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September 5, 2026

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शिक्षक दिवस पर भेजें ये दिल छू लेने वाले Wishes, जिंदगीभर याद रहेगा आपका संदेश

Teachers Day 2026 Wishes: शिक्षक हमारे जीवन में सिर्फ पढ़ाई का ज्ञान नहीं देते, बल्कि सही और गलत के बीच फर्क समझाने में भी मदद करते हैं. उनके बताए छोटे-छोटे सबक कई बार जिंदगी के बड़े फैसलों में काम आते हैं. इसलिए शिक्षक दिवस पर उन्हें एक प्यारा सा संदेश भेजकर दिल से शुक्रिया कहना तो बनता है. हर साल 5 सितंबर को हिंदुस्तान में शिक्षक दिवस मनाया जाता है. यह दिन देश के महान शिक्षक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के मौके पर मनाया जाता है. इस दिन छात्र अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार जताते हैं. अगर आप भी अपने फेवरेट टीचर को कुछ खास कहना चाहते हैं, लेकिन शब्द नहीं मिल रहे हैं, तो यहां दिए गए ये संदेश आपके काम आ सकते हैं. आप इन्हें WhatsApp, Facebook या Instagram पर भी शेयर कर सकते हैं. शिक्षक दिवस पर भेजें ये प्यारे Quotes आपकी सिखाई हुई बातें आज भी जिंदगी के हर मोड़ पर मेरा रास्ता आसान करती हैं. मेरे लिए आप सिर्फ शिक्षक नहीं, बल्कि एक बेहतरीन मार्गदर्शक हैं. शिक्षक दिवस की ढेरों शुभकामनाएं. किताबों का ज्ञान तो बहुत लोग देते हैं, लेकिन जिंदगी को सही तरीके से जीना सिखाने वाले शिक्षक बहुत कम होते हैं. मेरे जीवन में ऐसा शिक्षक बनने के लिए आपका दिल से धन्यवाद. आपकी डांट में भी हमारी भलाई छिपी होती थी और आपकी तारीफ हमें आगे बढ़ने का हौसला देती थी. आपकी हर सीख हमेशा याद रहेगी. हैप्पी टीचर्स डे! एक अच्छा शिक्षक वही होता है जो सिर्फ सवालों के जवाब नहीं बताता, बल्कि हमें खुद जवाब ढूंढना सिखाता है. मेरे ऐसे ही शिक्षक को शिक्षक दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं. आपने हमें सिर्फ पढ़ाया नहीं, बल्कि मेहनत करना, हार के बाद दोबारा कोशिश करना और खुद पर भरोसा रखना भी सिखाया. आपकी हर सीख मेरे लिए अनमोल है. Teachers Day Wishes in Hindi गुरु का दिया ज्ञान जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी होती है. मेरे जीवन को सही दिशा देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. आपकी वजह से पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रही, बल्कि जिंदगी को समझने का जरिया बन गई. हमेशा हमारा हौसला बढ़ाने के लिए शुक्रिया. हैप्पी टीचर्स डे! आज हम जहां भी हैं, वहां हमारे माता-पिता के साथ शिक्षकों की मेहनत भी शामिल है. मेरे सभी शिक्षकों को दिल से नमन और शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं. आपकी एक छोटी सी सीख भी कभी-कभी जिंदगी की बड़ी परेशानी हल कर देती है. ऐसे शानदार शिक्षक का छात्र होना मेरे लिए गर्व की बात है. आपने हमें सपने देखना ही नहीं, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करना भी सिखाया. आपकी सीख हमेशा हमारे साथ रहेगी. शिक्षक दिवस की ढेरों शुभकामनाएं. अपने फेवरेट Teacher के लिए छोटा सा Message अगर आपका कोई ऐसा शिक्षक है जिसने पढ़ाई के साथ-साथ आपको जिंदगी में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है, तो उन्हें सिर्फ एक छोटा सा संदेश भी बहुत खास महसूस करा सकता है. आप लिख सकते हैं- “सर/मैम, आपकी सिखाई हुई हर बात मेरे लिए खास है. आपने हमेशा मुझ पर भरोसा किया और आगे बढ़ने की हिम्मत दी. इसके लिए मैं हमेशा आपका शुक्रगुजार रहूंगा/रहूंगी. शिक्षक दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं.” शिक्षक दिवस पर महंगे गिफ्ट से ज्यादा जरूरी है कि आप अपने शिक्षक को यह महसूस कराएं कि उनकी मेहनत और सीख आपके लिए मायने रखती है. एक सच्चा धन्यवाद और दिल से लिखा हुआ संदेश उनके दिन को खास बना सकता है. यह भी पढ़ें: टीचर के लिए कुछ खास करना है? घर पर आसानी से बनाएं ये 5 Handmade Teacher’s Day Cards The post शिक्षक दिवस पर भेजें ये दिल छू लेने वाले Wishes, जिंदगीभर याद रहेगा आपका संदेश appeared first on Naya Vichar.

