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August 22, 2026

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22 अगस्त की टॉप-20 खबरें: जंतर-मंतर पर रिजर्वेशन के विरोध में उमड़ी हजारों की भीड़, झारखंड CMO को बम से उड़ाने की धमकी

1. UGC नियमों के विरोध में जंतर-मंतर पर हजारों स्टूडेंट्स की भीड़, आरक्षण में बदलाव की उठी मांग दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार और UGC इक्विटी नियमों के विरोध में हजारों लोग जुटे. प्रदर्शनकारियों ने जातिगत आरक्षण में बदलाव और आर्थिक आधार पर लाभ की मांग की. यहां पढ़ें पूरी समाचार 2. जज रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट से 100 मुकदमे रिकॉल, सुशील मूंछ-चीनू पंडित से जुड़े केस भी शामिल मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट से करीब 100 महत्वपूर्ण मुकदमों को दूसरी अदालतों में भेज दिया गया है. इनमें कुख्यात गैंगस्टर सुशील मूंछ और चीनू पंडित जैसे बड़े नामों से जुड़े गंभीर मामले भी शामिल हैं. इस अचानक हुए ट्रांसफर के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे न्यायिक हलकों में हलचल मची हुई है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 3. पैलेट गन मामले में FIR को लेकर राहुल गांधी का धरना, बोले- ‘ऊपर से आदेश’ की बात कह रही पुलिस राहुल गांधी पार्लियामेंट मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दे रहे हैं. जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान पेलेट गन से घायल हुए 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब को साथ लेकर FIR दर्ज करने पर अड़े रहे. उन्होंने कहा कि पुलिस ‘ऊपर से आदेश’ न होने के कारण FIR दर्ज नहीं कर रही है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 4. चीन में ‘चिट्टियों’ की बवाल प्रैक्टिस: एक रोबोट दौड़ते-दौड़ते मरा, दूसरा आउट ऑफ कंट्रोल, तीसरे को आई मिर्गी; Videos वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स 2026 से पहले रोबोटों के प्रशिक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली घटनाएं सामने आई हैं. एक रोबोट जहां दौड़ते हुए सुरक्षा दीवार से जा भिड़ा, उसके पेट से चिंगारी निकलने लगी. वहीं दूसरे ने नियंत्रण खो दिया. एक अन्य रोबोट ने जमीन पर अजीब हरकतें कीं, जिसने सबको हैरान कर दिया. यहां पढ़ें पूरी समाचार 5. ट्रंप के करीबी मंत्री का बेटा रूस की वॉन्टेड लिस्ट में, यूक्रेन की तरफ से लड़ा था युद्ध अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर के बेटे कॉनर कैनेडी रूस की अंतरराष्ट्रीय वॉन्टेड लिस्ट में शामिल किए गए हैं. रूस का आरोप है कि उन्होंने यूक्रेनी सेना के साथ भाड़े के लड़ाके के तौर पर काम किया. यहां पढ़ें पूरी समाचार 6. झारखंड विधानसभा और CMO को बम से उड़ाने की मिली धमकी, पुलिस महकमे में हड़कंप, 4 घंटे चला सर्च ऑपरेशन झारखंड विधानसभा और मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है. परिसर में 4 घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया. ईमेल के सोर्स की तकनीकी जांच की जा रही है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 7. बिजली का पोल गिरा, टूटी बैरिकेडिंग और मची भगदड़, जानिए अशोकधाम हादसे की रिपोर्ट में क्या है? लखीसराय के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में 17 अगस्त को हुई भगदड़ की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है. जांच टीम ने बिजली का पोल गिरने और कमजोर बैरिकेडिंग को इस दर्दनाक हादसे की वजह बताया है. इस रिपोर्ट में भीड़ को संभालने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय न होने पर बड़े सवाल उठ रहे हैं. यहां पढ़ें पूरी समाचार 8. लखनऊ हत्याकांड: 2 दिन रेकी, 30 मिनट में स्पोर्ट्स खत्म, डेढ़ करोड़ की रकम बनी मौत की वजह लखनऊ में SBI अफसर मानस बाजपेयी ने पहले अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा को गोली मारी, फिर घर आकर अपनी बहन शीबा को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. प्रारंभिक जांच में तलाक और डेढ़ करोड़ रुपये के एलिमनी विवाद का मामला सामने आया है. यहां पढ़ें पूरी समाचार 9. जादवपुर यूनिवर्सिटी हिंसा : कैंपस में तोड़फोड़, आगजनी और मारपीट मामले में दर्ज हुई FIR कोलकाता की यादवपुर यूनिवर्सिटी में ABVP और वामपंथी छात्रों के बीच हिंसक झड़प के बाद पुलिस में कई शिकायतें दर्ज. ऐतिहासिक प्रतीक को नुकसान पहुंचाने और आगजनी की जांच शुरू. यहां पढ़ें पूरी समाचार 10. ICAI CA नवंबर