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July 3, 2026

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बिहार में करनी है वेडिंग शॉपिंग? पटना का यह मार्केट है आपकी वन-स्टॉप डेस्टिनेशन

Wedding shopping in Patna: पटना की रहने वाली अनुष्का सिंह ने हाल ही में अपनी बड़ी बहन की शादी की पूरी शॉपिंग खेतान मार्केट से की. अपने इस अनुभव के आधार पर उन्होंने हमें इस मार्केट की खासियत, यहां मिलने वाली वैरायटी, बजट और खरीदारी से जुड़ी कई अहम बातें विस्तार से बताईं. अगर आप भी शादी की शॉपिंग की तैयारी कर रहे हैं, तो इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है. दुल्हन से लेकर पूरे परिवार के लिए मिलेंगे कपड़े Ai image खेतान मार्केट में दुल्हन के लिए डिजाइनर लहंगे, साड़ी, गाउन और सूट की बड़ी रेंज उपलब्ध रहती है. वहीं दूल्हे के लिए शेरवानी, कुर्ता-पायजामा, नेहरू जैकेट, जोधपुरी सूट और फॉर्मल सूट भी आसानी से मिल जाते हैं. इसके अलावा शादी में शामिल होने वाले रिश्तेदारों और मेहमानों के लिए भी हर उम्र और पसंद के अनुसार कपड़ों के कई विकल्प मौजूद हैं. बदलते फैशन के साथ बदल रहा है बाजार इस मार्केट में सोशल मीडिया और नए फैशन ट्रेंड की वजह से डिजाइनर लहंगों और मॉडर्न आउटफिट्स की मांग लगातार बढ़ रही है. इसी कारण कई दुकानों में सूरत जैसे बड़े टेक्सटाइल हब से नए-नए डिजाइन मंगाए जाते हैं, ताकि ग्राहकों को लेटेस्ट कलेक्शन मिल सके. हर बजट के लिए मौजूद हैं ढेरों विकल्प अगर बजट की बात करें तो यहां अलग-अलग कीमतों में शादी के कपड़े उपलब्ध हैं. डिजाइनर लहंगे करीब 5 हजार रुपये से शुरू होकर 30 से 40 हजार रुपये या उससे अधिक तक मिल जाते हैं. वहीं चिकन वर्क शेरवानी, जोधपुरी सूट और कलर्ड सूट की भी अच्छी रेंज देखने को मिलती है. शेरवानी आमतौर पर 10 से 20 हजार रुपये के बीच उपलब्ध है, जबकि कुर्ता-पायजामा और नेहरू जैकेट 5 से 15 हजार रुपये तक मिल जाते हैं. सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक कर सकते हैं खरीदारी अगर आप शादी या किसी बड़े पारिवारिक समारोह की खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो खेतान मार्केट एक अच्छा विकल्प हो सकता है. यह बाजार रोज सुबह 10 बजे खुलता है और रात करीब 9 बजे तक ग्राहकों के लिए खुला रहता है. यहां एक ही जगह पर कपड़ों की बड़ी वैरायटी और अलग-अलग बजट के विकल्प मिलने के कारण यह बाजार पटना ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. यह भी पढ़ें: बिहार की मधुबनी डिजाइन वाली इन चीजों से घर को दें देसी रॉयल टच, हर गेस्ट बोलेंगे वाह The post बिहार में करनी है वेडिंग शॉपिंग? पटना का यह मार्केट है आपकी वन-स्टॉप डेस्टिनेशन appeared first on Naya Vichar.

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3,4,5, 8 और 9 जुलाई को भारी बारिश, तेज हवा का अलर्ट, इन राज्यों में मानसून का कहर

