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August 2, 2026

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झारखंड नियुक्ति प्रक्रिया में नया बवाल, संदेह के घेरे में चयनित 33 महिला पर्यवेक्षिकाओं की डिग्री

सुनील कुमार झा की रिपोर्ट रांचीः झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से आयोजित झारखंड स्त्री पर्यवेक्षिका प्रतियोगिता परीक्षा-2023 में सफल 313 अभ्यर्थियों में से 33 के प्रमाण पत्रों के फर्जी होने का संदेह है. विभागीय स्तर पर प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान पहली नजर में इन अभ्यर्थियों की शैक्षणिक गतिविधियां और दस्तावेजों की प्रामाणिकता संदेहास्पद पाई गई है. ऐसे में संदेह के घेरे में आई इन अभ्यर्थियों को फिलहाल नियुक्ति पत्र देने पर रोक लगा दी गई है. कहा गया है कि जब तक प्रमाण पत्रों का सत्यापन और प्रामाणिकता की पुख्ता जांच नहीं हो जाती, नियुक्ति पत्र नहीं दिया जाएगा. इधर, माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में भी कंप्यूटर साइंस, एआई एंड कोडिंग, साइबर सिक्योरिटी एंड डेटा साइंस जैसे विषयों की डिग्री को लेकर कुछ अभ्यर्थियों से विभाग से शिकायत की है. विभाग का कहना है इन शिकायतों की भी जांच की तैयारी की जा रही है. परीक्षा में 313 अभ्यर्थी हुई थी सफल राज्य प्रशासन की ओर से स्त्री पर्यवेक्षिका के कुल 444 पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचना जेएसएससी को भेजी गयी थी. वर्ष 2023 में झारखंड स्त्री पर्यवेक्षिका प्रतियोगिता परीक्षा के लिए जेएसएससी की ओर से आवेदन आमंत्रित किए गए थे. परीक्षा सितंबर 2024 में हुई, जबकि आयोग ने 27 मई 2025 को रिजल्ट जारी किया. परीक्षा में कुल 313 अभ्यर्थी सफल हुए थे, जबकि 131 पद रिक्त रह गए थे. इसके बाद जेएसएससी ने नियुक्ति की अनुशंसा स्त्री, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग से की. जब 313 सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच विभागीय स्तर पर शुरू की गई, तो एक दिलचस्प पैटर्न सामने आया. पता चला कि प्रतियोगिता परीक्षा में चयनित 33 अभ्यर्थियों ने राज्य के एक ही निजी विश्वविद्यालय से एक ही शैक्षणिक सत्र में समाजशास्त्र विषय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की. इतना ही नहीं, उनके अंक भी लगभग समान हैं. यह स्थिति सामान्य संयोग है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, यह जांच का विषय है. इसलिए संदेह के घेरे में है परीक्षा में सफल 33 अभ्यिर्थियों की डिग्रियां सभी 33 अभ्यर्थी का राज्य के एक ही निजी विश्वविद्यालय स्नातक की परीक्षा में सफल हुई हैं. सभी अभ्यर्थियों ने 12वीं पास करने के बाद करीब छह से सात साल बाद स्नातक की पढाई की है. अधिकतर अभ्यर्थियों ने इंटर की पढ़ाई साइंस से की है. इसके बाद समाजशास्त्र से स्नातक किया. सभी अभ्यर्थियों के स्नातक की पढ़ाई करने का शैक्षणिक सत्र लगभग एक समान है. इन अभ्यर्थियों के स्नातक में पास मार्क्स भी लगभग बराबर है. शिक्षक नियुक्ति में भी अभ्यर्थियों का ऐसा ही दावा राज्य में लगभग 1300 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है. इनमें से लगभग 800 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा जेएसएससी ने शिक्षा विभाग से कर दी है. इस बीच कुछ अभ्यर्थियों ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से शिकायत की है कि कंप्यूटर साइंस, एआई एंड कोडिंग, साइबर सिक्यूरिटी एंड डेटा साइंस विषय में सफल कुछ अभ्यर्थियों का प्रमाण पत्र गलत तरीके से हासिल किया है. अभ्यर्थियों का दावा है कि सफल अभ्यर्थियों ने राज्य के निजी विवि से डिग्री हासिल की है. The post झारखंड नियुक्ति प्रक्रिया में नया बवाल, संदेह के घेरे में चयनित 33 स्त्री पर्यवेक्षिकाओं की डिग्री appeared first on Naya Vichar.

