Hot News

October 2, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Jail Bharo Andolan Live: धर्मेंद्र के बाद अब CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, शिवाजी पार्क से आज शुरू होगा दीपके का आंदोलन

Jail Bharo Andolan Live: मुंबई में गांधी जयंती के मौके पर कॉकरोच जनता पार्टी ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जेल भरो आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है. सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दूसरे नेतृत्वक दलों और आम लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है. जानें पल-पल का अपडेट… The post Jail Bharo Andolan Live: धर्मेंद्र के बाद अब CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, शिवाजी पार्क से आज शुरू होगा दीपके का आंदोलन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल राज्य डेटा सेंटर पर साइबर हमला: क्या खतरे में है पुलिस का CCTNS डेटा, जानिए पूरा मामला

कोलकाता. बंगाल पुलिस के डेटा सेंटर पर साइबर हमले हुए हैं. पुलिस का सीसीटीवीएनएस सिस्टम प्रभावित हुआ है. साइबर हमले के कारण पुलिस का कई डेटा खो गया है. बंगाल पुलिस का साइबर सिस्टम लगभग ठप हो गया है. भवानी भवन द्वारा पूरे राज्य को संदेश भेजा गया है. अधिकारियों को सभी पुलिस वेबसाइटों से लॉग आउट करने के निर्देश दिए गए हैं. क्या आपके महत्वपूर्ण पुलिस दस्तावेज खो गए हैं? पुलिस का सीसीटीवीएनएस सिस्टम आमतौर पर कोलकाता पुलिस और राज्य पुलिस का मुख्य केंद्र होता है. यहीं पर राज्य पुलिस की सभी एफआईआर, चार्जशीट और अन्य विवरण रखे जाते हैं. सुप्रीम कोर्ट के दिशा–निर्देशों के अनुसार, महत्वपूर्ण जानकारी या दस्तावेज़ सीसीटीवीएनएस पर अपलोड किए जाते हैं. गुरुवार तड़के करीब 10 बजे राज्य के इसी डेटा सेंटर पर साइबर हमला होने की बात कही जा रही है.  “डेटा सुरक्षा और लॉगआउट के दिए गए निर्देश” जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि सीसीटीवीएनएस की जानकारी तक पहुंच बनाई गई है. आरोप है कि कोलकाता पुलिस और कलिम्पोंग जिला पुलिस की महत्वपूर्ण जानकारी तक पहुंच बनाई गई है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रशासनी धन भेजने वाली सभी पूजा समितियों की जानकारी भी पुलिस सर्वर पर मौजूद थी. जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि उस बैंक खाते की जानकारी भी साइबर हमलावरों के हाथ लग सकती है. एक महीने पहले भी हुए थे साइबर हमले  संयोगवश, एक महीने पहले कई साइबर हमले हुए थे. सुबह एक और साइबर हमले के बाद, पूरे राज्य पुलिस विभाग को अलर्ट पर रखा गया है. संबंधित कर्मियों को सभी पुलिस वेबसाइटों से लॉग आउट करने का आदेश दिया गया है. हाल ही में एसटीएफ ने जांच के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें से कुछ आरोपी पाकिस्तानी नागरिक हैं और कुछ पाकिस्तानी जासूस हैं. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें “साइबर सेल कर रही डेटा उल्लंघन के स्तर की जांच” जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि जांच की प्रगति की जानकारी इन साइबर हमलावरों तक पहुंच सकती है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इसमें किसी तरह पाकिस्तान की भूमिका है? राज्य पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने जांच शुरू कर दी है. यह पता लगाने के लिए जांच शुरू की गई है कि यह जानकारी कहां से प्राप्त हुई. Also Read: शुभेंदु अधिकारी ने ठुकराई विश्व हिंदू परिषद की मांग, बोले- दुर्गा पूजा में मांसाहार पर रोक नहीं The post बंगाल राज्य डेटा सेंटर पर साइबर हमला: क्या खतरे में है पुलिस का CCTNS डेटा, जानिए पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

क्या CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट से पहले हिरासत में लिए गए दीपके? जानें क्या है पूरी सच्चाई

