Hot News

July 11, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल में यूसीसी मसौदे की समीक्षा के लिए बनी 9 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी, जानें किनको बनाया गया सदस्य

WB UCC Draft Committee: पश्चिम बंगाल प्रशासन ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) के मसौदा विधेयक की गहन जांच और समीक्षा करने के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है. समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी. राज्य प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस प्रस्तावित कानून के व्यापक सामाजिक-विधिक असर और विशाल स्वरूप को देखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है. 2 जुलाई को कैबिनेट की बैठक में लिया गया था फैसला पश्चिम बंगाल प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि समिति का गठन 2 जुलाई को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये फैसले के आधार पर किया गया है. यह समिति प्रस्तावित विधेयक का विस्तार से अध्ययन करेगी और अपनी सिफारिशें राज्य प्रशासन को सौंपेगी. इसके बाद ही विधेयक को अंतिम रूप देकर आगे की विधायी प्रक्रिया शुरू की जायेगी. संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत की गयी पहल प्रशासन ने अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि यह पहल हिंदुस्तानीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य के नीति निर्देशक तत्वों को ध्यान में रखते हुए की गयी है, जो नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का निर्देश देता है. प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य धर्म, आस्था या समुदाय से परे जाकर शादी, तलाक, विरासत, वसीयत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत दीवानी मामलों को नियंत्रित करने के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है. ये भी पढ़ें: बंगाल विधानसभा में आज UCC विधेयक पर महासंग्राम, ममता और रीतब्रत गुट में नंबर-1 बनने की होड़ समिति में शामिल प्रमुख हस्तियां 9 सदस्यीय समिति में अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई के अलावा जिन प्रमुख विशेषज्ञों को शामिल किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं. मेघालय के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय पूर्व आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह स्थानिक आयुक्त दुष्यंत नरियाला गृह व पर्वतीय मामलों की प्रधान सचिव संघमित्रा घोष शिक्षाविद् डॉ रत्ना भट्टाचार्य गौर बंग विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति गोपालचंद्र मिश्रा अधिवक्ता उस्मान गनी मल्लिक निर्माल्य भट्टाचार्य ये भी पढ़ें: समान नागरिक संहिता के लिए बंगाल प्रशासन तैयार, जानें इसके सियासी समीकरण और कानूनी चुनौतियों के बारे में यूसीसी लागू करने वाला चौथा राज्य बनेगा बंगाल वर्ष 2014 के बाद से उत्तराखंड, गुजरात और असम तीन राज्यों ने यूसीसी को अपनाया है. यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो पश्चिम बंगाल ऐसा करने वाला देश का चौथा राज्य बन जायेगा. पश्चिम बंगाल के यूसीसी विधेयक का प्रारूप काफी हद तक उत्तराखंड और असम के जैसा ही है. वर्ष 2026 के बंगाल विधानसभा चुनावों में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने अपने घोषणापत्र में यूसीसी लागू करने का वादा किया था. The post बंगाल में यूसीसी मसौदे की समीक्षा के लिए बनी 9 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी, जानें किनको बनाया गया सदस्य appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

वियतनाम नाव हादसा: पीएम मोदी ने जताया दुख, बोले- पीड़ितों की मदद में जुटे भारतीय अधिकारी

Vietnam Boat Accident: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए एक्स पर लिखा- “वियतनाम के फू क्वोक के पास हिंदुस्तानीय नागरिकों की नाव दुर्घटना की दुखद समाचार सुनकर बहुत दुख हुआ. जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. घायल बचे लोगों के जल्द ठीक होने की मैं प्रार्थना करता हूं. हमारा दूतावास और वाणिज्य दूतावास हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं. हमारे अधिकारी वियतनाम के अधिकारियों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं.” कैसे हुआ हादसा? वियतनामी न्यूज पोर्टल ‘वीएन एक्सप्रेस इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट के मुताबिक स्पीडबोट 32 हिंदुस्तानीय पर्यटकों और चालक दल के 4 सदस्यों को लेकर ‘होन मे रुट’ (Hon May Rut) से ‘एन थोई पोर्ट’ (An Thoi Port) की तरफ जा रही थी. इसी दौरान, ‘होन मे रुट न्गोई’ से लगभग 400 मीटर की दूरी पर नाव अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे उस पर सवार सभी लोग समुद्र में गिर गए. स्थानीय मीडिया का दावा है कि इस हादसे में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है. हिंदुस्तानीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर हनोई में स्थित हिंदुस्तानीय दूतावास ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि समुद्र में युद्धस्तर पर तलाश और बचाव अभियान चलाया जा रहा है. हालांकि, दूतावास ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं की है. दूतावास ने ट्वीट किया, “आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वियतनाम में फु क्वोक द्वीप के पास कुछ घंटे पहले पलटी नाव में ये 32 हिंदुस्तानीय पर्यटक सवार थे. हम हताहतों के बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं और जल्द ही अपडेट देंगे.” वोट में सवार लोगों की सूची भी जारी की गई है. जिसे आप एक्स पोस्ट में देख सकते हैं. ये भी पढ़ें: वियतनाम के फु क्वोक आइलैंड के पास नाव पलटने से 15 हिंदुस्तानीय टूरिस्ट की मौत, बचाव कार्य जारी The post वियतनाम नाव हादसा: पीएम मोदी ने जताया दुख, बोले- पीड़ितों की मदद में जुटे हिंदुस्तानीय अधिकारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

