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July 21, 2026

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राहुल गांधी छत्रसाल स्टेडियम तो प्रियंका मंदिर मार्ग थाने ले जाई गईं, खरगे का दावा- नेताओं को घसीटते हुए ले गई पुलिस

Congress Protest: प्रशासन ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को राहुल गांधी से बात करने के लिए भेजा. दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद जब धरना समाप्त नहीं हुआ, तो पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, और कई अन्य नेताओं को ‘बलपूर्वक’ हिरासत में लिया और उन्हें बस में बैठाकर ले गई. पुलिस द्वारा उठाए जाने के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने जोरदार प्रतिरोध भी किया. प्रशासन चाहे कुछ भी कर ले, इंसाफ की लड़ाई नहीं रुकेगी: राहुल गांधी हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि प्रशासन चाहे कुछ भी कर ले, इंसाफ की लड़ाई नहीं रुकने वाली है. उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी, हर जोर आजमा लो, सारी ताकत लगा लो – छात्रों के इंसाफ की ये लड़ाई अब रोके न रुकेगी.’’ कांग्रेस अध्यक्ष का दावा, विपक्षी नेताओं को घसीटते हुए ले गई पुलिस कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दे रहे कांग्रेस और विपक्षी दलों के सांसदों को पुलिस ने घसीटकर हिरासत में लिया. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी बलपूर्वक वहां से ले जाया गया. खरगे ने कहा कि ‘‘तानाशाह प्रशासन डर कर कांप रही है’’ और प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर करोड़ों बच्चों का भविष्य बिगाड़ दिया. कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि संसद के गेट बंद कर सांसदों को कैद किया गया, साझा विपक्ष की चर्चा की मांग नहीं मानी गई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त नहीं किया गया. तानाशाही का दूसरा नाम अमितशाही : जयराम रमेश कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया, तानाशाही का दूसरा नाम अमितशाही है. संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राहुल गांधी, खरगे, प्रियंका गांधी और कई अन्य सांसद अचानक से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ के निकट पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए. धरने में शामिल नेताओं ने ‘प्रधानमंत्री इस्तीफा दो’, ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ तथा ‘छात्रों को न्याय दो’ जैसे नारे लगाए. धरना शुरू होने के कुछ देर बाद ही लोकसभा सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, शशिकांत सेंथिल और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया. ये भी पढ़ें: मोदी जी के अपने शिशु नहीं हैं, इसलिए नहीं समझते दर्द, केजरीवाल ने छात्रों से कहा- डटे रहो, तानाशाह को झुकना पड़ेगा ये भी पढ़ें: “इस बार नहीं बच पाएंगे पीएम मोदी”, राहुल गांधी ने देशवासियों से की धरने में शामिल होने की अपील ये भी पढ़ें: कांग्रेस विरोध प्रदर्शन: राहुल गांधी को उठाकर ले गई दिल्ली पुलिस, प्रियंका गांधी को भी हिरासत में लिया The post राहुल गांधी छत्रसाल स्टेडियम तो प्रियंका मंदिर मार्ग थाने ले जाई गईं, खरगे का दावा- नेताओं को घसीटते हुए ले गई पुलिस appeared first on Naya Vichar.

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अखिलेश यादव की हिरासत पर लखनऊ में संग्राम, विधानसभा घेरने पहुंचे सपा के दिग्गज नेता

