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June 26, 2026

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दुबई से आया ‘डेथ कॉल’, प्रिंस खान के नाम पर कारोबारी से मांगी पांच करोड़ की रंगदारी

Ranchi: कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम पर एक बार फिर रंगदारी की मांग की गयी है. इस बार गैंगस्टर के नाम पर राजधानी के व्यवसायी, हटिया के चांदनी चौक ओबरिया रोड निवासी उमाशंकर सिंह से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गयी है. जिस नंबर से व्यवसायी के पास कॉल आया, वह दुबई का बताया जा रहा है. कॉल करनेवाले ने रंगदारी नहीं देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी है. इस संबंध में व्यवसायी ने जगन्नाथपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है. दुबई के नंबर से आया मैसेज और ऑडियो पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 24 जून की रात करीब 12:06 बजे उनके मोबाइल पर विदेशी नंबर (971545920432) से व्हाट्सएप मैसेज आया, जिसके बाद ऑडियो कॉल भी की गयी. मैसेज भेजनेवाले ने खुद को प्रिंस खान का आदमी बताते हुए पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी. रकम नहीं देने पर व्यवसायी की पत्नी संध्या सिंह, दोनों बेटों बिट्टू और बिंदु तथा भतीजे टुकटुक की हत्या करने की धमकी दी. व्यवसायी ने व्हाट्सएप चैट और ऑडियो कॉल के स्क्रीनशॉट साक्ष्य के रूप में पुलिस को सौंपे हैं. रेकी कर भेजा गाड़ी का नंबर और दिनचर्या का शेड्यूल इस मामले की सबसे चौंकानेवाली बात यह है कि अपराधियों के पास कारोबारी की पल-पल की जानकारी है. भेजे गये मैसेज में कारोबारी के वाहनों का पूरा विवरण, उनके कारोबार के ठिकानों का जिक्र किया गया है. यहां तक कि उमाशंकर सिंह कब मंदिर जाते हैं, उसका तय समय और रूट चार्ट भी भेजा गया है. घटना के बाद व्यवसायी ने आशंका जतायी है कि कोई करीबी या स्थानीय लाइनर अपराधियों के लिए रेकी कर रहा है और घर की छोटी-छोटी जानकारियां दुबई में बैठे गैंग तक पहुंचा रहा है. पीड़ित ने बताया कि इसके बाद भी लगातार फोन और मैसेज आ रहे हैं. अपराधियों के पास उनकी हर गतिविधि की जानकारी होने के कारण पूरा परिवार खौफ में है. डर के कारण घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है. पीड़ित का कहना है कि गुरुवार और शुक्रवार को भी उनके पास धमकी भरे फोन और मैसेज आये हैं. राहुल सिंह गैंग भी पहले दे चुका है धमकी यह पहली बार नहीं है, जब इस व्यवसायी परिवार को निशाना बनाया गया है. इससे पहले भी राहुल सिंह गैंग द्वारा व्यवसायी से रंगदारी मांगी गयी थी. पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गयी थी, जिसके बाद 19 अक्तूबर, 2025 को जगन्नाथपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें और उनके परिवार को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध करायी जाये. साथ ही, अपराधियों तक घर की गोपनीय जानकारी पहुंचाने वाले ‘भेदी’ की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जाये. इधर, पुलिस का कहना है कि व्यवसायी और उनके परिवार को जल्द ही सुरक्षा उपलब्ध करायी जायेगी. ये भी पढ़ें… रांची में 177 करोड़ में बनेगा पहला शानदार सिक्स लेन का स्मार्ट रोड, फुटपाथ के साथ बनेगा साइकिल ट्रैक झोलाछाप डॉक्टर के गलत इंजेक्शन से 12 साल की बच्ची की मौत, मासूम का चेहरा भी नहीं देख पाए पिता The post दुबई से आया ‘डेथ कॉल’, प्रिंस खान के नाम पर कारोबारी से मांगी पांच करोड़ की रंगदारी appeared first on Naya Vichar.

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2,004 कॉल, डिलीट चैट और 238 घंटे की बातचीत… केतन अग्रवाल मर्डर केस में चौंकाने वाले खुलासे

