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June 17, 2026

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क्या चिप्स के पैकेट में हवा भरकर कंपनियां आपको बना रही हैं बेवकूफ? असली वजह जानकर घूम जाएगा आपका दिमाग

Air in Chips Packet: जब आप बाजार से चिप्स का पैकेट लेकर आते हैं, तो उसे खोलते ही आपका दिल पूरी तरह से टूट जाता है. बाहर से पैकेट को देखकर लगता है कि इसके अंदर तो चिप्स ऊपर तक भरा हुआ होगा, लेकिन पैकेट खोलते ही उससे सारी हवा निकल जाती है और नीचे बैठे हुए मिलते हैं मुट्ठी भर चिप्स. इस समय दिमाग पूरी तरह से घूम जाता है और गुस्सा भी आता है. जब पैकेट से हवा निकल जाती है तो दिमाग में सबसे पहला सवाल आता है कि, यार ये कंपनियां तो हमें खुलेआम ठग रही हैं. पैकेट में चिप्स से ज्यादा तो हवा ही भरा हुआ है. अगर आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है या फिर आपको हर दिन ऐसा ही लगता है, तो आपको यह समझना होगा कि क्या कंपनियां वाकई में अपने कस्टमर्स को बेवाकूफ बनाने का बिजनेस कर रही है या फिर इसके पीछे कोई साइंस है? जब आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़ लेंगे, तो आपको कंपनियों के ऐसा करने के पीछे का कारण साफ समझ में आने लग जाएगा. क्या पैकेट में सिर्फ नॉर्मल हवा होती है? अगर आपको लगता है कि पैकेट में वही हवा है जिसमें हम सांस लेते हैं, तो आप पूरी तरह से गलत हैं. कंपनियां चिप्स के पैकेट में सिंपल हवा हवा या ऑक्सीजन नहीं भरती, बल्कि पैकेट्स में नाइट्रोजन गैस भरे जाते हैं. अब आप कहेंगे कि इसकी क्या जरूरत है? दरअसल, अगर पैकेट में नॉर्मल हवा छोड़ दी जाए, तो उसमें मौजूद ऑक्सीजन नमकीन के तेल और मसालों के साथ मिलकर चिप्स का पूरा मजा ही खराब कर देगी. इसकी वजह से नमकीन तुरंत सील जाएगी, उसका स्वाद अजीब हो जाएगा और उसमें से महक आने लगेगी. नाइट्रोजन गैस पूरी तरह से सेफ होती है और यह चिप्स को महीनों तक एकदम फ्रेश और क्रिस्पी रखने में मदद भी करती है. चूरा होने से बच जाता है आपका स्नैक बता दें फैक्ट्री से निकलकर चिप्स डायरेक्टली आपकी दुकान तक नहीं पहुंचती. इसे ट्रकों में लादकर, उबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए लंबा सफर तय करना पड़ता है. लोडिंग और अनलोडिंग के समय इन पैकेट्स को जमकर पटका भी जाता है. अब सोचिए, अगर पैकेट एकदम पिचके हुए होंगे, तो रास्ते के झटकों से अंदर के सारे चिप्स और नमकीन टूटकर पाउडर बन जाएंगे. यह जो नाइट्रोजन गैस का गुब्बारा होता है, यह एक कुशन की तरह काम करता है. इसकी वजह से पैकेट पर कितना भी प्रेशर पड़े, अंदर की चिप्स और नमकीन बिल्कुल सही-सलामत बची रहती है. तो क्या यह सीधे-सीधे धोखाधड़ी है? अब बात करते हैं आपके सबसे बड़े सवाल की, क्या कंपनियां इस बहाने हमसे एक्स्ट्रा पैसे वसूल रही हैं? ईमानदारी से कहें तो नहीं, यह आपके साथ कोई स्कैम या धोखा नहीं है. कानूनी तौर पर हर कंपनी के लिए यह जरूरी किया गया है कि वह पैकेट पर नेट वेट यानी कि चिप्स का असली वजन साफ-साफ लिखे जैसे कि 30 ग्राम या फिर 50 ग्राम या उससे भी ज्यादा. कंपनियां आपसे पैकेट की लंबाई-चौड़ाई के पैसे नहीं मांगतीं, बल्कि उस वजन के पैसे लेती हैं. हां, यह जरूर है कि बड़ा पैकेट देखकर हमारी आंखें धोखा खा जाती हैं और हमें लगता है कि बहुत सारा चिप्स निकलने वाला है. इसे आप कंपनियों की चालाक मार्केटिंग कह सकते हैं, लेकिन धोखाधड़ी बिल्कुल नहीं. फूले हुए पैकेट की एक और तरकीब पैकेट में ज्यादा हवा भरने की एक वजह यह भी है कि दुकानों पर लटके हुए फूले-फूले पैकेट दिखने में काफी अट्रैक्टिव लगते हैं. इन्हें देखकर बच्चों और बड़ों का मन तुरंत इन्हें खरीदने का कर जाता है. इसके अलावा, नाइट्रोजन से भरे इस पैकेट में किसी भी तरह के बैक्टीरिया या फंगस नहीं पनप पाते, जिससे ये चिप्स आपकी सेहत भी सुरक्षित बनी रहती है. ये भी पढ़ें: होटल के बिस्तर पर सिर्फ सफेद चादर ही क्यों बिछाई जाती है? ज्यादातर लोग नहीं जानते इसकी असली वजह The post क्या चिप्स के पैकेट में हवा भरकर कंपनियां आपको बना रही हैं बेवकूफ? असली वजह जानकर घूम जाएगा आपका दिमाग appeared first on Naya Vichar.