Akhilesh Yadav Protest: सपा प्रमुख अखिलेश यादव को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद लखनऊ से दिल्ली तक नेतृत्व गरमा गयी है. अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में विधानसभा घेराव का प्रयास किया, जबकि कांग्रेस ने भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत के विरोध में राजधानी में प्रदर्शन शुरू कर दिया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के जन भवन पहुंचने की सूचना पर राजधानी में पुलिस बलों की तैनाती बढ़ा दी गयी है. दोनों दलों ने प्रशासन पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया. इस घटनाक्रम के बाद प्रदेशभर में नेतृत्वक बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है. विधानसभा घेराव पर सपा नेताओं की हिरासत अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राजपाल कश्यप समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता लखनऊ में विधानसभा का घेराव करने पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अखिलेश की रिहाई की मांग उठाई. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया. सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि नेताओं को लंबे समय तक रोका गया तो प्रदेशभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा. राहुल-प्रियंका की हिरासत पर कांग्रेस का प्रदर्शन दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लखनऊ स्थित जन भवन के बाहर प्रदर्शन किया. कांग्रेस के यूथ विंग और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने परिवर्तन चौक से जुलूस निकालकर भाजपा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के जन भवन पहुंचने की सूचना के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी. जन भवन के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य प्रशासनें विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही हैं और लोकतांत्रिक विरोध को भी बर्दाश्त नहीं किया जा रहा है. हिरासत के बीच प्रशासन पर अखिलेश के सवाल हिरासत में लिए जाने के दौरान अखिलेश यादव ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों की मांगें सुनना प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है. उन्होंने पूछा कि आखिर छात्रों की जायज मांगों को क्यों नहीं माना जा रहा है. हिरासत के दौरान अखिलेश पुलिसकर्मियों से यह भी पूछते नजर आए कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला. बतादें कि अखिलेश यादव लोक कल्याण मार्ग पर छात्रों के समर्थन में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे, जहां से पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया. इसके बाद सपा ने पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का मामला बताया. यह भी पढ़ें: UP को मिली नई रफ्तार! प्रयागराज से सोनभद्र तक बनेगा विंध्य एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल से भी जुड़ेगा सीधा लिंक The post अखिलेश यादव की हिरासत पर लखनऊ में संग्राम, विधानसभा घेरने पहुंचे सपा के दिग्गज नेता appeared first on Naya Vichar.

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हाई कोर्ट के आदेश के बाद वांगचुक मेदांता शिफ्ट, मेडिकल निगरानी में रहेंगे सोनम

Sonam Wangchuk: एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट की अनुमति के बाद सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया. एंबुलेंस के जरिए उन्हें शिफ्ट किया गया. कोर्ट ने उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो की याचिका पर सुनवाई करते हुए निजी अस्पताल में इलाज की अनुमति दी थी. दिल्ली हाई कोर्ट की पीठ ने निर्देश दिया था कि सोनम वांगचुक का इलाज मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों की सलाह और तय मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार किया जाए. कोर्ट ने अस्पताल प्रबंधन को उनके इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बनाने को कहा है. मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लिया फैसला हाई कोर्ट ने एम्स, सफदरजंग अस्पताल और वांगचुक की मेडिकल टीम की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद ट्रांसफर का आदेश दिया. डॉक्टरों की राय थी कि वांगचुक को लगातार अस्पताल में निगरानी की जरूरत है. हाईकोर्ट ने सफदरजंग अस्पताल के सभी मेडिकल रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट मेदांता अस्पताल को सौंपने का निर्देश भी दिया. दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल ट्रांसफर करने का आदेश दिया. केंद्र को वांगचुक के ट्रांसफर पर नहीं थी आपत्ति सुनवाई के दौरान केंद्र प्रशासन की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि प्रशासन को वांगचुक को मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने पर कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि वांगचुक को लगातार मेडिकल निगरानी में रखा जाना जरूरी है और अस्पताल से छुट्टी का फैसला डॉक्टरों को करना चाहिए. वहीं अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद VMMC और सफदरजंग अस्पताल ने एक बयान में कहा- डिस्चार्ज के समय उनके वाइटल पैरामीटर्स स्थिर थे. हालांकि, पैनसाइटोपेनिया की समस्या बनी हुई है और उनका सीरम पोटैशियम लेवल 3.4 mEq/L था. गीतांजलि ने प्रशासनी अस्पताल में भर्ती को बताया था हिरासत सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे आंग्मो ने दिल्ली हाई कोर्ट आदेश का स्वागत किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाना और वहां भर्ती करना एक तरह की हिरासत जैसा था. उन्होंने कहा कि वांगचुक को अस्पताल के कर्मचारियों की जगह पुलिस लेकर गई और उन्हें बिना जरूरत आईसीयू में रखा गया. उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक के कारण वांगचुक लोगों से बात नहीं कर पा रहे थे. वांगचुक की हालत गंभीर नहीं, लेकिन निगरानी जरूरी- गीतांजलि गीतांजलि ने कहा कि वांगचुक के कुछ स्वास्थ्य मानक सामान्य नहीं हैं, लेकिन उनकी स्थिति जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली नहीं है. उन्होंने कहा कि इलाज में मरीज की मानसिक स्थिति भी अहम होती है और परिवार को यह तय करने का अधिकार होना चाहिए कि इलाज कहां कराया जाए. पत्नी गीतांजलि ने पहले आदेश को दी थी चुनौती गीतांजलि आंग्मो ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें सफदरजंग अस्पताल में वांगचुक के इलाज में हस्तक्षेप से इनकार किया गया था. उन्होंने कहा था कि परिवार को इलाज के लिए अस्पताल चुनने का अधिकार मिलना चाहिए. 28 जून से अनशन पर हैं सोनम वांगचुक दिल्ली पुलिस ने 19 जुलाई को सुबह के समय सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था. उस समय वह कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आंदोलन के तहत 28 जून से अनिश्चितकालीन अनशन पर थे. पुलिस ने कहा था कि उन्हें चिकित्सकीय जरूरत और न्यायिक निर्देशों के तहत अस्पताल ले जाया गया. Also Read: बर्गर खाया तो प्रवक्ता पद से छुट्टी, विजेता दहिया पर CJP का एक्शन The post हाई कोर्ट के आदेश के बाद वांगचुक मेदांता शिफ्ट, मेडिकल निगरानी में रहेंगे सोनम appeared first on Naya Vichar.

