी बीच चीन भी एक नए बाजार के रूप में सामने आ रहा है. अप्रैल में चीन को बासमती एक्सपोर्ट 155% बढ़कर 10 लाख डॉलर से अधिक पहुंच गया. मार्च में भी इसमें करीब 200% की बढ़ोतरी दर्ज हुई थी. वहीं हांगकांग को एक्सपोर्ट 150% से ज्यादा बढ़ा. हालांकि चीन ने हाल में कुछ हिंदुस्तानीय बासमती खेपों को GMO सामग्री मिलने के कारण अस्वीकार कर दिया. इसके बाद APEDA ने एक्स्पोर्टर्स के लिए पांच खास जेनेटिक तत्वों की जांच अनिवार्य कर दी है. यह जांच APEDA से मान्यता प्राप्त लैब में ही करानी होगी.  पंजाब-हरियाणा के किसानों पर क्या असर पड़ेगा? अगर पश्चिम एशिया में संकट लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर पंजाब और हरियाणा के किसानों पर भी पड़ सकता है. देश के कुल चावल प्रोडक्शन में इन दोनों राज्यों की हिस्सेदारी करीब 70% है. पहले से ही किसानों को फर्टिलाइजर की उपलब्धता को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 8 जून को पंजाब और हरियाणा समेत पांच राज्यों में किसानों ने यूरिया और डीएपी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने के खिलाफ प्रदर्शन किया था. अकेले पंजाब में किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले 74 जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. पंजाब भाजपा अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों ने भी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर उर्वरकों की समय पर और लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है.  ये भी पढ़ें: 15 जून की बड़ी डेडलाइन, एडवांस टैक्स से लेकर 8वें वेतन आयोग तक, आज ही निपटा लें ये जरूरी काम  The post बासमती की खुशबू पड़ गई फीकी! 25% तक लुढ़का हिंदुस्तान का एक्सपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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जहां छात्राएं पहनती थीं सलवार-सूट, अब पैंट-शर्ट में आएंगी नजर, पटना वीमेंस कॉलेज ने बदला ड्रेस कोड

Patna News: (अमृता सिंह की रिपोर्ट)नए शैक्षणिक सत्र से पटना वीमेंस कॉलेज में ड्रेस कोड में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है. कॉलेज प्रशासन ने सभी कोर्स की छात्राओं के लिए पैंट-शर्ट को अनिवार्य ड्रेस कोड के रूप में लागू करने का निर्णय लिया है. सभी कोर्स की छात्राओं पर लागू होगा नया नियम कॉलेज प्रशासन के अनुसार नया ड्रेस कोड सभी संकायों और पाठ्यक्रमों की छात्राओं पर समान रूप से लागू होगा. इसका उद्देश्य परिसर में एकरूपता, अनुशासन और सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है. विशेष परिस्थितियों में सूट पहनने की होगी अनुमति कॉलेज ने उन छात्राओं को भी राहत दी है, जिनके लिए किसी विशेष कारण से सूट पहनना आवश्यक है. ऐसी छात्राओं को कॉलेज द्वारा निर्धारित यूनिफॉर्म के रंग के अनुरूप सूट पहनकर आने की अनुमति होगी, ताकि ड्रेस कोड की समानता बनी रहे. छात्राओं से नियमों का पालन करने की अपील कॉलेज प्रशासन ने सभी छात्राओं से नए ड्रेस कोड का पालन करने की अपील की है. यह नियम नए सत्र में प्रवेश लेने वाली छात्राओं के साथ-साथ वर्तमान में अध्ययनरत छात्राओं पर भी लागू होगा. समानता और अनुशासन को मिलेगा बढ़ावा कॉलेज का मानना है कि संशोधित ड्रेस कोड से परिसर में समानता की भावना मजबूत होगी और अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही छात्राओं के लिए एक व्यवस्थित और सकारात्मक शैक्षणिक माहौल तैयार होगा. ALSO READ: कॉल आया और बिछ गया जाल… दो लोग बने लाखों की ठगी का शिकार The post जहां छात्राएं पहनती थीं सलवार-सूट, अब पैंट-शर्ट में आएंगी नजर, पटना वीमेंस कॉलेज ने बदला ड्रेस कोड appeared first on Naya Vichar.

