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August 3, 2026

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Bankipur By Election Result: बांकीपुर में छा गए प्रशांत किशोर, 2025 में हार के 9 महीनों बाद ऐसा क्या बदला कि BJP को उसी के गढ़ में पछाड़ दिया

Bankipur By Election Result: पटना की बांकीपुर सीट पर 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हुई. शुरुआत से ही जन सुराज के प्रशांत कुमार बीजेपी और आरजेडी से आगे चल रहे हैं. अब तक के रुझानों से लगभग तय माना जा रहा है कि बांकीपुर को प्रशांत किशोर ही नये विधायक मिलने वाले हैं. बीजेपी का गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में प्रशांत किशोर के इस प्रदर्शन की चर्चा तेज हो गई है. 2025 विधानसभा में बुरी तरह हारी थी पीके की पार्टी 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने लगभग सभी सीटों पर चुनाव लड़ा था. लेकिन जन सुराज को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था. एक भी सीट पर प्रशांत किशोर की पार्टी के उम्मीदवार जीत नहीं पाए थे. इसके बावजूद लगभग 9 महीनों के बाद फिर जन सुराज चुनावी मैदान में उतरी. 2025 में पीके ने खुद चुनाव न लड़कर पार्टी के नेताओं को उम्मीदवार बनाया था. लेकिन बांकीपुर उपचुनाव सीट पर उन्होंने खुद ही चुनाव लड़ने का फैसला लिया. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बांकीपुर सीट पर बीजेपी के नितिन नबीन ने 98 हजार से ज्यादा वोट लेकर शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि जन सुराज की उम्मीदवार वंदना कुमारी आठ हजार वोट भी नहीं जुटा सकी थीं. ऐसे में अब सवाल है कि नौ महीने के अंदर ऐसा क्या बदल गया कि प्रशांत किशोर खुद मैदान में उतर गए और बीजेपी के किले को ध्वस्त करने की तरफ बढ़ रहे हैं. क्या कहना है नेतृत्वक जानकारों का? इस मामले में नेतृत्वक जानकारों का कहना है कि इस बार चुनाव की कहानी अलग है. विधानसभा चुनाव में कई वोटर्स ने रणनीतिक वोटिंग की थी. उन्हें डर था कि अगर उन्होंने जन सुराज का साथ दिया तो इसका फायदा आरजेडी को मिल सकता है. 2025 में नीतीश कुमार के चेहरे पर वोट मिले थे. लेकिन अब सम्राट चौधरी सीएम हैं. ऐसे में उपचुनाव में प्रशासन नहीं बदलनी थी और न ही मुख्यमंत्री तय होना था. इस वजह से वोटर्स ने पहले की तुलना में ज्यादा स्वतंत्र होकर वोट किया. साथ ही उनका यह भी मानना है कि इस बार चुनाव किसी चेहरे से ज्यादा स्थानीय मुद्दों और विधानसभा में मजबूत आवाज की जरूरत पर लड़ा जा रहा है. बांकीपुर की जनता ऐसा विधायक चाहती है, जो सड़क, ट्रैफिक, जलजमाव और नागरिक सुविधाओं जैसे मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाए. विधानसभा में विपक्ष की कोई बुलंद आवाज नहीं है. अगर जन सुराज जीतती है तो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट पर और हारेंगे भी तो बिहार में पूरे जोश के साथ ही बने रहेंगे. 2025 में पीके की हार के बाद क्या जताई गई थी संभावना? प्रशांत किशोर जब 2025 में हारे थे, तब भी कुछ नेतृत्वक जानकारों ने पॉजिटिव रिएक्शन दिया था. उनका कहना था कि जन सुराज की हार में जीत छिपी है. वे हार कर भी जनता के बीच अपनी छाप छोड़ गए. ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि जनता उन्हें एक मौका जरूर ही देगी. जनता पहली बार किसी को मौका देने में हिचकती है और हो सकता है उन्हें और समय देना चाहती है. नेतृत्वक विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने जो मुद्दे उठाए थे, वह कहीं ना कहीं जायज थे. वे लोगों के बीच गए, उनसे मिले और आम लोगों के मुद्दों की बात की. लेकिन बावजूद उन्हें मुंह की खानी पड़ी. संभावना जताई गई थी कि वह खुद को इस बार हारा हुआ जरूर पाएं, लेकिन ये कहीं ना कहीं नेतृत्व में उतरे इस नए खिलाड़ी की एक शानदार शुरुआत है जो आगे जीत में बदल सकती है. बांकीपुर में छाए प्रशांत किशोर कुछ ऐसा ही नजारा बांकीपुर उपचुनाव में देखने के लिए मिल रहा है. बीजेपी के गढ़ में जन सुराज के प्रशांत किशोर छा गए हैं. अगर प्रशांत किशोर यहां मजबूत प्रदर्शन के साथ जीत जाते हैं तो जन सुराज को राज्य की नेतृत्व में नई ताकत के रूप में देखा जाएगा. फिलहाल, वोटों की गिनती जारी है. वोटिंग की गिनती के शुरुआत से ही प्रशांत किशोर लगातार आगे बढ़ रहे हैं. बीजेपी दूसरे जबकि आरजेडी तीसरे नंबर पर है. Also Read: Bankipur By Election Result: बांकीपुर के रुझानों में रेखा गुप्ता पिछड़ीं, PK ने बढ़ाई तेजस्वी की टेंशन, विपक्ष के चेहरे पर भी खतरा? The post Bankipur By Election Result: बांकीपुर में छा गए प्रशांत किशोर, 2025 में हार के 9 महीनों बाद ऐसा क्या बदला कि BJP को उसी के गढ़ में पछाड़ दिया appeared first on Naya Vichar.

