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June 26, 2026

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पश्चिम बंगाल में लागू होगा यूनिफॉर्म सिविल कोड, मौजूदा सत्र में आ सकता है विधेयक

कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट UCC in Bengal: उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड-यूसीसी) लागू करने की तैयारी तेज हो गयी है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य प्रशासन अगले सप्ताह सोमवार को विधानसभा एक विशेष सत्र में इस संबंध में विधेयक पेश कर सकती है. यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो पश्चिम बंगाल यूसीसी लागू करने वाला देश का चौथा भाजपा शासित राज्य बन जायेगा. प्रशासन का दावा है कि इस कानून से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव-इन संबंधों से जुड़े मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित होगी तथा स्त्रीओं के अधिकार और लैंगिक समानता को मजबूती मिलेगी. असम मॉडल पर आगे बढ़ने की तैयारी हाल ही में असम विधानसभा में लंबी बहस के बाद यूसीसी विधेयक पारित हुआ है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इसे केवल भाजपा का नेतृत्वक एजेंडा नहीं, बल्कि संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों में निहित एक लंबे समय से लंबित लक्ष्य बताया था. उन्होंने यह भी कहा था कि स्वतंत्रता के बाद संविधान सभा की चर्चाओं में कांग्रेस के कई नेताओं ने भी समान नागरिक संहिता का समर्थन किया था. असम के कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, लिव-इन संबंधों के पंजीकरण और बहुविवाह पर रोक जैसे प्रावधान शामिल किये गये हैं. प्रशासन का तर्क है कि इसका उद्देश्य स्त्रीओं के अधिकारों की रक्षा और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है. जनजातीय समुदायों को मिल सकती है छूट असम की तरह पश्चिम बंगाल प्रशासन भी कुछ विशेष समुदायों को यूसीसी के दायरे से बाहर रखने पर विचार कर रही है. सूत्रों के अनुसार, दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र और जंगलमहल के कुछ जनजातीय समुदायों की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्थाओं और संवैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रावधान किये जा सकते हैं. हालांकि, अंतिम निर्णय विधेयक पेश होने के बाद ही स्पष्ट होगा. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बन सकता है बड़ा मुद्दा नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में यूसीसी विधेयक पेश होने पर यह राज्य की नेतृत्व का एक बड़ा मुद्दा बन सकता है. भाजपा इसे स्त्रीओं के अधिकार, समान कानून और सुशासन से जोड़कर जनता के सामने रखेगी, जबकि विपक्ष धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों का मुद्दा उठाकर इसका विरोध कर सकता है. जबकि, भाजपा नेतृत्व का कहना है कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था स्थापित करने का संवैधानिक प्रयास है. इसी उद्देश्य के तहत अब पश्चिम बंगाल में भी इसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाये जा रहे हैं. उधर, यूसीसी को लेकर राज्य के विपक्षी दलों ने पहले से ही विरोध के संकेत दिये हैं. Also Read: कोलकाता में पुनर्जीवित होगी ट्राम सर्विस, ऑस्ट्रेलिया से आयेंगे नये आधुनिक डिब्बे The post पश्चिम बंगाल में लागू होगा यूनिफॉर्म सिविल कोड, मौजूदा सत्र में आ सकता है विधेयक appeared first on Naya Vichar.

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पुणे मर्डर: क्या सिया करती थी ड्रिंक? मां बोली- दोषी है तो बेटी को उसी जगह से धक्का दे दिया जाए

पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में आरोपी सिया गोयल की मां ने कहा कि यदि उनकी बेटी दोषी पाई जाती है, तो उसे भी कानून के तहत सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए, चाहे वह उनका अपना परिवार का सदस्य ही क्यों न हो. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अब भी आरोपों पर पूरी तरह विश्वास नहीं हो रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए सिया की मां ने कहा कि जब हमें घटना के बारे में जानकारी मिली तो हम सदमे में आ गए. मैं सोचने लगी कि ये क्या हो गया. जितना दुख केतन अग्रवाल के परिवार को है, उससे ज्यादा दुख मुझे है. इससे दो परिवार को नुकसान पहुंचा है. केतन जी बहुत अच्छे थे. जो भी मामले में दोषी पाया जाए उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. चाहे मेरी बेटी ही क्यों न दोषी पाई जाए. उसके साथ भी वही किया जाना चाहिए जो केतन जी के साथ किया गया. जहां से केतन जी को गिराया गया है, वहीं से दोषी को भी गिराया जाए. यह भी पढ़ें : पुणे मर्डर: बेटी दोषी निकले तो उसी किले से धक्का दे दो, आरोपी सिया के पिता की मांग VIDEO | Pune realtor’s death: “Even if it’s my daughter, the guilty should get the harshest punishment,” says accused Siya Goyal’s mother. (Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/wm9XLZfYxf — Press Trust of India (@PTI_News) June 25, 2026 क्या सिया करती थी ड्रिंक? आरोप से मां दुखी सिया की मां ने कहा कि सिया और केतन की होने वाली शादी से परिवार में खुशी थी. सामने वाली फैमिली भी बहुत ही प्यार और लगाव से सिया को रखते थे. दोनों शिशु बहुत प्यार से रहते थे. दोनों के बीच किसी तरह के मनमुटाव की जानकारी हमारे सामने नहीं आई. अब सिया पर आरोपी लग रहे हैं कि वह ड्रिंक करती थी. शादी सेट होने के बाद से यह बात नहीं कही गई. अब जब ये घटना हो गई तो सिया के ड्रिंक करने वाली बात लोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सगाई के बाद से दोनों शिशु हमेशा बात करते थे. दोनों के बीच रिश्ते बहुत अच्छे थे. The post पुणे मर्डर: क्या सिया करती थी ड्रिंक? मां बोली- दोषी है तो बेटी को उसी जगह से धक्का दे दिया जाए appeared first on Naya Vichar.