20 हजार की सैलरी में भी हर महीने बचा सकते हैं 5 हजार रुपये, 90% लोग नहीं अपनाते ये आसान तरीका

Money Saving Tips: आज के समय में बढ़ती महंगाई के बीच कम सैलरी में हर महीने बचत करना आसान नहीं है. खासकर उन लोगों के लिए जो नौकरी के कारण अपने घर से दूर रहते हैं और किराया, खाना, यात्रा और रोजमर्रा के खर्च खुद उठाते हैं. हालांकि, अगर सही तरीके से बजट बनाया जाए और गैर-जरूरी खर्चों पर नियंत्रण रखा जाए, तो 20 हजार रुपये की मासिक सैलरी में भी हर महीने 5 हजार रुपये तक बचाए जा सकते हैं. आइए जानते हैं कुछ आसान और असरदार तरीके. सबसे पहले बचत को दें प्राथमिकता अक्सर लोग पहले खर्च करते हैं और महीने के अंत में जो बचता है, उसे सेव करने की कोशिश करते हैं. यह तरीका ज्यादा कारगर नहीं होता. बेहतर होगा कि सैलरी मिलते ही 5 हजार रुपये अलग बैंक खाते में ट्रांसफर कर दें. इस खाते को रोजमर्रा के UPI या ऑनलाइन पेमेंट से लिंक न करें. इससे बचत का पैसा सुरक्षित रहेगा और अनावश्यक खर्च भी कम होगा. ऑनलाइन शॉपिंग पर रखें नियंत्रण ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्स पर मिलने वाले ऑफर और डिस्काउंट कई बार जरूरत से ज्यादा खरीदारी करा देते हैं. अगर आप वास्तव में बचत करना चाहते हैं, तो केवल जरूरत होने पर ही शॉपिंग करें. बार-बार ऐप्स देखने और बिना योजना के खरीदारी करने से बचें. इससे हर महीने अच्छी-खासी रकम बचाई जा सकती है. छोटे-छोटे खर्चों पर भी रखें नजर चाय, स्नैक्स, कैब, फूड डिलीवरी और अन्य छोटे खर्च महीने के अंत तक बड़ी रकम बन जाते हैं. हर खर्च का हिसाब रखें और कोशिश करें कि गैर-जरूरी खर्चों को कम किया जाए. इससे बजट संभालना आसान हो जाएगा. कैश से खर्च करने की आदत डालें डिजिटल पेमेंट की सुविधा ने खर्च करना बेहद आसान बना दिया है. कई बार लोग बिना सोचे-समझे पैसे खर्च कर देते हैं. जरूरी खर्चों के लिए तय राशि नकद निकालकर रखें. जब हाथ में सीमित पैसे होंगे, तो खर्च करने से पहले सोचने की आदत बनेगी. किराया और जरूरी खर्च पहले तय करें अगर आप पीजी या किराए के मकान में रहते हैं, तो ऐसा विकल्प चुनें जो आपकी आय के अनुसार हो. सैलरी का एक हिस्सा पहले से किराया, बिजली, यात्रा और अन्य जरूरी बिलों के लिए अलग रखें. इससे महीने के बीच में आर्थिक परेशानी नहीं होगी. बाहर खाने के बजाय घर का खाना चुनें बार-बार बाहर खाना या फूड डिलीवरी मंगाना बजट बिगाड़ सकता है. अगर संभव हो, तो घर पर खाना बनाएं या टिफिन की सुविधा लें. इससे हर महीने खाने पर होने वाला खर्च काफी कम किया जा सकता है. हर महीने बजट बनाएं और उसकी समीक्षा करें एक डायरी या मोबाइल ऐप में महीने भर के सभी खर्च लिखें. महीने के अंत में देखें कि सबसे ज्यादा पैसा कहां खर्च हुआ. इस आदत से अगली बार खर्चों को बेहतर तरीके से नियंत्रित करना आसान होगा और बचत भी बढ़ेगी. इमरजेंसी फंड बनाना न भूलें हर महीने की बचत को सिर्फ बैंक में रखने के बजाय धीरे-धीरे एक इमरजेंसी फंड तैयार करें. यह फंड नौकरी जाने, बीमारी या किसी अचानक आने वाले खर्च के समय आर्थिक सुरक्षा देने में मदद करेगा. यह भी पढ़ें: क्या आपका बच्चा भी ChatGPT से करता है होमवर्क? इन 5 बातों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी The post 20 हजार की सैलरी में भी हर महीने बचा सकते हैं 5 हजार रुपये, 90% लोग नहीं अपनाते ये आसान तरीका appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बारुईपुर में बोले शुभेंदु अधिकारी- मॉब लिंचिंग नहीं, इंद्रजीत मंडल की हत्या हुई, परिवार को नियुक्ति पत्र और 25 लाख का चेक सौंपा