Rain Warning: मौसम विभाग के मुताबिक 3 से 9 जुलाई के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है. हिमाचल प्रदेश में 3 जुलाई और 5 से 9 जुलाई के दौरान तेज बारिश की संभावना है. इस दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है. झोंके के साथ हवा की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक जाने की संभावना है. भारी बारिश की संभावना जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 3 से 5 जुलाई हिमाचल प्रदेश में 3 से 5 जुलाई और 8 से 9 जुलाई उत्तराखंड में 3 से 9 जुलाई उत्तर-पश्चिमी मैदानी राज्यों में बारिश का दौर मौसम विभाग के मुताबिक 3 से 9 जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में बारिश की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर के कुछ भागों में आगामी 5 से 7 दिन मानसून सक्रिय रह सकता है. अधिकांश इलाकों में जोरदार बारिश की संभावना है. अन्य राज्यों की बात करें तो हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में भी 6 से 8 जुलाई के दौरान अच्छी बारिश होगी. कुछ इलाकों में बारी बारिश भी हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 जुलाई और 8 से 9 जुलाई और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 9 जुलाई के दौरान हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है. आंधी-तूफान, तेज हवाएं और भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर पश्चिमी हिंदुस्तान के मैदानी राज्यों में इस दौरान आंधी-तूफान का भी दौर जारी रह सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 से 9 जुलाई और पश्चिमी राजस्थान में 4 से 9 जुलाई के दौरान आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है. वहीं झोंके के साथ हवा की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. भारी बारिश की संभावना हरियाणा, दिल्ली, पंजाब में 6 से 9 जुलाई के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3, 8 और 9 जुलाई पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 9 जुलाई पश्चिमी राजस्थान में 3 से 4 जुलाई पूर्वी राजस्थान में 8 से 9 जुलाई मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ समेत मध्य हिंदुस्तान में गरज चमक के साथ बारिश मौसम विभाग के मुताबिक 3 से 9 जुलाई के दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में काफी बड़े इलाके में या लगभग सभी जगहों पर बारिश होने की संभावना है. 3 से 7 जुलाई के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है. हवा की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटा और झोंकों के साथ 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है. भारी बारिश की संभावना पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 4 जुलाई पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 9 जुलाई विदर्भ में 6 से 7 जुलाई छत्तीसगढ़ में 4 से 8 जुलाई के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है. पूर्वी हिंदुस्तान में 3 से 9 जुलाई तक का मौसम हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि 3 से 9 जुलाई के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गंगीय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है. झारखंड और ओडिशा के कई इलाकों में 3 से 8 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. बिहार में 3 से 9 जुलाई के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. कई जगहों पर तेज हवा भी चलने की संभावना है. गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 3 से 7 जुलाई के बीच तेज हवा चल सकती है. वहीं बिहार में 5 से 6 जुलाई के दौरान गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. भारी बारिश की संभावना भारी बारिश की बात करें तो अंडमान-निकोबार और ओडिशा में 3 से 7 जुलाई उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7 से 9 जुलाई गंगीय पश्चिम बंगाल में 3, 4, 6 और 9 जुलाई झारखंड में 3 और 5 से 7 जुलाई 3 से 4 जुलाई के बीच ओडिशा में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है. 3 से 9 जुलाई को पश्चिमी हिंदुस्तान में कैसा रहेगा मौसम? हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक 3 से 9 जुलाई के दौरान गुजरात, कोंकण और गोवा में, 3 से 7 जुलाई के दौरान मध्य महाराष्ट्र में, 3 जुलाई को मराठवाड़ा में और 3 से 6 जुलाई के दौरान सौराष्ट्र और कच्छ में काफी जोरदार बारिश हो सकती है. इस दौरान कुछ इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है. हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा रह सकती है. वहीं, झोंके के साथ हवा की गति बढ़कर 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. 3 से 9 जुलाई तक दक्षिण प्रायद्वीपीय हिंदुस्तान के मौसम का पूर्वानुमान 3 से 9 जुलाई के दौरान तटीय कर्नाटक, केरल-माहे और लक्षद्वीप के कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है. रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में पूरे सप्ताह छिटपुट से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 6 से 9 जुलाई और तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 4 से 9 जुलाई के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. वहीं, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 3 से 5 जुलाई और तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 3 जुलाई को बड़े इलाके में बारिश का दौर जारी रह सकता है. आंधी-तूफान, तेज हवाएं और भारी बारिश का अलर्ट तमिलनाडु, पुडुचेरी-कराईकल और तेलंगाना में 3 से 5 जुलाई, तटीय कर्नाटक, उत्तर एवं दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा रायलसीमा में 3 से 9 जुलाई और तटीय आंध्र प्रदेश-यनम में 3 से 4 जुलाई के दौरान गरज-चमक, बिजली और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. भारी बारिश की बात करें तो तटीय आंध्र प्रदेश-यनम और तमिलनाडु में 3 से 4 जुलाई, केरल और माहे में 4 से 9 जुलाई, उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 3 से 8 जुलाई, दक्षिण

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2026 Renault Kwid भारत में हुई लॉन्च, कीमत ₹4.53 लाख से शुरू, CNG ऑप्शन भी मौजूद