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Welcome To The Jungle: ये 25-30 धुरंधर एक्टर्स की फिल्म है… अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर मूवी पर सुनील शेट्टी का रिएक्शन

Welcome To The Jungle: अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी की अपकमिंग फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ अपनी बड़ी स्टारकास्ट की वजह से लगातार चर्चा में बनी हुई है. फिल्म में 25 से 30 कलाकार नजर आने वाले हैं. अब सुनील शेट्टी ने बताया है कि इतने बड़े कलाकारों के साथ काम करना कैसा रहा और क्यों उन्हें लगता है कि यही फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है. फिल्म की सबसे बड़ी खासियत क्या है? ANI से बातचीत में सुनील शेट्टी ने कहा कि ‘वेलकम टू द जंगल’ किसी एक कलाकार की फिल्म नहीं है. उन्होंने कहा, “ये 25-30 धुरंधर एक्टर्स की फिल्म है. यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है और इसी वजह से लोग इसे लेकर इतने एक्साइटेड हैं.” सुनील के मुताबिक, फिल्म में मौजूद हर कलाकार का अपना अलग फैन बेस है. जब इतने सारे कलाकार एक साथ एक फिल्म में आते हैं, तो दर्शकों को कुछ नया और बड़ा देखने को मिलता है. आज के एक्टर्स को दी खास सलाह सुनील शेट्टी ने कहा कि आजकल कई युवा कलाकार मल्टीस्टारर फिल्मों में काम करने से कतराते हैं. उन्हें लगता है कि कहीं उनका रोल दूसरे कलाकारों के बीच दब न जाए. लेकिन उनके मुताबिक, ऐसी सोच सही नहीं है. उन्होंने कहा कि कलाकार को दूसरे एक्टर्स के साथ स्क्रीन शेयर करने से नहीं डरना चाहिए अगर सभी मिलकर अच्छा काम करें, तो फिल्म का फायदा सभी को मिलता है. सुनील का मानना है कि किसी दूसरे कलाकार की मौजूदगी नहीं, बल्कि फिल्म का असफल होना सबसे बड़ी चिंता होनी चाहिए. कब रिलीज होगी फिल्म? ‘वेलकम टू द जंगल’ पॉपुलर ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म है. यह फिल्म 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. फिल्म में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल, अरशद वारसी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस और कई बड़े सितारे नजर आएंगे. यह भी पढ़ें: Batwara 1947: ‘गदर 2’ की सफलता पहले ही भांप चुके थे ज्योतिषी, अब सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ को बताया ब्लॉकबस्टर The post Welcome To The Jungle: ये 25-30 धुरंधर एक्टर्स की फिल्म है… अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर मूवी पर सुनील शेट्टी का रिएक्शन appeared first on Naya Vichar.

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लंबे समय बाद चाकुलिया लौटा रामलाल हाथी, तालाब में स्नान करते देख उमड़ी भीड़

चाकुलिया से राकेश सिंह की रिपोर्ट Ramlal Elephant Returned Home: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल अंतर्गत चाकुलिया क्षेत्र का सबसे चर्चित हाथी रामलाल एक बार फिर लंबे समय बाद अपने पुराने इलाके में लौट आया है. रामलाल की वापसी से स्थानीय लोगों, खासकर युवाओं में उत्साह का माहौल है. क्षेत्र में उसकी मौजूदगी को लेकर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. गांव और शहर के आसपास रहना पसंद करता है रामलाल रामलाल हाथी की पहचान अन्य जंगली हाथियों से कुछ अलग है. वह घने जंगलों में रहने के बजाय गांव और कस्बों के आसपास रहना अधिक पसंद करता है. वर्षों से वह लोगों के बीच रहकर ही अपने भोजन और पानी की व्यवस्था करता रहा है. ग्रामीण उसे फल, सब्जियां और अन्य खाद्य सामग्री देते हैं, जिसे वह शांतिपूर्वक खाकर दिन का अधिकांश समय गांव के बाहरी हिस्सों में आराम करते हुए बिताता है. मानुषमुड़िया के सालदोहा तालाब में घंटों करता रहा स्नान बुधवार को बहरागोड़ा प्रखंड के मानुषमुड़िया गांव के समीप स्थित सालदोहा तालाब में रामलाल हाथी को घंटों स्नान करते देखा गया. भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए वह लंबे समय तक तालाब के पानी में डूबकर आनंद लेता रहा. हाथी का यह नजारा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया. रामलाल को देखने के लिए जुटी लोगों की भीड़ रामलाल के तालाब में स्नान करने की सूचना फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग उसे देखने पहुंच गए. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में हाथी को देखने का उत्साह देखा गया. हालांकि, भीड़ बढ़ने के बावजूद रामलाल शांत बना रहा और किसी प्रकार की आक्रामकता नहीं दिखाई. इसे भी पढ़ें: आधी रांची नहीं जानती कि किस भाव बिक रहा है चावल, जान जाएगी तो भागकर पहुंचेगी पंडरा मंडी क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है रामलाल अपने शांत स्वभाव और लोगों के साथ सहज व्यवहार के कारण रामलाल हाथी वर्षों से चाकुलिया और आसपास के इलाकों में विशेष पहचान रखता है. उसकी वापसी से एक बार फिर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और लोग उसे देखने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं. आखिर इंसानों की दुनिया में जहां पड़ोसी तक पहचानना बंद कर देते हैं, वहां एक हाथी का लौटना भी इलाके की बड़ी समाचार बन जाता है. इसे भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव से पहले एनडीए ने दिखाई ताकत, होटल रेडिशन ब्लू से 24 विधायकों की तस्वीर जारी The post लंबे समय बाद चाकुलिया लौटा रामलाल हाथी, तालाब में स्नान करते देख उमड़ी भीड़ appeared first on Naya Vichar.