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भरत तिवारी के चचेरे भाई आशीष की हकीकत आई सामने, फायरिंग, धमकी, मारपीट समेत ये मामले पहले से हैं दर्ज

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना इलाके के बिलौटी गांव में भरत तिवारी का एनकाउंटर कर दिया गया था. इसके लेकर कई पुलिसकर्मी घिर गए हैं और मामले में जांच चल रही है. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर उसके चचेरे भाई आशीष तिवारी का एक वीडियो वायरल हो रहा है. आशीष पर दो अलग-अलग थानों में मामले दर्ज वीडियो में आशीष खुद को पुलिस में सिपाही की नौकरी छोड़कर आने और भाई का बदला लेने का दावा करता दिख रहा है. लेकिन हकीकत यह है कि आरक्षी संख्या 647 आशीष तिवारी के खिलाफ पहले से ही विभागीय कार्रवाई चल रही है और वह वर्तमान में मोतिहारी पुलिस लाइन में तैनात है. दोनों मामले मोतिहारी जिले में ही अलग-अलग थानों में दर्ज हैं. आशीष तिवारी पर हैं ये आरोप आशीष तिवारी के खिलाफ 2023 और 2024 में दो अलग-अलग विभागीय कार्रवाई दर्ज की गई है और दोनों मामले की वर्तमान में जांच जारी है. जांच पूरी होने के बाद ही उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी. दोनों मामलों में सहकर्मियों के साथ मारपीट, धमकी देने और हथियारों के दुरुपयोग से संबंधित आरोप है. आशीष के खिलाफ पहला मामला पुलिस मुख्यालय से मिली सूचना के मुताबिक, 2023 में आशीष की तैनाती मोतिहारी के हरपुर ओपी में थी. 7 जनवरी 2023 को रात लगभग 10 बजे अशीष तिवारी ने ड्यूटी के दौरान अचानक साथ कार्यरत पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की. आरोप है कि उन्होंने गार्ड रूम में हथियार तलाशने का प्रयास किया और हथियार न मिलने पर चाकू लेकर पुलिस अधिकारी और अन्य कर्मचारियों के पीछे दौड़ा. इस प्रकरण में उसे दंड स्वरूप 6 महीने के लिए वेतन वृद्धि (इन्क्रीमेंट) रोके जाने के साथ चेतावनी दी गई थी. आशीष के खिलाफ दूसरा मामला उसके खिलाफ दूसरी विभागीय कार्यवाही लंबित है. इस दौरान उसकी तैनाती जिले के पिपरा कोठी थाने में थी. इस मामले में दर्ज आरोपों के अनुसार, 17 अगस्त 2024 को पैंथर टीम में ड्यूटी के दौरान उन्होंने अपने साथ कार्यरत कर्मचारियों और गार्ड के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया. इस दौरान उसने 9 मिमी पिस्तौल को कॉक कर गार्ड की ओर फायर भी कर दिया था. मामले में हस्तक्षेप करने वाले विभागीय अधिकारियों को भी उन्होंने धमकाया और फायर कर दी. अधिक दबाव बनाए जाने पर खुद को गोली मारने की भी धमकी दी थी. घटना के संबंध में एफआईआर हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के अंतर्गत दर्ज की गई है. Also Read: ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन देने वालों को प्रशासन का बड़ा तोहफा, मिलेगी ये खास छूट The post भरत तिवारी के चचेरे भाई आशीष की हकीकत आई सामने, फायरिंग, धमकी, मारपीट समेत ये मामले पहले से हैं दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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बेटे-बेटियों के लिए ढूंढ रहे हैं मॉडर्न नाम? ये Spiritual Names बन सकते हैं परफेक्ट चॉइस

