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August 13, 2026

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सुबह उठकर सबसे पहले फोन देखते हैं? बदल लें ये आदत, जानें ‘No-Phone Morning’ के फायदे

आज के समय में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन चुका है. सुबह आंख खुलते ही कई लोगों का हाथ सबसे पहले फोन की तरफ जाता है. कोई सोशल मीडिया चेक करता है, तो कोई मैसेज और ईमेल देखने लगता है. लेकिन क्या दिन की शुरुआत इसी तरह करना सही है? इसी सोच के साथ इन दिनों ‘नो-फोन मॉर्निंग’ का ट्रेंड काफी चर्चा में है. क्या है ‘नो-फोन मॉर्निंग’? नो-फोन मॉर्निंग का मतलब है कि सुबह उठने के तुरंत बाद कुछ समय तक मोबाइल से दूरी बनाए रखना. इसमें लोग करीब 30 मिनट से एक घंटे तक फोन नहीं देखते. इस दौरान वे अपनी सुबह की शुरुआत बिना स्क्रीन के करते हैं. आप चाहें तो इस समय टहल सकते हैं, एक्सरसाइज कर सकते हैं, गहरी सांस ले सकते हैं या कुछ देर शांत बैठ सकते हैं. सुबह फोन न देखने से मूड पर क्या असर पड़ता है? सुबह उठते ही सोशल मीडिया, समाचारें या काम से जुड़े मैसेज देखने से दिमाग पर एक साथ काफी जानकारी आ जाती है. इससे दिन की शुरुआत तनाव और बेचैनी के साथ हो सकती है. वहीं, कुछ समय फोन से दूर रहने पर दिमाग को आराम से जागने और दिन के लिए तैयार होने का मौका मिलता है. सुबह फोन न देखने से आपका ध्यान अपने काम पर बेहतर तरीके से लग सकता है. खासकर सोशल मीडिया से दूरी बनाने पर दूसरों की जिंदगी से अपनी तुलना करने की आदत भी कम हो सकती है. इससे मन हल्का और मूड बेहतर महसूस हो सकता है. सुबह की शुरुआत ऐसे करें सुबह उठकर सबसे पहले एक गिलास पानी पिएं और कुछ मिनट खुली हवा में रहें. हल्की स्ट्रेचिंग या वॉक करें. चाहें तो कुछ देर मेडिटेशन या जर्नलिंग भी कर सकते हैं. अगर फोन से दूरी बनाना मुश्किल लगता है, तो उसे रात में ही बेड से दूर रखकर चार्ज करें. हालांकि, हर व्यक्ति पर इसका असर अलग हो सकता है. जरूरी नहीं कि आपको पूरे एक घंटे फोन से दूर रहना ही पड़े. शुरुआत 15-20 मिनट से करें और धीरे-धीरे इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं. यह भी पढ़ें: शिशु का पढ़ाई में नहीं लगता मन? स्टडी रूम से जुड़े इन वास्तु के नियमों पर दें ध्यान The post सुबह उठकर सबसे पहले फोन देखते हैं? बदल लें ये आदत, जानें ‘No-Phone Morning’ के फायदे appeared first on Naya Vichar.

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2007 वाला करिश्मा दोहराएंगी मायावती? यूपी में अखिलेश-योगी के बीच BSP का ‘कमबैक प्लान’ तैयार!

UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन इसकी तैयारी का असर अभी से दिखने लगा है. कभी यूपी की सत्ता पर पूर्ण बहुमत के साथ राज करने वाली बहुजन समाज पार्टी अब अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश में है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मायावती 2027 में फिर मजबूत वापसी कर पाएंगी और अखिलेश यादव व योगी आदित्यनाथ के बीच अपनी सियासी जगह बना पाएंगी? BSP के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है? बीएसपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपना पुराना वोट बैंक वापस जोड़ने की है. इसी बीच चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को लेकर भी चर्चा तेज है. सवाल उठ रहा है कि क्या मायावती 2027 से पहले किसी पेशेवर चुनावी रणनीतिकार की मदद लेंगी? हालांकि, अब तक प्रशांत किशोर और मायावती या बीएसपी के किसी शीर्ष नेता के बीच औपचारिक बातचीत की कोई पुष्टि नहीं हुई है. 2007 में सत्ता के शिखर पर पहुंची थी BSP बीएसपी के सियासी सफर पर नजर डालें तो पार्टी की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है. 2007 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी ने 206 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत की प्रशासन बनाई थी. लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी सिर्फ एक सीट पर सिमट गई. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी का खाता तक नहीं खुल सका. यही वजह है कि 2027 के चुनाव से पहले पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी सियासी जमीन को फिर से मजबूत करने की है. प्रशांत किशोर का नाम क्यों आया चर्चा में? महाराष्ट्र में हाल ही में चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार से मुंबई में लंबी मुलाकात की. इस दौरान महाराष्ट्र की भविष्य की नेतृत्व और मराठा, दलित व मुस्लिम समीकरण को लेकर चर्चा होने की बात सामने आई. क्या मायावती भी PK की मदद लेंगी? इसी घटनाक्रम के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या मायावती भी यूपी चुनाव से पहले प्रशांत किशोर की मदद ले सकती हैं. हालांकि, बीएसपी की अब तक की नेतृत्व को देखें तो मायावती बाहरी चुनावी रणनीतिकारों के बजाय अपने पारंपरिक कैडर, भाईचारा कमेटियों और राज्य स्तरीय समन्वयकों के नेटवर्क पर भरोसा करती रही हैं. अखिलेश यादव भी कर चुके हैं I-PAC के साथ काम वहीं, अखिलेश यादव प्रशांत किशोर की कंपनी I-PAC के मार्गदर्शन में काम कर चुके हैं. ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले बीएसपी और प्रशांत किशोर के संभावित समीकरण को लेकर सियासी चर्चा होना स्वाभाविक है, हालांकि इसकी कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है. दलित वोट बैंक BSP की सबसे बड़ी ताकत रहा बीएसपी का सबसे मजबूत आधार लंबे समय से दलित वोट रहा है, खासकर जाटव समाज. पार्टी की सोशल इंजीनियरिंग में दलित, ब्राह्मण और मुस्लिम समीकरण भी अहम रहा है. लेकिन पिछले एक दशक में गैर-जाटव दलित समुदायों में बीजेपी ने अपनी पकड़ मजबूत की है. पासी, धोबी, वाल्मीकि और कोरी जैसी जातियों के बीच बीजेपी की पैठ बढ़ी है. मुस्लिम वोटों के खिसकने से भी लगा झटका दूसरी तरफ, 2019 के गठबंधन और फिर 2022 व 2024 के चुनावों में बीएसपी की कमजोर स्थिति के बीच मुस्लिम मतदाताओं ने बीजेपी को हराने के लिए बड़े पैमाने पर सपा और कांग्रेस का रुख किया. इसका सीधा असर बीएसपी के चुनावी प्रदर्शन पर पड़ा. जानकारों के मुताबिक सड़क पर उतरना जरूरी नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता से बाहर होने के बाद बीएसपी और उसके नेताओं की जमीनी सक्रियता कम हुई. आंदोलन और सड़क पर संघर्ष से दूरी को भी पार्टी के कमजोर होते जनाधार की एक बड़ी वजह माना जा रहा है. सिर्फ सोशल मीडिया से नहीं बनेगी बात जानकारों के मुताबिक अगर बीएसपी 2027 में वापसी करना चाहती है तो उसे केवल प्रेस नोट और सोशल मीडिया तक सीमित रहने के बजाय दलित, पिछड़े और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जमीन पर उतरना होगा. पेपर लीक से महंगाई तक मुद्दों पर आंदोलन की जरूरत यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पेपर लीक, महंगाई और कस्टडी डेथ जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन खड़ा करना और गैर-जाटव दलितों व अति-पिछड़ों को संगठन में अहम जिम्मेदारी देना पार्टी के लिए जरूरी हो सकता है. ‘संविधान बचाओ’ नैरेटिव से BSP को नुकसान 2024 में सपा और कांग्रेस ने ‘संविधान बचाओ’ के नैरेटिव के जरिए दलित वोटों में सेंध लगाई थी. ऐसे में बीएसपी के सामने अपने पारंपरिक मतदाताओं को फिर से अपने साथ जोड़ने की चुनौती है. मायावती अब भी दलित नेतृत्व का बड़ा चेहरा यूपी में मायावती आज भी दलित समाज की सबसे बड़ी और सर्वमान्य राष्ट्रीय नेताओं में शामिल हैं. हालांकि, उनकी आक्रामक नेतृत्व में आई कमी से पार्टी कैडर में निराशा की बात कही जाती है. वहीं, चंद्रशेखर आजाद पिछले कुछ वर्षों में ज्यादा आक्रामक अंदाज में नेतृत्व करते नजर आए हैं. आकाश आनंद से BSP को नई उम्मीद दूसरी ओर, मायावती के भतीजे आकाश आनंद को बीएसपी का भविष्य माना जा रहा है. फिलहाल वह पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं. अपनी जनसभाओं में आकाश आनंद आक्रामक भाषण शैली के साथ युवाओं, खासकर Gen-Z से संवाद बनाने की कोशिश करते दिखाई दिए हैं. रोजगार और शिक्षा पर युवाओं से कनेक्ट करने की कोशिश आकाश आनंद ने हाथरस के सादाबाद में रोजगार, शिक्षा और स्वाभिमान जैसे मुद्दों को लेकर प्रशासन पर निशाना साधा. वहीं, पार्टी के संगठनात्मक फैसलों में अब भी मायावती का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. ऐसे में 2027 का विधानसभा चुनाव बीएसपी के लिए महज सत्ता में वापसी की कोशिश नहीं, बल्कि अपने पुराने नेतृत्वक आधार को दोबारा मजबूत करने और उसे बचाए रखने की भी बड़ी परीक्षा माना जा रहा है. पदयात्राओं से कैडर में आ सकती है नई ऊर्जा अगर मायावती आकाश आनंद को संगठन और चुनावी फैसलों में ज्यादा स्वतंत्रता देती हैं और वह चुनाव से पहले पूरे उत्तर प्रदेश में आक्रामक पदयात्राएं करते हैं, तो पार्टी के कमजोर पड़े जनाधार में नई ऊर्जा आ सकती है. यह भी पढ़ें: 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव का मास्टर प्लान तैयार, सर्वे टीम तय करेगी किसे मिलेगा सपा का टिकट The post 2007 वाला करिश्मा दोहराएंगी मायावती? यूपी में अखिलेश-योगी के बीच

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सोनू को सिविल सर्विस, अभिजीत को कंप्यूटर साइंस में बनाना था करियर, लद्दाख ट्रिप ने छीन ली दो दोस्तों की जिंदगी

