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June 30, 2026

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‘नेबरहुड फर्स्ट’ या बांग्लादेश को सख्त संदेश? जानिए दिनेश त्रिवेदी को राजदूत रहते हुए क्यों मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा

Dinesh Trivedi Cabinet Rank: पीएम मोदी के कार्यकाल में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी दूत को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है. जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस प्रशासनों के दौरान विजया लक्ष्मी पंडित, टीएन कौल (मॉस्को), डॉ कर्ण सिंह (अमेरिका) और डीपी धर (मॉस्को) को यह सम्मान मिल चुका है. वीना सीकरी के अनुसार, इस कैबिनेट रैंक के दो मुख्य उद्देश्य हैं बांग्लादेश में हिंदुस्तान की पूर्व उच्चायुक्त वीना सीकरी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा- दिनेश त्रिवेदी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा संपर्क कर सकेंगे. दिनेश त्रिवेदी को विदेश सचिव या विदेश मंत्री के पदानुक्रम (hierarchy) से गुजरने की जरूरत नहीं होगी. कैबिनेट सदस्य के रूप में उनकी पहुंच सीधे प्रधानमंत्री तक होगी. इसके अलावा इस फैसले से ढाका को एक स्पष्ट संकेत मिला है कि त्रिवेदी को प्रधानमंत्री मोदी का बेहद खास नेतृत्वक विश्वास हासिल है. वे वहां सीधे बांग्लादेश के प्रधानमंत्री या शीर्ष कैबिनेट मंत्रियों से ही संवाद करेंगे. प्रोटोकॉल और सुरक्षा में क्या बदलेगा? सीकरी ने बताया कि कैबिनेट रैंक के चलते दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में एक सामान्य राजदूत से इतर विशेष कूटनीतिक प्रोटोकॉल मिलेगा. हवाई अड्डे पर आगमन से लेकर देश के भीतर यात्रा करने तक, उन्हें वही सुरक्षा, देखभाल और दर्जा दिया जाएगा जो बांग्लादेश अपने खुद के कैबिनेट मंत्रियों को देता है. ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति को धार और बांग्लादेश को कड़ा संदेश दिनेश त्रिवेदी की नियुक्ति पीएम मोदी की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति को दी गई सर्वोच्च प्राथमिकता को दर्शाती है. अगस्त 2024 में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से हिंदुस्तान और बांग्लादेश के रिश्ते बेहद नाजुक दौर से गुजर रहे हैं. मोहम्मद यूनुस के 18 महीने के अंतरिम शासन के दौरान कई हिंदुस्तान-समर्थक प्रोजेक्ट्स और नीतिगत फैसलों को पलट दिया गया था, जिससे कड़वाहट बढ़ी थी. अब बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई प्रशासन के आने के बाद, हिंदुस्तान व्यापार, निवेश और विकास परियोजनाओं को पुराने ढर्रे पर वापस लाना चाहता है. हालांकि, रहमान की हालिया चीन यात्रा और वहां जारी संयुक्त बयान ने नई दिल्ली की चिंताएं बढ़ा दी हैं. ये भी पढ़ें: तीस्ता के बहाने चिकन-नेक के पास चीन की दस्तक, हिंदुस्तान की चिंता के बीच ड्रैगन का आया बयान The post ‘नेबरहुड फर्स्ट’ या बांग्लादेश को सख्त संदेश? जानिए दिनेश त्रिवेदी को राजदूत रहते हुए क्यों मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा appeared first on Naya Vichar.

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टीएमसी नेताओं के अपमान पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने पुलिस की भूमिका पर उठाये सवाल, अंतरिम आदेश से इनकार

