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August 14, 2026

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बिहार की शिक्षा व्यवस्था का रिपोर्ट कार्ड, स्कूल बढ़े फिर भी बच्चे क्यों छोड़ रहे पढ़ाई? इस रिपोर्ट के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

Bihar Education System: बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर UDISE 2025-26 रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि बिहार में प्रशासनी स्कूलों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन बड़ी संख्या में स्कूल आज भी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं और स्कूल से शिशु काफी संख्या में ड्रॉपआउट कर रहे हैं. पहले की तुलना में स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर कुछ हद तक सही हुआ, लेकिन अभी भी कई स्कूलों के अपने भवन नहीं हैं. शिक्षकों की संख्या कुछ स्कूलों में सही है लेकिन कई ऐसे हैं जहां अभी भी कमी है. स्थिति ऐसी है कि एक शिक्षक के भरोसे सैकड़ों शिशु हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि माध्यमिक स्तर तक पहुंचने वाले बच्चों में सिर्फ 38.5 प्रतिशत ही 12वीं तक पहुंच पाते हैं. काफी संख्या में शिशु ड्रॉपआउट कर रहे हैं. ऐसे में सवाल है कि आखिर स्कूल तक बच्चों के नहीं पहुंचने और ड्रॉपआउट करने की वजह क्या हो सकती है? स्कूल के बच्चों की तस्वीर बच्चों के स्कूल छोड़ने पर क्या कहना है जानकारों का? पूर्व आईएएस अधिकारी और बिहार विद्यापीठ के अध्यक्ष विजय प्रकाश का कहना है कि जिस तरह से स्कूलों में बच्चों को नियमित तरीके से मिड डे मील, साइकिल, कपड़े और किताब उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ठीक वैसे ही पढ़ाई पर भी फोकस करने की जरूरत है. ऐसा नहीं होने से शिशु स्कूल छोड़ रहे. ऐसे में नॉन-एकेडमिक चीजों पर भी ध्यान दिया जा सकता है. रोचक तरीके से बच्चों के स्कूल जाने के लिए प्ररित किए जाने की जरूरत है. आगे उन्होंने यह भी बताया कि शैक्षणिक आवश्यकता के अनुसार स्कूलों में व्यवस्था नहीं की गई. स्कूलों में अगर रीजनल लैंग्वेज यानी कि बच्चों की जो अपनी भाषा है उसी में पढ़ाई (जैसे कि- भोजपुरी, मैथिली, मगही या अन्य) में की जाए तो शिशु स्कूल में टिके रह सकते हैं. इसके साथ ही स्कूलों में गांव के स्पोर्ट्सों को भी शामिल किए जाने की जरूरत है. उनका यह भी कहना है कि कई स्कूलों में लैब की स्थिति सही नहीं है. कुछ स्कूलों में कंप्यटर लैब नहीं है और जहां हैं वहां बच्चों को पढ़ाया नहीं जा रहा है. लैब में कंप्यूटर ऐसे ही पड़े हैं. इस तरह से पढ़ाई पर फोकस और कई तरह के स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं के आयोजन करने से भी बच्चों के ड्रॉपआउट को काफी हद तक रोका जा सकता है. इसी तरह से एएन सिन्हा इंस्टीच्यूट के पूर्व निदेशक डीम दिवाकर ने प्रशासनी स्कूलों में बच्चों के नहीं पहुंचने की कई वजहें बताईं. उनका कहना है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी, जो शिक्षक हैं उनमें प्रशिक्षण का अभाव, अरुचिकर पाठ्यक्रम, शिक्षकों को कई अन्य काम में शामिल करना, बीईओ और डीईओ की उदासीनता और उनमें पारदर्शिता की कमी, संवेदनशील प्रशासन का अभाव, तकनीकी प्रशासन पर अधिक जोर, प्रशासनी सेवक और शिक्षक के बच्चों का प्राइवेट स्कूलों में नामांकन, साईकिल पोशाक, पुस्तक प्रकाशन और वितरण में व्याप्त भ्रष्टाचार, अकुशल शिक्षकों की नियुक्ति, निष्ठावान शिक्षकों पर भरोसा की कमी, नौकरशाही का प्रभुत्व समेत कई कारण हो सकते हैं, जिसकी वजह से प्रशासनी स्कूलों की यह