फ्रेंच कार कंपनी Renault ने हिंदुस्तान में अपनी अपडेटेड 2026 Kwid को लॉन्च कर दिया है. इस एंट्री-लेवल हैचबैक की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 4.53 लाख रुपये रखी गई है. नई 2026 Renault Kwid को Evolution और Climber जैसे दो ट्रिम्स में पेश किया गया है. खास बात यह है कि दोनों ही वेरिएंट्स में आपको 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड AMT (ऑटोमैटिक) गियरबॉक्स का ऑप्शन मिलेगा. आइए इस कार से जुड़ी सारी डिटेल्स जानते हैं. 2026 Renault Kwid की कीमत 2026 Renault Kwid का बेस Evolution मैनुअल वेरिएंट 4.53 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होता है. वहीं Evolution AMT की कीमत 4.90 लाख रुपये रखी गई है. अगर आप Climber वेरिएंट लेना चाहते हैं, तो इसके मैनुअल मॉडल के लिए 5.15 लाख रुपये और AMT वेरिएंट के लिए 5.61 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) खर्च करने होंगे. नई 2026 Renault Kwid के मैनुअल वेरिएंट में CNG का ऑप्शन भी मौजूद है. कंपनी इसकी रेट्रोफिटेड CNG किट सिर्फ ₹70,450 की एक्स्ट्रा प्राइस पर ऑफर कर रही है. अच्छी बात यह है कि यह किट Renault के ऑथराइज्ड वर्कशॉप्स में ही लगाई जाएगी. इस CNG सेटअप पर 3 साल या 1 लाख किलोमीटर (जो पहले पूरा हो) की वारंटी भी दी जा रही है. 2026 Renault Kwid: एक्सटीरियर डिजाइन  अब इसमें नया 3D Renault बैज दिया गया है. साथ ही, 14-इंच स्टील व्हील्स पर नए ड्यूल-टोन प्लास्टिक व्हील कवर लगाए गए हैं. पीछे की तरफ भी बदलाव देखने को मिलता है, जहां ‘Kwid’ की बैजिंग अब नए सिल्वर फॉन्ट में दी गई है. हालांकि, बाकी एक्सटीरियर पहले जैसा ही रखा गया है. इसमें पहले की तरह आइब्रो-शेप LED DRLs, हैलोजन हेडलाइट्स, हैलोजन टेललाइट्स और फ्रंट-रियर बंपर्स बरकरार हैं. 2026 Renault Kwid: डायमेंशन्स  2026 Renault Kwid के डायमेंशन्स में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसकी लंबाई 3,731mm, चौड़ाई 1,579mm और ऊंचाई 1,474mm है, जबकि 2,422mm का व्हीलबेस इसे बेहतर केबिन स्पेस देने में मदद करता है. वहीं, 184mm का ग्राउंड क्लीयरेंस इसमें मौजूद है. सामान रखने के लिए इसमें 279 लीटर का बूट स्पेस मिलता है. 2026 Renault Kwid: इंटीरियर और फीचर्स 2026 Renault Kwid के केबिन में भी कुछ नए बदलाव देखने को मिले हैं. सबसे बड़ा अपडेट है नया 3-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, जिसे Renault Kiger से लिया गया है. इस स्टीयरिंग पर इंफोटेनमेंट सिस्टम को कंट्रोल करने के लिए बटन भी दिए गए हैं. इसके अलावा, केबिन का बाकी लेआउट पहले वाले मॉडल जैसा ही रखा गया है. फीचर्स की बात करें तो नई Kwid में 8-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है, जो Wired Android Auto और Apple CarPlay को सपोर्ट करता है. इसके साथ सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, मल्टी-इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले, मैनुअल एसी और चारों पावर विंडो जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं. वहीं, ब्लैक फैब्रिक सीट्स पर येलो एक्सेंट्स पहले की तरह बरकरार हैं. 2026 Renault Kwid: सेफ्टी फीचर्स अगर सेफ्टी की बात करें, तो बेस Evolution वेरिएंट में ड्यूल एयरबैग दिए गए हैं, जबकि टॉप Climber वेरिएंट में पूरे 6 एयरबैग मिलते हैं. इसके अलावा कार में रियर पार्किंग कैमरा और सेंसर, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), AMT वेरिएंट्स में हिल स्टार्ट असिस्ट, कीलेस एंट्री के साथ सेंट्रल लॉकिंग, ABS के साथ EBD और सीटबेल्ट रिमाइंडर जैसे कई जरूरी सेफ्टी फीचर्स भी दिए गए हैं.  2026 Renault Kwid: इंजन और गियरबॉक्स 2026 Renault Kwid में पहले वाला ही 1.0-लीटर, 3-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन मिलता है. यह इंजन 69hp की पावर और 92.5Nm का टॉर्क जनरेट करता है. ट्रांसमिशन के लिए आपको 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड AMT का ऑप्शन मिलता है. यह भी पढ़ें: जंगल सफारी के लिए टाटा मोटर्स ले कर आई Sierra EV Sanctuary Edition, मिलेंगे एडवेंचर-रेडी फीचर्स The post 2026 Renault Kwid हिंदुस्तान में हुई लॉन्च, कीमत ₹4.53 लाख से शुरू, CNG ऑप्शन भी मौजूद appeared first on Naya Vichar.

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India-Japan : जापान की PM क्यों आई हैं इंडिया? क्या चीन के खिलाफ कुछ पक रहा है?