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विशाल ददलानी की दमदार आवाज में रिलीज हुआ ‘आजमा ले’, कारगिल युद्ध की अनकही कहानी को करता है बयां

ऑपरेशन सफेद सागर के पहले ट्रैक ‘दिलवाले दिलसाज परिंदे’ को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब नेटफ्लिक्स ने टी- सीरीज के साथ मिलकर दूसरा गाना ‘आजमा ले’ रिलीज कर दिया है. यह सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि उन युवा इंडियान एयर फोर्स पायलट्स की हिम्मत, जज्बे और कभी हार न मानने वाली सोच को ट्रिब्यूट है, जिन्होंने देश के लिए हर चुनौती का सामना किया. ‘आजमा ले’ सॉन्ग हुआ रिलीज कारगिल युद्ध के सबसे साहसी और कम चर्चित मिशनों में से एक से इंस्पायर्ड यह ट्रैक गोल्डन एरो स्क्वाड्रन की कहानी को सामने लाता है. गाना उन जवानों की भावना को दिखाता है, जिन्होंने डर नहीं, बल्कि अपने फर्ज को चुना और देश की पुकार पर हमेशा आगे खड़े रहे. ‘आजमा ले’ को किसने गाया है ‘आजमा ले’ को विशाल ददलानी ने अपनी प्यारी आवाज दी है. इसका म्यूजिक सिद्धार्थ पंडित ने बनाया है, जबकि इसके बोल आलोक रंजन श्रीवास्तव ने लिखे हैं. हाई-एनर्जी बीट्स और इमोशनल मेलोडी का यह कॉम्बिनेशन गाने बहुत पावरफुल हैं. ट्रैक हिंदुस्तानीय वायु सेना के पायलटों के संघर्ष, हमले और कभी हार न होने वाले एटीट्यूड को महसूस कराता है. म्यूजिक वीडियो में हैं शानदार विजुअल्स म्यूजिक वीडियो में शानदार विजुअल्स के जरिए पायलट्स की दोस्ती, टीमवर्क और मिशन के दौरान लिए गए मुश्किल फैसलों को दिखाया गया है. हर फ्रेम उन लोगों को सलाम करता है जिन्होंने नामुमकिन लगने वाले हालात में भी देश के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया. ऑपरेशन सफेद सागर हिंदुस्तान के इतिहास के उस अहम अध्याय को स्क्रीन पर लेकर आ रही है, जब इंडियन एयर फोर्स ने दुनिया का सबसे ऊंचाई पर होने वाला एयर ऑपरेशन अंजाम दिया था. यह कहानी देश के सबसे युवा स्क्वाड्रन की है, जिसने मुश्किल वक्त में जिम्मेदारी संभाली और मिशन को सफल बनाया. ऑपरेशन सफेद सागर किस दिन नेटफ्लिक्स पर होगी स्ट्रीम सीरज़ के निर्देशक ओनी सेन ने किया है. इसे अभिजीत सिंह परमार और कुशल श्रीवास्तव ने बनाया है. वहीं संजय राउतरे, सरिता पाटिल और मेहबूब पाल सिंह बराड़ भी शामिल हैं. सीरीज में सिद्धार्थ, जिमी शेरगिल, अभय वर्मा, दीया मिर्जा, प्राजक्ता कोली, आदिल हुसैन, मिहिर आहूजा, तारुक रैना, अर्नव भसीन और अमृता बागची अहम कलाकार नजर आएंगे. ऑपरेशन सफेद सागर का प्रीमियर 7 अगस्त को सिर्फ Netflix पर होगा. ये भी पढ़ें: 50 घंटे बिना सोए इस यूट्यूबर ने असम बाढ़ राहत के लिए जुटाए 70 लाख, लाइवस्ट्रीम कर बना दिया रिकॉर्ड The post विशाल ददलानी की दमदार आवाज में रिलीज हुआ ‘आजमा ले’, कारगिल युद्ध की अनकही कहानी को करता है बयां appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान मॉड्यूल तैयार कर रहा था हमीम मंडल, निशाने पर थे 6 मंत्री

