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July 11, 2026

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मेजर ध्यानचंद से रचिन रवींद्र तक, PM मोदी ने बताया भारत-न्यूजीलैंड का खास खेल कनेक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने न्यूजीलैंड दौरे के दौरान शुक्रवार को ऑकलैंड में हिंदुस्तानीय समुदाय को संबोधित करते हुए हिंदुस्तान-न्यूजीलैंड संबंधों और स्पोर्ट्स सहयोग पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड ऐसा देश है, जहां प्रतिभा का सम्मान किया जाता है और लोगों को आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम में स्पोर्ट्स रहे हिंदुस्तानीय मूल के खिलाड़ियों रचिन रवींद्र, ईश सोढ़ी और एजाज पटेल का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और स्पोर्ट्स संबंधों की मजबूत कड़ी हैं. मेजर ध्यानचंद को किया याद प्रधानमंत्री ने हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड के बीच लंबे स्पोर्ट्स संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 100 साल पहले हिंदुस्तानीय हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर गई थी. उस दौरे में मेजर ध्यानचंद के शानदार प्रदर्शन ने न्यूजीलैंड के लोगों का दिल जीत लिया था और उनकी हॉकी की हर तरफ चर्चा हुई थी. रग्बी में सहयोग बढ़ाने की वकालत पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच स्पोर्ट्स साझेदारी की अपार संभावनाएं बताते हुए कहा कि हिंदुस्तान रग्बी जैसे स्पोर्ट्सों में न्यूजीलैंड के अनुभव से सीखना चाहता है. उन्होंने हाल ही में भुवनेश्वर में आयोजित न्यूजीलैंड रग्बी और हिंदुस्तान रग्बी के संयुक्त कोचिंग कार्यक्रम को सकारात्मक शुरुआत बताया. स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी में भी साझेदारी की संभावना उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय रग्बी टीम ऑल ब्लैक्स की हालिया सफलता प्रेरणादायक है और हिंदुस्तान को रग्बी में आगे बढ़ने के लिए विशेषज्ञों तथा कोचों की जरूरत है. इसके अलावा पीएम मोदी ने स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के एक स्पोर्ट्स स्टार्टअप कार्यक्रम में उन्हें कई नवाचार और नए विचार देखने को मिले, जिन पर दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं. ये भी पढ़ें: MCG में दिखी हिंदुस्तान-ऑस्ट्रेलिया दोस्ती की झलक, PM मोदी ने स्टीव वॉ को दिया खास तोहफा The post मेजर ध्यानचंद से रचिन रवींद्र तक, PM मोदी ने बताया हिंदुस्तान-न्यूजीलैंड का खास स्पोर्ट्स कनेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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सोना, जमीन और करोड़ों की दौलत, जानिए किस मंदिर के पास है कितना खजाना