परीक्षा के लिए मॉक टेस्ट का शेड्यूल जारी, ऐसे मिलेंगे Paper और Answer Key इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने नवंबर में होने वाली सीए फाइनल परीक्षा के लिए मॉक टेस्ट का शेड्यूल जारी कर दिया है. टेस्ट सीरीज ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में आयोजित होगी. स्टूडेंट 9 सितंबर से शुरू होने वाले टेस्ट का पूरा शेड्यूल यहां देख सकते हैं. यहां पढ़ें पूरी समाचार 11. IOCL बॉटलिंग प्लांट में ‘मॉक ड्रिल’: केमिकल रिसाव और आग लगने पर NDRF-SDRF का रेस्क्यू अभ्यास मालदा जिले के नारायणपुर स्थित इंडियन ऑयल (IOCL) के बॉटलिंग प्लांट में रासायनिक रिसाव और आग लगने पर मॉक ड्रिल का आयोजन. NDRF, SDRF और सिविल डिफेंस ने परखी तैयारियां. यहां पढ़ें पूरी समाचार 12. पश्चिम बंगाल में चीनी 70 रुपए किलो, वजह एथेनॉल या जमाखोरी! पश्चिम बंगाल में त्योहारी सीजन से पहले चीनी के दाम 70 रुपए प्रति किलो पहुंचे. CWBTA ने पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण को जिम्मेदार ठहराया, तो मंत्री दिलीप घोष ने जमाखोरी को प्रमुख वजह बताया. यहां पढ़ें पूरी समाचार 13. आम्रपाली दुबे से पहले इस भोजपुरी हसीना को डेट कर चुके हैं निरहुआ? राज खुलते ही फैंस बोले- ये तो बड़ा बवाल है आम्रपाली दुबे से पहले भी दिनेश लाल यादव का अफेयर रहा है. जी हां भोजपुरी एक्ट्रेस पाखी हेगड़े ने कहा कि निरहुआ संग उनका पर्सनल रिश्ता भी था और उन्होंने शादी तक के लिए प्रपोज किया था. यहां पढ़ें पूरी समाचार 14. 52 घंटे की बैटरी और ANC के साथ लॉन्च हुए CMF Buds Neo, देखें फीचर्स और साउंड क्वाॅलिटी डिटेल्स Nothing के बजट सब-ब्रांड CMF ने CMF Buds Neo TWS ईयरबड्स लॉन्च किए हैं. ₹2,000 से कम कीमत में एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन (ANC), 52 घंटे तक की बैटरी लाइफ और शानदार डिजाइन इसे एक आकर्षक विकल्प बनाते हैं. जानें इसके सभी फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स. यहां पढ़ें पूरी समाचार 15. BMW X1 LWB हिंदुस्तान में लॉन्च, कीमत ₹49.9 लाख से शुरू, पहली बार लग्जरी कार खरीदने वालों पर नजर बीएमडब्ल्यू ने हिंदुस्तान में X1 का लॉन्ग व्हीलबेस वर्जन उतारा है. ₹49.9 लाख की शुरुआती कीमत वाले इस मॉडल में पीछे बैठे यात्रियों के लिए ज्यादा लेगरूम मिलेगा. कार का उत्पादन चेन्नई में होगा. यहां पढ़ें पूरी समाचार 16. रक्षाबंधन पर मिठाई खरीदने की जरूरत नहीं, घर आए मेहमानों को इम्प्रेस करने के लिए मिनटों में बनाएं ये 5 सुपर टेस्टी मिठाइयां रक्षाबंधन पर

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अस्पताल में इमरान खान ने बहन को बताया जेल का हाल, कहा- मोहम्मद मुर्सी की तरह 10 महीने से मेरे साथ अन्याय हो रहा

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर एक बार फिर उनकी हिरासत और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं. उनकी बहन उजमा खान ने दावा किया है कि जेल में इमरान खान को लंबे समय से बेहद खराब परिस्थितियों में रखा जा रहा है. उन्हें एकांत कारावास में रखकर कथित तौर पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही है. हालांकि, उजमा के मुताबिक मुलाकात के दौरान इमरान शारीरिक रूप से पूरी तरह ठीक नजर आए. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान की बहन उजमा खान ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी इस्लामाबाद स्थित के-पी हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. उन्होंने बताया कि उन्हें गुरुवार रात करीब 8:30 बजे अदियाला जेल बुलाया गया था. उजमा के अनुसार, जेल पहुंचने के बाद पहले उन्हें डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस सकलैन के कार्यालय ले जाया गया. इसके बाद उन्हें एक छोटी गाड़ी में बैठाकर अस्पताल ले जाया गया. उस समय अधिकारियों ने उन्हें यह स्पष्ट नहीं बताया कि आखिर उन्हें कहां ले जाया जा रहा है. उजमा ने कहा, ‘मैं बार-बार पूछती रही, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया.’ जब वह अस्पताल के ऊपरी हिस्से में पहुंचीं तो वहां इमरान खान मौजूद थे. उजमा के मुताबिक, इमरान ने वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनकी बहन करीब 10 महीने बाद उनसे मिलने आई हैं. इमरान ने कहा- 10 महीने से मेरे साथ गंभीर अन्याय उजमा खान ने बताया कि बातचीत के दौरान इमरान खान ने अपनी हिरासत की परिस्थितियों को लेकर गंभीर शिकायतें कीं. उजमा ने इमरान के हवाले से कहा, ‘उन्होंने मुझसे बार-बार कहा कि पिछले 10 महीनों से उनके साथ बहुत अन्याय हो रहा है. उन्होंने मुझसे कहा कि जाकर सभी को बताओ कि उनके साथ गंभीर अन्याय और प्रताड़ना की जा रही है.’ हालांकि, उजमा ने यह भी कहा कि मुलाकात के दौरान इमरान खान की शारीरिक स्थिति ठीक दिखाई दे रही थी. उन्होंने कहा, ‘इमरान माशाअल्लाह बिल्कुल फिट थे.’ उनके मुताबिक, मेडिकल स्टाफ ने इमरान का ब्लड प्रेशर भी जांचा और यह 120/80 दर्ज किया गया. अस्पताल ले जाने के दौरान अधिकारियों ने नहीं बताई मंजिल उजमा ने बताया कि उन्हें और इमरान को अस्पताल में भी अलग-अलग जगहों पर इंतजार कराया गया. उनके अनुसार, ऐसा लग रहा था कि अधिकारी जानबूझकर समय निकाल रहे हैं. इस दौरान मेडिकल स्टाफ ने इमरान की आंखों से जुड़ी दवाओं और आई ड्रॉप्स के बारे में जानकारी ली. इसके बाद उनकी एक आंख में इंजेक्शन लगाया गया और दूसरी आंख पर पट्टी बांध दी गई. उजमा के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्हें यह भी साफ तौर पर नहीं बताया गया कि उन्हें किस अस्पताल में ले जाया गया है. उन्होंने शुरुआत में पूछा कि क्या उन्हें शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जा रहा है, लेकिन अधिकारियों ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. बाद में एक डॉक्टर ने अपना परिचय डॉ. आरिफ के रूप में दिया. ये भी पढ़ें:- मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर बने बांग्लादेश के राष्ट्रपति, हिंदुस्तान के लिए क्यों अहम है यह बदलाव? इमरान ने की मोहम्मद मुर्सी से तुलना उजमा खान ने बताया कि बातचीत के दौरान इमरान खान ने अपनी स्थिति की तुलना मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी से की. उन्होंने इमरान के हवाले से कहा, ‘इमरान ने कहा कि मोहम्मद मुर्सी को भी उसी तरह मार दिया गया, जिस तरह उन्हें एकांत कारावास में रखकर प्रताड़ित किया जा रहा है.’ उजमा ने यह भी दावा किया कि इमरान को एक डॉक्टर ने बताया था कि लगातार इंसानी संपर्क से दूर रखे जाने की वजह से उनका हाइपरटेंशन बढ़ रहा है. फज्र की अजान के आसपास वापस अदियाला जेल ले जाया गया अस्पताल में जांच और मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद उजमा और इमरान खान को तड़के वापस अदियाला जेल ले जाया गया. उजमा के अनुसार, यह वापसी फज्र की अजान के आसपास हुई. इसके कुछ ही समय बाद इमरान खान के निजी चिकित्सक डॉ. फैसल सुल्तान भी अलग गाड़ी से जेल पहुंचे. इसके बाद खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी प्रशासन और जेल प्रशासन पर सवाल उठाए. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पार्टी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किए जाने को लेकर अदालत का रुख करेगी. सोहेल अफरीदी के मुताबिक, पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ) सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के कथित उल्लंघन को लेकर अवमानना याचिका दाखिल करेगी, जिसमें इमरान खान के मेडिकल उपचार से जुड़े निर्देश दिए गए थे. पहले अस्पताल में जांच, फिर कड़ी सुरक्षा में जेल वापसी शुक्रवार को इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल वापस पहुंचाया गया था. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में थोड़े समय के लिए मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया था. यह कार्रवाई पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत की गई. रिपोर्टों के अनुसार, इमरान को अस्पताल ले जाने और वापस जेल पहुंचाने के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे. इमरान खान की जेल में नियमित मेडिकल निगरानी के दौरान ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव आने के बाद यह मेडिकल जांच कराया गया था. अदालत की ओर से तय मेडिकल प्रक्रिया के तहत डॉक्टरों ने आवश्यक जांच और क्लिनिकल टेस्ट किए. जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने इमरान खान को सीधे अदियाला जेल पहुंचा दिया. उन्हें सुबह होने से पहले ही जेल वापस कर दिया गया. 2023 से जेल में हैं इमरान खान इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं. वह तोशाखाना मामले से जुड़े 14 साल के कारावास की सजा काट रहे हैं. इसके अलावा उनके ऊपर अन्य मामलों में भी केस चल रहे हैं.  ये भी पढ़ें:- चीन में ‘चिट्टियों’ की बवाल प्रैक्टिस: एक रोबोट दौड़ते-दौड़ते मरा, दूसरा आउट ऑफ कंट्रोल, तीसरे को आई मिर्गी; Videos The post अस्पताल में इमरान खान ने बहन को बताया जेल का हाल, कहा- मोहम्मद मुर्सी की तरह 10 महीने से मेरे साथ अन्याय हो रहा appeared first on Naya Vichar.