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने हत्या से पहले और घटना के बाद अपने मोबाइल फोन से चैट डिलीट कर दी थी. अब इन चैट्स को रिकवर करने के लिए दोनों के मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं. जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों के मुताबिक- सिया और चेतन ने 18 जून को हुई घटना से पहले और उसके बाद अपने-अपने मोबाइल फोन से कई चैट डिलीट कर दी थीं. इन संदेशों को दोबारा हासिल करने और उनकी जांच करने के लिए मोबाइल फोन फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं. 2,004 कॉल और 238 घंटे की बातचीत पुलिस जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच 2,004 फोन कॉल हुई थीं. दोनों ने कुल 238 घंटे तक एक-दूसरे से बातचीत की थी. जांच एजेंसियां अब इन कॉल रिकॉर्ड्स और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं. कैफे में बनी थी कथित हत्या की योजना पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन सिया और चेतन एक कैफे में मिले थे, जहां कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई. इसके बाद दोनों लोहागढ़ किले पहुंचे और पहले से ऐसी जगह की पहचान कर ली, जहां से केतन को खाई में धक्का दिया जा सके. पुलिस का दावा- चेतन ने सिया को उकसाया जांच अधिकारियों का कहना है कि शुरुआत में चेतन चौधरी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और दावा किया कि वह किले पर तो मौजूद था, लेकिन घटना स्थल तक नहीं गया. हालांकि, पूछताछ और सबूतों के आधार पर पुलिस ने उसके बयान को झूठा पाया. पुलिस के मुताबिक, बाद में सिया और चेतन दोनों ने अपराध की बात कबूली और पूरी साजिश का खुलासा किया. जांच के अनुसार, योजना के तहत सिया को एक तय स्थान पर बैठकर चेतन को इशारा करना था, जिसके बाद चेतन ने कथित तौर पर केतन को चट्टान से धक्का दे दिया. इन समाचारों को भी पढ़ें पुणे कांड में नया मोड़: लुल्ला नगर कैफे पहुंची पुलिस, यहीं रची गई थी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश पुणे मर्डर: क्या सिया करती थी ड्रिंक? मां बोली- दोषी है तो बेटी को उसी जगह से धक्का दे दिया जाए पुणे मर्डर : परिवार के एक शक से खुल गई पोल, केतन की मौत का सच आया सामने सिया के भाई और परिजनों से भी होगी पूछताछ पुणे (देहात) के पुलिस उपाधीक्षक गजानन टोंपे ने बताया कि सिया के भाई को पूछताछ के लिए बुलाया गया है. इसके अलावा उसके परिवार के अन्य सदस्यों और दोस्तों से भी पूछताछ की जाएगी. पुलिस का दावा है कि अब तक की जांच में सिया और चेतन दोनों की भूमिका साफ हो चुकी है. फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला, उज्जवल निगम लड़ेंगे केस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पुणे में केतन अग्रवाल के परिवार से मुलाकात की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रशासन हरसंभव कदम उठाएगी. केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद कहा कि उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, मामले की निष्पक्ष जांच और यदि कोई अन्य व्यक्ति भी साजिश में शामिल हो तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है जिसे प्रशासन ने मान ली है. साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया जा रहा है. उज्जवल निगम ने मुंबई हमले के आरोपी कसाब को फांसी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. केतन के पिता बोले- दिक्कत थी तो शादी से मना कर देती मीडिया में आई उन समाचारों पर जिनमें दावा किया गया कि सिया केतन के विग पहनने के कारण उससे शादी नहीं करना चाहती थी, केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि यदि सिया को कोई आपत्ति थी तो वह शादी से इनकार कर सकती थी. उन्होंने कहा कि उनके बेटे की जान लेने की कोई जरूरत नहीं थी. विशाल अग्रवाल ने यह भी स्वीकार किया कि केतन विग का एक छोटा पैच इस्तेमाल करता था और सगाई से पहले ही इसकी जानकारी सिया और उसके परिवार को दे दी गई थी. सिया की मां का दावा- बेटी जाना नहीं चाहती थी वहीं, सिया गोयल की मां ने दावा किया कि उनकी बेटी 18 जून को लोहागढ़ किला जाने के लिए तैयार नहीं थी. उनके अनुसार, 17 जून को वीडियो कॉल के दौरान केतन अग्रवाल और उनकी मां ने सिया से साथ चलने का आग्रह किया था. सिया ने उन्हें बताया था कि अगले दिन परिवार का कार्यक्रम है और वह आराम करना चाहती है, लेकिन बाद में वह उनके कहने पर चली गई. शादी के खर्च को लेकर पिता ने किया दावा खारिज सिया के पिता ने उन मीडिया रिपोर्टों का भी खंडन किया, जिनमें शादी पर भारी-भरकम खर्च और चार्टर्ड विमान की व्यवस्था का दावा किया गया था. उन्होंने कहा कि शादी उदयपुर में तय थी और करीब 70 कमरे बुक किए गए थे, लेकिन पूरे विवाह समारोह का खर्च तीन करोड़ रुपये से अधिक नहीं था. Also Read: पुलिस पूछताछ में टूटी सिया, कहा- विग पहनता था केतन इसलिए… फोन ने भी खोले कई राज The post 2,004 कॉल, डिलीट चैट और 238 घंटे की बातचीत… केतन अग्रवाल मर्डर केस में चौंकाने वाले खुलासे appeared first on Naya Vichar.

