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June 15, 2026

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दीप्ति शर्मा ने रचा इतिहास, महिला टी20 इंटरनेशनल में ऐसा कारनामा करने वाली पहली गेंदबाज बनी

Deepti Sharma: स्त्री टी20 विश्व कप 2026 में हिंदुस्तानीय टीम ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार जीत के साथ की. बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर स्पोर्ट्से गए मुकाबले में हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को 64 रनों से मात देकर टूर्नामेंट में दमदार आगाज किया. इस जीत की सबसे बड़ी हीरो दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने घातक गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में सिर्फ 10 रन खर्च किए और पांच विकेट अपने नाम किए. दीप्ति शर्मा ने इस प्रदर्शन के साथ इतिहास भी रच दिया. पाकिस्तान की नाशरा संधू का विकेट लेते ही वह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गईं. दीप्ति के नाम अब 145 मैचों में 166 विकेट दर्ज हैं. उन्होंने थाईलैंड की थिपाचा पुत्थावोंग (165 विकेट) को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की. टी20 वर्ल्ड कप में हिंदुस्तान के लिए दीप्ति ने बनाए ये रिकॉर्ड दीप्ति ने स्त्री टी20 विश्व कप में हिंदुस्तान की ओर से सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. इससे पहले यह रिकॉर्ड रेणुका सिंह ठाकुर के नाम था, जिन्होंने 2023 में इंग्लैंड के खिलाफ 5 विकेट लेकर यह कारनामा किया था. स्त्री क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लने वाली दूसरी गेंदबाज इसके अलावा दीप्ति अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 350 विकेट का आंकड़ा छूने वाली हिंदुस्तान की दूसरी स्त्री गेंदबाज भी बन गई हैं. पाकिस्तान के खिलाफ पांच विकेट लेने के बाद उनके नाम अब कुल 354 अंतरराष्ट्रीय विकेट हो गए हैं. इस सूची में उनसे आगे सिर्फ दिग्गज झूलन गोस्वामी हैं, जिन्होंने 355 विकेट हासिल किए थे. मुकाबले का हाल मैच की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करते हुए हिंदुस्तान ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 170 रन बनाए. सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 44 गेंदों में 68 रनों की शानदार पारी स्पोर्ट्सी, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 36 रन जोड़े. विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने भी तेजतर्रार अंदाज में स्पोर्ट्सते हुए 17 गेंदों पर 34 रन बनाए. 171 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम हिंदुस्तानीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 17 ओवर में 106 रन पर सिमट गई. इस तरह हिंदुस्तान ने 64 रन से मुकाबला अपने नाम किया. रनों के अंतर से यह स्त्री टी20 विश्व कप इतिहास में हिंदुस्तानीय टीम की पांचवीं सबसे बड़ी जीत भी है. यह भी पढ़ें: हरमनप्रीत कौर ने तोड़ा मिताली राज का बड़ा रिकॉर्ड, टी20 वर्ल्ड कप में ऐसा करने वाली पहली हिंदुस्तानीय बनी The post दीप्ति शर्मा ने रचा इतिहास, स्त्री टी20 इंटरनेशनल में ऐसा कारनामा करने वाली पहली गेंदबाज बनी appeared first on Naya Vichar.

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दो साल से फरार था नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी, इंस्टाग्राम ने कर दी चुगली तो हुआ गिरफ्तार