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इडी दफ्तर पहुंचे अभिषेक बनर्जी, शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में होगी पूछताछ

कोलकाता से पूनम कुंदन झा की रिपोर्ट Abhishek Banerjee: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी सोमवार को साल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) के दफ्तर में पेश हुए. केंद्रीय एजेंसी ने उन्हें प्राथमिक शिक्षा भर्ती मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है.सुबह ठीक 11 बजे के पहले ही अभिषेक समय से कुछ मिनट पहले ही वहां पहुंच गये. हालांकि, इस दौरान उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की. केंद्रीय बलों की अतिरिक्त तैनाती नहीं रविवार को सीइआइडी से पूछताछ का सामना करने के बाद सोमवार को वह इडी दफ्तर पहुंचे हैं. हर बार की तरह इस बार सीजीओ कॉम्प्लेक्स में पुलिस या केंद्रीय बलों की अतिरिक्त तैनाती नहीं देखी गयी. आमतौर पर जब भी अभिषेक बनर्जी केंद्रीय एजेंसियों के सामने पेश होते हैं, तो सीजीओ कॉम्प्लेक्स और आसपास के इलाके को छावनी में बदल दिया जाता है, लेकिन सोमवार को ऐसा कुछ नहीं था. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें इडी की रडार पर क्यों हैं अभिषेक बनर्जी जानकारी के अनुसार, प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रही इडी के पास इस मामले में कई अहम सुराग हैं. बताया जाता है कि सीबीआइ की जांच के दौरान एक ऑडियो क्लिप सामने आयी थी, जिसमें ‘अभिषेक बनर्जी’ नाम के व्यक्ति को नौकरी के बदले मिले पैसे भेजने की बात कही गयी थी. इस मामले में गिरफ्तार सुजय कृष्ण भद्र उर्फ ‘कालीघाट के काकू’ के वॉयस सैंपल की जांच भी की जा चुकी है. इडी अब इसी ऑडियो क्लिप के वित्तीय पहलुओं को खंगाल रही है. Also Read: तृणमूल नेता पर प्रशासनी मुर्गे की चोरी का आरोप, गुस्साये लोगों ने कच्चे अंडे से नहलाया The post इडी दफ्तर पहुंचे अभिषेक बनर्जी, शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में होगी पूछताछ appeared first on Naya Vichar.

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18+ उम्र वालों को आधार कार्ड नहीं बनेगा, इस राज्य ने लागू किया नया नियम

Assam Aadhaar Card Rules : असम में अवैध प्रवासियों और विशेष रूप से बांग्लादेशी घुसपैठियों को हिंदुस्तानीय दस्तावेज हासिल करने से रोकने के लिए राज्य प्रशासन ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एलान किया कि अब असम में 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को सामान्य प्रक्रिया के तहत आधार कार्ड (Aadhaar Card) जारी नहीं किए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य के कुछ जिलों में आधार कार्ड धारकों की संख्या कुल आबादी से भी 100 फीसदी ज्यादा हो चुकी है. ऐसे में प्रशासन यह पता लगाना चाहती है कि अतिरिक्त आधार कार्ड हासिल करने वाले ये लोग कौन हैं. सिर्फ विशेष परिस्थितियों में मिलेगा आधार वयस्कों के लिए आधार नियमों को बेहद कड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित मुख्य बातें रेखांकित कीं. अगर किसी वयस्क को बेहद जरूरी परिस्थिति में आधार कार्ड चाहिए, तो जिला कलेक्टर (District Commissioner) को इसके लिए राज्य प्रशासन के पास एक विशेष प्रस्ताव भेजना होगा. प्रशासन की अनुमति के बाद ही कार्ड जारी हो सकेगा. चाय बागान समुदाय, अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) और दिव्यांग जनों को इस नियम से फिलहाल छूट दी गई है क्योंकि इनमें से कई लोगों के पास अब तक आधार नहीं है. इसके अलावा 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के आधार कार्ड बनते रहेंगे. 1 अप्रैल 2027 से यह छूट पूरी तरह समाप्त हो जाएगी. उस तारीख के बाद इन आरक्षित समुदायों के वयस्कों को भी नया आधार कार्ड जारी नहीं किया जाएगा. ग्रामीण रोजगार के लिए लागू होगा नया कानून ग्रामीण वित्तीय स्थिति को मजबूती देने के लिए असम प्रशासन 1 जुलाई से राज्य में ‘VB-G RAM G Act’ का ढांचा लागू करने जा रही है.इस नई ग्रामीण रोजगार सृजन योजना के लिए ₹2,000 करोड़ का बजटीय आवंटन किया गया है. इसके तहत ग्रामीणों को सीधे मजदूरी वाले रोजगार के लिए 125 मैन-डेज (काम के दिन) प्रदान किए जाएंगे. सीएम सरमा ने बताया कि इस कानून के तहत सिर्फ रोजगार देना ही मकसद नहीं है, बल्कि काम के दिनों का उपयोग गांवों में स्थायी प्रशासनी संपत्तियां और बुनियादी ढांचा (Assets) तैयार करने के लिए किया जाएगा. Also Read : PM Kisan Samman Nidhi : ₹2,000 की अगली किस्त को लेकर बड़ा अपडेट, किस्त पाने के लिए तुरंत करें यह काम The post 18+ उम्र वालों को आधार कार्ड नहीं बनेगा, इस राज्य ने लागू किया नया नियम appeared first on Naya Vichar.