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ऋतिक रोशन के एक कमेंट के बाद फिर गरमाया पुराना विवाद, भड़कीं कंगना रनौत, बोलीं- ‘आग में घी डालना बंद कीजिए’

Hrithik Roshan Kangana Ranaut Controversy: बॉलीवुड के सबसे चर्चित विवादों में शामिल ऋतिक रोशन और कंगना रनौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. सोशल मीडिया पर We Need to Apologise to Hrithik ट्रेंड शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद ऋतिक रोशन ने इस पर रिएक्ट किया. उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया के ट्रेंड देखकर किसी एक पक्ष का सपोर्ट न करने और फैक्ट्स का इंतजार करने की बात कही. हालांकि, ऋतिक की यह प्रतिक्रिया कंगना को पसंद नहीं आई और उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए एक्टर को जवाब दिया. कंगना रनौत ने क्या कहा? कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में ऋतिक रोशन की प्रतिक्रिया से जुड़ी एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि उन्हें खुशी है कि ऋतिक को अपनी जिंदगी में सबा आजाद के रूप में सही साथी मिल गया है और दोनों साथ में अच्छे लगते हैं. कंगना ने लिखा, प्रिय ऋतिक, मुझे खुशी है कि आपको अपना परफेक्ट पार्टनर सबा आजाद मिल गई हैं. आप दोनों साथ में बहुत अच्छे लगते हैं. आप एक कमिटेड रिश्ते में हैं, ऐसे में किसी स्त्री को इस तरह छेड़ना आपको शोभा नहीं देता. इसके बजाय आपको उन लोगों की निंदा करनी चाहिए जो आपके नाम का इस्तेमाल करके मुझे परेशान और बुली कर रहे हैं. कृपया इस मामले में और आग मत लगाइए और अपनी पार्टनर को भी असहज स्थिति में मत डालिए. उम्मीद है कि आप समझदारी से काम लेंगे और ऐसे बेवजह के बयान देना बंद करेंगे. hrithik roshan comment View on Instagram आखिर दोबारा क्यों शुरू हुई यह बहस? यह पूरा मामला उस समय फिर चर्चा में आया जब कंगना रनौत ने छात्र विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक टिप्पणी की. इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने उन्हें जवाब दिया. सौरव ने मजाकिया अंदाज में कहा, “मेरे दोस्तों ने मुझसे कहा कि तुम युवा ऋतिक रोशन जैसे दिखते हो. शायद इसी वजह से कंगना तुम्हें निशाना बना रही हैं.” इसके बाद सोशल मीडिया पर पुराने विवाद की चर्चा फिर तेज हो गई और “We Need to Apologise to Hrithik” ट्रेंड करने लगा. 2016 से चला आ रहा है ऋतिक-कंगना विवाद ऋतिक रोशन और कंगना रनौत के बीच विवाद साल 2016 में शुरू हुआ था. एक इंटरव्यू के दौरान कंगना ने ऋतिक को अपना सिली एक्स कहा था. इसके बाद ऋतिक ने सार्वजनिक रूप से इस बात से इनकार किया कि दोनों कभी रिलेशनशिप में थे. मामला यहीं नहीं रुका. दोनों की तरफ से कानूनी नोटिस भेजे गए, कई सार्वजनिक बयान सामने आए और ईमेल समेत कई गंभीर आरोप भी लगे. यह विवाद महीनों तक बॉलीवुड की सबसे बड़ी समाचार बना रहा. ये भी पढ़ें: ‘मेरी फिल्मों की क्लिप्स दिखाकर युवाओं को मत भटकाओ’: ट्रोल्स पर फूटा कंगना रनौत का गुस्सा The post ऋतिक रोशन के एक कमेंट के बाद फिर गरमाया पुराना विवाद, भड़कीं कंगना रनौत, बोलीं- ‘आग में घी डालना बंद कीजिए’ appeared first on Naya Vichar.