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रक्षाबंधन पर मिठाई खरीदने की जरूरत नहीं, घर आए मेहमानों को इम्प्रेस करने के लिए मिनटों में बनाएं ये 5 सुपर टेस्टी मिठाइयां

Instant Sweets for Raksha Bandhan: रक्षाबंधन का त्योहार सिर्फ राखी बांधने का नहीं, बल्कि ढेर सारी मौज-मस्ती और एक से एक मीठी चीजें खाने का भी दिन होता है. इस दिन घर पर रिश्तेदारों और मेहमानों का आना-जाना रुकता ही नहीं है. ऐसे में चाहे पूजा की थाली सजानी हो या फिर घर आए मेहमानों को कुछ खिलाना हो, मिठाई के बिना तो काम चल ही नहीं सकता है. अक्सर रक्षाबंधन के समय हम जिन मिठाइयों को दुकान से खरीदते हैं, उनमें मिलावट होने का खतरा काफी ज्यादा होता है, या फिर कई बार तो ऐसा भी होता है कि लास्ट मोमेंट पर घर से बाहर जाने का समय ही नहीं मिलता है. ऐसे में सबसे बेहतर होता है कि आप घर पर बनी हुई मिठाइयों से मेहमानों का स्वागत करें. जब आप घर पर मिठाइयों को खुद बनाते हैं, तो इस त्योहार का मजा भी दोगुना हो जाता है. आपके इस त्योहार को और भी यादगार बनाने और घर आए मेहमानों को इम्प्रेस करने के लिए आज हम आपको 5 ऐसी बेहद आसान और झटपट बनने वाली मिठाइयों की रेसिपी बताएंगे, जिन्हें कोई भी बहुत आसानी से बना सकता है. तो चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं. instant sweets for rakhi इस रक्षाबंधन जरूर ट्राय करें नारियल के लड्डू नारियल के इन सिंपल से लड्डुओं को बनाना बहुत ही ज्यादा आसान होता है और ये खाने में भी बहुत ही ज्यादा टेस्टी होते हैं. नारियल के लड्डू बनाने के लिए आपको सिर्फ बाजार से नारियल का सूखा बुरादा यानी नारियल का पाउडर और कंडेंस्ड मिल्क की जरूरत होती है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में थोड़ा सा घी डालें और उसमें नारियल का बुरादा डालकर हल्की आंच पर 2 से 3 मिनट के लिए भून लें. इसके बाद इसमें कंडेंस्ड मिल्क डालें और अच्छी तरह मिलाते रहें. जब यह मिश्रण थोड़ा गाढ़ा हो जाए और कड़ाही छोड़ने लगे, तो गैस बंद कर दें. जब यह हल्का ठंडा हो जाए, तो हाथों में थोड़ा सा घी लगाकर गोल-गोल लड्डू बना लें. लास्ट में लड्डुओं को सूखे नारियल के बुरादे में रोल कर दें. सिर्फ इतना करते ही आपके टेस्टी नारियल के लड्डू तैयार हैं. ये भी पढ़ें: नमकीन से लेकर मीठे तक, मखाने से बनाएं ये 5 इंस्टेंट स्नैक्स, मिटेगी शाम की भूख और चाय का मजा भी होगा दोगुना अचानक मेहमान घर आए तो ब्रेड का शाही टुकड़ा अगर आपके घर पर अचानक मेहमान आ जाएं और आपको लगे कि आपके पास तो समय ही नहीं है, तो ब्रेड का शाही टुकड़ा आपके लिए सबसे बेस्ट चॉइस है। यह क्रिस्पी और मीठी डिश खाने में बहुत मजेदार लगती है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले ब्रेड के किनारों को काटकर अलग कर दें और ब्रेड को बीच से तिकोने शेप में काट लें. अब एक पैन में देसी घी गरम करें और ब्रेड के इन टुकड़ों को दोनों तरफ से हल्का ब्राउन और क्रिस्पी होने तक तल लें. दूसरी तरफ चीनी और पानी को उबालकर एक पतली चाशनी बना लें. तले हुए ब्रेड के टुकड़ों को 1 मिनट के लिए चाशनी में डुबोकर बाहर निकाल लें. लास्ट में इसके ऊपर गाढ़ी रबड़ी या कटे हुए काजू-बादाम डालकर सर्व करें. हर किसी को पसंद आएगा सूजी का हलवा सूजी का हलवा एक ऐसी मिठाई है जिसे हर घर में पसंद किया जाता है. इसकी सबसे खास बात है कि इसे बनाने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में जितना सूजी ले रहे हैं, उतना ही देसी घी डालें. अब सूजी को धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक कि उसमें से अच्छी खुशबू न आने लगे और उसका रंग हल्का ब्राउन न हो जाए. अब इसमें सूजी से तीन गुना गर्म पानी या दूध डालें और लगातार चलाते रहें ताकि गांठ न पड़े. जब हलवा गाढ़ा होने लगे, तो इसमें अपने स्वाद के हिसाब से चीनी, इलायची का पाउडर और कटे हुए काजू-बादाम मिला दें. लास्ट में इसे 2 मिनट ढककर पकाएं और आपका गर्मागर्म हलवा तैयार है. ये भी पढ़ें: हर शाम समोसे और पकौड़े खाकर नहीं बिगाड़ना चाहते सेहत? ट्राय करें सूजी से बनने वाले ये 5 इंस्टेंट स्नैक्स घर पर ही मिनटों में बनाएं पनीर का पेड़ा बाजार में मिलने वाले पेड़े हर किसी को पसंद आते हैं क्योंकि ये एक तरह से ट्रेडिशनल मिठाई हैं. आप अगर चाहें तो इन्हें बिना मावा के बहुत ही आसानी से सिर्फ पनीर का इस्तेमाल करके भी मिनटों में बना सकते हैं. इसे बनाने के लिए सबसे पहले फ्रेश पनीर लें और उसे हाथ से अच्छी तरह मैश कर लें या कद्दूकस कर लें. अब एक पैन में यह मैश किया हुआ पनीर, मिल्क पाउडर और पिसी हुई चीनी मिलाएं. इसे धीमी आंच पर 5 से 7 मिनट तक पकाएं. जब सारे इंग्रीडिएंट्स अच्छे से मिल जाएं और यह गाढ़ा हो जाए, तो इसमें