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 11 वर्षीय लड़की का शव बरामद होने के बाद इंद्रजीत मंडल की हत्या को शनिवार को ‘लिंचिंग’ (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) मानने से इनकार करते हुए कहा कि ‘हत्या’ से पहले उसकी पहचान सुनिश्चित कर ली गयी थी. संबंधित मामले में दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या कर दी गयी थी और शव को बोरे में भरकर एक तालाब में फेंक दिया गया था. बच्ची का शव बरामद होने के कुछ घंटे बाद गुस्साये स्थानीय लोगों ने उसकी मौत में शामिल होने के संदेह में मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. इंद्रजीत के पिता को सीएम ने दिया 25 लाख का चेक शुभेंदु अधिकारी ने पीट-पीटकर मारे गये व्यक्ति के परिजन को नियुक्ति पत्र और 25 लाख रुपए का चेक सौंपने के बाद शनिवार को यह टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि मंडल के बड़े भाई को नागरिक स्वयंसेवक के पद का नियुक्ति पत्र और उसके माता-पिता को 25 लाख रुपए का चेक सौंपा गया है. मॉब लिंचिंग मामले में अब तक 5 गिरफ्तार : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने इससे पहले कहा था कि ऑटो रिक्शा चालक इंद्रजीत मंडल निर्दोष था. उसकी पीट-पीटकर हत्या करने में शामिल लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जायेगा. इस मामले में अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि तस्वीरों या वीडियो फुटेज में जिन लोगों की पहचान की जा सकी है, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. ये भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी के दौरे से पहले बारुईपुर मॉब लिंचिंग मामले में 3 और गिरफ्तार इंद्रजीत की मौत भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किये जाने के कारण नहीं हुई. उसकी हत्या से पहले उसकी पहचान सुनिश्चित कर ली गयी थी. हो सकता है कि चुनाव में जनता द्वारा नकारे गये लोगों ने हिंसा भड़कायी हो. इसके अलावा, मैं कट्टरपंथी सांप्रदायिक ताकतों की मौजूदगी की संभावना से भी इनकार नहीं कर रहा हूं. जांच से सच्चाई सामने आयेगी और इसमें शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. – शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ने हमें हरसंभव मदद का दिया आश्वासन : बापी मंडल इंद्रजीत मंडल के बड़े भाई बापी मंडल ने कहा- मुख्यमंत्री ने हमें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है. उन्होंने मुझे नियुक्ति पत्र दिया और नौकरी करने को कहा. यह बारुईपुर पुलिस जिले में नागरिक स्वयंसेवक के पद पर नियुक्ति का पत्र है. ये भी पढ़ें: बारुईपुर कांड : शुभेंदु अधिकारी ने डीजीपी से 72 घंटे में मांगी रिपोर्ट, कहा- कट्टरपंथी और देश विरोधी ताकतों ने भड़कायी हिंसा दुष्कर्म-हत्या मामले में दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा : सीएम इससे पहले मुख्यमंत्री ने मृतक नाबालिग के माता-पिता से उनके घर पर मुलाकात की और उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की है. परिवार ने अपनी शिकायत में 4 लोगों के नाम बताये थे. सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है. जांच के बाद जो भी दोषी पाये जायेंगे, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी. बच्ची का शव मिलने के बाद बारुईपुर में हुआ था बवाल मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के दौरे के दौरान बारुईपुर पुलिस जिले के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सूर्यपुर में एक नयी ग्रामीण पुलिस चौकी का उद्घाटन किया. 4 जुलाई को लापता हुई लड़की का शव अगले दिन सूर्यपुर हाट इलाके में एक बोरे में मिला था. इसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शनकारियों ने बारुईपुर-जयनगर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया. टायर जलाये और पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ की. ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी ने एक शख्स को जड़ा थप्पड़, बारुईपुर कांड के विरोध में निकली रैली में बवाल, चले अंडे, चोर-चोर के नारे भी लगे तोड़फोड़ मामले में 35 से अधिक गिरफ्तार रविवार (4 जुलाई) को बच्ची का शव बरामद होने के कुछ घंटे बाद गुस्साये लोगों ने उसकी मौत में शामिल होने के संदेह में इंद्रजीत मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी. बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इनमें से एक प्रभाष मंडल मंगलवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. लड़की का शव मिलने के बाद हुई तोड़फोड़ में शामिल होने के आरोप में पुलिस अब तक 35 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. The post बारुईपुर में बोले शुभेंदु अधिकारी- मॉब लिंचिंग नहीं, इंद्रजीत मंडल की हत्या हुई, परिवार को नियुक्ति पत्र और 25 लाख का चेक सौंपा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राम मंदिर चंदा घोटाला, कांग्रेस ने कहा- आस्था के नाम पर हुई सिस्टमेटिक लूट