Modern Spiritual Baby Names 2026: आजकल बच्चों के नाम रखने का ट्रेंड काफी बदल गया है. माता-पिता अब ‘राधा’, ‘कृष्ण’, ‘शिव’ या ‘दुर्गा’ जैसे सीधे भगवान के नाम रखने के बजाय कुछ ऐसा ढूंढते हैं जो सुनने में मॉडर्न हो, लेकिन उसकी आत्मा आध्यात्मिक (Spiritual) हो. लोग चाहते हैं कि शिशु के नाम में एक पॉजिटिव वाइब हो, जो मन को शांति दे. अगर आप भी अपने बच्चों के लिए ऐसे ही यूनिक और गहरी आध्यात्मिक वाइब वाले नामों (Modern Spiritual Baby Names) की तलाश में हैं, तो वैदिक स्रोतों और आधुनिक ट्रेंड्स के आधार पर तैयार यह लिस्ट आपके बड़े काम आने वाली है.  Modern Spiritual Baby Names: लड़कों के लिए यूनिक और आध्यात्मिक नाम  नीचे टेबल में लड़कों के लिए कुछ चुनिंदा नाम, उनके अर्थ और उनकी आध्यात्मिक विशेषता दी गई है: नाम (Name) सटीक अर्थ  क्यों है खास अद्वैत  अनोखा, जिसके जैसा दूसरा न हो यह अद्वैत वेदांत की उस परम शक्ति को दर्शाता है जो सर्वव्यापी और एक है.  आरव  शांति और सुखद ध्वनि यह नाम उस शांत मानसिक स्थिति को दर्शाता है जो ध्यान या अध्यात्म से मिलती है.  रेयांश  प्रकाश की पहली किरण सीधा भगवान का नाम न होते हुए भी यह नाम शिशु को भगवान विष्णु के अंश और दिव्य ऊर्जा से जोड़ता है.  कयान ब्रह्मांड या चमकते तारे यह नाम शिशु को सीमाओं से परे एक असीम और विशाल सोच की वाइब देता है.  प्रानिल  ईश्वर का दिया हुआ जीवन यह नाम सुनने में बहुत सॉफ्ट है और जीवन के प्रति कृतज्ञता (Gratitude) को दर्शाता है.  PC: Freepik बेटियों के लिए असीम शांति देने वाले नाम अगर आप अपनी लाडली के लिए एक पवित्र और आधुनिक नाम (Modern Spiritual Baby Names) ढूंढ रहे हैं, तो इस टेबल को देखें: नाम (Name) सटीक अर्थ  क्यों है खास अनाहता  जो कभी आहत न हो, अनंत ध्वनि हमारे शरीर के सात चक्रों में से एक ‘हृदय चक्र’ को अनाहत चक्र कहा जाता है. यह असीम प्रेम और करुणा का प्रतीक है.  इरा (Ira) ज्ञान और बुद्धि मां सरस्वती को बुद्धि की देवी माना जाता है और ‘इरा’ उन्हीं का एक प्राचीन रूप है. यह नाम छोटा और बेहद प्रभावशाली है.  कायरा (Kayara) अत्यंत शुद्ध और शांत यह नाम आज के समय में बहुत ट्रेंडिंग है और इसकी वाइब दिल को सुकून देने वाली है.  निर्वाणी (Nirvani) मोक्ष या परम शांति इसका सीधा संबंध दुखों से मुक्ति और आध्यात्मिक ऊंचाइयों से है. यह नाम जीवन में एक ठहराव देता है.  मायरा (Mayra) ईश्वरीय या ईश्वर की प्रिय यह नाम जितना पुकारने में मधुर और मॉडर्न है, इसका अर्थ भी उतना ही पवित्र है.  PC: Freepik Modern Spiritual Baby Names: आधुनिक युग में आध्यात्मिक नामों का महत्व  सीधे भगवान के नाम रखने में कई बार लोग संकोच करते हैं कि कहीं अनजाने में नाम का अनादर न हो जाए.  लेकिन इस तरह के आध्यात्मिक वाइब वाले नामों के साथ ऐसा नहीं होता. ये नाम: ट्रेंडी और क्लासी लुक: स्कूल या ऑफिस में ये नाम काफी मॉडर्न और यूनिक वाइब देते हैं.  सकारात्मक ऊर्जा: अक्षरों के सही चयन और गहरे अर्थ की वजह से जब भी आप शिशु को इस नाम से पुकारेंगे, आपके आसपास एक शांत माहौल बनेगा.  व्यक्तित्व का विकास: ऐसा माना जाता है कि नाम की वाइब का असर शिशु के स्वभाव पर भी पड़ता है. शांति और गहराई वाले नाम बच्चों को गंभीर और सुलझा हुआ बनाने में मदद करते हैं.  यह भी पढ़ें: बेटी के लिए ढूंढ रहे हैं सबसे अलग और खूबसूरत नाम? ये 20 प्यारे नाम देंगे उसे एक खास पहचान The post बेटे-बेटियों के लिए ढूंढ रहे हैं मॉडर्न नाम? ये Spiritual Names बन सकते हैं परफेक्ट चॉइस appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में सरकारी स्कूलों की छात्राओं को नवंबर से मिलेगा मुफ्त सेनेटरी पैड, खुलेंगे 100 नए उत्कृष्ट विद्यालय

