आधुनिक तकनीकों और अंतर्विषयक अनुसंधान की संभावनाओं से कराया गया अवगत
नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड के नरघोघी स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (जीईसी), समस्तीपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से माइक्रोफ्लुइडिक्स विषय पर आमंत्रित व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें एसआरएम यूनिवर्सिटी-एपी के ऊर्जा अभियांत्रिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सुमित कुमार मेहता ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने माइक्रोफ्लुइडिक्स की मूल अवधारणाओं से लेकर आधुनिक इलेक्ट्रोकाइनेटिक निदान तकनीकों तक के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. मेहता ने पादप द्रविकी, इलेक्ट्रोकाइनेटिक घटनाओं, द्रव यांत्रिकी और गणितीय मॉडलिंग की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इन क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से शोध और नवाचार की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अंतर्विषयक अनुसंधान के महत्व से अवगत कराते हुए इंजीनियरिंग के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझाया।
वैज्ञानिक सोच और शोध के प्रति रुचि बढ़ाने पर जोर
व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को उभरते शोध क्षेत्रों की जानकारी प्राप्त करने तथा तकनीकी विषयों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करना था।
कार्यक्रम का समन्वय मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. वैशाली ने किया। आयोजन को सफल बनाने में विभाग के सहायक प्राध्यापक आशीष कुमार एवं डॉ. प्रेम कुमार ने सहयोग दिया।