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130 Kmph का तेज गेंदबाज कैसे बना जैवलिन चैंपियन? रुमेश थरंगा के करियर की हैरान कर देने वाली कहानी

Rumesh Tharanga Pathirage: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुष जैवलिन थ्रो फाइनल में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला. हिंदुस्तान के स्टार एथलीट और ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा से जहां देश को गोल्ड मेडल की पूरी उम्मीद थी, वहीं श्रीलंका के युवा खिलाड़ी रुमेश थरंगा पथिरागे ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया. 23 वर्षीय रुमेश ने 89.75 मीटर का बेहतरीन थ्रो फेंककर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया, जबकि नीरज चोपड़ा 85.83 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा. फाइनल में रुमेश का दमदार प्रदर्शन जैवलिन थ्रो के फाइनल मुकाबले में रुमेश थरंगा ने शुरुआत से ही शानदार लय दिखाई. उन्होंने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास में 89.75 मीटर तक भाला फेंककर प्रतियोगिता में बढ़त बनाई और अंत तक कोई भी खिलाड़ी उनके इस प्रदर्शन को पीछे नहीं छोड़ सका. हिंदुस्तान के नीरज चोपड़ा ने पूरी कोशिश की, लेकिन उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 85.83 मीटर ही रहा. इस तरह श्रीलंका के इस युवा खिलाड़ी ने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली. रुमेश इस सीजन में पहले ही 92.62 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुके हैं, जिसके बाद उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक जैवलिन थ्रोअर्स में गिना जाने लगा है. कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड जीतकर उन्होंने यह साबित भी कर दिया कि वह आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स के बड़े सितारों में शामिल होने वाले हैं. क्रिकेटर बनने का सपना, लेकिन बदल गई जिंदगी 21 मार्च 2003 को श्रीलंका के कलूतारा में जन्मे रुमेश थरंगा पथिरागे की कहानी बेहद प्रेरणादायक है. बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने अपने स्पोर्ट्स करियर की शुरुआत जैवलिन थ्रो से नहीं, बल्कि क्रिकेट से की थी. साल 2012 में उन्होंने क्रिकेट स्पोर्ट्सना शुरू किया और कोलंबो के प्रतिष्ठित सेंट पीटर्स कॉलेज की टीम का हिस्सा बने. तेज गेंदबाज के रूप में उनकी पहचान तेजी से बनने लगी. वह नियमित रूप से 130 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी करते थे. अंडर-18 स्तर पर उनकी गेंद की गति 134 किलोमीटर प्रति घंटा तक रिकॉर्ड की गई थी. श्रीलंका क्रिकेट में उन्हें भविष्य के तेज गेंदबाज के रूप में देखा जा रहा था. पिता की सलाह ने बदल दी करियर की दिशा रुमेश के जीवन में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उनके पिता ने उन्हें एथलेटिक्स में करियर बनाने की सलाह दी. उनके पिता स्वयं पूर्व एथलीट रहे हैं और डिस्कस थ्रो तथा शॉट-पुट प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे. उन्होंने अपने बेटे की शारीरिक क्षमता को देखते हुए उसे ट्रैक एंड फील्ड में भविष्य तलाशने के लिए प्रेरित किया. इसके बाद रुमेश ने एथलेटिक्स की ओर कदम बढ़ाया और यही फैसला उनके करियर का सबसे अहम मोड़ साबित हुआ. कोच ने पहचानी कंधे की ताकत साल 2017 में रुमेश की मुलाकात कोच टोनी प्रसन्ना से हुई. कोच ने उनकी तेज गेंदबाजी के दौरान विकसित हुई कंधे की ताकत और शारीरिक क्षमता को देखते हुए उन्हें जैवलिन थ्रो अपनाने की सलाह दी. इसके बाद रुमेश ने पूरी तरह जैवलिन पर ध्यान केंद्रित किया. उन्होंने तकनीक पर लगातार काम किया, फिटनेस में सुधार किया और कुछ ही वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली. मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर उन्होंने विश्व स्तरीय खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बनाई. नीरज, अरशद और वालकॉट जैसे दिग्गजों को दी चुनौती रुमेश थरंगा अब सिर्फ श्रीलंका के उभरते खिलाड़ी नहीं, बल्कि विश्व जैवलिन थ्रो के बड़े नामों में शामिल हो चुके हैं. उन्होंने अपने प्रदर्शन से हिंदुस्तान के नीरज चोपड़ा, पाकिस्तान के अरशद नदीम और ट्रिनिडाड एंड टोबैगो के पूर्व चैंपियन केशोरन वालकॉट जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती दी है. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का गोल्ड जीतना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इससे उनका आत्मविश्वास भी काफी बढ़ा है. श्रीलंका के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि रुमेश थरंगा का गोल्ड मेडल श्रीलंका के स्पोर्ट्स इतिहास में भी बेहद खास माना जा रहा है. देश ने करीब 20 साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने का गौरव हासिल किया है. इससे पहले श्रीलंका को आखिरी बार 2006 में स्वर्ण पदक मिला था. कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में यह श्रीलंका का केवल पांचवां गोल्ड मेडल है. इसके साथ ही 1950 के बाद पहली बार श्रीलंका ने एथलेटिक्स स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक अपने नाम किया है. इस जीत ने श्रीलंका के स्पोर्ट्स इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है. अब एशियन गेम्स पर होगी नजर कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार सफलता के बाद अब सभी की निगाहें आगामी एशियन गेम्स पर रहेंगी. रुमेश थरंगा एक बार फिर नीरज चोपड़ा, अरशद नदीम और एशिया के अन्य शीर्ष जैवलिन थ्रोअर्स के खिलाफ मैदान में उतरेंगे. जिस तरह उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने प्रदर्शन से दुनिया को चौंकाया है, उसे देखते हुए एशियन गेम्स में भी उनसे बड़े प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है. यदि वह अपनी मौजूदा फॉर्म बरकरार रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में विश्व एथलेटिक्स में श्रीलंका के सबसे बड़े स्टार के रूप में उनकी पहचान और मजबूत हो सकती है. इसे भी पढ़े- CWG में हिंदुस्तान का गोल्डन पंच: एक दिन में बॉक्सिंग में इंडिया को 7 सोना, 3 चांदी The post 130 Kmph का तेज गेंदबाज कैसे बना जैवलिन चैंपियन? रुमेश थरंगा के करियर की हैरान कर देने वाली कहानी appeared first on Naya Vichar.