सुनील कुमार झा की रिपोर्ट  Jharkhand Government School: स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की दो महत्वाकांक्षी योजना को गुरुवार को योजना प्राधिकर की स्वीकृति मिल गई. विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्कूली छात्राओं को सेनेटरी पैड और 100 मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय खोलने को स्वीकृति दी गई. झारखंड में फिलहाल 80 मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय का संचालन किया जा रहा है. छात्राओं के सैनेटरी पैड वितरण पर 124 करोड़ और एक सौ मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय पर 721 करोड़ रुपये खर्च होंगे. दोनों योजना मिलाकर 845 करोड़ रुपये खर्च होंगे. छात्राओं के सेनेटरी पैड इस वर्ष नवंबर से मिलेगा.  पहले लौटा था प्रस्ताव, दोबारा भेजने पर मिली मंजूरी  स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा पिछले वर्ष छात्राओं को सेनेटरी पैड वितरण की योजना बनाई गई थी. योजना प्राधिकार समिति ने प्रस्ताव को वापस कर दिया था. इसके बाद विभाग द्वारा फिर से प्रस्ताव योजना प्राधिकार को भेजा गया था. बैठक में विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे. जानिए दोनों योजना के बारे में छात्राओं को सेनेटरी पैड वितरण प्रशासनी स्कूलों में कक्षा छह से 12वीं तक की छात्राओं को नि:शुल्क सेनेटरी पैड दिया जाएगा. योजना का लाभ राज्य के करीब 13 हजार प्रशासनी विद्यालयों की छात्राओं को मिलेगा. प्रशासनी स्कूलों में लगभग 12 लाख छात्राएं नामांकित हैं. औसत दैनिक उपस्थिति के आधार पर शुरुआती चरण में करीब 8.50 लाख छात्राओं को लाभ मिलेगा. प्रत्येक छात्रा को प्रति माह 10 सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जाएंगे.  छात्राओं को नवंबर से नि:शुल्क सेनेटरी पैड मिलेगा. मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय योजना  झारखंड में 100 नए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय खोले जाएंगे.  सभी विद्यालयों को सीबीएसई से मान्यता दिलाई जाएगी.  100 विद्यालयों में 59 प्रखंड स्तरीय और 41 पंचायत स्तरीय विद्यालय शामिल हैं. इसमें से करीब 400 करोड़ रुपये सिविल वर्क और आधारभूत संरचना के विकास पर खर्च होंगे. पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने पर मल्टीपरपज हॉल का निर्माण किया जाएगा. स्कूलों में आइसीटी लैब, आधुनिक लैंग्वेज लैब स्थापित की जाएगी.  भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के लिए अलग-अलग प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी. विद्यालय में आउटडोर और इनडोर स्पोर्ट्स की सुविधा विकसित की जाएगी.  यह भी पढ़ें: उत्तरी छोटानागपुर के 7 जिलों में 3 साल से जमे शिक्षाकर्मियों का होगा ट्रांसफर, 27 जून को बैठक यह भी पढ़ें: रांची के शिक्षाविद अभय कुमार मिश्रा को अग्रिम जमानत, हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह में सरेंडर करने का दिया निर्देश The post झारखंड में प्रशासनी स्कूलों की छात्राओं को नवंबर से मिलेगा मुफ्त सेनेटरी पैड, खुलेंगे 100 नए उत्कृष्ट विद्यालय appeared first on Naya Vichar.