दुमका के मसलिया से मिलन साधु की रिपोर्ट Dumka News: झारखंड के दुमका जिले की मसलिया थाना पुलिस ने दो वर्षों से फरार चल रहे पॉक्सो एक्ट के आरोपी को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है. गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार ठिकाना बदल रहा था और मोबाइल सिम का इस्तेमाल भी नहीं करता था, लेकिन सोशल मीडिया पर छोड़े गए निशानों ने आखिरकार उसे पुलिस तक पहुंचा दिया. तकनीक से बचने की कोशिश करने वाले कई लोग यह भूल जाते हैं कि इंटरनेट की दुनिया में कभी-कभी तस्वीरें और गतिविधियां भी गवाही देने लगती हैं. नाबालिग से दुष्कर्म और अपहरण का दर्ज हुआ था केस मसलिया थाना में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान डीएसपी संदीप भगत ने बताया कि थाना क्षेत्र की एक नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म और अपहरण के मामले में आरोपी उस्मान शेख पिछले लगभग दो वर्षों से फरार था. उसके खिलाफ मसलिया थाना कांड संख्या 32/24, दिनांक 23 जून 2024 के तहत हिंदुस्तानीय दंड संहिता की धारा 354, 363, 366(ए), 308 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 8/17 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. मामला दर्ज होने के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहा था. सिम कार्ड का इस्तेमाल नहीं करता था आरोपी डीएसपी संदीप भगत ने बताया कि आरोपी पुलिस की निगरानी से बचने के लिए मोबाइल में सिम कार्ड नहीं रखता था. वह अधिकतर समय अपने घर से बाहर रहकर अलग-अलग स्थानों पर शरण लेता था. इस कारण पुलिस के लिए उसकी लोकेशन का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो गया था. हालांकि मसलिया पुलिस ने हार नहीं मानी और लगातार उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास जारी रखा. इसके लिए तकनीकी सेल की भी मदद ली गई. इंस्टाग्राम से मिला महत्वपूर्ण सुराग पुलिस जांच के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से आरोपी की गतिविधियों और संभावित ठिकानों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं. तकनीकी सेल ने सोशल मीडिया से प्राप्त इनपुट का विश्लेषण किया और उसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार की. जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के पायकर थाना क्षेत्र में अपने रिश्तेदारों के यहां आना-जाना करता है. इसके बाद पुलिस ने वहां लगातार निगरानी शुरू कर दी. तीन दिनों तक चला छापेमारी अभियान थाना प्रभारी राजेश रंजन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल में लगातार तीन दिनों तक छापेमारी अभियान चलाया. पुलिस ने बेहद सूझबूझ और रणनीतिक तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई. आखिरकार पुलिस ने बीरभूम जिले के अमुदा गांव स्थित उसकी फुआ (बुआ) के घर से आरोपी उस्मान शेख को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से पायकर थाना क्षेत्र के मूलचंदपुर गांव का रहने वाला है. गिरफ्तारी के बाद भेजा गया जेल गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिवत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. डीएसपी संदीप भगत ने कहा कि बच्चों और स्त्रीओं से जुड़े अपराधों के मामलों में पुलिस पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में लाकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. इसे भी पढ़ें: चतरा के मयूरहंड से नाबालिग को भगाने वाला रिम्स से गिरफ्तार, भेजा गया जेल इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका इस गिरफ्तारी अभियान में मसलिया थाना प्रभारी राजेश रंजन, एएसआई मंगल उरांव, इंद्रजीत कुमार, तकनीकी सेल के अधिकारियों तथा अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. पुलिस अधिकारियों ने इसे टीमवर्क और तकनीकी जांच का बेहतर उदाहरण बताया है, जिसके जरिए दो वर्षों से फरार आरोपी को आखिरकार कानून के शिकंजे में लाया जा सका. इसे भी पढ़ें: आदित्यपुर और गम्हरिया थाने के बदल दिए गए प्रभारी, एसपी निधि द्विवेदी ने दी जानकारी The post दो साल से फरार था नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी, इंस्टाग्राम ने कर दी चुगली तो हुआ गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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Sanchita Ugale के निधन के बाद करीबी दोस्त का बड़ा खुलासा, बोलीं- अक्सर जान देने की बातें करती थीं एक्ट्रेस

Sanchita Ugale Death: मशहूर टीवी शो ‘कुमकुम भाग्य’ और ‘वागले की दुनिया’ में काम कर चुकीं 22 साल की एक्ट्रेस संचिता उगले अब हमारे बीच नहीं रहीं. उनके अचानक निधन से हर कोई सदमे में है. इस बीच उनकी करीबी दोस्त और को-एक्टर मेघा शर्मा ने रोते हुए कुछ ऐसी बातें बताई हैं, जिन्हें सुनकर हर कोई हैरान है. मेघा के मुताबिक, संचिता पिछले कुछ समय से डिप्रेशन से जूझ रही थीं और इसके लिए डॉक्टर से बाकायदा उनका इलाज भी चल रहा था. मेघा शर्मा: ‘अक्सर जान देने की बातें करती थीं संचिता’ मेघा शर्मा ने Moneycontrol को दिए इंटरव्यू में बताया कि संचिता इस साल जनवरी से काफी मुश्किल दौर से गुजर रही थीं. उनके मुताबिक, कुछ पर्सनल और पारिवारिक कारणों की वजह से वह काफी परेशान रहने लगी थीं. मेघा ने बताया कि कई बार संचिता अपने दोस्तों और परिवार के सामने जान देने जैसी बातें भी करती थीं. ‘मां और दोस्तों ने बहुत समझाया, पर इस बार नहीं बचा पाए’ मेघा ने बताया कि जब भी संचिता ऐसी बातें करती थीं, तो उनकी मां, पूरा परिवार और खुद मेघा उन्हें बहुत समझाते थे. सब मिलकर उन्हें पॉजिटिव रहने के लिए मोटिवेट करते थे ताकि उनके दिमाग से ऐसे बुरे विचार निकल जाएं. मेघा ने बताया कि संचिता खुद से बहुत प्यार करती थीं और अभी 10 दिन पहले ही वह संचिता को एक काम के ऑडिशन के लिए भी ले गई थीं, जहां संचिता काफी ठीक लग रही थीं. लेकिन इस बार उनके दिमाग पर डिप्रेशन इतना हावी हो गया कि कोई उन्हें बचा नहीं सका. पुलिस जांच में क्या सामने आया? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. अधिकारियों का कहना है कि घटना के समय संचिता घर में अकेली थीं. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है. विक्की कौशल की ‘छावा’ में भी आई थीं नजर संचिता उगले ने कम उम्र में ही टीवी और फिल्मों की दुनिया में अपनी पहचान बना ली थी. वह हाल ही में विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ में नजर आई थीं, जहां उन्होंने ताराबाई का किरदार निभाया था. इसके अलावा उन्होंने ‘दिलवाली दुल्हा ले जाएगी’ समेत कई प्रोजेक्ट्स में काम किया था. यह भी पढ़ें: Munjya 2: इस शर्त पर बनेगी ‘मुंज्या 2’, डायरेक्टर आदित्य सरपोतदार बोले- 10 साल लग जाएं तो भी मंजूर The post Sanchita Ugale के निधन के बाद करीबी दोस्त का बड़ा खुलासा, बोलीं- अक्सर जान देने की बातें करती थीं एक्ट्रेस appeared first on Naya Vichar.