Bhojpur Two Youths Dies In Ladakh landslide: लेह-लद्दाख की खूबसूरत वादियों में घूमने और जिंदगी के सुनहरे सपने देखने निकले भोजपुर के दो होनहार युवकों की यात्रा मंगलवार को खारदुंगला दर्रे के पास हुए भूस्खलन के साथ हमेशा के लिए थम गयी. एक ही बाइक पर सवार अभिजीत आनंद और सोनू कुमार पहाड़ से गिरे मलबे और भारी पत्थरों की चपेट में आ गये. हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गयी. एक तरफ अभिजीत कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने की तैयारी कर रहा था, तो दूसरी ओर सोनू का सपना सिविल सर्विस में जाने का था. परिवार को उम्मीद थी कि दोनों पढ़-लिखकर अपने सपनों को पूरा करेंगे, लेकिन लद्दाख की एक यात्रा ने दो परिवारों की जिंदगी में ऐसा खालीपन छोड़ दिया, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा. दस दोस्तों ने साथ शुरू की थी लद्दाख यात्रा अभिजीत और सोनू अकेले लद्दाख घूमने नहीं गये थे. उनके साथ कुल 10 युवकों का ग्रुप था. इनमें चार युवक बिहिया के रहने वाले थे, जबकि छह युवक दिल्ली से इस यात्रा में शामिल हुए थे. सभी दोस्तों ने पहले जम्मू पहुंचने की योजना बनाई. जम्मू पहुंचने के बाद पांच बाइक किराये पर ली गयीं और पूरा ग्रुप बाइक से लेह-लद्दाख की ओर रवाना हुआ. दोस्तों के लिए यह यात्रा लंबे समय से बनायी गयी योजना का हिस्सा थी. पहाड़, बर्फीली चोटियां, ऊंचे दर्रे और लद्दाख की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने का उत्साह सभी के बीच था. यात्रा के दौरान युवकों ने कई जगहों पर तस्वीरें भी खींचीं और यादें संजोयीं. उन्हें क्या पता था कि यही यात्रा उनके दो साथियों की जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी. चार बाइकों पर सवार आठ युवक बच गये मंगलवार को जब पूरा ग्रुप खारदुंगला दर्रे के पास से गुजर रहा था, तभी अचानक पहाड़ से भूस्खलन हुआ. देखते ही देखते भारी मलबा और पत्थर सड़क की ओर आ गिरे. इस दौरान चार बाइकों पर सवार आठ युवक किसी तरह सुरक्षित बच गये, लेकिन एक बाइक पर सवार अभिजीत और सोनू मलबे की चपेट में आ गये. हादसा इतना अचानक हुआ कि दोनों को संभलने या बचने का मौका तक नहीं मिला. भूस्खलन के मलबे और भारी पत्थरों की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गयी. हादसे की समाचार जैसे ही उनके साथियों और स्थानीय लोगों के माध्यम से परिजनों तक पहुंची, बिहिया में मातम पसर गया. एक साथ यात्रा पर निकले दस दोस्तों में से आठ का सुरक्षित बचना राहत की बात थी, लेकिन दो दोस्तों को हमेशा के लिए खो देने का दर्द पूरे ग्रुप और दोनों परिवारों के लिए बेहद भारी था. मृतक अभिजीत आनंद और सोनू कुमार की फाइल फोटो। दो दोस्तों के सपनों का सफर अधूरा रह गया अभिजीत और सोनू सिर्फ यात्रा के साथी नहीं थे, बल्कि करीबी दोस्त भी थे. दोनों अलग-अलग जगहों पर पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन दोस्ती ने उन्हें एक साथ बांधे रखा था. लद्दाख की यात्रा भी इसी दोस्ती का हिस्सा थी. एक का सपना कंप्यूटर साइंस की दुनिया में अपनी पहचान बनाना था और दूसरा सिविल सर्विस में जाकर देश और समाज की सेवा करना चाहता था. दोनों अपने-अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे थे. परिवार और दोस्तों को भरोसा था कि आने वाले वर्षों में दोनों अपने सपनों को पूरा करेंगे. लेकिन मंगलवार का दिन उनके जीवन की आखिरी तारीख बन गया. खारदुंगला के पास अचानक हुए भूस्खलन ने न केवल दो जिंदगियां छीन लीं, बल्कि दो परिवारों के भविष्य की उम्मीदों को भी गहरा आघात पहुंचाया. बिहिया में समाचार पहुंचते ही मचा कोहराम हादसे की सूचना बिहिया पहुंचते ही दोनों युवकों के घरों पर लोगों की भीड़ जुटने लगी. रिश्तेदार, परिचित और स्थानीय लोग परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचने लगे. किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि कुछ दिन पहले हंसते-मुस्कुराते हुए लद्दाख घूमने निकले दोनों युवक अब इस दुनिया में नहीं हैं. बिहिया के लोगों के लिए भी यह घटना बेहद दुखद है. दोनों युवक कम उम्र में ही अपनी पढ़ाई और भविष्य को लेकर आगे बढ़ रहे थे. उनकी मौत की समाचार ने पूरे इलाके को शोक में डाल दिया. रोती-बिलखती अभिजीत की मां गुरुवार को घर पहुंचेगा दोनों का पार्थिव शरीर परिजनों के अनुसार, लद्दाख में आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों युवकों के पार्थिव शरीर को एंबुलेंस से दिल्ली लाया जाएगा. इसके बाद दिल्ली से पटना और फिर बिहिया स्थित उनके पैतृक आवास लाया जाएगा. परिजनों को गुरुवार तक दोनों के पार्थिव शरीर के पहुंचने की उम्मीद है. पार्थिव शरीर के घर पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. परिवार के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं. खूबसूरत सफर की सबसे दर्दनाक तस्वीर लद्दाख की यात्रा दोनों दोस्तों के लिए जिंदगी की खूबसूरत याद बनने वाली थी. दोस्तों का पूरा ग्रुप एक साथ निकला था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वही सफर दो दोस्तों की जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा. चार बाइकों पर सवार आठ दोस्तों का सुरक्षित बच जाना जहां राहत की बात है, वहीं अभिजीत और सोनू की मौत ने पूरे ग्रुप को अंदर तक झकझोर दिया है. पहाड़ों की खूबसूरती के बीच आया अचानक भूस्खलन अपने पीछे दो परिवारों का कभी न भरने वाला दुख छोड़ गया. अभिजीत की आंखों में कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना था और सोनू सिविल सर्विस में जाने की तैयारी कर रहा था. दोनों के सपने बड़े थे, मंजिल अभी दूर थी और सफर अभी बाकी था. लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था. लद्दाख की वह यात्रा, जो जिंदगी की यादगार यात्रा बनने निकली थी, दो होनहार दोस्तों की जिंदगी का आखिरी सफर बन गयी. Also Read: लद्दाख में भोजपुर के दो दोस्तों की दर्दनाक मौत, लैंडस्लाइड की चपेट में आई बाइक; बिहिया में पसरा मातम The post सोनू को सिविल सर्विस, अभिजीत को कंप्यूटर साइंस में बनाना था करियर, लद्दाख ट्रिप ने छीन ली दो दोस्तों की जिंदगी appeared first on Naya Vichar.

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13 अगस्त की टॉप 20 खबरें: इमरान खान की मौत की अफवाह, CJP ने जंतर-मंतर पार्ट-2 का किया ऐलान; झारखंड में छात्रों का आंदोलन जारी

1. पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की जेल में मौत? पत्रकार के दावे की पाकिस्तानी सेना ने बताई सच्चाई क्या पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में मौत हो गई? एक पत्रकार के सनसनीखेज दावे ने खूब सुर्खियां बटोरीं. पाकिस्तानी सेना ने बताया कि सच्चाई आखिर है क्या. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 2. सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ अभद्र टिप्पणी; प्राथमिकी दर्ज, आरोपी गिरफ्तार पलामू के पाटन थाने में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में विनय विश्वकर्मा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंचे रघुवर दास, बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं तो मैं भी अनशन पर बैठूंगा पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन किया. उन्होंने राज्य प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर छात्रों की जायज मांगें पूरी करने की चेतावनी दी है, अन्यथा वह स्वयं अनशन पर बैठने की घोषणा की है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. जस्टिस यशवंत वर्मा पर चलेगा महाभियोग: जांच कमेटी ने अधजली नकदी कांड में पाया दोषी, रिपोर्ट संसद में पेश इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के आधिकारिक आवास से नकदी बरामद होने के मामले में जांच रिपोर्ट संसद में पेश कर दी गई है. तीन सदस्यीय जांच समिति ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को सही पाया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. जानिए क्यों एन चंद्रशेखरन ने छोड़ दिया टाटा संस का पद, कही ये बात N Chandrasekaran कौन हैं? TCS से Tata Sons के चेयरमैन तक का सफर, पद छोड़ने की वजह, कार्यकाल, उपलब्धियां और अब Tata Group की कमान कौन संभालेगा, जानें पूरी कहानी. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति विवाद में हाईकोर्ट का फैसला: बोर्ड की योजना के अध्ययन के लिए बनाई समिति झारखंड हाईकोर्ट ने जगन्नाथपुर मंदिर की न्यास समिति को लेकर चल रहे विवाद पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. अदालत ने झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से पेश की स्कीम के अध्ययन के लिए समिति का गठन किया है. इसमें महाधिवक्ता रोहितश्व राय को अध्यक्ष बनाया गया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 7. 15 अगस्त से गांव-गांव पहुंचेगी CJP: अभिजीत दीपके का ऐलान, जंतर-मंतर सीजन 2 बहुत जल्द CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि ‘जंतर-मंतर’ का दूसरा सीजन जल्द ही शुरू होने वाला है. उन्होंने बीजेपी पर लोगों को धमकाने और मीटिंग के लिए हॉल न देने का गंभीर आरोप भी लगाया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. ‘हर सवाल का जवाब देने को तैयार’, अमित शाह ने विपक्ष को दी चुनौती- आप तय करें चर्चा करनी है या हंगामा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में चर्चा के लिए तैयार. उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष दोपहर 3 बजे से चर्चा शुरू करे, तो वे अगले दिन 3 बजे तक सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं. यह तय विपक्ष को करना है कि वे चर्चा चाहते हैं या हंगामा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. स्पाइसजेट की फ्लाइट में मची चीख-पुकार, सांस लेने में दिक्कत के बाद यात्रियों का हंगामा, रनवे से लौटा विमान स्पाइसजेट की फ्लाइट SG 105 में मंगलवार रात तकनीकी समस्या होने के बावजूद उसे उड़ान के लिए तैयार करने पर कई यात्रियों की तबीयत बिगड़ी और उनके हंगामे के बाद रनवे से फ्लाइट को वापस किया गया. बाद में दूसरी फ्लाइट का इंतजाम करके यात्रियों को दिल्ली से पुणे भेजा गया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 10. मुंबई के घाटकोपर में भूस्खलन: मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हुई, 7 घायल मुंबई के घाटकोपर इलाके में बुधवार को भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन हुआ. हादसे में तीन बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई. जबकि 7 अन्य लोग घायल हो गए. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. इंडिगो फ्लाइट के बाएं इंजन में खराबी, चेन्नई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग, 224 लोग थे सवार कोलकाता से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-723 के बाएं इंजन में उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आ गई. इसके बाद चेन्नई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी घोषित कर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई. राहत की बात यह रही कि फ्लाइट में सवार सभी 224 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 12. Delimitation: सीएम विजय ने लोकसभा की 543 सीटें फ्रीज करने का प्रस्ताव पास किया तमिलनाडु विधानसभा ने लोकसभा की 543 सीटों को फ्रीज रखने का प्रस्ताव पारित किया. प्रस्ताव में 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन और 2029 से स्त्री आरक्षण लागू करने की मांग की गई है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. बंगाल में हिंदुस्तान विरोधी नेटवर्क तैयार कर रही थी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई, 2 संदिग्ध गिरफ्तार पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने हिंदुस्तान-बांग्लादेश सीमा के पास बनगांव से संदिग्ध आईएसआई एजेंट और पाकिस्तानी नागरिक राणा रऊफ को गिरफ्तार किया है. नेपाल के रास्ते हिंदुस्तान में घुसा यह संदिग्ध कथित तौर पर सेना की जासूसी कर रहा था. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 14. ममता बनर्जी प्रशासन में जारी सभी नये OBC प्रमाण पत्रों को कलकत्ता हाईकोर्ट ने किया रद्द कलकत्ता हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने तृणमूल कांग्रेस के शासन काल के नये नियमों के तहत जारी सभी ओबीसी प्रमाण पत्रों को रद्द कर दिया है. OBC-A और OBC-B कैटेगरी खत्म, अब सभी ‘जनरल’ माने जायेंगे. पढ़ें पूरी रिपोर्ट. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 15. बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र: 13,14,15,16, 17 और 18 अगस्त को भयंकर बारिश का अलर्ट, जानें अपने राज्य का हाल उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बन गया है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 12 घंटों के दौरान इसके और मजबूत होकर वेल-मार्क लो प्रेशर और उसके अगले 24 घंटों में गहरे दबाव में तब्दील होने की संभावना है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 16. राहुल गांधी, नसीरुद्दीन शाह और बॉलीवुड पर भड़कीं कंगना रनौत, पूछा- पाकिस्तान से लव स्टोरी कब खत्म होगी? बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने झारखंड में जारी छात्र आंदोलन की अनदेखी करने पर राहुल गांधी, नसीरुद्दीन शाह

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गांव में रह गए मां-बाप, खेत और घर… रोजगार की तलाश में क्यों निकल रहे बिहार के युवा?