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लोग अपने पार्टनर को धोखा क्यों देते हैं? जानिए रिसर्च में क्या आया सामने

Relationship Cheating: किसी भी रिश्ते की सबसे मजबूत नींव भरोसा होती है. जब यही भरोसा टूटता है, तो रिश्ता भी कमजोर होने लगता है. अक्सर जब कोई अपने पार्टनर को धोखा देता है, तो वह इसे एक पल की गलती या परिस्थितियों का असर बताता है. लेकिन कई रिसर्च बताती हैं कि चीटिंग हमेशा अचानक नहीं होती. इसके पीछे कई मानसिक और व्यवहार से जुड़े कारण हो सकते हैं. रिश्ते में धोखा किसे कहते हैं? धोखा सिर्फ किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाना ही नहीं होता. अगर कोई अपने पार्टनर से छिपाकर किसी और के साथ भावनात्मक या रोमांटिक रिश्ता बनाता है, तो इसे भी बेवफाई माना जा सकता है. आज सोशल मीडिया और ऑनलाइन चैट के बढ़ते इस्तेमाल के कारण इस तरह के मामले भी पहले से ज्यादा देखने को मिल रहे हैं. रिसर्च क्या कहती है? मनोविज्ञान से जुड़ी कई रिसर्च के अनुसार, चीटिंग के पीछे सिर्फ रिश्ते में परेशानी ही वजह नहीं होती. कुछ लोग अच्छे रिश्ते में होने के बावजूद भी अपने पार्टनर को धोखा दे सकते हैं. इसकी वजह मौके का मिलना, भावनात्मक जरूरतें, कमजोर सेल्फ कंट्रोल या बिना ज्यादा सोचे फैसला लेना भी हो सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति अपने फैसले की जिम्मेदारी से बच सकता है. क्या हर किसी को होता है पछतावा? कुछ रिसर्च में यह भी सामने आया है कि हर व्यक्ति को चीटिंग के बाद एक जैसा पछतावा नहीं होता. कुछ लोग अपने फैसले पर दुख जताते हैं, जबकि कुछ ऐसा महसूस नहीं करते. हर व्यक्ति का अनुभव और सोच अलग हो सकती है. किन वजहों से बढ़ सकता है जोखिम? विशेषज्ञों के अनुसार, रिश्ते में बातचीत की कमी, भावनात्मक दूरी, कमजोर आत्म-नियंत्रण, दूसरे लोगों के साथ ज्यादा नजदीकी या किसी दूसरे व्यक्ति की ओर आकर्षण जैसी बातें कुछ लोगों में चीटिंग का जोखिम बढ़ा सकती हैं. हालांकि, ये कारण हर रिश्ते पर लागू नहीं होते. रिश्ते को मजबूत कैसे रखें? अगर रिश्ते में भरोसा बनाए रखना है, तो खुलकर बातचीत करना, एक-दूसरे की भावनाओं को समझना और समस्याओं को समय रहते सुलझाना जरूरी है. अगर रिश्ते में लगातार परेशानी आ रही है, तो रिलेशनशिप काउंसलर की सलाह लेना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है. मजबूत रिश्ता वही होता है, जहां भरोसा, सम्मान और ईमानदारी बनी रहे. यह भी पढ़ें: बिना एक भी रुपये खर्च किए बनाएं यादगार संडे, पार्टनर के साथ करें ये प्यारी चीजें The post लोग अपने पार्टनर को धोखा क्यों देते हैं? जानिए रिसर्च में क्या आया सामने appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026: ग्लास्गो में भारतीय पैरा खिलाड़ियों का जलवा, रिकॉर्ड 7 पदक जीतकर रचा इतिहास