थोड़ी सी इलायची का पाउडर मिला दें. जब यह पेस्ट ठंडा हो जाए, तो हाथ से छोटे-छोटे गोल पेड़े बना लें और ऊपर से पिस्ता चिपका दें. रक्षाबंधन में सेवई की खीर बनाना शुभ रक्षाबंधन के दिन घर पर सेवई बनाना बहुत ही ज्यादा शुभ माना जाता है. यह मिनटों में बनकर तैयार हो जाती है और यह खाने में ही बहुत ही टेस्टी लगती है. सेवई की खीर बनाने के लिए सबसे पहले एक गहरे बर्तन में थोड़ा सा घी डालें और सेवई को 2 से 3 मिनट के लिए हल्का भून लें. अब इसमें दूध डालें और उबलने दें. जब दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाए और सेवई अच्छे से गल जाए, तो इसमें चीनी, थोड़ी सी कुटी हुई इलायची और कटे हुए ड्राई फ्रूट्स जैसे कि काजू, बादाम और किशमिश मिला दें. अब इसे 5 मिनट और धीमी आंच पर पकने दें. आप इसे गर्मागर्म भी खा सकते हैं या फ्रिज में ठंडा करके भी सर्व कर सकते हैं. ये भी पढ़ें: कम तेल में बनकर तैयार हो जाते हैं ये क्रिस्पी सूजी अप्पे, सुबह के नाश्ते के लिए हैं एकदम परफेक्ट The post रक्षाबंधन पर मिठाई खरीदने की जरूरत नहीं, घर आए मेहमानों को इम्प्रेस करने के लिए मिनटों में

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JSSC-CGL और CDPO परीक्षा: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश पर लगाई रोक, 15 सितंबर को अगली सुनवाई

राणा प्रताप की रिपोर्ट JSSC CGL Exam: झारखंड प्रशासन द्वारा परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने संबंधी जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली चार अलग-अलग याचिकाओं पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. JSSC-CGL समेत CDPO, FRO और FSO परीक्षाओं को रद्द करने के राज्य प्रशासन के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने प्रशासन के परीक्षा रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है. न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने JSSC-CGL और CDPO परीक्षा का विज्ञापन रद्द करने के राज्य प्रशासन के आदेश पर रोक लगा दी है. मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी. CDPO और JSSC-CGL से जुड़ी याचिकाओं पर हुई सुनवाई  याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अमृतांश वत्स और पीएएस पति ने अदालत में पक्ष रखा. याचिकाओं के जरिए राज्य प्रशासन द्वारा CDPO (बाल विकास परियोजना पदाधिकारी) परीक्षा का विज्ञापन रद्द किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है. इसके साथ ही JSSC-CGL परीक्षा और उससे संबंधित नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश के खिलाफ भी याचिका दाखिल की गई है. ये भी पढ़ें- झारखंड में ट्रांसमिशन नेटवर्क को और मजबूत करेगा JUSNL, खरीदेगा 4.25 करोड़ के बिजली उपकरण JPSC परीक्षाओं पर प्रशासन से जवाब कुछ याचिकाकर्ताओं ने JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा तथा फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्तियों को रद्द करने के प्रशासन के फैसले को भी चुनौती दी है. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने CDPO और JSSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा को रद्द करने के मामले में राज्य प्रशासन और JPSC से जवाब मांगा है. CID जांच के बाद परीक्षाएं रद्द, अनियमितताओं की जांच  दरअसल, CID जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य प्रशासन ने 18 अगस्त की देर रात उन परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था, जिनमें TDPL ऐजेंसी (TSR Data Processing Private Limited) की भूमिका सामने आई थी. इस ऐजेंसी काम प्रतियोगी परीक्षाओं को संचालित करना है. इसके अलावा प्रशासन द्वारा वर्ष 2014 के बाद आयोजित सभी नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की घोषणा भी की गई थी. 22 परीक्षाएं रद्द, 6 स्थगित और 17 जांच के दायरे में  इसके बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से परीक्षा रद्द करने, कुछ परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित करने और अन्य परीक्षाओं को जांच के दायरे में लाने से संबंधित अधिसूचना जारी की गई.अधिसूचना के अनुसार 22 परीक्षाएं रद्द की गई हैं, जबकि 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित की गई है. वहीं 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखा गया है. ये भी पढ़ें- त्योहारों से पहले महंगी हुई मिठास, महीने भर में चीनी 14 रुपये और गुड़ 15 रुपये चढ़े The post JSSC-CGL और CDPO परीक्षा: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य प्रशासन के आदेश पर लगाई रोक, 15 सितंबर को अगली सुनवाई appeared first on Naya Vichar.