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कांग्रेस विरोध प्रदर्शन: राहुल गांधी को उठाकर ले गई दिल्ली पुलिस, प्रियंका गांधी को भी हिरासत में लिया

Congress Protest: दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन पर बैठे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया है. हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, “यह अंत नहीं है; यह राहुल गांधी के नेतृत्व में एक नई क्रांति की शुरुआत है. वे हमें जेल में डाल सकते हैं, लाठीचार्ज कर सकते हैं या हमारे साथ बुरा बर्ताव कर सकते हैं, लेकिन मोदी जी को हिंदुस्तान के उन लाखों बेटे-बेटियों को जवाब देना होगा जिन्होंने पेपर लीक के कारण अपना भविष्य खो दिया है और अपने परिवारों की उम्मीदों को खत्म होते देखा है. यह क्रांति अब एक प्रचंड आग का रूप लेगी; राहुल गांधी के नेतृत्व में इसे रोका नहीं जा सकेगा.” अखिलेश यादव भी लिए गए हिरासत में कांग्रेस नेताओं के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कई अन्य नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया. अखिलेश को राहुल गांधी के साथ बस में बैठाकर पुलिस ले गई. बस में बैठाने के दौरान प्रियंका गांधी ने प्रतिरोध भी किया. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ बदसलूकी की गई : पवन खेड़ा राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, “सब कुछ आपके सामने है. देखिए, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत हमारे नेताओं के साथ किस तरह बदसलूकी की गई. क्या हम आज के देश में ऐसा माहौल चाहते हैं? क्या आपको देश में लोकतंत्र दिखाई दे रहा है? हम यहां फिर से विरोध प्रदर्शन करने आएंगे.” धरना स्थल पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से की मुलाकात, फिर नहीं बनी बात धरना शुरू होने के कुछ देर बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बात की और धरना खत्म करने का आग्रह किया. राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सिंह ने ‘एक्स’पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं से बातचीत के लिए उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को मौके पर भेजा था. जितेंद्र सिंह ने बताया, “राहुल गांधी से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया गया, क्योंकि प्रधानमंत्री आवास के बाहर का क्षेत्र प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान नहीं है और वहां धरने के कारण आम लोगों को असुविधा हो रही थी. बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि यदि प्रशासन ‘नीट’ (NEET) और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार हो जाती है, तो वह धरना समाप्त कर देंगे. इस पर उन्हें आश्वासन दिया गया कि प्रशासन संसद में सभी संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है. इसके बाद राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी रख दी और कहा कि अब उनकी दो मांगें हैं. जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का यह व्यवहार लोकतंत्र के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है.” ये भी पढ़ें: मोदी जी के अपने शिशु नहीं हैं, इसलिए नहीं समझते दर्द, केजरीवाल ने छात्रों से कहा- डटे रहो, तानाशाह को झुकना पड़ेगा ये भी पढ़ें: “इस बार नहीं बच पाएंगे पीएम मोदी”, राहुल गांधी ने देशवासियों से की धरने में शामिल होने की अपील The post कांग्रेस विरोध प्रदर्शन: राहुल गांधी को उठाकर ले गई दिल्ली पुलिस, प्रियंका गांधी को भी हिरासत में लिया appeared first on Naya Vichar.