Ram Mandir donation theft case : अयोध्या के राम मंदिर में हुई चंदा चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी प्रशासन और ट्रस्ट पर हमला बोला है. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यदि छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो किसी भी तरह की जानकारी सार्वजनिक करने में हिचक क्यों है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा पारदर्शिता से बनता है, न की खामोशी से. यह सिर्फ नेतृत्व नहीं, आस्था का भी सवाल कांग्रेस नेता सिंघवी ने कहा कि यह मुद्दा केवल नेतृत्वक नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि यदि दान की रकम में चोरी हुई है तो यह सच्ची श्रद्धा के साथ विश्वासघात है. उन्होंने कहा कि जवाबदेही तय किए बिना केवल चुप्पी साध लेना लोगों के विश्वास को कमजोर करता है. ‘सुनियोजित लूट’ का लगाया आरोप कांग्रेस नेता सिंघवी ने आरोप लगाया कि इस मामले में सिर्फ निचले स्तर के आठ कर्मचारियों गिरफ्तारी कर कार्रवाई पूरी मान ली गई, जबकि असली जिम्मेदार अब भी सवालों के घेरे से बाहर हैं. उन्होंने दावा किया कि यह कोई सामान्य चूक नहीं बल्कि सुनियोजित और संगठित तरीके से लूट की गई है, जो सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी में हुई. सिंघवी ने सवाल उठाया कि जिन अधिकारियों की निगरानी में यह सब हुआ, उनकी जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई. पुराने मामले की जांच पर फिर उठे सवाल कांग्रेस नेता सिंघवी ने कहा कि चंपत राय , अनिल मिश्रा और गोविंद गिरि की जबावदेही क्यों नहीं तय की गई, क्योंकि प्रशासन इन लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि एसआईटी केवल दिखावे के लिए गठित की गई है. सिंघवी कहा कि यदि पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्षता से जांच नहीं हुई तो लोगों के मन में संदेह बना रहेगा. यह भी पढ़ें- राम मंदिर चंदा विवाद : स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को करेगा सुनवाई The post राम मंदिर चंदा घोटाला, कांग्रेस ने कहा- आस्था के नाम पर हुई सिस्टमेटिक लूट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘अपनी औकात में रहो’, हॉकी इंडिया महासचिव ने असुंता लकड़ा को धमकाया