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जिस संदिग्ध आतंकी हमीद मंडल उर्फ हमीम को गिरफ्तार किया है, वह पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादियों के निर्देश पर पुलिसकर्मियों पर हथियारबंद हमले की साजिश रच रहा था. एसटीएफ की टीम इस बात की जांच कर रही है कि हमले कब और कहां होने थे. कहीं वह स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) को किसी हमले की योजना तो नहीं बना रहा था. मंत्रियों को फांसने की जिम्मेदारी अर्पिता को पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी गुट ‘शहजाद भट्टी’ हनीट्रैप का इस्तेमाल कर राज्य के कम से कम 6 मंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों को इसमें फंसाने की साजिश रच रहा था. यह काम गिरफ्तार आतंकवादी नेता हमीम मंडल की स्त्री साथी अर्पिता प्रशासन को सौंपा गया था. एसटीएफ की जांच में पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन शहजाद भट्टी के 2 ‘अमीरों’ (कमांडर) अजमल गुर्जर और राजा के नाम सामने आये हैं. यह भी पता चला है कि वे हिंदुस्तान के अलग-अलग राज्यों में आतंकवादियों की भर्ती के लिए सोशल मीडिया पर अलग-अलग नाम का इस्तेमाल कर रहे थे. संदिग्ध आतंकी हमीम से पूछताछ एवं मोबाइल चैट की जांच से लगातार मिल रही नयी-नयी जानकारी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर से सोशल मीडिया के जरिये हमीम को लगातार मिलते थे नये निर्देश टीटीएच ने पंजाब में की पुलिस अफसरों की हत्या संदिग्धों के पास से जब्त डिजिटल उपकरणों की अब तक की जांच में पता चला है कि हमीम मंडल न केवल शहजाद भट्टी गैंग के लिए काम कर रहा था, बल्कि ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ (टीटीएच) का सदस्य भी था. टीटीएच ने इस साल फरवरी और मई में पंजाब में पुलिस अधिकारियों की हत्या की थी. ये भी पढ़ें: आतंकियों के निशाने पर शुभेंदु अधिकारी : बंगाल के मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ी, अब बुलेटप्रूफ कार में चलेंगे 5 हजार रुपए देकर लगवाते थे देश विरोधी पोस्टर जांच अधिकारी को अब कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाकर और उनकी हत्या करके इसी तरह के हमले करने की साजिश का पता चला है. देखा गया है कि उक्त आतंकी संगठन के सदस्य देश विरोधी पोस्टर लगाने के लिए प्रति व्यक्ति 5 हजार रुपए तक खर्च करते थे. हमला करने के लिए 3 लाख रुपए देते थे. पुलिस पर हमले और हथियार हासिल करने के निर्देश पाकिस्तान से सोशल मीडिया हैंडल के जरिये भेजे जाते थे. ये भी पढ़ें: पाकिस्तानी आतंकियों की हनीट्रैप अर्पिता प्रशासन का क्या है सच? जानें पिता ने क्या कहा बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी पर हमले की रची थी साजिश जांच में यह भी पता चला है कि आतंकवादियों ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर भी हमले की साजिश रची थी. उन्होंने हमले के संभावित तरीकों और रास्तों का खाका तैयार कर लिया था. इसकी जानकारी सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को हमीम और अर्पिता प्रशासन ने दी थी. हैंडलर्स ने ड्राफ्ट की समीक्षा की, अपनी राय दी और संभावित रास्तों का सुझाव दिया. ये भी पढ़ें: इंस्टाग्राम पर इश्क और हनीट्रैप का जाल, हमीम की गर्लफ्रेंड अर्पिता प्रशासन पर जांच एजेंसियों का खुलासा ‘बंगाल में टीटीएच मॉड्यूल और स्लीपर सेल पर चल रहा था काम’ जांच अधिकारियों ने बताया है कि हमीम मंडल इस साजिश में अकेला नहीं था. पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स, जिनकी पहचान राणा, उजैर, आबिद जथ और हमार के तौर पर हुई है, ने सोशल मीडिया के जरिये कई और लोगों को इसमें शामिल किया था. बंगाल में कई टीटीएच मॉड्यूल बनाने की योजना थी. पाकिस्तान से मिले निर्देशों के आधार पर हमीम ने इस संबंध में कई बैठकें की थीं. वह कुछ हथियारबंद भी तैयार कर रहा था. इतना ही नहीं, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में फंड और हथियार जुटाने के लिए स्लीपर सेल भी बनाये जा रहे थे. ये भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा बढ़ायी जाये, बुलेटप्रूफ कार और जैमर का हो इंतजाम : अर्जुन सिंह The post बंगाल में तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान मॉड्यूल तैयार कर रहा था हमीम मंडल, निशाने पर थे 6 मंत्री appeared first on Naya Vichar.