Richest Temple in India: शायद ज्यादातर लोगों का जवाब ना में ही होगा. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि हिंदुस्तान के कुछ मंदिरों के पास इतनी दौलत है, जितनी कई बड़ी कंपनियों और राज्यों के सालाना बजट के बराबर मानी जाती है. इनमें सोना, चांदी, करोड़ों रुपये की नकदी, हजारों एकड़ जमीन और बड़े निवेश शामिल हैं. आइए जानते हैं हिंदुस्तान के सबसे अमीर मंदिरों के बारे में और समझते हैं कि किस मंदिर के पास कितनी संपत्ति है. कौन-सा मंदिर है सबसे अमीर? सबसे पहले नाम आता है आंध्र प्रदेश के तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर का. TTD व्हाइट पेपर के मुताबिक इस मंदिर ट्रस्ट की कुल संपत्ति करीब ₹2.26 लाख करोड़ है. इसमें सोने की जमा राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट, जमीन और निवेश शामिल हैं. मंदिर की सालाना आय ₹5,100 करोड़ से ज्यादा है, जबकि हर साल करीब ₹1,500 करोड़ का दान मिलता है. यहां 3 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर (PC: Social Media) बाकी बड़े मंदिरों की कमाई कितनी है? देश के अन्य बड़े मंदिर भी संपत्ति और आय के मामले में काफी आगे हैं. शिरडी साईं बाबा मंदिर (महाराष्ट्र) की अनुमानित संपत्ति ₹2,500 से ₹3,000 करोड़ है. इसकी सालाना आय ₹400 से ₹700 करोड़ के बीच रहती है. ट्रस्ट अस्पताल, स्कूल और कई सामाजिक कल्याण योजनाएं भी चलाता है. गुरुवायूर मंदिर (PC: Wikipedia) श्री माता वैष्णो देवी श्राइन (जम्मू-कश्मीर) की संपत्ति ₹2,000 करोड़ से ज्यादा है. वित्त वर्ष 2023-24 में इसकी कुल आय ₹683 करोड़ रही, जबकि सिर्फ चढ़ावे और दान से ₹255 करोड़ मिले. यहां की आय का बड़ा हिस्सा यात्रा, ठहरने और हेलीकॉप्टर सेवा से भी आता है. सिद्धिविनायक मंदिर (PC: Official Website) इस सूची में और कौन-कौन से मंदिर शामिल हैं? इनके अलावा स्वर्ण मंदिर (अमृतसर), काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी), जगन्नाथ मंदिर (पुरी), सोमनाथ मंदिर (गुजरात), अयोध्या राम मंदिर, मीनाक्षी अम्मन मंदिर (मदुरै), सबरीमाला अयप्पा मंदिर (केरल) और महाकालेश्वर मंदिर (उज्जैन) भी देश के सबसे संपन्न मंदिरों में गिने जाते हैं. हालांकि इन मंदिरों की कुल संपत्ति का आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन इनके पास हजारों एकड़ जमीन, कीमती आभूषण और करोड़ों रुपये की संपत्ति है. अयोध्या राम मंदिर को उद्घाटन के बाद से ₹3,500 करोड़ से ज्यादा का दान मिल चुका है. सबरीमाला अयप्पा मंदिर तीर्थ सीजन के दौरान हर साल ₹300 करोड़ से ज्यादा का संग्रह करता है. वहीं स्वर्ण मंदिर को हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये का दान मिलता है, काशी विश्वनाथ मंदिर की अनुमानित संपत्ति ₹500 करोड़ से अधिक बताई जाती है, जगन्नाथ मंदिर के पास हजारों एकड़ जमीन और बहुमूल्य आभूषण हैं, सोमनाथ मंदिर की संपत्ति भी सैकड़ों करोड़ रुपये आंकी जाती है, जबकि महाकालेश्वर मंदिर को हर साल करोड़ों रुपये का चढ़ावा मिलता है. आखिर मंदिरों के पास इतनी संपत्ति कैसे आई? इन मंदिरों की संपत्ति सिर्फ आज के दान की वजह से नहीं है. सदियों से श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे, सोना-चांदी, जमीन, निवेश और ट्रस्ट की वित्तीय योजनाओं ने इनकी संपत्ति को लगातार बढ़ाया है. यही वजह है कि आज ये मंदिर सिर्फ आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि देश के सबसे संपन्न धार्मिक संस्थानों में भी शामिल हैं. ये भी पढ़ें: एक प्लेन क्रैश के बाद बदल गई खिड़कियों की डिजाइन, जानिए क्यों The post सोना, जमीन और करोड़ों की दौलत, जानिए किस मंदिर के पास है कितना खजाना appeared first on Naya Vichar.

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दार्जिलिंग में भूस्खलन के बाद NH 55 बंद, 250 लोग राहत शिविरों में, टॉय ट्रेन की सेवा ठप

उत्तर बंगाल में लगातार 3 दिन से हो रही वर्षा के कारण दार्जिलिंग की पहाड़ियों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. तिनधरिया और मिरिक क्षेत्र में भूस्खलन की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 55 (NH 55) बंद हो गयी है. तिनधरिया में मलबा गिरने से एक घर, एक ट्रक और 2 बाइक मलबे में दब गये. सुरक्षा कारणों से दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे यानी टॉय ट्रेन सेवा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. मिरिक-सुखिया पोखरी मार्ग पर जगह सड़कें धंसीं मिरिक-सुखिया पोखरी मार्ग पर भी कई जगह सड़कें धंस गयी हैं. दुधिया का पुराना ब्रिज भी वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है, ऐसी सूचना आ रही है. एनडीआरएफ की टीम राहत और बचाव कार्य में लगीं जिला प्रशासन और NDRF की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं. मिरिक और नागराकाटा इलाके से अब तक 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकालकर मिरिक, कलिम्पोंग में बनाये गये 3 राहत शिविरों में रखा गया है. ये भी पढ़ें: बंगाल पर ‘मॉन्स्टर मानसून’ का खतरा, 72 घंटे में कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल में मूसलाधार वर्षा का अलर्ट मलबा हटाने में जुटे पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी पश्चिम बंगाल प्रशासन के आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि प्रभावित परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता और अस्थायी आवास दिया जायेगा. सड़कों से मलबा हटाने के लिए PWD और स्थानीय एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं. मौसम विभाग का अलर्ट IMD ने दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसका मतलब यह है कि इन जिलों में अत्यधिक बारिश होने की संभावना है. विभाग के अनुसार, अगले 24-48 घंटे में भारी बारिश जारी रह सकती है, जिससे और भू-स्खलन होने की आशंका है. ये भी पढ़ें: बंगाल की खाड़ी में गहराया निम्न दबाव, समुद्र में उठीं ऊंची लहरें, 9 जुलाई तक वर्षा का अलर्ट पुलिस ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर दार्जिलिंग पुलिस ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर +91 91478 89078 जारी किया है. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास न जाने और जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है. अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लगातार वर्षा को देखते हुए प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है. The post दार्जिलिंग में भूस्खलन के बाद NH 55 बंद, 250 लोग राहत शिविरों में, टॉय ट्रेन की सेवा ठप appeared first on Naya Vichar.

