सरायरंजन बाजार में मार्च निकालकर जताया विरोध, प्रतीकात्मक पुतला दहन कर प्रभावित परिसंपत्तियों को बचाने की मांग
नया विचार न्यूज़ सरायरंजन । पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित अलाइनमेंट में बदलाव की मांग को लेकर पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे जन संघर्ष समिति, सरायरंजन के तत्वावधान में बुधवार को सरायरंजन बाजार में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं प्रभावित परिवारों ने मार्च निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। प्रदर्शन के बाद बाजार में प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत गंगा पैलेस से मार्च निकालकर की गई। मार्च सरायरंजन बाजार के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरा। इस दौरान लोगों ने प्रस्तावित अलाइनमेंट में आवश्यक बदलाव करने तथा इसके दायरे में आने वाले आवासीय भवनों, दुकानों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को बचाने की मांग की। मार्च के दौरान लोगों ने अपनी मांगों से संबंधित नारे भी लगाए।
मार्च के बाद सरायरंजन बाजार में सभा का आयोजन किया गया। सभा में वक्ताओं ने प्रस्तावित अलाइनमेंट से प्रभावित होने वाले परिवारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं शैक्षणिक परिसंपत्तियों से संबंधित समस्याओं को रखा। वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय लोग विकास परियोजना के विरोध में नहीं हैं। उनकी मांग है कि एक्सप्रेसवे का निर्माण हो, लेकिन अलाइनमेंट इस प्रकार निर्धारित किया जाए, जिससे कम से कम लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़े और महत्वपूर्ण आवासीय एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सके।
वक्ताओं ने विशेष रूप से केदार संत रामाश्रय महाविद्यालय की शैक्षणिक संरचनाओं और स्पोर्ट्स मैदान को बचाने की मांग रखी। कहा गया कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए इस महाविद्यालय पर निर्भर हैं। महाविद्यालय को क्षेत्र की महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्था बताते हुए इसके भवन एवं स्पोर्ट्स मैदान को प्रभावित होने से बचाने के लिए वैकल्पिक अलाइनमेंट पर विचार करने की मांग की गई।
सभा में कहा गया कि प्रशासन एवं एनएचएआई को प्रभावित लोगों की आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी एवं जनहित के पहलुओं को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक अथवा संशोधित अलाइनमेंट की संभावनाओं पर भी विचार किया जाना चाहिए, ताकि विकास परियोजना के साथ स्थानीय लोगों के हितों का भी संरक्षण हो सके।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन की शुरुआत शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से की गई है। प्रभावित लोगों की मांगों पर शीघ्र विचार नहीं होने की स्थिति में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही गई। समिति ने कहा कि आगे की रणनीति स्थानीय नागरिकों और प्रभावित परिवारों से विचार-विमर्श के बाद तय की जाएगी।
मौके पर संघर्ष समिति के संयोजक उमेश झा सहित सुरेश महतो, दिनेश झा, किशोरी प्रसाद, जवाहर झा, सुखदेव सहनी, लालबाबू यादव, अमर झा, दयानंद झा, दीपक झा, रामाज्ञा झा, कुंदन कुमार झा, शिवकुमार झा आदि ने विचार रखे। कार्यक्रम में किरण देवी, आशा देवी, सरस्वती देवी, अंजू देवी, प्रतिभा देवी, रिंकू देवी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।