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राज्य सरकारें चाहें तो छात्र आंदोलन से जुड़े केस बंद सकती हैं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में राज्य प्रशासनें चाहें तो कानून के अनुसार छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी बंद कर सकती हैं या वापस ले सकती हैं. इससे पहले केंद्र प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कार्रवाई नहीं करने के अपने आश्वासन को लेकर वह प्रतिबद्ध है. हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि है, उन्हें इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने पिछले महीने अपना विरोध प्रदर्शन उस आश्वासन के बाद खत्म किया था, जिसमें कहा गया था कि परीक्षा सुधार और जवाबदेही की मांग को लेकर राजधानी में जुटे हजारों प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. The post सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राज्य प्रशासनें चाहें तो छात्र आंदोलन से जुड़े केस बंद सकती हैं appeared first on Naya Vichar.

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‘जो गांधी के हत्यारे हैं, उन्हें हमें एंटी नेशनल कहने का कोई अधिकार नहीं,’ अभिजीत दीपके का RSS पर हमला

कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने कहा है कि देश में अगर कोई पहला एंटी नेशनल था तो वो नाथूराम गोडसे था. उसकी विचारधारा के समर्थक हमें एंटी नेशनल कह रहे हैं. मुझे लगता है कि उनके पास को मोरल राइट नहीं है कि वो हमें एंटी नेशनल कहें. एनएनआई न्यूज एजेंसी के साथ लंबी बातचीत में अभिजीत दीपके ने मोदी प्रशासन और आरएसएस पर हमला किया है. दीपके ने झारखंड में हो रहे आंदोलन को समर्थन देने की बात कही अभिजीत दीपके लगातार यह कहते आए हैं कि उनकी नेतृत्व में कोई रुचि नहीं है और वे सिर्फ छात्रों के मुद्दों को उठा रहे हैं. लेकिन झारखंड में जेपीएसी और जेएसएससी परीक्षा को लेकर आंदोलन कर रहे लोगों के पक्ष में उनका कोई स्टेटमेंट नहीं आया था. जब इस बारे में उनसे पूछा गया, तो दीपके ने कहा कि हम झारखंड के युवाओं के साथ हैं. मेरी कल रात को उनसे बातचीत हुई है. हम उनके मांगों के साथ हैं,जैसे ही मेरी तबीयत ठीक होगी मैं वहां जाकर उनके आंदोलन का हिस्सा बनूंगा. आरक्षण को समर्थन देने की कही बात जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के बाद आरक्षण को समाप्त करने की बात भी उठ रही है. ऐसे में जब दीपके से आरक्षण के बारे में पूछा गया, तो वे इसके समर्थन में बोले. दीपके ने कहा कि शिक्षा देने में क्या दिक्कत है. यह प्रशासन का दायित्व है कि वो अधिक से अधिक लोगों तक शिक्षा पहुंचाए. इसके लिए अगर आरक्षण दिया जाता है, तो इसमें गलत क्या है. जहां तक बात सीट की है, तो प्रशासन सीट बढ़ाए. प्रशासन स्कूल काॅलेज बढ़ाएं, इसके लिए आरक्षण खत्म करने की क्या जरूरत है. प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री बनाने पर उठाए सवाल अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा था, जो मिल गया है. हमारी मांग पूरी हुई है, लेकिन जिन्हें शिक्षा मंत्री बनाया गया है वो बलात्कारियों का स्वागत करने वाले व्यक्ति हैं. प्रह्लाद जोशी पर बिलकिस बानो के रेपिस्टों का स्वागत करने का आरोप लगा है. ऐसे में स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा कि शिक्षा मंत्री कौन है-बलात्कारियों का स्वागत करने वाला. ये भी पढ़ें : पढ़ाई के खर्च को लेकर उठ रहे सवालों पर अभिजीत दीपके का जवाब- स्कॉलरशिप से विदेश गया, एजुकेशन लोन के दस्तावेज दिखाऊंगा The post ‘जो गांधी के हत्यारे हैं, उन्हें हमें एंटी नेशनल कहने का कोई अधिकार नहीं,’ अभिजीत दीपके का RSS पर हमला appeared first on Naya Vichar.