बिहार के किसी भी गांव की सुबह का दृश्य अब पहले जैसा नहीं दिखाई देता. गांव में खेत हैं, गलियां हैं, स्कूल हैं और पंचायत भवन भी बने हुए हैं, लेकिन युवा आबादी अब वहां से गायब हो चुकी है. जिन घरों में कभी सुबह-सुबह पुरुषों की चहल-पहल रहती थी और लोग खेतों की ओर निकलते थे, वहां अब कई परिवारों में केवल बुजुर्ग, स्त्रीएं और छोटे शिशु ही दिखाई देते हैं. परिवार का खर्च चलाने के लिए बिहार के युवा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र और देश के दूसरे राज्यों में काम कर रहे हैं. कई युवा साल में सिर्फ होली, छठ, दिवाली या दूसरे त्योहारों पर ही घर लौट पाते हैं. कुछ दिन परिवार के साथ बिताने के बाद वे फिर रोजी-रोटी की तलाश में बाहर निकल जाते हैं. यह तस्वीर सिर्फ एक-दो गांवों की नहीं है, बल्कि बिहार के कई ग्रामीण इलाकों की आम कहानी बन चुकी है. अपने ही घर में मेहमान बनकर रह गए हैं बिहार के युवा यह बदलाव सिर्फ बिहार से लोगों के बाहर जाने की कहानी नहीं है. यह उस बड़े सामाजिक और आर्थिक बदलाव का संकेत है, जिसमें बिहार का गांव अब युवाओं के रहने और कमाने की जगह कम, बल्कि परिवार के पास कुछ दिनों के लिए लौटने की जगह ज्यादा बनता जा रहा है. बिहार के कई युवाओं की स्थिति ऐसी हो गई है कि वे अपने ही घर में मेहमान जैसे लगते हैं. घरवालों को भी पता होता है कि बेटा या परिवार का दूसरा कमाने वाला सदस्य कुछ दिनों बाद फिर काम के लिए बाहर चला जाएगा. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बिहार के गांवों से युवा इतनी बड़ी संख्या में बाहर क्यों जा रहे हैं? इसका जवाब सिर्फ बेरोजगारी में नहीं छिपा है. इसके पीछे एक साथ कई कारण हैं. खेती से सीमित कमाई, जमीन का छोटे-छोटे हिस्सों में बंट जाना, गांव और आसपास बड़े उद्योगों की कमी, दूसरे राज्यों की तुलना में कम मजदूरी, पढ़ाई के बाद रोजगार के पर्याप्त मौके नहीं मिलना और बेहतर जिंदगी की चाह ने इस पलायन को बढ़ाया है. इन सभी वजहों ने मिलकर बिहार के गांवों की युवा आबादी को रोजगार के लिए बाहर जाने पर मजबूर किया है. 2011 की जनगणना से ही मिलने लगे थे संकेत बिहार में बड़े पैमाने पर होने वाला पलायन कोई आज की नई समस्या नहीं है, इसकी जड़ें कई दशक पुरानी हैं. राज्य में आखिरी बार जनगणना साल 2011 में हुई थी. उस समय बिहार की कुल आबादी करीब 10.4 करोड़ थी, जिसमें से लगभग 8.6 करोड़ लोग गांवों में निवास करते थे. यानी राज्य की 88 फीसदी से अधिक जनता ग्रामीण क्षेत्रों में रह रही थी. लेकिन इतनी बड़ी आबादी का गांव में रहने का मतलब यह बिल्कुल नहीं था कि उनके पास गांव में ही आजीविका के साधन उपलब्ध थे. जनगणना के आंकड़ों से ही यह साफ होने लगा था कि लोग रोजगार, पढ़ाई और बेहतर अवसरों के लिए अपना घर छोड़ रहे हैं. अब सिर्फ मजदूर नहीं, पढ़े-लिखे हुनरमंद युवा भी छोड़ रहे गांव बीते वर्षों में बिहार से होने वाले पलायन के रूप में एक बहुत बड़ा बदलाव आया है. पहले गांव से बाहर जाने वाला व्यक्ति मुख्य रूप से केवल खेतिहर मजदूर होता था जो दूसरे राज्यों में जाकर खेती या मजदूरी का काम करता था. लेकिन आज की तस्वीर बिल्कुल अलग है. आज गांव छोड़कर बाहर जाने वालों में सिर्फ मजदूर नहीं, बल्कि कंस्ट्रक्शन वर्कर, ड्राइवर, सिक्योरिटी गार्ड, होटल और रेस्टोरेंट कर्मचारी, फैक्ट्रियों में काम करने वाले ऑपरेटर, डिलीवरी बॉय, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, टेक वर्कर, छोटे कारोबारी और डिग्री हासिल कर चुके पढ़े-लिखे युवा भी शामिल हैं. इसका मतलब यह है कि गांव का हर वर्ग आज अपनी क्षमता के हिसाब से बाहर काम तलाशने पर मजबूर है. मजबूरी या आर्थिक फैसला? जानिए क्यों बाहर जाना बन गया है मजबूरी बिहार के लिए पलायन को केवल एक सामाजिक समस्या मान लेना पूरी सच्चाई को नहीं दिखाता. एक गरीब ग्रामीण परिवार के नजरिए से देखें तो अगर गांव में दिन भर कड़ी धूप में काम करने पर 300 से 400 रुपये की मजदूरी मिलती है, जबकि वही काम या उससे बेहतर काम किसी दूसरे राज्य में करने पर 600 से 800 रुपये या उससे अधिक मिलते हैं, तो बाहर जाना एक जरूरी आर्थिक फैसला बन जाता है. यही कारण है कि आज बिहार के लाखों ग्रामीण परिवारों की रसोई बाहर से आने वाले पैसों से ही चल रही है. 63 लाख से ज्यादा श्रमिक बाहर दिसंबर 2025 की एक राष्ट्रीय परामर्श रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, बिहार से करीब 63 लाख से ज्यादा मजदूर अपनी आजीविका चलाने के लिए राज्य से बाहर गए हुए थे. इनमें से लगभग 71.7 प्रतिशत लोग एक राज्य से दूसरे राज्य में गए थे. जबकि 25 प्रतिशत लोग बिहार के भीतर ही एक जिले से दूसरे जिले में काम के लिए गए थे. विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. यह आंकड़ा सिर्फ कमाने वाले मजदूरों का है, अगर उनके साथ उन पर निर्भर रहने वाले परिवार के बाकी सदस्यों को भी जोड़ दिया जाए, तो पलायन का असर राज्य की आधी से ज्यादा आबादी पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पड़ता है. खेती बनी सबसे बड़ा आधार, लेकिन नहीं दे पा रही पर्याप्त रोजगार बिहार की ग्रामीण वित्तीय स्थिति का मूल ढांचा आज भी खेती-किसानी पर ही टिका हुआ है. लेकिन कड़वा सच यह है कि खेती अब हर परिवार को सम्मानजनक जीवन और पर्याप्त आय देने की स्थिति में नहीं रही है. सबसे बड़ी समस्या जमीनों का लगातार छोटा होना है. पीढ़ी-दर-पीढ़ी परिवारों के बंटवारे के कारण जमीनें इतनी छोटी हो चुकी हैं कि एक किसान के हिस्से में महज कुछ कट्ठे या एक-दो एकड़ जमीन ही बचती है. इतनी छोटी जमीन पर खेती करके पूरे परिवार का साल भर का खर्च उठाना और बच्चों की पढ़ाई का खर्च चलाना पूरी तरह असंभव हो जाता है. बढ़ती लागत और मौसम की मार छोटी जोत के साथ-साथ खेती की लागत में भी भारी बढ़ोतरी हुई है. बीज, खाद, कीटनाशक दवाएं, डीजल, बिजली, सिंचाई और मजदूरी के दाम लगातार बढ़े हैं. इतना सब खर्च

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BIHAR STET को लेकर आई खुशखबरी, इस दिन से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन

Bihar STET 2026 Notification: बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी लंबे समय से STET 2026 परीक्षा का इंतजार कर रहे थे. अब उनके लिए राहत और उम्मीद से जुड़ी अपडेट सामने आई है. बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड यानी BSEB ने बिहार माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) 2026 को लेकर जरूरी जानकारी शेयर की है. बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ त्यागराजन एस एम ने ऑफिशियल रूप से इसकी घोषणा की है. बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार एसटीईटी 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 17 अगस्त 2026 से शुरू हो जाएगी. अभी बोर्ड की ओर से परीक्षा का पूरा नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है. ऐसे में आवेदन की आखिरी तारीख, परीक्षा की तारीख और दूसरी जरूरी जानकारी का थोड़ा इंतजार करना होगा. Bihar STET 2026 Update: 17 अगस्त से शुरू होगा आवेदन BSEB STET 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 17 अगस्त से शुरू होगी. कैंडिडेट ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकेंगे. अभी आवेदन की आखिरी तारीख और फीस जमा करने की अंतिम तारीख की जानकारी नहीं दी गई है. बोर्ड की ओर से डिटेल्ड नोटिफिकेशन जारी होने के बाद इन तारीखों की जानकारी साफ हो जाएगी. परीक्षा दो पेपर में आयोजित की जाएगी. पेपर 1 माध्यमिक स्तर के विषयों के लिए होगा, जबकि पेपर 2 उच्च माध्यमिक स्तर से जुड़े विषयों के लिए होगा. ये भी पढ़ें: बिहार पुलिस हवलदार इंस्ट्रक्टर 2026 का रिजल्ट जारी, ऐसे डाउनलोड करें रिजल्ट Bihar STET 2026 Notification: कौन कर सकेगा आवेदन? फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पेपर 1 के लिए संबंधित विषय में ग्रेजुएशन के साथ बीएड या निर्धारित योग्यता रखने वाले कैंडिडेट आवेदन कर सकेंगे. वहीं पेपर 2 के लिए संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन के साथ बीएड या नोटिफिकेशन में बताई गई दूसरी योग्यताओं को पूरा करना जरूरी होगा. अलग-अलग विषयों के लिए योग्यता में अंतर हो सकता है. इसलिए डिटेल्ड नोटिफिकेशन आने के बाद विषय वाइज योग्यता जरूर चेक करनी होगी.  आयु सीमा की बात करें तो न्यूनतम आयु 18 साल रखी गई है. अधिकतम आयु पुरुष कैंडिडेट के लिए 37 साल और स्त्री कैंडिडेट के लिए 40 साल बताई गई है. आरक्षित वर्ग को नियम के अनुसार उम्र में छूट मिलेगी. अभी क्या करना चाहिए? बोर्ड की ओर से फिलहाल सिर्फ आवेदन शुरू होने की जानकारी सामने आई है. इसलिए कैंडिडेट को डिटेल्ड नोटिफिकेशन का इंतजार करना चाहिए. नोटिफिकेशन जारी होने के बाद आवेदन की आखिरी तारीख, फीस, विषय वाइज योग्यता, परीक्षा पैटर्न और दूसरी जरूरी जानकारी साफ हो जाएगी. आवेदन शुरू होने के बाद कैंडिडेट BSEB की ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे. ये भी पढ़ें: Bihar ASI Operation परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी, यहां देखें अपना रिजल्ट The post BIHAR STET को लेकर आई खुशसमाचारी, इस दिन से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन appeared first on Naya Vichar.

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Royal Enfield ने 2019 में उतारी थी ये बाइक, सिर्फ एक साल बाद ही बंद हो गई बिक्री, आखिर क्या थी वजह?

साल था 2019. क्रूजर और रेट्रो बाइक के लिए मशहूर Royal Enfield ने हिंदुस्तान में एक ऐसी बाइक उतारी थी, जिसने आते ही खूब चर्चा बटोरी. लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया, जब इस बाइक ने अपना पहला साल पूरा किया और अचानक शोरूम्स से गायब होने लगी. न कोई लंबा इंतजार, न कोई बड़ी घोषणा, बस बाइक की बिक्री बंद हो गई. अब सवाल ये था कि आखिर ऐसा क्यों हुआ? Royal Enfield जैसे बड़े और भरोसेमंद ब्रांड ने अपनी ही बाइक को इतनी जल्दी क्यों हटा दिया? छोटी कंपनी होती तो शायद बात समझ में आती, लेकिन रॉयल एनफील्ड के मामले में यह फैसला अपने आप में किसी रहस्य से कम नहीं था. कौन सी थी वो बाइक और क्यों आई थी? यह बाइक थी Royal Enfield Bullet Trials 350. कंपनी ने इसे 1950 के दशक की अपनी मशहूर ट्रायल्स बाइक्स से इंस्पायर्ड होकर बनाया था. उस दौर में The post Royal Enfield ने 2019 में उतारी थी ये बाइक, सिर्फ एक साल बाद ही बंद हो गई बिक्री, आखिर क्या थी वजह? appeared first on Naya Vichar.

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श्रीलंका में सहवाग ने ऐसे उड़ाई थी अजंता मेंडिस की धज्जियां, जड़ा था नाबाद डबल सेंचुरी