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गर्म तेल के छींटों से हर बार जल जाता है हाथ? जानिए बचाव का आसान तरीका

Kitchen Tips: हिंदुस्तानीय रसोई में तड़का सिर्फ स्वाद बढ़ाने का तरीका नहीं, बल्कि कई व्यंजनों की पहचान भी है. दाल, सब्जी, कढ़ी या चटनी, तड़के के बिना इनका स्वाद अधूरा लगता है. हालांकि तड़का लगाते समय सबसे बड़ी परेशानी तब होती है, जब गर्म तेल अचानक उछलने लगता है. इससे हाथ या चेहरे पर तेल के छींटे पड़ सकते हैं और गैस स्टोव व किचन भी गंदा हो जाता है. अगर आप भी इस समस्या से परेशान रहते हैं, तो कुछ आसान किचन टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं. आखिर तेल क्यों उछलता है? गर्म तेल में जब पानी या नमी वाली कोई चीज पहुंचती है, तो वह तुरंत भाप में बदल जाती है. इसी प्रक्रिया के कारण तेल तेजी से उछलने लगता है. कई बार कढ़ाई में बची हल्की नमी, गीला चम्मच या हरी मिर्च, करी पत्ता, प्याज और लहसुन जैसी सामग्री में मौजूद पानी इसकी वजह बनता है. नमक की आसान ट्रिक रसोई से जुड़े कई लोगों का मानना है कि तेल अच्छी तरह गर्म होने के बाद उसमें एक छोटी चुटकी नमक डालने से छींटे कुछ हद तक कम हो सकते हैं. माना जाता है कि नमक अतिरिक्त नमी को कम करने में मदद करता है, जिससे तेल का उछाल घट सकता है. हालांकि नमक की मात्रा बहुत कम रखें, क्योंकि ज्यादा नमक खाने के स्वाद को भी प्रभावित कर सकता है. इन बातों का भी रखें ध्यान तड़का लगाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि कढ़ाई पूरी तरह सूखी हो. धोने के बाद उसे कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें और कुछ सेकंड खाली गर्म कर लें. इसके अलावा हमेशा सूखे चम्मच और कलछी का ही इस्तेमाल करें. अगर तड़के में हरी मिर्च, करी पत्ता या लहसुन डालना है, तो उन्हें पहले अच्छी तरह सुखा लें, ताकि अतिरिक्त नमी तेल में न जाए. तेल को जरूरत से ज्यादा गर्म न करें बहुत अधिक गर्म तेल में छींटे पड़ने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए तेल को केवल उतना ही गर्म करें, जितना मसालों को चटकाने के लिए जरूरी हो. अगर तेल से धुआं निकलने लगे, तो आंच तुरंत कम कर दें. सुरक्षित तरीके से लगाएं तड़का तड़का लगाते समय कढ़ाई से थोड़ा दूरी बनाकर खड़े रहें और एक साथ बहुत ज्यादा सामग्री तेल में न डालें. जरूरत पड़ने पर ढक्कन को हल्के से सामने रखकर छींटों से बचाव किया जा सकता है. इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर आप न सिर्फ सुरक्षित तरीके से खाना बना सकते हैं, बल्कि अपनी रसोई को भी साफ-सुथरा रख सकते हैं. यह भी पढ़ें: Kitchen Tips: फ्रिज में रखा खाना बार-बार गर्म करके खाते हैं? पहले जान लें इससे होने वाले नुकसान The post गर्म तेल के छींटों से हर बार जल जाता है हाथ? जानिए बचाव का आसान तरीका appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड हाईकोर्ट से चार सब-रजिस्ट्रार को राहत, विभागीय कार्यवाही और चार्ज मेमो रद्द