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Heavy Rain Alert: बिहार में ऑरेंज अलर्ट, MP-छत्तीसगढ़ समेत इन राज्यों में भी भारी बारिश का खतरा

Heavy Rain Alert: मौसम विभाग ने प्रेस रिलीज जारी करके बताया कि 5 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है. वहीं 5 से 10 सितंबर के दौरान उत्तराखंड में भी कई जगहों पर तेज बारिश हो सकती है. इस दौरान दोनों राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा. 5 से 6 सितंबर तक पश्चिमी मध्य प्रदेश, 5 से 8 सितंबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश जबकि 8 से 10 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है. छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना छत्तीसगढ़ में 5 सितंबर को कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मौसम अस्थिर रहेगा. इस दौरान एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा है. ये भी पढ़ें: Kal ka Mausam : छत्तीसगढ़ में होगी बारिश, गिरेगी बिजली, 8 सितंबर तक के लिए येलो अलर्ट जारी बिहार में भारी बारिश का अलर्ट बिहार के उत्तर-पश्चिमी जिलों जैसे पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और सारण में 5 सितंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है. वहीं, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी जैसे मध्य-उत्तरी इलाकों में येलो अलर्ट रहेगा. यहां गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. झारखंड का मौसम मौसम विभाग का पूरा प्रेस रिलीज पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश का अलर्ट पूर्वोत्तर के राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा. 5 से 8 सितंबर तक अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है. असम और मेघालय में 5 से 8 सितंबर और 10 सितंबर को बारिश हो सकती है. वहीं, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 से 10 सितंबर तक कई जगहों पर बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है. The post Heavy Rain Alert: बिहार में ऑरेंज अलर्ट, MP-छत्तीसगढ़ समेत इन राज्यों में भी भारी बारिश का खतरा appeared first on Naya Vichar.

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शिक्षक दिवस से जुड़े इस महान दार्शनिक के बारे में जानें 10 अनसुनी बातें, हर छात्र को लेनी चाहिए प्रेरणा