CWG 2026: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 हिंदुस्तानीय पैरा खिलाड़ियों के लिए ऐतिहासिक साबित हुए. 28 सदस्यीय हिंदुस्तानीय पैरा दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 7 पदक जीते. इसके साथ ही हिंदुस्तान ने कॉमनवेल्थ गेम्स की पैरा स्पर्धाओं में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया. शनिवार को प्रतियोगिता के अंतिम दिन हिंदुस्तान ने एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता, जिससे पदकों की संख्या सात पहुंच गई. खास बात यह रही कि ग्लास्गो में हिंदुस्तान ने जितने पदक जीते, उतने ही पदक उसने इससे पहले राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्सों के सभी संस्करणों को मिलाकर जीते थे. पहली बार बना ऐसा रिकॉर्ड मैनचेस्टर 2002 में राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्सों में पैरा स्पर्धाओं की शुरुआत हुई थी. ग्लास्गो से पहले हिंदुस्तान ने इन स्पोर्ट्सों में कुल 1 स्वर्ण, 2 रजत और 4 कांस्य यानी सात पदक ही जीते थे. लेकिन इस बार हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों ने अकेले एक संस्करण में ही सात पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया. बर्मिंघम से आगे निकला हिंदुस्तान बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में हिंदुस्तान को पैरा स्पर्धाओं में दो पदक मिले थे. भाविना पटेल ने पैरा टेबल टेनिस में स्वर्ण और सोनलबेन पटेल ने कांस्य पदक जीता था. वहीं, पैरा पावरलिफ्टिंग में सुधीर ने स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन बाद में डोपिंग टेस्ट में असफल रहने के कारण उनसे यह पदक वापस ले लिया गया. पैरा एथलेटिक्स में बरसे पदक ग्लास्गो में हिंदुस्तान ने सबसे शानदार प्रदर्शन पैरा एथलेटिक्स में किया. यहां हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों ने 3 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य पदक जीते. वहीं, झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीतकर हिंदुस्तान की झोली में एक और पदक डाला. इन खिलाड़ियों ने बढ़ाया देश का मान शर्मिला – स्वर्ण (स्त्री शॉट पुट F57) शिल्पा शायला – कांस्य (स्त्री शॉट पुट F57) दिलीप गावित – स्वर्ण (पुरुष 100 मीटर T47) मोहम्मद बासिल – रजत (पुरुष 100 मीटर T47) सोमन राणा – स्वर्ण (पुरुष शॉट पुट F57) शुभम जुयाल – रजत (पुरुष शॉट पुट F57) झंडू कुमार – कांस्य (पैरा पावरलिफ्टिंग) रिकॉर्ड भी किए अपने नाम ग्लास्गो में हिंदुस्तानीय पैरा खिलाड़ियों ने सिर्फ पदक ही नहीं जीते, बल्कि प्रतियोगिता के दौरान एक राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्स रिकॉर्ड और एक एशियाई रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. यह प्रदर्शन हिंदुस्तानीय पैरा स्पोर्ट्सों के लगातार बढ़ते स्तर का बड़ा प्रमाण माना जा रहा है. ये भी पढ़ें: ‘गोल्डन’ स्टोरी की वो 40 दिन, बीमारी से लड़कर जैसमीन लंबोरिया बनीं चैंपियन The post CWG 2026: ग्लास्गो में हिंदुस्तानीय पैरा खिलाड़ियों का जलवा, रिकॉर्ड 7 पदक जीतकर रचा इतिहास appeared first on Naya Vichar.