पूर्व हिंदुस्तानीय स्त्री हॉकी टीम की कप्तान असुंता लकड़ा ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. लकड़ा ने दावा किया कि उन्हें एक यौन उत्पीड़न मामले में आवाज उठाने के कारण धमकाया गया और उनके हॉकी करियर को खत्म करने की चेतावनी दी गई. लकड़ा के अनुसार, 9 मई को शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच उन्हें भोलानाथ सिंह का फोन आया था. उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान महासचिव ने उनसे कहा, “असुंता, अपनी औकात में रहो. जितना बोलना चाहिए, उतना ही बोलो.” ‘मैं लड़कियों की सुरक्षा के लिए बोल रही हूं’ लकड़ा ने कहा कि बाद में वह अपने पति के साथ महासचिव के कार्यालय भी गई थीं. वहां उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी के निजी मामलों में दखल नहीं दे रही हैं, बल्कि युवा स्त्री खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए आवाज उठा रही हैं. उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का नाम कई लड़कियों के साथ जुड़ना गंभीर चिंता का विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. ‘करियर रुकवा दूंगा’ कहकर दी धमकी पूर्व कप्तान का आरोप है कि मुलाकात के दौरान भोलानाथ सिंह ने उन्हें सीधे तौर पर धमकाते हुए कहा, “मैं तुम्हारा हॉकी करियर रुकवा दूंगा.” लकड़ा ने सवाल उठाया कि क्या खिलाड़ियों को ऐसी धमकियां सहते हुए चुप रहना चाहिए, जबकि वे खिलाड़ियों की सुरक्षा और हितों की बात कर रहे हों. सुधीर गोला के खिलाफ भी लकड़ा का गंभीर आरोप चयनकर्ता असुंता लकड़ा ने पूर्व कोच सुधीर गोला पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. लकड़ा ने कहा कि सुधीर गोला के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हैं और स्त्री खिलाड़ी डरी हुई हैं, फिर भी उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है. उनका दावा है कि गोला लड़कियों के हॉस्टल में देर रात पहुंचे थे और खिलाड़ियों को लाइन में खड़ा होने के लिए कहा था, साथ ही कोर्ट जाने की धमकी भी दी थी. लकड़ा के मुताबिक, खिलाड़ियों ने लिखित बयान भी दिए हैं, लेकिन कार्रवाई के बजाय शिकायत उठाने वालों को ही धमकियां मिल रही हैं. उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत झारखंड के स्पोर्ट्स मंत्री और मुख्यमंत्री से भी की गई थी. लकड़ा ने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति पर आरोप हैं, वही जांच प्रक्रिया से जुड़ा दिखाई दे रहा है, जो निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है. देश के लिए स्पोर्ट्सने का किया जिक्र असुंता लकड़ा ने कहा कि उन्होंने हिंदुस्तान के लिए स्पोर्ट्सा है, पदक जीते हैं और देश की सेवा की है. ऐसे में खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर आवाज उठाना उनका अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है. उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर बोलने वालों को ही धमकाया जाएगा, तो यह स्पोर्ट्स व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है. यौन उत्पीड़न मामले को लेकर बढ़ा विवाद लकड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे एक कोच को बचाने की कोशिश की जा रही है. उनके इन आरोपों के बाद हॉकी प्रशासन और स्पोर्ट्स जगत में नया विवाद खड़ा हो गया है. मामले पर हॉकी इंडिया की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है. ये भी पढ़ें: एशियन गेम्स के लिए स्त्री हॉकी टीम का चयन, चयनकर्ता असुंता को रखा गया अलग The post ‘अपनी औकात में रहो’, हॉकी इंडिया महासचिव ने असुंता लकड़ा को धमकाया appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

10वीं के बाद बनना है इंजीनियर? ये हैं बिहार के टॉप सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज