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मुहर्रम पर बैंक बंद! कहीं आपका शहर भी लिस्ट में तो नहीं? यहां करें तुरंत चेक

Bank Holiday Today: अगर आज यानी 26 जून 2026 को आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो पहले यह समाचार जरूर पढ़ लें. मुहर्रम के मौके पर देश के कई शहरों में बैंक बंद हैं. यह दिन इस्लामिक नए साल और आशूरा के रूप में मनाया जाता है. केंद्र प्रशासन ने इसे राजपत्रित (Gazetted) अवकाश घोषित किया है. ऐसे में प्रशासनी दफ्तरों, कई सार्वजनिक संस्थानों और कई शैक्षणिक संस्थानों में भी छुट्टी रहेगी. हालांकि, ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है. बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI और ATM जैसी डिजिटल सेवाएं पहले की तरह चालू रहेंगी. आज किन शहरों में बैंक बंद हैं? हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) के छुट्टियों के कैलेंडर के अनुसार आज नीचे दिए गए इन शहरों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी. अगरतला आइजोल बेलापुर बेंगलुरु भोपाल चेन्नई हैदराबाद जम्मू कानपुर कोलकाता लखनऊ मुंबई नागपुर नई दिल्ली पटना रायपुर रांची श्रीनगर विजयवाड़ा बैंक बंद रहेंगे तो कौन-सी सेवाएं मिलेंगी? अगर आपका बैंक बंद है, तब भी कई जरूरी सेवाओं का इस्तेमाल बिना किसी परेशानी के किया जा सकता है. UPI से पैसे भेज और प्राप्त कर सकते हैं. इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग चालू रहेगी. ATM से नकद निकासी की जा सकेगी. ऑनलाइन बिल भुगतान और फंड ट्रांसफर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी. यानी शाखा में जाकर होने वाले काम छोड़कर बाकी ज्यादातर बैंकिंग सेवाएं सामान्य रहेंगी. मुहर्रम के बाद कब-कब रहेगी छुट्टी? मुहर्रम के बाद भी कुछ दिनों में बैंक अलग-अलग कारणों से बंद रहेंगे. इसलिए अगर कोई जरूरी बैंकिंग काम है तो पहले तारीख जरूर देख लें. तारीख अवसर कहां बैंक बंद रहेंगे 27 जून 2026 चौथा शनिवार पूरे देश में 28 जून 2026 रविवार पूरे देश में 29 जून 2026 गुरु हरगोबिंद जी जयंती शिमला 30 जून 2026 रेमना नी आइजोल ये भी पढ़ें: रांची से दिल्ली तक पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, जानिए क्या है आपके शहर का 26 जून का रेट The post मुहर्रम पर बैंक बंद! कहीं आपका शहर भी लिस्ट में तो नहीं? यहां करें तुरंत चेक appeared first on Naya Vichar.

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प्रैक्टिस ग्राउंड पर अचानक ऐसा क्या हुआ कि भड़क गए वैभव सूर्यवंशी? वीडियो देख फैंस भी हैरान

Vaibhav Suryavanshi angry: हिंदुस्तानीय क्रिकेट के उभरते हुए सितारे और प्रतिभाशाली बाएं हाथ के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कल (25 जुन,2026) आयोजित एक अभ्यास सत्र के दौरान वैभव को पीने के पानी की क्वालिटी और उसके स्वाद से परेशान होते देखा गया. वीडियो में साफ दिख रहा है कि पानी पीते ही वैभव काफी असहज हो गए, जिसके बाद से स्पोर्ट्स प्रेमियों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं और पानी की गुणवत्ता को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं. During the practice session today, young batter Vaibhav Suryavanshi expressed his discomfort regarding the drinking water provided. > He was seen voicing his dissatisfaction with its taste while hydrating. pic.twitter.com/b4lBEjTTGn — Cricket Central (@CricketCentrl) June 25, 2026 पानी पीते ही बदले वैभव सूर्यवंशी के तेवर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि अभ्यास सत्र के दौरान जब युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी खुद को हाइड्रेट करने के लिए वाटर ब्रेक ले रहे थे, तभी यह वाकया हुआ. वैभव ने जैसे ही अपनी बोतल से पानी पिया, उनके चेहरे के हाव-भाव अचानक बदल गए. वे पानी के स्वाद से बेहद नाखुश नजर आए और उन्होंने तुरंत वहां मौजूद ग्राउंड स्टाफ या टीम के अन्य सदस्यों से इसकी शिकायत भी की. वीडियो में उनकी असहजता साफ झलक रही है; वे बार-बार बोतल को उलट-पुलट कर देखते हैं और पानी पीने के बाद उसे थूकते हुए अजीब सा मुंह बनाते नजर आते हैं. वैभव के इस रिएक्शन ने साफ कर दिया कि पानी का स्वाद या तो सामान्य नहीं था या फिर उसकी क्वालिटी खिलाड़ियों के पीने लायक नहीं थी. क्यों उठ रहे हैं सवाल क्रिकेट जैसे उच्च-तीव्रता वाले स्पोर्ट्स में अभ्यास के दौरान खिलाड़ियों का सही तरीके से हाइड्रेटेड रहना बेहद महत्वपूर्ण होता है. किसी भी एथलीट के लिए पानी या एनर्जी ड्रिंक की गुणवत्ता सीधे उनके प्रदर्शन और स्वास्थ्य से जुड़ी होती है. ऐसे में वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा और प्रतिभावान खिलाड़ी का अभ्यास सत्र के बीच पानी के स्वाद को लेकर इस तरह परेशान होना महज एक सामान्य घटना नहीं, बल्कि ध्यान खींचने वाला गंभीर विषय है. यदि अभ्यास के दौरान खिलाड़ियों को बुनियादी और शुद्ध सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तो इसका सीधा असर उनकी फिटनेस और मैदान पर उनके स्पोर्ट्स पर पड़ सकता है. फैंस दे रहे हैं प्रतिक्रियाएं फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि पानी में कोई तकनीकी गड़बड़ी थी या वह केवल साधारण स्वाद की समस्या थी. लेकिन सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर क्रिकेट प्रशंसक लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और खिलाड़ियों की सुविधाओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं. इसे भी पढ़े- कैमरे में कैद हुई वैभव सूर्यवंशी की ये सादगी, सोशल मीडिया पर वीडियो ने मचाई धूम; आखिर ऐसा क्या कर दिया The post प्रैक्टिस ग्राउंड पर अचानक ऐसा क्या हुआ कि भड़क गए वैभव सूर्यवंशी? वीडियो देख फैंस भी हैरान appeared first on Naya Vichar.