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बक्सर सदर अस्पताल में हंगामा, नशे में युवकों ने दारोगा से की बदसलूकी, दोनों गिरफ्तार

Buxar News: (ओंकार नाथ मिश्र) बिहार में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता नजर आ रहा है. हालात ऐसे हो गए हैं कि अब अपराधियों में कानून का डर कम होता दिख रहा है. जहां अपराधी खुलेआम सार्वजनिक स्थानों पर भी हंगामा और बदसलूकी करने से नहीं चूक रहे हैं. ताजा मामला बक्सर के सदर अस्पताल से आया है. जहां उस वक्त अस्पताल का माहौल तनावपूर्ण हो गाया, जब इलाज के दौरान दो युवकों अस्पताल में हंगामा करने लगे. दोनो युवकों को हंगामा करना महंगा पड़ गया. सदर अस्पताल में हंगामा करना, एक पुलिस पदाधिकारी से बदसलूकी और मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया. जानकारी के आनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इटाढ़ी थाना क्षेत्र के इटाढ़ी निवासी अभिषेक कुमार (पिता मनोज कुमार पांडेय) और इटाढ़ी थाना क्षेत्र के हरपुर निवासी अविनाश कुमार (पिता विपिन चौधरी) के रूप में हुई है. अस्पताल में कर रहे थे हंगामा पुलिस के मुताबिक, इटाढ़ी गुमटी चौकी प्रभारी गुड्डू कुमार चौधरी गश्त पर थे. इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि पांडेयपट्टी में हुई एक मारपीट के सिलसिले में कुछ लोग घायल होकर सदर अस्पताल पहुंचे हैं. वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि इलाज के दौरान दो युवक अस्पताल कर्मियों के साथ बदसलूकी और गाली-गलौज कर रहे थे. जिसके बाद उन्होंने दोनों को इस समझाने का प्रयास किया. लेकिन दोनों युवक नशे की हालत में उनसे भी उलझ गए. आरोप है कि उन्होंने पुलिस अधिकारी की जाति पूछकर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया. हंगामे के कारण अस्पताल के कर्मचारियों और मरीजों के बीच अफरा-तफरी मच गई. पुलिस टीम के साथ हाथापाई आरोपियों ने खुद को रसूखदार बताते हुए पुलिस टीम के साथ हाथापाई और मारपीट की. इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं. घटना के बाद पुलिस ने दोनों युवकों को मौके से गिरफ्तार कर लिया. फोटो पर क्लिक करें रजिस्टर करें एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के इटाढ़ी रोड रेलवे क्रासिंग पोस्ट प्रभारी की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ नगर थाना में एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. जांच में नशे की पुष्टि, भेजे गए जेल नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. जांच के दौरान दोनों के नशे में होने की भी पुष्टि हुई है. Also Read: सासाराम में कांग्रेस का हल्ला बोल, महंगाई-बेरोजगारी और पेपर लीक के खिलाफ सड़क पर उतरे कार्यकर्ता The post बक्सर सदर अस्पताल में हंगामा, नशे में युवकों ने दारोगा से की बदसलूकी, दोनों गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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बिना किसी सदन के सदस्य बने मंत्री रहने पर घिरे दीपक प्रकाश, सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से मांगा जवाब

