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June 30, 2026

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30 जून की टॉप 20 खबरें: 2 जुलाई को बंगाल कैबिनेट में UCC बिल, तीस्ता के बहाने चिकन नेक तक चीन की दस्तक

1. यूसीसी पर विधानसभा में शुभेंदु की घोषणा- 2 जुलाई को कैबिनेट में आयेगा बिल, जस्टिस रंजना प्रकाश होंगी ड्राफ्ट कमेटी की अध्यक्ष UCC Bill: पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने समान नागरिक संहिता को लेकर 2 घोषणाएं की. मुख्यमंत्री ने बताया कि 2 जुलाई को कैबिनेट में यूसीसी का मसौदा पेश होगा. ड्राफ्ट कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 2. अभिषेक बनर्जी को फिर लगा झटका, तत्काल सुनवाई से कलकत्ता हाई कोर्ट का इनकार Abhishek Banerjee foreign trip: कोलकाता हाई कोर्ट ने विदेश जाने की अनुमति देने संबंधी याचिका पर दूसरी बार तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया. हाई कोर्ट ने कहा कि कॉल लिस्ट के नाम पर मामले की सुनवाई होगी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 3. 1 जुलाई से पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर लगी पाबंदियां खत्म: आम लोगों और उद्योगों को राहत Petrol Diesel: केंद्र की नरेंद्र मोदी प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल पर लगाई गई पाबंदियों को पूरी तरह से हटा लिया है. 1 जुलाई से वाणिज्यिक (Commercial) और औद्योगिक ग्राहकों को पेट्रोल-डीजल बेचने पर कोई रोक नहीं होगी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 4. तीस्ता के बहाने चिकन-नेक के पास चीन की दस्तक, हिंदुस्तान की चिंता के बीच ड्रैगन का आया बयान Teesta River Project: तीस्ता नदी परियोजना के बहाने चीन चिकन नेक के करीब बढ़ता जा रहा है, जो हिंदुस्तान के लिए चिंता की बात है. इस बीच चीन का बयान भी आया है. जिसमें ड्रैगन ने साफ किया है कि बांग्लादेश के साथ उसका सहयोग किसी तीसरे पक्ष (विशेषकर हिंदुस्तान) को निशाना बनाकर नहीं किया जा रहा है. चीन ने यह भी कहा कि इस द्विपक्षीय रिश्ते को किसी भी बाहरी प्रभाव से मुक्त होना चाहिए. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 5. ट्रंप का दावा- दोहा में बैठक के लिए ईरान ने किया अनुरोध, तेहरान का इनकार Iran US Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने अमेरिका से बातचीत का अनुरोध किया है और दोनों देशों के बीच दोहा में बैठक होगी. हालांकि, तेहरान ने ट्रंप के इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि इस सप्ताह किसी भी वार्ता या बैठक का कोई कार्यक्रम तय नहीं है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 6. खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होगा हिंदुस्तान: बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्य मंत्री करेंगे देश का प्रतिनिधित्व Iran Ayatollah Khamenei Funeral India Delegation News: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में हिंदुस्तान प्रशासन का प्रतिनिधित्व बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा करेंगे. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के निमंत्रण पर हिंदुस्तानीय प्रतिनिधिमंडल 4 जुलाई से शुरू होने वाले समारोहों में हिस्सा लेगा. पीएम नरेंद्र मोदी व्यस्त शेड्यूल के कारण नहीं जा रहे हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 7. न थमी रफ्तार, न बुझा चूल्हा: होर्मुज के चक्रव्यूह को हिंदुस्तान ने ’41 दरवाजों’ से ऐसे तोड़ा Strait of Hormuz के संकट के दौरान जब दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई ठप होने की कगार पर थी, तब हिंदुस्तान के आम नागरिकों को इसका जरा भी अहसास नहीं होने दिया गया. हिंदुस्तान की इस बड़ी सफलता और देश की ऊर्जा सुरक्षा की अंदरूनी कहानी को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर जी कृष्णकुमार ने साझा किया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 8. केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया और चेतन को 3 जुलाई तक पुलिस रिमांड, जांच में हर दिन हो रहे नए खुलासे Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में अदालत ने मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ा दी है. जांच के दौरान हत्या की कथित साजिश, पहले से तय संकेत और घटनास्थल के पुनर्निर्माण जैसे कई नए तथ्य सामने आए हैं, जिससे मामला और भी गंभीर होता जा रहा है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 9. राम मंदिर फंड विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने किया तत्काल सुनवाई से इनकार, कहा- आसमान नहीं टूट पड़ेगा…इतनी क्या जल्दी है राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया. जानें कोर्ट ने क्या कहा. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 10. ‘तुम दुनिया के जिस कोने में रहोगे, वहीं मारेंगे!’ राहुल सिंह ने प्रिंस खान को दी जान से मारने की धमकी Dhanbad News: धनबाद से जुड़े दो कथित अपराधी गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई तेज हो गई है. राहुल सिंह ने सोशल मीडिया पर प्रिंस खान को जान से मारने की धमकी दी है. वायरल पोस्ट के बाद संभावित गैंगवार की आशंका के बीच सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 11. झारखंड के 1,042 सहायक शिक्षकों को मिला नियुक्ति पत्र, सीएम हेमंत सोरेन ने दिया जॉइनिंग लेटर Teachers Appointment Letter: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1,042 सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे और शिक्षा सुधार पर जोर दिया. कार्यक्रम में सीपीडी 2026 का उद्घाटन भी हुआ. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 12. झारखंड में भूमि सर्वे में देरी पर हाइकोर्ट सख्त, राजस्व सचिव को 15 जुलाई तक नया शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने लंबित भूमि सर्वे मामले में राजस्व सचिव को 15 जुलाई तक नया शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है. अदालत ने अवर सचिव द्वारा दाखिल शपथ पत्र पर नाराजगी जताई और सभी जिलों में भूमि सर्वे पूरा करने की समयसीमा मांगी है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 13. दिल्ली में नितिन गडकरी से मिले सीएम सम्राट चौधरी, बिहार के रोड प्रोजेक्ट्स पर लगी मुहर Samrat Choudhary Nitin Gadkari Meeting: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की. गडकरी के आवास पर हुई इस हाईलेवल बैठक में गोरखपुर-सिलीगुड़ी और बक्सर-भागलपुर समेत कई एक्सप्रेसवे और हाईवे प्रोजेक्ट्स पर सहमति बनी. साथ ही फोरलेन को सिक्सलेन बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 14. क्या हरमनप्रीत कौर बनी रहेंगी कप्तान? वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद कोच ने तोड़ी चुप्पी स्त्री टी20 वर्ल्ड कप के खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही हिंदुस्तानीय स्त्री