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भाजपा का 45 साल पुराना किला ढहाने उतरेंगे प्रशांत किशोर? बांकीपुर उपचुनाव पर दिए बड़े संकेत

Bankipur By Election: जन सुराज पार्टी के संस्थापक और सूत्रधार प्रशांत किशोर पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में खुद मैदान में उतर सकते हैं. प्रशांत किशोर ने साफ संकेत दिए हैं कि भाजपा का 40-45 साल पुराना किला तोड़ने के लिए वह खुद प्रत्याशी बन सकते हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि बांकीपुर में बीजेपी को हराने के लिए जो कुछ भी करना पड़ेगा, वो किया जाएगा. अगर जरूरत पड़ी तो वह खुद चुनाव लड़ेंगे. भाजपा का सबसे मजबूत गढ़ है बांकीपुर सीट पटना शहर की बांकीपुर विधानसभा सीट को हिंदुस्तानीय जनता पार्टी का सबसे अजेय किला माना जाता है. साल 1995 से लगातार यहां सिर्फ और सिर्फ भाजपा का ही कमल खिलता आ रहा है. इस सीट पर लंबे समय से नितिन नवीन के परिवार का कब्जा रहा है. पहले उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा यहां से लगातार 4 बार विधायक चुने गए. उनके निधन के बाद साल 2006 के उपचुनाव में नितिन नवीन जीते और तब से वह लगातार यहां से विधायक बनते आ रहे थे. कांग्रेस, राजद और वाम दल जैसे बड़े-बड़े गठबंधन भी आज तक इस किले को भेद नहीं पाए हैं. क्यों खाली हुई यह सीट और कब होगा चुनाव? नितिन नवीन के भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और फिर राज्यसभा चले जाने के बाद यह सीट खाली हुई है. राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद नितिन नवीन ने मार्च 2026 में बिहार विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. चुनाव नियमों के मुताबिक, सीट खाली होने के 6 महीने के भीतर यानी अक्टूबर 2026 से पहले यहां उपचुनाव कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है. पिछले चुनाव का समीकरण और त्रिकोणीय मुकाबले के आसार साल 2025 में हुए पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने आरजेडी की प्रत्याशी रेखा कुमारी को 51 हजार से ज्यादा भारी वोटों के अंतर से हराया था. उस चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने वंदना कुमारी को टिकट दिया था, जिन्हें महज 7717 वोट ही मिल सके थे. लेकिन इस बार उपचुनाव में माहौल पूरी तरह बदल चुका है. भाजपा जहां नितिन नवीन के उत्तराधिकारी के रूप में किसी मजबूत चेहरे की तलाश में है, वहीं प्रशांत किशोर खुद जमीन पर उतरकर व्यापारियों और बुद्धिजीवियों के साथ बैठकें कर रहे हैं. इसके अलावा महागठबंधन भी इस सीट पर अपनी मजबूत दावेदारी ठोकने की तैयारी में है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नितिन नवीन के लिए बड़ा इम्तिहान बिहार में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में यह पहला विधानसभा उपचुनाव होने जा रहा है. चूंकि यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का गृह क्षेत्र है, इसलिए इस चुनाव पर न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश की नेतृत्वक नजरें टिकी हुई हैं. प्रशांत किशोर के खुद मैदान में उतरने की चर्चा ने इस मुकाबले को बेहद रोमांचक और त्रिकोणीय बना दिया है. इसे भी पढ़ें: बिहार को मोदी प्रशासन ने दिया 2900 करोड़ का तोहफा, जानिए कैसे खर्च होगा पैसा और क्या है 50-50 का फॉर्मूला? 27, 28, 29 जून को बिहार के इन जिलों में 60 KMPH की रफ्तार से चलेगी हवा, बारिश और वज्रपात पर IMD का डबल अलर्ट The post भाजपा का 45 साल पुराना किला ढहाने उतरेंगे प्रशांत किशोर? बांकीपुर उपचुनाव पर दिए बड़े संकेत appeared first on Naya Vichar.

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आयरलैंड ने रचा इतिहास, T20I में पहली बार भारत को दी करारी शिकस्त