Ind vs Sl Test Series: श्रीलंका का गॉल मैदान हिंदुस्तानीय क्रिकेट की कई यादगार कहानियों का गवाह रहा है, लेकिन 2008 में यहां वीरेंद्र सहवाग ने जो किया, उसकी चर्चा आज भी होती है. हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले में सहवाग ने अजंता मेंडिस की रहस्यमयी स्पिन का ऐसा करारा जवाब दिया था, जिसे क्रिकेट फैंस आज भी याद करते हैं. सहवाग ने नाबाद दोहरा शतक जड़ते हुए हिंदुस्तान को 170 रनों से शानदार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. गॉल में सहवाग का तूफानी अंदाज 31 जुलाई 2008 को गॉल में हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला शुरू हुआ. हिंदुस्तानीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. टीम की शुरुआत उतनी मजबूत नहीं रही, लेकिन एक छोर पर वीरेंद्र सहवाग पूरी तरह डटे रहे. सहवाग ने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. अजंता मेंडिस की मिस्ट्री स्पिन भी उन्हें रोक नहीं सकी. सहवाग ने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए और तेजी से रन बटोरते हुए अपना दोहरा शतक पूरा किया. 231 गेंदों पर ठोके नाबाद 201 रन सहवाग ने सिर्फ 231 गेंदों पर नाबाद 201 रन की शानदार पारी स्पोर्ट्सी. उनकी पारी में 22 चौके और चार छक्के शामिल थे. उनकी इस पारी के दम पर हिंदुस्तान ने पहली पारी में 329 रन बनाए. इस मुकाबले में अजंता मेंडिस ने छह विकेट जरूर लिए, लेकिन सहवाग के सामने उनकी गेंदबाजी का असर नजर नहीं आया. मेंडिस ने 28 ओवर की गेंदबाजी में 117 रन खर्च किए. सहवाग ने उनकी गेंदों को लगातार आक्रमण का निशाना बनाया और श्रीलंकाई टीम पर दबाव बनाए रखा. Also Read: पिता के निधन पर टूटे मेसी, इंस्टाग्राम पर लिखा भावुक संदेश, रोनाल्डो ने बढ़ाया हौसला दूसरी पारी में भी सहवाग का बल्ला बोला हिंदुस्तान ने दूसरी पारी में भी सहवाग के बल्ले से अहम योगदान हासिल किया. उन्होंने 50 रन बनाए. हिंदुस्तान ने अपनी दूसरी पारी में 269 रन बनाकर श्रीलंका के सामने 307 रनों का लक्ष्य रखा. लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम हिंदुस्तानीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और सिर्फ 136 रन पर ऑलआउट हो गई. हरभजन सिंह ने चार विकेट झटके, जबकि ईशांत शर्मा ने तीन और अनिल कुंबले ने दो विकेट लिए. हिंदुस्तान ने यह मुकाबला 170 रनों से अपने नाम किया. सहवाग को उनकी शानदार दोहरी पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. इस जीत के साथ हिंदुस्तान ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली. Also Read: एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे रॉकी ने तोड़ा 134 वर्ष पुराना रिकॉर्ड, 18 की उम्र में बने लंकाशायर के सबसे युवा शतकवीर सहवाग ने दिखाया मेंडिस की स्पिन का तोड़ मेंडिस ने मैच में कुल 10 विकेट लिए, लेकिन सहवाग के नाबाद 201 रन ने उनकी गेंदबाजी के खिलाफ एक अलग रणनीति का उदाहरण पेश किया. गॉल टेस्ट में सहवाग की पारी की सबसे बड़ी खासियत उनका निडर रवैया था. अजंता मेंडिस उस दौर में अपनी मिस्ट्री स्पिन के लिए जाने जाते थे और बल्लेबाजों के लिए उनकी गेंदों को पढ़ना आसान नहीं था. लेकिन सहवाग ने अपनी बल्लेबाजी से दिखा दिया कि आक्रामक अंदाज में स्पोर्ट्सकर भी मिस्ट्री स्पिन के दबाव को तोड़ा जा सकता है. अब शुभमन गिल की होगी परीक्षा अब करीब 18 साल बाद गॉल में एक बार फिर हिंदुस्तान और श्रीलंका आमने-सामने होंगे. 15 अगस्त से शुरू होने वाले टेस्ट में शुभमन गिल की अगुआई वाली हिंदुस्तानीय टीम के सामने श्रीलंका के बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या की चुनौती होगी. गॉल में 11 टेस्ट मैचों में 81 विकेट ले चुके जयसूर्या के खिलाफ हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों की परीक्षा होगी. Also Read: ICC Rankings में इंडियन प्लेयर्स का जलवा, टेस्ट में बाबर की टॉप-10 में वापसी The post श्रीलंका में सहवाग ने ऐसे उड़ाई थी अजंता मेंडिस की धज्जियां, जड़ा था नाबाद डबल सेंचुरी appeared first on Naya Vichar.

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आपका पेंशन क्लेम पास हुआ या अभी भी है अटका? EPFO ने 1.49 लाख से ज्यादा PPO किए जारी, ऐसे करें चेक

रिटायरमेंट के बाद ज्यादा पेंशन की उम्मीद कर रहे EPFO सदस्यों के लिए अहम अपडेट है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2022 के आदेश के बाद ज्यादा पेंशन के लिए किए गए दावों में 1.49 लाख से ज्यादा Pension Payment Orders (PPOs) जारी किए हैं. यानी जिन लोगों ने ज्यादा योगदान के आधार पर ज्यादा पेंशन का ऑप्शन चुना था, उनके क्लेम पर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. लोकसभा में 10 अगस्त को दिए लिखित जवाब में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि ज्यादा पेंशन के लिए कुल 15,24,365 क्लेम मिले थे. इनमें से 5 अगस्त 2026 तक 11,595 क्लेम पेंडिंग थे. 31 मार्च 2026 तक Employees’ Pension Scheme (EPS) के तहत 85 लाख पेंशनर्स थे. इस दौरान पेंशन के रूप में ₹15,819.28 करोड़ का भुगतान किया गया. ज्यादा पेंशन का क्लेम किया है तो स्टेटस कैसे देखें? अगर आपने ज्यादा पेंशन के लिए आवेदन किया है और जानना चाहते हैं कि आपका क्लेम कहां तक पहुंचा है, तो EPFO कई तरीके देता है. आप UMANG ऐप, EPFO के आधिकारिक पोर्टल, SMS या मिस्ड कॉल के जरिए जानकारी ले सकते हैं. UMANG ऐप से ऐसे चेक करें Google Play Store या Apple App Store से UMANG ऐप डाउनलोड करें. Aadhaar से लिंक मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें और 4 अंकों का M-PIN सेट करें. लॉगिन करने के बाद “All Services” में EPFO खोजें. “Employee Centric Services” या Pensioner Services पर जाएं. “Track Claim” चुनें, अपना 12 अंकों का UAN डालें और OTP के लिए Get OTP पर क्लिक करें. रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए OTP को दर्ज कर Login/Submit करें. स्क्रीन पर PPO स्टेटस, Tracking ID और प्रोसेसिंग से जुड़ी जानकारी दिखाई देगी. EPFO पोर्टल से पेंशन स्टेटस कैसे देखें? EPFO के Member Passbook & Pensioner Portal पर जाकर भी पेंशन की जानकारी चेक की जा सकती है. सबसे पहले unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface पर जाएं. “Know Your PPO No.” विकल्प से बैंक अकाउंट या Member ID की मदद से अपना 12 अंकों का PPO नंबर खोजें. इसके बाद “Online Services” में जाकर “Know Your Pension Status” चुनें. इसके बाद नए पोर्टल पर पेंशन की क्रेडिट तारीख और रकम की जानकारी देख सकते हैं. SMS या मिस्ड कॉल से भी मिलेगा अपडेट? हां, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से SMS भेजकर भी EPFO क्लेम की जानकारी ली जा सकती है. इसके लिए 7738299899 पर इस फॉर्मेट में SMS भेजें: EPFOHO UAN ENG यहां ENG की जगह HIN, PAN, GUJ, MAR, KAN, TEL, TAM, MAL या BEN का इस्तेमाल करके भाषा चुनी जा सकती है. मिस्ड कॉल के लिए रजिस्टर्ड नंबर से 9966044425 पर कॉल करें. इसके अलावा EPFO के टोल-फ्री नंबर 1800 118 005 या 1800 114 470 पर संपर्क कर PPO से जुड़ी जानकारी ली जा सकती है. The post आपका पेंशन क्लेम पास हुआ या अभी भी है अटका? EPFO ने 1.49 लाख से ज्यादा PPO किए जारी, ऐसे करें चेक appeared first on Naya Vichar.