खास बातें अंडे फेंकने और रस्सी बांधकर घुमाने के खिलाफ याचिका घटनों लोकतंत्र और कानून के लिए चिंताजनक : बनर्जी कोर्ट ने पूछा- अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा रही पुलिस आम लोगों और कानून-व्यवस्था पर पड़ेगा असर : कल्याण नेतृत्वक संदर्भ और आगे की चुनौतियां Calcutta High Court TMC PIL: पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ हो रही अंडे मारने की घटनाओं को कलकत्ता हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है. ममता बनर्जी के करीबी नेता और सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने मंगलवार को यह दावा किया. हालांकि, कोर्ट ने इस याचिका पर अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया. अंडे फेंकने और रस्सी बांधकर घुमाने के खिलाफ याचिका कल्याण बनर्जी ने अंडे फेंकने, गिरफ्तार व्यक्तियों को रस्सी बांधकर घुमाने और भीड़ हिंसा के खतरे जैसी घटनाओं पर याचिका दायर की थी. बनर्जी ने कहा कि याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाये. घटनों लोकतंत्र और कानून के लिए चिंताजनक : बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने मीडिया को बताया कि ये घटनाएं लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए चिंताजनक हैं. उन्होंने कहा कि टीएमसी के सबसे बड़े नेताओं में शुमार अभिषेक बनर्जी, कुणाल घोष, सौगत रॉय और अन्य कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंके गये. याचिका में कहा गया है कि पुलिस की मौजूदगी में भी ऐसी अपमानजनक घटनाएं हो रहीं हैं. इसे भी पढ़ें : सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला, कपड़े फाड़े, जूते-पत्थर और अंडे बरसाये, CID ने भी कसा शिकंजा कोर्ट ने पूछा- अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा रही पुलिस पीआईएल पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूछा कि पुलिस अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा पा रही? ऐसे माहौल में सामाजिक जागरूकता कैसे विकसित होगी? कल्यान बनर्जी ने जोर दिया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और राज्य प्रशासन की मंत्री अग्निमित्र पॉल जैसी शखीसियतों के बयानों से इस तरह की संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आम लोगों और कानून-व्यवस्था पर पड़ेगा असर : कल्याण टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि सत्ता का दुरुपयोग लंबे समय तक नहीं चल सकता. कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. ये घटनाएं न सिर्फ TMC कार्यकर्ताओं को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि पूरे राज्य में नेतृत्वक माहौल को तनावपूर्ण बना रही हैं. आम नागरिकों में भय का माहौल है, खासकर जब गिरफ्तार व्यक्तियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता है. इससे कानून की गरिमा प्रभावित हो रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्देश से उम्मीद है कि राज्य प्रशासन इन मुद्दों पर रिपोर्ट देगी और ऐसे कृत्यों को रोकने के लिए ठोस कदम उठायेगी. Calcutta High Court TMC PIL: नेतृत्वक संदर्भ और आगे की चुनौतियां बंगाल चुनाव 2026 के बाद सत्ता परिवर्तन के बाद टीएमसी इन घटनाओं को लक्षित हमले बता रहा है. कल्याण बनर्जी ने कहा कि इस तरह की संस्कृति को प्रोत्साहन नहीं मिलना चाहिए. टीएमसी की मांग है कि सभी पक्षों को समान सुरक्षा मिले और नेतृत्वक प्रतिशोध की संस्कृति खत्म हो. यह मामला न सिर्फ तणमूल के लिए, बल्कि पूरे बंगाल की नेतृत्व और शांति के लिए अहम है. इसे भी पढ़ें तृणमूल विधायक कुणाल घोष पर अंडे फेंकने के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार बंगाल में टीएमसी के पूर्व पार्षद पर स्त्रीओं ने बरसाये अंडे, लगाये चोर-चोर के नारे तृणमूल नेता पर प्रशासनी मुर्गे की चोरी का आरोप, गुस्साये लोगों ने कच्चे अंडे से नहलाया Video: ममता बनर्जी के घर से बाहर निकलते ही तृणमूल नेता कुणाल घोष पर अंडे से हमला, वीडियो वायरल The post टीएमसी नेताओं के अपमान पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने पुलिस की भूमिका पर उठाये सवाल, अंतरिम आदेश से इनकार appeared first on Naya Vichar.

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तेजी से घटाना है वजन तो डिनर में शामिल करें मिलेट्स से बनी ये 3 टेस्टी रेसिपीज, स्वाद और सेहत का परफेक्ट कॉम्बिनेशन

Weight Loss Dinner Ideas: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब लाइफस्टाइल के कारण वजन बढ़ना एक आम समस्या है, जिससे आज बड़ी आबादी परेशान है. लोग वजन घटाने के लिए जिम या डाइटिंग का सहारा लेते हैं, लेकिन इसका सबसे सही और आसान रास्ता आपके किचन से ही होकर गुजरता है. दरअसल, हमारा रात का खाना (डिनर) वजन कंट्रोल करने में सबसे अहम भूमिका निभाता है. अगर आप रात में लाइट और न्यूट्रिशियस खाना खाते हैं, तो वजन तेजी से कम हो सकता है. अगर आप भी वेट लॉस जर्नी पर हैं, तो मिलेट्स यानी कि मोटे अनाज से बनी डिशेज आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हैं. मिलेट्स में भरपूर फाइबर, प्रोटीन और विटामिंस होते हैं, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं और बार-बार भूख लगने की आदत को रोकते हैं. तो चलिए जानते हैं मिलेट्स से बनने वाले ऐसे 3 टेस्टी और आसान डिनर आइटम्स के बारे में, जो वजन कम करने में आपकी मदद करेंगे. डिनर में ट्राई करें ज्वार की वेज खिचड़ी खिचड़ी को हमेशा से ही पचाने में सबसे आसान और हल्का भोजन माना गया है. ऐसे में रात के खाने के लिए ज्वार की खिचड़ी भी आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकती है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले साबुत ज्वार को कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोकर रख दें. इसके बाद प्रेशर कुकर में थोड़े से घी, जीरे, हरी मिर्च और अपनी पसंदीदा सब्जियों जैसे गाजर, बीन्स, मटर और टमाटर के साथ इसे अच्छी तरह से पका लें. बता दें ज्वार में मौजूद फाइबर डाइजेशन को बेहतर रखता है और साथ ही आपके शरीर में एक्स्ट्रा फैट को भी जमा नहीं होने देता. यह सिंपल सी डिश स्वाद और सेहत का एक यूनिक कॉम्बिनेशन है. ये भी पढ़ें: रात की भूख भी मिटेगी और वजन भी नहीं बढ़ेगा, डिनर में शामिल करें ये 5 सुपर लो कैलोरी फूड्स रागी का डोसा भी है एक हेल्दी ऑप्शन अगर आपको रात के समय अक्सर कुछ क्रिस्पी और टेस्टी खाने का होता है, तो आप रागी का डोसा आपके लिए एक परफेक्ट चॉइस साबित हो सकता है. रागी में आपको भरपूर मात्रा में कैल्शियम और आयरन मिल जाता है. रागी का डोसा बनाने के लिए रागी के आटे में थोड़ा सा दही, पानी, बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च मिलाकर एक स्मूथ बैटर तैयार कर लें. इसके बाद एक नॉन-स्टिक तवे पर हल्का सा तेल लगाकर इसके पतले और करारे डोसे सेकें. अब इसे पुदीने या टमाटर की हरी चटनी के साथ गर्मागर्म परोसें. यह एक बेहद कम कैलोरी वाला लाइट डिनर ऑप्शन है. तेजी से वजन घटाने के लिए बाजरे का उत्तपम बात चाहे सर्दियों के मौसम की हो या फिर नॉर्मल दिनों की, बाजरे को हमारे सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद माना गया है. अगर आप अपना बढ़ा हुआ वजन घटाना चाहते हैं तो रात के खाने में आपको बाजरे का उत्तपम जरूर ट्राय करना चाहिए. इसके लिए बाजरे के आटे में थोड़ा सा पानी और छाछ मिलाकर थोड़ा सा गाढ़ा घोल तैयार कर लें. अब इस घोल को तवे पर फैलाएं और ऊपर से बारीक कटी शिमला मिर्च, टमाटर और धनिया पत्ती डालें. इसे दोनों ही तरफ से हल्का सा सेक लें. बता दें बाजरा धीरे-धीरे डाइजेस्ट होता है, जिस वजह से रात के समय आपका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है और आपको असमय भूख भी नहीं लगती है. ये भी पढ़ें: बिना प्याज-लहसुन के भी बन सकता है लाजवाब डिनर, ट्राई करें ये 3 टेस्टी रेसिपीज जिन्हें हर कोई करेगा पसंद The post तेजी से घटाना है वजन तो डिनर में शामिल करें मिलेट्स से बनी ये 3 टेस्टी रेसिपीज, स्वाद और सेहत का परफेक्ट कॉम्बिनेशन appeared first on Naya Vichar.

