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July 24, 2026

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MG Windsor EV हुई महंगी, 60,000 रुपये तक बढ़े दाम, जानें कौन-सा वेरिएंट कितना महंगा

अगर आप JSW MG Windsor EV खरीदने की सोच रहे हैं, तो अब इसके लिए आपको पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक कार की कीमत में 60,000 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है. इससे पहले JSW MG Motor India ने 1 जुलाई से अपने सभी मॉडलों की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया था. कंपनी का कहना है कि इनपुट और ऑपरेशनल लागत बढ़ने की वजह से यह फैसला लिया गया है. आइए जानते हैं कौन सा वेरिएंट कितना महंगा हुआ है. कितनी बढ़ी MG Windsor EV की कीमत?  MG Windsor EV के रेगुलर वेरिएंट्स की कीमतों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की गई है. सबसे बड़ा झटका Excite वेरिएंट को लगा है. इसकी कीमत अब 60,000 रुपये बढ़ गई है. वहीं, 38 kWh बैटरी पैक वाले Exclusive और Essence वेरिएंट अब पहले के मुकाबले 46,900 रुपये महंगे हो गए हैं. दूसरी ओर, 52.9 kWh बैटरी पैक के साथ आने वाले Exclusive Pro और Essence Pro वेरिएंट की कीमतों में भी इजाफा हुआ है.  इनमें Exclusive Pro अब 51,900 रुपये और Essence Pro 39,900 रुपये ज्यादा कीमत पर उपलब्ध होगा. वहीं, फ्लीट ग्राहकों के लिए अप्रैल 2026 में लॉन्च किए गए Commute वेरिएंट की कीमत में सबसे बड़ा इजाफा हुआ है. इस वेरिएंट की कीमत 75,000 रुपये बढ़कर अब 14.24 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) हो गई है. वेरिएंट पुरानी कीमत (एक्स-शोरूम) नई कीमत (एक्स-शोरूम) कितनी बढ़ी कीमत Excite ₹14.09 लाख ₹14.69 लाख +₹60,000 Exclusive ₹15.52 लाख ₹15.99 लाख +₹46,900 Essence ₹16.52 लाख ₹16.99 लाख +₹46,900 Exclusive Pro ₹17.37 लाख ₹17.89 लाख +₹51,900 Essence Pro ₹18.59 लाख ₹18.99 लाख +₹39,900 Commute (फ्लीट) ₹13.49 लाख ₹14.24 लाख +₹75,000 अगर आप एक साथ ज्यादा रकम खर्च नहीं करना चाहते, तो MG का Battery-as-a-Service (BaaS) प्रोग्राम भी चुन सकते हैं. इस स्कीम में कार की शुरुआती कीमत कम हो जाती है. लेकिन इसके बदले आपको बैटरी के लिए अलग से सब्सक्रिप्शन प्राइस देना होता है. MG Windsor EV: बैटरी, रेंज और फीचर्स MG Windsor EV में कीमतों के अलावा कोई और बदलाव नहीं किया गया है. यानी अगर आप इसे खरीदने की सोच रहे हैं, तो फीचर्स और बैटरी ऑप्शन पहले जैसे ही मिलेंगे. इसके स्टैंडर्ड वेरिएंट में 38 kWh का बैटरी पैक दिया गया है, जो कंपनी के मुताबिक एक बार फुल चार्ज होने पर 331 km तक की रेंज देता है. वहीं, Pro वेरिएंट में बड़ा 52.9 kWh बैटरी पैक मिलता है. इसकी दावा की गई रेंज 449 km है. इतना ही नहीं, Pro वेरिएंट में कुछ एक्स्ट्रा प्रीमियम फीचर्स भी दिए गए हैं. इसमें पावर्ड टेलगेट जैसी सुविधा मिलती है. वहीं टॉप-एंड Essence Pro वेरिएंट में Level 2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) शामिल है. ये भी पढ़ें: 13.49 लाख रुपये में लॉन्च हुई Kia Syros EV, सिंगल चार्ज में चलेगी 526km तक, जानें खासियत The post MG Windsor EV हुई महंगी, 60,000 रुपये तक बढ़े दाम, जानें कौन-सा वेरिएंट कितना महंगा appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026: डोपिंग के साये में भारत का अभियान, कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग का कोटा घटा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान का अभियान शुरू होने से पहले डोपिंग मामलों ने मुश्किलें बढ़ा दी है. क्वालीफिकेशन अवधि के दौरान कई डोपिंग रोधी नियम उल्लंघनों (एडीआरवी) के कारण हिंदुस्तान का वेटलिफ्टिंग कोटा 16 से घटाकर 11 कर दिया गया है. इसके साथ ही वेटलिफ्टर दिलबाग सिंह भी हिंदुस्तानीय टीम से बाहर हो गए हैं. हिंदुस्तानीय वेटलिफ्टिंग महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) ने ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू की अगुआई में 12 सदस्यीय टीम की घोषणा की थी. हालांकि, पीठ की चोट से जूझ रहे दिलबाग सिंह बर्मिंघम में आयोजित तैयारी शिविर के दौरान अभ्यास नहीं कर सके. उनकी फिटनेस को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम से बाहर रखने का फैसला किया. अरुण कुमार भी हुए प्रतियोगिता से बाहर इधर, हिंदुस्तानीय दल को एक और झटका तब लगा जब जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार प्रतियोगिता से बाहर हो गए. 73 किलोग्राम वर्ग में स्पोर्ट्सने वाले अरुण प्रतियोगिता के इतर कराए गए डोप परीक्षण में एनाबोलिक स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव पाए गए. राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. हिंदुस्तानीय जूडो महासंघ ने निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि इसके बाद उन्हें राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्सों की टीम से हटा दिया गया. हिंदुस्तान को ग्लास्गो स्पोर्ट्सों में भारोत्तोलन और जूडो दोनों स्पर्धाओं से पदकों की उम्मीद थी, लेकिन डोपिंग मामलों और टीम में बदलाव ने अभियान शुरू होने से पहले ही हिंदुस्तानीय दल की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. लवलीना का पदक पक्का पूर्व विश्व चैंपियन लवलीना बोरगोहेन ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्सों में हिंदुस्तान के लिए शानदार शुरुआत की है. 75 किग्रा वर्ग के ड्रॉ में केवल पांच मुक्केबाज होने के कारण उन्हें पहले दौर में बाय मिला और वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं. इसके साथ ही उनका कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया है, लेकिन हिंदुस्तानीय स्टार मुक्केबाज का लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना है. शुक्रवार से शुरू हो रही मुक्केबाजी स्पर्धा में हिंदुस्तान को लवलीना समेत अपने मुक्केबाजों से कई पदकों की उम्मीद है. लॉन बॉल्स में हिंदुस्तान की जीत के साथ शुरुआत रूपा रानी तिर्की (लीड) और पिंकी (स्किप) की हिंदुस्तानीय जोड़ी ने ग्रुप-बी के पहले मुकाबले में माल्टा को रोमांचक टाई-ब्रेक में हराया. हिंदुस्तान ने पहला सेट 7-1 से अपने नाम किया, लेकिन दूसरे सेट में माल्टा की रेबेका लूसी रिक्सन और कोनी ले रिक्सन की जोड़ी ने 4-3 से जीत दर्ज कर मुकाबला बराबरी पर ला दिया. इसके बाद टाई-ब्रेक में फैसला हुआ, जहां शुरुआती पिछड़ने के बावजूद पिंकी ने अपनी आखिरी बॉल पर शानदार शॉट स्पोर्ट्सकर हिंदुस्तान को जीत दिलाई. ये भी पढ़ें: CWG 2026: बिना एक भी पंच लगाए हिंदुस्तान को मिला पहला मेडल, लवलीना बोरगोहेन ने रचा इतिहास The post CWG 2026: डोपिंग के साये में हिंदुस्तान का अभियान, कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग का कोटा घटा appeared first on Naya Vichar.