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Aaj ka Ank Rashifal: मूलांक 4 वालों को जीवनसाथी से होगा मनमुटाव, जानें आज का अंक राशिफल

अंक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज का अंक राशिफल हर मूलांक के जातकों के लिए खास है. जिन लोगों का मूलांक है, उन्हें आज बहुत सतर्क रहना होगा. मूलांक 5 से संबंध रखने वालों को धन लाभ के कई अवसर प्राप्त होंगे. आगे मूलांक 1-9 तक का आज का अंक राशिफल जानिए. मूलांक- 1 दिन चुनौतियों से भरा रहेगा. कार्यों में बेवजह रुकावट आ सकती है. कोई भी बड़ा फैसला सोच-समझकर लेना होगा. नेतृत्व से जुड़े जातकों को बड़ा लाभ हो सकता है. मूलांक- 2 आज का दिन परेशानियों से भरा रहने वाला है. व्यापार में निवेश करने से बचें. कार्यस्थल पर नए प्रोजेक्ट पर काम करना होगा. पिता से आर्थिक लाभ हो सकता है. मूलांक- 3 आज यात्रा के दौरान बहुत सतर्क रहना होगा. धन के लेनदेन में सावधानी बरतनी होगी. सेहत को लेकर चिंता रह सकती है. लाइफ पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताएंगे. मूलांक- 4 आज ससुराल पक्ष के अचानक लाभ हो सकता है. जीवनसाथी से चल रहा मनमुटाव दूर होगा. परिवार में किसी सदस्य के सहयोग से आर्थिक समस्या हल होगी. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट खरीदने से बचें. ये भी पढ़ें: गुरु के नक्षत्र गोचर से संवर जाएगी 5 राशि वालों की तकदीर! बंपर लाभ के हैं योग मूलांक- 5 व्यापार में आर्थिक लाभ के कई अवसर प्राप्त होंगे. समझदारी की सराहना होगी. पिता के साथ संबंध मधुर होंगे. जमीन से जुड़े दस्तावेज को लेकर सतर्क रहना होगा. मूलांक- 6 पर्सनल लाइफ पर फोकस करना होगा. लव लाइफ में कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लें. पारिवारिक मुद्दों पर बहुत सोच समझकर चलें. नौकरी से जुड़े कार्यों में जल्दबाजी करने से बचें. मूलांक- 7 आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है. संतान को लेकर चिंता हो सकती है. धार्मिक कार्यों के प्रति रूचि बढ़ेगी. आज नया लैपटॉप या मोबाइल फोन लेने से बचें. ये भी पढ़ें: रक्षाबंधन पर राशि के अनुसार चुनें कपड़ों और राखी का रंग, जानें किस राशि के लिए क्या है शुभ मूलांक- 8 दिन में कुछ परेशानियों का सामना करने पड़ेगा. कार्यक्षेत्र में कोई भी फैसला सोच-समझकर लें. कार्यस्थल पर विवादों से बचकर रहना होगा. आज सफेद वस्तुओं की खरीदारी करने से बचें. मूलांक- 9 क्रोध पर कंट्रोल रखना होगा. कार्यक्षेत्र में सावधानी से काम करें. अगर नया वाहन लेने का विचार कर रहे हैं, तो उसे कुछ दिनों के लिए टाल दें. मित्रों से किसी बात को लेकर मनमुटाव हो सकता है. The post Aaj ka Ank Rashifal: मूलांक 4 वालों को जीवनसाथी से होगा मनमुटाव, जानें आज का अंक राशिफल appeared first on Naya Vichar.

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2026 में STF ने किए 19 एनकाउंटर, 3 की मौत; आखिर क्यों भरत तिवारी मामले को उपलब्धियों की सूची से रखा बाहर?