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Nissan की नई SUV Tekton पहली बार बिना कवर आई नजर, लॉन्च से पहले लीक हुई तस्वीर ने तस्वीर से बढ़ी हलचल

निसान अपनी नई मिड-साइज एसयूवी टेक्टॉन को 9 जुलाई को दुनिया के सामने पेश करने जा रही है, लेकिन आधिकारिक लॉन्च से पहले ही इस एसयूवी की बिना कवर वाली तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हो गई है. बताया जा रहा है कि यह तस्वीर एक विज्ञापन की शूटिंग के दौरान ली गई है. इससे पहली बार टेक्टॉन का रियर डिजाइन साफ तौर पर देखने को मिला है. इस लीक के बाद माना जा रहा है कि निसान हिंदुस्तानीय एसयूवी बाजार में एक मजबूत दावेदार उतारने की तैयारी में है. विज्ञापन शूट के दौरान सामने आई नई झलक सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर में निसान टेक्टॉन बिना किसी कैमोफ्लाज के दिखाई दे रही है. इसके साथ एक कैमरा रिग लगी दूसरी गाड़ी भी नजर आ रही है, जिससे संकेत मिलता है कि एसयूवी की टीवी कमर्शियल शूटिंग चल रही थी. सामने आई तस्वीर को एआई की मदद से बेहतर बनाया गया है, जिससे इसके डिजाइन की कई बारीकियां स्पष्ट दिखाई देती हैं. हालांकि कंपनी की ओर से अभी इस तस्वीर की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इससे टेक्टॉन के एक्सटीरियर की अहम जानकारी सामने आ गई है. रियर डिजाइन में मिलेगा प्रीमियम लुक लीक हुई तस्वीर के अनुसार, निसान टेकटन के पिछले हिस्से में रैपअराउंड एलईडी टेललाइट्स दी गई हैं, जो दोनों तरफ तक फैली हुई दिखाई देती हैं. इनके बीच एलईडी लाइट बार दिया गया है, जिसके बीच में निसान का लोगो मौजूद है. टेलगेट पर बड़े अक्षरों में Tekton बैजिंग देखने को मिलती है, जबकि नीचे की तरफ सिल्वर फिनिश वाला मजबूत बंपर एसयूवी को प्रीमियम और दमदार लुक देता है. कुल मिलाकर इसका डिजाइन मॉडर्न एसयूवी ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया लगता है. Renault Duster वाले प्लैटफॉर्म पर होगी तैयार निसान टेक्टॉन को नये रेनो डस्टर वाले प्लैटफॉर्म पर विकसित किया गया है. यानी दोनों एसयूवी कई तकनीकी हिस्से साझा करेंगी. इससे उम्मीद की जा रही है कि टेक्टॉन में भी संतुलित राइड क्वाॅलिटी, बेहतर हैंडलिंग और आधुनिक फीचर्स देखने को मिलेंगे. एक ही प्लैटफॉर्म पर आधारित होने के बावजूद निसान अपनी नई एसयूवी को अलग डिजाइन और ब्रांड पहचान के साथ पेश करने की तैयारी कर रही है. इंजन विकल्प भी हो सकते हैं समान मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टेकटन में वही इंजन विकल्प दिये जा सकते हैं जो नई रेनो डस्टर में मिलने की उम्मीद है. इसमें 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल और 1.3-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन शामिल हो सकते हैं. इन दोनों इंजन के साथ मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का ऑप्शन मिलने की संभावना है. हालांकि आधिकारिक स्पेसिफिकेशन का खुलासा कंपनी 9 जुलाई को लॉन्च के दौरान करेगी. लॉन्च के बाद बढ़ेगा मिड-साइज SUV सेगमेंट में मुकाबला हिंदुस्तानीय बाजार में मिड-साइज एसयूवी की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में टेक्टॉन के आने से इस सेगमेंट में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है. निसान की नई एसयूवी उन ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश करेगी जो स्टाइलिश डिजाइन, टर्बो इंजन और आधुनिक तकनीक वाली एसयूवी की तलाश में हैं. अब सभी की नजर 9 जुलाई को होने वाले इसके आधिकारिक अनावरण पर टिकी है. यह भी पढ़ें: जुलाई में लॉन्च होंगी एक से बढ़कर एक कारें, नई Brezza से Kwid Facelift तक, देखें पूरी लिस्ट यह भी पढ़ें: Maruti Dzire Price Hike: डिजायर हुई महंगी, लेकिन यह मॉडल अब भी पुराने दाम पर, मिलेंगे ये फीचर्स The post Nissan की नई SUV Tekton पहली बार बिना कवर आई नजर, लॉन्च से पहले लीक हुई तस्वीर ने तस्वीर से बढ़ी हलचल appeared first on Naya Vichar.