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भारत के ‘चिकन नेक’ पर चीन को ले आए तारिक रहमान! बांग्लादेश की डील ने बढ़ाई चिंता

Bangladesh China Teesta River Cooperation: तीस्ता नदी परियोजना को लेकर चीन और बांग्लादेश के बीच सहयोग और मजबूत होने जा रहा है. बीजिंग में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दोनों देशों ने तीस्ता समेत अन्य नदियों के प्रबंधन में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने चीन से जल संसाधन प्रबंधन और तीस्ता परियोजना में तकनीकी सहयोग की भी मांग की, जिस पर चीन ने पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया. यह समझौता हिंदुस्तान की टेंशन बढ़ाने वाला है, क्योंकि तीस्ता नदी पर चीन का सहयोग मिलने को मतलब होगा चिकेन नेक के पीस चीन की पहुंच सुनिश्चित हो जाएगी.  बांग्लादेश की प्रशासनी समाचार एजेंसी बांग्लादेश संगबाद संस्था (BSS) के मुताबिक, गुरुवार को चीन के जल संसाधन मंत्री ली गुओयिंग ने बीजिंग में प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की. इसी बैठक में तीस्ता और अन्य नदियों के बेहतर प्रबंधन को लेकर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी. तारिक रहमान इसी सप्ताह चीन के दौरे पर पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका दूसरा विदेश दौरा है. इससे पहले उन्होंने अपना पहला विदेशी दौरा मलेशिया का किया था.  22 जून को वे कुआलालंपुर से चीन के डालियान पहुंचे थे, जहां उन्होंने वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इसके बाद बुधवार को वे हाई-स्पीड ट्रेन से डालियान से बीजिंग पहुंचे. इस दौरे के दौरान उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, प्रधानमंत्री ली च्यांग और अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी होनी है. Chinese Premier Li Qiang held a welcome ceremony for visiting Prime Minister of the People’s Republic of Bangladesh Tarique Rahman at the Great Hall of the People in Beijing on June 25. pic.twitter.com/8O32hqEmkY — CCTV+ (@CCTV_Plus) June 25, 2026 बाढ़ रोकने और जल प्रबंधन के लिए मांगा सहयोग जल संसाधन मंत्री के साथ बैठक के दौरान तारिक रहमान ने बताया कि उनकी प्रशासन देश में नदी खुदाई का बड़ा अभियान चला रही है. इसका मकसद बाढ़ के खतरे को कम करना, पर्यावरण की रक्षा करना और जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है. तारिक रहमान ने बैठक में चीन से नदी किनारों के कटाव को रोकने, सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और देश के अंदरूनी जल परिवहन को मजबूत करने में भी सहयोग मांगा. इसी सिलसिले में उन्होंने चीन से जल संसाधन प्रबंधन को और प्रभावी बनाने में सहयोग देने का अनुरोध किया. साथ ही तीस्ता नदी प्रबंधन परियोजना के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता भी मांगी. चीन ने दिया पूरा सहयोग का भरोसा चीनी जल संसाधन मंत्री ली गुओयिंग ने बांग्लादेश प्रशासन को भरोसा दिलाया कि जल संसाधन प्रबंधन से जुड़े सभी प्रयासों में चीन पूरा सहयोग देगा. उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) और पिछले साल बांग्लादेश का दौरा करने वाले चीनी जल विशेषज्ञों की टीम इस बात का प्रमाण हैं कि दोनों देशों के बीच जल संसाधन प्रबंधन को लेकर सहयोग व्यावहारिक और शोध आधारित रहा है. ली गुओयिंग ने यह भी कहा कि जल प्रबंधन के क्षेत्र में चीन के अनुभव का लाभ बांग्लादेश उठा सकता है. उन्होंने बांग्लादेश के जल विशेषज्ञों और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण के लिए चीन आने का भी निमंत्रण दिया. यानी यह साफ हो रहा है कि बांग्लादेश अब हिंदुस्तान के बॉर्डर इलाके में चीन को मौका देने का फैसला कर चुका है.  