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तेज प्रताप का आरोप: खान सर ने करवाई प्रिंस यादव की हत्या, ज्ञान बिंदु वाले रोशन आनंद के भाई थे; नेपाल में हुई मौत

Tej Pratap Yadav: ज्ञान बिंदु कोचिंग एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत का मामला गरमाता जा रहा है. अब इस मामले ने सियासी रूप ले लिया है. लालू प्रसाद के बड़े बेटे और जेजेडी सुप्रीमो तेज प्रताप यादव ने बड़ा बयान दिया और खान सर पर आरोप लगाया है. पुलिस अब तक मामले की जांच पड़ताल में जुटी है. तेज प्रताप का जानिए पूरा बयान एक मीडिया से बात करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा, यह घटना बेहद दुखद है. इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए थी. अगर इसमें हम किसी पर इल्जाम लगायेंगे तो खान सर पर लगायेंगे, क्योंकि इन्होंने ही हत्या करवाई है. तेज प्रताप इतने पर ही नहीं रुके. आगे उन्होंने यह भी भड़कते हुए कहा कि जो अपने ही आदमी को बोलकर गोली चलवा ले, वह हत्या क्यों नहीं करवा सकता. हमें पूरा यकीन और भरोसा है कि खान सर ने ही हत्या करवाई है और उन्हें जेल जाना चाहिए. एक्स पर पोस्ट कर तेज प्रताप ने की थी मांग तेज प्रताप यादव ने प्रिंस यादव की मौत को लेकर एक्स पर पोस्ट भी शेयर किया था. इसमें उन्होंने लिखा था, ‘ज्ञानबिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद जी के भाई स्वर्गीय प्रिंस यादव की निर्मम हत्या की समाचार से जनशक्ति जनता दल परिवार अत्यंत मर्माहत और दुखी है. जनशक्ति जनता दल प्रशासन एवं प्रशासन से मांग करता है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके’. आगे यह भी लिखा, ‘साथ ही हम प्रशासन से यह भी मांग करते हैं कि रौशन आनंद जी को उनके भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मानवीय आधार पर जेल से रिहा किया जाए अथवा कम से कम एक दिन का पेरोल प्रदान किया जाए, ताकि वे अपने दिवंगत भाई को अंतिम विदाई दे सकें’. तेजस्वी यादव ने की थी जांच की मांग इस मामले ने तेजस्वी यादव ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की. तेजस्वी ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘बिहार के सुप्रसिद्ध ज्ञान बिंदु कोचिंग संचालक के भाई की हुई संदिग्ध मौत/हत्या की सभी पहलुओं से उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. पोस्टमार्टम रिपोर्ट जल्द उपलब्ध होनी चाहिए ताकि मृत्यु के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सके और पुलिस आपराधिक जांच को ससमय आगे बढ़ा सके. कोचिंग जगत में हुए हालिया विवाद संपूर्ण शिक्षा क्षेत्र के लिए कतई उचित नहीं है. इस पूरे प्रकरण में बिहार प्रशासन और पुलिस की भूमिका संदेहास्पद है’. Also Read: रौशन आनंद की जमानत पर वकील बोले- दोनों टीचर हैं, क्रिमिनल एक्टिविटी में इन्वॉल्व न हों The post तेज प्रताप का आरोप: खान सर ने करवाई प्रिंस यादव की हत्या, ज्ञान बिंदु वाले रोशन आनंद के भाई थे; नेपाल में हुई मौत appeared first on Naya Vichar.