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बड़कागांव में दुनिया के सबसे महंगे आम की चोरी, आम का दाम सुनकर आपके मुंह से निकलेगा – ‘आंय?’

बड़कागांव से संजय सागर की रिपोर्ट Most Expensive Mango: हजारीबाग जिले के बड़कागांव में दुनिया के सबसे महंगे आम माने जाने वाले जापानी मियाजाकी आम की चोरी का मामला सामने आया है. किसान के बागान से करीब डेढ़ किलो मियाजाकी आम चोरी हो जाने के बाद पूरे इलाके में इसकी चर्चा हो रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस आम की कीमत लाखों रुपये तक बताई जाती है. आम की कीमत सुनकर स्थानीय लोग भी हैरान हैं. आप भी जब इस आम के दाम को सुनेंगे, तो आपके मुंह से निकलेगा, “आंय, आम इतना महंगा भी होता है?” मदर प्लांट से चोरी हुए डेढ़ किलो आम बड़कागांव निवासी कृषक प्रवीण कुमार महतो ने बताया कि उनके मदर प्लांट से करीब डेढ़ किलो मियाजाकी आम चोरी हो गया. हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में बड़कागांव थाने में अब तक कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया है. स्थानीय स्तर पर घटना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. चर्चा इस बात की भी हो रही है कि आखिर चोर को इस दुर्लभ और महंगे आम की पहचान कैसे हुई. डेढ़ किलो आम की कीमत करीब 4 लाख रुपये कृषक के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में मियाजाकी आम की कीमत बेहद अधिक है. उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय बाजार दर के आधार पर चोरी हुए करीब डेढ़ किलो आम की कीमत लगभग 4 लाख रुपये आंकी जा रही है. हालांकि, बड़कागांव और आसपास के अधिकांश लोगों को इस आम की वास्तविक कीमत की जानकारी नहीं थी. जैसे-जैसे लोगों को इसकी कीमत का पता चल रहा है, वे आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं. दो साल पहले कोलकाता से लाए थे पौधे प्रवीण कुमार महतो ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले उन्होंने कोलकाता से मियाजाकी आम के दो पौधे खरीदे थे. दोनों पौधों की कीमत करीब 2,400 रुपये थी. इसके बाद उन्होंने उन्हें अपने बाग में लगाया और पूरी देखभाल के साथ तैयार किया. उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष पहली बार इस आम का स्वाद चखने का अवसर मिला था. स्वाद और गुणवत्ता से वे काफी प्रभावित हुए. उनका कहना है कि उन्होंने किसी व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि बागवानी के प्रति अपने शौक और रुचि के कारण इस दुर्लभ किस्म का पौधा लगाया था. झारखंड में मियाजाकी आम की बढ़ रही चर्चा पिछले कुछ समय से झारखंड में मियाजाकी आम की खेती को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है. कई किसान इस किस्म के आम की खेती के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं. ऐसे समय में प्रवीण कुमार महतो का बाग राज्यभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़कागांव में पहली बार इस तरह की घटना सामने आई है, जहां किसी ने इतने दुर्लभ और महंगे फल को निशाना बनाया है. 25 किस्म के आमों का तैयार किया है बाग प्रवीण कुमार महतो केवल मियाजाकी आम ही नहीं, बल्कि आम की कई दुर्लभ और लोकप्रिय किस्मों की भी खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनके तीन स्थानों पर बाग हैं, जिनमें बड़कागांव का तेलियातरी, हरदरा बागी तथा उनके आवास के पास स्थित बाग शामिल हैं. उन्होंने अपने मदर प्लांट में करीब 25 किस्म के आम लगाए हैं. इनमें प्रमुख रूप से मियाजाकी, हिमसागर, टॉमी एटकिंस, आम्रपाली, दशहरी, जर्दालू, नूरजहां, प्रतिभा, अरुणिमा, किंग चना, वरुण किंग, ब्लैक कस्तूरी और हरीबंगा जैसी किस्में शामिल हैं. इसे भी पढ़ें: खूंटी की स्त्री किसान ने किया कमाल, उगाया लाखों में बिकने वाला मियाजाकी आम चोर की जानकारी पर भी उठ रहे सवाल घटना के बाद इलाके में इस बात की भी चर्चा है कि आम की इतनी अधिक कीमत की जानकारी शायद आम लोगों को नहीं थी, लेकिन चोर को इसकी पूरी जानकारी थी. लोगों का मानना है कि इसी वजह से उसने सीधे मियाजाकी आम को ही निशाना बनाया. ग्रामीणों का कहना है कि अब तक सोना, चांदी और नकदी की चोरी की घटनाएं सुनने को मिलती थीं, लेकिन अब लाखों रुपये कीमत वाले फलों की चोरी भी होने लगी है. यह घटना न केवल बड़कागांव बल्कि पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. फिलहाल, किसान अपने बाग की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं, जबकि स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि चोरी की इस अनोखी घटना का जल्द खुलासा होगा. इसे भी पढ़ें: रांची में फल-फूल रहा दुनिया का सबसे महंगा मियाजाकी आम The post बड़कागांव में दुनिया के सबसे महंगे आम की चोरी, आम का दाम सुनकर आपके मुंह से निकलेगा – ‘आंय?’ appeared first on Naya Vichar.