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद और गोविंदपुर में डिस्ट्रिक्ट सब-रजिस्ट्रार और सब-रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत रहे चार अधिकारियों को राहत दी है. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने संतोष कुमार, सुजीत कुमार, मिहिर कुमार और श्वेता कुमारी के खिलाफ शुरू की गयी विभागीय कार्यवाही और जारी चार्ज मेमो को रद्द कर दिया. अदालत ने स्पष्ट किया कि निबंधन अधिकारी का काम जमीन के विक्रेता के मालिकाना हक यानी टाइटल की जांच करना नहीं है. ऐसे में जमीन के पुराने और नये सर्वे खाता-प्लॉट नंबर में अंतर को लेकर अधिकारियों के खिलाफ कदाचार का मामला नहीं बनता. हाईकोर्ट ने चारों अधिकारियों की रिट याचिकाएं स्वीकार कर लीं. जमीन निबंधन में गड़बड़ी पर शुरू हुई थी जांच मामले की शुरुआत सात अगस्त 2020 को हुई एक शिकायत से हुई थी. रमेश कुमार राही नामक व्यक्ति ने धनबाद जिला अवर निबंधक कार्यालय और विभिन्न अंचल कार्यालयों में जमीन के निबंधन और म्यूटेशन में अनियमितता की शिकायत की थी. इसके बाद राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव ने धनबाद के उपायुक्त को जांच का निर्देश दिया. जांच समिति ने रिपोर्ट सौंपी और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया. आरोप था कि वर्ष 2017 से 2020 के बीच निबंधित कई दस्तावेजों में पुराने सर्वे खाता और प्लॉट नंबर का नये सर्वे खाता-प्लॉट नंबर से मिलान नहीं था. साथ ही आरोप लगाया गया कि निबंधन दस्तावेजों के साथ संलग्न कागजात का संबंधित अंचल कार्यालय से सत्यापन नहीं कराया गया. अधिकारियों ने कहा, टाइटल की जांच हमारा काम नहीं चारों अधिकारियों ने विभाग को दिये जवाब में कहा था कि जमीन के टाइटल और खतियान या रिकॉर्ड ऑफ राइट्स की जांच निबंधन अधिकारी के अधिकार और कर्तव्य के दायरे में नहीं आती है. इसके बावजूद वर्ष 2023 और 2025 में चार्ज मेमो जारी किये गये और झारखंड प्रशासनी सेवक नियमावली, 2016 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गयी. इसके खिलाफ चारों अधिकारी झारखंड हाईकोर्ट पहुंचे. सभी याचिकाओं में समान कानूनी सवाल होने के कारण अदालत ने मामलों की एक साथ सुनवाई की और साझा आदेश पारित किया. रजिस्ट्रार को टाइटल तय करने का अधिकार नहीं हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के के. गोपी बनाम सब-रजिस्ट्रार मामले के फैसले का उल्लेख किया. अदालत ने कहा कि निबंधन अधिकारी को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि दस्तावेज निष्पादित करने वाले व्यक्ति के पास संबंधित संपत्ति का मालिकाना हक है या नहीं. यदि सभी प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी हैं और निर्धारित स्टांप शुल्क व निबंधन शुल्क जमा किया गया है, तो निबंधन अधिकारी केवल टाइटल के सवाल पर दस्तावेज का निबंधन करने से इनकार नहीं कर सकता. रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 21 में भी निबंधन अधिकारी पर खाता और प्लॉट नंबर की स्वतंत्र रूप से सत्यता जांचने का दायित्व नहीं डाला गया है. तीन से पांच साल की देरी पर भी कोर्ट ने उठाया सवाल अदालत ने विभागीय कार्यवाही शुरू करने में हुई लंबी देरी को भी गंभीरता से लिया. हाईकोर्ट ने पाया कि मूल शिकायत वर्ष 2020 में हुई और उसी वर्ष जांच रिपोर्ट के बाद अधिकारियों ने अपना जवाब भी दे दिया था. इसके बावजूद चार्ज मेमो तीन से पांच साल बाद जारी किया गया. अदालत ने कहा कि विभाग की ओर से इस लंबी और असामान्य देरी का संतोषजनक कारण नहीं दिया गया. ऐसी देरी से संबंधित अधिकारियों को गंभीर नुकसान और पूर्वाग्रह का सामना करना पड़ता है. इसे भी पढ़ें: श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सेहत पर रहेगी नजर, देवघर और जसीडीह स्टेशन पर 24 घंटे तैनात रहेंगे दो डॉक्टर भ्रष्टाचार, मिलीभगत या आर्थिक लाभ का आरोप नहीं हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि चारों अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही, अनुचित लाभ पहुंचाने, भ्रष्ट उद्देश्य, मिलीभगत या निजी आर्थिक लाभ का कोई आरोप नहीं है. अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के अमरेश श्रीवास्तव मामले के फैसले का भी हवाला दिया. सभी तथ्यों और कानूनी प्रावधानों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने चारों अधिकारियों के खिलाफ जारी विभागीय कार्यवाही की अधिसूचनाओं और चार्ज मेमो को रद्द कर दिया. अदालत ने सभी रिट याचिकाओं को स्वीकार करते हुए लंबित अंतरिम आवेदनों को भी बंद कर दिया. फैसला 10 जुलाई 2026 को सुनाया गया. इसे भी पढ़ें: खाद की कालाबाजारी करने वालों की खैर नहीं, डीसी ने दिया नियमित छापेमारी का निर्देश The post झारखंड हाईकोर्ट से चार सब-रजिस्ट्रार को राहत, विभागीय कार्यवाही और चार्ज मेमो रद्द appeared first on Naya Vichar.