India-Japan : हिंदुस्तान और जापान के बीच सालाना द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन 2006 से लगातार हो रहा है. समय के साथ, यह मुख्य रूप से नेतृत्वक बातचीत से आगे बढ़कर सुरक्षा, वित्तीय स्थिति, टेक्नोलॉजी, लोगों के बीच आपसी संबंध और क्षेत्रीय रणनीति जैसे कई क्षेत्रों में एक मजबूत और संस्थागत साझेदारी में बदल गया है.  2006 में हिंदुस्तान और जापान के रिश्ते को ‘Strategic and Global Partnership’ का दर्जा दिया गया था. बाद में 2014 में इसे और मजबूत करके ‘Special Strategic and Global Partnership’ बना दिया गया. और तब से सालाना शिखर सम्मेलन साझा प्राथमिकताओं को ठोस प्रोजेक्ट्स में बदलने का मुख्य जरिया बन गए हैं. जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची का हिंदुस्तान दौरा इसलिए अहम है क्योंकि यह रिश्ता सिर्फ दिखावटी कूटनीति नहीं है. यह एशिया में बदलती शक्ति के संतुलन को संभालने का एक मंच है. हिंदुस्तान और जापान की रणनीतिक सोच का मेल एक तरफ हिंदुस्तान की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’, ‘सागर’ (SAGAR) और ‘इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव’ पर आधारित है, तो दूसरी तरफ जापान के ‘फ़्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक’ विजन पर. व्यावहारिक तौर पर, यह शिखर सम्मेलन दोनों पक्षों को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में प्रतिरोध (deterrence), समुद्री सुरक्षा, सप्लाई चेन, टेक्नोलॉजी स्टैंडर्ड्स और संकट से निपटने की क्षमता (crisis resilience) जैसे मुद्दों पर तालमेल बिठाने का मौका देता है. India-Japan : विकास की साझी यात्रा  दोनों देशों के बीच संबंधों का विकास तीन मुख्य चरणों में हुआ है.  पहला चरण: सभ्यतागत सद्भावना और युद्ध के बाद सुलह पर आधारित था, जिसमें 1952 की शांति संधि के बाद राजनयिक संबंध शुरू हुए. दूसरा चरण: 2006 से शुरू हुआ, जिसमें सालाना शिखर सम्मेलन के जरिए नियमित नेतृत्वक गति बनी और रक्षा, बुनियादी ढांचे और आर्थिक कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार हुआ. तीसरा चरण: 2014 से शुरू हुआ, जिसमें संबंध और अधिक मजबूत और रणनीतिक हो गए हैं. इसमें रक्षा समझौते, 2+2 वार्ता, आर्थिक सुरक्षा पर बातचीत और सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिजों, AI और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करना शामिल है. यह विकास संस्थागत संबंधों के दायरे में भी साफ दिखता है. हिंदुस्तान और जापान के बीच अब 70 से ज़्यादा द्विपक्षीय वार्ता तंत्र हैं, 2018 से 2+2 मंत्री-स्तरीय प्रारूप है, और विदेश, रक्षा तथा आर्थिक-सुरक्षा चैनलों के माध्यम से लगातार समन्वय होता है. आर्थिक मोर्चे पर, जापान हिंदुस्तान में एक प्रमुख निवेशक और सबसे बड़ा द्विपक्षीय ODA (आधिकारिक विकास सहायता) देने वाला देश बना हुआ है, जबकि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना लंबे समय के रणनीतिक बुनियादी ढांचा सहयोग का एक प्रमुख उदाहरण है. इस प्रकार, यह संबंध दोस्ती पर आधारित कूटनीति से आगे बढ़कर नियमों पर आधारित और परियोजनाओं पर केंद्रित साझेदारी के रूप में परिपक्व हुआ है. यह भी पढ़ें : Pakistan: जिसको नाकारा, अब उसी पर दावा रणनीतिक कारण पहला, जापान एशिया में एक बैलेंसिंग पावर (संतुलन बनाने वाली ताकत) के तौर पर एक मजबूत हिंदुस्तान चाहता है. जापान को क्षेत्रीय दबाव, समुद्री रास्तों की सुरक्षा और बड़े इंडो-पैसिफिक सिस्टम की कमज़ोरी की गहरी चिंता है, इसलिए हिंदुस्तान के साथ करीबी रिश्ते दोनों देशों के लिए रणनीतिक दायरा बढ़ाने में मदद करते हैं. बदले में, हिंदुस्तान को समुद्री जागरूकता, रक्षा तकनीक और सप्लाई-चेन की मजबूती के लिए जापान के समर्थन से फ़ायदा होता है. दूसरा, यह दौरा आर्थिक-सुरक्षा लक्ष्यों को पूरा करता है. दोनों देश सेमीकंडक्टर, टेलीकॉम, फ़ार्मास्यूटिकल्स, जरूरी खनिजों और साफ ऊर्जा के क्षेत्रों में मजबूत सप्लाई-चेन बनाने पर काम कर रहे हैं, क्योंकि दोनों ही बाहरी सप्लायर्स पर अपनी निर्भरता कम करना चाहते हैं. यह सिर्फ व्यापारिक सहयोग नहीं है, यह इस सच्चाई का जवाब है कि तकनीक और सामग्री अब भू-नेतृत्वक दबाव बनाने के हथियार बन गए हैं. तीसरा, जापान का हिंदुस्तान के साथ जुड़ाव उसके अपने आर्थिक भविष्य के लिए एक सुरक्षा उपाय (हेज) है. हिंदुस्तान बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता, लेबर, बढ़ता बाज़ार और जापानी कंपनियों को ऐसे बाज़ारों से आगे बढ़कर अपने कारोबार को फैलाने का मौका देता है जो पहले से ही भरे हुए या सीमित हैं हिंदुस्तान में लगभग 1,500 जापानी कंपनियों की मौजूदगी और बढ़ता जापानी FDI यह दिखाता है कि यह कूटनीति के साथ-साथ औद्योगिक रणनीति का भी मामला है. चौथा, यह शिखर सम्मेलन क्षेत्रीय ढांचे को मज़बूत करता है। हिंदुस्तान-जापान की साझेदारी Quad को मजबूत करती है, इंडो-पैसिफिक में नियमों पर आधारित शासन का समर्थन करती है, और दोनों देशों को पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्वी एशिया और व्यापक हिंद महासागर के मामलों पर तालमेल बिठाने के लिए एक मंच देती है. इस लिहाज से, जापानी प्रधानमंत्री का यह दौरा सिर्फ औपचारिक गठबंधनों के बजाय आपसी सहयोग के जरिए एशिया में संतुलन बनाने के बारे में भी है. हिंदुस्तान-जापान: चीन का पहलू चीन फैक्टर को समझने के लिए इसे सीधी प्रतिस्पर्धा और क्षेत्रीय संतुलन के रूप में देखना चाहिए. हिंदुस्तान और जापान की हाल की बातचीत का एक बड़ा कारण यही है कि दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव और दबाव को लेकर चिंतित हैं. जापान के लिए चीन सबसे बड़ा रणनीतिक चुनौती-क्षेत्र है, क्योंकि पूर्वी और दक्षिणी चीन सागर में उसकी गतिविधियां लगातार चिंता बढ़ाती रही हैं. इसलिए जापान हिंदुस्तान को एक ऐसे साझेदार की तरह देखता है जो एशिया में शक्ति-संतुलन बना सके और समुद्री मार्गों की सुरक्षा में मदद कर सके. हिंदुस्तान के लिए भी चीन फैक्टर अहम है, लेकिन उसका स्वर थोड़ा अलग है. हिंदुस्तान सीधे टकराव से बचते हुए रणनीतिक स्वायत्तता रखता है, फिर भी वह चाहता है कि हिंद-प्रशांत में कोई एक देश दबदबा न बना ले. इसी वजह से हिंदुस्तान-जापान सहयोग सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक सुरक्षा जरूरत भी बन जाता है. इस दौरे में चीन का मुद्दा खुलकर हर बार नाम लेकर नहीं कहा जाता, लेकिन उसकी छाया साफ दिखती है. जापान की ‘Free and Open Indo-Pacific’ सोच, हिंदुस्तान के साथ रक्षा और समुद्री सहयोग, और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने की कोशिशें, इन सबके पीछे चीन की बढ़ती ताकत एक बड़ा कारण है. दूसरे शब्दों में, यह यात्रा सिर्फ दोस्ती बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि चीन-प्रेरित अनिश्चितता के जवाब में साझेदारी मजबूत करने के लिए भी है. आलोचनात्मक रूप से देखें तो हिंदुस्तान और जापान का चीन-फैक्टर पर मेल पूरी तरह एक जैसा नहीं है. जापान अमेरिका के साथ औपचारिक गठबंधन

