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October 11, 2026

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Aaj Ki Taza Khabar: सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हूती हमला, 12 लोगों की मौत पर ट्रंप ने जताया दुख

Aaj Ki Taza Khabar LIVE: 11 अक्टूबर की ताजा समाचारों और दिनभर के बड़े अपडेट्स के लिए हमारे साथ जुड़े रहें. इस लाइव अपडेट में आपको पल-पल की हर जरूरी जानकारी आसान भाषा में मिलेगी. The post Aaj Ki Taza Khabar: सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हूती हमला, 12 लोगों की मौत पर ट्रंप ने जताया दुख appeared first on Naya Vichar.

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राजीव गांधी, बोफोर्स विवाद और करोड़ों का कर्ज… जब अमिताभ बच्चन ने स्टारडम का ईगो छोड़ मांगा काम!

Amitabh Bachchan Birthday Special: कभी जिस सुपरस्टार की एक झलक पाने के लिए भीड़ उमड़ पड़ती थी, एक वक्त ऐसा आया जब उनके घर के बाहर कर्जदार खड़े रहते थे. जिस आवाज पर सिनेमाघरों में तालियां गूंजती थीं, उसी आवाज के मालिक को अपना करियर बचाने के लिए काम मांगना पड़ा. राजीव गांधी से दोस्ती, बोफोर्स विवाद, फ्लॉप फिल्मों और फिर करीब 90 करोड़ रुपये के कर्ज तक पहुंची अमिताभ बच्चन की जिंदगी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रही. लेकिन उनकी कहानी का सबसे बड़ा मोड़ कोई सुपरहिट फिल्म नहीं, बल्कि वह फैसला था, जब उन्होंने अपने स्टारडम को किनारे रखकर निर्देशक यश चोपड़ा से काम मांगा. 11 अक्टूबर को अमिताभ बच्चन अपना जन्मदिन मनाते हैं. इस मौके पर आइए जानते हैं उस महानायक की कहानी, जिसने शोहरत के शिखर से गिरने के बाद दोबारा उठना सीखा. जब अमिताभ बच्चन के नाम से चलता था बॉक्स ऑफिस साल 1970 और 1980 का दशक. हिंदी सिनेमा में अमिताभ बच्चन का ऐसा दौर था, जब उन्हें एंग्री यंग मैन कहा जाने लगा था. ‘जंजीर’, ‘दीवार’, ‘शोले’, ‘डॉन’ और ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी फिल्मों ने उन्हें आम आदमी के गुस्से, संघर्ष और बदले की आवाज बना दिया था. राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन, फोटो- इंस्टाग्राम नेतृत्व में उनका सफर ज्यादा लंबा नहीं चला. जुलाई 1987 में उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. सियासत से दूरी बनाकर वह फिल्मों में लौटे, लेकिन अब चुनौतियां कम नहीं थीं. वह दौर पीछे छूट चुका था, जब सिर्फ अमिताभ बच्चन का नाम किसी फिल्म की सफलता की गारंटी माना जाता था. उनकी जिंदगी में अब एक नया संघर्ष इंतजार कर रहा था. जब फ्लॉप फिल्मों ने हिला दिया सुपरस्टार का सिंहासन अमिताभ की वापसी के साथ उम्मीदें बहुत थीं. 1988 में ‘शहंशाह’ को सफलता मिली, लेकिन इसके बाद ‘तूफान’, ‘जादूगर’ और ‘गंगा जमुना सरस्वती’ जैसी फिल्मों ने वैसी कामयाबी नहीं दिलाई, जिसकी उनसे उम्मीद की जाती थी. जिस अभिनेता ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई थी, उसके करियर पर सवाल उठने लगे. अमिताभ ने बाद के वर्षों में लगातार काम किया, लेकिन 1990 के दशक में उनकी लोकप्रियता और फिल्मों की कामयाबी में उतार-चढ़ाव जारी रहा. अमिताभ बच्चन, फोटो – इंस्टाग्राम एक जरूरी तथ्य: अमिताभ के खुद के पुराने इंटरव्यू के मुताबिक, वह यश चोपड़ा के पास जाकर काम मांगने पहुंचे थे. इस घटना को फोन कॉल के रूप में बताने का स्पष्ट आधार नहीं मिलता. इसलिए कहानी का असली और प्रमाणित मोड़ यही है कि उन्होंने खुद पहल की और काम मांगा. स्टारडम का ईगो छोड़ना ही उनकी वापसी की सबसे बड़ी सीख बनी. फिर टीवी पर उतरे अमिताभ और बदल गई कहानी साल 2000 में ही अमिताभ बच्चन ने ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के साथ टेलीविजन की दुनिया में कदम रखा. उस वक्त यह फैसला भी जोखिम भरा था. बड़े फिल्मी सितारे आम तौर पर टीवी को अपने करियर के लिए जरूरी मंच नहीं मानते थे. लेकिन अमिताभ ने इस मौके को स्वीकार किया. KBC ने उन्हें दर्शकों के घरों तक पहुंचाया. अब लोग उन्हें सिर्फ पर्दे पर लड़ने वाले नायक के रूप में नहीं, बल्कि सवाल पूछने, लोगों की कहानियां सुनने और उनके संघर्ष से जुड़ने वाले व्यक्तित्व के रूप में भी देखने लगे. अमिताभ बच्चन, फोटो इंस्टाग्राम इस शो ने उनकी आर्थिक स्थिति संभालने और करियर को दोबारा मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अमिताभ ने अपने इंटरव्यू में माना था कि KBC ने उन्हें कर्ज चुकाने में मदद की. उन्होंने अपनी देनदारियों को लौटाने को अपनी जिम्मेदारी बताया. उनकी वापसी किसी एक फिल्म की कामयाबी नहीं, बल्कि लगातार काम करने और जिम्मेदारियों से पीछे न हटने का नतीजा थी. अमिताभ बच्चन की कहानी का सबसे बड़ा सबक अमिताभ बच्चन की जिंदगी में शोहरत भी आई, विवाद भी आए, असफलताएं भी मिलीं और आर्थिक संकट भी. बोफोर्स विवाद ने उनकी सार्वजनिक छवि को प्रभावित किया, ABCL की नाकामी ने उन्हें भारी कर्ज में डाल दिया और फिल्मों के उतार-चढ़ाव ने उनके स्टारडम को चुनौती दी. लेकिन उन्होंने काम से मुंह नहीं मोड़ा. यश चोपड़ा से काम मांगना और KBC को स्वीकार करना दो ऐसे फैसले थे, जिन्होंने उनके करियर को नई दिशा दी. आज अमिताभ बच्चन का नाम सिर्फ ‘एंग्री यंग मैन’ या ‘सदी के महानायक’ के रूप में नहीं लिया जाता. उनकी कहानी इस बात की भी मिसाल है कि सफलता के बाद असफलता आना अंत नहीं होता. कभी-कभी आगे बढ़ने के लिए सबसे जरूरी कदम यही होता है कि इंसान अपने पुराने रुतबे को भूलकर फिर से काम शुरू करे. जिस अमिताभ बच्चन को कभी दुनिया महानायक कहती थी, उन्होंने मुश्किल वक्त में खुद को एक बार फिर कलाकार बनकर साबित किया. शायद यही उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा कमबैक है. ये भी पढ़ें: मां तेजी बच्चन की आवाज सुनकर भावुक हुए अमिताभ बच्चन, 84वें जन्मदिन से पहले KBC में दिखा खास पल The post राजीव गांधी, बोफोर्स विवाद और करोड़ों का कर्ज… जब अमिताभ बच्चन ने स्टारडम का ईगो छोड़ मांगा काम! appeared first on Naya Vichar.