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Video: दुश्मन को संभलने का मौका भी नहीं देगा ‘गरुड़ास्त्र’; एक साथ गिरेंगे कई गोले, महू में सफल टेस्ट

Video: इस सफल प्रदर्शन के दौरान ‘गरुड़ास्त्र’ ने अपनी मारक क्षमता, सटीकता और आधुनिक तकनीकों का लोहा मनवाया. यह सिस्टम हिंदुस्तान प्रशासन के ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) और ‘आत्मनिर्भर हिंदुस्तान’ (Atmanirbhar Bharat) अभियानों के दृष्टिकोण को पूरी तरह से साकार करता है. नाइबे लिमिटेड ने एक विदेशी ओईएम (OEM – मूल उपकरण निर्माता) के साथ रणनीतिक साझेदारी के तहत इस स्वदेशी रक्षा प्रणाली को विकसित किया है, जो हिंदुस्तानीय सशस्त्र बलों की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है. ‘गरुड़ास्त्र’ की खासियतें और ताकत इस लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन (प्रदर्शन) के दौरान ‘गरुड़ास्त्र’ ने बेजोड़ तकनीकों और क्षमताओं का प्रदर्शन किया. इसकी खासियत ऐसा है. लॉन्ग-रेंज 120mm मोर्टार: यह 120 मिलीमीटर का एक हैवी-ड्यूटी मोर्टार सिस्टम है, जो लंबी दूरी तक दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने में सक्षम है. #WATCH | Mumbai | Nibe Limited successfully demonstrated on NC-NC basis, the capabilities of Garudastra, its advanced Long Range 120mm Vehicle Mounted Mortar System, showcasing rapid shoot-and-scoot operations, high-rate of fire, Multiple Rounds Simultaneous Impact (MRSI) and… pic.twitter.com/LpaO7b8Hjr — ANI (@ANI) June 17, 2026 व्हीकल माउंटेड सिस्टम: यह मोर्टार एक सैन्य वाहन (Vehicle) पर फिट रहता है, जिससे इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना बेहद आसान और तेज हो जाता है. यह दुर्गम इलाकों में भी सेना को तुरंत फायर पावर देता है. रैपिड शूट-एंड-स्कूट ऑपरेशंस (Rapid Shoot-and-Scoot): इस तकनीक की बदौलत यह सिस्टम दुश्मन पर तेजी से गोले बरसाने के तुरंत बाद अपनी लोकेशन (जगह) बदल लेता है. इससे दुश्मन को जवाबी कार्रवाई या री-टार्गेटिंग का मौका नहीं मिलता और हमारे सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है. हाई-रेट ऑफ फायर (High-Rate of Fire): गरुड़ास्त्र बहुत ही कम समय में लगातार कई गोले दागने की क्षमता रखता है, जिससे दुश्मन पर भारी दबाव बनाया जा सकता है. MRSI (Multiple Rounds Simultaneous Impact) तकनीक: यह इस सिस्टम की सबसे घातक खूबियों में से एक है. इसके तहत मोर्टार से अलग-अलग एंगल (कोण) पर कई गोले दागे जाते हैं, लेकिन वे सभी गोले दुश्मन के ठिकाने पर एक ही समय (एक साथ) जाकर गिरते हैं. इससे दुश्मन को संभलने का मौका भी नहीं मिलता. जीपीएस और लेजर गाइडेड सटीक निशाना (Precision Engagement): गरुड़ास्त्र के गाइडेड गोला-बारूद (Guided Munition) जीपीएस (GPS) और लेजर गाइडेंस सिस्टम से लैस हैं. इसकी मदद से यह मोर्टार बिल्कुल सटीक और अचूक निशाना लगाता है, जिससे आसपास के नुकसान (Collateral Damage) को कम किया जा सकता है. ये भी पढ़ें: LRLACM मिसाइल से बढ़ी हिंदुस्तान की लॉन्ग रेंज स्ट्राइक पावर, अब दूर बैठे दुश्मनों की भी खैर नहीं The post Video: दुश्मन को संभलने का मौका भी नहीं देगा ‘गरुड़ास्त्र’; एक साथ गिरेंगे कई गोले, महू में सफल टेस्ट appeared first on Naya Vichar.