हिंदुस्तान-बांग्लादेश संबंधों में संवेदनशील है तीस्ता परियोजना तीस्ता परियोजना लंबे समय से हिंदुस्तान और बांग्लादेश के रिश्तों में एक संवेदनशील मुद्दा रही है. इस साल फरवरी में तारिक रहमान के सत्ता संभालने के बाद दोनों देशों के संबंधों में सुधार के संकेत मिले थे. इससे पहले मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम प्रशासन के दौरान नई दिल्ली और ढाका के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था. इसी पृष्ठभूमि में हिंदुस्तान ने वर्ष 2024 में तीस्ता बेसिन के संरक्षण और तकनीकी विकास के लिए बांग्लादेश को सहयोग देने की पेशकश की थी. इसके जरिए दोनों देशों के बीच साझा नदियों के प्रबंधन में सहयोग को और मजबूत करने की कोशिश की गई थी. हालांकि, बांग्लादेश ने इस पर आगे बढ़ने से मना कर दिया.  पिछले महीने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने बीजिंग दौरे के दौरान औपचारिक रूप से चीन से तीस्ता नदी पुनरुद्धार परियोजना में सहयोग और समर्थन का अनुरोध किया था. यानी तीस्ता के मुद्दे पर बांग्लादेश चीन के पाले में ही जा रहा है. हिंदुस्तान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है तीस्ता परियोजना? तीस्ता नदी पूर्वी हिमालय से निकलकर सिक्किम और पश्चिम बंगाल से होते हुए बांग्लादेश में प्रवेश करती है. बांग्लादेश में यह लाखों लोगों की सिंचाई और आजीविका का प्रमुख स्रोत है. चीन कई वर्षों से तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट में रुचि दिखाता रहा है. यह परियोजना हिंदुस्तान के बेहद संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास स्थित है, जो पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्से से जोड़ता है. इसी वजह से यह परियोजना हिंदुस्तान की रणनीतिक दृष्टि से भी काफी अहम मानी जाती है. ये भी पढ़ें:- NATO चीफ के बयान पर भड़कीं मेलोनी, उतारी मंत्रियों की फौज; ईरान में करवाया फोन, ट्रंप से भी जुड़ा है मामला ये भी पढ़ें:- होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव, ओमान के पास जहाज पर हमला, UN एजेंसी ने रोका जहाजों का निकासी अभियान गंगा जल संधि भी बनी हुई है अहम मुद्दा हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच जल बंटवारा हमेशा से महत्वपूर्ण विषय रहा है. इसकी अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि गंगा नदी के सूखे मौसम में जल बंटवारे को लेकर 1996 में हुई हिंदुस्तान-बांग्लादेश गंगा जल संधि इस वर्ष अपनी 30 वर्ष की अवधि पूरी कर रही है. अगर दोनों देश इसे आगे नहीं बढ़ाते हैं तो यह संधि समाप्त हो जाएगी. ऐसे में आने वाले समय में जल साझेदारी दोनों देशों के रिश्तों का एक प्रमुख मुद्दा बनी रह सकती है. 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तारातला हादसा : कालीचरण गिरफ्तार, फिरहाद के पूर्व ओसीडी से पुलिस कर रही पूछताछ