Deepak Prakash: उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और बिहार प्रशासन में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश की मुश्किलें बढ़ गई हैं. सुप्रीम कोर्ट ने दीपक प्रकाश को बिना चुनाव जीते दोबारा मंत्री बनाए जाने के खिलाफ दायर एक याचिका पर सख्त रुख अपनाया है. सोशल एक्टिविस्ट राकेश कुमार सिंह की इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले को बेहद गंभीर माना है. इस सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री दीपक प्रकाश, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की प्रशासन और हिंदुस्तान के चुनाव आयोग (ECI) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. क्या है पूरा मामला? इस पूरे विवाद की जड़ में संविधान का एक नियम है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि दीपक प्रकाश न तो बिहार विधानसभा के सदस्य हैं और न ही विधान परिषद के. इसके बावजूद वे प्रशासन में मंत्री का पद संभाल रहे हैं. हिंदुस्तान के संविधान के अनुच्छेद 164(4) के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति विधायक या विधान परिषद सदस्य नहीं है, तो वह ज्यादा से ज्यादा सिर्फ 6 महीने तक ही मंत्री पद पर रह सकता है. इस 6 महीने के दौरान उसे किसी न किसी सदन का सदस्य चुनकर आना जरूरी होता है. याचिकाकर्ता के वकीलों, सुदीप चंद्रा और सान्या कौशल ने अदालत में दलील दी कि दीपक प्रकाश को सबसे पहले 20 नवंबर 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी कैबिनेट में मंत्री बनाया था. इसके बाद 15 अप्रैल 2026 को नीतीश कुमार की प्रशासन गिर गई. फिर 7 मई 2026 को जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई प्रशासन बनी, तो दीपक प्रकाश को दोबारा मंत्री पद की शपथ दिला दी गई. वकीलों का कहना है कि पहली बार मंत्री बनने के हिसाब से उनके 6 महीने की म्याद 20 मई 2026 को ही पूरी हो चुकी है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें ऐतिहासिक एस.आर. चौधरी केस का दिया गया हवाला याचिका में कहा गया है कि किसी भी बिना चुने हुए व्यक्ति को बार-बार मंत्री बनाना सीधे तौर पर संवैधानिक ताकतों का गलत इस्तेमाल है. यह बिना चुनाव जीते 6 महीने तक मंत्री बने रहने की छूट का नाजायज फायदा उठाने जैसा है. कोर्ट के सामने साल 2001 के मशहूर ‘एस.आर. चौधरी बनाम पंजाब राज्य’ मामले का उदाहरण रखा गया. इस ऐतिहासिक फैसले में साफ कहा गया था कि इस्तीफे, कैबिनेट में बदलाव या मुख्यमंत्री बदलने के बहाने 6 महीने की इस संवैधानिक समय-सीमा को दोबारा रीसेट नहीं किया जा सकता. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से को वारंटो रिट जारी करने की मांग की है. इसके जरिए कोर्ट से यह पूछने की गुजारिश की गई है कि दीपक प्रकाश आखिर किस अधिकार से अभी तक मंत्री की कुर्सी पर बैठे हैं. याचिका में आरोप है कि यह पूरा मामला संविधान के अनुच्छेद 14, 164(2), 164(4) और 141 का खुला उल्लंघन है. इसे भी पढ़ें: पटना चाणक्या लॉ कॉलेज का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए 15 दिनों तक होंगी ऑनलाइन कक्षाएं The post बिना किसी सदन के सदस्य बने मंत्री रहने पर घिरे दीपक प्रकाश, सुप्रीम कोर्ट ने बिहार प्रशासन से मांगा जवाब appeared first on Naya Vichar.

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पिता की हत्या, गरीबी से लड़ाई, अनाज बेचकर की पढ़ाई और बने IPS