स्थिति है. प्रशासनी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम अब भी सपना बिहार के केवल 8,892 स्कूलों यानी करीब 11.6% स्कूलों में ही स्मार्ट बोर्ड उपलब्ध हैं. यानी करीब 88% स्कूल अभी भी स्मार्ट बोर्ड की सुविधा से बाहर हैं. लेकिन बिहार के प्रशासनी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम और तकनीक आधारित शिक्षा को लेकर प्रशासन लगातार जोर दे रही है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के मुताबिक, डिजिटल बोर्ड, ई-कंटेंट और ऑनलाइन मॉड्यूल के बाद अब AI आधारित लाइव स्मार्ट क्लास की भी शुरुआत की गई है. धीरे-धीरे राज्य के ज्यादातर प्रशासनी स्कूलों में मॉडर्न सुविधाएं होंगी. मिथिलेश तिवारी ने की थी 7900 करोड़ के विशेष पैकेज की मांग बिहार में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने केंद्र से मदद मांगी थी. शिक्षा मंत्री ने केंद्र से 7,900 करोड़ रुपये के विशेष शिक्षा पैकेज की मांग की थी. जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी इंप्लीटेशन और बिहार की बढ़ती शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यह मांग की गई. नई दिल्ली के आईसीएआर सभागार में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में दो दिवसीय प्रगति समीक्षा बैठक हुई थी. बैठक में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मांग रखते हुए कहा था कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए केंद्र के विशेष सहयोग की आवश्यकता है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को समय से हासिल करने के लिए आधारभूत संरचना, डिजिटल शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में बड़े निवेश की जरुरत है. आगे उन्होंने माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के भवनों, अतिरिक्त कक्षाओं, कंप्यूटर प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों आदि के विकास के लिए 3000 करोड़ रुपये की विशेष केंद्रीय सहायता मांगी थी. आकांक्षी जिलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्मार्ट क्लास आदि को मजबूत करने के लिए 2000 करोड़ रुपये का अनुरोध किया था. डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 1000 करोड़ रुपये की सहायता की मांग और संस्कृत शिक्षा के सुदृढ़ीकरण पर भी बिहार प्रशासन ने विशेष जोर दिया था. सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री प्रशासन के सामने ये है चुनौती बिहार प्रशासन की तरफ से छात्रों और युवाओं के लिए कई जरूरी योजनाओं के ऐलान किए गए हैं. इसमें स्मार्ट क्लासरूम से लेकर एआई ट्रेनिंग तक शामिल है. लेकिन ये सभी योजनाएं धरातल पर उतारना ही प्रशासन की बड़ी चुनौती मानी जा रही है. जानकारों का मानना है कि जिस तरह से प्रशासन बिहार की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की प्लानिंग कर रही है, अगर उसे सही तरीक से इंप्लीमेंट किया जाए तो काफी हज तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है. दूसरी तरफ UDISE के आंकड़ों को भी इग्नोर नहीं किया जा सकता है. आंकड़ों से साफ है कि शिशु शुरुआत में स्कूली शिक्षा ही सही तरीके से नहीं ले पा रहे हैं. खासकर बच्चों का ड्रॉपआउट करना बड़ा चिंता का विषय माना जा रहा है. ऐसे में बिहार प्रशासन अपनी योजनाओं के जरिए किस हद तक बच्चों को स्कूल जाने के लिए मोटिवेट और शिक्षा में सुधार कर पाती है, यह देखने वाली बात होगी. 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चमोली सुरंग हादसे से झारखंड में बढ़ी चिंता, खूंटी-गुमला के श्रमिक फंसे; हेल्पलाइन जारी