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को गुरुवार शाम को मुंबई पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की सूचना सामने आई. हालांकि बाद में इसे कुछ मीडिया रिपोर्ट में खारिज किया गया. पीटीआई के मुताबिक अभिजीत दीपके को केवल कुछ देर के लिए हिरासत में लिया गया था. दीपके को मरीन ड्राइव पर तख्तियां लेकर समर्थकों के साथ खड़े होने के बाद पुलिस थाने ले गई थी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दीपके मरीन ड्राइव पर अपने कुछ समर्थकों के साथ तख्तियां लेकर पहुंचे थे. इसी दौरान एक स्त्री निरीक्षक समेत पुलिस की टीम वहां पहुंची और उन्हें एक वैन से मरीन ड्राइव थाने ले गई. अधिकारी के मुताबिक, थाने ले जाते समय स्त्री पुलिस अधिकारी ने दीपके से उनकी पहचान और गृह नगर के बारे में जानकारी ली. दीपके और उनके समर्थकों को कुछ देर के लिए थाने में रखा गया. ये भी पढ़ें: मुंबई से जंतर-मंतर तक CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का प्रदर्शन, 2 अक्टूबर को जेल भरो आंदोलन बाद में वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने के लिए कहे जाने के बाद दीपके कुछ ही मिनटों में थाने से बाहर निकल आए. दीपके को कुछ देर हिरासत में लिए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया. वहीं, थाने से बाहर आने के बाद करीब साढ़े ग्यारह बजे रात अभिजीत दीपके ने एक सेल्फी भी शेयर की. CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन यह घटनाक्रम मुंबई में 2 अक्टूबर को प्रस्तावित सीजेपी के आंदोलन से पहले सामने आया है. सीजेपी ने चुनावी सूची में कथित गड़बड़ियों और ईसीआई के कामकाज में जवाबदेही की मांग को लेकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है और इस्तीफे की मांग की है. The post क्या CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट से पहले हिरासत में लिए गए दीपके? जानें क्या है पूरी सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

खतरे में नौकरी: TCS में 23 हजार कर्मचारी कम, AI का कारोबार गरम, अब किसकी कुर्सी पर संकट?

कभी सुना था कि TCS में नौकरी लग गई तो जिंदगी सेट. लेकिन जुलाई 2025 में तस्वीर कुछ बदली. कंपनी ने करीब 2% वर्कफोर्स, यानी 12,261 पदों में कटौती का ऐलान किया. खास बात ये रही कि इसका असर सबसे ज्यादा मिड और सीनियर लेवल के कर्मचारियों पर पड़ा. उन लोगों पर, जिन्हें लगता था कि सालों का अनुभव नौकरी की सबसे बड़ी गारंटी है. हालांकि, ये वर्कफोर्स में बदलाव जॉब मार्केट में नई डिमांड की और इशारा करता है. साथ ही युवाओं को नई स्किल्स डेवलप करने के लिए आगाह करता है. AI और Tech एक्सपर्ट वेणुगोपाल उम्मादिसेट्टी ने एक पोस्ट में इसे TCS का 2012 के बाद ऐसा दूसरा बड़ा कदम बताया. यानी करीब 13 साल बाद कंपनी के वर्कफोर्स में इतनी बड़ी कटौती देखने को मिली. कंपनी के आंकड़े भी तस्वीर बदलने की तरफ इशारा करते हैं. मार्च 2025 में TCS के 6,07,979 कर्मचारी थे, जो मार्च 2026 तक घटकर 5,84,519 रह गए. एक साल में कर्मचारियों की संख्या 23 हजार से ज्यादा कम हुई. TCS के CEO और MD के कृतिवासन ने 21 जुलाई 2025 को दिए इंटरव्यू में पहली बार बताया था कि कंपनी कितनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की संख्या घटाने जा रही है और इसके पीछे क्या वजह है. अब सवाल सिर्फ TCS का नहीं है. Oracle जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों में भी अचानक हजारों Layoff हो जा रहे हैं. ऐसे में नौकरियों पर ऐसा दबाव क्यों बढ़ रहा है? AI आने के बाद किन तरह के प्रोफेशनल्स सबसे ज्यादा जोखिम में हैं? क्या ज्यादा अनुभव अब नौकरी की गारंटी नहीं रहा? खतरे में नौकरी की इस सीरीज में ऐसे ही सवालों के जवाब तलाशेंगे- नोट: इस सेग्मेंट का उद्देश्य किसी कंपनी को साख को क्षति पहुंचाना नहीं है. खतरे में नौकरी में एक उदाहरण के साथ उन स्किल्स के बारे में बताएंगे जिनकी डिमांड AI के इस दौर में रहने वाली है. ये भी पढ़ें: बात करियर की: Oracle में गईं 21000 नौकरियां, IIT-NIT के छात्रों से भी छीन लिया प्लेसमेंट, 10000+ स्टाफ पर लटकी तलवार The post खतरे में नौकरी: TCS में 23 हजार कर्मचारी कम, AI का कारोबार गरम, अब किसकी कुर्सी पर संकट? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अनंत सिंह ने बदली राह, नीरज कुमार के खिलाफ MLC चुनाव में जन सुराज के साथ