UPSC Success Story: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले बजरंग प्रसाद यादव ने अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल और दर्दनाक दौर से गुजरने के बाद भी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य को हासिल करके दिखाया. पिता की हत्या के बाद टूटने के बजाय उन्होंने उस दुख को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया और आज वे एक शानदार IPS अधिकारी हैं. आइए जानते हैं उनके संघर्ष और कामयाबी (UPSC Success Story) की पूरी कहानी.  UPSC Success Story: गांव के स्कूल से हुई शुरुआती पढ़ाई बजरंग प्रसाद यादव उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के एक साधारण ग्रामीण परिवार के हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई गांव के ही एक स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने एक प्राइवेट स्कूल से अपनी 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास की. स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद बजरंग उच्च शिक्षा के लिए इलाहाबाद यूनिवर्सिटी गए, जहां से उन्होंने मैथमेटिक्स में अपनी BSc की डिग्री पूरी की. एक सामान्य परिवार से होने के बावजूद बजरंग के सपने हमेशा से बहुत बड़े थे और वे समाज के लिए कुछ अलग करना चाहते थे. साल 2020 की वो दर्दनाक घटना जिसने बदल दी जिंदगी बजरंग के पिता एक साधारण किसान थे जो खेती-बाड़ी के साथ-साथ हमेशा गांव के गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे रहते थे. लेकिन साल 2020 में उनकी निडरता और कर्तव्यनिष्ठा के कारण कुछ लोगों ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी. इस भयानक हादसे ने बजरंग के पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया. पिता के साए के अचानक उठ जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा. इसी बीच बजरंग ने फैसला किया कि वे इस अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे और प्रशासनिक सेवा में जाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी और बेगुनाह के परिवार के साथ ऐसा हादसा न हो. यहीं से उनका UPSC का सफर शुरू हुआ. आईपीएस बजरंग प्रसाद यादव (Facebook) फीस भरने के लिए बेचना पड़ा अनाज पिता की मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई थी. जब बजरंग यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली गए, तो उनके सामने कोचिंग की भारी-भरकम फीस चुकाने का बड़ा संकट था. पैसों का कोई और जरिया न होने के कारण उन्होंने अपने खेत की फसल और अनाज को बाजार में बेचा ताकि कोचिंग की फीस जमा की जा सके. इस मुश्किल दौर में बजरंग की मां ने उन्हें बहुत सपोर्ट किया. हिंदी मीडियम से तैयारी और लगातार दो असफलताओं का दर्द बजरंग प्रसाद ने अपनी यूपीएससी की पूरी तैयारी हिंदी माध्यम से की थी. शुरुआत में बजरंग को भी लगातार दो बड़े झटके लगे. वे दो बार परीक्षा में असफल हुए. एक बार तो वे यूपीएससी मेन्स परीक्षा में सिर्फ 27 नंबरों से चूक गए थे. इस असफलता से वे काफी निराश हुए, लेकिन उन्होंने हिम्मत हारने के बजाय अपनी कमियों को सुधारा और हर बार पहले से अधिक मजबूती के साथ वापस खड़े हुए. अपनी मां के साथ बजरंग प्रसाद यादव (Facebook) UPSC Success Story: तीसरे प्रयास में पूरा हुआ सपना, आज हैं IPS अधिकारी कड़ी मेहनत, लगातार संघर्ष और कभी न टूटने वाले हौसले (UPSC Success Story) के दम पर बजरंग ने अपना तीसरा अटेंप्ट दिया. इस बार उनकी किस्मत और मेहनत दोनों रंग लाई और उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा को सफलतापूर्वक क्रैक कर लिया. पूरे देश में 454वीं रैंक हासिल कर वे एक आईपीएस (IPS) ऑफिसर बने.  यह भी पढ़ें: ‘बेबी फेस’ के कारण लोग समझते हैं कॉलेज बॉय, बिना कोचिंग 22 की उम्र में बने IPS The post पिता की हत्या, गरीबी से लड़ाई, अनाज बेचकर की पढ़ाई और बने IPS appeared first on Naya Vichar.

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ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौते पर क्या बोले पीएम मोदी? जानें यहां

Iran-US Peace Deal: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं. इस संघर्ष की वजह से दुनिया भर में गंभीर आर्थिक उथल-पुथल हुई है और कई देशों में लोगों की जान गई है. हिंदुस्तान को उम्मीद है कि इस सहमति को लागू करने से इलाके में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और आवाजाही व व्यापार की आजादी सुनिश्चित होगी. हम उम्मीद करते हैं कि बाकी मुद्दों पर बातचीत से एक टिकाऊ और अंतिम समझौता हो सकेगा. 19 जून को आधिकारिक तौर पर ईरान और अमेरिका शांति समझौते पर करेंगे हस्ताक्षर मुख्य मध्यस्थ पाकिस्तान और अमेरिका के अधिकारियों ने बताया कि समझौते पर शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाएंगे. इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मुद्दों पर बाद में चर्चा होने की संभावना है. PM Modi says, “I welcome the understanding reached between the United States and Iran on ending the conflict in West Asia, which has caused serious economic disruption across the world and led to loss of life in many countries. India hopes that the implementation of this… pic.twitter.com/cxnfd2JrwA — ANI (@ANI) June 15, 2026 ट्रंप ने होर्मुज में नाकेबंदी हटाने का दिया निर्देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते पर सहमति बनने की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य स्थित ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाने को मंजूरी दे दी है. ट्रंप ने कहा, इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है. सभी को बधाई. मैं मुक्त आवाजाही के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की मंजूरी देता हूं. अमेरिका पहले ही संकेत दे चुका था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने के साथ वह ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी में ढील देगा. साथ ही, वह प्रतिबंधों को भी नरम करने पर सहमत होगा ताकि ईरान अधिक मात्रा में तेल बेच सके और युद्ध तथा प्रतिबंधों से प्रभावित अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूती दे सके. ईरान 19 जून तक करेगा इंतजार ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने प्रशासनी टेलीविजन पर इस समझौते पर सहमति की पुष्टि की लेकिन कहा कि ईरान शुक्रवार को औपचारिक हस्ताक्षर होने से पहले इसे लागू करना शुरू नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि यह सहमति मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे कतर के एक प्रतिनिधि के साथ तेहरान में 14 घंटे से अधिक समय तक चली वार्ता के बाद बनी. ईरान के प्रशासनी टेलीविजन ने एक बैनर प्रसारित किया, जिस पर लिखा था, अमेरिका युद्ध समाप्त करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर हुआ. ये भी पढ़ें: US Iran डील पर इजरायल ने गिराया ‘बम’, कहा- हम इसका हिस्सा नहीं, अब क्या करेंगे ट्रंप? US-Iran डील के 14 पॉइंट : तेहरान की बल्ले-बल्ले! 12 अरब डॉलर तुरंत देगा अमेरिका, सेना भी हटाएगा The post ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौते पर क्या बोले पीएम मोदी? जानें यहां appeared first on Naya Vichar.