Bharat Tiwari Case : बिहार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने वर्ष 2026 में अब तक की अपनी कार्रवाई का ब्योरा जारी किया है. पटना पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान STF के DIG ने बताया कि इस साल अब तक STF ने कुल 19 एनकाउंटर किए हैं. इन कार्रवाइयों में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि अन्य मामलों में कई लोग घायल हुए हैं. भरत तिवारी मामले पर पहली बार STF का बयान प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नया विचार की ओर से STF के DIG से भोजपुर के भरत भूषण तिवारी मामले को लेकर सवाल किया गया. उनसे पूछा गया कि क्या 17 जून 2026 को भोजपुर में हुई मुठभेड़ को भी STF के 19 एनकाउंटर की सूची में शामिल किया गया है. इस पर STF DIG ने स्पष्ट किया कि भरत तिवारी मामले को STF की एनकाउंटर संबंधी उपलब्धियों की सूची में शामिल नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है और इसमें न्यायिक जांच आयोग भी गठित है. “जांच पूरी होने तक इस मामले को सूची में नहीं रखा गया” STF DIG के मुताबिक भरत तिवारी की मौत वाला मामला अभी अंडर इन्वेस्टिगेशन है. चूंकि इस मामले में न्यायिक जांच चल रही है और यह तय होना बाकी है कि घटना को किस रूप में देखा जाएगा, इसलिए इसे STF द्वारा बताए गये एनकाउंटर के आंकड़ों में शामिल नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि STF जिन 19 एनकाउंटर का विवरण दे रही है, उसमें भरत तिवारी मामले को शामिल नहीं किया गया है. 17 जून को भोजपुर में हुई थी भरत तिवारी की मौत 17 जून 2026 को भोजपुर जिले में STF की कार्रवाई के दौरान भरत भूषण तिवारी की गोली लगने से मौत हो गयी थी. घटना के बाद उनके परिजनों ने इसे एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए थे. मामला सामने आने के बाद इसे लेकर बिहार में नेतृत्वक और सामाजिक स्तर पर भी काफी चर्चा हुई. विवाद बढ़ने के बाद मामले की न्यायिक जांच शुरू करायी गयी. रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में चल रही न्यायिक जांच भरत तिवारी की मौत के मामले में रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच करायी जा रही है. जांच का उद्देश्य घटना की परिस्थितियों, पुलिस कार्रवाई और गोली चलने की परिस्थितियों समेत पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करना है. STF ने अब साफ कर दिया है कि जब तक इस मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, इसे अपनी नियमित एनकाउंटर उपलब्धियों की सूची का हिस्सा नहीं माना जाएगा. प्रशासन ने परिवार को मदद और नौकरी का भी किया ऐलान भरत तिवारी मामले को लेकर बिहार प्रशासन की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी देने की बात भी सामने आ चुकी है. वहीं न्यायिक जांच की रिपोर्ट पर अब सभी की नजरें टिकी हैं. 19 एनकाउंटर का आंकड़ा, लेकिन भरत तिवारी केस अलग STF के ताजा बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि 2026 में बताए गये 19 एनकाउंटर के आंकड़े में भरत तिवारी की मौत शामिल नहीं है. STF का कहना है कि न्यायिक जांच पूरी होने तक इस मामले को अलग रखा गया है. अब सवाल यह है कि न्यायिक जांच की रिपोर्ट में घटना को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आता है. Also Read : VIDEO: बिहार में 18वें दिन भी नहीं टूटा छात्रों का हौसला, 26 हजार PhD स्कॉलर लोकभवन और CM हाउस घेराव की चेतावनी The post 2026 में STF ने किए 19 एनकाउंटर, 3 की मौत; आखिर क्यों भरत तिवारी मामले को उपलब्धियों की सूची से रखा बाहर? appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में PT शिक्षक बेच रहे झालमुड़ी, बोले- BPEd और STET पास करने के बाद भी कम वेतन

प्रशासनी स्कूल में शिक्षक की नौकरी, B.P.Ed की डिग्री, STET पास और स्पोर्ट्सों में वर्षों का अनुभव. इसके बावजूद महीने के महज 16 हजार रुपये के मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है. यही वजह है कि बिहार के शारीरिक शिक्षक-सह-स्वास्थ्य अनुदेशक खाली समय में सड़क किनारे झालमूड़ी बेचकर घर का खर्च चलाने को मजबूर हैं. उनकी कहानी सिर्फ कम वेतन की नहीं, बल्कि उस संघर्ष की है, जहां प्रशासनी शिक्षक होने के बावजूद रोजी-रोटी के लिए अतिरिक्त काम करना पड़ रहा है. “स्कूल में पढ़ाने के बाद झालमूड़ी बेचते हैं, अच्छा नहीं लगता” उमर बादशाह बताते हैं कि वह प्रशासनी स्कूल में शारीरिक शिक्षक-सह-स्वास्थ्य अनुदेशक हैं. स्कूल में बच्चों को स्पोर्ट्स और शारीरिक