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जेपीएससी भर्ती परीक्षा पर विवाद गहराया, यूपी की ब्लैक लिस्टेड एजेंसी से परीक्षा कराने के आरोप

JPSC Exam Controversy: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) एक बार फिर विवादों में घिर गया है. 14वीं सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा के रिजल्ट को लेकर पहले से सवालों का सामना कर रहे आयोग पर अब भर्ती परीक्षाओं के संचालन को लेकर भी गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है कि आयोग उत्तर प्रदेश (यूपी) में ब्लैक लिस्टेड घोषित की जा चुकी एजेंसी से झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाएं आयोजित करा रहा है. इस पूरे मामले को लेकर आयोग के अंदर भी मतभेद सामने आ गए हैं और आयोग के एक सदस्य ने मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजकर परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर चिंता जताई है. आयोग के सदस्य ने मुख्यमंत्री को भेजा शिकायत पत्र मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब जेपीएससी के एक सदस्य ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाए. शिकायत में कहा गया है कि जिस एजेंसी को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी दी गई है, उसे उत्तर प्रदेश में ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है. ऐसे में उसी एजेंसी को झारखंड में परीक्षा कराने की अनुमति देना अभ्यर्थियों के हितों के विपरीत है. शिकायत में यह भी कहा गया कि यदि समय रहते इस मामले में उचित निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है. एक ही एजेंसी करा रही कई बड़ी परीक्षाएं जानकारी के अनुसार, जिस एजेंसी पर सवाल उठ रहे हैं, वही एजेंसी झारखंड में कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं के संचालन का जिम्मा संभाल रही है. इनमें नगर निगम कार्यपालक अभियंता भर्ती परीक्षा, झारखंड स्वास्थ्य सेवा नियुक्ति परीक्षा, झारखंड क्षेत्रीय पंचायती राज नियुक्ति परीक्षा, झारखंड संयुक्त असैनिक प्रतियोगिता परीक्षा और झारखंड संयुक्त अवर प्रतियोगिता परीक्षा जैसी प्रमुख परीक्षाएं शामिल हैं. लगातार कई परीक्षाओं की जिम्मेदारी एक ही एजेंसी को दिए जाने पर भी अभ्यर्थियों और आयोग के भीतर सवाल उठ रहे हैं. कई लोगों का मानना है कि इतनी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए एजेंसियों के चयन में अधिक पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए. एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पर भी सवाल शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित एजेंसी को पहले उत्तर प्रदेश में ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है. इसके बावजूद उसे झारखंड में परीक्षा संचालन का दायित्व कैसे मिला, इस पर सवाल खड़े किए गए हैं. आरोप है कि एजेंसी के चयन की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए. हालांकि आयोग या राज्य प्रशासन की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. इसलिए इन आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की स्थिति शिकायत के स्तर पर ही है. 14वीं सिविल सेवा परीक्षा विवाद से बढ़ी चिंता जेपीएससी पहले ही 14वीं सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के रिजल्ट को लेकर विवादों का सामना कर रहा है. अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा से लेकर मुख्य परीक्षा के परिणाम तक कई तरह की अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं. इसी बीच परीक्षा संचालन एजेंसी को लेकर नया विवाद सामने आने से आयोग की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल उठने लगे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि चयन प्रक्रिया पर किसी प्रकार का संदेह न रहे. इसे भी पढ़ें: गुमला में सेना के जवान से 21.37 लाख रुपये की ठगी, एसपी-डीसी से लगाई इंसाफ की गुहार प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी निगाहें अब इस पूरे मामले में सभी की नजर राज्य प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रतिक्रिया पर है. यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाती है तो परीक्षा एजेंसी के चयन, निविदा प्रक्रिया और परीक्षा संचालन से जुड़े कई पहलुओं की समीक्षा हो सकती है. फिलहाल अभ्यर्थी निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं पर किसी प्रकार का अविश्वास न बने. इसे भी पढ़ें: तीन नए आपराधिक कानूनों पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत, बार काउंसिल उपाध्यक्ष ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को लिखा पत्र The post जेपीएससी भर्ती परीक्षा पर विवाद गहराया, यूपी की ब्लैक लिस्टेड एजेंसी से परीक्षा कराने के आरोप appeared first on Naya Vichar.