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जॉइंट फैमिली में रहकर बच्चे को बनाना चाहते हैं संस्कारी और समझदार? ये 5 आसान टिप्स आएंगे आपके काम

Parenting Tips: दादा-दादी की कहानियां, चाचा-चाची का प्यार और भाई-बहनों के साथ पूरे घर में धूम मचाना, जॉइंट फैमिली में बिताया गया बचपन किसी त्योहार से कम नहीं होता है. जब शिशु जॉइंट फैमिली में रहते हैं, तो उन्हें कभी भी अकेलेपन का एहसास नहीं होता है. लेकिन, सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि शिशु को सही और गलत सिखाने के लिए यहां एक ही घर में अलग-अलग लोगों से अलग-अलग राय मिलने लगती है. जब ऐसा होता है, तो अपने ही शिशु की परवरिश करना माता-पिता के लिए एक चुनौती बन जाती है. कभी दादा-दादी का हद से ज्यादा प्यार शिशु को बिगाड़ देता है, तो कभी कायदे-कानूनों को लेकर आपस में ही मतभेद बढ़ने लग जाते हैं. अगर ऐसा हो, तो भरे-पूरे परिवार के माहौल के बीच शिशु को संस्कारी और डिसिप्लिंड कैसे बनाया जाए, यह एक बड़ी समस्या बनकर सामने आती है. अगर आप भी एक जॉइंट फैमिली में रहते हैं, तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की होने वाली है. आज हम आपको कुछ बेहद ही आसान टिप्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप एक जॉइंट फैमिली में रहते हुए भी अपने शिशु की परवरिश ज्यादा बेहतर और बैलेंस्ड तरीके से कर सकेंगे. तो चलिए, इन टिप्स के बारे में विस्तार से जानते हैं. दादा-दादी के लाड-प्यार और डिसिप्लिन में बैलेंस जरूरी जॉइंट फैमिली में दादा-दादी अक्सर बच्चों को हद से ज्यादा लाड-प्यार करने लगते हैं. इसी बीच जब माता-पिता कई बार अपने शिशु को किसी गलती पर डांटते हैं, तो बड़े बुजुर्ग बीच में आकर शिशु का बचाव कर लेते हैं. जब बार-बार ऐसा होता रहता है तो आपका बच्चा जिद्दी बनने लग जाता है. इस समस्या से बचने के लिए माता-पिता को अलग से घर के सभी बड़ों से बात करनी चाहिए. उन्हें प्यार से यह समझाएं कि शिशु के भले के लिए उसका डिसिप्लिन में रहना भी जरूरी है. जब बच्चा कोई गलती करे, तो सबके सामने बहस करने के बजाय अकेले में बैठकर रूल्स तय करें. सभी के सामने शिशु को न डांटें जॉइंट फैमिली में कई लोग होते हैं और ऐसे में अगर बच्चा कोई गलती करता है, तो उसे सबके सामने आपको डांटने या फिर उसका मजाक उड़ाने की गलती कभी नहीं करनी चाहिए. अगर आप ऐसा करते हैं तो शिशु के सेल्फ-इस्टीम को ठेस पहुंचती है और वह हीन भावना का शिकार हो सकता है. अगर शिशु को उसकी गलती का अहसास कराना है, तो उसे अलग कमरे में ले जाकर अकेले में बातों को समझाएं. इससे बच्चा आपकी बात को ज्यादा गंभीरता से सुनेगा और समझेगा. बच्चों के बीच कम्पेरिजन करने से बचें जॉइंट फैमिली में अक्सर हमउम्र कजिन्स यानी कि भाई और बहन एक साथ रहते हैं. ऐसे में अनजाने में ही सही, बड़ों के बीच बच्चों का कम्पेरिजन होने लगता है, उदहारण के लिए ‘देखो वह पढ़ाई में कितना अच्छा है और तुम दिनभर स्पोर्ट्सते रहते हो.’ आपकी यह आदत शिशु के मन में अपने भाई-बहनों के प्रति नफरत या जलन पैदा कर सकती है. आपको हमेशा यह बात समझनी होगी कि हर बच्चा अपने आप में यूनिक होता है. उसकी तुलना किसी और से करने के बजाय, उसकी खुद की खूबियों को बढ़ावा दें. माता-पिता के रूप में अपने क्वालिटी टाइम को न भूलें भले ही घर में शिशु के साथ स्पोर्ट्सने के लिए बहुत से लोग हों, लेकिन शिशु को माता-पिता के साथ की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. जॉइंट फैमिली की बिजी लाइफ के बीच भी रोज थोड़ा समय ऐसा निकालें जो सिर्फ आपके और आपके शिशु के लिए हो. इस दौरान उससे उसके स्कूल, दोस्तों और उसकी पसंद-नापसंद के बारे में बात करें. इससे बच्चा आपके ज्यादा करीब आएगा और अपनी हर बात आपके साथ शेयर कर सकेगा. मिलकर रहने और शेयरिंग की आदत सिखाएं जॉइंट फैमिली का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहां शिशु को शुरुआत से ही मिल-बांटकर रहना आ जाता है. अपने बच्चों को यह जरूर सिखाएं कि घर में आने वाली चीजें या खिलौने सिर्फ उनके नहीं हैं, बल्कि उनके भाई-बहनों के भी हैं. आपके ऐसा करने से बच्चों को चीजें शेयर करना, दूसरों की इज्जत करना और घर के छोटे-मोटे कामों में सबकी मदद करना सीखने में मदद मिलेगी. ये संस्कार उन्हें आने वाले समय में एक अच्छा इंसान बनने में मदद करेंगे. ये भी पढ़ें: क्या आपका बच्चा भी अपनी चीजें किसी के साथ शेयर नहीं करता? ये 5 आसान तरीके बदल सकते हैं उसकी आदत The post जॉइंट फैमिली में रहकर शिशु को बनाना चाहते हैं संस्कारी और समझदार? ये 5 आसान टिप्स आएंगे आपके काम appeared first on Naya Vichar.