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Ind vs Eng : क्या दूसरे टी20 में वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका? सैमसन के फॉर्म की वजह से बढ़ी डिमांड

Vaibhav Suryavanshi debut : वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू की बढ़ती मांग के बीच इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार को दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन पर अच्छे प्रदर्शन का दबाव रहेगा जो इस दौरे पर लगातार नाकाम साबित हो रहे हैं. पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था जिसमें हिंदुस्तान ने अभिषेक शर्मा और कप्तान श्रेयस अय्यर के अर्धशतकों की मदद से सात विकेट पर 189 रन बनाये थे . अगले कुछ मैचों में फोकस सैमसन पर रहेगा कि वह सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका दिये जाने की बढ़ती मांग के बीच अपनी उपयोगिता साबित कर पाते हैं या नहीं . सूर्यवंशी को रोकना अब मुश्किल सैमसन का प्रदर्शन अगर इसी तरह का रहा तो वैभव सूर्यवंशी को रोकना असंभव होगा क्योंकि उनकी प्रतिभा असाधारण है. अब सैमसन के लिए गलती की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है. ऐसे में टी20 विश्व कप का शानदार प्रदर्शन भी टीम में उनकी जगह की गारंटी नहीं हो सकता है. अभिषेक शर्मा ने पिछले तीन मैचों में से दो में 49 और 59 रन बना लिये हैं जिससे सारा दबाव अब सैमसन पर है.बारिश के कारण रद्द हुए पहले मैच में सैमसन ने सात गेंद में एक रन बनाया था और एक बार भी नहीं लगा कि वह आक्रामक स्पोर्ट्सने के मूड में हैं . सीम लेती पिचों पर तकनीक के मामले में उनकी कमजोरी सामने आती है . राजस्थान के टोंक के रहने वाले आयरलैंड के गुमनाम से तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने उनकी कमजोरी का फायदा उठाकर उनका विकेट लिया था. वैभव को लेकर कोई हड़बड़ी नहीं दिखाना चाहता है टीम मैनेजमेंट टीम प्रबंधन 15 वर्ष के सूर्यवंशी को लेकर कोई हड़बड़ी नहीं करना चाहता लेकिन अगले कुछ मैचों में उन्हें नहीं उतारा गया तो इस फैसले पर सवाल उठने तय हैं .सैमसन के अलावा तिलक वर्मा को भी मध्यक्रम में तेज स्पोर्ट्सना होगा. स्पिनरों के आने के बाद वह तेजी से रन नहीं बना पाते हैं. इस साल 12 टी20 में वह सिर्फ 12 छक्के लगा सके हैं और एक फिनिशर के लिये यह खराब आंकड़ा है. स्पिनरों की मददगार ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच पर गेंदबाजी में किसी बदलाव की संभावना नहीं है .इंग्लैंड के पास कप्तान हैरी ब्रूक, फिल साल्ट और टॉम बेंटोन जैसे शानदार बल्लेबाज हैं. इस मैच से पहले हालांकि एक ही यक्षप्रश्न क्रिकेटप्रेमियों के जेहन में है कि सूर्यवंशी को मौका मिलेगा या नहीं? ये भी पढ़ें : फीफा वर्ल्ड कप 2026: क्या रोनाल्डो लेंगे संन्यास? बहन के बयान ने बढ़ाई हलचल The post Ind vs Eng : क्या दूसरे टी20 में वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका? सैमसन के फॉर्म की वजह से बढ़ी डिमांड appeared first on Naya Vichar.

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कितनी अमीर हैं आमिर खान की होने वाली पत्नी, जानें गौरी स्प्रैट की नेटवर्थ

Gauri Spratt Net Worth: बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान 5 जुलाई को अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट संग शादी करने जा रहे हैं. वेडिंग प्राइवेट तरीके से घर पर होगी, जिसमें उनके दोस्त और फैमिली वाले ही शामिल होंगे. Who Is Gauri Spratt And Net Worth: कितनी है गौरी स्प्रैट की नेटवर्थ? गौरी स्प्रैट की मां तमिलियन हैं, जबकि पिता आयरिश मूल के हैं. उनके दादा हिंदुस्तानीय स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े हुए थे. मैजिक ब्रिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक आमिर खान की होने वाली दुल्हनिया की कुल संपत्ति 24 करोड़ रुपये से 40 करोड़ रुपये के बीच है. आमिर खान और गौरी स्प्रैट फोटो- इंस्टाग्राम Gauri Spratt Career: गौरी स्प्रैट का करियर गौरी स्प्रैट का करियर फैशन और ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़ा रहा है. उनकी मां रीटा बेंगलुरु में एक मशहूर ब्यूटी सेंटर चलाती थीं. गौरी ने अपने करियर की शुरुआत बेंगलुरु के गारमेंट डिजाइनिंग और क्लॉथ बाइंग से की थी. इसके बाद उन्होंने साल 2007 में मशहूर सैलून चेन BBlunt से जुड़कर नया सफर शुरू किया. यहां वह को-ओनर और मैनेजर की भूमिका में रहीं. फिलहाल गौरी मुंबई स्थित BBlunt के सैलून आउटलेट की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. Gauri Spratt A Mother Of Son: एक बेटे की मां है गौरी स्प्रैट गौरी ने यूनिवर्सिटी ऑफ आर्ट्स, लंदन से फैशन, स्टाइलिंग और फोटोग्राफी में पढ़ाई की है. इसके अलावा वह प्रोफेशनल हेयरड्रेसर भी रह चुकी हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, गौरी पहले शादीशुदा रह चुकी हैं और उनका 6 साल का एक बेटा भी है. आमिर खान और गौरी स्प्रैट, फोटो- इंस्टाग्राम Aamir Khan On Marraige With Gauri Spratt: गौरी संग शादी करने पर क्या बोले आमिर खान तीसरी शादी को लेकर मीडिया संग बात करते हुए आमिर खान ने कहा, “हां, मेरी शादी 5 जुलाई को हो रही है. यह बहुत ही छोटी और प्राइवेट वेडिंग होगी, जिसे हम अपने घर पर ही सेलिब्रेट करेंगे. 5 जुलाई हमारे लिए बेहद खास दिन है, इसलिए हमने इसे सिर्फ परिवार और करीबी दोस्तों के बीच रखने का फैसला किया है. इस शादी में दोनों परिवारों के लोग और कुछ खास दोस्त ही शामिल होंगे. हम इसे बिल्कुल सिंपल रखना चाहते हैं. बस आप सभी का प्यार, शुभकामनाएं और आशीर्वाद हमारे साथ बना रहे, यही चाहते हैं.” यह भी पढ़ें- पता नहीं डिटेल्स कैसे हुई लीक, गौरी स्प्रैट संग शादी की चर्चाओं पर बोले आमिर खान यह भी पढ़ें- न शोर-शराबा, न ग्रैंड फंक्शन… तीसरी शादी कैसे करेंगे आमिर खान, खुद बताया पूरा प्लान The post कितनी अमीर हैं आमिर खान की होने वाली पत्नी, जानें गौरी स्प्रैट की नेटवर्थ appeared first on Naya Vichar.