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7th Pay Commission: DA बढ़ेगा, एरियर भी मिलेगा! पश्चिम बंगाल सरकार ने कर्मचारियों को दी खुशखबरी

इसके साथ ही प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा, ताकि केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के बीच DA का अंतर कम हो सके. प्रशासन ने लंबित DA एरियर के भुगतान का भी भरोसा दिया है. 7वां वेतन आयोग कब लागू हो सकता है? मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 21 जुलाई को एक कार्यक्रम में कहा कि 7वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) तैयार कर लिए गए हैं. इन्हें अंतिम रूप देने के बाद आयोग का आधिकारिक गठन किया जाएगा. प्रशासन की कोशिश है कि मौजूदा वित्त वर्ष के भीतर ही 7वां वेतन आयोग लागू कर दिया जाए. यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्य के कर्मचारी लंबे समय से नए वेतन आयोग और DA से जुड़े फैसलों का इंतजार कर रहे हैं. DA में कितना बदलाव होगा? मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रशासन एक साथ बड़ा DA बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे अंतर कम करेगी. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को उम्मीद थी कि प्रशासन एक बार में 42% DA या 10% की बढ़ोतरी का ऐलान करेगी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. प्रशासन ने गणना के आधार पर फैसला लिया है और धीरे-धीरे केंद्र और राज्य के DA के बीच का अंतर कम किया जाएगा. बता दें कि पिछले महीने राज्य प्रशासन ने अपने पहले बजट में महंगाई भत्ता 20% बढ़ाकर बेसिक वेतन का 38% कर दिया था. कर्मचारियों को एरियर पर क्या भरोसा मिला? प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि प्रशासनी कर्मचारियों के लंबित बकाये (Arrears) का भुगतान भी समय के साथ किया जाएगा. काफी समय से कर्मचारी संगठन दो प्रमुख मांगें उठा रहे थे: DA का बकाया भुगतान नए वेतन आयोग का गठन प्रशासन के इस ऐलान के बाद इन मांगों पर आगे बढ़ने के संकेत मिले हैं. 7वें वेतन आयोग में क्या-क्या तय होगा? मई में प्रशासन ने 7वें राज्य वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी. इसके बाद 22 जुलाई को पूकेंद्रीय आर्थिक मामलों के पूर्व सचिव रह चुके अतनु चक्रवर्ती की अध्यक्षता में चार सदस्यीय आयोग का आधिकारिक गठन किया गया. आयोग को छह महीने के भीतर अपनी सिफारिशें देने का निर्देश दिया गया है. आयोग किन मुद्दों पर सिफारिश देगा? वेतन संरचना (Pay Structure) महंगाई भत्ता (DA) प्रमोशन नीति पेंशन रिटायरमेंट से जुड़े लाभ कर्मचारियों के लिए यह समाचार क्यों अहम है? पश्चिम बंगाल के कर्मचारी अभी भी 5वें और 6वें वेतन आयोग के तहत वेतन पा रहे हैं, जबकि केंद्र प्रशासन के कर्मचारियों को लंबे समय से 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुसार वेतन मिल रहा है. इसी बीच केंद्र में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. ऐसे में राज्य प्रशासन का कहना है कि वह वेतन और DA के अंतर को एक झटके में नहीं, बल्कि धीरे-धीरे कम करने की रणनीति पर काम करेगी. इससे कर्मचारियों को आने वाले समय में वेतन, DA और अन्य सेवा लाभों में बदलाव की उम्मीद बनी हुई है. The post 7th Pay Commission: DA बढ़ेगा, एरियर भी मिलेगा! पश्चिम बंगाल प्रशासन ने कर्मचारियों को दी खुशसमाचारी appeared first on Naya Vichar.

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा CJP, अभिजीत दीपके बोले- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रहेगा जारी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का कहना है कि सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने से उन्हें राहत और खुशी जरूर है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा. नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले को लेकर CJP के नेतृत्व में छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि परीक्षा में गड़बड़ी से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है. उनका आरोप है कि जब तक इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. इसमें उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक के 26 दिन बाद अनशन खत्म करने से उन्हें राहत मिली है. उन्होंने वांगचुक के साहस और त्याग की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना देश का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचा. दीपके ने कहा कि देश के लिए सोनम वांगचुक की जान बेहद कीमती है. अभिजीत दीपके ने कहा, ”CJP का जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन अभी खत्म नहीं होगा. जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.” एक दूसरे पोस्ट में दीपके ने एक तस्वीर शेयर करते हुए केवल इतना लिखा कि Charging up…तस्वीर में एक व्यक्ति का हाथ नजर आ रहा है, जिसमें ड्रिप लगाने की सुई लगी हुई है. ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने समाप्त कराया अनशन सोनम वांगचुक ने अनिश्चितकालीन अनशन खत्म कर दिया सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात 26 दिन से चल रहा अपना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म कर दिया. केंद्र प्रशासन ने भरोसा दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी. साथ ही, नीट परीक्षा में सुधार और कथित पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने जैसी मांगों पर भी विचार किया जाएगा.  ये भी पढ़ें: छात्रों के नाम PM मोदी का वीडियो संदेश, कहा- पेपर लीक पर कैबिनेट में उठाएंगे और कड़े कदम The post धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा CJP, अभिजीत दीपके बोले- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रहेगा जारी appeared first on Naya Vichar.