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खूंटी में युवक को पहले किया अगवा, फिर बेरहमी से हत्या, जंगल में मिला शव

रनिया से भूषण कांसी की रिपोर्ट  Khunti News : झारखंड के खूंटी जिले के रनिया थाना क्षेत्र में अपराधियों ने मोटरसाइकिल गैरेज संचालक की निर्मम हत्या कर सनसनी फैला दी. सोमवार की सुबह थाना क्षेत्र के तांबा जंगल में 44 वर्षीय राधेश्याम साहू उर्फ राधे मिस्त्री का शव बरामद किया गया. अपराधियों ने पहले उन्हें घर से अगवा किया और बाद में पत्थर से सिर कूचकर हत्या कर दी. बोलेरो से आए अपराधी, युवक को उठा ले गए  मिली जानकारी के अनुसार रविवार देर रात लगभग 3 बजे 4-5 अज्ञात अपराधी बोलेरो से राधेश्याम साहू के किराए घर पर पहुंचे और उन्हें जबरन अपने साथ ले गए. अपराधी उनकी स्कूटी को भी साथ ले गए. अपहरण के बाद जंगल में मिला शव  अगवा किए जाने के बाद राधेश्याम की पत्नी ने तुरंत रनिया थाना पहुंचकर पति के अपहरण की सूचना दी और पुलिस से मदद की गुहार लगाई थी. इसके बावजूद सोमवार सुबह तांबा-केनबाकी पथ स्थित तांबा जंगल में उनका शव बरामद हुआ. सड़क किनारे स्कूटी के नीचे मिला शव  सोमवार सुबह करीब 8 बजे साप्ताहिक हाट जा रहे राहगीरों की नजर सड़क किनारे स्कूटी के नीचे दबे शव पर पड़ी. इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी. जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. सिर कूचकर हत्या, पहचान छिपाने की कोशिश  घटनास्थल की स्थिति से प्रतीत होता है कि अपराधियों ने राधेश्याम के सिर को पत्थर से कूचकर उनकी दर्दनाक हत्या की और पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव के ऊपर स्कूटी रख दी. सुबह करीब 9 बजे पुलिस को घटना की आधिकारिक सूचना मिली. पुलिस ने शुरू की जांच, छापेमारी तेज  घटना की जानकारी मिलते ही तोरपा एसडीपीओ विजय कुमार और रनिया थाना प्रभारी श्यामल कुंभकार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और मामले की छानबीन की. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और  तकनीकी अनुसंधान के सहारे अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है. रनिया में गैरेज चलाते थे राधेश्याम मृतक राधेश्याम साहू उर्फ राधे मिस्त्री मूल रूप से खूंटी जिले के तपकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत डिगरी गांव के निवासी थे. वे रनिया में पिछले कई वर्षों से किराये के मकान में रहकर प्रखंड कार्यालय के पास मोटरसाइकिल गैरेज का संचालन करते थे. घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है. पुलिस हत्या के सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है. थाना से 200 मीटर दूरी पर अपहरण, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल राधेश्याम साहू उर्फ राधे मिस्त्री के अपहरण की घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बताया जा रहा है कि जिस स्थान से अपराधी उन्हें बोलेरो में उठाकर ले गए, वह रनिया थाना और प्रखंड मुख्यालय से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित है. घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को तत्काल सूचना भी दी थी. इसके बावजूद अगली सुबह उनका शव तांबा जंगल से बरामद होने पर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही अपराधियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी. इसे भी पढ़ें: झारखंड के नए एडवोकेट जनरल रोहितश्य रॉय ने संभाला पदभार  इसे भी पढ़ें: दुमका के स्कूलों में हरियाली की पहल, 1.57 लाख पौधे लगाने की तैयारी The post खूंटी में युवक को पहले किया अगवा, फिर बेरहमी से हत्या, जंगल में मिला शव appeared first on Naya Vichar.