“कोई हरा नहीं पाएगा…जनता मालिक है, हम संतुष्ट हैं कि हम जीतेंगे…1500% उम्मीद है कि हम जीतेंगे.” ये दावा है मोकामा से जेडीयू विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह का, जो पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के लिए मैदान में मोर्चा संभाले हुए हैं. अनंत सिंह खुद जेडीयू के विधायक होते हुए भी जेडीयू उम्मीदवार के खिलाफ हैं, और तो और, वो जिस जन सुराज पार्टी का समर्थन कर रहे हैं, महज एक साल पहले उसी के नेता दुलारचंद यादव की हत्या के आरोप में उन्हें जेल जाना पड़ा था. बिहार विधानसभा चुनाव को अभी एक साल भी नहीं बीते हैं और एमएलसी चुनाव में अनंत सिंह ने अलग राह पकड़ ली. नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे का ऐलान करते ही चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर देने वाले अनंत ने अब जेडीयू से बगावत का झंडा बुलंद कर दिया है. विधानसभा चुनाव से एमएलसी चुनाव आते-आते ऐसा क्या हुआ. नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले अनंत सिंह, उन्हीं के चहेते के खिलाफ कैसे हो गए? नीरज कुमार और अनंत सिंह में अदावत क्यों मीडिया रिपोर्ट और नेतृत्वक जानकारों के मुताबिक, नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच सियासी टकराव की शुरुआत साल 2015 से है. जो वक्त के साथ और गहरे होते गए. यह वह दौर था, जब बिहार में महागठबंधन की प्रशासन थी. नीतीश कुमार मुख्यमंत्री और तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री थे. इस दौरान 24 जून 2015 को बाढ़ के पुटूस हत्याकांड के मामले में अनंत सिंह की गिरफ्तारी हुई. उनकी गिरफ्तारी को लेकर उस समय खूब चर्चा हुई और नेतृत्वक हलकों में इस कार्रवाई के जरिए अनंत सिंह के खिलाफ माहौल तैयार किया गया. हालांकि, इस दावे की पुष्टि को लेकर अलग-अलग नेतृत्वक तर्क दी जाती है. इसके कुछ ही महीनों बाद, नवंबर 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव हुए और मोकामा सीट से अनंत सिंह को जेडीयू का टिकट कट गया. इस सीट से जेडीयू ने नीरज कुमार को मैदान में उतारा. हालांकि टिकट कटने के बाद भी अनंत सिंह मैदान में उतरे और जेल से ही निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया. उस चुनाव में अनंत सिंह ने नीरज कुमार को 18,348 वोटों के अंतर से हरा दिया. इस चुनाव का असली रंग और सियासी खींचतान दिखा चुनावी प्रचार के दौरान, जब दोनों नेताओं के बीच सियासी बयानबाजी काफी तीखी रही और नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर गंभीर नेतृत्वक और आपराधिक आरोप लगाते हुए उन्हें निशाने पर लिया था. चुनाव प्रचार के दौरान उनके नाम से यह बयान भी सामने आया था कि अनंत सिंह नेतृत्व के नासूर और आपराधिक गिरोह के सरगना हैं. कानून उनके दरवाजे पर दस्तक दे चुका है, अब वे अपने अंतिम दिन गिन रहे हैं. इसके अलावा और भी दूसरे मुद्दों को लेकर दोनों के बीच तल्ख तेवर दिखे.जो अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच खटास की वजह है. अब जन सुराज की जीत का दावा कर रहे अनंत बिहार के आठ सीटों पर एमएलसी का चुनाव हो रहा है, वैसे तो हर सीट पर मुकाबले का अपना रंग है, लेकिन इनमें सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है पटना स्नातक सीट की है. जहां बगावत और सियासत दोनों कदमताल करती हुई दिखाई दे रही है. गुरुवार को नामांकन के दौरान की तस्वीर ही देख लिजिए. जेडीयू के विधायक अनंत सिंह पीले रंग का गमछा लहराते नजर आ रहे. ऐसा लग रहा था कि वे जेडीयू नहीं जन सुराज के नेता हैं.जबकि यहां मुकाबला जेडीयू के उम्मीदवार नीरज कुमार और जनसुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह के बीच है. ये भी पढ़ें: ट्रंप ने खींच दी AI की लक्ष्मण रेखा, रोजगार से डेटा सुरक्षा तक क्या होगा असर The post अनंत सिंह ने बदली राह, नीरज कुमार के खिलाफ MLC चुनाव में जन सुराज के साथ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