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आज 13 अगस्त का राशिफल: ग्रहों की चाल से किसकी खुलेगी किस्मत, जानिए अपनी राशि का शुभ अंक और रंग

Aaj Ka Rashifal 13 August 2026:आज 13 अगस्त 2026, गुरुवार को श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है. ग्रहों की स्थिति के अनुसार मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए दिन खास संकेत लेकर आया है. मेष राशि आज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का दिन है. कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का भरोसा मिलेगा और आपकी मेहनत किसी महत्वपूर्ण अवसर का रास्ता खोल सकती है. व्यापार में पुराने संपर्क से लाभ मिल सकता है. आर्थिक मामलों में नियमित आय को प्राथमिकता दें. परिवार में किसी शिशु की उपलब्धि खुशी देगी. शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: सिंदूरी लाल वृषभ राशि आज स्थिरता और सुरक्षा से जुड़े फैसले महत्वपूर्ण रहेंगे. नौकरी में धैर्य से किया गया काम आपको आगे बढ़ाएगा. व्यापार में पुराने उत्पाद या स्टॉक को नए तरीके से पेश करने से फायदा हो सकता है. धन के मामले में अनावश्यक उधार देने से बचें. परिवार के साथ शाम सुखद रहेगी. शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: मिट्टी जैसा भूरा मिथुन राशि आज सीखने और नई जानकारी हासिल करने का अवसर मिलेगा. नौकरी में नए लोगों के साथ काम करने से भविष्य में फायदा हो सकता है. लेखन, शिक्षा, मीडिया और संचार से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा रहेगा. व्यापार में ग्राहकों की प्रतिक्रिया के आधार पर बदलाव लाभ देगा. पुराने मित्र से बातचीत नई दिशा दे सकती है. शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: सुनहरा कर्क राशि आज भावनाओं के बजाय व्यावहारिक सोच से निर्णय लेना बेहतर रहेगा. कार्यस्थल पर शांत रहकर किसी जटिल समस्या का समाधान कर सकते हैं. व्यापार में सहयोगियों के साथ तालमेल बनाए रखें. परिवार में पुराने विवाद का हल निकल सकता है. पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों से मानसिक शांति मिलेगी. शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: सफेद सिंह राशि आज आपकी पहचान आपके काम से बनेगी. नौकरी में अनुभव के आधार पर कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है. व्यापारियों को नई डील या साझेदारी का प्रस्ताव मिल सकता है. सामाजिक क्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा. परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य से मिली सलाह आपके लिए उपयोगी साबित होगी. शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: सुनहरा पीला कन्या राशि आज आपकी सूझबूझ किसी बड़ी समस्या का समाधान कर सकती है. नौकरी में रिकॉर्ड, योजना, तकनीकी कार्य या प्रबंधन से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी. व्यापार में खर्च घटाने और गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान दें. विद्यार्थियों को अभ्यास से लाभ होगा. परिवार में किसी चिंता का समाधान मिलने से राहत मिलेगी. शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: हरा तुला राशि आज आपका व्यवहार और समझदारी लोगों को प्रभावित करेगी. नौकरी में नई टीम या विभाग के साथ काम करने का अवसर मिल सकता है. व्यापार में पैकेजिंग, प्रचार या प्रस्तुति में बदलाव लाभकारी रहेगा. जीवनसाथी के साथ भविष्य की आर्थिक योजना बन सकती है. नए सामाजिक संपर्क आगे चलकर उपयोगी होंगे. शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: पर्पल वृश्चिक राशि आज धैर्य और गोपनीय तरीके से काम करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा. नौकरी में बिना अधिक चर्चा किए किया गया काम वरिष्ठों का ध्यान आकर्षित करेगा. व्यापार में प्रतिस्पर्धियों की गतिविधियों पर नजर रखें. संपत्ति या दस्तावेज से जुड़े मामले में प्रगति हो सकती है. जल्दबाजी में कोई प्रतिक्रिया न दें. शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: गहरा मरून धनु राशि आज आपका ध्यान भविष्य की योजनाओं पर रहेगा. नौकरी में प्रशिक्षण, नई जिम्मेदारी या स्थान परिवर्तन से जुड़े अवसर मिल सकते हैं. व्यापार में नए बाजार और वितरण व्यवस्था से फायदा होगा. विद्यार्थियों को अनुभवी व्यक्ति का मार्गदर्शन मिलेगा. परिवार के साथ धार्मिक या सांस्कृतिक यात्रा की योजना बन सकती है. शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: केसरिया मकर राशि आज अनुशासन और समय प्रबंधन आपकी ताकत बनेंगे. नौकरी में वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से प्रभावित हो सकते हैं. व्यापार में मशीनरी, गोदाम या काम करने के तरीके में सुधार की योजना बनेगी. पुराने निवेश की समीक्षा करना अच्छा रहेगा. परिवार में किसी युवा सदस्य को सही सलाह देने का अवसर मिलेगा. शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: स्लेटी कुंभ राशि आज आपकी नई सोच आपको दूसरों से अलग पहचान दिलाएगी. तकनीक, डिजिटल काम, शोध और नए व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए अवसर बन सकते हैं. नौकरी में नई प्रणाली लागू करने का मौका मिलेगा. व्यापार में ऑनलाइन और डिजिटल माध्यमों का उपयोग लाभकारी रहेगा. मित्रों के साथ रचनात्मक योजना शुरू हो सकती है. शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: फिरोजी मीन राशि आज रचनात्मकता और आध्यात्मिकता दोनों का प्रभाव रहेगा. नौकरी में किसी सहकर्मी की मदद करके सम्मान प्राप्त करेंगे. व्यापार में ग्राहकों के साथ भरोसे का रिश्ता मजबूत होगा. कला, संगीत, लेखन और परामर्श से जुड़े लोगों को नई पहचान मिल सकती है. परिवार के किसी पुराने सदस्य से बातचीत मन को सुकून देगी. शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: गुलाबी The post आज 13 अगस्त का राशिफल: ग्रहों की चाल से किसकी खुलेगी किस्मत, जानिए अपनी राशि का शुभ अंक और रंग appeared first on Naya Vichar.

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