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CJP Protest Latest Updates Hindi : शनिवार को हिरासत, रविवार को फिर मार्च का ऐलान, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ी CJP

CJP Protest Latest Updates Hindi : दिल्ली में शनिवार को हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद आज रविवार (11 अक्टूबर) को एक बार फिर जंतर-मंतर पर हंगामे के आसार हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP ने सुबह 10 बजे दोबारा जंतर-मंतर कूच करने का ऐलान किया है. संगठन ने साफ किया है कि इस्तीफा होने तक आंदोलन जारी रहेगा. प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस अलर्ट है. प्रदर्शन की सारी अपडेट के लिए जुड़े रहें नया विचार के साथ. The post CJP Protest Latest Updates Hindi : शनिवार को हिरासत, रविवार को फिर मार्च का ऐलान, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ी CJP appeared first on Naya Vichar.

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CJP Protest : शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार संविधान से मिला, UN की टिप्पणी पर भारत का जवाब

CJP Protest : हिंदुस्तान ने नई दिल्ली में हुई घटनाओं पर OHCHR की टिप्पणी को खारिज कर दिया है. हिंदुस्तान ने उसकी चिंता को गलत बताते हुए कहा कि यह देश के अंदरूनी मामलों में बेवजह दखल देने जैसा है. हिंदुस्तान ने साफ किया कि दिल्ली में हुई घटनाओं को लेकर संयुक्त राष्ट्र की चिंता सही नहीं है. जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के लिए हिंदुस्तान के स्थायी मिशन ने X पर बयान जारी किया. हिंदुस्तान ने कहा कि संविधान देश के हर नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार देता है. इस अधिकार की रक्षा देश की संस्थाएं, स्वतंत्र न्यायपालिका और फ्री मीडिया करते हैं. हिंदुस्तान ने UN की टिप्पणी का जवाब दिया हिंदुस्तान ने कहा कि वह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. यहां संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार देता है. हालांकि, दूसरे लोकतांत्रिक देशों की तरह हिंदुस्तान में भी सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. हिंदुस्तान ने यह भी कहा कि देश में अधिकारी कानून के मुताबिक काम करते हैं. अगर किसी व्यक्ति को किसी तरह की शिकायत है, तो वह अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है और न्याय मांग सकता है. ये भी पढ़ें: CJP प्रोटेस्ट पर हिंदुस्तान को ज्ञान दे रहा था UN, पाकिस्तानी हिंदू क्रिकेटर ने खोली पोल, कहा- मुसलमानों पर हो रहे जुल्म के लिए कब… हिंदुस्तान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय को यह भी सलाह दी कि उसे दुनिया के दूसरे हिस्सों में होने वाले बड़े प्रदर्शनों पर भी इसी तरह ध्यान देना चाहिए. हिंदुस्तान ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को अपने काम में निष्पक्ष रहना चाहिए और सभी मामलों को एक समान नजर से देखना चाहिए. The post CJP Protest : शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार संविधान से मिला, UN की टिप्पणी पर हिंदुस्तान का जवाब appeared first on Naya Vichar.

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11 अक्टूबर सुबह की टॉप 20 खबरें : आज फिर CJP का प्रदर्शन, दिल्ली बंद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई; सोनम वांगचुक ने अनशन की चेतावनी दी