10 साल बाद बाजार को लगने वाली है नजर! शेयर मार्केट में सुनामी का खतरा; जानें क्या कहती है रिपोर्ट

अगर आप शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं या म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश करते हैं, तो यह समाचार आपके लिए है. दरअसल, एम्बिट इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2015 से 2025 तक सेंसेक्स के लगातार 10 साल के अच्छे प्रदर्शन के बाद 2026 में हिंदुस्तानीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल सकती है. खासकर मिडकैप यानी मझौली कंपनियों और स्मॉलकैप यानी छोटी कंपनियों के शेयरों के गिरने की ज्यादा संभावना है. बाजार को लेकर क्या है असली चिंता एम्बिट इक्विटीज की मानें तो हिंदुस्तानीय शेयर बाजार ने पिछले कुछ सालों में निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है. सेंसेक्स ने 2016 से 2025 तक लगातार 10 साल फायदे वाला रिटर्न दिया है. लेकिन एम्बिट का कहना है कि अब बाजार के सामने कई मुश्किलें एक साथ खड़ी हो रही हैं. कच्चे तेल की कीमत बढ़ सकती है, ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड में तेजी आ सकती है, कंपनियों की लागत बढ़ सकती है. इसके अलावा वित्तीय स्थिति की रफ्तार में कुछ कमी के संकेत मिल रहे हैं. और इन सबका असर कंपनियों की कमाई और शेयरों की कीमत पर पड़ सकता है. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों को लेकर क्या है चिंता मिडकैप (मझौली कंपनियां) और स्मॉलकैप(छोटी कंपनियां) शेयरों ने पिछले कुछ समय में निवेशकों का काफी ध्यान खींचा है. बहुत से लोगों ने इन शेयरों में पैसा लगाया और उनकी कीमतें तेजी से बढ़ी. जिसको लेकर समस्या यह है कि कई शेयर अब काफी महंगे हो गए हैं. एम्बिट के मुताबिक सितंबर 2024 से मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की औसत वैल्यूएशन करीब 35 से 40 गुना बढ़ी है. इसे उदाहरण से ऐसे समझिए… मान लीजिए किसी कंपनी की सालाना कमाई 10 रुपये है और उसके शेयर की कीमत 400 रुपये है. तो इसका मतलब हुआ कि निवेशक उस शेयर से एक रुपये की कमाई के लिए 40 रुपये देने को तैयार हैं. लेकिन अगर कंपनी की कमाई उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ती, तो संभव है निवेशक इतना ज्यादा पैसा देने को तैयार नहीं हो, ऐसे में शेयर की कीमत तेजी से नीचे आ सकती है. यही वजह है कि एम्बिट मिडकैप और स्मॉलकैप जैसे शेयर में ज्यादा सावधानी बरतने की बात कर रहा है. पिछले कुछ समय से लार्जकैप क्यों पीछे रहे? रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो वर्षों में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया है लेकिन इसकी तुलना में बड़े यानी लार्जकैप(बड़ी कंपनियां) शेयरों में ज्यादा तेजी नहीं देखी गई. मार्च 2026 के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कुछ तेजी जरूर आई है लेकिन एम्बिट का मानना है कि इस तेजी का एक हिस्सा पहले की गिरावट के बाद शेयरों की कीमत सामान्य होने की वजह से आया. यानी जिस शेयर की कीमत पहले गिर गई थी, वह दोबारा कुछ ऊपर आ गया। हालांकि असली सवाल यह है कि शेयरों में आई तेजी से कंपनियों की कमाई कितनी बढ़ती है. क्योंकि अगर कमाई की रफ्तार कमजोर रही और शेयर पहले से महंगा है, तो गिरावट का खतरा बढ़ सकता है. विदेशी निवेशक पैसा निकाल रहे हैं, फिर बाजार संभला कैसे? हिंदुस्तानीय बाजार में इस समय एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिला है. विदेशी निवेशक यानी FII हिंदुस्तानीय शेयर बाजार से बड़ी मात्रा में पैसा निकाल रहे हैं. एम्बिट के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने करीब 