Dr Sarvepalli Radhakrishnan Facts: हर साल 5 सितंबर को पूरा देश शिक्षक दिवस (Teachers Day) मनाता है. यह दिन हिंदुस्तान के दूसरे राष्ट्रपति, महान दार्शनिक और अद्वितीय शिक्षक डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन (Dr Sarvepalli Radhakrishnan) की जयंती के रूप में मनाया जाता है. एक साधारण परिवार में जन्म लेने के बावजूद अपनी विद्वता के दम पर उन्होंने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से लेकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक का सफर तय किया. छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए डॉ राधाकृष्णन के जीवन से जुड़े ये 10 तथ्य (Dr Sarvepalli Radhakrishnan Facts) जानना बेहद जरूरी और प्रेरणादायक है. एक नज़र में मुख्य बातें जन्म: 5 सितंबर 1888, तिरुत्तनी (तमिलनाडु). पदभार: हिंदुस्तान के पहले उपराष्ट्रपति (1952-1962) और दूसरे राष्ट्रपति (1962-1967). शिक्षक दिवस की शुरुआत: वर्ष 1962 में, जब उन्होंने अपना जन्मदिन शिक्षकों को समर्पित किया. सर्वोच्च सम्मान: 1954 में देश के पहले ‘हिंदुस्तान रत्न’ से सम्मानित. डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन से जुड़ी 10 प्रेरक बातें 1. 5 सितंबर को ही क्यों मनाते हैं शिक्षक दिवस? वर्ष 1962 में जब डॉ. राधाकृष्णन हिंदुस्तान के राष्ट्रपति बने, तो उनके कुछ पुराने छात्रों और मित्रों ने उनका जन्मदिन मनाने की अनुमति मांगी. इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मेरा जन्मदिन अलग से मनाने के बजाय अगर 5 सितंबर को पूरे देश के शिक्षकों के सम्मान में समर्पित किया जाए, तो यह मेरे लिए सबसे बड़ा गर्व होगा.” तभी से हर साल 5 सितंबर को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाने लगा. 2. हिंदुस्तान के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ राधाकृष्णन आजाद हिंदुस्तान के पहले उपराष्ट्रपति (1952 से 1962) बने और लगातार दो कार्यकाल पूरे किए. इसके बाद 1962 से 1967 तक उन्होंने देश के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में सेवाएं दीं. 3. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसरी का गौरव वे पहले ऐसे हिंदुस्तानीय थे जिन्हें इंग्लैंड की प्रसिद्ध ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ‘ईस्टर्न रिलिजन्स एंड एथिक्स’ (पूर्वी धर्म और नैतिकता) की चेयर का प्रोफेसर नियुक्त किया गया. उन्होंने पश्चिमी देशों के सामने हिंदुस्तानीय दर्शन और वेदांत की समृद्ध परंपरा को बहुत ही तार्किक ढंग से रखा. 4. देश के पहले ‘हिंदुस्तान रत्न’ से सम्मानित वर्ष 1954 में जब हिंदुस्तान प्रशासन ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘हिंदुस्तान रत्न’ की शुरुआत की, तो सबसे पहले सम्मानित होने वाले तीन महान व्यक्तित्वों में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी शामिल थे (उनके साथ सी राजगोपालाचारी और सी वी रमन को भी यह सम्मान मिला था). ये भी पढ़ें: टीचर्स डे स्पेशल: सिर्फ 2 मिनट, शिक्षक दिवस पर दें यह दमदार भाषण जो हर कोई करेगा तारीफ, देखें पूरी स्क्रिप्ट 5. नोबेल पुरस्कार के लिए 27 बार नामांकन डॉ राधाकृष्णन की विद्वता का लोहा पूरी दुनिया मानती थी. उन्हें साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए 16 बार और शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए 11 बार नामांकित किया गया था. 