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न्यूजीलैंड के पत्रकार ने पूछा- PM मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते?, विदेश मंत्रालय के सचिव ने दिया ये जवाब

PM Modi New Zealand Journalist: पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने कहा- हिंदुस्तानीय वोटर अपने नेताओं से बिना किसी तीसरे पक्ष के सीधे जुड़ना पसंद करते हैं और पीएम मोदी ने इस कला में महारत हासिल की है. रेडिएटर के बिना सीधे जनता से संवाद: टंडन राजनयिक रुद्रेंद्र टंडन ने कहा, “मैं एक प्रशासनी अधिकारी हूं, इसलिए मेरे लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्वक तौर-तरीकों पर टिप्पणी करना सही नहीं होगा. लेकिन हिंदुस्तानीय नेतृत्व के संदर्भ में देखें, तो हमारे देश के वोटर सीधे संपर्क को पसंद करते हैं. पीएम मोदी एक आदर्श हिंदुस्तानीय राजनेता हैं, जो मतदाताओं से सीधे जुड़ते हैं. उन्हें यह पसंद नहीं कि कोई उन्हें नीचा दिखाए या वे किसी रेडिएटर के जरिए बात करें. जनता से सीधे जुड़ने की इसी खूबी के कारण देश के वोटरों ने उन्हें लगातार तीसरी बार चुना है और वे हिंदुस्तान के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्रियों में से एक बन चुके हैं.” नॉर्वे में भी उठा था ऐसा ही सवाल इससे पहले 2026 के मई महीने में जब पीएम मोदी नॉर्वे के ओस्लो गए थे, तब वहां की एक पत्रकार हेले लिंग ने उनके निकलते समय आवाज देकर पूछा था कि वे पत्रकारों के सवालों के जवाब क्यों नहीं देते. उस समय इस घटना की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी. हिंदुस्तान-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर क्या बोले विदेश मंत्रालय के सचिव विदेश मंत्रालय ने सचिव रुद्रेंद्र टंडन ने हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बारे में जानकारी दी. हिंदुस्तान और न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर हुए थे. टंडन ने बताया कि न्यूजीलैंड में इस समझौते को मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. वहां की संसद में कानून पास करने के लिए तीन बार रीडिंग होता है, जिसमें से पहली बार का रीडिंग पूरा हो चुका है. उन्होंने आगे बताया- न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने पीएम मोदी को भरोसा दिलाया है कि इस समझौते को वहां की सभी नेतृत्वक पार्टियों का साथ हासिल है, इसलिए इसे बिना किसी रुकावट के जल्द से जल्द लागू कर दिया जाएगा. 20 अरब डॉलर का निवेश: पेनल्टी नहीं, पार्टनरशिप पर जोर न्यूजीलैंड द्वारा हिंदुस्तान में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की सुविधा देने पर टंडन ने कहा कि हिंदुस्तान किसी भी देश पर जबरन निवेश का दबाव या पेनल्टी (जुर्माना) नहीं लगा रहा है. पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के बिजनेस समुदाय को संदेश दिया है कि हिंदुस्तान एक बहुत बड़ा बाजार है और यहां बड़े सुधार हो रहे हैं. यह सिर्फ पैसा निवेश करने का न्योता नहीं है, बल्कि हिंदुस्तान के साथ एक मजबूत और लंबे समय तक चलने वाली आर्थिक साझेदारी बनाने का एक शानदार मौका है. ये भी पढ़ें: पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड में लहराया 25 साल पुराना मफलर: अपनों के बीच हुए भावुक, कहा- आज भी संभालकर रखा हूं The post न्यूजीलैंड के पत्रकार ने पूछा- PM मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते?, विदेश मंत्रालय के सचिव ने दिया ये जवाब appeared first on Naya Vichar.

