Koderma News: शहर के बाईपास स्थित शिव वाटिका में मंगलवार को नया विचार प्रतिभा सम्मान समारोह-2026 का आयोजन किया गया. समारोह में जिले के 350 मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शानदार शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया. सभागार बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यालयों के प्रतिनिधियों से खचाखच भरा था. मंच पर सम्मान पाने की खुशी और दर्शक दीर्घा में गूंजती तालियों ने पूरे माहौल को यादगार बना दिया. समारोह में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद कोडरमा विधायक डॉ नीरा यादव, सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार, नगर पर्षद झुमरीतिलैया के अध्यक्ष रमेश हर्षधर, नगर पंचायत कोडरमा के अध्यक्ष साजिद हुसैन, नगर पंचायत डोमचांच के अध्यक्ष उमेश वर्मा, मॉडर्न पब्लिक स्कूल की निदेशिका संगीता शर्मा, प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सह शिक्षाविद डॉ बीएनपी वर्णवाल, कैपिटल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ अजित कुमार, प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ नरेश पंडित, विवेकानंद कॉन्वेंट स्कूल के निदेशक अनिल कुमार व अन्य ने विद्यार्थियों को मेडल व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया. विद्यार्थियों ने पेश किए सांस्कृतिक कार्यक्रम मेडल और प्रशस्ति पत्र हाथों में लेते ही बच्चों के चेहरे गर्व और खुशी से खिल उठे, वहीं अभिभावकों की आंखों में अपने बच्चों की सफलता का गौरव साफ झलक रहा था. सम्मान के बाद शिशु अपने माता-पिता के साथ मेडल और प्रमाणपत्र लेकर सेल्फी खिंचवाते नजर आए. इससे पहले समारोह की शुरुआत अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर की. इसके बाद विवेकानंद कॉन्वेंट स्कूल, चेचाई की छात्राओं ने मनोहारी स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर सभी का स्वागत किया. वहीं ग्रिजली विद्यालय के विद्यार्थियों ने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, स्वाभिमान और बलिदान पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया. वहीं स्वागत भाषण नया विचार कोडरमा के ब्यूरो प्रमुख विकास कुमार ने दिया. अतिथियों का स्वागत नया विचार रांची के मार्केटिंग मैनेजर दिलीप कुमार सिंह के अलावा राजेश सिंह, गौतम राणा, किशोर यादव, सुजल भदानी, सुधीर सिंह, रंजीत बनर्जी, इंद्रदेव पांडेय, विजय शर्मा, सुनील कुमार व नवल किशोर ने किया. मंच संचालन मनोज कुमार सिंह ने किया. प्रमाण पत्र के साथ शिशु बच्चों के साथ अभिभावक भी दिखे उत्साहित समारोह में जिले के 10वीं एवं 12वीं के जिला टॉपर्स के साथ-साथ सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड के कक्षा 10 और 12 में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और जैक बोर्ड के 10वीं एवं 12वीं के जिला टॉपर और 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. किसी कारणवश जो विद्यार्थी समारोह में नहीं पहुंच सके, उनकी ओर से उनके माता-पिता ने मंच पर पहुंचकर सम्मान ग्रहण किया. सम्मान पाकर उनके चेहरे भी गर्व और खुशी से दमक उठे. अतिथियों ने अपने संबोधन में नया विचार की इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है. तस्वीर लेने व सेल्फी खींचवाने का दिखा क्रेज सम्मान ग्रहण करने के बाद शिशु अपने मेडल और प्रमाणपत्र के साथ माता-पिता एवं शिक्षकों के साथ तस्वीरें और सेल्फी लेते रहे. समारोह का हर पल यह संदेश देता रहा कि जब मेहनत को सम्मान मिलता है, तो केवल एक विद्यार्थी नहीं, बल्कि पूरा परिवार, विद्यालय और पूरा समाज गौरवान्वित होता है. कार्यक्रम में मौजूद बच्चों के अभिभावक अच्छा अंक हासिल करने से पहले अच्छा इंसान बनना जरूरी : डॉ नीरा विधायक डॉ नीरा यादव ने नया विचार की सराहना करते हुए कहा कि वर्षों से लगातार इस तरह का प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित कर बच्चों की प्रतिभा को निखारने का कार्य किया जा रहा है. यह समाज के लिए प्रेरणादायी है. उन्होंने कहा कि शिशु ही देश का भविष्य, आन-बान और शान हैं तथा समाज की पहचान भी उन्हीं से जुड़ी होती है. विधायक ने कहा कि मेरी सुबह नया विचार पढ़े बिना पूरी नहीं होती, यदि कभी अखबार पढ़ने का समय नहीं मिलता तो ऐसा लगता है जैसे दिन का कोई महत्वपूर्ण काम अधूरा रह गया हो. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा में किसी मित्र या पड़ोसी से कम अंक आने पर निराश नहीं होना चाहिए, यदि आपकी सफलता से माता-पिता और शिक्षक के चेहरे पर मुस्कान आई है, वही आपकी सबसे बड़ी जीत है. उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी के भीतर यह विश्वास होना चाहिए कि वह डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस या आईपीएस बनने से पहले एक अच्छा इंसान बने. उन्होंने नदी का उदाहरण देते हुए कहा कि नदी जहां ढलान मिलती है, वहीं मुड़ जाती है, लेकिन कभी पीछे नहीं लौटती. उसी प्रकार जीवन में बीते हुए सुख-दुख को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब विद्यार्थियों के सामने भविष्य खड़ा है, जिसे बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी. जीवन में सफलता मिलने के बाद माता-पिता को कभी नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने अपने सपनों का त्याग कर बच्चों के सपनों को पूरा किया है. उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता, आत्मीयता और जीवन के संस्कार कभी भी गूगल बाबा से नहीं सीखे जा सकते, इसलिए गुरुजनों का सदैव सम्मान करें. स्मार्ट फोन दोधारी तलवार की तरह : सिविल सर्जन सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार ने कहा कि नया विचार विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें सम्मानित करने का सराहनीय कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि आज के समय में स्मार्ट फोन दोधारी तलवार की तरह है. इसका सही उपयोग विद्यार्थियों को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है, जबकि गलत उपयोग उनका पूरा करियर भी बिगाड़ सकता है. उन्होंने विद्यार्थियों से अच्छे पद पर पहुंचने के साथ-साथ अच्छा इंसान बनने की भी अपील की. जड़ों से जुड़े रहेंगे तो सफलता निश्चित मिलेगी : रमेश हर्षधर झुमरीतिलैया नगर परिषद के अध्यक्ष रमेश हर्षधर ने कहा कि सम्मान मिलने से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास और नई शक्ति का संचार होता है. इस शक्ति के सबसे बड़े आधार माता-पिता और गुरुजन होते हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पाठ्यपुस्तकों को पंक्ति-दर-पंक्ति पढ़ें और लिखकर अभ्यास करें. आज संसाधनों की कोई कमी नहीं है, इसलिए उनका सही उपयोग करें. उन्होंने कहा कि जैसे हवाई जहाज आसमान में उड़ता है, लेकिन अंततः जमीन पर ही उतरता है, उसी तरह जीवन में कितनी भी ऊंचाई मिल जाए, अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलना चाहिए. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि गलत कार्य करने से पहले एक बार माता-पिता का चेहरा