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कश्मीरा मेरे पैरों पर गिरकर रोने लगी… सुनीता आहूजा ने सुनाया इमोशनल पैचअप का किस्सा

सुनीता आहूजा ने कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक और उनकी पत्नी कश्मीरा शाह के साथ अपनी लड़ाई खत्म कर ली है. नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो ‘लॉक अप सच या सजा’ में आकांक्षा चौधरी संग बात करते हुए गोविंदा की वाइफ ने बताया कि सुलह आखिरकार कैसे हुई. Sunita Ahuja Recalls Emotional Reunion With Krushna And Kashmera: सुनीता आहूजा बोली- कश्मीरा शाह ने पैर पकड़कर मांगी माफी सुनीता ने एपिसोड के दौरान कहा, “मैं लाफ्टर शेफ्स में गई थी, वहीं 14-15 साल बाद मेरा और कृष्णा का पैचअप हुआ. मैंने उसके बच्चों को भी कभी नहीं देखा था, जबकि अब वो 9 साल के हो चुके हैं. मैंने तो कृष्णा को बचपन से पाला-पोसा है.” उन्होंने आगे कहा, ”कश्मीरा बहुत अच्छी लड़की है. वो मेरे पैरों पर गिर गई और रोते-रोते माफी मांगने लगी. उसे देखकर मैं भी रोने लगी. 14 साल बाद मैं उन दोनों से मिल रही थी. कश्मीरा ने मेरे पैर पकड़कर कहा, ‘सॉरी, मुझसे गलती हो गई थी.” Krushna-Kashmera Controversy with Sunita Ahuja: सुनीता आहूजा के साथ कृष्णा-कश्मीरा का विवाद कृष्णा अभिषेक और गोविंदा के बीच अनबन की शुरुआत उस समय हुई थी, जब गोविंदा को टीवी पर कृष्णा के कुछ जोक्स पसंद नहीं आए थे. इसके बाद दोनों परिवारों के रिश्तों में दूरियां बढ़ती चली गईं. वहीं, सुनीता आहूजा भी कृष्णा और उनके परिवार से नाराज हो गई थीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी एक वजह कश्मीरा शाह का पुराना ट्वीट था, जिसमें उन्होंने “पैसों के लिए डांस करने वाले लोगों” का जिक्र था. सुनीता को लगा था कि यह पोस्ट गोविंदा के लिए लिखी गई है. समय के साथ यह विवाद और गहरा हो गया. कृष्णा ने एक बार दावा किया था कि उनके बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने के दौरान गोविंदा उनसे मिलने नहीं आए थे. साल 2024 में सुनीता आहूजा ने यहां तक कह दिया था कि वह ‘द कपिल शर्मा शो’ में इसलिए नहीं जातीं, क्योंकि उसमें कृष्णा अभिषेक नजर आते हैं. हालांकि, जब गोविंदा के पैर में गलती से गोली लग गई थी, तब कृष्णा और कश्मीरा उन्हें अस्पताल में देखने पहुंचे थे. यह भी पढ़ें- सालों बाद एक हुआ गोविंदा का परिवार, Sunita Ahuja ने कहा- मैंने दोनों बच्चों को माफ कर दिया, अब दुश्मनी खत्म यह भी पढ़ें- 14 साल का लंबा इंतजार खत्म… सुनीता आहूजा ने कृष्णा-कश्मीरा संग मुलाकात पर कही दिल की बात The post कश्मीरा मेरे पैरों पर गिरकर रोने लगी… सुनीता आहूजा ने सुनाया इमोशनल पैचअप का किस्सा appeared first on Naya Vichar.

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चेतन के चलने के अंदाज से खुलेगा केतन हत्याकांड का राज! लोहागढ़ किले में दोबारा होगा सीन रीक्रिएट