1. CJP Protest: दिल्ली में पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- सुरक्षा के नाम पर सार्वजनिक परिवहन बंद नहीं कर सकते, रविवार को विशेष सुनवाई दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर लगाई गई पाबंदियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट रविवार को विशेष सुनवाई करेगा. कोर्ट में इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई होगी. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कुछ छात्र संगठनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में शनिवार को जमकर प्रदर्शन किया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 2. CJP Protest: 11 अक्टूबर को फिर जंतर-मंतर कूच करेगी कॉकरोच जनता पार्टी, नये कप्तान शिंदे का ऐलान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद संगठन के प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है. उन्होंने वीडियो जारी कर समर्थकों से रविवार को फिर से जंतर-मंतर की ओर कूच करने की अपील की है. संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी कहा है कि जब तक वह और पार्टी के दो अन्य नेता हिरासत में हैं, तब तक अजिंक्य शिंदे प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. CJP Protest: प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सोनम वांगचुक नाराज, कहा- रिहाई नहीं हुई तो करेंगे अनशन; दिया 24 घंटे का वक्त दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में हो रही गिरफ्तारियों पर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने नाराजगी जताई है. उन्होंने गिरफ्तार छात्र नेताओं, युवा नेताओं, वकीलों, पत्रकारों और सांसदों को जल्द रिहा करने की मांग की है.पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. 124 पूर्व IAS-IFS अधिकारियों ने लिखा खुला पत्र, EC और SIR का किया बचाव देश के 124 पूर्व आईएएस, आईएफएस और अन्य संबद्ध सेवाओं के अधिकारियों ने देश के नागरिकों के नाम एक खुला पत्र जारी किया है. इसमें उन्होंने निर्वाचन आयोग (EC) और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन किया है. साथ ही, बिना ठोस सबूत के चुनाव में धांधली के आरोप लगाए जाने पर सवाल उठाए हैं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. रविशंकर प्रसाद बोले- सड़क से नहीं, संसद से चलेगा देश; CJP पर AAP के लिए शैडो बॉक्सिंग करने का आरोप दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन और विपक्षी नेताओं की हिरासत पर सियासी घमासान के बीच बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधा और कहा, हिंदुस्तानीय लोकतंत्र ने अराजकता फैलाने की कोशिशों को नाकाम कर दिया है. देश संसद से चलेगा, सड़कों से नहीं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. मणिपुर में दंगाइयों का खूनी संघर्ष, 24 घंटे में 9 की मौत; 14 घरों में आगजनी से मचा हड़कंप मणिपुर में कुकी और नागा समुदायों के बीच हिंसक झड़पों में 9 लोगों की जान चली गई है. 14 से अधिक घरों में आग लगा दी गई है. पूरे इलाके में तनाव का माहौल है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 7. CJP Protest: 7 हजार प्रदर्शनकारी रिहा, दीपके-रांका-सौरभ अब भी हिरासत में; 10 घंटे बाद भी नहीं पता कहां ले गई पुलिस दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान 7 हजार लोगों को डिटेन किया गया था, जिन्हें रिहा कर दिया गया है. लेकिन सीजेपी नेताओं को अब भी हिरासत में रखा गया है. सीजेपी ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. CJP Protest: रिहा होते ही दिल्ली पुलिस पर बरसीं ममता बनर्जी, कहा- हमें किडनैप किया, अपराधी जैसा व्यवहार किया ममता बनर्जी रिहा: दिल्ली पुलिस पर लगाया ‘अपराधी जैसा व्यवहार’ का आरोप. हिरासत के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन के मार्च में शामिल होने की घोषणा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. CJP Protest: हिंदुस्तान में आंदोलन के बिना पद क्यों नहीं छोड़ते आरोपी मंत्री-अधिकारी, ब्रिटेन में 5 साल में 4 प्रधानमंत्रियों ने छोड़ी कुर्सी ब्रिटेन में भ्रष्टाचार समेत दूसरे आरोपों के बाद 5 साल में 4 प्रधानमंत्रियों को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा. क्या हिंदुस्तान में ऐसा संभव है? क्या हिंदुस्तानीय लोकतंत्र में नेता और मंत्री ब्रिटेन जैसे देश के नेताओं से कम जवाबदेह हैं? इस स्टोरी में हम इसी सवाल का जवाब जानेंगे.. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 10. तस्वीरों में आंदोलन: इंदिरा के खिलाफ ‘सिंहासन खाली करो…’ से ‘रंग दे बंसती…’ तक, मम्मी-पापा से कितना अलग है Gen Z का आंदोलन 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी की प्रशासन के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में एक लाख लोग जुटे थे. रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से लोग कतारों में लगकर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे थे. न कहीं लाठीचार्ज हुआ, न कोई भगदड़ मची. अब, 51 साल बाद, CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली की सड़कों पर बड़ी-बड़ी कीलें और बैरिकेड लगाये गये हैं. तस्वीरों के जरिए जानते हैं कि मम्मी-पापा के दौर के आंदोलनों और Gen Z के आंदोलन में कितना फर्क है? पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले की NIA जांच से खुलेगा राज, जान पर स्पोर्ट्सकर बचाई थी यात्रियों की जान हिंदुस्तानीय पायलट पर फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए कथित हमले की जांच NIA करेगी. जानिए इजरायल कनेक्शन और मामले से जुड़े अहम पहलू. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 12. नवी पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार: क्या 7 अक्टूबर के जख्मों की अनदेखी हुई? इजरायल की आपत्ति क्यों? गाजा में नरसंहार के आरोप, ‘Jewish lobby’ विवाद और WSJ के तीखे संपादकीय ने नोबेल के फैसले को सवालों के घेरे में ला दिया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. जीतनराम मांझी बोले- कॉकरोचों और झींगुरों से निपटना हम जानते हैं, पीएम मोदी और अमित शाह को बताया शेर दिल्ली के जंतर-मंतर पर SIR के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद बिहार में भी सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा और NDA के नेताओं ने CJP के आंदोलन पर सवाल उठाए हैं. इसी बीच जीतनराम मांझी और संतोष सुमन ने विपक्ष को निशाने पर लिया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 14. Bihar MLC Election: 8 सीटों पर NDA के लिए JDU ने बनाया प्लान, अल्पसंख्यक नेताओं को सौंपी ये जिम्मेदारी बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव को लेकर JDU ने तैयारी तेज कर दी है. पार्टी ने अल्पसंख्यक नेताओं के साथ बैठक कर NDA के पक्ष में जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति बनाई है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 15. अखिलेश यादव