Top Polytechnic College In Bihar: बिहार में पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है. BCECE ने अभी 8 जुलाई को ही पहले राउंड का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी किया है. यानी जिन स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिया था, उन्हें रैंक के हिसाब से कौन सा कॉलेज मिला है, इसकी पहली लिस्ट आ चुकी है. एडमिशन लेने से पहले सभी स्टूडेंट्स चाहते हैं कि उन्हें कोई प्रशासनी कॉलेज अलॉट हो, कम पैसे में कोर्स कर पूरा हो जाए.  ये हैं बिहार के टॉप पॉलिटेक्निक कॉलेज  बिहार के टॉप पॉलिटेक्निक कॉलेजों की बात करें, तो प्रशासनी पॉलिटेक्निक कॉलेज सबसे बेस्ट माने जाते हैं. यहां फीस बिल्कुल न के बराबर होती है. साथ ही साथ लैब्स और फैकल्टी बेहतरीन होते हैं. बिहार के वैसे स्टूडेंट्स जो कम पैसे में पॉलिटेक्निक करना चाहते है, वो 10वीं परीक्षा पास करने के बाद एडमिशन ले सकते है. पूरे बिहार में वैसे तो कुल 46 प्रशासनी पॉलिटेक्निक कॉलेज हैं, जिसे बेसिक स्ट्रक्चर, पढ़ाई का लेवल और प्लेसमेंट के मामले में बढ़िया माना जाता है. यहां हम उन्ही में से 4-5 कॉलेजों के बारे में बताते हैं. न्यू गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज, पटना प्रशासनी पॉलिटेक्निक कॉलेज की लिस्ट में पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया स्थित न्यू गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज राज्य का नंबर 1 कॉलेज माना जाता है. यहां सिविल, मैकेनिकल और कंप्यूटर साइंस जैसे ब्रांच में एडमिशन ले सकते हैं. इस कॉलेज का प्लेसमेंट रिकॉर्ड सबसे बेहतर माना जाता है. Bhagalpur Polytechnic College Fee Detail गवर्नमेंट वीमेन्स पॉलिटेक्निक कॉलेज, पटना पटना के फुलवारी शरीफ में विशेष रूप से छात्राओं के लिए भी एक प्रशासनी पॉलिटेक्निक कॉलेज है, जो लड़कियों को इंजीनियरिंग क्षेत्र में सुरक्षित और बेहतरीन पढ़ाई का सुविधा देता है. इस कॉलेज में खासकर सिविल, इलेक्ट्रीकल एंड कंप्यूटर साइंस जैसे ब्रांच में एडमिशन की सुविधा उपलब्ध हैं. ये रहे कुछ टॉप प्रशासनी कॉलेज जहां आप एडमिशन ले सकते हैं. इसके अलावे भी बिहार के अलग-अलग जिलों में बहुत सारे प्रशासनी कॉलेज हैं, जिसकी फीस बहुत कम रखी गई है. इसकी जानकारी संबंधित कॉलेज और BCECE Board के ऑफिशियल वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in से ले सकते हैं.  यह भी पढ़ें- हिंदी में कर सकते हैं AI की पढ़ाई, IIT Madras ने शुरू किया नया कोर्स The post 10वीं के बाद बनना है इंजीनियर? ये हैं बिहार के टॉप प्रशासनी पॉलिटेक्निक कॉलेज appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सतलुज विवाद :127 कट्स,तीन बार बदला नाम,30 साल पहले लापता बैंक कर्मचारी की कहानी 48 घंटे में गायब