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2 अगस्त की टॉप 20 खबरें: CWG में भारतीय बॉक्सरों का गोल्डन पंच, अब पेपर लीक किया तो 10 करोड़ का जुर्माना और 10 साल जेल

1. CWG 2026 में हिंदुस्तानीय बॉक्सरों का दबदबा कॉमनवेल्थ गेम्स में शनिवार को हिंदुस्तानीय बॉक्सरों का दबदबा रहा. सचिन, साक्षी, प्रीति, जैस्मीन, प्रिया, अरुंधती चौधरी ने गोल्ड मेडल जीता. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 2. एंटी पेपर लीक बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी: पेपर लीक किया तो होगी 10 साल की जेल और 10 करोड़ तक का जुर्माना पेपर लीक मामलों पर लगाम लगाने के लिए बनाए गए कड़े कानून को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है. इस विधेयक में राज्यों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और दोषियों के खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान किया गया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. कुलगाम आतंकी हमला: आतंकवादियों ने जाति और समुदाय पूछकर मजदूरों को उतारा मौत के घाट दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में पहलगाम जैसा आतंकवादी हमला हुआ. आतंकवादियों ने रोजगार की तलाश में कश्मीर गए छत्तीसगढ़ के दो बेकसूर प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया. दहशतगर्दों ने गोली मारने से पहले दोनों मजदूरों से उनकी जाति और समुदाय के बारे में पूछताछ की और फिर उन्हें मौत के घाट उतार दिया. मजदूरों की हत्या के बाद से छत्तीसगढ़ के उनके पैतृक गांवों में भारी आक्रोश और शोक की लहर है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. जैश के निशाने पर थे शुभेंदु अधिकारी और जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल, एसटीएफ का खुलासा पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्यबल (STF) ने जैश-ए-मोहम्मद के एक कथित सदस्य को गिरफ्तार किया है, जिसने कहा है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को निशाना बनाने और दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस वर्दी में तोड़फोड़ करने की साजिश रची गयी थी. STF ने आतंकी के पाकिस्तान से संबंध का भी खुलासा किया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. “मैं निराश हो चुका हूं”: शहजाद पूनावाला ने पीएम मोदी को बताया फेलियर, कहा- राहुल गांधी से सीखिए BJP से अलग होने की तेज होती अटकलों के बीच शहजाद पूनावाला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे व्यंग्यात्मक अंदाज में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते नजर आ रहे हैं. वीडियो की शुरुआत में पूनावाला का अंदाज ऐसा प्रतीत होता है मानो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना कर रहे हों. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. राहुल गांधी का हमला, कहा- छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी की जरूरत नहीं, मोदी जी को माफी मांगनी चाहिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दों को लेकर केंद्र प्रशासन पर हमला बोला है. शनिवार को X पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की. उन पर पेपर लीक से प्रभावित छात्रों और उनके परिजनों के प्रति उदासीन रहने का आरोप लगाया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 7. E20 के खिलाफ केजरीवाल का हल्ला बोल: 4 अगस्त को 100 लोग लेकर करेंगे पीएम आवास मार्च आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रशासन से पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को ‘ई20’ और शुद्ध पेट्रोल के बीच चयन करने का विकल्प दिए जाने की मांग की है. उन्होंने 4 अगस्त को 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री आवास मार्च करने