56 अरब डॉलर के हिंदुस्तानीय शेयर बेचे हैं. लेकिन दूसरी तरफ हिंदुस्तानीय संस्थागत निवेशक यानी DII लगातार खरीदारी कर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान डीआईआई ने करीब 175 अरब डॉलर का निवेश किया है. इसका मतलब यह हुआ कि विदेशी निवेशकों की बिक्री का असर घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने काफी हद तक संभाल लिया. मार्च 2026 में डीआईआई की हिंदुस्तानीय शेयर बाजार में हिस्सेदारी 16.7 प्रतिशत हो थी, जबकि एफआईआई की हिस्सेदारी 15.3 प्रतिशत रही. यानी पहली बार घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी विदेशी निवेशकों से ज्यादा हो गई. फिर भी बाजार में तेजी क्यों नहीं आ रही? एम्बिट की रिपोर्ट में एक अहम सवाल है कि अगर घरेलू निवेशक इतनी बड़ी रकम लगा रहे हैं, तो बाजार लगातार ऊपर क्यों नहीं जा रहा? रिपोर्ट के मुताबिक बाजार पिछले कुछ समय से एक सीमित दायरे में घूम रहा है। यानी बड़ी तेजी भी नहीं आई और बाजार पूरी तरह टूट भी नहीं गया. जिसका एक संकेत यह है कि बाजार को ऊपर ले जाने के लिए सिर्फ पैसा आना पर्याप्त नहीं है. कंपनियों की कमाई बढ़ना और शेयरों की कीमत का उचित स्तर पर होना भी जरूरी है. ये भी पढ़ें: ट्रंप ने खींच दी AI की लक्ष्मण रेखा, रोजगार से डेटा सुरक्षा तक क्या होगा असर आम निवेशक के लिए इसका क्या मतलब है? इस रिपोर्ट का मतलब ये नहीं है कि 2026 में हर शेयर गिर जाएगा. एम्बिट का कहना है कि बाजार में नुकसान की संभावना बढ़ गई है और खासकर महंगे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट का खतरा ज्यादा है. आम निवेशक के लिए सबसे आसान बात यह है कि सिर्फ यह देखकर शेयर न खरीदें कि उसकी कीमत पिछले कुछ समय में बहुत बढ़ी है. यह देखना भी जरूरी है कि कंपनी कितना कमा रही है, आगे उसकी कमाई कितनी बढ़ सकती है और उस कमाई के मुकाबले शेयर की मौजूदा कीमत कितनी है. The post 10 साल बाद बाजार को लगने वाली है नजर! शेयर मार्केट में सुनामी का खतरा; जानें क्या कहती है रिपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ODI World Cup 2027 में कितनी बार आमने-सामने भिड़ सकते हैं भारत-पाकिस्तान? शेड्यूल आने के बाद जानें समीकरण

India vs Pakistan Match: वनडे विश्व कप 2027 का पूरा शेड्यूल सामने आ गया है. टूर्नामेंट में पहली बार 14 टीमें हिस्सा लेंगी और हिंदुस्तान-पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है. ऐसे में क्रिकेट फैंस के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि इस वर्ल्ड कप में हिंदुस्तान और पाकिस्तान कितनी बार आमने-सामने आ सकते हैं. हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच ग्रुप स्टेज का मुकाबला 10 अक्टूबर 2027 को जोहान्सबर्ग में स्पोर्ट्सा जाएगा. हालांकि, दोनों टीमों की भिड़ंत यहीं खत्म हो, यह जरूरी नहीं है. नए फॉर्मेट के तहत अगर दोनों टीमें अगले चरणों में पहुंचती हैं, तो इनके बीच दूसरी और यहां तक कि तीसरी बार भी मुकाबला हो सकता है. 10 अक्टूबर को हिंदुस्तान-पाकिस्तान मुकाबला ICC के जारी शेड्यूल के मुताबिक हिंदुस्तान और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में हैं. दोनों के बीच ग्रुप स्टेज का मुकाबला 10 अक्टूबर को जोहान्सबर्ग में स्पोर्ट्सा जाएगा. हिंदुस्तान अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत इससे पहले 7 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करेगा. यह मुकाबला केप टाउन में होगा. 