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BJP विधायकों के टिकट पर लटकी तलवार! रिपोर्ट कार्ड के साथ तैयार हो रहा ‘प्लान-B’, युवाओं-किसानों से लिया जाएगा फीडबैक

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी मौजूदा विधायकों के कामकाज का सीटवार रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रही है. इसमें सिर्फ चुनावी प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता की नाराजगी, संगठन के साथ तालमेल और नए दावेदारों की पकड़ भी परखी जा रही है. नवहिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी संभावित उम्मीदवारों का विकल्प यानी ‘प्लान-B’ भी तैयार कर रही है. ऐसे में कुछ मौजूदा विधायकों के टिकट बदलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है. हर विधानसभा सीट का तैयार होगा रिपोर्ट कार्ड भाजपा की रणनीति के तहत प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा सीट से फीडबैक जुटाया जा रहा है. पार्टी यह समझने की कोशिश कर रही है कि मौजूदा विधायक अपने क्षेत्र में कितने सक्रिय हैं और जनता के बीच उनकी छवि कैसी है. प्रदेश नेतृत्व की ओर से सीटवार रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई है. भाजपा प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े की शुरुआती बैठकों में भी सभी जातियों और वर्गों को साथ लेकर चलने तथा विपक्ष के मजबूत नेताओं पर नजर रखने पर जोर दिए जाने की बात सामने आई थी. अब इसी तरह के फीडबैक के आधार पर चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाने की तैयारी है. किन विधायकों का कट सकता है टिकट? पार्टी के रिपोर्ट कार्ड में मौजूदा विधायकों के कामकाज और क्षेत्र में उनकी स्वीकार्यता को अहम माना जा रहा है. जिन सीटों पर विधायक के प्रति नाराजगी या संगठन के साथ तालमेल की समस्या सामने आएगी, वहां दूसरे संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया जा सकता है. हालांकि, अभी किसी विधायक का टिकट काटने को लेकर कोई आधिकारिक सूची सामने नहीं आई है. इसलिए फिलहाल इसे चुनाव से पहले चल रही संभावित उम्मीदवारों की समीक्षा और रणनीतिक तैयारी के रूप में देखना उचित होगा. युवाओं, किसानों और व्यापारियों से भी ली जाएगी राय भाजपा का फीडबैक अभियान केवल पार्टी कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, युवाओं, व्यापारियों, किसानों, सामाजिक संगठनों और समाज के अलग-अलग वर्गों से भी राय ली जा रही है. जिला, मंडल और बूथ स्तर से जुटाए जाने वाले फीडबैक के जरिए यह समझने की कोशिश होगी कि मौजूदा विधायक या संभावित उम्मीदवार की स्थानीय स्तर पर कितनी पकड़ है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े पदाधिकारियों की राय को भी इस प्रक्रिया में महत्व दिए जाने की बात कही गई है. नए चेहरों को भी मिल सकता है मौका विधानसभा चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों का पैनल तैयार करते समय पार्टी सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों पर भी विचार कर रही है. मौजूदा विधायकों के साथ नए दावेदारों की लोकप्रियता और क्षेत्र में उनके प्रभाव को भी परखा जाएगा. इसका मतलब यह है कि टिकट के दावेदारों के लिए केवल पुराना नेतृत्वक रिकॉर्ड पर्याप्त नहीं होगा. क्षेत्र में सक्रियता, जनता के बीच स्वीकार्यता और संगठन के साथ तालमेल जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं. 2027 से पहले भाजपा की क्या है तैयारी? उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए अहम नेतृत्वक मुकाबला होगा. ऐसे में पार्टी चुनाव से पहले संभावित कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की तैयारी में जुटी है. सीटवार रिपोर्ट कार्ड और ‘प्लान-B’ इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताए जा रहे हैं. फिलहाल पार्टी की ओर से टिकट वितरण को लेकर अंतिम फैसला या आधिकारिक उम्मीदवार सूची जारी नहीं की गई है. ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि फीडबैक और आंतरिक समीक्षा के बाद किन सीटों पर उम्मीदवार बदलने या नए चेहरों को मौका देने का निर्णय लिया जाता है. यह भी पढ़ें: NDA को 245-265 सीटों का अनुमान: 403 सीटों का Matrize सर्वे सामने आते ही गरमाई सियासत, जानें पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक पूरा गणित The post BJP विधायकों के टिकट पर लटकी तलवार! रिपोर्ट कार्ड के साथ तैयार हो रहा ‘प्लान-B’, युवाओं-किसानों से लिया जाएगा फीडबैक appeared first on Naya Vichar.