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड (Ketan Murder Case) की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है. लोनावला ग्रामीण पुलिस अब मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल चेतन चौधरी की फोरेंसिक चाल (Gait Analysis) कराने की तैयारी कर रही है. जांच एजेंसियों का मानना है कि घटना वाले दिन लोहागढ़ किले के एंट्री गेट के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में दिखाई देने वाला व्यक्ति चेतन चौधरी ही है. इस दावे की वैज्ञानिक पुष्टि के लिए अब उसकी चाल का विश्लेषण कराया जाएगा. पुलिस का कहना है कि तकनीकी और फोरेंसिक सबूतों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वीडियो में दिखाई देने वाला शख्स असल में चेतन चौधरी है या कोई और. इसके साथ ही जांच को और मजबूत बनाने के लिए घटनास्थल पर एक बार फिर सीन रीक्रिएशन कराया जाएगा. क्या होता है गेट एनालिसिस और क्यों है यह इस केस ले किए अहम? गेट एनालिसिस (Gait Analysis) फोरेंसिक साइंस की एक आधुनिक तकनीक है, जिसमें किसी व्यक्ति के चलने या दौड़ने के तरीके का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है. हर व्यक्ति की चाल अलग होती है और इसे उसकी एक तरह की जैविक पहचान माना जाता है. पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञ अक्सर इस तकनीक का इस्तेमाल तब करते हैं, जब किसी संदिग्ध का चेहरा सीसीटीवी कैमरे में साफ-सीफ दिखाई नहीं देता, लेकिन उसकी चाल रिकॉर्ड हो जाती है. ऐसे मामलों में चाल का मिलान करके संदिग्ध की पहचान स्थापित करने में मदद मिलती है. लोनावला ग्रामीण पुलिस का दावा है कि घटना वाले दिन लोहागढ़ किले के गेट के पास एक व्यक्ति कैमरे में कैद हुआ था. अब चेतन चौधरी की चाल का उसी वीडियो से मिलान कराया जाएगा ताकि उसकी मौजूदगी की पुष्टि की जा सके. लोहागढ़ किले में दोबारा होगा सीन रीक्रिएशन चाल विश्लेषण के साथ-साथ पुलिस लोहागढ़ किले में चेतन चौधरी को लेकर एक नया सीन रीक्रिएशन (Crime Scene Reconstruction) भी करेगी. अब तक पुलिस केवल सह-आरोपी सिया गोयल को घटनास्थल पर ले जाकर पूरी घटना का रीक्रिएशन करा चुकी है. उस दौरान जांच अधिकारियों ने केतन अग्रवाल के वजन के बराबर वजन वाले डमी का इस्तेमाल कर घटना के क्रम को समझने का प्रयास किया था. अब पुलिस चेतन चौधरी की भूमिका की अलग से जांच करेगी और यह समझने की कोशिश करेगी कि घटना के दौरान उसकी गतिविधियां क्या थीं और वह किस जगह पर मौजूद था. घटना वाले दिन पहने गए कपड़ों की तलाश में पुलिस जांच एजेंसियां अब उन कपड़ों को भी बरामद करने का प्रयास कर रही हैं जिन्हें चेतन चौधरी ने कथित तौर पर घटना वाले दिन पहन रखा था. पुलिस का मानना है कि यदि ये कपड़े बरामद हो जाते हैं तो उन पर मौजूद संभावित फोरेंसिक साक्ष्य जांच को और मजबूत बना सकते हैं. इसके अलावा कपड़ों का सीसीटीवी फुटेज से भी मिलान किया जाएगा. आरोपी की स्कूटी, हुडी और हेडफोन पहले ही हो चुके हैं बरामद अभी तक की जांच में पुलिस को कुछ सफलता भी मिली है. लोनावला ग्रामीण पुलिस ने आरोपी चेतन चौधरी का वह स्कूटी जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल उसने कथित तौर पर पुणे से लोहागढ़ किले तक जाने के लिए किया था. इसके अलावा पुलिस ने वह हुडी और हेडफोन भी बरामद कर लिए हैं जिन्हें आरोपी ने घटना वाले दिन पहन रखा था. इन वस्तुओं की भी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी और इन्हें अन्य तकनीकी साक्ष्यों से जोड़कर देखा जाएगा. कोर्ट ने बढ़ाई पुलिस कस्टडी इस मामले में सोमवार (29 जून) को वडगांव मावल कोर्ट ने आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ा दी. आरोपी सिया गोयल की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट विपुल दुशिंग ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने दोनों आरोपियों की सात दिन की अतिरिक्त पुलिस हिरासत की मांग की थी. हालांकि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 3 जुलाई तक की पुलिस कस्टडी मंजूर की है. इस दौरान पुलिस को दोनों आरोपियों से पूछताछ करने, नए सबूत जुटाने और घटनास्थल पर आगे की जांच करने का मौका मिलेगा. इसे भी पढ़ें: पुणे मर्डर केस में वकील आशुतोष की एंट्री, सिया के भाई साहिल पर ठोका 10 करोड़ का मुकदमा 18 जून को केतन अग्रवाल को दिया गया था धक्का बताया जा रहा है कि 18 जून को पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले से गिरने के बाद केतन अग्रवाल की मौत हो गई थी. शुरुआती तौर पर इसे दुर्घटना माना गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कई संदिग्ध परिस्थितियां मिलीं, जिसके बाद मामला हत्या की दिशा में आगे बढ़ा. जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल इस शादी के लिए तैयार नहीं थी और वह कथित तौर पर पारिवारिक दबाव में यह रिश्ता निभा रही थी. पुलिस को शक है कि इसी कारण हत्या की साजिश रची गई. इसी मामले में सिया गोयल और उसके मित्र चेतन चौधरी को 23 जून को गिरफ्तार किया गया था. दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. प्रशासन ने बनाई फास्ट ट्रैक कोर्ट, उज्ज्वल निकम बने विशेष लोक अभियोजक मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र प्रशासन ने इस केस की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की मंजूरी दी है. प्रशासन ने वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम को इस मामले का विशेष लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor) नियुक्त किया है, ताकि मुकदमे की सुनवाई तेजी से पूरी हो सके और दोषियों को जल्द सजा दिलाई जा सके. Also Read: पुणे मर्डर : सिया घबराई हुई थी, उसे जबरन कार में बैठाया गया, कैब ड्राइवर का दावा The post चेतन के चलने के अंदाज से खुलेगा केतन हत्याकांड का राज! लोहागढ़ किले में दोबारा होगा सीन रीक्रिएट appeared first on Naya Vichar.