2023 विश्व कप के फाइनल में भी हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया आमने-सामने थे, जहां ऑस्ट्रेलिया ने खिताब अपने नाम किया था. हिंदुस्तान-पाकिस्तान कितनी बार भिड़ सकते हैं? नए फॉर्मेट के कारण 2027 वनडे विश्व कप में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच अधिकतम तीन मुकाबले हो सकते हैं. पहली भिड़ंत- ग्रुप स्टेज हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच पहला मुकाबला पहले ही तय है. दोनों टीमें 10 अक्टूबर को जोहान्सबर्ग में आमने-सामने होंगी. यह मुकाबला ग्रुप-A के तहत स्पोर्ट्सा जाएगा. दोनों टीमों को इस मैच से विश्व कप अभियान में अहम अंक हासिल करने का मौका मिलेगा. दूसरी भिड़ंत- सुपर-7 में अगर हिंदुस्तान और पाकिस्तान ग्रुप स्टेज से आगे निकलकर सुपर-7 में जगह बनाते हैं, तो दोनों के बीच दूसरी बार मुकाबला हो सकता है. नए फॉर्मेट में ग्रुप स्टेज के बाद सात टीमें सुपर-7 चरण में पहुंचेंगी. यहां सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ स्पोर्ट्सेंगी. खास बात यह है कि ग्रुप स्टेज में हासिल किए गए अंक सुपर-7 में नहीं जुड़ेंगे. इस चरण में अगर हिंदुस्तान और पाकिस्तान दोनों पहुंचते हैं, तो एक बार फिर दोनों का मुकाबला देखने को मिल सकता है. तीसरी भिड़ंत- सेमीफाइनल या फाइनल हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच तीसरी भिड़ंत का रास्ता सेमीफाइनल या फाइनल में बन सकता है. सुपर-7 की पॉइंट्स टेबल में शीर्ष चार स्थान हासिल करने वाली टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. यहां नंबर-1 टीम का मुकाबला नंबर-4 से और नंबर-2 टीम का मुकाबला नंबर-3 से होगा. ऐसे में अगर हिंदुस्तान और पाकिस्तान सेमीफाइनल की अलग-अलग जोड़ियों में पहुंचते हैं, तो फाइनल में दोनों की भिड़ंत हो सकती है. वहीं समीकरण के अनुसार सेमीफाइनल में भी दोनों का सामना संभव है. ये भी पढ़ें: रोहित शर्मा के खास सेलिब्रेशन के पीछे क्या था राज? रवि शास्त्री के पूछने पर हिटमैन ने बताई ये वजह ODI World Cup 2027: ग्रुप-A और ग्रुप-B की टीमें ग्रुप टीमें ग्रुप-A हिंदुस्तान, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे, 1 क्वालिफायर टीम ग्रुप-B इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, बांग्लादेश, न्यूजीलैंड, 1 क्वालिफायर टीम 2027 विश्व कप में पहली बार 14 टीमें 2027 का वनडे विश्व कप कई मायनों में अलग होगा. ICC ने टूर्नामेंट में टीमों की संख्या बढ़ाकर 14 कर दी है. प्रतियोगिता की शुरुआत रैंकिंग में 12वें, 13वें और 14वें स्थान पर रहने वाली तीन टीमों के बीच सुपर सीरीज से होगी. इन तीन टीमों के बीच राउंड-रॉबिन मुकाबले होंगे और इनमें शीर्ष पर रहने वाली टीम मुख्य ग्रुप स्टेज में पहुंचेगी. इसके बाद 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा. दोनों ग्रुप में छह-छह टीमें होंगी और प्रत्येक टीम अपने ग्रुप की बाकी पांच टीमों से मुकाबला करेगी. ये भी पढ़ें: Video: रदरफोर्ड ने बाउंड्री पर शानदार कैच लेकर विराट कोहली को भेजा पवेलियन, वीडियो देखकर आप भी करेंगे तारीफ सुपर-7 में पहुंचेंगी सात टीमें ग्रुप स्टेज के 30 मुकाबलों के बाद दोनों ग्रुप की शीर्ष तीन-तीन टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी. इसके अलावा दोनों ग्रुप में चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों में बेहतर रिकॉर्ड वाली टीम भी सुपर-7 में जगह बनाएगी. इस तरह कुल सात टीमें सुपर-7 में पहुंचेंगी. इस चरण में सभी टीमें एक-दूसरे से स्पोर्ट्सेंगी. यहां कुल 21 मुकाबले होंगे. सुपर-7 की पॉइंट्स टेबल में शीर्ष चार स्थान पर रहने वाली टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी. 2 अक्टूबर से 21 नवंबर तक चलेगा टूर्नामेंट वनडे विश्व कप 2027 का आयोजन 2 अक्टूबर से 21 नवंबर तक किया जाएगा. टूर्नामेंट में कुल 57 मुकाबले स्पोर्ट्से जाएंगे. विश्व कप के मुकाबले दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में स्पोर्ट्से जाएंगे. कुल 12 वेन्यू तय किए गए हैं. इनमें दक्षिण अफ्रीका के आठ, जिम्बाब्वे के तीन और नामीबिया का एक मैदान शामिल है. विश्व कप का फाइनल 21 नवंबर 2027 को जोहान्सबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. पहला सेमीफाइनल 17 नवंबर को केप टाउन में और दूसरा सेमीफाइनल 18 नवंबर को त्श्वाने के सुपरस्पोर्ट पार्क में स्पोर्ट्सा जाएगा. दोनों सेमीफाइनल के लिए रिजर्व डे रखा गया है, जबकि फाइनल के लिए 22 नवंबर रिजर्व डे होगा. ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: बिहार के दो लाल ने जापान में मचाया धमाल, वैभव और ईशान ने लगा दी चौके-छक्कों की झड़ी The post ODI World Cup 2027 में कितनी बार आमने-सामने भिड़ सकते हैं हिंदुस्तान-पाकिस्तान? शेड्यूल आने के बाद जानें समीकरण appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