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पढ़ाई के खर्च को लेकर उठ रहे सवालों पर अभिजीत दीपके का जवाब- स्कॉलरशिप से विदेश गया, एजुकेशन लोन के दस्तावेज दिखाऊंगा

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका नेतृत्व में आने या किसी नेतृत्वक दल का गठन करने का कोई इरादा नहीं है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए दीपके ने कहा कि मौजूदा समय में लोगों का भरोसा नेतृत्व, चुनाव प्रणाली, न्यायपालिका और मीडिया से कम हुआ है. ऐसे में देश को एक नए नेतृत्वक दल की नहीं, बल्कि जन-आंदोलन की जरूरत है. हमारा नेतृत्व में आने का कोई इरादा नहीं है. जिस तरह लोगों का भरोसा व्यवस्था से उठ रहा है, ऐसे समय में नेतृत्वक पार्टी बनाकर क्या करेंगे? देश को जन-आंदोलन की जरूरत है. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके बोले अभिजीत दीपके- एजुकेशन लोन के दस्तावेज दिखाने को तैयार हूं अपने परिवार और पढ़ाई के खर्च को लेकर उठ रहे सवालों पर दीपके ने कहा कि वह अपने एजुकेशन लोन और स्कॉलरशिप से जुड़े सभी दस्तावेज दिखाने के लिए तैयार हैं. मैं अपने एजुकेशन लोन और स्कॉलरशिप लेटर से जुड़े दस्तावेज दिखाने के लिए तैयार हूं. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपनी डिग्री दिखाने का अनुरोध करता हूं- कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके आरटीआई कार्यकर्ता ने उठाया था सवाल अभिजीत दीपके का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने उनके और उनके परिवार के वित्तीय मामलों की जांच की मांग की है. तिवारी ने महाराष्ट्र प्रशासन, हिंदुस्तानीय चुनाव आयोग (ECI) और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) को शिकायतें भेजी हैं. उनका दावा है कि दीपके के पिता भगवानराव दीपके MIDC में जूनियर इंजीनियर थे और उन्होंने सवाल उठाया कि सीमित वेतन में अमेरिका में पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया गया. तिवारी ने CJP के अपंजीकृत रहते हुए चंदा लेने और कथित फंडिंग की भी जांच की मांग की है. आरक्षण पर क्या बोले अभिजीत दीपके? आरक्षण के मुद्दे पर अभिजीत दीपके ने कहा कि पिछड़े वर्गों के बच्चों को शिक्षा मिलने में कोई बुराई नहीं है. उनका मानना है कि सीटें कम होने की शिकायत करने के बजाय प्रशासन से सीटें बढ़ाने की मांग की जानी चाहिए. अगर किसी पिछड़े वर्ग के शिशु को शिक्षा मिल रही है तो इसमें क्या गलत है? हमें आरक्षण का विरोध करने के बजाय शिक्षा में सीटें बढ़ाने की मांग करनी चाहिए. लोग मैनेजमेंट कोटा पर उतना सवाल क्यों नहीं उठाते? कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके झारखंड के छात्रों को दिया समर्थन दिपके ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि जैसे ही उनकी तबीयत ठीक होगी, वह खुद झारखंड जाकर छात्रों से मिलेंगे. उन्होंने कहा- हम झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ हैं. मैंने उन्हें अपना समर्थन दिया है और कहा है कि वे अपना आंदोलन जारी रखें. दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम को लेकर दीपके ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए पहले से साजिश रची गई थी. दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध स्थल के पास पहले से पत्थरों से भरा ट्रक और एक क्षतिग्रस्त वैन खड़ी थी. उन्होंने कहा कि 19 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर मंच के पीछे पत्थरों से भरा एक ट्रक खड़ा कर दिया था. इसके पीछे क्या कारण था? 20 जुलाई से पहले वहां एक क्षतिग्रस्त वैन भी खड़ी थी. अगले दिन समाचार आई कि विरोध प्रदर्शन पर पत्थरबाजी हुई. दिल्ली पुलिस ने इसकी पहले से ही योजना बना रखी थी. मैंने अपने आंदोलन की शुरुआत से ही कहा है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान गड़बड़ी पैदा करने, विरोध प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए बाहर से कुछ लोगों को भेजा जाएगा और मुख्य न्यायाधीश से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए जाएंगे. इन गुंडों ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर पहले से ही योजना बना रखी थी. जिस विरोध स्थल पर मुझे बिना जांच के जाने नहीं दिया जा रहा था, वहां 2100 अपराधी खुलेआम घूम रहे थे. यह दिल्ली पुलिस पर एक बड़ा सवालिया निशान है.- कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके शिक्षा मंत्री और मुआवजे को लेकर प्रशासन पर निशाना दीपके ने कहा कि उनकी मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की थी, जो पूरी हो गई. हालांकि, उन्होंने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए और कहा कि वह इसका समर्थन नहीं करते. साथ ही उन्होंने दावा किया कि NEET की तैयारी कर रहे जिन छात्रों ने कथित तौर पर आत्महत्या की, उनके परिवारों को अब तक एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा नहीं मिला है. जब दूसरे कामों के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा सकते हैं, तो पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के लिए नियमों का हवाला क्यों दिया जा रहा है? इससे प्रशासन की मंशा पर सवाल उठते हैं- कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके CJP की मांगें आत्महत्या करने वाले NEET-UG अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा. प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेना. पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना. मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर होगा आंदोलन अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर प्रशासन उनकी लंबित मांगों को पूरा नहीं करती है, तो संगठन एक बार फिर आंदोलन शुरू करेगा. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रशासन ने कुछ मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन उनका अब तक पूरी तरह पालन नहीं हुआ है. दिपके ने चेतावनी देते हुए कहा- हम चाहते हैं कि प्रशासन हमारी सहमत मांगों को पूरा करे. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हमें फिर से धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन का विकल्प खुला रहेगा. Also Read:CJP को लेकर IB की सुरक्षा चिंता का दावा, पेपर लीक के मुद्दे से नेतृत्वक बहस तक पहुंचा मामला The post पढ़ाई के खर्च को लेकर उठ रहे सवालों पर अभिजीत दीपके का जवाब- स्कॉलरशिप से विदेश गया, एजुकेशन लोन के दस्तावेज दिखाऊंगा appeared first on Naya Vichar.