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नए आई लोगो के साथ हुआ ‘Bigg Boss 20’ का ऑफिशियल अनाउंसमेंट, जल्द लौटेगा सलमान खान का शो

Bigg Boss 20 Host: क्या फिर होस्ट करेंगे सलमान खान? न्यूज18 में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान एक बार फिर ‘बिग बॉस 20’ को होस्ट करते नजर आएंगे. वहीं दूसरी भाषाओं के शो में सौरव गांगुली (बंगाली), विजय सेतुपति (तमिल), नागार्जुन (तेलुगु), किच्चा सुदीप (कन्नड़) और मोहनलाल (मलयालम) होस्ट की जिम्मेदारी संभालेंगे. यह भी पढ़ें: Bigg Boss 20 में ग्लैमरस रिद्धिमा की एंट्री? इंस्टाग्राम स्टोरी ने दे डाला बड़ा हिंट The post नए आई लोगो के साथ हुआ ‘Bigg Boss 20’ का ऑफिशियल अनाउंसमेंट, जल्द लौटेगा सलमान खान का शो appeared first on Naya Vichar.

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कोडरमा सदर अस्पताल में जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद महिला की मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप

कोडरमा से गौतम राणा की रिपोर्ट Koderma News: कोडरमा सदर अस्पताल में जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद एक स्त्री की मौत हो जाने से मंगलवार को अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया. मृतका के परिजनों ने इलाज में लापरवाही और स्वास्थ्य कर्मियों पर पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया. घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा. बाद में सिविल सर्जन और अस्पताल प्रबंधन के हस्तक्षेप के बाद परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया गया. वहीं अस्पताल प्रशासन ने इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार करते हुए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है. ऑपरेशन से हुआ जुड़वा बच्चों का जन्म जानकारी के अनुसार, हजारीबाग जिले के बरकट्ठा थाना क्षेत्र के बेड़ोकला गांव निवासी संजू देवी को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को कोडरमा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. चिकित्सकों ने जांच के बाद सिजेरियन ऑपरेशन का निर्णय लिया. सोमवार शाम करीब सात बजे ऑपरेशन के माध्यम से स्त्री ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया. परिजनों के मुताबिक शुरुआत में प्रसव सफल रहा, लेकिन इसके कुछ समय बाद स्त्री की तबीयत बिगड़ने लगी. उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद स्त्री के टांके वाले स्थान से लगातार रक्तस्राव होने लगा. स्वास्थ्य कर्मियों पर पैसे मांगने का आरोप मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद अस्पताल के कुछ स्वास्थ्य कर्मियों ने उनसे 1100 रुपये की मांग की. परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने कम राशि दी तो कथित तौर पर स्वास्थ्य कर्मियों ने पैसे फेंक दिए. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पूरी रात स्त्री की हालत लगातार बिगड़ती रही. उन्होंने कई बार अस्पताल कर्मियों को रक्तस्राव की जानकारी दी, लेकिन किसी ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया. उनका कहना है कि यदि समय पर उचित इलाज मिलता तो स्त्री की जान बचाई जा सकती थी. सुबह चार बजे हुई स्त्री की मौत परिजनों के अनुसार, लगातार रक्तस्राव और समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मंगलवार सुबह करीब चार बजे स्त्री की मौत हो गई. स्त्री की मौत की समाचार मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया. उन्होंने दोषी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. घटना की सूचना मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची. काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए. अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार घटना के बाद सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार और अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. रंजीत कुमार ने परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया. अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. रंजीत कुमार ने परिजनों के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि स्त्री की स्थिति ऑपरेशन से पहले ही गंभीर थी और इस बारे में परिजनों को पहले ही अवगत करा दिया गया था. इसे भी पढ़ें: श्रावणी मेला के दौरान देवघर में चाक-चौबंद होगी सुरक्षा व्यवस्था, मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए निर्देश मरीज को रेफर करने की दी गई थी सलाह डॉ. रंजीत कुमार के अनुसार, स्त्री की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों को उसे बेहतर इलाज के लिए बाहर ले जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हुए. इसके बाद परिजनों की सहमति से सिजेरियन ऑपरेशन कर जुड़वा बच्चों का सुरक्षित जन्म कराया गया. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद भी मरीज की हालत गंभीर बनी रही. चिकित्सकों ने दोबारा उसे हजारीबाग मेडिकल कॉलेज रेफर करने की सलाह दी थी. फिलहाल अस्पताल प्रशासन पूरे मामले को चिकित्सकीय दृष्टि से देख रहा है, जबकि परिजन इलाज में लापरवाही और पैसे मांगने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें: तीन नए आपराधिक कानूनों पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत, बार काउंसिल उपाध्यक्ष ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को लिखा पत्र The post कोडरमा सदर अस्पताल में जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद स्त्री की मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप appeared first on Naya Vichar.

