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ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक ही मंच पर केजरीवाल और दीपके, फिर क्यों एजेंडे में मतभेद?

आम आदमी पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच रिश्तों की चर्चा नई नहीं है. अभिजीत दीपके का AAP से पुराना रिश्ता कई बार सामने आ चुका है. देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन को लेकर एक एक बार फिर से इसकी चर्चा हो रही है. 2 अक्टूबर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जहां CJP ने मुंबई में प्रदर्शन किया वहीं दिल्ली में दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने मोर्चा संभाले रखा. लेकिन इसके बाद भी दोनों के एजेंडे में दूरियां दिखाई दे रही है.

दरअसल, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के आंदोलन और अभिजीत दीपके द्वारा विपक्षी दलों से चुनाव बहिष्कार की अपील ने दोनों के बीच एक दिलचस्प नेतृत्वक स्थिति पैदा कर दी है. एक तरफ दीपके विपक्षी दलों से इस आंदोलन से नेतृत्वक दूरी बनाने की अपील कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल CJP से आंदोलन का एजेंडा बदलकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करने को कह रहे हैं.

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP ने क्यों खोला मोर्चा?

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का मोर्चा द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद तेज हुआ. 23 सितंबर को प्रकाशित इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि निर्वाचन आयोग के भीतर मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर असहमति थी.

रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 10 महीनों के दौरान कम-से-कम 14 मौकों पर मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और बहाल करने समेत चुनावी रोल से जुड़े फैसलों पर आपत्ति जताई थी.

इस रिपोर्ट के अगले दिन, 24 सितंबर 2026 को CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि अगर 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं दिया गया तो देश भर में आंदोलन किया जाएगा. CJP ने इस आंदोलन को ‘जंतर-मंतर 2.0’ नाम दिया.

दीपके ने विपक्षी दलों से क्या कहा?

CJP ने नया आंदोलन कैसे और कहां होगा इसको लेकर प्रेस कांफ्रेंस की. इसमें अभिजीत दीपके ने विपक्षी दलों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें किसी नेतृत्वक दल का समर्थन या नेतृत्वक साथ नहीं चाहिए. लेकिन अगर किसी विपक्षी दल को वास्तव में लगता है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी हो रही है, तो उसे केवल आरोप लगाने के बजाय चुनाव का बहिष्कार करना चाहिए.

हालांकि, इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की ओर से एक जैसी प्रतिक्रिया नहीं आई. तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने दीपके की चुनाव बहिष्कार वाली अपील का विरोध किया. उन्होंने तर्क दिया कि अगर विपक्षी दल चुनाव से बाहर हो जाते हैं तो इसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है. लेकिन चुनाव बहिष्कार के अपील पर प्रतिक्रिया से अलग अरविंद केजरीवाल ने CJP के आंदोलन के मुद्दे पर अपना अलग सुझाव दिया है.

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केजरीवाल ने CJP से क्या अपील की थी?

  • दिल्ली के पूर्व CM और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने CJP से कहा कि आपको सीधा ‘बॉस’ नरेंद्र मोदी का इस्तीफा मांगना चाहिए.
  • 28 सितंबर को एक मीडिया चैनल से बातचीत के दौरान केजरीवाल ने कहा कि CJP वालों ने पहले इन्होंने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया और अब ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं. लेकिन आप कितनी बार जंतर मंतर पर जाएंगे? कितनी बार आंदोलन करेंगे? इसलिए बेहतर होगा सीधा ‘बॉस’ नरेंद्र मोदी का इस्तीफा मांगना चाहिए , क्योंकि ये सब अपने ‘बॉस’ के लिए कर रहे.
  • दो दिन बाद केजरीवाल ने अपने बयान को ‘स्पेशल अपील’ के तौर पर फिर साझा किया और CJP से अपनी मांग दोहराई. हालांकि अभिजीत दीपके या CJP की ओर से केजरीवाल की इस अपील को लेकर कोई सार्वजनिक जवाब सामने नहीं आया है.

CJP और अभिजीत दीपके का क्या है AAP कनेक्शन

  • मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी चर्चा में आई. 15 मई को सुनवाई के दौरान उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं और एक्टिविस्टों को लेकर ‘कॉकरोच’ और ‘पैरासाइट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया.
  • इसके बाद सोशल मीडिया पर इस टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और इसे युवाओं के अपमान से जोड़कर आलोचना की गई, हालांकि, अगले ही दिन यानी 16 मई को CJI सूर्यकांत ने कहा कि उनकी टिप्पणी को मीडिया के एक हिस्से ने गलत तरीके से पेश किया. उनका निशाना उन लोगों पर था, जो फर्जी तरीके या फर्जी डिग्री के सहारे कानून, मीडिया और दूसरे पेशों में दाखिल हुए हैं.
  • इस सबके बीच 16 मई 2026 को अभिजीत दीपके ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) नाम से एक सटायरिकल ऑनलाइन अभियान शुरू किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद को ‘कॉकरोच’ कहे जाने वाले लोगों के लिए एक नए प्लेटफॉर्म की बात कही और लोगों को जुड़ने के लिए गूगल फॉर्म साझा किया. शुरुआत में यह पहल एक व्यंग्यात्मक डिजिटल प्रयोग के तौर तक सीमित थी, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के समर्थन मिलने के बाद यह जमीन पर आ गया.
  • CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं, मीडिया रिपोर्ट में उनके AAP के साथ काम करने और उसकी सोशल मीडिया टीम से जुड़े होने का कई जिक्र मिलते है. इसलिए आम आदमी पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच रिश्तों की चर्चा होती रहती है.

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अब दीपके चाहते हैं कि विपक्ष चुनाव बहिष्कार करे, जबकि केजरीवाल चाहते हैं कि CJP का आंदोलन ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग पर भी केंद्रित हो.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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