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हवा में लगाई छलांग…कूदकर लपका कैच, आलोचकों के मुंह पर वैभव सूर्यवंशी ने जड़ा तमाचा; देखें VIDEO

Vaibhav Sooryavanshi Fielding: श्रीलंका में स्पोर्ट्सी जा रही त्रिकोणीय सीरीज में इंडिया ए के युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी भले ही बल्ले से बड़ी पारी नहीं स्पोर्ट्स पाए, लेकिन मैदान पर उनकी फुर्ती ने सभी का दिल जीत लिया. अफगानिस्तान ए के खिलाफ अहम मुकाबले में वैभव ने एक शानदार कैच पकड़कर मैच का रुख बदलने में योगदान दिया और अपनी फिटनेस पर सवाल उठाने वालों को भी करारा जवाब दिया. वैभव के इस कैच के साथ हिंदुस्तान ने जल्द ही अफगानिस्तान को समेट दिया. हिंदुस्तान ने इस मुकाबले को 101 रन से जीत लिया. मिडविकेट पर दिखी कमाल की चुस्ती अफगानिस्तान ए की पारी के छठे ओवर में अंशुल कांबोज गेंदबाजी कर रहे थे. ओवर की चौथी गेंद पर बल्लेबाज खालिद तानीवाल ने पुल शॉट स्पोर्ट्सने का प्रयास किया, लेकिन गेंद बल्ले के सही हिस्से पर नहीं लगी और हवा में उछल गई. मिडविकेट पर तैनात वैभव सूर्यवंशी ने गेंद तक पहुंचने के लिए शानदार प्रयास किया. शुरुआत में ऐसा लगा कि कैच उनके हाथों से निकल जाएगा, क्योंकि गेंद उनकी हथेलियों से टकराकर पीछे की ओर चली गई थी. This catch wasn’t just a catch — it was Vaibhav’s answer to everyone who questioned his fitness and athleticism. 🔥#VaibhavSooryvanshi #IndvsAfgpic.twitter.com/aC6kgLcmru — 𝑽𝑨𝑰𝑩𝑯𝑨𝑽 𝑬𝑹𝑨 (@VaibhavEraa) June 17, 2026 हवा में पलटे और पूरा किया कैच कैच छूटता देख वैभव ने हार नहीं मानी. उन्होंने बिजली जैसी तेजी दिखाई और हवा में ही अपने शरीर का संतुलन बदलते हुए पीछे की तरफ छलांग लगा दी. इसके बाद जमीन से कुछ इंच ऊपर दाएं हाथ से गेंद को लपक लिया. उनका यह प्रयास इतना शानदार था कि मैदान पर मौजूद सभी खिलाड़ी कुछ पल के लिए हैरान रह गए. इस बेहतरीन कैच के साथ खालिद तानीवाल की 10 गेंदों में 13 रन की पारी का अंत हो गया. बल्ले से नहीं, फील्डिंग से बटोरी सुर्खियां त्रिकोणीय सीरीज में वैभव सूर्यवंशी अब तक बड़ी पारी स्पोर्ट्सने में सफल नहीं रहे हैं और एक बार फिर अर्धशतक से चूक गए. हालांकि, अफगानिस्तान ए के खिलाफ उनकी फील्डिंग ने यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि मैदान पर अपने हर विभाग में टीम के लिए योगदान देने की क्षमता रखते हैं. 15 साल की उम्र में वैभव जिस आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ स्पोर्ट्स रहे हैं, वह हिंदुस्तानीय क्रिकेट के लिए अच्छे संकेत माने जा रहे हैं. मुकाबले का हाल ट्राई नेशन ए सीरीज के 5वें मुकाबले में हिंदुस्तान ने अफगानिस्तान को 101 रन से हराकर लगभग फाइनल में पहुंच गई है. हिंदुस्तान ए के लिए प्रियांश आर्या ने 58, वैभव सूर्यवंशी ने 38, रुतुराज गायकवाड़ ने 30, तिलक वर्मा ने 59, कुमार कुशाग्र ने 58, निशांत सिंधु ने 21 और विपराज निगम ने 30 रन बनाए. दाऊदजई ने 2, सफी ने 2, जाहिर खान ने 1 और अहमदजई ने 2 विकेट चटकाए. जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान ए 218 रन ही बना सकी. अफगानिस्तान के लिए इमरान मीर ने 32, हसन ईसाखिल ने 14, खालिद तनिवाल 13, फैसल ने 46 और बाहिर शाह ने 57, मोहम्मद इशाक ने 16 और सफी ने 17 रन बनाए. हिंदुस्तान ए के लिए निशांत सिंधु ने 4, यश ठाकुर ने 2, अंशुल कंबोज ने 1, विपराज निगम ने 1, सूर्यंश शेडगे ने 1 और अनुकूल रॉय ने 1 विकेट चटकाए. यह भी पढ़ें: IPL में हिट…ट्राई सीरीज में फ्लॉप, वैभव सूर्यवंशी की ये गलतियां कहीं ले न डुबे उनका करियर The post हवा में लगाई छलांग…कूदकर लपका कैच, आलोचकों के मुंह पर वैभव सूर्यवंशी ने जड़ा तमाचा; देखें VIDEO appeared first on Naya Vichar.