IRE vs IND: आयरलैंड ने बेलफास्ट में स्पोर्ट्से गए पहले टी20 मुकाबले में इतिहास रच दिया. मेजबान टीम ने हिंदुस्तान को 34 रन से हराकर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी पहली जीत दर्ज की. इससे पहले दोनों टीमों के बीच स्पोर्ट्से गए सभी टी20 मुकाबलों में हिंदुस्तानीय टीम का पलड़ा भारी रहा था, लेकिन इस बार आयरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास अपने नाम कर लिया. खराब शुरुआत के बाद संभली आयरलैंड की पारी टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आयरलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही. टीम ने 7.1 ओवर में सिर्फ 51 रन के स्कोर पर अपने 4 विकेट गंवा दिए थे. उस समय ऐसा लग रहा था कि आयरलैंड बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाएगी. हालांकि कप्तान लॉर्कन टकर और गैरेथ डेलानी ने पारी को संभालते हुए शानदार बल्लेबाजी की. दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 64 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को मैच में वापस ला दिया. टकर और डेलानी ने स्पोर्ट्सी अहम पारियां कप्तान लॉर्कन टकर ने जिम्मेदारी भरी पारी स्पोर्ट्सते हुए 36 गेंदों पर 50 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. टकर के आउट होने के बाद गैरेथ डेलानी ने आक्रामक अंदाज जारी रखा. उन्होंने जॉर्ज डॉकरेल के साथ छठे विकेट के लिए 49 रन जोड़े. डॉकरेल ने 10 गेंदों पर 19 रन का योगदान दिया, जबकि डेलानी 32 गेंदों पर 49 रन बनाकर आउट हुए. अपनी पारी में उन्होंने 3 चौके और 3 छक्के लगाए. इन दोनों बल्लेबाजों की पारियों की बदौलत आयरलैंड की टीम 182 रन के प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचने में सफल रही. हर्षित राणा रहे सबसे सफल गेंदबाज हिंदुस्तानीय गेंदबाजों में हर्षित राणा सबसे सफल रहे. उन्होंने 4 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट झटके. अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट हासिल किए. अक्षर पटेल ने भी 2 विकेट अपने नाम किए, जबकि शिवम दुबे को 1 सफलता मिली. हिंदुस्तान की खराब शुरुआत एक छोर से अभिषेक शर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और महज 20 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने 50 रन की तेजतर्रार पारी स्पोर्ट्सकर हिंदुस्तान को मुकाबले में बनाए रखा, लेकिन उनके आउट होते ही टीम की मुश्किलें फिर बढ़ गईं. इसके बाद तिलक वर्मा 19 रन बनाकर आउट हुए, जबकि वाशिंगटन सुंदर 9 रन और शिवम दुबे 25 रन का योगदान देकर पवेलियन लौट गए. लगातार विकेट गिरने के कारण हिंदुस्तानीय टीम लक्ष्य से दूर होती चली गई. हिंदुस्तान की पारी 148 पर सिमटी एक समय हिंदुस्तान के 7 विकेट गिर चुके थे और आयरलैंड मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर चुका था. ऐसे में हिंदुस्तान को जीत के लिए आखिरी 24 गेंदों में 48 रन की दरकार थी, जबकि उसके हाथ में सिर्फ तीन विकेट शेष थे. इसके बाद अक्षर पटेल 15 रन बनाकर आउट हो गए. उसके बाद हर्षित राणा 8 और अर्शदीप सिंह 2 रन बनाकर आउट हो गए. हिंदुस्तान की पूरी टीम 148 पर सिमट गई. आयरलैंड के लिए आयरलैंड के लिए मैथ्यू हम्फ्रीज ने 3, मैट हॉलैंड ने 3, जय मूंड़ा ने 2, लियम मक्कार्थी ने 1 और गैरेथ डेलेनी 1 विकेट लेकर हिंदुस्तान को सस्ते में समेट दिया. 17 साल बाद मिली पहली जीत हिंदुस्तान और आयरलैंड के बीच टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली भिड़ंत साल 2009 में हुई थी. इसके बाद दोनों टीमें कई मौकों पर आमने-सामने आईं, लेकिन हर बार हिंदुस्तानीय टीम ने बाजी मारी. आयरलैंड को हिंदुस्तान के खिलाफ अपनी पहली जीत का इंतजार था, जो आखिरकार 17 साल बाद खत्म हुआ. 26 जून 2026 को बेलफास्ट में स्पोर्ट्से गए पहले टी20 मुकाबले में आयरलैंड ने हिंदुस्तान को 34 रन से हराकर इतिहास रच दिया. यह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में हिंदुस्तान के खिलाफ आयरलैंड की पहली जीत है. लंबे इंतजार के बाद मिली इस जीत को आयरलैंड क्रिकेट लंबे समय तक याद रखेगा. यह भी पढ़ें: 57 रन लुटाकर प्रसिद्ध कृष्णा ने बनाया शर्मनाक रिकॉर्ड, T20I इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा The post आयरलैंड ने रचा इतिहास, T20I में पहली बार हिंदुस्तान को दी करारी शिकस्त appeared first on Naya Vichar.

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यूपी में मुहर्रम के जुलूस में बड़ा हादसा, एक की दर्दनाक मौत, 6 लोग झुलसे

UP Accident: उत्तर प्रदेश में मुहर्रम के ताजिया जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हो गया. एटा के अलीगंज क्षेत्र में ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया, जिससे उसमें करंट उतर आया. हादसे में जुलूस में शामिल सात लोग झुलस गए. सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 22 वर्षीय सैफ को मृत घोषित कर दिया. बाकी छह घायलों का उपचार जारी है. हादसे की जानकारी पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच कर घटना पर आक्रोश जताया. घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस पहुंची और लोगों को समझाकर मामले को शांत किया. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है. हादसे के बाद मची अफरा-तफरी हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, घायलों का हालचाल जाना और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की. घटना की जानकारी मिलते ही लाइन काट दी गई थी. बताया जा रहा है कि ताजिया की ऊंचाई अधिक थी. प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है. बिजली लाइन से टकराने से हुआ हादसा स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ताजिया जुलूस के दौरान बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई, जबकि हर साल सुरक्षा को देखते हुए ऐसा किया जाता था. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां बिजली का पोल झुका हुआ था. जुलूस के दौरान ताजिया हल्का झुक गया और उस पर लगी लोहे की पट्टी बिजली के तारों से छू गई, इससे ताजिये में करंट उतर आया और उसे उठाए लोग उसकी चपेट में आ गए. मामा के घर रहता था सैफ बतादें कि सैफ अपने मामा के घर कानपुर में रहता था. वहां बाइक मिस्त्री था. मुहर्रम के कारण आठ दिन पहले ही वह अलीगंज आया था. उसे ताजिए बनाने का शौक था और अच्छे बनाता था, इसके लिए अलीगंज के साथी युवकों ने फोनकर उसे बुला लिया था, जिस दिन से वह अलीगंज आया था उसी दिन से इस कार्य में जुट गया था. वह हर वर्ष ताजिये को लेकर उत्साहित रहता था. यह भी पढ़ें: राम मंदिर दान चोरी मामले में 79 लाख बरामद, 8 आरोपियों को जेल, SBI के कई स्टाफ भी SIT के रडार पर The post यूपी में मुहर्रम के जुलूस में बड़ा हादसा, एक की दर्दनाक मौत, 6 लोग झुलसे appeared first on Naya Vichar.