रांची: उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन सुरंग के धंसने से झारखंड के कई श्रमिकों के फंसे होने की जानकारी सामने आयी है. घटना की सूचना मिलते ही झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की. मुख्यमंत्री धामी ने आश्वस्त किया कि सुरंग में फंसे सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं. झारखंड प्रशासन की ओर से खूंटी, गुमला समेत राज्य के कुछ जिलों के श्रमिकों के इस परियोजना में काम करने की जानकारी सामने आयी है. घटना के बाद राज्य प्रशासन भी उत्तराखंड प्रशासन के संपर्क में है और श्रमिकों के परिजनों से जानकारी साझा करने की अपील की गयी है. सीएम हेमंत सोरेन ने जतायी चिंता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि बार-बार निर्माणाधीन सुरंगों में हादसे और श्रमिकों के फंसने की समाचारें मन को व्यथित करती हैं. उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन प्रकृति के सम्मान और पर्यावरणीय संतुलन के साथ होना चाहिए. प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के गंभीर परिणाम बार-बार चेतावनी दे रहे हैं. सीएम ने कहा कि झारखंड के जिन लोगों के परिजन या परिचित इस परियोजना में काम करने गये हैं, वे राज्य प्रशासन के कंट्रोल रूम से संपर्क करें और उपलब्ध जानकारी साझा करें. उन्होंने कहा कि हर श्रमिक की सुरक्षित वापसी के लिए राज्य प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है. झारखंड के पांच मजदूर घायल होने की जानकारी हादसे में झारखंड के पांच मजदूरों के घायल होने की जानकारी मिली है. इनका इलाज चल रहा है. घायलों की पहचान स्पोर्ट्सा राम (22), विसरा, दीना बेंगरा (26), रोने, तोरपा, निस्तर भेंगरा (24), बेराकिसु टोली, विनोद रायना (46), गुमला और हबील गुड़िया (27), तपकरा के रूप में बतायी गयी है. हालांकि घायलों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और इलाज से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है. मृतकों में एक चमोली का, अन्य की पहचान स्पष्ट नहीं हादसे में पांच श्रमिकों की मौत की भी जानकारी सामने आयी है. मृतकों में प्रदीप पंवार (35), ग्राम गांवर, चमोली की पहचान बतायी गयी है. वहीं अन्य चार मृतकों के नाम मुकेश, दुर्लभ शर्मा, विजय और जितेंद्र बताये गये हैं. परिजन कंट्रोल रूम से कर सकते हैं संपर्क मुख्यमंत्री ने झारखंड के लोगों से अपील की है कि जिनके परिजन या परिचित चमोली की परियोजना में काम कर रहे हैं, वे राज्य प्रशासन के कंट्रोल रूम से संपर्क कर संबंधित जानकारी साझा करें. प्रशासन की ओर से श्रमिकों की स्थिति की जानकारी जुटाने और उत्तराखंड प्रशासन के साथ समन्वय की प्रक्रिया जारी है. झारखंड प्रशासन की हेल्पलाइन टोल फ्री: 1800-3456-526 व्हाट्सऐप: 9470132591 व्हाट्सऐप: 9431336472 व्हाट्सऐप: 9431336427 रेस्क्यू अभियान पर नजर सुरंग हादसे के बाद फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है. झारखंड प्रशासन भी उत्तराखंड प्रशासन और स्थानीय प्रशासन से संपर्क में रहकर राज्य के श्रमिकों की स्थिति की जानकारी ले रही है. The post चमोली सुरंग हादसे से झारखंड में बढ़ी चिंता, खूंटी-गुमला के श्रमिक फंसे; हेल्पलाइन जारी appeared first on Naya Vichar.