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AI पर भरोसा पड़ा भारी, इंसान ही आये इस ऑटो कंपनी के काम, जानें क्या हुई गलती

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर दुनिया भर में बड़ी-बड़ी बातें हो रही हैं. कई कंपनियां मान रही हैं कि AI आने वाले समय में लाखों नौकरियों की जगह ले सकता है. लेकिन अमेरिकी ऑटो कंपनी फोर्ड का हालिया अनुभव इस सोच पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. कंपनी ने ऑटोमेशन और AI पर भरोसा करते हुए कई कर्मचारियों की संख्या घटाई, लेकिन कुछ ही समय बाद उसे अपने फैसले पर दोबारा विचार करना पड़ा. क्वाॅलिटी से जुड़ी चुनौतियां बढ़ने के बाद फोर्ड ने 350 से ज्यादा अनुभवी इंजीनियरों को वापस काम पर बुला लिया. यह मामला अब दुनियाभर में AI और इंसानी अनुभव के बीच संतुलन को लेकर चर्चा का विषय बन गया है. AI से बढ़ानी थी रफ्तार, लेकिन क्वाॅलिटी बनी सबसे बड़ी चुनौती रिपोर्ट के मुताबिक फोर्ड ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं में एआई टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ाया था. कंपनी का मानना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिजाइन, प्रोडक्शन और क्वाॅलिटी कंट्रोल जैसे काम पहले से ज्यादा तेज और सटीक तरीके से कर सकेगा. इसी रणनीति के तहत कर्मचारियों की संख्या भी कम की गई. हालांकि कुछ समय बाद कंपनी को एहसास हुआ कि कई ऐसी तकनीकी और क्वाॅलिटी संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं, जिन्हें AI सिस्टम सही तरीके से पहचान नहीं पा रहा था. खासकर गाड़ियों की फिनिशिंग और छोटे तकनीकी दोषों को समझने में अनुभवी इंजीनियरों की कमी साफ नजर आने लगी. 350 से ज्यादा अनुभवी इंजीनियरों की हुई वापसी स्थिति बिगड़ने के बाद फोर्ड ने 350 से अधिक अनुभवी इंजीनियरों को दोबारा कंपनी में शामिल किया. इनमें कई ऐसे लोग भी थे जो पहले फोर्ड के साथ लंबे समय तक काम कर चुके थे. कंपनी का उद्देश्य सिर्फ कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना नहीं था, बल्कि वर्षों के अनुभव का फायदा उठाकर प्रोडक्ट की क्वाॅलिटी को बेहतर बनाना था. फोर्ड अब AI और मानव विशेषज्ञता को एक साथ इस्तेमाल करने की रणनीति पर काम कर रही है ताकि उत्पादन प्रक्रिया अधिक भरोसेमंद बन सके. कंपनी के अधिकारी ने मानी रणनीति में चूक फोर्ड के व्हीकल हार्डवेयर इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट चार्ल्स पून ने माना कि कंपनी ने AI की क्षमता का आकलन करते समय एक बड़ी गलती कर दी थी. उनके मुताबिक AI तभी प्रभावी साबित होता है, जब उसे सही डेटा और स्पष्ट निर्देश मिलें. लेकिन कई ऐसे फैसले होते हैं जहां इंसानी अनुभव, समझ और तकनीकी नजरिया मशीनों से कहीं ज्यादा उपयोगी साबित होता है. उनका कहना है कि कंपनी ने अनुभवी इंजीनियरों की भूमिका को कम करके आंका था, जबकि वास्तविक उत्पादन में उनकी विशेषज्ञता बेहद महत्वपूर्ण है. 900 AI कैमरे लगाए, फिर भी नहीं मिली पूरी सफलता फोर्ड ने अपनी फैक्ट्रियों में करीब 900 AI आधारित कैमरे भी लगाए थे. इनका उद्देश्य उत्पादन के दौरान होने वाली गड़बड़ियों को स्वतः पहचानना था ताकि गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सके. लेकिन कंपनी को बाद में महसूस हुआ कि मशीनें केवल उपलब्ध डेटा के आधार पर निर्णय लेती हैं, जबकि इंसान अपने अनुभव और व्यवहारिक समझ से कई ऐसी कमियां पकड़ लेते हैं जो AI की नजर से छूट सकती हैं. यही वजह रही कि कंपनी को मानव विशेषज्ञों की फिर से जरूरत महसूस हुई. CEO ने भी माना, इंसानी अनुभव की बराबरी अभी नहीं कर सकता AI फोर्ड के CEO जिम फार्ले ने भी स्वीकार किया कि अनुभवी इंजीनियरों की वापसी के बाद कंपनी के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है. उन्होंने बताया कि बेहतर इंजीनियरिंग की वजह से वारंटी क्लेम और रिकॉल से जुड़े खर्चों में कमी आई, जिससे कंपनी को आर्थिक फायदा भी हुआ. फोर्ड का यह अनुभव साफ संकेत देता है कि AI भविष्य का महत्वपूर्ण टूल जरूर है, लेकिन फिलहाल वह इंसानी अनुभव और रचनात्मक सोच का विकल्प नहीं बन सकता. आने वाले समय में सबसे सफल मॉडल वही होगा, जहां AI और इंसान मिलकर काम करेंगे. यह भी पढ़ें: AI के दौर में क्या बेकार हो जाएगा पैसा? ट्रिलियनेयर एलन मस्क की भविष्यवाणी ने दुनिया को चौंकाया यह भी पढ़ें: बंदे ने एग्जाम के बीच में मांगी ChatGPT से मदद, मिला ऐसा जवाब कि वायरल हो गया स्क्रीनशॉट The post AI पर भरोसा पड़ा भारी, इंसान ही आये इस ऑटो कंपनी के काम, जानें क्या हुई गलती appeared first on Naya Vichar.