Satluj Film controversy : शुक्रवार की शाम अक्सर मैं और मेरा एक साथी किसी अच्छी फिल्म के साथ बिताते हैं. इस शुक्रवार हमने सतलुज देखने का प्लान किया. बाहर रिमझिम बारिश, सामने टीवी की स्क्रीन और मूड बिल्कुल फिल्मी. लेकिन इस बार कहानी शुरू होने से पहले ही खत्म हो गई. क्योंकि वो अब गायब कर दी गई थी. गूगल किया, तो बस इतना मालूम हुआ कि फिल्म हटा ली गई है. मगर क्यों? इसका कोई जवाब कहीं नहीं मिला. मालूम हुआ कि फिल्म 30 साल पहले लापता हुए एक व्यक्ति की कहानी पर आधारित है. अभी तक हमने तो हमेशा यही सुना था कि ‘गड़े मुर्दे नहीं उखाड़ते’, लेकिन यहां तो है इतिहास के उन मुर्दों को फिर से दफनाने की कोशिश हो रही है… नया विचार की स्पेशल स्टोरी सीरीज़ में आज हम उसी फैसले की पूरी तहकीकात करेंगे. जानेंगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि 127 कट्स, तीन बार नाम बदलने और चार साल तक थिएटर में रिलीज का इंतज़ार करने के बाद भी दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ जब OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई, तो उसे महज 48 घंटे के भीतर ही वहां से हटाना पड़ गया. कौन थे जसवंत सिंह खालड़ा? 1990 का दशक… पंजाब आतंकवाद, अलगाववाद और पुलिस अभियानों के बीच झुलस रहा था. गोलियों की आवाज और बम धमाकों से आम लोगों का जीवन अस्तव्यस्त था. हालात ऐसे की सैकड़ों परिवार दर-दर भटक रहे थे. इस बीच समाचारें आई कि पंजाब के कई इलाकों से बड़ी संख्या में युवा लापता हो रहे थे. दावा किया जा रहा था पुलिस उनका फर्जी मुठभेड़ कर रही है. एक बैंक कर्मचारी ने इन दावों और सवालों के जबाब तलाशने की जिम्मेवारी उठाई. जिसका नाम था जसवंत सिंह खालड़ा. 1952 में पंजाब के में जन्मे खालड़ा पेशे से बैंक कर्मचारी थे, लेकिन सामाजिक जीवन में वे शिरोमणि अकाली दल की मानवाधिकार इकाई से भी जुड़े हुए थे. यही जुड़ाव उन्हें उन सावालों तक ले आया था. जब प्रशासनी रिकॉर्ड ने खड़े कर दिए सवाल खालड़ा ने लापता लोगों के मामलों की पड़ताल शुरू की. उनकी जांच उन्हें पंजाब के श्मशान घाटों और नगर निगम के रिकॉर्ड तक ले गई. महीनों तक दस्तावेज खंगालने के बाद उन्होंने दावा किया कि 1984 से 1994 के बीच हजारों लावारिस शवों का अंतिम संस्कार किया गया. उनका आरोप था कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जिन्हें कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से मारने के बाद उनकी पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी. 16 जनवरी 1995 को चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इन दस्तावेजों को सार्वजनिक किया. यह दावा उस समय पंजाब पुलिस के लिए बड़ा आरोप था. हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिन लोगों को लापता बताया जा रहा है, उनमें से कई फर्जी दस्तावेजों के सहारे विदेश चले गए हैं और उनकी गुमशुदगी का ठीकरा पुलिस पर फोड़ा जा रहा है. लेकिन खालड़ा पीछे हटने को तैयार नहीं थे. उन्होंने पुलिस को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी. और फिर एक दिन… खालड़ा खुद लापता हो गए 6 सितंबर 1995 की सुबह, अमृतसर स्थित अपने घर के बाहर जसवंत सिंह खालड़ा कार धो रहे थे. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तभी एक सफेद वाहन वहां आकर रुका. कुछ हथियारबंद लोग उतरे और खालड़ा को अपने साथ ले गए. इसके बाद उन्हें फिर कभी जीवित नहीं देखा गया. शुरुआत में पंजाब पुलिस ने किसी भी तरह की गिरफ्तारी या अपहरण से इनकार किया. लेकिन खालड़ा की पत्नी परमजीत कौर ने हार नहीं मानी. उन्होंने अपहरण का मामला दर्ज कराया और लगातार न्यायालय का दरवाजा खटखटाती रहीं. क्योंकि उसे अपने पति पर पूरा भरोसा था और पुलिस के इरादों से भी वो वाकिफ थी. वैसे भी जो व्यक्ति सिस्टम से लड़ रहा हो, सिस्टम उसको उसको लेकर कितना फ्रिकमंद रहता है. इसे कौन नहीं जानता… खैर कहानी में आगे बढ़ते हैं… CBI की जांच में क्या सामने आया? पुलिस की जांच बिरबल की खिचड़ी की तरह पक रही थी. पुलिस के इरादे से वाकिफ परमजीत कौर ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और मामला पंजाब पुलिस से लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपा गया. CBI ने शुरू से जांच की और खालड़ा के पड़ोसी किरपाल सिंह रंधावा के बायन को आधार बनाया. किरपाल सिंह ने अपने बयान में दावा किया था कि खालड़ा के अपहरण में पंजाब पुलिस के अधिकारी शामिल थे. CBI को स्पेशल पुलिस ऑफिसर कुलदीप सिंह और अन्य गवाहों के बयान भी मिले. कुलदीप सिंह ने दावा किया कि खालड़ा को अवैध रूप से थाने में रखा गया, उनसे पूछताछ की गई और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में उनके साथ मारपीट हुई. उन्होंने यह भी कहा कि एक दिन गोली चलने की आवाज सुनने के बाद उन्होंने खालड़ा को खून से लथपथ देखा. CBI सारा स्पोर्ट्स समझ गई थी और उसने अपनी रिपोर्ट में बताया कि खालड़ा का अपहरण, अवैध हिरासत और हत्या पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारियों द्वारा की गई थी. जांच और अदालती सुनवाई के बाद इस मामले में कई पुलिस अधिकारियों को दोषी ठहराया गया. खालड़ा सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, एक सवाल बन गए जसवंत सिंह खालड़ा का शव कभी बरामद नहीं हुआ. लेकिन उनकी जांच ने उन हजारों कथित लावारिस शवों और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया. CBI ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में 2,097 ऐसे अंतिम संस्कारों का उल्लेख किया, जिनकी पहचान और मौत की परिस्थितियों पर खालड़ा ने सवाल उठाए थे. यही वजह है कि आज, तीन दशक बाद भी जसवंत सिंह खालड़ा का नाम केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि पंजाब के उस दौर के सबसे विवादित अध्यायों में से एक है. 127 कट्स… तीन नाम और 48 घंटे का सफर जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी सिर्फ अदालतों और जांच एजेंसियों तक सीमित नहीं रही. करीब तीन दशक बाद जब निर्देशक हनी त्रेहान ने इस कहानी को सिनेमा के पर्दे पर लाने की कोशिश की, तो विवाद एक बार फिर उसके साथ चल पड़ा. फिल्म का पहला नाम ‘घल्लूघारा’ रखा गया था. पंजाब के इतिहास में यह शब्द सिखों के कथित नरसंहार के संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता है. बाद में