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57 रन लुटाकर प्रसिद्ध कृष्णा ने बनाया शर्मनाक रिकॉर्ड, T20I इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा

Prasidh Krishna: हिंदुस्तान और आयरलैंड के बीच बेलफास्ट में स्पोर्ट्से गए पहले टी20 मुकाबले में तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जिसे वह शायद ही याद रखना चाहेंगे. प्रसिद्ध T20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में लगातार दो मैचों में सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले गेंदबाज बन गए हैं. प्रसिद्ध कृष्णा ने इस मुकाबले में अपने चार ओवर के स्पेल में बिना कोई विकेट लिए 57 रन खर्च किए. इससे पहले उन्होंने 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गुवाहाटी टी20 में 4 ओवर में 68 रन दिए थे. इस तरह लगातार दो T20I मैचों में उनके नाम 125 रन दर्ज हो गए, जो एक अनचाहा रिकॉर्ड है. महंगा साबित हुआ स्पेल प्रसिद्ध सातवें ओवर में गेंदबाजी के लिए आए थे. उन्होंने शुरुआती गेंदों पर अच्छी लाइन-लेंथ दिखाई, लेकिन उसी ओवर में दो छक्के खाकर 14 रन दे बैठे. इसके बाद उन्होंने कुछ अच्छी गेंदें जरूर डालीं, लेकिन आयरलैंड के बल्लेबाज लगातार उन पर दबाव बनाते रहे. लॉर्कन टकर और गैरेथ डेलानी ने उनके खिलाफ खुलकर शॉट लगाए. आखिरी ओवर में हुई जमकर धुनाई प्रसिद्ध का सबसे महंगा ओवर उनका आखिरी ओवर साबित हुआ. जॉर्ज डॉकरेल ने ओवर की शुरुआत चौके से की, जबकि डेलानी ने एक चौका और लगातार तीन छक्के जड़ दिए. इस ओवर में कुल 27 रन बने. यह T20 इंटरनेशनल में आयरलैंड के खिलाफ किसी हिंदुस्तानीय गेंदबाज का सबसे महंगा ओवर भी बन गया. यॉर्कर और स्लोअर गेंदों की उनकी कोशिशें भी बल्लेबाजों को रोक नहीं सकीं. प्रसिद्ध के ओवर के कारण आयरलैंड की टीम 9 विकेट के नुकसान पर 182 रन बनाने में कामयाब रही. सवालों के घेरे में प्रदर्शन प्रसिद्ध कृष्णा को इस सीरीज के लिए चोटिल मोहम्मद सिराज की जगह हिंदुस्तानीय टीम में शामिल किया गया था. हालांकि पहले ही मैच में उनका प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका. प्रसिद्ध के पास गति और उछाल जैसी खूबियां हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी सबसे बड़ी समस्या निरंतरता रही है. यही वजह है कि उन्हें टीम में शामिल किए जाने के फैसले पर पहले से ही सवाल उठ रहे थे और अब यह प्रदर्शन उन चर्चाओं को और बढ़ा सकता है. हिंदुस्तान के लिए यह राहत की बात रही कि टीम ने मैच में वापसी की, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा के लिए बेलफास्ट का यह मुकाबला लंबे समय तक एक कड़वी याद बनकर रह सकता है. यह भी पढ़ें: बेन स्टोक्स ने रचा इतिहास, टेस्ट में ऐसा कारनामा करने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी बने The post 57 रन लुटाकर प्रसिद्ध कृष्णा ने बनाया शर्मनाक रिकॉर्ड, T20I इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा appeared first on Naya Vichar.