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BDO बने दीपक प्रखंड ऑफिस से भगाए गए थे, दिव्यांग प्रत्युष डिप्टी कलेक्टर बने, बिहार से सफलता की कहानियां जानिए

BPSC 70th Success Story : बिहार में BPSC 70वीं पास करनेवाले 2027 नए अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं. गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में सीएम सम्राट चौधरी समेत कई मंत्री शामिल हुए थे. बिहार में अब अधिकारी बने इनमें से कई युवाओं की प्रेरणादायक कहानियां सामने आई हैं. आगे वीडियो के माध्यम से इन लोगों की कहानियां जानते हैं. इन सभी से पटना के ज्ञान भवन में मौजूद रहे नया विचार डिजिटल के रिपोर्टर रोहित सिंह ने बात की है. बिहार के 2027 नए अफसरों को CM सम्राट ने दिया नियुक्ति पत्र, कहा- आपके एक साइन से किसी परिवार का भला होगा दिव्यांग प्रत्युष कैसे बने सीनियर डिप्टी कलेक्टर मुजफ्फरपुर के रहने वाले प्रत्युष बीपीएससी (BPSC) परीक्षा उत्तीर्ण कर सीनियर डिप्टी कलेक्टर (SDC) बने हैं. पटना के ज्ञान भवन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद प्रत्युष ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने में उन्हें लगभग 7 साल का समय लगा और यह उनका चौथा प्रयास था. इस दौरान उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और वर्ष 2024 में पीएचडी (PhD) की डिग्री भी पूरी की. अपनी प्राथमिकताओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे प्रशासनी योजनाओं को धरातल पर उतारने और विशेष रूप से दिव्यांग समुदाय के अधिकारों व कल्याण के लिए नीतिगत स्तर पर मजबूती से काम करेंगे. प्रत्युष ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि असफलताओं से हार नहीं माननी चाहिए और समाज के तानों की परवाह किए बिना लगातार मेहनत करते रहना चाहिए. सफलता एक न एक दिन जरूर मिलती है. वहीं, समारोह में मौजूद उनके पिता ने अपने बेटे की इस बड़ी उपलब्धि पर बेहद खुशी जताई. बातचीत के दौरान शादी के सवाल पर मजाकिया अंदाज में कहा गया कि सही जीवनसाथी मिलने पर शादी का फैसला लिया जाएगा. कभी BDO ऑफिस से भगाए गए, आज खुद BDO बने दीपक 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर सीवान के दीपक ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) बने हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से नियुक्ति पत्र मिलने के बाद दीपक ने अपनी 15 सालों (2011 से 2026) की कठिन संघर्ष गाथा साझा की. उन्होंने बताया कि इस दौरान कई बार पीटी व मेन्स में असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. दीपक ने बताया कि जब वे कभी अपने माता-पिता के काम से ब्लॉक जाते थे, तो अधिकारियों का उपेक्षापूर्ण रवैया देखा करते थे. उन्हें कार्यालय से भगाया भी गया. इसी अनुभव ने उन्हें अधिकारी बनने के लिए प्रेरित किया और अब पदभार संभालते ही वे गरीब व असहाय लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करेंगे. दीपक की इस सफलता पर समारोह में मौजूद उनकी मां की आंखों से खुशी के आंसू झलक पड़े. आर्थिक तंगी और गरीबी के बावजूद परिवार ने कभी उनका हौसला टूटने नहीं दिया. उनके पिता और बड़े भाई लकड़ी का काम (कारपेंटर) करके घर चलाते थे और दीपक की पढ़ाई के लिए सीमित संसाधनों में पैसे जुटाते थे. प्रतिदिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई करने वाले दीपक की यह सफलता उनके परिवार के त्याग और समर्पण का परिणाम है. डिफेंस में नहीं जा सकी, अब राजस्व अधिकारी बनी श्रुति दरभंगा की रहने वाली श्रुति झा बीपीएससी (BPSC) परीक्षा उत्तीर्ण कर रेवेन्यू ऑफिसर (राजस्व अधिकारी) बनी हैं. उन्होंने साल 2024 में अपना ग्रेजुएशन पूरा किया था. शुरुआत में उनका सपना डिफेंस सर्विसेज में जाने का था, लेकिन एसएसबी (SSB) के अंतिम चरण में बाहर हो जाने के बाद उन्होंने बीपीएससी की तैयारी शुरू की और महज डेढ़ साल की पढ़ाई व अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली. श्रुति ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और उनके निरंतर सहयोग को दिया है. उन्होंने बिना किसी कोचिंग के घर पर रहकर पढ़ाई की, जहां उनकी मां ने उन्हें पढ़ाई से ध्यान न भटकने देने के लिए घर के किसी काम में नहीं उलझने दिया. वहीं उनके पिता, जो रेलवे में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें लगातार प्रेरित करते रहे. अपनी भावी जिम्मेदारी पर बात करते हुए श्रुति ने कहा कि राजस्व एक संवेदनशील विभाग है, इसलिए वह नैतिक मूल्यों का पालन करते हुए पूरी निष्ठा से जनता की सेवा करेंगी. यूपी-छत्तीसगढ़ से आकर बिहार में अधिकारी बने यह लोग इस अवसर पर परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले नव-चयनित अन्य अधिकारियों ने भी अपनी सफलता की संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक यात्रा साझा की. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी कौशल किशोर, जिनका चयन सप्लाई ऑफिसर के पद पर हुआ है, ने बताया कि वे प्रतिदिन 6 से 8 घंटे नियमनिष्ठा और समर्पण के साथ पढ़ाई करते थे. उन्होंने किसी एक कोचिंग के बजाय विभिन्न ऑनलाइन विषय-विशेषज्ञों (जैसे खान सर आदि) से मार्गदर्शन लेकर यह सफलता प्राप्त की. छत्तीसगढ़ के नवोदय विद्यालय की एक शिक्षिका का चयन ग्रामीण विकास अधिकारी (RDO) के रूप में हुआ है. उन्होंने 24 घंटे की व्यस्त नौकरी के बावजूद देर रात और स्कूल के खाली समय का सही उपयोग कर तथा अपने पति व परिवार के सहयोग से यह मुकाम हासिल किया. वहीं, पटना हाईकोर्ट में सहायक अनुभाग अधिकारी रहे एक अन्य अभ्यर्थी ने भी RDO पद पर चयनित होकर अपने किसान पिता व शिक्षिका मां के सहयोग और गांव में रहकर की गई पढ़ाई की कहानी साझा की है. The post BDO बने दीपक प्रखंड ऑफिस से भगाए गए थे, दिव्यांग प्रत्युष डिप्टी कलेक्टर बने, बिहार से सफलता की कहानियां जानिए appeared first on Naya Vichar.