2 अक्टूबर की टॉप 20 खबरें: 2027 वनडे वर्ल्ड कप का शेड्यूल जारी, फ्लाईदुबई विमान में हमले के बाद का वीडियो आया सामने

1. 2027 वनडे वर्ल्ड कप का शेड्यूल जारी, 10 अक्टूबर को हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच भिड़ंत 2027 वनडे विश्व कप के ग्रुप का ऐलान हो गया है. हिंदुस्तान और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में होने से फैंस में हिंदुस्तान-पाक मुकाबले का इंतजार बढ़ गया है. जानें कब से शुरू हो रहा है विश्व कप. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 2. Flydubai Flight Video: ‘सिर-हाथ में बहुत दर्द, तकिया दे दो’ लहूलुहान कैप्टन स्मित का पहला वीडियो फ्लाईदुबई फ्लाइट पर को-पायलट के हमले में घायल कैप्टन स्मित का वीडियो सामने आया है. कैप्टन स्मित ने यात्रियों को बचाने के लिए क्या किया, जानें पूरी घटना. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. मुस्कुरा रहे हैं कैप्टन मच्छार, कर रहे बातचीत, हिंदुस्तानीय राजदूत ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल फ्लाईदुबई विमान पर जानलेवा हमले में घायल कैप्टन स्मित मच्छार की सेहत में तेजी से सुधार हुआ है. अब वे खतरे से बाहर हैं और बातचीत कर रहे हैं. हिंदुस्तानीय राजदूत ने अस्पताल पहुंचकर मुलाकात की. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. दुर्गा पूजा से पहले BSL कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, मिलेगा बंपर बोनस, ट्रेनी के भी खाते में आएंगे 25600 रुपये सेल कर्मचारियों को दुर्गापूजा से पहले बोनस मिलेगा. बोकारो स्टील प्लांट के 8741 कर्मियों को 32,000 रुपये मिलेंगे. जानें कब तक आएगी राशि. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. राज्यों से मांगी गई धर्म के आधार पर जानकारी, जानिए कैसे काम कर रही डेमोग्राफिक चेंज पर हाई लेवल कमेटी गृह मंत्रालय के अधीन काम कर रही हाई लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंज ने राज्यों से धर्म के आधार पर कुछ जानकारियां मांगी हैं. कमेटी की इस मांग पर राज्यों और विपक्षी पार्टियों ने आपत्ति जताई है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. Naya Vichar Special: बापू ने झारखंड में आजादी की लड़ाई को दी धार, टाना भगतों से रहे खास प्रभावित महात्मा गांधी ने झारखंड में सत्याग्रह, स्वदेशी और अहिंसा के विचारों से स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी. जानें कैसे उन्होंने राज्य की आज़ादी की लड़ाई को धार दी. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 7. गंडक के उफान से सारण में तबाही, तटबंध टूटा; दर्जनों गांव जलमग्न, 3 मौत और 5 लापता सारण में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से भीषण बाढ़. पानापुर में तटबंध टूटने से दर्जनों गांव डूबे, 3 लोगों की मौत और 5 लापता. प्रशासन राहत कार्य में जुटा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. IND vs PAK: आखिरी 50 सेकंड में हिंदुस्तान ने दागा गोल, पाकिस्तान को 4-3 से धोया; मेडल किया कन्फर्म हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को 4-3 से हराकर एशियन गेम्स 2026 पुरुष हॉकी के फाइनल में जगह बना ली. इस जीत के साथ हिंदुस्तान का सिल्वर मेडल पक्का हो गया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. राहुल गांधी के वोट चोरी वाले आरोप में कितना दम, क्या EVM से बिना छेड़छाड़ ऐसा संभव है? फॉर्म 6 और SIR का पूरा गणित ‘वोट चोरी’, यह एक ऐसा आरोप है, जिसने विपक्ष को मोदी प्रशासन के सामने