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‘हमें हमारा गणेश लौटा दें’, तारातला हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर का शव पहुंचा धनबाद

निरसा से अरिंदम चक्रवर्ती की रिपोर्ट Dhanbad News: पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की दुर्घटना में जान गंवाने वाले धनबाद के मजदूर गणेश कालिंदी का शव शुक्रवार सुबह उनके पैतृक गांव सालूकचापड़ा पहुंचा. शव गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों की चीख-पुकार और ग्रामीणों की नम आंखों ने हर किसी को भावुक कर दिया. गणेश का अंतिम संस्कार गांव के समीप स्थित श्मशान घाट में किया गया. शव पहुंचते ही फूट पड़ा परिजनों का दर्द गणेश कालिंदी का शव लेकर उनके जीजा शिवनाथ बाध्यकर और भांजा गौतम बाध्यकर कोलकाता से गांव पहुंचे. शव देखते ही परिवार के लोग उससे लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे. घर में हर ओर सिर्फ एक ही आवाज सुनाई दे रही थी, “हमें मुआवजा नहीं चाहिए, हमारा गणेश वापस लौटा दो.” परिजनों का विलाप सुनकर वहां मौजूद ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक सके. पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया और हर किसी की आंखें नम थीं. सिर्फ 15 दिन पहले कमाने गया था कोलकाता परिवार के अनुसार गणेश कालिंदी महज 15 दिन पहले अपने साथियों के साथ रोजगार की तलाश में कोलकाता गया था. किसी ने भी नहीं सोचा था कि वह जिंदा लौटने के बजाय ताबूत में बंद होकर वापस आएगा. परिजनों ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए वह घर से निकला था, लेकिन अब उसके हिस्से में सिर्फ मौत आई और परिवार के हिस्से में उसका शव. मुआवजे की घोषणा पर जताया आभार हादसे के बाद पश्चिम बंगाल प्रशासन की ओर से मुआवजे की घोषणा किए जाने पर परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी अपने की कमी को कोई मुआवजा पूरा नहीं कर सकता. परिवार के लोगों का कहना था कि पैसे से उनका दर्द कम नहीं होगा, क्योंकि उन्होंने अपने घर का कमाने वाला सदस्य खो दिया है. विधायक ने हरसंभव मदद का दिया भरोसा घटना की सूचना मिलते ही निरसा विधायक अरूप चटर्जी, जिला परिषद सदस्य बादल बाउरी, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण गणेश के घर पहुंचे. विधायक अरूप चटर्जी ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना देते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया. उन्होंने गणेश की बेटी मोमिता समेत परिवार के बच्चों की पढ़ाई में मदद करने का आश्वासन भी दिया. वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सरस्वती गोराई ने भी परिवार की सहायता करने की बात कही. पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल गणेश कालिंदी अपने पीछे पत्नी लक्खी कालिंदी, बेटियां मोमिता, निकिता और रितिका तथा पुत्र जगरनाथ को छोड़ गए हैं. इसके अलावा बड़े भाई बामापद कालिंदी, भाभी करुणा बाध्यकर और वृद्ध माता-पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल था. परिवार के लोग खुद को पूरी तरह बेसहारा महसूस कर रहे थे. गांव की स्त्रीएं परिजनों को ढांढस बंधाने का प्रयास करती रहीं, लेकिन घर का माहौल बेहद गमगीन बना रहा. चश्मदीद साथियों ने सुनाई हादसे की पूरी कहानी गणेश के साथ काम करने वाले मजदूर राजू बाध्यकर और विजय बाध्यकर ने हादसे की भयावह कहानी सुनाई. उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 12 बजे सभी मजदूर काम खत्म करने के बाद हाथ-पैर धोकर गुटखा खाने के लिए बाहर निकले थे. इसी दौरान गणेश अपने कपड़े लेने के लिए निर्माणाधीन भवन की दूसरी मंजिल पर चला गया. तभी अचानक पूरी इमारत भरभराकर गिर गई और वह मलबे के नीचे दब गया. इसे भी पढ़ें: तारातला हादसा : कालीचरण गिरफ्तार, फिरहाद के पूर्व ओसीडी से पुलिस कर रही पूछताछ पांच घंटे तक फोन पर बचाने की गुहार लगाता रहा गणेश राजू और विजय ने बताया कि भवन गिरने के बाद भी गणेश कुछ समय तक जीवित था और मलबे के नीचे से फोन पर उनसे लगातार संपर्क में था. उन्होंने बताया कि करीब पांच घंटे तक गणेश उनसे बात करता रहा और बार-बार सिर्फ एक ही बात कहता रहा, “भाई… किसी भी हालत में मुझे बचा लो.” साथियों ने बताया कि वे लगातार राहत और बचाव दल से उसे जल्द निकालने की गुहार लगाते रहे, लेकिन भारी मलबे और कठिन परिस्थितियों के कारण समय पर उसे बाहर नहीं निकाला जा सका. अंततः उसकी मौत हो गई. गणेश कालिंदी की मौत ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे सालूकचापड़ा गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है. अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी. इसे भी पढ़ें: कोलकाता के तारातला में अचानक ढहा गोदाम, मलबे में कम से कम 40 लोग दबे The post ‘हमें हमारा गणेश लौटा दें’, तारातला हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर का शव पहुंचा धनबाद appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में 1 रुपये क्यों दी गई 15 एकड़ जमीन? सरकार का मेगा प्लान जानिए