का ऐलान किया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. पंजाब कांग्रेस में कलह: वडिंग की मौजूदगी में चन्नी समर्थकों की नारेबाजी, नाराज बघेल बोले- पार्टी से निकाल दूंगा पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह और गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है. पार्टी नेतृत्व भले ही ऑल-इज-वेल का दावा कर रहा हो, लेकिन धरातल पर कार्यकर्ताओं का असंतोष बार-बार सामने आ रहा है. नया मामला पटियाला का है, जहां कांग्रेस के जिला इकाई कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के संबोधन के समय पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की और हंगामा खड़ा कर दिया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. कोलकाता में भावुक हुईं तसलीमा नसरीन, समान नागरिक संहिता का किया समर्थन बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन ने कोलकाता में अपना दर्द बयां किया. उन्होंने कहा कि यूरोप ने उन्हें नागरिकता दी है, लेकिन दोनों बंगाल में उन्हें रहने की थोड़ी जगह नहीं मिल सकी. 19 साल बाद कोलकाता में तसलीमा ने क्या-क्या कहा, यहां पढ़ें. 10. बांकीपुर उपचुनाव के रिजल्ट से पहले चुनाव आयोग पहुंचे PK, पटना SSP के खिलाफ लगाए आरोप जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना एसएसपी और पुलिस अधिकारियों पर चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया है. उन्होंने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए जांच की मांग की है और कहा कि 2 अगस्त को इसका सबूत देंगे. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. बिहार के 211 नए कॉलेजों को मिले असिस्टेंट प्रोफेसर, BSUSC ने जारी किया रिजल्ट, इस सब्जेक्ट का कट-ऑफ गया सबसे ज्यादा बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) ने 211 नए डिग्री कॉलेजों में संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों की भर्ती का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है. छह विषयों की चयन सूची और श्रेणीवार कट-ऑफ घोषित हो गई है. हिंदी में सबसे अधिक कट-ऑफ रहा, जबकि कई आरक्षित पद अभी भी रिक्त रह गए हैं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 12. बायोमीट्रिक सुपरवाइजर ही निकला मास्टरमाइंड, मोबाइल पर 12:21 बजे भेजा गया था आंसर बिहार पुलिस हवलदार अनुदेशक परीक्षा में पेपर लीक कराने वाले तीन आरोपियों को ईओयू ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. बायोमीट्रिक सुपरवाइजर की मदद से 12 बजकर 21 मिनट पर आंसर मोबाइल पर भेजे गए थे. पूछताछ में आरोपियों ने पहले हुई परीक्षा में भी गड़बड़ी करने की बात कबूल की है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. सहारा इंडिया पीड़ितों का 9 अगस्त से सत्याग्रह, राजभवन के सामने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान सहारा इंडिया में निवेश कर आर्थिक नुकसान उठाने वाले निवेशकों और अभिकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. 9 अगस्त से राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है. निवेशकों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर यह सत्याग्रह जारी रहेगा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 14. JPSC Students Protest: रांची में लंबा खिंचेगा छात्रों का आंदोलन, तैयार कर रहे नया मंच रांची में JPSC परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर छात्र आंदोलन जारी है. राज्य प्रशासन से परीक्षा रद्द करने की अपील के साथ छात्रों को एक नया मंच मिला है, जिससे आंदोलन के लंबा खिंचने के

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रोहतास: पटना जाने के दौरान अनियंत्रित होकर पलटी कार, डेहरी नगर परिषद के ईओ विमल कुमार की मौत, जांच जारी