तनकर खड़ा होने का अवसर दे दिया है. वोट चोरी के मुद्दे ने एक तरह से मुद्दा विहीन हो चुके विपक्ष में नई जान फूंक दी है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 10. Flydubai Flight में ओमानी को-पायलट ने कुल्हाड़ी से किया हमला, जानिए विमान के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा जानलेवा हथियार? फ्लाईदुबई फ्लाइट में हमला करने वाले को-पायलट ने जिस हथियार का इस्तेमाल किया था, वह विमान के कॉकपिट में ही रखा हुआ था. जानिए वह जानलेवा हथियार आखिर विमान में कैसे आया? पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. फ्लाईदुबई के हीरो कैप्टन स्मित मच्छार दुबई एयरलिफ्ट, गुजरात प्रशासन ने किया विशिष्ट गरिमा पुरस्कार देने का ऐलान Flydubai Captain Smit Machchhar: फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 को बड़ी दुर्घटना से बचाने वाले हिंदुस्तानीय कैप्टन स्मित मच्छार को एयरलिफ्ट कर दुबई लाया गया है. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर हैं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 12. Video : फ्लाईदुबई विमान हमले में ईरान का हाथ? नेतन्याहू बोले- अभी कहना जल्दबाजी होगी Video : फ्लाईदुबई विमान में हुई घटना को लेकर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का रिएक्शन आया है. इस घटना के पीछे ईरान का हाथ होने की चर्चा के बीच नेतन्याहू ने कहा कि अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. बंगाल में नयी शराब दुकानों का नियम बदला, शहरों में स्कूल-धार्मिक स्थल से 500 मीटर की दूरी जरूरी West Bengal Liquor Shop Rules: पश्चिम बंगाल में नयी शराब दुकानों के लाइसेंस के नियम बदल गये हैं. शहरों में स्कूल और धार्मिक स्थलों से 500 मीटर एवं ग्रामीण व गैर-नगरपालिका क्षेत्रों में एक किलोमीटर दूरी जरूरी होगी. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 14. ‘यूपी पुलिस BJP कार्यकर्ता की तरह कर रही काम’ सुप्रीम कोर्ट के रुख का हवाला देकर अखिलेश यादव का योगी प्रशासन पर तीखा प्रहार अखिलेश यादव ने यूपी पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए भाजपा प्रशासन पर निशाना साधा. सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देकर किया तीखा प्रहार. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 15. पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे से पटना रिंग रोड तक, बिहार के रोड नेटवर्क को मिलेगी नई रफ्तार, सम्राट चौधरी- नितिन गडकरी ने की समीक्षा Bihar Development: बिहार में विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कई राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे की समीक्षा की. पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे से लेकर पटना रिंग रोड तक की परियोजनाओं पर चर्चा हुई. साथ ही औरंगाबाद-अंबा बाईपास और NH-139 को फोरलेन बनाने के लिए डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया गया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 16. Watch Video : बोले पीएम मोदी- कैप्टन स्मित ने 9/11 होने से बचा लिया, पूरी दुनिया को उन पर गर्व Watch Video : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई विमान के कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की है. यूपीएससी के शताब्दी समारोह में उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित की हिम्मत से देश का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 17. THE World University Rankings 2027: IIT पटना ने फिर दर्ज कराई वैश्विक मौजूदगी, जानिए कैसे छोड़ा प्रतिद्वंद्वियों को पीछे THE World University Rankings 2027: टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में हिंदुस्तानीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना ने शानदार प्रदर्शन करते

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top