Bihar Development Project: बिहार प्रशासन ने मुंगेर जिले के तारापुर में स्थित 15 एकड़ एक डिसमिल प्रशासनी जमीन को ईशा फाउंडेशन को लीज पर देने का एक बहुत बड़ा फैसला किया है. यह जमीन किसी निजी या कमर्शियल बिजनेस के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र विकसित करने के लिए मात्र 1 रुपये के टोकन मूल्य पर दी गई है. तारापुर में बनेगा आधुनिक सुविधाओं वाला पर्यटन केंद्र प्रशासन की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, इस कीमती जमीन पर सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस एक बड़ा और समेकित सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा. जब यह प्रोजेक्ट पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा, तब यह देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा. प्रशासन का असली मकसद मुंगेर को बिहार के सबसे प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों की लिस्ट में शामिल करना है. शिव परिपथ और कांवरियों को मिलेगा बहुत बड़ा फायदा तारापुर का इलाका प्राचीन अंग क्षेत्र का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह शिव परिपथ का भी एक मुख्य पड़ाव माना जाता है. सुल्तानगंज से बाबाधाम देवघर तक जाने वाली विश्व प्रसिद्ध कांवर यात्रा का रास्ता भी इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है. हर साल सावन के महीने में लाखों की संख्या में शिव भक्त और कांवरिए इसी मार्ग से पैदल यात्रा करते हैं. ऐसे में यहां एक भव्य केंद्र बनने से धार्मिक पर्यटन को एक बिल्कुल नई और बड़ी पहचान मिलेगी. स्थानीय लोगों और युवाओं के लिए खुलेंगे नौकरी के रास्ते प्रशासन का साफ मानना है कि तारापुर में इस बड़े पर्यटन केंद्र के शुरू होने से यहां के स्थानीय लोगों की किस्मत बदल जाएगी. इसके बनने से आस-पास के इलाकों में होटल, ट्रांसपोर्ट, हैंडीक्राफ्ट, खान-पान और दूसरे छोटे-बड़े बिजनेस को बहुत तेजी से बढ़ावा मिलेगा. इस वजह से क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें पर्यटन के जरिए विकास पर प्रशासन का पूरा फोकस बिहार प्रशासन राज्य की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने लाने और उसे पर्यटन से जोड़ने के लिए लगातार बड़े फैसले ले रही है. इसी योजना के तहत ईशा फाउंडेशन के सहयोग से मुंगेर में इस ड्रीम प्रोजेक्ट की शुरुआत की जा रही है. प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि इस ऐतिहासिक कदम से मुंगेर की पहचान राष्ट्रीय पर्यटन के नक्शे पर और ज्यादा मजबूत होगी. इसे भी पढ़ें: बिहार को मोदी प्रशासन ने दिया 2900 करोड़ का तोहफा, जानिए कैसे खर्च होगा पैसा और क्या है 50-50 का फॉर्मूला? 27, 28, 29 जून को बिहार के इन जिलों में 60 KMPH की रफ्तार से चलेगी हवा, बारिश और वज्रपात पर IMD का डबल अलर्ट The post बिहार में 1 रुपये क्यों दी गई 15 एकड़ जमीन? प्रशासन का मेगा प्लान जानिए appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर दान चोरी मामले में 79 लाख बरामद, 8 आरोपियों को जेल, SBI के कई स्टाफ भी SIT के रडार पर

Ayodhya Ram Mandir News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को शुक्रवार को फैजाबाद अदालत में पेश किया गया, जहां करीब एक घंटे से अधिक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को सोमवार तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. जांच एजेंसियों ने आरोपियों के कब्जे से 79 लाख 85 हजार रुपये नकद बरामद करने का दावा किया है. अभियोजन अधिकारी केसी वर्मा ने बताया कि मामले में आरोपियों को सोमवार को फिर अदालत में पेश किया जाएगा. वहीं, सहायक अभियोजन अधिकारी नवनीत कुमार ने कहा कि अगली सुनवाई एंटी करप्शन कोर्ट में होगी. SBI कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि इस कथित गबन और चढ़ावा चोरी मामले में हिंदुस्तानीय स्टेट बैंक (SBI) के 5 से 6 कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. जांच एजेंसियां उनकी संभावित संलिप्तता की गहन जांच कर रही हैं. अधिकारियों के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में नकदी के साथ कुछ आभूषण भी बरामद किए गए हैं. मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज है और इसके वित्तीय व तकनीकी पहलुओं की जांच जारी है. सोमवार को आरोपियों को दोबारा अदालत में पेश किए जाने के दौरान जांच से जुड़े अन्य तथ्यों पर भी सुनवाई होने की संभावना है. चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी जांच और FIR दर्ज और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे ने मामले को नया मोड़ दे दिया है. सूत्रों के अनुसार, चंदा और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों के चलते दोनों पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ रहा था. ऐसे में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया है. इस पूरे घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश की नेतृत्व गरमा गई है. CCTV का नाम ‘चढ़ावा-चोरी TV’ साबित होगा: अखिलेश यादव अखिलेश यादव ने सोशल मीडियो पर लिखा है कि, हमने तो पहले ही कहा था कि CCTV का नाम ‘चढ़ावा-चोरी TV’ साबित होगा. जिन लोगों ने ‘सत्रह’ बार लूटा, वो सैंकड़ों साल से इतिहास में बदनाम हैं, जिन्होंने केवल 40 दिन में ‘सत्तर’ बार लूटा वो तो इतिहास में इस महापाप के लिए ‘सात’ जन्मों के लिए काले अक्षरों में दर्ज़ हो जाएंगे. ये सोचा जाए जिन्होंने सात हफ़्ते में इतनी चोरी कर ली है, उन्होंने पिछले इतने सालों में कितना चुराया होगा, कितना आपस में बाँटा होगा, कितना चुपके से छुपाया-दबाया होगा और कितना अपने मुखिया तक पहुंचाया होगा. अखंड निंदनीय! यह भी पढ़ें: Champat Rai: कौन हैं चंपत राय? 18 महीने जेल, राम मंदिर आंदोलन और अब महासचिव पद से इस्तीफा The post राम मंदिर दान चोरी मामले में 79 लाख बरामद, 8 आरोपियों को जेल, SBI के कई स्टाफ भी SIT के रडार पर appeared first on Naya Vichar.