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आलिया भट्ट ने बताया अपनी फिटनेस का राज, क्या आप भी पाना चाहती हैं ऐसा फिगर?

Alia Bhatt Fitness Routine: बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट इन दिनों अपनी फिल्म ‘अल्फा’ को लेकर चर्चा में हैं. फिल्म में उनका एक्शन अवतार लोगों को काफी पसंद आ रहा है. स्क्रीन पर उनकी स्पीड, फुर्ती और दमदार फिटनेस के पीछे कई महीनों की मेहनत छिपी है. हाल ही में आलिया ने अपने इंस्टाग्राम पर अपने वर्कआउट की कुछ झलकियां शेयर कीं, जिन्हें देखकर लोगों ने उनकी फिटनेस की खूब तारीफ की. अगर आप भी शरीर को मजबूत, एक्टिव और फिट बनाना चाहते हैं, तो आलिया के इस फिटनेस रूटीन से काफी कुछ सीख सकते हैं. ताकत और स्टैमिना बढ़ाने पर रहा पूरा फोकस View this post on Instagram A post shared by αlia bhatt 💛 (@aliaabhatt) आलिया का यह वर्कआउट सिर्फ वजन कम करने या स्लिम दिखने के लिए नहीं था. उन्होंने ऐसे वर्कआउट किए, जिनसे शरीर मजबूत बने, स्टैमिना बढ़े, बैलेंस बेहतर हो और हर तरह की बॉडी मूवमेंट आसान हो सके. फिल्म के एक्शन सीन के लिए उन्होंने फंक्शनल फिटनेस पर ज्यादा ध्यान दिया. बैंडेड स्क्वाट्स से पैरों को बनाया मजबूत आलिया ने रेजिस्टेंस बैंड और वेट्स की मदद से बैंडेड स्क्वाट्स किए. इससे पैरों, हिप्स और ग्लूट्स की ताकत बढ़ती है. साथ ही शरीर का बैलेंस भी बेहतर होता है. बॉक्सिंग ड्रिल्स से बढ़ाई स्पीड और फोकस एक्शन रोल के लिए बॉक्सिंग ड्रिल्स भी उनके वर्कआउट का हिस्सा रहीं. इससे हाथों की स्पीड, शरीर का तालमेल और फोकस बेहतर करने में मदद मिलती है. क्लैप पुश-अप्स से बढ़ाई अपर बॉडी की ताकत क्लैप पुश-अप्स एक ऐसा वर्कआउट है, जिसमें पुश-अप करते समय शरीर को ऊपर उठाकर ताली बजाई जाती है. इससे हाथ, कंधे और सीने की ताकत बढ़ती है और शरीर ज्यादा एक्टिव बनता है. केटलबेल स्विंग्स से मजबूत हुई कोर केटलबेल स्विंग्स की मदद से आलिया ने अपनी कोर मसल्स, पीठ और पैरों को मजबूत किया. यह एक्सरसाइज शरीर की ताकत बढ़ाने के साथ कैलोरी बर्न करने में भी मदद करती है. बैटल रोप्स से बढ़ाई एनर्जी बैटल रोप्स हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट का हिस्सा है. इससे कंधे, हाथ और पूरे शरीर की अच्छी एक्सरसाइज हो जाती है. साथ ही स्टैमिना बढ़ाने में भी मदद मिलती है. बारबेल स्क्वाट्स से मिली ज्यादा ताकत बारबेल स्क्वाट्स की मदद से आलिया ने पैरों, कमर और कोर को मजबूत बनाया. यह एक्सरसाइज पूरे शरीर की स्ट्रेंथ बढ़ाने में काफी मददगार मानी जाती है. बॉक्स जंप्स से बढ़ी फुर्ती बॉक्स जंप्स करने से पैरों की ताकत बढ़ती है और शरीर पहले से ज्यादा फुर्तीला बनता है. यह एक्सरसाइज बैलेंस और मूवमेंट को बेहतर बनाने में भी मदद करती है. रोइंग मशीन से किया फुल बॉडी वर्कआउट रोइंग मशीन पर एक्सरसाइज करने से पूरे शरीर की अच्छी कसरत हो जाती है. इससे स्टैमिना बढ़ता है और जोड़ों पर ज्यादा दबाव भी नहीं पड़ता. यह भी पढ़ें: 58 साल के अक्षय कुमार की फिटनेस देख लोग रह जाते हैं हैरान, जानिए उनका सीक्रेट The post आलिया भट्ट ने बताया अपनी फिटनेस का राज, क्या आप भी पाना चाहती हैं ऐसा फिगर? appeared first on Naya Vichar.