मुख्य बातें कालीचरण से पूछताछ की गई विधानसभा में सीएम ने लहराये थे कागज Taratala Warehouse Shed Collapse: कोलकाता. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी गुरुवार सुबह विधानसभा में खड़े होकर कहा था, ‘अगर काली को उठाया तो सब कुछ सामने आ जाएगा.’ मुख्यमंत्री के इस कड़े संदेश के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने काली को उठा लिया. तारातला त्रासदी को लेकर एक और गिरफ्तारी हो गयी है. इस बार पूर्व महापौर फिरहाद हकीम के पूर्व ओएसडी कालीचरण बनर्जी इस मामले में फंसे हैं. उन्हें पहले हिरासत में लिया गया. बाद में समाचार आई कि पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. कालीचरण से पूछताछ की गई कालीचरण बनर्जी को फिरहाद हकीम का करीबी माना जाता है. जब फिरहाद मेयर थे, तब कालीचरण उनके पड़ोस में रहते थे. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खुद आरोप लगाया है, ‘काली की मंजूरी के बिना कोई योजना स्वीकृत नहीं होती.’ यानी, यह आरोप लगाया गया है कि तारातला भवन के निर्माण की योजना को मंजूरी दिलाने में कालीचरण की भूमिका थी. वहीं, मुख्यमंत्री की शिकायत के अनुसार, फिरहाद हकीम ने भवन की योजना के अनुमोदन पत्र पर हस्ताक्षर किए थे. कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने कालीचरण को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी. सूत्रों के अनुसार, उनसे पूछा गया कि भवन की योजना को मंजूरी क्यों दी गई. बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें विधानसभा में सीएम ने लहराये थे कागज तारातला हादसे के संदर्भ में, शुभेंदु ने विधानसभा सत्र में एक दस्तावेज़ दिखाते हुए कहा- पूर्व महापौर इसमें शामिल हैं. माननीय फिरहाद हकीम के हस्ताक्षर देखिए. देखिए कि संरचना में खामियां होने के बावजूद उन्होंने योजना को कैसे मंजूरी दी. मुख्यमंत्री के मुख से ‘काली’ का नाम निकला. उन्होंने कहा- काली को हटाकर सब कुछ किया जाएगा. अगर काली का नाम केएमसी में नहीं आता, तो कोई योजना नहीं बनती. काली को कैमक स्ट्रीट ने नियुक्त किया है. हालांकि कुणाल घोष का दावा है कि कैमक स्ट्रीट ने काली को हटाने की पहल की थी. कैमक स्ट्रीट उनका समर्थन नहीं करती. यह गलत है. Also Read: तारातला हादसा : शुभेंदु प्रशासन ने की SIT गठित, कोलकाता में सभी निर्माण कार्य बंद The post तारातला हादसा : कालीचरण गिरफ्तार, फिरहाद के पूर्व ओसीडी से पुलिस कर रही पूछताछ appeared first on Naya Vichar.

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डॉक्टर से IPS और अब IB चीफ: कौन हैं महेश दीक्षित, जिन्हें मिली देश की सबसे अहम जिम्मेदारी?

केंद्र प्रशासन ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित को आईबी का नया प्रमुख नियुक्त किया है. वह अब आईबी की कमान संभालेंगे. दीक्षित, तपन डेका की जगह आईबी प्रमुख का पद संभालेंगे. तपन डेका का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है. 1988 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी डेका को 2022 में आईबी प्रमुख बनाया गया था और बाद में उन्हें दो बार एक-एक साल का सेवा विस्तार दिया गया. इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) हिंदुस्तान की प्रमुख खुफिया एजेंसी है. यह आतंकवाद, विभिन्न क्षेत्रों में संघर्ष, प्रशासनी नीतियों से जुड़े सुरक्षा खतरों और जासूसी रोधी गतिविधियों पर नजर रखती है. आईबी खुफिया जानकारी जुटाने के साथ-साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस बलों को भी जरूरी सहयोग और सूचनाएं उपलब्ध कराती है. कौन हैं महेश दीक्षित? महेश दीक्षित 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और आंध्र प्रदेश कैडर से आते हैं. वह फिलहाल इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, जो एजेंसी का दूसरा सबसे बड़ा पद माना जाता है. दीक्षित लंबे समय से आईबी में अहम जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण खुफिया अभियानों की निगरानी कर रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, महेश दीक्षित पेशे से डॉक्टर रहे हैं, लेकिन बाद में उन्होंने पुलिस सेवा का रास्ता चुना. आंतरिक सुरक्षा और खुफिया मामलों में उनके पास लंबा अनुभव है. उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाई है. खुफिया कार्यों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है. दीक्षित के पास जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक राज्य खुफिया ब्यूरो के प्रमुख के तौर पर काम करने का अनुभव है. उनको मजबूत जमीनी खुफिया नेटवर्क और आतंकवाद-रोधी अभियानों में विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है. वह श्रीनगर में सहायक आसूचना ब्यूरो के प्रमुख रह चुके हैं. अधिकारियों के अनुसार, अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी अहम भूमिका रही थी. पिछले साल महेश दीक्षित ने एक बड़े “सफेदपोश” आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई थी. यह कार्रवाई श्रीनगर पुलिस से मिली शुरुआती खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी. The post डॉक्टर से IPS और अब IB चीफ: कौन हैं महेश दीक्षित, जिन्हें मिली देश की सबसे अहम जिम्मेदारी? appeared first on Naya Vichar.

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