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15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन

15 August Instagram Captions: स्वतंत्रता दिवस हर हिंदुस्तानीय के लिए गर्व और खुशी का दिन है. इस खास मौके पर लोग तिरंगे के साथ फोटो क्लिक करते हैं और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करना पसंद करते हैं. अगर आप भी इस बार अपनी तिरंगे वाली फोटो इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने वाली हैं, तो उसके साथ एक अच्छा कैप्शन आपकी तस्वीर को और खास बना सकता है. यहां आपके लिए 30 से ज्यादा ऐसे कैप्शन दिए गए हैं, जिन्हें आप अपनी फोटो के हिसाब से चुन सकती हैं. 15 August Instagram Captions: तिरंगे वाली फोटो के लिए देशभक्ति वाले कैप्शन  तिरंगा सिर्फ झंडा नहीं, हमारी शान है. दिल में हिंदुस्तान और हाथ में तिरंगा. मिट्टी से जुड़ा हूं, तिरंगे पर नाज है. मेरा देश, मेरी पहचान, मेरा तिरंगा. तिरंगे की शान में आज पूरा हिंदुस्तान. देश के रंग में रंगा आज हर हिंदुस्तानी. तिरंगा लहराता रहे, हिंदुस्तान मुस्कुराता रहे. दिल हिंदुस्तानी, अंदाज भी हिंदुस्तानी. तीन रंग, एक पहचान-हिंदुस्तान महान. तिरंगे के आगे हर रंग फीका है. यह भी पढ़ें: 15 अगस्त पर ट्राई करें ये Tricolor Fashion Ideas, साड़ी से कुर्ती तक दिखेगा देशभक्ति वाला अंदाज Instagram के लिए शॉर्ट और स्टाइलिश कैप्शन  अगर आपको फोटो के साथ छोटा और कैची कैप्शन पसंद है, तो ये लाइनें ट्राई कर सकती हैं: Proud to be Indian! देश पहले, बाकी सब बाद में. Tiranga vibes only! दिल से Indian, गर्व से Indian. आज रंग सिर्फ कपड़ों में नहीं, दिल में भी है. मेरा हिंदुस्तान, मेरी शान. तिरंगे के रंगों में आज मेरी दुनिया. देशभक्ति का रंग सबसे खूबसूरत. हिंदुस्तान के रंग में रंगी हूं. आज दिल भी तिरंगा है. तिरंगे के साथ फोटो के लिए शायरी स्टाइल कैप्शन  अगर आपकी फोटो थोड़ी ट्रेडिशनल या इमोशनल है, तो शायरी वाले कैप्शन (15 August Instagram Captions) अच्छे लगेंगे: तिरंगा यूं ही आसमान में लहराता रहे, मेरा हिंदुस्तान हर कदम आगे बढ़ता रहे. वतन की मिट्टी से रिश्ता खास है, तिरंगा ही मेरी पहचान और मेरा विश्वास है. देश की मिट्टी की खुशबू दिल में बसती है, तभी तो हिंदुस्तान की हर बात खास लगती है. न कोई रंग इससे प्यारा, न कोई नाम इससे महान, मेरा हिंदुस्तान, मेरा तिरंगा, मेरी जान. जहां तिरंगा लहराए, वहां दिल खुद-ब-खुद मुस्कुराए. आजादी की हवा और तिरंगे की शान, यही है मेरे हिंदुस्तान की पहचान. वतन से प्यार का कोई हिसाब नहीं, तिरंगे से बढ़कर कोई ख्वाब नहीं. हर दिल में देश का मान रहे, हर हाथ में तिरंगे की शान रहे. फोटो के साथ Hashtags भी लगाएं Instagram पर फोटो पोस्ट करते समय caption के साथ कुछ relevant hashtags भी लगाए जा सकते हैं. जैसे #IndependenceDay #15August #Tiranga #ProudIndian #India #DeshBhakti #HarGharTiranga. अपनी फोटो के हिसाब से 3-5 hashtags चुनें, ताकि caption बहुत ज्यादा भरा हुआ न लगे. यह भी पढ़ें: 15 अगस्त पर स्कूल से लेकर ऑफिस तक बनाएं ये तिरंगा रंगोली, खूब मिलेगी तारीफ The post 15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन appeared first on Naya Vichar.

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14 अगस्त की टॉप 20 खबरें: सुखबीर बादल पर जानलेवा हमला, चांदीपुरा वायरस से गुजरात में 25 बच्चों की मौत

1. पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर कृपाण से हमला, अस्पताल में भर्ती ; आरोपी गिरफ्तार शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक गुरुद्वारे में हमला हुआ. उन्हें अस्पताल ले जाया गया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 2. NEET UG पेपर लीक मामला: फास्ट ट्रैक कोर्ट ने CBI चार्जशीट पर लिया संज्ञान, कहा- आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत नीट (UG) 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दाखिल आरोपपत्र पर दिल्ली की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है. अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्पष्ट कहा कि प्रथम दृष्टया यह साफ है कि सभी 13 आरोपी किसी न किसी तरह से नीट परीक्षा लीक सिंडिकेट का हिस्सा थे. अवैध आर्थिक लाभ कमाने के लिए इन आरोपियों ने गिरोह बनाकर साजिश रची और तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों को फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाई. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. असम में गोलीबारी के बाद तनाव, अरुणाचल को 48 घंटे का अल्टीमेटम; 4 आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच गोलीबारी की घटना के बाद तनाव बढ़ गया है. असम प्रशासन ने अरुणाचल प्रदेश के चार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है और 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री ने TMPK के साथ बैठक की. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. चमोली में भारी बारिश के बाद HCC टनल में अचानक घुसा पानी, 18 मजदूर बचाए गए; राहत-बचाव कार्य जारी उत्तराखंड के चमोली जिले में भारी बारिश के बाद HCC टनल में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया. जिसमें अबतक 18 मजदूरों को बचाया गया. राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. संसद का मानसून सत्र: 12 बिल पास, FCRA विधेयक JCP के पास; राज्यसभा में 37 घंटे 49 मिनट ही हुआ काम संसद का मानसून सत्र भारी हंगामे और नेतृत्वक गतिरोध के बीच गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया. 20 जुलाई को शुरू हुए इस सत्र के दौरान दोनों सदनों में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच गतिरोध बना रहा, जिससे संसदीय कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ. पूरे सत्र के दौरान लोकसभा में केवल 19 प्रतिशत और राज्यसभा की 39 प्रतिशत ही काम हो पाए. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. Heavy Rain Warning: 14 से 19 अगस्त तक भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट; देखें अपने राज्य के मौसम का अपडेट हिंदुस्तानीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, तटीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने डिप्रेशन (गहरे दबाव के क्षेत्र) के प्रभाव से 14-19 अगस्त के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में बारिश, बिजली और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 7. राहुल गांधी का मोदी-शाह पर हमला- ‘हम इनको पागल कर देंगे’, बोले- ’20 दिन कहां थे अमित शाह?’ दिल्ली के मावलंकर हॉल में कांग्रेस सम्मेलन के दौरान राहुल गांधी ने पीएम पर हमला बोला. साथ ही गृह मंत्री अमित शाह पर भी तंज कसा. कहा कि ’20 दिन कहां गायब थे’. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. बंगाल के स्कूल-कॉलेजों के सिलेबस में शामिल होगा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का एक चैप्टर : शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल प्रशासन वर्ष 2027 से स्कूल और यूनिवर्सिटी के पाठ्यक्रमों में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का अध्याय शामिल करेगी. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने श्यामा प्रसाद की 125वीं जयंती पर पुस्तक प्रकाशन का भी ऐलान किया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. ममता बनर्जी ने भाजपा सांसद अनंत महाराज को दिया था ‘बंग विभूषण’ सम्मान, शुभेंदु प्रशासन ने लिया वापस, लटकी गिरफ्तारी की तलवार पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी प्रशासन ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए भाजपा सांसद अनंत महाराज से ‘बंग विभूषण’ सम्मान वापस ले लिया गया है. बंगाल चुनाव 2026 से ठीक पहले ममता बनर्जी की प्रशासन ने उन्हें इस सम्मान से नवाजा था. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 10. Air India का फैसला, अब उड़ान से पहले सभी पायलटों का होगा ड्रग टेस्ट एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों के लिए ड्रग और प्रतिबंधित पदार्थों की स्क्रीनिंग को अनिवार्य कर दिया है. यह फैसला एक फ्लाइट के कैप्टन के मारिजुआना टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद लिया गया है. यात्रियों की सुरक्षा एयरलाइन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. कश्मीरी पंडितों को मिली आतंकियों की धमकी, फारूक अब्दुल्ला बोले- दाल में कुछ काला है जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस से पहले कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को कथित आतंकी धमकी के मामले ने तूल पकड़ लिया है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने इस मुद्दे पर केंद्र प्रशासन और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा पर सवाल उठाए हैं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 12. यूपी के भभीसा हत्याकांड में कोर्ट का फैसला, चार दोषियों को फांसी की सजा, अंधाधुंध गोलीबारी से दहला था गांव जनपद के भभीसा गांव में 12 साल पहले हुए पवन कुमार हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश ने कड़ा फैसला सुनाया है. चारों दोषियों को मृत्युदंड की सजा दी गई है. यह घटना 2014 में हुई थी जब हमलावरों ने घर में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी की थी. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. कोलकाता के न्यू अलीपुर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति तोड़ी, इलाके में रोष कोलकाता के न्यू अलीपुर में असामाजिक तत्वों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया है. घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश, पुलिस सीसीटीवी खंगालने में जुटी. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 14. Gen-Z आंदोलन में पिटे गए थे देउबा, इलाज के लिए महीनों रहे विदेश; नेपाल लौटे तो हुआ जोरदार स्वागत नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा करीब छह महीने बाद नेपाल लौटे हैं. Gen-Z आंदोलन के दौरान हमले में घायल होने के बाद वह इलाज के लिए विदेश गए थे. काठमांडू पहुंचने पर नेपाली कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 15. श्रीलंका के खिलाफ खराब प्रदर्शन से चली जाएगी गौतम गंभीर की नौकरी? जानिए क्या है पूरा समीकरण श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. हालांकि, ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार BCCI उन्हें हटाने के मूड में नहीं है और बदलाव