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लहू से लिखा हूल: पहली बार प्रभात खबर की पहल पर इतिहासकारों ने जोड़े हूल के बिखरे हिस्से

10 हजार की भीड़ में गरजे सिदो- आज से महाजन, दारोगा और गोरी चमड़ी वालों का नहीं, हमारा राज चलेगा… Hul Diwas Special: बरहेट के छोटे-से गांव भोगनाडीह की तरफ चारों दिशाओं से लोग चले आ रहे थे. किसी के कंधे पर तीर-धनुष था, किसी के हाथ में फरसा, तो किसी की कमर से कुल्हाड़ी बंधी थी. हजारों कदमों की धूल हवा में उड़ रही थी. जंगल के रास्तों पर नगाड़ों की धीमी थाप सुनाई दे रही थी, पर आज का दिन उत्सव का उल्लास नहीं, बल्कि भीतर सुलगते गुस्से की गूंज थी. कुछ ही देर में गांव के मैदान में 10 हजार से अधिक संताल जमा हो गये. बूढ़े, जवान, स्त्रीएं, मांझी, परगनैत- हर किसी के चेहरे पर एक ही सवाल था- अब और कब तक? मैदान के बीचोंबीच सिदो और कान्हू खड़े थे. उनके साथ चांद, भैरव, फूलो और झानो भी थे. सिदो ने चारों ओर नजर दौड़ायी. जहां तक नजर जाती, अपने ही लोग दिखायी दे रहे थे, जिनके चेहरों पर वर्षों का अपमान, भूख और अन्याय साफ झलक रही थी. सन्नाटे के बीच सिदो ने ऊंची आवाज में कहा- ‘नितोक् दो़ खाजना बाबोन एमा आर ओकोयाक् गोबोलरे हो़ं बाबोन ताहेना. तेहेञ खोन माहाजोन, दोरोगा आर पोण्ड हारताकोआक् हुकुम बाङ चालाक्आ. आबोआक् दिसोमरे आबोवाक् राज होयोक्आ. नोआ मुंहिन खोन बाञ्चावोक् ला़गित् ते हूलगे आबोआक् मुचात् सापाप् काना. जिवेदोक् चाहेबोन गुजुक्, लाड़हाईकातेगे दिसोमबोन रूखिया दाड़ेयाक्आ. तेहेञ खोनगे आक् सार बोझायपे, कापी तारवाड़े गासाव लासेरपे आर हूल ला़गित् पाठे केटेजोक् पे. ओनकोआक् नास होयोक्आ आर आबोआक् जीत होयोक्आ.’ सिदो के भाषण का हिंदी रूपांतरण (अब हम लगान नहीं देंगे और किसी के गुलाम नहीं बनेंगे. आज महाजन, दारोगा और गोरी चमड़ी का हुक्म नहीं चलेगा. हमारे देश में हमारा राज होगा. इस मुश्किल परिस्थिति से बचने के लिए हूल ही हमारा आखिरी हथियार है. हम जियें या मरें, लड़कर ही अपनी आजादी को बचा पायेंगे. आज से तीर-धनुष तैयार करो, तलवार-फरसा तेज करो और हूल के लिए कमर कस लो. उनका नाश होगा और हमारी जीत होगी.) इसके बाद भीड़ में जैसे बिजली दौड़ गयी. हजारों धनुष एक साथ आसमान की ओर उठे. आवाज गूंजी… हूल…! हूल…! हूल…! हूंकार से कांपी राजमहल की पहाड़ियां राजमहल की पहाड़ियां इस हुंकार से कांप उठीं, लेकिन यह गुस्सा एक दिन में नहीं पैदा हुआ था. यह उन जख्मों की आग थी, जो वर्षों से भीतर सुलग रही थी. सिदो ने सभा में उपस्थित लोगों से कहा- आज बोलो. जो तुम्हारे साथ हुआ, सबके सामने कहो. सबसे पहले एक बूढ़ा किसान उठा. उसकी आंखें धंसी हुई थीं. बूढ़े किसान ने कहा- मैंने जंगल काटा… खेत तैयार किये… पांच साल तक जी तोड़ मेहनत की. अब महाजन कहता है- यह जमीन उसकी है. यह सुनकर भीड़ में सन्नाटा छा गया. एक दूसरी आवाज आयी- ‘मेरी पूरी फसल ले गया… फिर भी कहता है- कर्ज बाकी है.’ तीसरा आदमी उठा, गुस्से में कहा- ‘दारोगा कहता है- जेल भेज दूंगा.’ फिर एक स्त्री खड़ी हुई. उसकी आवाज कांप रही थी. ‘हमारे घर में घुस आये थे… मुर्गियां उठा ले गये… विरोध किया तो कहा- चुप रहो, नहीं तो तुम्हारे आदमी को जेल भेज देंगे.’ अब हर तरफ से आवाजें आने लगीं. हमारी जमीन…, हमारा अनाज…, हमारी बेटियां…, हमारी इज्जत… ऐसा लग रहा था, मानो वर्षों से दबा हुआ दर्द आज पहली बार शब्द बनकर बाहर निकल रहा हो. सिदो सब सुनते रहे. फिर धीरे से बोले-याद करो… यह सब कब शुरू हुआ था? और यहीं से मानो पूरा मैदान वर्षों पहले अतीत में लौट गया… संतालों ने उजाड़ जमीन को किया आबाद राजमहल की पहाड़ियों में घने जंगल थे, जिसमें मालेर जनजाति के लोग रहते थे. उनका जीवन बेहद ही साधारण था और जंगल के उत्पादों के भरोसे उनकी जिंदगी चलती थी. फिर समय बदला. 1765 में इलाहाबाद की संधि के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी मिली. उस समय वर्तमान झारखंड का अधिकांश भाग बंगाल प्रांत के ही अधीन था, इसलिए यहां भी राजस्व वसूली का अधिकार कंपनी के हाथों में आ गया. कंपनी का उद्देश्य साफ था- ज्यादा से ज्यादा राजस्व कमाना. पर इन पहाड़ियों में रहने वाले मालेरों (माल पहाड़िया) से कर वसूलना इतना आसान नहीं था, क्योंकि वे स्थायी खेती नहीं करते थे. संताल विद्रोहियों की तालश करती अंग्रेजो की सेना | तस्वीर वॉल्टर शेरवित द्वारा बनायी गयी है उधर, बंगाल की धरती पर हालात तेजी से बदल रहे थे. 1772 में तत्कालीन गर्वनर वॉरेन हेस्टिंग्स ने इजारेदारी प्रथा लागू की. एक गांव का किसान अपने बेटे से कह रहा था- ‘अब जमीन हमारी नहीं रही बेटा… जो सबसे ज्यादा बोली लगायेगा, वही हमारा मालिक होगा.’ बेटे ने पूछा- ‘फिर हम क्या करेंगे?’ बूढ़े ने आह भरते हुए कहा- ‘कर देंगे… नहीं दिया तो खेत चला जायेगा.’ इजारेदारों ने किसानों से मनमाना कर वसूलना शुरू कर दिया. फिर 1793 में गर्वनर लॉर्ड कार्नवालिस ने स्थायी बंदोबस्त लागू किया. अब जमींदार भूमि के स्वामी बना दिये गये. इससे किसानों पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया, लेकिन इससे पहले ही बंगाल एक भयानक त्रासदी झेल चुका था. वो था 1770 का अकाल. धरती फट चुकी थी. खेत सूख चुके थे. गांवों में चूल्हे बुझ गये थे. लाखों लोग मर गये. खेत वीरान हो गये. इन विपरीत हालातों में संतालों ने नयी जमीन की तलाश शुरू की. वे धालभूम, मानभूम, हजारीबाग, मिदनापुर, बांकुड़ा, पलामू, छोटानागपुर, सिंहभूम और उड़ीसा से धीरे-धीरे राजमहल की पहाड़ियों की ओर आने लगे. यहां घने जंगल थे, खाली जमीन थी और मेहनत करने की आजादी थी. अंग्रेज अधिकारियों ने भी उन्हें बसाने में खूब मदद की, क्योंकि उन्हें उजाड़ जमीन आबाद कर राजस्व बढ़ाना था. पहले पांच वर्षों तक कोई लगान नहीं लिया गया, फिर प्रति बीघा चार आने की दर से कर लगा दिया गया. संतालों ने जंगल काटे, पत्थर हटाये, दलदल जमीन सुखाये, और इस तरह धरती को उपजाऊ बनाया. धीरे-धीरे खेत लहलहाने लगे. गांव बसने लगे. मांदर की थाप फिर गूंजने लगी. यहां जीवन जीने के सारे साधन मौजूद थे. इसी खुशहाली के बीच भोगनाडीह के मुर्मू परिवार में सिदो मुर्मू का जन्म होता है. पांच-पांच के अंतराल पर छोटे भाइयों कान्हू मुर्मू, चांद मुर्मू और भैरव मुर्मू भी जन्म लेते हैं.