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बांकीपुर में भाजपा के नए कैंडिडेट नीरज सिन्हा के बायोडाटा पर विवाद, 12 साल की उम्र से पार्टी में होने के दावे पर उठे सवाल

Bankipur Bypoll: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार बदलने के बाद अब एक नया विवाद सामने आया है. नितिन नवीन की पारंपरिक सीट और भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर अब एनडीए के नए प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. भाजपा ने शुक्रवार को अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ अभिषेक बंटी की जगह नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार घोषित किया था. इसके बाद से ही पार्टी विपक्ष के निशाने पर है. बायोडाटा को लेकर उठे सवाल नीरज कुमार सिन्हा के जारी किए गए बायोडाटा में उनकी नेतृत्वक यात्रा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. बायोडाटा में दावा किया गया था कि नीरज कुमार साल 2006 से भाजपा के प्राथमिक सदस्य हैं. हालांकि, उनके जन्म वर्ष के अनुसार उस समय उनकी उम्र करीब 12 साल थी. अब इसी बात को लेकर सोशल मीडिया और नेतृत्वक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि इतनी कम उम्र में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता कैसे मिली. फिर जारी हुआ बदला हुआ बायोडाटा बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा ने पहले अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ अभिषेक बंटी को उम्मीदवार बनाया था. उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया था. लेकिन 24 घंटे के अंदर ही उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव से हटने का फैसला कर लिया. इसके बाद भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने नीरज कुमार सिन्हा को नया उम्मीदवार घोषित कर दिया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें कौन हैं नीरज कुमार सिन्हा? भाजपा के बायोडाटा के अनुसार, नीरज कुमार सिन्हा पटना के मीठापुर के रहने वाले हैं. उनका जन्म 1 जुलाई 1994 को हुआ है. वे बीए पास हैं और वर्तमान में नरेंद्र हिंदुस्तानी मंडल के बूथ अध्यक्ष बताए गए हैं. इससे पहले वह भाजपा युवा मोर्चा में जिला उपाध्यक्ष और मंडल महामंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. उनके चाचा स्वर्गीय नरेंद्र हिंदुस्तानी जनसंघ के समय के कार्यकर्ता थे. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से की मुलाकात शनिवार को नीरज कुमार सिन्हा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की. लोकसेवक आवास पर हुई इस मुलाकात में उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री का आशीर्वाद लिया. मुख्यमंत्री ने उन्हें जीत की अग्रिम शुभकामनाएं दीं. बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. उम्मीदवार बदलने के बाद पार्टी अब नए चेहरे के साथ चुनाव मैदान में है. Also Read:बांकीपुर में क्यों बदला भाजपा का उम्मीदवार? अभिषेक बंटी की जगह नीरज सिन्हा को उतारने के पीछे क्या है रणनीति The post बांकीपुर में भाजपा के नए कैंडिडेट नीरज सिन्हा के बायोडाटा पर विवाद, 12 साल की उम्र से पार्टी में होने के दावे पर उठे सवाल appeared first on Naya Vichar.

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लखनऊ की एक होर्डिंग से गरमाई यूपी की सियासत, ‘सनातन ही समाजवाद’ पर छिड़ी बहस

UP Politics News: यूपी की सियासत में नई होर्डिंग से एक बार फिर नेतृत्वक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर लगी एक होर्डिंग ने नेतृत्वक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बहस छेड़ दी है. होर्डिंग में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की तस्वीरें दिखाई गई हैं. सबसे ज्यादा चर्चा उसमें लिखे संदेश “सनातन ही समाजवाद है” को लेकर हो रही है. नेतृत्वक जानकार इसे सिर्फ एक होर्डिंग नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बदलते नेतृत्वक समीकरणों और नए संदेशों के संकेत के रूप में देख रहे हैं. होर्डिंग के संदेश पर बढ़ी चर्चा सपा कार्यालय के बाहर लगी इस होर्डिंग में सनातन और समाजवाद को एक साथ जोड़ने की कोशिश दिखाई देती है. होर्डिंग में लिखा गया है कि “सनातन ही समाजवाद है”, जिसने नेतृत्वक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. तस्वीरों में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और अखिलेश यादव प्रमुख रूप से नजर आ रहे हैं. हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश की नेतृत्व में धार्मिक मुद्दे लगातार केंद्र में रहे हैं. ऐसे में इस तरह का संदेश सामने आने के बाद इसे नेतृत्वक रणनीति और जनसंदेश दोनों के नजरिए से देखा जा रहा है. सोशल मीडिया पर भी होर्डिंग की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं. 2027 चुनाव से जोड़कर देखे जा रहे मायने नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न दल नए सामाजिक और वैचारिक संदेशों के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. इसी संदर्भ में इस होर्डिंग को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि अभी तक इस पर किसी बड़े नेतृत्वक दल की औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इसके संदेश को लेकर चर्चा लगातार बढ़ रही है. उत्तर प्रदेश में धर्म, समाज और नेतृत्व के मुद्दे लंबे समय से चुनावी विमर्श का हिस्सा रहे हैं. ऐसे में यह नई होर्डिंग आने वाले दिनों में नेतृत्वक बहस को और तेज कर सकती है तथा विभिन्न दलों की ओर से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं. यह भी पढ़ें: सीएम योगी ने कुशीनगर को दी 525 करोड़ की सौगात, 464 विकास परियोजनाओं से बदलेगी जिले की तस्वीर The post लखनऊ की एक होर्डिंग से गरमाई यूपी की सियासत, ‘सनातन ही समाजवाद’ पर छिड़ी बहस appeared first on Naya Vichar.