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Fact Check: क्या विराट कोहली ने छात्र आंदोलन का किया समर्थन? सोशल मीडिया पर वायरल दावे की सच्चाई आई सामने

Virat Kohli student protest fact check: देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर जारी छात्र आंदोलनों के बीच सोशल मीडिया पर हिंदुस्तानीय क्रिकेटर विराट कोहली के नाम से एक कथित ट्वीट तेजी से वायरल हो गया. इस पोस्ट में दावा किया गया कि विराट कोहली ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए प्रशासन से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है. हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी साबित हुआ. वायरल पोस्ट विराट कोहली के किसी भी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा नहीं किया गया था, बल्कि एक फर्जी अकाउंट से पोस्ट किया गया था. क्या था वायरल दावा? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर @Highonchurma नाम के एक अकाउंट से एक पोस्ट शेयर की गई, जिसमें विराट कोहली की प्रोफाइल फोटो और नाम का इस्तेमाल किया गया था. पोस्ट में लिखा था, “Students deserve a fair system, transparent examinations, and a future built on merit. The concerns being raised by students should be heard seriously. I hope the authorities take immediate and meaningful action to address their grievances. The future of our country deserves justice, transparency and accountability.” इस पोस्ट को हजारों लोगों ने शेयर किया और कई यूजर्स ने इसे विराट कोहली का आधिकारिक बयान मान लिया. फैक्ट चेक: क्या विराट कोहली ने सच में किया समर्थन? जांच में सामने आया कि विराट कोहली ने अपने किसी भी आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X, इंस्टाग्राम या फेसबुक) पर ऐसा कोई बयान जारी नहीं किया है. वायरल पोस्ट उनके वेरिफाइड अकाउंट से नहीं किया गया था और न ही उनके किसी आधिकारिक प्रतिनिधि ने इस तरह का कोई बयान जारी किया है. इसलिए यह दावा कि विराट कोहली ने छात्र आंदोलन का समर्थन किया है, पूरी तरह गलत और भ्रामक है. कैसे लोगों को किया गया गुमराह? वायरल पोस्ट में विराट कोहली का नाम, प्रोफाइल फोटो और ट्वीट का फॉर्मेट बिल्कुल असली जैसा दिखाया गया. इसी वजह से बड़ी संख्या में सोशल मीडिया यूजर्स इसे असली पोस्ट समझ बैठे. हालांकि, ध्यान से देखने पर स्पष्ट होता है कि पोस्ट किसी वेरिफाइड अकाउंट से नहीं था. यह एक ऐसा अकाउंट था जो विराट कोहली की पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित कर रहा था. छात्र आंदोलन के बीच बढ़ी चर्चा हाल के दिनों में परीक्षा पारदर्शिता और कथित नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी दौरान सोशल मीडिया पर कई सार्वजनिक हस्तियों से प्रतिक्रिया की मांग भी उठी. ऐसे माहौल में विराट कोहली के नाम से वायरल हुआ फर्जी ट्वीट तेजी से फैल गया. विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की चुप्पी पर भी हुई चर्चा छात्र आंदोलन के दौरान विराट कोहली और उनकी पत्नी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा वृंदावन में संत प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन करने पहुंचे थे. उनकी यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं. इसके बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने दोनों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें छात्र आंदोलन पर अपनी राय रखनी चाहिए थी. खासतौर पर दिल्ली से संबंध होने के कारण कई लोगों ने विराट कोहली से प्रतिक्रिया की उम्मीद जताई. हालांकि, अब तक विराट कोहली या अनुष्का शर्मा ने इस पूरे मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट की पहचान कैसे करें? विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वायरल पोस्ट पर विश्वास करने से पहले कुछ बातों की जांच जरूर करनी चाहिए- पोस्ट किस अकाउंट से किया गया है. क्या अकाउंट वेरिफाइड (ब्लू टिक) है. क्या वही पोस्ट संबंधित व्यक्ति के अन्य आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी मौजूद है. क्या किसी विश्वसनीय समाचार संस्था ने उस बयान की पुष्टि की है. फर्जी अकाउंट और पैरोडी प्रोफाइल से रहें सावधान सोशल मीडिया पर कई फैन पेज, पैरोडी और इम्पर्सोनेशन (फेक) अकाउंट बड़े सेलिब्रिटीज के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे अकाउंट अक्सर वायरल और संवेदनशील मुद्दों पर भ्रामक पोस्ट साझा करते हैं, जिससे गलत जानकारी तेजी से फैलती है. इसलिए किसी भी सेलिब्रिटी के नाम से वायरल हो रही पोस्ट को साझा करने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि करना बेहद जरूरी है. इसे भी पढ़े- 15 साल के वैभव ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड, सिर्फ चौथे मैच में लगाया पहला अर्धशतक The post Fact Check: क्या विराट कोहली ने छात्र आंदोलन का किया समर्थन? सोशल मीडिया पर वायरल दावे की सच्चाई आई सामने appeared first on Naya Vichar.

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