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“इस बार नहीं बच पाएंगे पीएम मोदी”, राहुल गांधी ने देशवासियों से की धरने में शामिल होने की अपील

Rahul Gandhi Attacks On PM Modi: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कई कांग्रेसी नेताओं के साथ धरने पर बैठे राहुल गांधी ने छात्रों को न्याय दिलाने के इच्छुक लोगों से इस धरने में शामिल होने का आह्वान किया. राहुल गांधी ने कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास तक मार्च करके पहुंचे हैं, ताकि कल युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के लिए उनसे जवाब मांगा जा सके. प्रशासन न तो इस घटना की कोई जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर चर्चा करना चाहती है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हिंदुस्तान के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए.’’ छात्रों पर हमला हर हिंदुस्तानीय परिवार पर हमला : राहुल गांधी राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘छात्रों पर हमला हर हिंदुस्तानीय परिवार पर हमला है. प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए बिना, किसी नतीजे का सामना किए बिना बच निकलेंगे तो वह ऐसा नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं. मैं हर उस देशभक्त हिंदुस्तानीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए, प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों.’’ कांग्रेस नेताओं ने ‘प्रधानमंत्री इस्तीफा दो’ ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए प्रधानमंत्री के आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के निकट धरने पर बैठे कांग्रेस नेताओं ने ‘प्रधानमंत्री इस्तीफा दो’ ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ और ‘छात्रों को न्याय दो’ के नारे लगाए. राहुल गांधी से मिलने पहुंचे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं का धरना प्रदर्शन शुरू होने के बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से धरना खत्म करने का आग्रह किया. सिंह के साथ गृह सचिव गोविंद मोहन भी थे. पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया धरना शुरू होने के कुछ देर बाद ही पुलिस ने लोकसभा सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, शशिकांत सेंथिल, कन्हैया कुमार और कई नेताओं को हिरासत में लिया. प्रियंका गांधी का आरोप, विपक्ष को बात नहीं करने दिया जाता प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘हम सदन में चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष को बात नहीं करने दिया जाता. ये सदन उन्हीं युवाओं का है जिन पर प्रशासन लाठी चला रही है, आंसू गैस के गोले छोड़ रही है. बच्चों की बात सुनी जाए और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लिया जाए.’’ ये भी पढ़ें: मोदी जी के अपने शिशु नहीं हैं, इसलिए नहीं समझते दर्द, केजरीवाल ने छात्रों से कहा- डटे रहो, तानाशाह को झुकना पड़ेगा The post “इस बार नहीं बच पाएंगे पीएम मोदी”, राहुल गांधी ने देशवासियों से की धरने में शामिल होने की अपील appeared first on Naya Vichar.