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15 जून की बड़ी डेडलाइन, एडवांस टैक्स से लेकर 8वें वेतन आयोग तक, आज ही निपटा लें ये जरूरी काम 

June 15 Deadlines: जून का महीना टैक्सपेयर्स और प्रशासनी कर्मचारियों के लिए काफी हलचल भरा है. इस महीने में कई महत्वपूर्ण डेडलाइन्स एक साथ आ रही हैं. अगर आप समय पर अपने काम पूरे नहीं करते हैं, तो आपको बाद में परेशानी या पेनाल्टी का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं कि इस समय आपको किन तीन मुख्य चीजों पर ध्यान देना है. क्या आपने 8th CPC के लिए मेमोरेंडम जमा किया? अगर आप प्रशासनी कर्मचारी हैं या 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) से जुड़ी किसी यूनियन का हिस्सा हैं, तो यह समाचार आपके लिए सबसे जरूरी है. मेमोरेंडम जमा करने की आखिरी तारीख आज ही यानी 15 जून 2026 है. आयोग ने साफ कर दिया है कि इसके बाद कोई भी तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी. अगर आपने अब तक अपनी राय या सुझाव नहीं भेजे हैं, तो तुरंत आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें. फॉर्म 16 मिलने का इंतजार है? नौकरीपेशा लोगों के लिए ‘फॉर्म 16’ का बड़ा महत्व है क्योंकि इसी के आधार पर आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते हैं. वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आपके एम्प्लॉयर को यह फॉर्म जारी करना है. इसकी प्रक्रिया अब अंतिम दौर में है. ध्यान दें कि इस साल से फॉर्म 16 का नाम बदलकर फॉर्म 130 कर दिया गया है, लेकिन फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए आपको पुराना फॉर्म 16 ही मिलेगा. यह फॉर्म मिलते ही आप अपना ITR भरने की तैयारी शुरू कर सकते हैं, क्योंकि 31 जुलाई की डेडलाइन बहुत दूर नहीं है. एडवांस टैक्स की पहली किस्त कब है? अगर आपकी कमाई सैलरी के अलावा अन्य स्रोतों (जैसे ब्याज, रेंट या बिजनेस) से भी होती है, तो आपको ‘एडवांस टैक्स’ देना पड़ता है. फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए पहली किस्त जमा करने की आखिरी तारीख भी 15 जून 2026 है. प्रशासन का नियम है कि आप टैक्स साल के अंत में भरने के बजाय उसे साल भर में किस्तों में जमा करें. समय पर टैक्स जमा करके आप ब्याज (Interest) और जुर्माने से बच सकते हैं. देर करने पर क्या हो सकता है? टैक्स एक्स्पर्ट्स का कहना है कि एडवांस टैक्स की समयसीमा से पहले अपनी आय, इनवेस्टमेंट और संभावित टैक्स देनदारी की समीक्षा कर लेनी चाहिए. समय पर भुगतान नहीं करने पर ब्याज का बोझ बढ़ सकता है.  ये भी पढ़ें: बेटी की पढ़ाई-शादी की चिंता खत्म! ₹250 से करें शुरुआत, लाखों तक पाएं रिटर्न The post 15 जून की बड़ी डेडलाइन, एडवांस टैक्स से लेकर 8वें वेतन आयोग तक, आज ही निपटा लें ये जरूरी काम  appeared first on Naya Vichar.

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NEET के बिना भी डॉक्टर जितनी होगी कमाई, 12वीं के बाद 5 बेस्ट हाई सैलरी कोर्सेज