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मीठे की क्रेविंग और वजन बढ़ने का डर? जानिए कितनी डार्क चॉकलेट खाना है सही

Dark Chocolate Benefits: मीठा खाने का मन हो, तो सबसे पहले चॉकलेट ही याद आती है. लेकिन मेरे साथ भी ऐसा होता है कि चॉकलेट खाने के बाद मन में ख्याल आता है कि कहीं वजन न बढ़ जाए या सेहत पर इसका बुरा असर न पड़े. ऐसे में डार्क चॉकलेट एक बेहतर विकल्प हो सकती है. इसमें मौजूद कुछ पोषक तत्व दिल की सेहत से लेकर मूड बेहतर बनाने तक में मदद कर सकते हैं. हालांकि, हर चॉकलेट को हेल्दी समझना सही नहीं है. गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वात्स्य के मुताबिक, डार्क चॉकलेट के कुछ फायदे हैं, जिन्हें जानने के बाद शायद आप भी इसे खाते समय गिल्ट महसूस करना छोड़ देंगी.  70% या उससे ज्यादा डार्क चॉकलेट क्यों है खास? डॉ. शुभम वात्स्य के अनुसार, डार्क चॉकलेट खरीदते समय उसके पैकेट पर कोको की मात्रा जरूर देखें. 70% या उससे ज्यादा कोको वाली चॉकलेट में आमतौर पर मिल्क चॉकलेट के मुकाबले कोको अधिक और चीनी कम होती है. कोको में पॉलीफेनॉल्स और फ्लेवोनॉइड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं.  PC: AI डार्क चॉकलेट के फायदे लेने के लिए इसे ज्यादा मात्रा में खाना जरूरी नहीं है. आप अपनी डाइट और कैलोरी की जरूरत के हिसाब से रोजाना लगभग 10-20 ग्राम खा सकती हैं. चॉकलेट चुनते समय 70% या उससे ज्यादा कोको वाली वैरायटी को प्राथमिकता दें और उसमें मौजूद चीनी की मात्रा भी चेक करें.  ध्यान रखें कि डार्क चॉकलेट में कैलोरी और फैट भी होता है. इसलिए इसे जरूरत से ज्यादा खाने पर वजन बढ़ने का जोखिम हो सकता है. अगर आपको चॉकलेट से एसिडिटी, माइग्रेन या कोई दूसरी परेशानी होती है, तो अपनी स्थिति के अनुसार इसका सेवन करें. यह भी पढ़ें: केमिकल से पकाए केले की पहचान कैसे करें? खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बातें The post मीठे की क्रेविंग और वजन बढ़ने का डर? जानिए कितनी डार्क चॉकलेट खाना है सही appeared first on Naya Vichar.

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Hardik Pandya Birthday: मैगी खाकर गुजारे दिन, किट खरीदने तक के नहीं थे पैसे; जिंदगी के हर मोड़ पर हार्दिक का हुआ इम्तिहान