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पुलिस पूछताछ में टूटी सिया, कहा- विग पहनता था केतन इसलिए कर दी हत्या, फोन ने भी खोले कई राज

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी सिया गोयल ने दावा किया कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी क्योंकि उसके सिर पर बाल नहीं थे और वह विग पहनता था. सिया ने यह भी कहा है कि उसने परिवार की नाराजगी से बचने के लिए शादी से इनकार नहीं किया था. यह शादी केतन के मामा ने तय करवाई थी. फरवरी में दोनों की सगाई हुई थी. नवंबर में शादी होने वाली थी. शादी के लिए करोड़ों खर्च कर राजस्थान में पैलेस बुक किया गया था. सिया के बयानों पर उठे सवाल, फोन चैट ने भी खोले कई राज केतन अग्रवाल हत्याकांड में सिया से पूछताछ के दौरान लोनावला ग्रामीण पुलिस ने कहा है कि सिया गोयल विरोधाभासी बयान दे रही है. उसके बयान और उसके मोबाइल फोन से बरामद चैट सिया के दावों से मेल नहीं खाती हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार- पूछताछ के दौरान सिया गोयल ने दावा किया कि उसने पहले ही केतन अग्रवाल को बता दिया था कि वह उससे शादी नहीं करना चाहती. सिया के मुताबिक, इसके जवाब में केतन कहता था कि अब बहुत देर हो चुकी है, बात हद से आगे बढ़ चुकी है और अब कुछ नहीं किया जा सकता. हालांकि, पुलिस का कहना है कि सिया के बयान उपलब्ध डिजिटल सबूतों से मेल नहीं खाते. फोन चैट ने दावों पर खड़े किए सवाल जांच अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस ने सिया और केतन दोनों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं. इनमें मिली चैट से संकेत मिलता है कि शादी से पहले दोनों सामान्य मंगेतर की तरह बातचीत कर रहे थे और उनके बीच प्रेमपूर्ण संवाद हो रहे थे. एक पुलिस अधिकारी ने कहा- फोन से बरामद चैट के आधार पर उसके दावे भरोसे लायक नहीं लगते. अधिकारी ने बताया कि डिजिटल सबूतों के साथ सभी बयानों का मिलान किया जा रहा है. हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस लोनावला ग्रामीण पुलिस का कहना है कि जांच किसी एक एंगल तक सीमित नहीं है. डिजिटल सबूत, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और आरोपियों के बयानों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके. इन समाचारों को भी पढ़ें पुणे कांड में नया मोड़: लुल्ला नगर कैफे पहुंची पुलिस, यहीं रची गई थी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिशपुणे मर्डर: क्या सिया करती थी ड्रिंक? मां बोली- दोषी है तो बेटी को उसी जगह से धक्का दे दिया जाए 18 जून को हुई थी केतन अग्रवाल की मौत जानकारी के मुताबिक 18 जून को पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले से गिरने के बाद केतन अग्रवाल की मौत हो गई थी. इसके बाद मामले में हत्या का केस दर्ज किया गया. जांच के दौरान पुलिस को संदेह है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल अपनी जिंदगी के इस चरण में शादी नहीं करना चाहती थी और कथित तौर पर परिवार के दबाव में उसने यह रिश्ता स्वीकार किया था. पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है. सिया गोयल और चेतन चौधरी पुलिस हिरासत में केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन चौधरी को 23 जून को गिरफ्तार किया गया था. दोनों फिलहाल 29 जून तक पुलिस हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. Also Read: पुणे मर्डर : परिवार के एक शक से खुल गई पोल, केतन की मौत का सच आया सामने The post पुलिस पूछताछ में टूटी सिया, कहा- विग पहनता था केतन इसलिए कर दी हत्या, फोन ने भी खोले कई राज appeared first on Naya Vichar.

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