6. वेतन का बड़ा हिस्सा राहत कोष में दान राष्ट्रपति के रूप में उनका आधिकारिक वेतन उस समय 10,000 रुपये था, लेकिन वे इसमें से केवल 2,500 रुपये ही स्वीकार करते थे. बाकी बची 7,500 रुपये की पूरी राशि वे हर महीने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में दान कर देते थे. 7. सोवियत संघ में हिंदुस्तान के सफल राजदूत नेतृत्व में आने से पहले 1949 से 1952 तक वे सोवियत संघ (रूस) में हिंदुस्तान के राजदूत (Ambassador) रहे. उस दौर के कड़े सोवियत नेता जोसेफ स्टालिन भी डॉ राधाकृष्णन के शांत और दार्शनिक स्वभाव का बेहद सम्मान करते थे. 8. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के कुलपति डॉ राधाकृष्णन ने आंध्र विश्वविद्यालय के साथ-साथ बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के कुलपति (Vice-Chancellor) के रूप में भी कई वर्षों तक सेवा की और उच्च शिक्षा में कई महत्वपूर्ण सुधार किए. 9. विश्व प्रसिद्ध दार्शनिक रचनाएं उन्होंने हिंदुस्तानीय दर्शन को वैश्विक स्तर पर समझाने के लिए कई कालजयी किताबें लिखीं. उनकी प्रमुख कृतियों में ‘द हिंदू व्यू ऑफ लाइफ’ (The Hindu View of Life) और ‘इंडियन फिलॉसफी’ (Indian Philosophy) आज भी दर्शनशास्त्र के छात्रों के लिए संदर्भ ग्रंथ मानी जाती हैं. 10. जब छात्रों ने खुद खींची थी फूलों से सजी बग्गी जब वे मैसूर यूनिवर्सिटी छोड़कर कलकत्ता यूनिवर्सिटी जा रहे थे, तो उनके छात्रों ने उन्हें स्टेशन तक ले जाने के लिए घोड़ों की जगह खुद फूलों से सजी गाड़ी को खींचा था. यह शिक्षकों के प्रति छात्रों के असीम प्रेम और आदर का ऐतिहासिक उदाहरण है. ये भी पढ़ें: Teachers Day 2026 LIVE: शिक्षक दिवस पर भाषण, कविता, शायरी, शुभकामनाएं और 10 लाइन स्पीच यहां पढ़ें {“type”:”faq”,”question”:”डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म कब और कहां हुआ था?”,”answer”:”डॉ. राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी के तिरुत्तनी (वर्तमान तमिलनाडु) में हुआ था.”}{“type”:”faq”,”question”:”हिंदुस्तान में शिक्षक दिवस की शुरुआत किस वर्ष हुई थी?”,”answer”:”हिंदुस्तान में ऑफिशियली शिक्षक दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 1962 में डॉ राधाकृष्णन के राष्ट्रपति बनने के बाद हुई थी.”}{“type”:”faq”,”question”:”डॉ. राधाकृष्णन को हिंदुस्तान रत्न कब मिला था?”,”answer”:”उन्हें वर्ष 1954 में हिंदुस्तान के पहले नागरिक सम्मान ‘हिंदुस्तान रत्न’ से नवाजा गया था.”} The post शिक्षक दिवस से जुड़े इस महान दार्शनिक के बारे में जानें 10 अनसुनी बातें, हर छात्र को लेनी चाहिए प्रेरणा appeared first on Naya Vichar.