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अब हेलीकॉप्टर से घूमेंगे पर्यटन स्थल, 18 साल के युवाओं के लिए भी खुशखबरी, सम्राट कैबिनेट की बैठक में 29 एजेंडों पर मुहर

Bihar Cabinet Decision: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में 29 एजेंडों पर मुहर लगाई गई. बैठक में खनन, पर्यटन, रोजगार, स्वास्थ्य और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. पांच नदियों में बालू की उपलब्धता का होगा अध्ययन बिहार प्रशासन ने सोन, किऊल, फल्गु, मोरहर और चानन नदी में बालू की उपलब्धता का अध्ययन कराने का फैसला किया है. इसके लिए 2.32 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि बारिश के बाद नदियों में कितनी नई बालू जमा हुई है और आगे खनन की अनुमति कैसे दी जाएगी. बिहार में शुरू होगी हेली-टूरिज्म सेवा राज्य के पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की आसान पहुंच के लिए मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 को मंजूरी दी गई है. इस योजना के तहत हेलीकॉप्टर और हवाई सेवाओं के जरिए पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा. प्रशासन का लक्ष्य प्रमुख पर्यटन स्थलों को नई पहचान दिलाना है. वैशाली के बुद्ध स्मारक को मिलेगा नया स्वरूप वैशाली में बन रहे बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप के संचालन और प्रबंधन के लिए समिति गठन को मंजूरी दी गई है. इसके लिए सोसायटी का निबंधन भी कराया गया है. इससे इस परिसर को बेहतर तरीके से विकसित किया जा सकेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनाया जा सकेगा. स्टेनोग्राफर भर्ती में युवाओं को राहत कैबिनेट ने नागरिक सुरक्षा विभाग में आशुलिपिक (स्टेनोग्राफर) पद की भर्ती नियमावली में बदलाव को मंजूरी दी है. अब इस पद पर सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल से घटाकर 18 साल कर दी जाएगी. वहीं प्रोबेशन अवधि भी 2 साल से घटाकर 1 साल कर दी गई है. इस फैसले से इंटर पास युवा कम उम्र में ही प्रशासनी नौकरी के लिए आवेदन कर सकेंगे. खिलाड़ियों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े फैसले उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति से संबंधित नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है. इसके अलावा बिहार राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य सेवा परिषद से जुड़े नियमों में बदलाव के लिए नई नियमावली 2026 को स्वीकृति दी गई. इससे स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और नियमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. खनन और शहरी विकास को मिलेगी गति राज्य के चिन्हित पत्थर खनन क्षेत्रों की ई-नीलामी से पहले खनन योजना और पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया के लिए बिहार राज्य खनन निगम को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा. वहीं ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में भूमि खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों में बिहार राज्य आवास बोर्ड को जमीन खरीदने और निवेश परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने की अनुमति दी गई है. कई प्रशासनिक फैसलों पर भी मुहर कैबिनेट ने अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम को NSKFDC के टर्म लोन की बकाया राशि चुकाने के लिए 21.95 करोड़ रुपये की मंजूरी दी. गया जिले में CISF की आरक्षित वाहिनी की स्थापना के लिए 50 एकड़ प्रशासनी जमीन केंद्र प्रशासन को मुफ्त हस्तांतरित करने का फैसला भी लिया गया. इसके अलावा बिहार विधानसभा सचिवालय के निदेशक राजीव कुमार के संविदा कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ाने की मंजूरी दी गई. pressnotes17062026Download न्याय और प्रशासन से जुड़े फैसले मधुबनी के बेनीपट्टी अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत स्थापित करने के लिए नए पद के सृजन को मंजूरी मिली. वहीं राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल पटना के पूर्व प्रभारी प्राचार्य डॉ. तबरेज अख्तर की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के खिलाफ दायर पुनर्विलोकन याचिका को खारिज कर दिया गया. कैबिनेट के इन फैसलों से प्रशासन ने विकास, रोजगार और पर्यटन को लेकर अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं. Also Read: CM सम्राट चौधरी ने किया नया विचार प्रतिभा सम्मान 2026 का शुभारंभ, बोले- हमारे शिशु जहां जाएंगे वहां टॉप करेंगे The post अब हेलीकॉप्टर से घूमेंगे पर्यटन स्थल, 18 साल के युवाओं के लिए भी खुशसमाचारी, सम्राट कैबिनेट की बैठक में 29 एजेंडों पर मुहर appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा चुनाव से पहले एनडीए ने दिखाई ताकत, होटल रेडिशन ब्लू से 24 विधायकों की तस्वीर जारी