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बेऊर जेल से बाहर निकले रौशन आनंद, बोले- फैजल खान और किसान कोल्ड स्टोर के मालिक ने कराई भाई की हत्या

Raushan Anand Bail: ‘फैजल खान और किसान कोल्ड स्टोर के मालिक ने कराई भाई की हत्या.’ यह बात ज्ञान बिंदु कोचिंग एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद ने जेल से बाहर आते ही कही. बेऊर जेल के बाहर इस दौरान लोगों की भारी भीड़ रही. सोमवार को रौशन आनंद जेल से बाहर निकले और उन्होंने प्रिंस यादव की हत्या का सीधा आरोप खान सर पर लगाया. खान सर को रौशन आनंद ने बताया झूठा जेल से बाहर निकलने के बाद रौशन आनंद गुस्से में दिखे. उन्होंने कहा, फैजल खान और किसान कोल्ड स्टोर के मालिक ने षड्यंत्र रचकर हमारे भाई की हत्या कराई है. जब मैं बाहर था, तब मेरे भाई के साथ क्यों नहीं कुछ हुआ. लेकिन जब मैं जेल आया तो मेरे भाई की हत्या हो गई. यह साजिश है. इसके साथ ही रौशन आनंद ने फैजल खान उर्फ खान सर को झूठा बताया. एक होटल में मिली थी प्रिंस की डेड बॉडी रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर के एक होटल में डेड बॉडी मिली थी. संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत को लेकर कई तरह की चर्चा हो रही है. मामले में 5 लोगों को हिरासत में भी लिया गया है. इस बीच आज सहरसा में प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें रौशन आनंद शामिल होंगे. लेकिन इससे पहले जेल से निकलते ही उन्होंने खान सर पर सीधा आरोप लगा दिया है. खान सर ने की थी जांच की मांग खान सर की ओर से एक वीडियो यूट्यूब के जरिए शेयर किया गया था. इसमें उन्होंने प्रिंस यादव की मौत पर दुख जताया था. साथ ही उन्होंने जांच की मांग की थी. खान सर ने कहा था, इसमें कोई तीसरा इंसान इंवॉल्व लग रहा है. आखिर इतना अमानवीय कृत्य कैसे कोई कर सकता है. इसमें कोई ना कोई तीसरा साजिश जरूर कर रहा है. इसके लिए उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए. जो भी दोषी पाए जायेंगे, उनमें से किसी एक को भी नहीं छोड़ा जाए. फांसी से नीचे इनके लिए कोई सजा नहीं है. तेज प्रताप ने भी खान सर पर लगाया था आरोप इस मामले में जेजेडी सुप्रीमो तेज प्रताप यादव ने भी खान सर पर आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था, यह घटना बेहद दुखद है. इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए थी. अगर इसमें से हम किसी पर इल्जाम लगायेंगे तो खान सर पर लगायेंगे, क्योंकि इन्होंने ही हत्या करवाई है. तेज प्रताप इतने पर ही नहीं रुके. आगे उन्होंने यह भी भड़कते हुए कहा कि जो अपने ही आदमी को बोलकर गोली चलवा ले, वह हत्या क्यों नहीं करवा सकता. हमें पूरा यकीन और भरोसा है कि खान सर ने ही हत्या करवाई है और उन्हें जेल जाना चाहिए. Also Read: पटना में क्लास 5वीं तक के स्कूल बंद, 6 से 8 की भी बदली टाइमिंग, डीएम का आदेश The post बेऊर जेल से बाहर निकले रौशन आनंद, बोले- फैजल खान और किसान कोल्ड स्टोर के मालिक ने कराई भाई की हत्या appeared first on Naya Vichar.

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