शिक्षा से जोड़ने के बाद वह झालमूड़ी बेचने का काम करते हैं. उन्होंने कहा कि दुकान लगाकर सामान बेचते हुए उन्हें खुद भी अच्छा नहीं लगता, लेकिन परिवार चलाने के लिए यह करना पड़ रहा है. उनका कहना है कि नौकरी के साथ ऐसा काम करना मजबूरी है, क्योंकि मौजूदा महंगाई में 16 हजार रुपये की आय से घर चलाना बेहद मुश्किल हो गया है. ₹8 हजार से शुरू हुई नौकरी, तीन साल बाद ₹16 हजार हुआ मानदेय उमर बादशाह के मुताबिक शारीरिक शिक्षक-सह-स्वास्थ्य अनुदेशक के तौर पर उनकी बहाली करीब आठ हजार रुपये में हुई थी. लंबे संघर्ष के बाद तीन साल बाद मानदेय बढ़ाकर 16 हजार रुपये किया गया. उन्होंने बताया कि उनकी शैक्षणिक योग्यता भी कम नहीं है. मैट्रिक और इंटर के बाद ग्रेजुएशन किया, फिर दो साल का B.P.Ed कोर्स किया और STET भी पास किया. इसके बाद नियोजन इकाई के माध्यम से प्रशासनी स्कूल में नियुक्ति हुई. “इतनी पढ़ाई के बाद भी कम वेतन में गुजारा मुश्किल” उमर का कहना है कि शारीरिक शिक्षक और स्वास्थ्य अनुदेशकों ने B.P.Ed, M.P.Ed और कई ने NIS कोचिंग जैसी स्पोर्ट्स संबंधी योग्यताएं हासिल की हैं. इसके बावजूद उन्हें दूसरे शिक्षकों की तुलना में काफी कम भुगतान किया जा रहा है. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि शारीरिक शिक्षक-सह-स्वास्थ्य अनुदेशकों को पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा देते हुए वेतन में बढ़ोतरी की जाए, ताकि उन्हें अतिरिक्त काम करने की मजबूरी न रहे. पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी भी सिर पर उमर ने बताया कि उनके पिता सेना में थे और करीब दो-तीन साल पहले उनका निधन हो गया. इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी काफी हद तक उनके ऊपर आ गयी. ऐसे में 16 हजार रुपये की नौकरी से घर का खर्च, रोजमर्रा की जरूरतें और अन्य जिम्मेदारियां पूरी करना उनके लिए मुश्किल हो गया. इसी वजह से स्कूल की ड्यूटी के बाद वह झालमूड़ी बेचने का काम करते हैं. “पहले झिझक हुई, फिर लगा मेहनत करने में शर्म कैसी” स्कूल में पढ़ाने के बाद दुकान लगाने को लेकर शुरुआत में उमर को काफी झिझक महसूस होती थी. उन्होंने बताया कि जिन बच्चों को वह स्कूल में पढ़ाते हैं, उन्हीं के सामने सड़क किनारे झालमूड़ी बेचने में शुरुआत में संकोच होता था. लेकिन बाद में उन्होंने इसे मेहनत का काम मानकर स्वीकार कर लिया. उनका कहना है कि वह स्पोर्ट्स से जुड़े व्यक्ति हैं, इसलिए शारीरिक मेहनत वाले काम करने में उन्हें परेशानी नहीं होती. वह कहते हैं कि मेहनत से कमाया गया पैसा गलत नहीं है, लेकिन अगर प्रशासन पर्याप्त वेतन दे तो ऐसी मजबूरी नहीं रहेगी. झालमूड़ी बेचकर रोज करीब 400 रुपये की अतिरिक्त कमाई उमर के अनुसार झालमूड़ी समेत अन्य सामान बेचकर उन्हें रोज करीब 400 रुपये तक की अतिरिक्त कमाई हो जाती है. इसी अतिरिक्त आमदनी से वह किसी तरह परिवार की जरूरतें पूरी कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि शिक्षक का भुगतान भी उन्हें नियमित रूप से नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में अतिरिक्त काम से मिलने वाली छोटी-सी आमदनी भी उनके लिए काफी मायने रखती है. निशांत कुमार भी बोले- प्रशासन बढ़ाए वेतन मध्य विद्यालय डंडा के शारीरिक शिक्षक-सह-स्वास्थ्य अनुदेशक निशांत कुमार ने भी कम वेतन की समस्या उठायी. उनका कहना है कि स्पोर्ट्स से जुड़े शिक्षक योग्य हैं और उन्होंने वर्षों तक स्पोर्ट्स के क्षेत्र में योगदान दिया है. निशांत के मुताबिक उन्होंने जिला स्तर और इंटर यूनिवर्सिटी स्तर पर स्पोर्ट्सों में हिस्सा लिया है. इसके बावजूद शारीरिक शिक्षक-सह-स्वास्थ्य अनुदेशकों को कम भुगतान किया जा रहा है. “प्रशासन से हमारी मांग है, सम्मानजनक वेतन मिले” शारीरिक शिक्षक-सह-स्वास्थ्य अनुदेशकों का कहना है कि वे बच्चों को स्पोर्ट्स, स्वास्थ्य और शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने का काम कर रहे हैं. ऐसे में उन्हें भी सम्मानजनक वेतन और पूर्णकालिक शिक्षक के रूप में उचित सुविधाएं मिलनी चाहिए. इन शिक्षकों की कहानी बताती है कि प्रशासनी स्कूल में पढ़ाने वाले कई कर्मियों के लिए नौकरी मिलने के बाद भी आर्थिक संघर्ष खत्म नहीं हुआ है. अब उनकी नजर प्रशासन की ओर है कि क्या उनके मानदेय और सेवा शर्तों में बदलाव को लेकर कोई ठोस फैसला लिया जाता है. The post बिहार में PT शिक्षक बेच रहे झालमुड़ी, बोले- BPEd और STET पास करने के बाद भी कम वेतन appeared first on Naya Vichar.

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