Best Medical Courses After 12th: 12वीं साइंस पास करने के बाद ज्यादातर स्टूडेंट्स का एक ही सपना होता है एमबीबीएस (MBBS). लेकिन NEET परीक्षा का तगड़ा कॉम्पिटिशन और सीमित सीटें हर किसी को डॉक्टर बनने का मौका नहीं देतीं. अगर आप भी नीट क्लियर नहीं कर पाए हैं, तो बिल्कुल परेशान मत होंए. मेडिकल फील्ड सिर्फ एमबीबीएस तक ही सीमित नहीं है. आज के समय में हेल्थकेयर सेक्टर में कई ऐसे बेहतरीन पैरामेडिकल और अलाइड हेल्थ कोर्सेज हैं, जिनमें एडमिशन के लिए नीट की जरूरत नहीं होती. सबसे अच्छी बात यह है कि इनमें पढ़ाई पूरी करने के बाद आपको बेहतरीन क्लिनिकल एक्सपोजर और डॉक्टर जितनी ही शानदार सैलरी मिलती है. आइए जानते हैं इन टॉप 5 कोर्सेज (Best Medical Courses After 12th) के बारे में. 1. बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT) आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, स्पोर्ट्स इंजरी और लाइफस्टाइल की वजह से फिजियोथेरेपिस्ट (Best Medical Courses After 12th) की डिमांड आसमान छू रही है. कोर्स की अवधि: 4.5 साल (इसमें 6 महीने की इंटर्नशिप शामिल है). क्या काम होता है: फिजियोथेरेपिस्ट बिना दवाओं और सर्जरी के, सिर्फ एक्सरसाइज और थेरेपी के जरिए मरीजों के दर्द और हड्डियों की दिक्कतों को ठीक करते हैं. कमाई और स्कोप: कोर्स के बाद आप खुद का क्लिनिक खोल सकते हैं या बड़े अस्पतालों और स्पोर्ट्स टीमों के साथ जुड़ सकते हैं. शुरुआत में 3 से 5 लाख रुपये सालाना का पैकेज आसानी से मिल जाता है, जो अनुभव के साथ 8 से 10 लाख रुपये तक पहुंच जाता है. 2. बैचलर ऑफ फार्मेसी (B Pharm) दवाइयों की दुनिया हमेशा डिमांड में रहती है. कोरोना महामारी के बाद से फार्मा सेक्टर (Best Medical Courses After 12th) में नौकरियों की बाढ़ आई हुई है. कोर्स की अवधि: 4 साल. क्या काम होता है: इसमें दवाइयों के निर्माण, टेस्टिंग और उनके असर के बारे में पढ़ाया जाता है. कमाई और स्कोप: इस कोर्स को करने के बाद आप ड्रग इंस्पेक्टर बन सकते हैं, किसी बड़ी फार्मा कंपनी में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में जा सकते हैं या अपना खुद का मेडिकल बिजनेस शुरू कर सकते हैं. शुरुआती सैलरी 3 से 4.5 लाख रुपये सालाना होती है. 3. बीएससी इन रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी हॉस्पिटल में जब भी कोई मरीज जाता है, तो डॉक्टर सबसे पहले एक्स-रे, सीटी स्कैन या एमआरआई कराने को कहते हैं. यहीं पर काम आता है एक रेडियोलॉजिस्ट. कोर्स की अवधि: 3 साल. क्या काम होता है: स्टूडेंट्स को एडवांस मेडिकल इमेजिंग मशीनें (जैसे MRI, CT Scan, Ultrasound) ऑपरेट करना सिखाया जाता है. कमाई और स्कोप: अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटर्स में इन प्रोफेशन्स की भारी कमी है, इसलिए यहाँ जॉब सिक्योरिटी 100% है. शुरुआती सैलरी 4 से 6 लाख रुपये सालाना तक हो सकती है. 4. बीएससी इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी बीमारी का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट या यूरिन टेस्ट सबसे जरूरी होता है. लैब टेक्नोलॉजी के बिना मेडिकल साइंस अधूरा है. कोर्स की अवधि: 3 साल. क्या काम होता है: इसमें तरह-तरह के मेडिकल टेस्ट करना और बीमारियों की जांच करना सिखाया जाता है. कमाई और स्कोप: आप अपनी खुद की पैथोलॉजी लैब खोल सकते हैं या बड़े अस्पतालों की लैब्स के हेड बन सकते हैं. इसमें शुरुआती पैकेज 3 से 5 लाख रुपये सालाना तक रहता है. 5. बीएससी नर्सिंग (BSc Nursing) हेल्थकेयर सिस्टम की रीढ़ की हड्डी नर्स (Best Medical Courses After 12th) ही होती हैं. डॉक्टरों के बाद मरीजों की देखभाल का पूरा जिम्मा इन्हीं पर होता है. कोर्स की अवधि: 4 साल. क्या काम होता है: मरीजों की क्रिटिकल केयर, दवाइयों का मैनेजमेंट और डॉक्टरों की मदद करना. कमाई और स्कोप: हिंदुस्तान के साथ-साथ विदेशों (जैसे यूके, कनाडा, गल्फ देश) में हिंदुस्तानीय नर्सों की भारी डिमांड है. हिंदुस्तान में शुरुआती सैलरी 3 से 4 लाख रुपये सालाना होती है, लेकिन प्रशासनी नौकरी या विदेश जाने पर यह पैकेज 10 से 15 लाख रुपये सालाना से भी ज्यादा हो सकता है. Best Medical Courses After 12th: एडमिशन कैसे मिलता है? इन कोर्सेज में एडमिशन के लिए ज्यादातर कॉलेज 12वीं के मार्क्स के आधार पर डायरेक्ट एडमिशन देते हैं. वहीं कुछ नामी यूनिवर्सिटीज (जैसे IPU, जामिया हमदर्द या स्टेट मेडिकल बोर्ड्स) अपने स्तर पर छोटे एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करती हैं, जो नीट जितने कठिन नहीं होते. यह भी पढ़ें: जमशेदपुर के इन कॉलेजों से करें Fine Arts की पढ़ाई, निखरेगी आपकी क्रिएटिविटी The post NEET के बिना भी डॉक्टर जितनी होगी कमाई, 12वीं के बाद 5 बेस्ट हाई सैलरी कोर्सेज appeared first on Naya Vichar.

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