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Scorpio Getaway को भूल तो नहीं गए? नए मॉडल के आने से पहले जानिए क्यों खास थी Mahindra की ये पिकअप

Mahindra Scorpio हिंदुस्तान की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के उन नामों में शामिल है, जिन्हें किसी पहचान की जरूरत नहीं. लेकिन क्या आपको पता है कि Scorpio सिर्फ SUV तक सीमित नहीं रही? कंपनी ने इसका एक पिकअप वर्जन भी उतारा था, जिसे स्कॉर्पियो गेटअवे (Scorpio Getaway) के नाम से जाना गया. Scorpio Getaway उन लोगों के लिए एक अलग तरह का ऑप्शन बनकर आई थी, जिन्हें एक दमदार पिकअप में Scorpio का रफ-टफ अंदाज चाहिए था.  हालांकि, बाजार में इसे वैसी कामयाबी नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी. अब इतने साल बाद Scorpio Getaway की वही विरासत एक बार फिर चर्चा में है. दरअसल, Mahindra Scorpio N पर बेस्ड नया पिकअप आज यानी 14 अगस्त को पेश होने वाला है. ऐसे में नए मॉडल की एंट्री से पहले क्यों न पुराने Getaway की यादें ताजा की जाएं और जानें कि आखिर यह पिकअप अपने समय से कितना आगे था. काम को आसान बनाने वाला डिजाइन आज की महिंद्रा BE 6 या XEV 9e जैसी बेहद फ्यूचरिस्टिक दिखने वाली गाड़ियों के मुकाबले स्कॉर्पियो गेटअवे का डिजाइन काफी सिंपल और काम के हिसाब से तैयार किया गया था. इसमें अपने दौर की स्कॉर्पियो की वही चौकोर और मजबूत बनावट देखने को मिलती थी. सामने में मोटे बंपर, बड़े चौकोर हेडलैंप और बोनट पर दिया गया मशहूर हवा का छेद इसे एक अलग लुक देते थे. न कोई LED लाइट बार, न बॉडी पर तीखे कट्स, न कनेक्टेड टेललैंप्स का चलन. बस साफ-सुथरी और क्लासिक लाइन्स उस दौर की गाड़ियों की खूबसूरती को अपने अलग अंदाज में बयां करती थीं. ये भी पढ़ें: Mahindra ने टीज किया नया पिकअप, Scorpio N से मिलती है डिजाइन, 14 अगस्त को होगा डेब्यू मॉडिफिकेशन लवर्स के लिए खास थी Getaway ज्यादातर कारें ज्यादा से ज्यादा बिक्री का आंकड़ा छूने की कोशिश करती हैं, लेकिन Scorpio Getaway की कहानी थोड़ी अलग थी. यह उन लोगों के लिए बनी थी, जो अपनी गाड़ी को सिर्फ चलाना नहीं, बल्कि उसे अपने हिसाब से कस्टमाइज और मॉडिफाई करना भी पसंद करते थे. Scorpio से लिए गए कई पार्ट्स, सिंपल मैकेनिकल सेटअप और इसका नो-नॉनसेंस अंदाज इसे क्रॉस-कंट्री एक्सप्लोरर्स के बीच खासा पसंदीदा बनाता था. यही वजह रही कि Gul Panag और Bhaichung Bhutia जैसी सेलिब्रिटीज के गैरेज में भी इस पिकअप ने अपनी जगह बनाई. View on Instagram अगर आप आफ्टरमार्केट पार्ट्स के झंझट में नहीं पड़ना चाहते थे, तो Mahindra खुद भी कस्टमाइजेशन का अच्छा-खासा ऑप्शन देता था. कंपनी की ओर से बॉडी किट, टोनो कवर, ऑक्सिलरी लाइट्स और कई दूसरे एक्सेसरीज मौजूद थीं. विदेशों में आज भी कायम है Getaway का जलवा हिंदुस्तान में Getaway भले ही एक निचे सेगमेंट तक सीमित रहा हो, लेकिन इंटरनेशनल मार्केट में इसकी पॉपुलैरिटी कम नहीं थी. खास बात यह है कि हमें Scorpio की तीसरी जनरेशन (जिसे अब Scorpio Classic के नाम से बेचा जाता है) का पिकअप वर्जन देखने को नहीं मिला. वहीं, साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और यहां तक कि इंडोनेशिया जैसे बाजारों में यह आज भी यूटिलिटी पिकअप खरीदने वाले कस्टमर्स के बीच एक जाना-पहचाना नाम है. Scorpio Getaway की पावरट्रेन स्पेसिफिकेशन डिटेल इंजन 2.6-लीटर CRDe डीजल पावर 115 PS टॉर्क 278 Nm ट्रांसमिशन 5-स्पीड मैनुअल ड्राइवट्रेन RWD / 4WD ये भी पढ़ें: 15 अगस्त को लॉन्च होगा Mahindra BE 6 Formula E Edition, टीजर में दिखे नए C-शेप DRLs The post Scorpio Getaway को भूल तो नहीं गए? नए मॉडल के आने से पहले जानिए क्यों खास थी Mahindra की ये पिकअप appeared first on Naya Vichar.