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हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत की 20 सदस्यीय टीम घोषित, हरमनप्रीत सिंह संभालेंगे कमान

हिंदुस्तानीय हॉकी टीम प्रबंधन ने अगले महीने होने वाले एफआईएच पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप के लिए 20 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है. पेरिस ओलंपिक में हिंदुस्तान को कांस्य पदक दिलाने वाले कप्तान हरमनप्रीत सिंह एक बार फिर टीम की अगुवाई करेंगे, जबकि अनुभवी मनप्रीत सिंह मिडफील्ड में अहम भूमिका निभाएंगे. विश्व कप के लिए चुनी गई टीम में प्रो लीग के यूरोप चरण में शामिल कुछ खिलाड़ियों को जगह नहीं मिली है. प्रो लीग के लिए 24 सदस्यीय टीम चुनी गई थी, लेकिन वर्ल्ड कप में केवल 20 खिलाड़ियों को शामिल किया जा सकता था. इस कारण डिफेंडर अमनदीप लाकड़ा, मिडफील्डर राजकुमार पाल और रविचंद्र सिंह मोइरांगथाम तथा फॉरवर्ड सेल्वम कार्ति को टीम में जगह नहीं मिली. हॉकी वर्ल्ड कप के लिए हिंदुस्तानीय टीम गोलकीपर: मोहित एचएस, सूरज करकेरा डिफेंडर: जरमनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालागे, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलाकांता शर्मा, विवेक सागर प्रसाद फॉरवर्ड: दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मनदीप सिंह, अभिषेक हिंदुस्तानीय टीम का हालिया प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था. प्रो लीग के यूरोप चरण के बाद हिंदुस्तान चार जीत, पांच ड्रॉ और सात हार के साथ नौ टीमों में पाकिस्तान से ऊपर आठवें स्थान पर रहा. इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट को विश्वास है कि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन में बेहतर प्रदर्शन करेगा. हिंदुस्तान 1975 में जीता था हॉकी वर्ल्ड कप हिंदुस्तान का वर्ल्ड कप इतिहास गौरवशाली होने के बावजूद खिताबों के मामले में सीमित रहा है. आठ बार की ओलंपिक चैंपियन हिंदुस्तानीय टीम अब तक केवल एक बार 1975 में हॉकी वर्ल्ड कप जीत सकी है. पिछली बार 2023 में भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप में मेजबान हिंदुस्तान नौवें स्थान पर रहा था. इसके अलावा हिंदुस्तान ने 1971 में कांस्य और 1973 में रजत पदक अपने नाम किया था. मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने क्या कहा? मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने टीम चयन को लेकर कहा कि यह संतुलित टीम है, जिसमें युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का चयन उनके प्रदर्शन के आधार पर किया गया है और टीम हमले, जवाबी हमले तथा निरंतर प्रदर्शन की रणनीति के साथ टूर्नामेंट में उतरेगी. फुल्टन ने कहा कि 1975 के बाद से हिंदुस्तान विश्व कप खिताब नहीं जीत पाया है, लेकिन मौजूदा टीम हिंदुस्तानीय हॉकी के इतिहास में नया अध्याय लिखने की क्षमता रखती है. पाकिस्तान से होगा हिंदुस्तान का मुकाबला हिंदुस्तान को विश्व कप में पूल डी में रखा गया है, जहां उसका सामना इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स से होगा. हिंदुस्तानीय टीम अपने सभी पूल मुकाबले नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में स्पोर्ट्सेगी. हिंदुस्तान अपने अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ करेगा. इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से मुकाबला होगा. ये भी पढ़ें: दिलीप ट्रॉफी 2026: रुतुराज गायकवाड़ बने वेस्ट जोन के कप्तान, स्टार खिलाड़ियों से सजी टीम घोषित The post हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए हिंदुस्तान की 20 सदस्यीय टीम घोषित, हरमनप्रीत सिंह संभालेंगे कमान appeared first on Naya Vichar.