Rajya Sabha Election Jharkhand: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 18 जून 2026 को मतदान होना है. चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी 24 विधायक एकजुट नजर आ रहे हैं. राजधानी रांची के होटल रेडिशन ब्लू में ठहरे एनडीए विधायकों की एक सामूहिक तस्वीर झारखंड भाजपा की ओर से बुधवार को जारी की गई है. इस तस्वीर के जरिए भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने राज्यसभा चुनाव से पहले अपने कुनबे की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है. नेतृत्वक गलियारों में इस तस्वीर को चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. होटल रेडिशन ब्लू में ठहरे हैं सभी विधायक राज्यसभा चुनाव को देखते हुए एनडीए के सभी 24 विधायकों को रांची के होटल रेडिशन ब्लू में ठहराया गया है. चुनाव से पहले विधायकों की एकजुटता बनाए रखने और रणनीति को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है. तस्वीर में दिख रहे एनडीए के 24 विधायक भाजपा की ओर से जारी तस्वीर में बरही विधायक मनोज यादव, कोडरमा विधायक नीरा यादव, रांची विधायक सीपी सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और धनबाद विधायक बाबूलाल मरांडी, सरायकेला विधायक चंपाई सोरेन, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी और हटिया विधायक नवीन जायसवाल समेत सभी 24 विधायक मौजूद दिखाई दे रहे हैं. इसके अलावा झरिया विधायक रागिनी सिंह, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, जमुआ विधायक मंजू देवी, बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, पांकी विधायक शशिभूषण मेहता, लातेहार विधायक प्रकाश राम, मांडू विधायक तिवारी महतो, जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर, बगोदर विधायक नागेंद्र महतो, बरकट्ठा विधायक अमित यादव, धनबाद विधायक राज सिन्हा, हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया, सिमरिया विधायक उज्ज्वल दास और चतरा विधायक जनार्दन पासवान भी तस्वीर में शामिल हैं. निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को एनडीए का समर्थन राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को समर्थन देने का फैसला किया है. दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से प्रणव झा चुनावी मैदान में हैं. तीनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है, क्योंकि विधानसभा में संख्या बल को लेकर नेतृत्वक दल अपने-अपने दावे कर रहे हैं. जीत के लिए 28 वोट का आंकड़ा जरूरी 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 28 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है. झामुमो की ओर से दावा किया जा रहा है कि उसके उम्मीदवार बैद्यनाथ राम को 36 विधायकों का समर्थन मिलेगा, जिससे उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है. वहीं कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को पार्टी के 16 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. दूसरी तरफ निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के साथ एनडीए के 24 विधायक खड़े हैं. अतिरिक्त समर्थन जुटाने की चुनौती नेतृत्वक समीकरणों के अनुसार परिमल नाथवानी को जीत के लिए अभी चार और विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी. वहीं कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को जीत के लिए 12 अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता है. ऐसे में निर्दलीय और छोटे दलों के विधायकों की भूमिका अहम मानी जा रही है. मतदान से पहले सभी दल अपने-अपने पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिशों में लगे हुए हैं. इसे भी पढ़ें: झारखंड राज्यसभा चुनाव के लिए रांची में हाई अलर्ट, सादे लिबास में घूम रहे स्पेशल ब्रांच के कर्मचारी किसके सिर सजेगा जीत का ताज, इस पर टिकी निगाहें राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड की नेतृत्व में हलचल तेज हो गई है. एक ओर एनडीए अपने 24 विधायकों की एकजुटता का प्रदर्शन कर रहा है, तो दूसरी ओर झामुमो और कांग्रेस भी अपनी-अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं. अब सभी की नजर 18 जून को होने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी है. आखिर लोकतंत्र में अंकगणित और नेतृत्व का रिश्ता बड़ा दिलचस्प होता है. कभी एक वोट इतिहास बना देता है और कभी दर्जनों तस्वीरें सिर्फ एकजुटता का संदेश देने के लिए जारी करनी पड़ती हैं. इसे भी पढ़ें: रांची में आरएसएस कार्यालय पर हमले की रघुवर दास ने की निंदा, घटना को बताया राष्ट्रवाद पर हमला The post राज्यसभा चुनाव से पहले एनडीए ने दिखाई ताकत, होटल रेडिशन ब्लू से 24 विधायकों की तस्वीर जारी appeared first on Naya Vichar.

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G7 में ट्रंप की खुली धमकी: ‘ईरान डील पर बात नहीं बनी, तो फिर बरसेंगे बम’

US Iran Deal: जी 7 सम्मेलन में पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते पर कहा, यह टेक्स्ट फाइनल नहीं है, यह एक मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) है. अगर मुझे यह पसंद नहीं आया, तो हम वापस उन पर गोलीबारी करने और उनके सिर पर बम गिराने लगेंगे. अगर मुझे यह पसंद नहीं आया, या अगर वे ठीक से पेश नहीं आए, तो हम सीधे उन पर बम गिराने लगेंगे. ट्रंप ने आगे कहा- बिल्कुल उनके सिर के बीचों-बीच, क्योंकि उन्होंने 47 साल तक गलत व्यवहार किया है. #WATCH | Évian-les-Bains, France: On deal with Iran, US President Donald Trump says, “The text is not final, it’s a Memorandum of Understanding (MoU). If I don’t like it, we will go back to shooting at them, dropping bombs on their heads. If I don’t like it, if they don’t behave,… pic.twitter.com/hprojEtp0n — ANI (@ANI) June 17, 2026 ईरान समझौते पर व्हाइट हाउस के दावों और वास्तविक स्थिति में अंतर व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों और रिपब्लिकन सांसदों को भेजे गए एक दस्तावेज में दावा किया है कि ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते से अमेरिका ने अपने प्रमुख रणनीतिक लक्ष्य हासिल कर लिए हैं. दस्तावेज में कहा गया है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा और क्षेत्रीय तनाव कम होगा. हालांकि समझौते का पूरा विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे इसके दावों को लेकर भ्रम और संदेह बना हुआ है. कई रिपब्लिकन नेताओं ने भी माना है कि समझौते की शर्तें गोपनीय रखे जाने से अटकलों को बढ़ावा मिला है. ये भी पढ़ें: अमेरिका ने माना ‘ईरान के पास परमाणु बम से भी बड़ा हथियार’, खुफिया रिपोर्ट का खुलासा; जब चाहे कर सकता है इस्तेमाल ट्रंप के सामने पीएम मोदी ने उठाया हिंदुस्तानीय नाविकों की मौत का मुद्दा, बोले- समुद्री मार्गों और नाविकों की सुरक्षा जरूरी The post G7 में ट्रंप की खुली धमकी: ‘ईरान डील पर बात नहीं बनी, तो फिर बरसेंगे बम’ appeared first on Naya Vichar.