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पुलिस मुख्यालय के पत्र से नाराज वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सरकार की सुरक्षा लौटाई 

रांची से आनंद मोहन की रिपोर्ट  Radha Krishna Kishore: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए सुरक्षा गार्ड को हटा दिया. उन्होंने सुरक्षा से संबंधित सभी सुविधाओं को उन्होंने वापस लौटाया. पिछले पांच दिनों से वह बिना सुरक्षा के ही घूम रहे हैं. गुरुवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में भी वित्त मंत्री बिना सुरक्षा के ही पहुंचे. हालांकि, वह अभी भी मंत्री की प्रशासनी गाड़ी में घूम रहे हैं.  क्या है मामला: पुलिस मुख्यालय के पत्र से नाराज हैं मंत्री पुलिस मुख्यालय की ओर से वित्त विभाग को एक पत्र आया था, जिसमें कहा गया था कि सुरक्षा के एक वाहन को वापस लिया जाए. दरअसल, वित्त मंत्री की सुरक्षा में चार वाहन चल रहे थे. सुरक्षा में 16 सुरक्षा कर्मी तैनात थे. वित्त विभाग के संयुक्त सचिव ने इससे संबंधित पत्र वित्त मंत्री को भेज दिया. इसी से वित्त मंत्री की नाराजगी बढ़ी है. 16 सुरक्षा कर्मियों को तीन गाड़ियों में बैठाकर घुमाना व्यावहारिक नहीं है. इसके बाद वित्त मंत्री ने सुरक्षा से संबंधित सभी सुविधाएं लौटा दीं. यह भी पढ़ें: झारखंड कैबिनेट का फैसला: 12 से कम पंचायत वाले प्रखंडों में अब बीडीओ-सीओ में से कोई एक ही यह भी पढ़ें: हजारीबाग प्रतिभा सम्मान: 936 टॉपरों को नया विचार ने किया सम्मानित, बोले- आज के समय में ‘स्मार्ट’ बनना जरूरी यह भी पढ़ें: RIMS News: रिम्स में MBBS, PG और सुपर स्पेशियलिटी सीटों में होगी बढ़ोतरी, केंद्र से मांगी जाएगी मदद The post पुलिस मुख्यालय के पत्र से नाराज वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रशासन की सुरक्षा लौटाई  appeared first on Naya Vichar.

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सरकार ने ई-रिक्शा की बैटरी को हैक करने वाले ऐप्स को हटाने का आदेश दिया

E-rickshaw : प्रशासन ने बैटरी से चलने वाली गाड़ियों को रिमोटली डिसेबल करने में गलत इस्तेमाल हो रहे BAT-BMS, लॉसिगी, इपोक-आई-आयन एप को हटाने का आदेश दिया. यह जानकारी पीटीआई न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से दी है. News Alert! Government orders removal of BAT-BMS, Lossigy, Epoch-i-ion apps being misused in remotely disabling battery-operated vehicles: Sources pic.twitter.com/wZ9GJ9Dt7f — Press Trust of India (@PTI_News) July 3, 2026 ऐप स्टोर को सावधानी बरतनी चाहिए : सचिव इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस कृष्णन ने शुक्रवार को कहा कि ऐप स्टोर को नुकसान पहुंचाने वाले एप्लिकेशन को यूजर्स तक पहुंचने से रोकने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए. ई-रिक्शा से जुड़े फ्रॉड से कथित तौर पर जुड़े ऐप्स पर एक सवाल का जवाब देते हुए कृष्णन ने कहा कि कल हमारे ध्यान में कुछ ऐप्स आए. उन दोनों को ऐप स्टोर से हटा दिया गया है. यह टिप्पणी डिजिटल एप्लिकेशन के गलत इस्तेमाल से कनेक्टेड डिवाइस में दखल देने और साइबर फ्रॉड को बढ़ावा देने पर बढ़ती चिंताओं के बीच आई है. उन्होंने कहा कि हम ऐप स्टोर के साथ इस पर बात करेंगे ताकि यह देखा जा सके कि संभावित रूप से नुकसान पहुंचाने वाले ऐप न आएं ई-रिक्शा के काम को किया जा रहा था बाधित पिछले कुछ दिनों से ऐसी शिकायतें सामने आ रही थीं जिसमें यह बताया जा रहा था कि ई-रिक्शा ड्राइवरों को अचानक रिक्शा बंद हो जाने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. कुछ ऐप का गलत इस्तेमाल ई-रिक्शा के काम में प्रैंक करने या दखल देने के लिए किया जा रहा था, जिससे अचानक दिक्कतें हो रही थीं. इसकी वजह से ड्राइवरों और यात्रियों के लिए सुरक्षा की चिंताएं पैदा हुईं. ये भी पढ़ें : बेंगलुरु : IT कंपनी के डेकेयर में बच्चों से दुर्व्यवहार, रोने पर बच्चों को वाशिंग मशीन और बाथरूम में किया जाता था बंद The post प्रशासन ने ई-रिक्शा की बैटरी को हैक करने वाले ऐप्स को हटाने का आदेश दिया appeared first on Naya Vichar.

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