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सूर्य का राशि परिवर्तन बदलेगा किस्मत का खेल, पढ़ें 12 से 18 जुलाई 2026 का साप्ताहिक राशिफल

Weekly Horoscope: 12 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक का सप्ताह कई राशियों के लिए नए अवसर, महत्वपूर्ण निर्णय और बदलाव लेकर आने वाला है. इस दौरान सूर्य 17 जुलाई की रात मिथुन से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. मंगल वृषभ में, वक्री बुध मिथुन में, गुरु कर्क में, शुक्र सिंह में, शनि मीन में तथा राहु-केतु क्रमशः कुंभ और सिंह राशि में रहेंगे. ग्रहों की यह स्थिति करियर, व्यापार, धन, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर विशेष प्रभाव डालेगी. मेष राशिफल मेष राशि के जातकों को व्यापार और व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा का लाभ मिल सकता है. आत्मविश्वास और मानसिक उत्साह बना रहेगा. पारिवारिक मामलों में सुधार होगा तथा नौकरी और प्रशासनी कार्यों में अनुकूल वातावरण मिलेगा. धार्मिक कार्यों में खर्च बढ़ सकता है. कामकाजी स्त्रीओं के लिए यह सप्ताह विशेष रूप से लाभदायक रहेगा. वृषभ राशिफल वृषभ राशि वालों को अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने की आवश्यकता है. आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें और किसी पर अत्यधिक भरोसा करने से बचें. परिवार में चल रहे मतभेद कम हो सकते हैं. स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें. धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी और उन पर खर्च भी हो सकता है. मिथुन राशिफल मिथुन राशि के लोगों के प्रभावशाली व्यक्तियों से संपर्क बढ़ेंगे. कारोबार विस्तार की दिशा में सकारात्मक अवसर मिल सकते हैं. साहसिक प्रयासों से विरोधियों पर विजय मिलेगी. आर्थिक उन्नति के नए रास्ते खुलेंगे. नौकरी और नेतृत्व से जुड़े लोगों की व्यस्तता बढ़ सकती है. कर्क राशिफल कर्क राशि के जातकों को अधिकारियों और वरिष्ठ लोगों का सहयोग मिलेगा. कार्यक्षेत्र में सफलता के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है. प्रशासनी कार्यों में लाभ के संकेत हैं. हालांकि व्यापार में मंदी के कारण आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है. संपत्ति संबंधी मामलों में भागदौड़ बढ़ेगी. सिंह राशिफल सिंह राशि वालों को क्रोध पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है. प्रियजनों और बच्चों के साथ विवाद की स्थिति बन सकती है. दैनिक कार्यों में व्यस्तता बनी रहेगी. दूसरों की सलाह पर आंख मूंदकर निर्णय लेने से बचें. नौकरी और नेतृत्वक क्षेत्र में परिस्थितियां आपके पक्ष में रहेंगी. कन्या राशिफल कन्या राशि के जातकों की सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. आपके विचार और कार्यशैली लोगों को प्रभावित करेंगे. जीवनसाथी और प्रियजनों का सहयोग मिलेगा. दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी. चल-अचल संपत्ति से लाभ मिलने के योग हैं. तुला राशिफल तुला राशि वालों को सार्वजनिक क्षेत्र में सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त होगी. नई योजनाओं को गति मिलेगी. परिवार में उत्साहपूर्ण माहौल बना रहेगा. स्वास्थ्य संबंधी छोटी समस्या कुछ दिनों तक परेशान कर सकती है. व्यापारिक यात्रा और नई मित्रता लाभदायक सिद्ध होगी. वृश्चिक राशिफल वृश्चिक राशि के लोगों को इस सप्ताह कई अच्छे अवसर प्राप्त होंगे. सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने का मौका मिलेगा. यश और सम्मान में वृद्धि होगी. कार्यस्थल पर नई योजनाएं बनेंगी. नौकरीपेशा लोगों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं तथा कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है. धनु राशिफल धनु राशि के जातकों का पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा. मित्रों से उपयोगी सलाह मिल सकती है. नए अनुभव जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे. शत्रु पक्ष से सावधान रहने की आवश्यकता है. नौकरी और नेतृत्वक क्षेत्र में परिस्थितियां अनुकूल बनी रहेंगी. मकर राशिफल मकर राशि वालों को अति आत्मविश्वास से बचना चाहिए. कुछ निर्णयों में बदलाव करना पड़ सकता है. पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिलने के संकेत हैं. साझेदारी के कार्य लाभ देंगे. अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना आवश्यक होगा. अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा. कुंभ राशिफल कुंभ राशि के जातकों के स्वास्थ्य में सुधार होगा. दूर की यात्रा के योग बन रहे हैं. रोजगार और करियर में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं. व्यापारिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें. किसी पारिवारिक विषय को लेकर चिंता रह सकती है. प्रशासनी कार्यों में लापरवाही न करें. मीन राशिफल मीन राशि वालों को कारोबार और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने की संभावना है. किसी व्यक्ति के कारण कार्यों में बाधा आ सकती है, इसलिए सतर्क रहें. अधिकारियों से बातचीत में संयम रखें. धार्मिक कार्यों के प्रति झुकाव बढ़ेगा और किसी सम्मानित व्यक्ति के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है. The post सूर्य का राशि परिवर्तन बदलेगा किस्मत का स्पोर्ट्स, पढ़ें 12 से 18 जुलाई 2026 का साप्ताहिक राशिफल appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं ‘सैराब’ फेम एक्टर रोहित चंदेल? 16 साल की नाबालिग से छेड़छाड़ और पीछा करने के आरोप में हुए गिरफ्तार