Sasaram crime News : डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की शनिवार देर शाम सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. वह निजी वाहन से डेहरी से पटना जा रहे थे. इसी दौरान औरंगाबाद जिले के डिहरा लख के समीप उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई. हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक सुरक्षित बच गया. वाहन से निकाल अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित किया दुर्घटना की सूचना मिलते ही नगर परिषद के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि एवं राजद नेता गुड्डू चंद्रवंशी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए. उन्होंने बताया कि चालक ने नगर परिषद के एक कर्मी को हादसे की जानकारी दी थी. स्थानीय प्रशासन पहले ही मौके पर पहुंच चुका था. नहर किनारे पलटे वाहन से विमल कुमार को निकालकर डेहरी लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद उन्हें एनएमसीएच, जमुहार ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोबारा जांच कर उनकी मृत्यु की पुष्टि की. डीएम-एसपी समेत कई वरीय अधिकरी पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही एनएमसीएच, जमुहार में रोहतास के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत कई वरीय प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे. अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली और पुलिस को मामले की हर पहलू से जांच करने का निर्देश दिया. हमले की आशंका पर भी जांच, चालक से हो रही पूछताछ इधर, घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं. कुछ सूत्रों ने दावा किया है कि दुर्घटना से पहले वाहन पर अपराधियों द्वारा हमला किए जाने की आशंका है, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया. हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. पुलिस चालक से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. समाचार लिखे जाने तक पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी थी. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा. समाचार अपडेट की जा रही…. The post रोहतास: पटना जाने के दौरान अनियंत्रित होकर पलटी कार, डेहरी नगर परिषद के ईओ विमल कुमार की मौत, जांच जारी appeared first on Naya Vichar.

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CM भजनलाल शर्मा का अशोक गहलोत पर हमला,बोले- आप जादूगर हैं, लेकिन भ्रष्टाचार के लिए मशहूर

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को उदयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय वन महोत्सव के दौरान पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोला. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत को लोग “जादूगर” के नाम से जानते हैं, लेकिन कांग्रेस में उनकी पहचान भ्रष्टाचार और नेतृत्वक जोड़-तोड़ के लिए है. सीएम भजनलाल शर्मा के इस बयान के बाद प्रदेश की नेतृत्व एक बार फिर गरमा गई है. कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन को लेकर घेरा सीएम भजनलाल शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रशासन के दौरान प्रशासनी कर्मचारियों और रोडवेज कर्मियों को कई-कई महीनों तक वेतन और पेंशन का इंतजार करना पड़ता था. उन्होंने दावा किया कि आज बीजेपी प्रशासन में सभी कर्मचारियों को समय पर वेतन और पेंशन मिल रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी प्रशासनों के बीच यही कामकाज का सबसे बड़ा अंतर है. सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की जनता जानती है कि कांग्रेस प्रशासन के कई मंत्री और अधिकारी भ्रष्टाचार के मामलों में जेल पहुंचे. उन्होंने कहा भ्रष्टाचार करने वालों को कानून के सामने जवाब देना पड़ा और इसी वजह से वे सलाखों के पीछे हैं। इस बयान से उन्होंने कांग्रेस प्रशासन के कार्यकाल पर गंभीर सवाल खड़े किए। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को बताया जनआंदोलन वन महोत्सव के दौरान सीएम भजनलाल शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान अब जनआंदोलन बन चुका है. उन्होंने राजस्थान के लोगों से अपील की कि वे अपनी मां की याद में एक पेड़ जरूर लगाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण छोड़ने का संकल्प लें. सियासी बयान से बढ़ेगा नेतृत्वक तापमान सीएम भजनलाल शर्मा के इस बयान को राजस्थान की नेतृत्व में सियासी हमला माना जा रहा है. एक ओर उन्होंने कांग्रेस प्रशासन पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता के आरोप लगाए, तो दूसरी ओर अपनी प्रशासन की उपलब्धियों और पर्यावरण अभियान को जनता के सामने रखा. The post CM भजनलाल शर्मा का अशोक गहलोत पर हमला,बोले- आप जादूगर हैं, लेकिन भ्रष्टाचार के लिए मशहूर appeared first on Naya Vichar.

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