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मौसम: यूपी में होगी भारी बारिश, दिल्ली में बूंदाबांदी, जानें अन्य राज्यों के मौसम का हाल

Weather Forecast : मौसम विभाग ने प्रेस रिलीज जारी करके बताया कि उत्तर हिंदुस्तान में बारिश का दौर जारी रहने वाला है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 30 जून से 4 जुलाई तक भारी बारिश के आसार हैं. हिमाचल प्रदेश में 2 से 4 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है. उत्तराखंड में 30 जून से 4 जुलाई तक लगातार बारिश की संभावना है. वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 3-4 जुलाई, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2 जुलाई और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 से 3 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अनुमान है. विभाग के अनुसार, मध्य हिंदुस्तान में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30 जून को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. वहीं, 1 से 4 जुलाई के बीच दोनों क्षेत्रों में भारी बारिश के आसार हैं. छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 30 जून से 4 जुलाई तक कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है. इस दौरान कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है. मौसम विभाग का पूरा प्रेस रिलीज देखने के लिए यहां क्लिक करें. दिल्ली-एनसीआर का मौसम कैसा रहेगा? दिल्ली-एनसीआर में अगले तीन दिनों तक मौसम सुहावना रहने की संभावना है. 30 जून और 1 जुलाई को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है. इस दौरान गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. 2 जुलाई को बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं. कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. pic.twitter.com/B3nbhztwvZ — RWFC New Delhi (@RWFC_ND) June 29, 2026 राजस्थान में इस हफ्ते हो सकती है भारी बारिश दक्षिण पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियों के बीच राजस्थान के अनेक हिस्सों में इस हफ्ते मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. राज्य के कोटा और उदयपुर संभाग में कुछ भागों में आगामी दिनों में कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. इस दौरान जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में कहीं-कहीं हल्की/मध्यम बारिश होगी. वहीं दक्षिण-पूर्वी व पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में दो जुलाई से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की पूरी उम्मीद है. तीन से पांच जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ और भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने व कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. यह भी पढ़ें : Rain Warning: अगले 72 घंटे भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक के साथ पड़ेंगे छीटें, IMD का अलर्ट झारखंड में होगी बारिश 30 जून से 3 जुलाई तक झारखंड में सामान्य से बादल छाए रहने की संभावना है. इस दौरान राज्य के लगभग सभी हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है. वहीं, 2 और 3 जुलाई को कई स्थानों पर मध्यम दर्जे की बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा होने की भी संभावना जताई गई है. Jharkhand weather The post मौसम: यूपी में होगी भारी बारिश, दिल्ली में बूंदाबांदी, जानें अन्य राज्यों के मौसम का हाल appeared first on Naya Vichar.

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