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यूट्यूब देखकर घर पर कराई महिला की डिलीवरी, अत्यधिक खून बहने से हुई मौत

Tamil Nadu News : तमिलनाडु की रहने वाली शशिकला ने घर पर एक स्वस्थ शिशु को तो जन्म दिया, लेकिन डिलीवरी में हुई दिक्कतों की वजह से उसकी मौत हो गई. अबतक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार उसके परिवार वालों ने संभवत: यूट्यूब देखकर स्त्री का प्रसव कराया, जिसके बाद उसके शरीर से बहुत अधिक खून बहा, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. जानकारी के अनुसार शिशु के जन्म के बाद स्त्री को प्लेसेंटा से जुड़ी कुछ कॉम्प्लीकेशंस हुईं और उसे बहुत अधिक ब्लीडिंग हुई. उसे पेरुंदुरई के गवर्नमेंट इरोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तबतक बहुत देर हो चुकी थी. एलोपैथिक दवाइयों से नफरत करती थी शशिकला एनडीटीवी में छपी समाचार के अनुसार शशिकला की पहली प्रेग्नेंसी के दौरान सिजेरियन डिलीवरी हुई थी. उस डिलीवरी के बाद शशिकला एलोपैथिक दवाओं से एक तरह से नफरत करती थी और वह अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी में सिजेरियन डिलीवरी नहीं चाहती थी. इसी वजह से उसके परिवार वालों ने यूट्यूब पर मौजूद सूचनाओं के आधार पर उसकी नैचुरल डिलीवरी कराई. पूरे प्रेग्नेंसी के दौरान डाॅक्टर से नहीं किया गया था संपर्क मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया कि परिवार नैचुरल तरीके से शिशु को जन्म देना चाहता था. इसी वजह से उन्होंने प्रेग्नेंसी के दौरान डाॅक्टर से संपर्क नहीं किया और ना ही बीच-बीच में उसकी जांच कराई. प्रशासनी हेल्थकेयर टीम से भी संपर्क नहीं किया गया. पुलिस अधिकारी ने कहा कि हम जांच कर रहे हैं, स्थिति स्पष्ट हो जाएगी. ये भी पढ़ें : यमुना एक्सप्रेसवे पर बस और ट्रेलर की टक्कर, चार लोगों की मौत कई घायल पति के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज शशिकला के पति कोलंथाईसामी पर पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है. हालांकि परिवार की ओर से अबतक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. पुलिस ने मामले के संबंध में नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) एक्ट 2019 की धाराएं भी लगाई हैं. अभी तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. पुलिस डिलीवरी के हालात की जांच कर रही है, जिसमें किसकी भूमिका महत्वपूर्ण है और यह भी जांच की जा रही है कि क्या परिवार ने स्वास्थ्यकर्मियों की सलाह के नजरअंदाज किया The post यूट्यूब देखकर घर पर कराई स्त्री की डिलीवरी, अत्यधिक खून बहने से हुई मौत appeared first on Naya Vichar.

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पिता की जान बचाने के लिए 17 साल के बेटे को कोर्ट ने दी लिवर डोनेट करने की इजाजत, जानें पूरा मामला

Minor Donate Liver: कोर्ट ने वसंत कुंज स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS) को निर्देश दिया है कि वे सभी कानूनी, नैतिक और मेडिकल नियमों का सख्ती से पालन करते हुए जल्द से जल्द यह ट्रांसप्लांट पूरा करें. जिससे नाबालिग की सेहत को कोई खतरा न हो. क्या है पूरा मामला? जस्टिस मिनी पुष्करणा की कोर्ट ने यह आदेश एक नाबालिग लड़के की याचिका पर दिया, जो उसने अपनी मां के जरिए दायर की थी. याचिका में लड़के ने ‘मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994’ के तहत अपने पिता उत्तम कुमार शॉ को लिवर का एक हिस्सा दान करने की अनुमति मांगी थी. पिता लंबे समय से लिवर की गंभीर बीमारी (क्रॉनिक लिवर डिजीज) से जूझ रहे हैं. मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 क्या है? यह हिंदुस्तान प्रशासन द्वारा पारित एक महत्वपूर्ण कानून है. इसका मुख्य उद्देश्य इंसानी अंगों के व्यापार (खरीद-बिक्री) को रोकना और जरूरतमंद मरीजों के लिए अंगों के सही और कानूनी ट्रांसप्लांट को बढ़ावा देना है. क्यों खास है यह फैसला? आम तौर पर पाबंदी: देश के कानून के मुताबिक, नाबालिग बच्चों का अंग दान करना पूरी तरह प्रतिबंधित है. लेकिन साल 2014 के नियमों (नियम 5(3)(g)) के तहत, बेहद गंभीर और असाधारण मेडिकल स्थितियों में इसकी इजाजत दी जा सकती है. इसके लिए प्रशासन और संबंधित अथॉरिटी की मंजूरी जरूरी होती है. एलजी की मंजूरी: सुनवाई के दौरान दिल्ली प्रशासन ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) और सक्षम अथॉरिटी ने 29 जून 2026 को ही नाबालिग को अपने पिता को अपने जिगर का एक हिस्सा दान करने की अनुमति दी गई थी. कोर्ट ने क्यों दी मंजूरी? सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि मरीज (पिता) लिवर सिरोसिस और कैंसर (हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा) जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं. उनकी जान बचाने का इकलौता रास्ता लिवर ट्रांसप्लांट ही है. परिवार के बाकी सदस्यों की मेडिकल जांच की गई, लेकिन सिर्फ नाबालिग बेटा ही मेडिकल रूप से फिट पाया गया. बिना किसी दबाव के फैसला कोर्ट ने नोट किया कि लड़का करीब साढ़े 17 साल का है. वह शारीरिक रूप से स्वस्थ है और अपने पिता के प्रति प्यार और कर्तव्य की भावना से, बिना किसी दबाव या लालच के अपनी मर्जी से लिवर दान करना चाहता है. अस्पताल जल्द करेगा सर्जरी हाई कोर्ट ने अनुच्छेद 226 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर इस समय इजाजत नहीं दी गई, तो मरीज की जान जा सकती है. मानवीय आधार पर यह अनुमति देना बेहद जरूरी है. वहीं, ILBS अस्पताल ने कोर्ट को भरोसा दिया है कि वे आदेश का इंतजार कर रहे थे और अब बिना देरी किए जल्द ही सर्जरी की तारीख तय करेंगे. हिंदुस्तानीय संविधान का अनुच्छेद 226 क्या है? हिंदुस्तानीय संविधान का अनुच्छेद 226 (Article 226) हाई कोर्ट को दी गई एक बेहद शक्तिशाली और खास ताकत है. इसके तहत देश के किसी भी राज्य के हाई कोर्ट को यह अधिकार मिलता है कि वह नागरिकों के मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) की रक्षा के लिए और अन्य कानूनी अधिकारों को लागू करने के लिए आदेश या रिट जारी कर सके. ये भी पढ़ें: भरत तिवारी एनकाउंटर : भोजपुर में बहुजन महापंचायत का ऐलान, आखिर क्यों वायरल हो रहा यह पोस्टर? The post पिता की जान बचाने के लिए 17 साल के बेटे को कोर्ट ने दी लिवर डोनेट करने की इजाजत, जानें पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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हूल दिवस पर प्रभात खबर की विशेष प्रस्तुति की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की सराहना, एक्स पर किया साझा