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एनआरएस अस्पताल में नर्स की मौत : पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीमें कर रही जांच, मंत्री ने 7 दिन में मांगी रिपोर्ट

NRS Hospital Nurse Death Kolkata: कोलकाता के प्रशासन अस्पताल नीलरतन प्रशासन (NRS) मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में एक नर्स का शव मिलने से हड़कंप मच गया है. पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने बताया है कि 30 साल की नर्स रूपाली दास बुधवार रात करीब 8 बजे अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की हाई-डिपेंडेंसी यूनिट (HDU)/विशेष निगरानी इकाई में अपनी शिफ्ट के लिए पहुंची थी. शौचालय में मृत मिली रूपाली दास पुलिस के मुताबिक, रात करीब 10:30 बजे वह प्रसवपूर्व (Ante-natal) वार्ड के स्टाफ शौचालय में गयी थी. काफी देर तक वापस न आने पर सहकर्मियों ने दरवाजा खटखटाया. अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो दरवाजा तोड़ा गया. अंदर जाने पर देखा कि नर्स फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ी है. तत्काल डॉक्टरों को बुलाया गया. डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. शव के पास मिलीं दवा की शीशियां, एनेस्थीसिया के ओवरडोज का संदेह घटना की सूचना मिलते ही एंटाली थाना पुलिस और कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (DD) की टीम मौके पर पहुंची. प्रारंभिक जांच में नर्स के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं. न ही उसके आसपास कोई सुसाइडल नोट बरामद हुआ है. शव के पास दवा की कई शीशियां थीं. पुलिस को संदेह है कि सिरिंज के जरिये एनेस्थेटिक (Anesthetic) दवा का अत्यधिक डोज लेने के कारण नर्स की मौत हुई होगी. ये भी पढ़ें: एनआरएस अस्पताल के शौचालय में मिला नर्स का शव, पति ने जतायी गड़बड़ी की आशंका डिप्रेशन और मानसिक तनाव की भी हो रही जांच जांच अधिकारी पता कर रहे हैं कि क्या वह ड्यूटी के दौरान उन शीशियों को अपने साथ शौचालय ले गयीं थीं. डिप्रेशन या किसी अन्य मानसिक तनाव के कोण से भी मामले की जांच की जा रही है. स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पहुंचे, 7 दिन में मांगी रिपोर्ट राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ शारद्वत मुखर्जी ने बृहस्पतिवार सुबह अस्पताल का दौरा किया. उन्होंने मृतक नर्स की ऑन-ड्यूटी सहकर्मियों से जानकारी ली. स्वास्थ्य विभाग ने मामले की तहकीकात के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया है, जिसे 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिये गये हैं. ये भी पढ़ें: कोलकाता में अस्पताल के लिफ्ट में फंसने से एक व्यक्ति की मौत, पांचवीं मंजिल पर भर्ती था बेटा The post एनआरएस अस्पताल में नर्स की मौत : पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीमें कर रही जांच, मंत्री ने 7 दिन में मांगी रिपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Photos: गोवा में पत्नी और दोस्तों संग मस्ती करते दिखे शिखर धवन, देखें तस्वीरें

हिंदुस्तानीय क्रिकेटर शिखर धवन इस समय गोवा में अपनी पत्नी सोफी शाइन और करीबी दोस्तों के साथ छुट्टियों का आनंद ले रहे हैं. उन्होंने समुद्र किनारे अपने खास पलों की तस्वीरें साझा कीं, जिनमें उनकी यारों संग बॉन्डिंग देखते ही बन रही है. जानें क्या है खास. The post Photos: गोवा में पत्नी और दोस्तों संग मस्ती करते दिखे शिखर धवन, देखें तस्वीरें appeared first on Naya Vichar.

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