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कोर्ट के फैसले के बाद बोलीं विनेश फोगाट : बृजभूषण को बचाता रहा पूरा सिस्टम

पूर्व ओलंपियन और कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने पूर्व WFI प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के यौन उत्पीड़न मामले में बरी होने पर निराशा जताई है. उन्होंने कहा कि एक ताकतवर नेता के खिलाफ सड़क पर उतरना और FIR दर्ज कराना आसान नहीं था. विनेश ने आरोप लगाया कि बृजभूषण के प्रभाव और दबाव के कारण कई लड़कियों ने अपने नाम वापस ले लिए, लेकिन कई स्त्री पहलवानों ने हिम्मत दिखाते हुए कानूनी लड़ाई जारी रखी. उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले से पहलवान दुखी हैं और उन्हें लगता है कि पूरे मामले में व्यवस्था ने बृजभूषण का साथ दिया. विनेश ने बताया कि पहलवानों ने अपने वकीलों से फैसले को चुनौती देने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई खत्म नहीं हुई है और वे न्याय के लिए आगे भी संघर्ष जारी रखेंगी. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को बरी कर दिया है. अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण सिंह ने कहा कि उन्हें और तोमर को अदालत ने सम्मान के साथ दोषमुक्त किया है. बृजभूषण सिंह ने कहा, ”पहले ही दिन मैंने कहा था कि यदि मेरे खिलाफ लगाया गया कोई भी आरोप साबित हो जाए तो मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा. अब अदालत ने मुझे बाइज्जत बरी कर दिया है. मैं खुश हूं और अपने वकीलों का आभारी हूं.” पूर्व भाजपा सांसद ने कहा, ”फिलहाल मैं इतना ही कह सकता हूं. अदालत का विस्तृत आदेश पढ़ने के बाद ही इस मामले पर आगे टिप्पणी करूंगा.” मजिस्ट्रेट कोर्ट के इस फैसले को अभियोजन पक्ष (मुकदमा दर्ज कराने वाला पक्ष) दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दे सकता है. मामले की सुनवाई बंद कमरे में हुई, जहां मीडिया को प्रवेश की अनुमति नहीं थी. फैसला सुनाए जाने के बाद बृजभूषण सिंह के वकील ने अदालत के बाहर मीडिया को जानकारी देते हुए उनके बरी होने की पुष्टि की. The post कोर्ट के फैसले के बाद बोलीं विनेश फोगाट : बृजभूषण को बचाता रहा पूरा सिस्टम appeared first on Naya Vichar.