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

वियतनाम के फु क्वोक आइलैंड के पास नाव पलटने से 15 भारतीय टूरिस्ट की मौत, बचाव कार्य जारी

वियतनाम के फु क्वोक आइलैंड के पास 32 हिंदुस्तानीय टूरिस्ट को ले जा रही एक नाव पलट गई है. वियतनाम में स्थित हिंदुस्तानीय दूतावास की ओर से यह जानकारी एक्स पर पोस्ट करके दी गई है. दूतावास के पोस्ट में कहा गया है कि एक दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम में फु क्वोक आइलैंड के पास कई हिंदुस्तानीय टूरिस्ट को ले जा रही एक नाव पलट गई. घटना की सही जानकारी का पता लगाया जा रहा है और स्थानीय अधिकारियों द्वारा सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. हिंदुस्तानीय दूतावास ने यह जानकारी भी दी है कि वे स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं. न्यूज एजेंसी एपी के अनुसार इस बोट पर 32 लोग सवार थे जिनमें से 15 की मौत हो गई है, जबकि अन्य को बचा लिया गया है. दूतावास ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर हिंदुस्तानीय दूतावास की ओर से यह कहा गया है कि जानकारी और मदद देने के लिए हो ची मिन्ह सिटी में हिंदुस्तान के कॉन्सुलेट जनरल और हनोई में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं. दूतावास ने पहले कंट्रोल रूम तक पहुंचने के लिए ये नंबर दिए हैं: 84362817930, 84915523714 और 84334520414. हनोई में दूसरे कंट्रोल रूम से 84913089165 पर संपर्क किया जा सकता है. समाचार अपडेट हो रही है… The post वियतनाम के फु क्वोक आइलैंड के पास नाव पलटने से 15 हिंदुस्तानीय टूरिस्ट की मौत, बचाव कार्य जारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बदल रहा है ट्रेंड! साइंस स्ट्रीम में बढ़ी बेटियों की संख्या, सरकार ने जारी किए आंकड़े

STEM Education In India: हिंदुस्तान में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स (STEM) शिक्षा के फील्ड में लगातार विकास हो रहा है. शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में STEM कोर्सेज में कुल रजिस्ट्रेशन बढ़कर 1.02 करोड़ (101.9 लाख) हो गया है. साथ ही, इन कोर्सेज में छात्राओं की भागीदारी भी बढ़कर 44% तक पहुंच गई है. एक दशक में बढ़ा STEM का नामांकन जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2014-15 में STEM कोर्सेज में 91.5 लाख छात्रों का रजिस्ट्रेशन था, जो 2023-24 में बढ़कर 101.9 लाख हो गया. इससे स्पष्ट है कि देश में STEM शिक्षा के प्रति स्टूडेंट्स का क्रेज बढ़ा है. छात्राओं की भागीदारी में भी इजाफा STEM शिक्षा में छात्राओं की हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ी है. 2014-15 में जहां छात्राओं की भागीदारी 38% थी, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 44% हो गई. इसी अवधि में छात्रों की हिस्सेदारी 62% से घटकर 56% रह गई. ये आंकड़े दिखाते हैं कि STEM एजुकेशन में जेंडर इक्वालिटी आ रही है. क्या है STEM शिक्षा? STEM का मतलब Science (विज्ञान), Technology (प्रौद्योगिकी), Engineering (इंजीनियरिंग) और Mathematics (गणित) है. इन विषयों से जुड़े कोर्स छात्रों को इनोवेशन, रिसर्च, टेक्निकल विकास और फ्यूचर की नौकरियों के लिए तैयार करते हैं. क्या कहते हैं ये आंकड़े? STEM पाठ्यक्रमों में कुल नामांकन 91.5 लाख से बढ़कर 101.9 लाख हुआ. छात्राओं की भागीदारी 38% से बढ़कर 44% पहुंची. हिंदुस्तान का STEM इकोसिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है. साइंस और टेक्नोलॉजी शिक्षा में स्त्रीओं की बढ़ती भागीदारी भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है. यह भी पढ़ें- 10 साल में 94 हजार प्रशासनी स्कूल घटे, NITI आयोग ने खोली शिक्षा व्यवस्था की पोल The post बदल रहा है ट्रेंड! साइंस स्ट्रीम में बढ़ी बेटियों की संख्या, प्रशासन ने जारी किए आंकड़े appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top