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तेजस्वी यादव के राघोपुर पर चिराग पासवान की भी नजर, बाढ़ से ‘बर्बाद’ इलाके को कब-कैसे मिलेगी मदद?

Tejashwi Yadav Raghopur Flood : वैशाली के राघोपुर में बाढ़ की भयावह स्थिति है. यह बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का निर्वाचन क्षेत्र भी है. साथ ही लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान का संसदीय क्षेत्र भी है. यहां घरों में पानी घुसने से लोग दाने-दाने को मोहताज होकर मंदिरों में शरण लेने को विवश हैं. वहीं करोड़ों की सड़क डूबने और दर्जनों ट्रांसफार्मरों की बिजली बंद होने से पूरा जनजीवन ठप पड़ गया है. प्रखंड की करीब 20 पंचायतों के 75 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं. पानी राघोपुर के प्रशासनी परिसरों तक पहुंच गया है. प्रखंड परिसर, रेफरल अस्पताल मोहनपुर, सीडीपीओ कार्यालय, जुड़ावनपुर थाना परिसर और कृषि भवन परिसर में पानी प्रवेश कर चुका है. प्रशासनी कार्यालयों में पानी पहुंचने से आम लोगों के साथ-साथ कर्मचारियों और विभिन्न प्रशासनी कार्यों से जुड़े लोगों की परेशानी बढ़ गई है. आगे बढ़ने से पहले वीडियो में देखिए तबाही… View on Instagram राघोपुर को लेकर अभी दोनों नेता क्या कर रहे हैं? बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करने के लिए तेजस्वी यादव लगातार दूसरे हफ्ते पटना से राघोपुर गए हैं. तेजस्वी यादव ने बताया कि राघोपुर के हालात को लेकर वरीय अधिकारियों से उनकी लगातार बातचीत हो रही है. उन्होंने डिप्टी सीएम विजय चौधरी से भी बात की है और पत्र लिखकर मांग की है कि राघोपुर के बाढ़ प्रभावित लोगों को विशेष राहत पैकेज व मदद उपलब्ध कराई जाए. दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री व हाजीपुर सांसद चिराग पासवान ने कहा है कि नेपाल में आई त्रासदी का असर बिहार पर भी पड़ा है, हालांकि जिला प्रशासन स्तर पर राहत कार्य चल रहा है. उन्होंने कहा कि वह स्वयं अपने संसदीय क्षेत्र की जनता से मिलने जाएंगे. राघोपुर में हर साल बाढ़ से होने वाली भारी परेशानी पर चिराग ने स्पष्ट किया कि वे और उनकी टीम मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर इस समस्या के स्थायी समाधान (परमानेंट सॉल्यूशन) पर ठोस बातचीत करेंगे. वहीं इन आरोपों पर राघोपुर नेताप्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के इलाका होने की वजह से राहत कार्य पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रही है. भाजपा के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने जबाव दिया है. उन्होंने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है. पूर्व सीएम नीतीश भी कर चुके हैं दौरा गुरुवार को ही पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल से गंगा के बढ़ते जलस्तर और आसपास के हालात का जायजा लिया. उन्होंने लोगों से सतर्क और सावधान रहने की अपील की. उन्होंने लोगों को अनावश्यक रूप से नदी और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके. इस दौरान जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और हरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे. जलस्तर का जायजा लेते पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार | Naya Vichar Network लोगों ने मंदिरों में ली शरण, चूड़े के सहारे कट रही जिंदगी राघोपुर में कई परिवारों के आशियाने पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे विस्थापित होकर ग्रामीणों ने ऊंचे स्थानों पर स्थित मंदिरों में शरण ले रखी है. प्रभावित लोगों के पास खाने-पीने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है और वे काली पॉलीथिन में रखे चूड़े के सहारे अपनी भूख मिटाने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ झेलने के बावजूद उन्हें समय पर पर्याप्त प्रशासनिक सहायता नहीं मिल पाती है. 10.58 करोड़ की नई सड़क डूबी, दर्जनों ट्रांसफार्मर बंद कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्सलेन पुल के पाया संख्या 29 के पास तेज बहाव से सड़क कट गई है और पाया के पास दो से तीन फीट पानी जमा हो गया है. रुस्तमपुर लोहा पुल से सिक्सलेन को जोड़ने वाली 4.20 किलोमीटर लंबी सड़क, जो 10.58 करोड़ रुपये की लागत से अभय कंस्ट्रक्शन द्वारा बनाई जा रही थी, निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही 3 से 4 फीट पानी में डूब गई है. रुस्तमपुर से बीरपुर, फतेहपुर से खालसा घाट और पहाड़पुर से जमींदारी घाट तक के मार्गों पर पानी फिर जाने से वाहनों की आवाजाही बंद है. सुरक्षा के मद्देनजर राघोपुर में 71 ट्रांसफार्मरों सहित जिले के प्रभावित क्षेत्रों में कुल 280 ट्रांसफार्मरों की बिजली काट दी गई है, जिससे 25 से 30 हजार की आबादी अंधेरे और मोबाइल चार्जिंग की किल्लत झेल रही है. थाने और अस्पतालों में घुसा पानी, फसलें बर्बाद बाढ़ का पानी जुड़ावनपुर थाना परिसर, रेफरल अस्पताल मोहनपुर, सीडीपीओ कार्यालय और कृषि भवन में भी घुस गया है, जिससे पुलिसकर्मियों व कर्मियों को नावों के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है. बिंदा मार्केट शिवनगर की दुकानों में पानी भरने से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. वहीं पहाड़पुर, वीरपुर और जहांगीरपुर में सैकड़ों एकड़ में लगी मिर्च, बैंगन और चारे की फसलें डूब चुकी हैं. आगे दो वीडियो में देखें राघोपुर की स्थिति…. प्रशासन अलर्ट, 155 नावें उतारी गईं राघोपुर, हाजीपुर, महनार, सहदेई बुजुर्ग, देसरी और बिदुपुर समेत 6 प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हैं. लोगों की सुविधा के लिए 155 नावें चलाई जा रही हैं और 1,760 पॉलीथिन शीट बांटी गई हैं. डीआरसीसी मार्ग पर पानी भरने के कारण 5 सितंबर को होने वाला जॉब कैंप भी स्थगित कर दिया गया है. इधर, जलस्तर बढ़ने के बीच कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल से स्थिति का मुआयना कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है. यह भी पढ़ें : हाजीपुर में बाढ़ का चौतरफा असर, जॉब कैंप स्थगित, 280 ट्रांसफॉर्मर बंद, 25-30 हजार लोग प्रभावित राघोपुर में बाढ़ में डूबी 10 करोड़ की लागत से बनी कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्सलेन पुल, 71 ट्रांसफार्मरों की बिजली बंद The post तेजस्वी यादव के राघोपुर पर चिराग पासवान की भी नजर, बाढ़ से ‘बर्बाद’ इलाके को कब-कैसे मिलेगी मदद? appeared first on Naya Vichar.

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