Hul Diwas 2026: 30 जून को पूरे झारखंड समेत देशभर में हूल दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है. इस अवसर पर 1855-56 के ऐतिहासिक संताल हूल के महानायक शहीद सिदो-कान्हू, फूलो-झानों और चांद-भैरव को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है. हूल दिवस के मौके पर झारखंड-बिहार के नंबर-वन हिंदी अखबार नया विचार ने शहीद वीरों की स्मृति में एक विशेष प्रस्तुति प्रकाशित की, जिसे व्यापक सराहना मिल रही है. मुख्यमंत्री ने एक्स पर साझा की नया विचार की प्रस्तुति झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी नया विचार की इस विशेष पहल की प्रशंसा की. उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर नया विचार के 30 जून 2026 के विशेष संस्करण के पन्नों को साझा करते हुए अखबार की प्रस्तुति की सराहना की. मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा, “हूल की गौरवगाथा और झारखंड की ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का यह प्रयास सराहनीय है. इस पहल के लिए नया विचार की टीम को हूल जोहार और शुभकामनाएं.” मुख्यमंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर भी नया विचार की प्रस्तुति की चर्चा तेज हो गई. हूल की गौरवगाथा और झारखंड की ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का यह प्रयास सराहनीय है। इस पहल के लिए नया विचार की टीम को हूल जोहार और शुभकामनाएँ। pic.twitter.com/TofXnrLMIZ — Hemant Soren (@HemantSorenJMM) June 30, 2026 ‘लहू से लिखा हूल’ शीर्षक से प्रकाशित हुई विशेष प्रस्तुति नया विचार ने 30 जून 2026 के अंक में ‘लहू से लिखा हूल’ शीर्षक से विशेष पृष्ठ प्रकाशित किया है. इस प्रस्तुति में संताल हूल के इतिहास, शहीदों के संघर्ष, आदिवासी अस्मिता और आजादी की लड़ाई में उनके योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है. इतिहास, दस्तावेजों और शोधपरक तथ्यों पर आधारित इस विशेष प्रस्तुति को पाठकों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और बौद्धिक वर्गों से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है. नया विचार डिजिटल का विशेष वीडियो भी बना आकर्षण हूल दिवस के अवसर पर नया विचार डिजिटल ने भी विशेष वीडियो तैयार किया है. इस वीडियो में संताल हूल के इतिहास, उसके नायकों और उनके बलिदान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है. सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस वीडियो को भी सराहना मिल रही है. इसे भी पढ़ें: सखुआ की टहनी: संताल हूल की अनूठी संचार प्रणाली दूसरे मीडिया संस्थानों में भी हो रही चर्चा नया विचार की इस विशेष प्रस्तुति की चर्चा अन्य मीडिया संस्थानों में भी हो रही है. इतिहास और झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखकर तैयार किए गए इस विशेषांक की लोग खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं. हूल दिवस के अवसर पर प्रकाशित यह Hul Diwas 2026प्रस्तुति न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि है, बल्कि नई पीढ़ी को उनके संघर्ष, बलिदान और ऐतिहासिक योगदान से परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी मानी जा रही है. इसे भी पढ़ें: लहू से लिखा हूल: पहली बार नया विचार की पहल पर इतिहासकारों ने जोड़े हूल के बिखरे हिस्से The post हूल दिवस पर नया विचार की विशेष प्रस्तुति की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की सराहना, एक्स पर किया साझा appeared first on Naya Vichar.

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