Hardik Pandya Birthday: हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या 11 अक्टूबर को अपना 33वां जन्मदिन मना रहे हैं. आज हार्दिक की पहचान लंबे छक्के लगाने वाले बल्लेबाज, उपयोगी तेज गेंदबाज और बड़े मैचों में दमदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी के रूप में है. सूरत से शुरू हुआ हार्दिक पांड्या  का सफर आज उन्हें हिंदुस्तानीय क्रिकेट के प्रमुख ऑलराउंडर्स में शामिल करता है. लेकिन उनकी जिंदगी हमेशा ऐसी नहीं थी. कभी आर्थिक तंगी के कारण उन्हें मैगी खाकर दिन गुजारने पड़े, तो कभी क्रिकेट किट खरीदने तक के पैसे नहीं थे. वहीं निजी जिंदगी में भी रिश्तों के टूटने का दर्द झेला. आइए जानते हैं हार्दिक के संघर्ष, क्रिकेट करियर और निजी जिंदगी की कहानी. कभी मैगी खाकर गुजारा दिन हार्दिक पांड्या का जन्म 11 अक्टूबर 1993 को गुजरात के सूरत में हुआ था. उनके पिता हिमांशु पंड्या फाइनेंस का कारोबार करते थे. बाद में वह परिवार के साथ वडोदरा आ गए, ताकि उनके दोनों बेटे क्रिकेट में अपना भविष्य बना सकें. पिता को क्रिकेट का शौक था और इसी वजह से हार्दिक और उनके बड़े भाई क्रुणाल पांड्या को पूर्व हिंदुस्तानीय क्रिकेटर किरण मोरे की क्रिकेट अकादमी में दाखिला मिला. हार्दिक पांड्या का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बल्लेबाजी रिकॉर्ड प्रारूप मैच पारियां रन सर्वोच्च स्कोर औसत स्ट्राइक रेट शतक अर्धशतक छक्के टेस्ट 11 18 532 108 31.29 73.88 1 4 12 वनडे 94 68 1,904 92* 32.82 110.89 0 11 76 टी20 अंतरराष्ट्रीय 138 109 2,288 71* 28.24 145.91 0 9 126 हालांकि, परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी. हार्दिक ने एक इंटरव्यू में बताया था कि शुरुआती दिनों में कई बार उन्हें नाश्ते और रात के खाने में मैगी खाकर गुजारा करना पड़ता था. क्रिकेट किट खरीदने के लिए भी उन्हें संघर्ष करना पड़ा. दोनों भाई सीमित संसाधनों के बावजूद अभ्यास करते रहे और क्रिकेट में आगे बढ़ने के अपने सपने को जिंदा रखा. मुंबई इंडियंस से चमकी किस्मत साल 2015 में मुंबई इंडियंस ने हार्दिक को आईपीएल में मौका दिया. उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी से जल्द ही पहचान बना ली. इसके अगले साल यानी 2016 में उन्होंने हिंदुस्तानीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया. हार्दिक ने जनवरी 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया. इसके बाद वह हिंदुस्तानीय टीम के अहम ऑलराउंडर बनते गए. साल 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई वनडे में हार्दिक ने 66 गेंदों पर 83 रन की शानदार पारी स्पोर्ट्सी. हार्दिक ने एमएस धोनी के साथ अहम साझेदारी कर हिंदुस्तान को 281 रन तक पहुंचाने में मदद की. बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में हिंदुस्तान ने डकवर्थ-लुईस नियम के तहत 26 रन से जीत दर्ज की. ये भी पढ़ें: वेस्टइंडीज के खिलाफ स्पोर्ट्सते हुए तिलक वर्मा ने कर दिया ये कारनामा, तोड़ दिया टी20 में विराट कोहली का रिकॉर्ड पाकिस्तान के खिलाफ भी दिखाया मैच जिताने का दम हार्दिक पांड्या की सबसे बड़ी ताकत दबाव में प्रदर्शन करना है. इसका उदाहरण एशिया कप 2022 में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में देखने को मिला. दुबई में स्पोर्ट्से गए इस टी20 मैच में हार्दिक ने पहले गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट लिए. इसके बाद लक्ष्य का पीछा करते हुए 17 गेंदों पर नाबाद 33 रन बनाए. हार्दिक पांड्या का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी रिकॉर्ड प्रारूप मैच पारियां विकेट सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी इकॉनमी 4 विकेट 5 विकेट टेस्ट 11 19 17 5/28 3.38 0 1 वनडे 94 88 91 4/24 5.60 1 0 टी20 अंतरराष्ट्रीय 138 125 114 4/16 8.34 3 0 हिंदुस्तान को आखिरी ओवर में जीत के लिए सात रन चाहिए थे. हार्दिक ने मोहम्मद नवाज की गेंद पर छक्का लगाकर हिंदुस्तान को पांच विकेट से जीत दिलाई. इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि वह गेंद और बल्ले दोनों से मैच का रुख बदल सकते हैं. चोटों ने बार-बार बढ़ाई मुश्किलें हार्दिक के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह बनाए रखना हमेशा आसान नहीं रहा. साल 2018 के एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ गेंदबाजी करते समय उनकी पीठ में चोट लग गई थी. उन्हें मैदान से बाहर ले जाना पड़ा. इसके बाद उनकी फिटनेस और पीठ की समस्या ने करियर को कई बार प्रभावित किया. उन्हें सर्जरी से भी गुजरना पड़ा और मैदान पर वापसी के लिए लंबे समय तक मेहनत करनी पड़ी. 2021 टी20 विश्व कप के दौरान भी उनके प्रदर्शन और फिटनेस पर सवाल उठे. आलोचनाओं के बीच उन्हें टीम में अपनी जगह को लेकर चुनौती का सामना करना पड़ा. लेकिन हार्दिक ने वापसी की और आगे चलकर हिंदुस्तानीय टीम के लिए अहम योगदान दिया. उनकी कहानी में असफलताओं के साथ-साथ बार-बार खुद को साबित करने का जज्बा भी शामिल है. ये भी पढ़ें: ISL 2026-27: फ्री में कब और कहां देखें इंडियन सुपर लीग के मुकाबले, जानें लाइव टेलीकास्ट से जुड़ी पूरी डिटेल प्यार में टूटा रिश्ता हार्दिक पांड्या की निजी जिंदगी भी काफी चर्चा में रही है. उन्होंने अभिनेत्री नताशा स्टेनकोविक से साल 2020 में शादी की थी. दोनों का एक बेटा अगस्त्य है. हालांकि, जुलाई 2024 में हार्दिक और नताशा ने आपसी सहमति से अलग होने की घोषणा की. दोनों ने साफ किया था कि वे बेटे की परवरिश मिलकर करेंगे. नताशा से अलग होने के बाद हार्दिक की जिंदगी में मॉडल और अभिनेत्री माहिका शर्मा की एंट्री हुई. अक्टूबर 2025 में दोनों के रिश्ते की चर्चा सार्वजनिक रूप से तेज हुई और हार्दिक ने सोशल मीडिया पर माहिका के साथ तस्वीरें साझा कीं. इसके बाद माहिका को कई मौकों पर हार्दिक के साथ देखा गया. वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हार्दिक के आंकड़े हार्दिक पांड्या ने हिंदुस्तानीय टीम के लिए टेस्ट, वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तीनों प्रारूपों में योगदान दिया है. उपलब्ध करियर आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने 94 वनडे मुकाबलों में 1,904 रन बनाए हैं. इस प्रारूप में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 92 रन है और उन्होंने 91 विकेट भी लिए हैं. टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हार्दिक ने 138 मैचों में 2,288 रन बनाए हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 71 रन है. गेंदबाजी में उन्होंने 114 विकेट अपने नाम किए हैं. वहीं टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 11 मैचों में 532 रन बनाए और 17 विकेट लिए हैं. ये भी पढ़ें: कभी होने वाले थे