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चेहरे की खोई नमी वापस पाने के लिए ट्राई करें शहद और नारियल तेल का आसान फेस मास्क

Honey Coconut Oil Night Skincare: अगर बदलते मौसम, धूप या बार-बार फेसवॉश करने की वजह से त्वचा रूखी और बेजान लगने लगी है, तो घर में मौजूद दो आसान चीजें आपकी स्किनकेयर रूटीन का हिस्सा बन सकती हैं। शहद और नारियल तेल से तैयार फेस मास्क त्वचा को नमी देने और उसे मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है. हालांकि, इसे पूरी रात चेहरे पर छोड़ने के बजाय सीमित समय तक लगाना बेहतर माना जाता है. रात में शहद और नारियल तेल लगाने से क्या हो सकता है फायदा? शहद एक नेचुरल ह्यूमेक्टेंट माना जाता है, जो त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है। वहीं, नारियल तेल स्किन की बाहरी परत को मुलायम रखने में सहायक हो सकता है. दोनों को मिलाकर तैयार किया गया फेस मास्क ड्राई स्किन वालों के लिए फायदेमंद महसूस हो सकता है. हालांकि, नारियल तेल हर स्किन टाइप के लिए उपयुक्त नहीं होता. ऑयली या मुंहासे वाली त्वचा में यह कुछ लोगों के रोमछिद्र बंद कर सकता है। इसलिए इसे पूरी रात लगाने के बजाय 15-20 मिनट बाद धो लेना बेहतर रहता है. यह भी पढ़ें: महंगे Blush की छुट्टी, चुकंदर से घर पर बनाएं नेचुरल क्रीम ब्लश कैसे बनाएं फेस मास्क? (PC: AI Image) एक कटोरी में 1 बड़ा चम्मच कच्चा शहद लें. इसमें 1 छोटा चम्मच नारियल तेल मिलाएं. दोनों चीजों को अच्छी तरह मिलाएं. तब तक मिलाते रहें, जब तक एक स्मूद और क्रीमी मिश्रण तैयार न हो जाए. फेस मास्क तैयार है, अब इसे चेहरे पर लगाया जा सकता है. Honey Coconut Oil फेस मास्क कैसे लगाएं? सबसे पहले चेहरे को माइल्ड फेसवॉश से अच्छी तरह साफ कर लें. तैयार मिश्रण को चेहरे और गर्दन पर हल्के हाथों से समान रूप से लगाएं। आंखों के आसपास की त्वचा पर इसे लगाने से बचें. फेस मास्क को 15–20 मिनट तक लगा रहने दें. इसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें और साफ तौलिये से थपथपाकर सुखा लें। जरूरत हो तो अंत में हल्का मॉइस्चराइजर लगा सकते हैं. यह भी पढ़ें: पलकों को नेचुरली लंबा और मजबूत बनाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स The post चेहरे की खोई नमी वापस पाने के लिए ट्राई करें शहद और नारियल तेल का आसान फेस मास्क appeared first on Naya Vichar.

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रिश्ता अच्छा होने के बाद भी क्यों हो जाती है चीटिंग? जानिए रिसर्च क्या कहता है