Rohit Chandel Arrested: ‘सैराब’ फेम एक्टर रोहित चंदेल को मुंबई पुलिस ने 16 साल की लड़की से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, रोहित पर नाबालिग का पीछा करने, बार-बार फोन कर परेशान करने और मारपीट करने के आरोप लगे हैं. इस मामले में उनके खिलाफ ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज’ (POCSO) के तहत मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. वहीं, इस मामले पर अभी तक रोहित चंदेल या उनकी टीम की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है. Allegations Against Rohit Chandel: नाबालिग को बार-बार फोन करने और परेशान करने का आरोप द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में रहने वाली एक स्त्री की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया. शिकायत में कहा गया है कि 5 जुलाई को रोहित ने कथित रूप से लड़की को उसके घर के ब्लिडिंग के पास रोका, उसका पीछा किया उससे बहस की, अपशब्द कहे और से मारपीट की. पुलिस के अनुसार, रोहित और वह लड़की पहले से एक-दूसरे को जानते थे. View on Instagram Mumbai Police Took Action: POCSO एक्ट समेत कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने शुक्रवार (10 जुलाई) को रोहित चंदेल को उनके घर से गिरफ्तार किया. इसके बाद उन्हें विशेष POCSO कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस ने उनके खिलाफ POCSO Act के अलावा हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78 (पीछा करना) और 115(2) (चोट पहुंचाना) के तहत भी मामला दर्ज किया है. मामले पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. मामले की आगे की जांच जारी है.” View on Instagram कौन हैं रोहित चंदेल? 29 साल के रोहित चंदेल टीवी इंडस्ट्री का जाना-पहचाना चेहरा हैं. उन्हें ‘पांड्या स्टोर’ में धवल मकवाना के किरदार से लोकप्रियता मिली थी. इसके अलावा उन्होंने ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ में बाजीराव की भूमिका निभाई थी. इन दिनों वह टीवी शो ‘सैराब’ में नजर आ रहे हैं, जिसमें वह ईशान का किरदार निभा रहे हैं. शो में वह एक सिंगर का रोल निभा रहे हैं, जिसमें उन्हें अपने उम्र से बड़ी औरत से प्यार हो जाता है. नया विचार की खास पेशकश The post कौन हैं ‘सैराब’ फेम एक्टर रोहित चंदेल? 16 साल की नाबालिग से छेड़छाड़ और पीछा करने के आरोप में हुए गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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