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अभिषेक के बाद महुआ मोईत्रा को भी हाईकोर्ट से अंतरिम राहत, 5 अक्टूबर तक पुलिस नहीं करेगी कार्रवाई

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के बाद मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोईत्रा को भी अंतरिम राहत दी है. कथित नफरती भाषण मामले में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर 5 अक्टूबर तक हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सदस्य महुआ का दावा है कि यह मामला मनगढ़ंत आरोपों पर आधारित है. महुआ ने कोर्ट से की थी ये मांग महुआ ने अदालत से इस मामले में पुलिस की ओर से किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए अंतरिम आदेश जारी करने का अनुरोध किया था. उन्होंने नदिया जिले के होगलबरिया थाने में दर्ज मामले से जुड़ी कार्यवाही रद्द करने का भी आग्रह किया था. 14 अगस्त को पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने महुआ मोईत्रा को निर्देश दिया कि वह मामले में पूछताछ के लिए 14 अगस्त को जांच अधिकारी के समक्ष पेश हों. कोर्ट ने कहा कि 5 अक्टूबर तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, निर्धारित शर्तों का पालन करने की शर्त पर महुआ के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जायेगी. ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी की फायरब्रांड सांसद महुआ मोईत्रा को सता रहा गिरफ्तारी का डर, कलकत्ता हाईकोर्ट से की ये मांग कोर्ट ने कहा- वह दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा पाने की हकदार अदालत ने इस बात पर गौर किया कि मामले में महुआ पर लगायी गयी हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत अधिकतम सजा 7 साल से कम है. कोर्ट ने कहा कि अगर महुआ जांच में सहयोग करती हैं, तो वह दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा पाने की हकदार हैं. जज ने महुआ को दिया जांच में सहयोग करने का निर्देश जस्टिस भट्टाचार्य ने महुआ को जांच में सहयोग करने और जांच अधिकारी के समक्ष पेश होकर पुलिस के नोटिस का पालन करने का निर्देश दिया. अदालत ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई एक अक्टूबर को होगी. ये भी पढ़ें: महुआ मोईत्रा का दावा- नदिया जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुझ पर अंडे फेंके हाईकोर्ट ने कहा- पेशी के समय महुआ पर अंडे न फेंके जायें टीएमसी सांसद के वकील के आग्रह पर जस्टिस भट्टाचार्य ने पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जब तृणमूल सांसद जांच एजेंसी के सामने पेश हों, तो उन पर अंडे न फेंके जायें. महुआ के वकील ने अदालत से कहा कि तृणमूल सांसद अभी दिल्ली में हैं और वह संसद के मानसून सत्र में व्यस्त रहेंगी, जो 13 अगस्त तक चलेगा. 13 अगस्त तक संसद सत्र में व्यस्त रहेंगी टीएमसी सांसद ममता बनर्जी की फायरब्रांड सांसद के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि जरूरत पड़ने पर वह (महुआ) 13 अगस्त तक जांच अधिकारी के सामने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश हो सकती हैं. 14 अगस्त को या उसके बाद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होंगी. ये भी पढ़ें: शुभेंदु की तारीफ के बाद मीडिया पर भड़कीं महुआ मोईत्रा, कहा- चटपटी समाचारें बनाने से बचें पत्रकार महाधिवक्ता ने महुआ की याचिका का किया विरोध राज्य प्रशासन की ओर से पेश महाधिवक्ता सुरजीत नाथ मित्रा ने महुआ की याचिका का विरोध किया. उन्होंने कहा कि तृणमूल सांसद ने जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए पहले जारी किये गये 4 नोटिस पर अमल नहीं किया. The post अभिषेक के बाद महुआ मोईत्रा को भी हाईकोर्ट से अंतरिम राहत, 5 अक्टूबर तक पुलिस नहीं करेगी कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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