Why People Cheat In Relationships: हर रिश्ता भरोसे पर टिका होता है. जब यही भरोसा टूटता है, तो रिश्ता भी कमजोर पड़ने लगता है. अक्सर लोग कहते हैं कि उनसे गलती हो गई या सब कुछ अचानक हो गया. लेकिन रिश्तों पर हुई कई रिसर्च बताती हैं कि हर बार ऐसा नहीं होता. कई बार इसके पीछे अलग-अलग वजहें होती हैं. रिश्ते में धोखा किसे माना जाता है? धोखा सिर्फ किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शारीरिक रिश्ता बनाने को नहीं कहते. अगर कोई अपने पार्टनर से छिपकर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ , रोमांटिक इमोशनल या शारीरिक रिश्ता बना ले, तो इसे भी बेवफाई माना जाता है. आज के समय में सोशल मीडिया और ऑनलाइन चैट के जरिए बनने वाले छिपे रिश्ते भी इसमें शामिल हो सकते हैं. क्या चीटिंग अचानक हो जाती है? धोखा देने के बाद कई लोग कहते हैं कि सब कुछ अचानक हो गया. लेकिन साल 2016 में प्रकाशित एक रिसर्च में पता चला कि कुछ लोग बिना ज्यादा सोचे जल्दी फैसला ले लेते हैं. ऐसे लोग कई बार उस समय सही और गलत के बारे में ज्यादा नहीं सोचते, हालांकि रिसर्च में यह भी कहा गया कि सिर्फ यही वजह नहीं होती. किसी का स्वभाव, खुद पर कितना कंट्रोल है और रिश्ते को लेकर उसकी सोच भी उसके फैसले को प्रभावित कर सकती है. क्या अफेयर के बाद हर किसी को पछतावा होता है? इस सवाल का जवाब भी हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है. साल 2023 में Archives of Sexual Behavior जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर कर चुके शादीशुदा लोगों से बात की गई. इस रिसर्च में पता चला कि कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें अपने अफेयर से खुशी मिली और उन्हें अपने फैसले पर ज्यादा पछतावा नहीं हुआ. कुछ लोगों का यह भी कहना था कि उनके अफेयर की वजह से उनकी शादी पर ज्यादा असर नहीं पड़ा. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति ऐसा ही सोचता है. हर रिश्ता और हर इंसान अलग होता है. यह भी पढ़ें: बिना एक भी रुपये खर्च किए बनाएं यादगार संडे, पार्टनर के साथ करें ये प्यारी चीजें The post रिश्ता अच्छा होने के बाद भी क्यों हो जाती है चीटिंग? जानिए रिसर्च क्या कहता है appeared first on Naya Vichar.

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Bankipur By Election Result: बिहार की राजनीति में पीके की एंट्री, शुरुआती गणना में बढ़त ; बीजेपी और राजद की रणनीति पर सवाल

Bankipur By Election Result: बांकीपुर विधानसभा सीट पिछले करीब 30 वर्षों से भाजपा का गढ़ रही है. इस सीट पर सवर्ण मतदाताओं का बड़ा प्रभाव माना जाता है और भाजपा को हमेशा इसका फायदा मिलता रहा है. लेकिन इस बार जन सुराज के प्रशांत किशोर ने सवर्ण बहुल इलाकों में भी अच्छी बढ़त बनाकर मुकाबले को लगभग एकतरफा कर दिया है. इससे पता चलता है कि भाजपा के परंपरागत वोटों का एक बड़ा हिस्सा जन सुराज की ओर गया है. मुस्लिम-यादव वोटों में भी मिली बढ़त राजद का सबसे मजबूत आधार मुस्लिम-यादव यानी एमवाई वोट बैंक माना जाता है. इस उपचुनाव में राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता शुरुआती राउंड से ही पीछे रहीं. कई इलाकों में प्रशांत किशोर को ऐसे बूथों पर भी अच्छी बढ़त मिली, जहां पहले राजद का प्रभाव माना जाता था. इससे कहा जा सकता है कि जन सुराज ने मुस्लिम और यादव वोटरों के बीच भी अपनी पकड़ बनाई. जाति से आगे बढ़ने की कोशिश प्रशांत किशोर ने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान खुद को किसी एक जाति या वर्ग तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार और बेहतर शासन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. यही वजह रही कि उन्हें अलग-अलग समाज के लोगों का समर्थन मिलता दिखाई दिया. भाजपा और राजद दोनों के लिए बड़ा संदेश बांकीपुर का चुनाव सिर्फ एक सीट का मुकाबला नहीं माना जा रहा था. भाजपा के लिए यह अपना गढ़ बचाने की चुनौती थी, जबकि राजद अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती थी. जन सुराज के प्रदर्शन ने दोनों दलों को यह संकेत दिया है कि बिहार की नेतृत्व में अब नया विकल्प भी तेजी से जगह बना रहा है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें भविष्य की नेतृत्व पर पड़ेगा असर अगर अंतिम नतीजों में भी यही तस्वीर बनी रहती है, तो इसका असर आने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति पर पड़ सकता है. भाजपा को अपने पारंपरिक वोट बैंक को और मजबूत करना होगा, जबकि राजद को अपने आधार वोटरों को फिर से एकजुट रखने की चुनौती होगी. दूसरी ओर जन सुराज इस प्रदर्शन के दम पर खुद को बिहार की बड़ी नेतृत्वक ताकत के रूप में पेश करने की कोशिश करेगी. इसे भी पढ़ें: 1995 से बीजेपी का अभेद्य किला है बांकीपुर, जानिए 1957 से लेकर अब तक कौन-कौन बना विधायक The post Bankipur By Election Result: बिहार की नेतृत्व में पीके की एंट्री, शुरुआती गणना में बढ़त ; बीजेपी और राजद की रणनीति पर सवाल appeared first on Naya Vichar.

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