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Box Office Report: कंगना-दिलजीत को पछाड़ नंबर 1 बनी ‘हॉन्टेड 3D’, बिना बड़े स्टार के 5 दिन में कर डाली सबसे ज्यादा कमाई

Box Office Report: पिछले शुक्रवार यानी 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में एक साथ चार नई हिंदी फिल्में रिलीज हुईं. जब एक ही दिन कई फिल्में रिलीज होती हैं, तो दर्शकों का ध्यान और थिएटर स्क्रीन आपस में बंट जाते हैं. इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. कंगना रनौत की ‘हिंदुस्तान भाग्य विधाता’, इम्तियाज अली की ‘मैं वापस आऊंगा’, विक्रम भट्ट की ‘हॉन्टेड 3D: इकोज ऑफ द पास्ट’ और मनोज बाजपेयी की ‘गवर्नर’ एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रही हैं. ऐसे में हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि बॉक्स ऑफिस की इस जंग में कौन आगे निकला और किस फिल्म ने सबसे ज्यादा कमाई की? आइए जानते हैं. सबको पछाड़कर नंबर वन बनी हॉरर फिल्म ‘हॉन्टेड 3D’ इस बॉक्स ऑफिस क्लैश में सबसे बड़ा सरप्राइज विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म ‘हॉन्टेड 3D: इकोज ऑफ द पास्ट‘ ने दिया है. मिथुन चक्रवर्ती के बेटे मीमोह चक्रवर्ती स्टारर इस फिल्म ने बिना किसी बड़े सुपरस्टार, बजट और बड़े स्तर के प्रमोशन के भी बाकी सभी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है. Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, रिलीज के पांचवें दिन यानी मंगलवार को फिल्म ने ₹2 करोड़ का कलेक्शन किया. इसके साथ ही हिंदुस्तान में इसकी कुल नेट कमाई ₹13.35 करोड़ तक पहुंच गई है, जबकि दुनियाभर में फिल्म ने ₹15.67 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है. इम्तियाज अली और कंगना रनौत की फिल्में अब भी रेस में पीछे जहां ‘हॉन्टेड 3D: इकोज ऑफ द पास्ट’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है, वहीं इम्तियाज अली और कंगना रनौत जैसे बड़े नामों की फिल्में अभी कमाई के मामले में पीछे चल रही हैं. दोनों फिल्में रिलीज के पांच दिन बाद भी ₹10 करोड़ के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई हैं. मैं वापस आऊंगा: इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह और शरवरी जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं. Sacnilk के मुताबिक, फिल्म ने मंगलवार को ₹1.90 करोड़ का कलेक्शन किया. हालांकि फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, जिसका असर इसकी ऑक्यूपेंसी पर भी दिखा. मंगलवार को फिल्म की 31% से ज्यादा सीटें भरी रहीं. फिलहाल इसकी कुल नेट कमाई ₹8.30 करोड़ तक पहुंच चुकी है. हिंदुस्तान भाग्य विधाता: कंगना रनौत की इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा है. मंगलवार को फिल्म ने सिर्फ ₹65 लाख की कमाई की, जिसके बाद इसका कुल नेट कलेक्शन ₹5.55 करोड़ हो गया है. फिल्म को अपनी रफ्तार बढ़ाने के लिए आने वाले दिनों में मजबूत वर्ड ऑफ माउथ की जरूरत होगी. मनोज बाजपेयी की ‘गवर्नर’ का सबसे बुरा हाल इस चार फिल्मों की लड़ाई में सबसे ज्यादा नुकसान एक्टर मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘गवर्नर’ को उठाना पड़ा है. इस फिल्म को देखने लोग बहुत ही कम संख्या में थियेटर पहुंच रहे हैं. मंगलवार को इस फिल्म ने केवल ₹46 लाख की कमाई की. अब तक इस फिल्म का कुल नेट कलेक्शन सिर्फ ₹4.41 करोड़ ही हो पाया है. कम शोज और कम दर्शकों की वजह से यह फिल्म इस रेस में सबसे पीछे छूट गई है. यह भी पढ़ें: Haunted 3D: Echoes की सफलता पर मिमोह चक्रवर्ती ने तोड़ी चुप्पी, कहा- किसी सपने के पूरे होने जैसा है The post Box Office Report: कंगना-दिलजीत को पछाड़ नंबर 1 बनी ‘हॉन्टेड 3D’, बिना बड़े स्टार के 5 दिन में कर डाली सबसे ज्यादा कमाई appeared first on Naya Vichar.

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Telegram पर भारत से ईरान तक क्यों लगती रही पाबंदी? जानिए दुनिया भर में विवादों के केंद्र में कैसे आया यह ऐप

दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लैटफॉर्म्स में शामिल Telegram एक बार फिर सुर्खियों में है. हिंदुस्तान में NEET-UG री-एग्जाम से पहले इस ऐप पर अस्थायी रोक लगाए जाने के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर Telegram को लेकर इतनी विवादित स्थिति क्यों बनती रहती है. दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ हिंदुस्तान ही नहीं, बल्कि चीन, ईरान, रूस, ब्राजील, पाकिस्तान और कई अन्य देशों में भी Telegram कभी बैन, कभी ब्लॉक तो कभी प्रशासनी जांच का सामना कर चुका है. एक तरफ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्राइवेसी का मजबूत माध्यम माना जाता है, वहीं दूसरी तरफ कई प्रशासनें इसे फर्जीवाड़े, गलत सूचना और अवैध गतिविधियों के प्रसार का जरिया मानती हैं. Telegram को बाकी मैसेजिंग ऐप्स से अलग क्या बनाता है? Telegram सिर्फ एक चैटिंग ऐप नहीं है. इसकी सबसे बड़ी ताकत इसके विशाल चैनल और ग्रुप सिस्टम हैं. जहां आम मैसेजिंग ऐप्स सीमित लोगों के बीच बातचीत तक सीमित रहते हैं, वहीं Telegram पर लाखों लोगों तक एक साथ जानकारी पहुंचाई जा सकती है. कोई भी व्यक्ति बड़े चैनल बनाकर हजारों या लाखों फॉलोअर्स तक कंटेंट पहुंचा सकता है. यही वजह है कि पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नेतृत्वक समूहों और स्वतंत्र कंटेंट क्रिएटर्स के बीच Telegram काफी लोकप्रिय रहा है. लेकिन इसी सुविधा का इस्तेमाल फर्जी जानकारी फैलाने, धोखाधड़ी और अवैध गतिविधियों के लिए भी होने के आरोप लगते रहे हैं. यह भी पढ़ें- प्रशासन ने Telegram पर लगाया प्रतिबंध, WhatsApp पर क्यों नहीं? हिंदुस्तान में NEET विवाद के बाद क्यों हुआ Telegram पर एक्शन? हाल ही में हिंदुस्तान प्रशासन ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया. जांच एजेंसियों को कुछ ऐसे चैनल और ग्रुप मिले थे जिन पर कथित तौर पर NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और छात्रों से पैसे लेने के दावे किए जा रहे थे. अधिकारियों का मानना था कि कुछ लोग Telegram के एडिट फीचर का भी गलत इस्तेमाल कर रहे थे. कथित तौर पर परीक्षा के बाद पुराने संदेशों को एडिट कर उनमें वास्तविक प्रश्न जोड़ दिए जाते थे ताकि यह दिखाया जा सके कि पेपर पहले से लीक हो चुका था. इससे छात्रों में भ्रम और दहशत फैल रही थी. चीन, ईरान और रूस ने भी उठाए थे सख्त कदम Telegram को लेकर सबसे कड़ा रुख चीन ने अपनाया है, जहां यह कई वर्षों से पूरी तरह ब्लॉक है. चीनी प्रशासन का मानना रहा है कि यह प्लैटफॉर्म प्रशासनी निगरानी से बाहर रहकर नेतृत्वक गतिविधियों और संवेदनशील सूचनाओं के प्रसार का माध्यम बन सकता है. ईरान ने भी 2018 में Telegram पर स्थायी प्रतिबंध लगा दिया था. वहां यह ऐप प्रशासन विरोधी प्रदर्शनों के दौरान व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा था. दूसरी ओर रूस ने भी सुरक्षा एजेंसियों को जरूरी जानकारी न देने के आरोप में Telegram को ब्लॉक करने की कोशिश की थी, हालांकि बाद में प्रतिबंध हटा लिया गया. कई देशों में पूरी तरह बैन नहीं, लेकिन निगरानी बढ़ी ब्राजील, पाकिस्तान, थाईलैंड, क्यूबा और अजरबैजान जैसे देशों में Telegram पर अलग-अलग समय में अस्थायी प्रतिबंध या सीमित रोक लगाई गई. ज्यादातर मामलों में वजह फर्जी सूचना, नेतृत्वक अशांति, चुनावी गलत सूचना या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं थीं. यूरोप में भी Telegram पूरी तरह विवादों से दूर नहीं रहा. जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों ने प्लैटफॉर्म पर कंटेंट मॉडरेशन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग को लेकर सवाल उठाए हैं. फ्रांस में पावेल ड्यूरोव की गिरफ्तारी के बाद बदला Telegram का रवैया Telegram के इतिहास का सबसे बड़ा झटका तब लगा जब 2024 में कंपनी के संस्थापक पावेल ड्यूरोव को फ्रांस में गिरफ्तार किया गया. जांच एजेंसियों का आरोप था कि प्लैटफॉर्म पर चल रही कुछ अवैध गतिविधियों को रोकने और जांच में सहयोग करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए. इस घटना के बाद Telegram ने अपनी कुछ नीतियों में बदलाव किए. कंपनी ने मॉडरेशन बढ़ाया, कुछ फीचर्स हटाए और यह भी स्पष्ट किया कि वैध कानूनी आदेश मिलने पर सीमित जानकारी जांच एजेंसियों के साथ साझा की जा सकती है. प्राइवेसी बनाम सुरक्षा की बहस जारी Telegram को लेकर असली बहस आज भी खत्म नहीं हुई है. समर्थकों का कहना है कि यह प्लैटफॉर्म लोगों को स्वतंत्र रूप से संवाद करने और सेंसरशिप से बचने का अवसर देता है. वहीं आलोचकों का तर्क है कि अत्यधिक खुलापन और सीमित निगरानी कई बार गलत तत्वों को भी फायदा पहुंचाती है. हिंदुस्तान सहित दुनिया के कई देशों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यही है कि डिजिटल स्वतंत्रता को बनाए रखते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी सूचना और साइबर अपराधों पर कैसे प्रभावी नियंत्रण किया जाए. यह भी पढ़ें- Telegram Ban India: जानें क्यों और कैसे होता है ऐप ब्लॉक? The post Telegram पर हिंदुस्तान से ईरान तक क्यों लगती रही पाबंदी? जानिए दुनिया भर में विवादों के केंद्र में कैसे आया यह ऐप appeared first on Naya Vichar.

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