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PHOTOS: इडेन गार्डेंस में दुर्गा पूजा का भव्य आगाज, शुभेंदु अधिकारी बोले- इस बार बंगाल में 12400 नये पंडाल, सभी को मिलेगा अनुदान

Durga Puja 2026: शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि इस बार बंगाल में 12,400 नये दुर्गा पूजा पंडाल बन रहे हैं. सभी को मिलेगा प्रशासनी अनुदान. देखें भव्य आगाज की तस्वीरें. The post PHOTOS: इडेन गार्डेंस में दुर्गा पूजा का भव्य आगाज, शुभेंदु अधिकारी बोले- इस बार बंगाल में 12400 नये पंडाल, सभी को मिलेगा अनुदान appeared first on Naya Vichar.

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Weekly Top Jobs: रेलवे से सेना और सुप्रीम कोर्ट तक, इस हफ्ते की ये सरकारी भर्तियां जरूर देखें

Weekly Top Jobs: प्रशासनी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए हर हफ्ते कई नई भर्तियां सामने आती हैं. इनमें कुछ भर्तियां ज्यादा पदों की वजह से खास होती हैं. तो कुछ में अच्छी सैलरी, अलग सिलेक्शन प्रोसेस या खास योग्यता वालों के लिए मौका मिलता है. इसी को ध्यान में रखते हुए नया विचार के स्पेशल सेगमेंट Weekly Top Jobs में हम इस हफ्ते की 5 ऐसी भर्तियां लेकर आए हैं, जो नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खास हैं. इस बार लिस्ट में रेलवे की NTPC भर्ती, सेना में ऑफिसर बनने का मौका, सुप्रीम कोर्ट में नौकरी और अप्रेंटिसशिप की भर्तियां शामिल हैं. तो चलिए जानते हैं इस हफ्ते की Top 5 Jobs के बारे में. Job 1: रेलवे में NTPC ग्रेजुएट के पद रेलवे भर्ती बोर्ड ने NTPC ग्रेजुएट लेवल भर्ती का फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसमें गुड्स ट्रेन मैनेजर, जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट कम टाइपिस्ट और सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट समेत कई पद शामिल हैं. इसके लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन जरूरी है. शुरुआती बेसिक सैलरी पद के अनुसार 29,200 से 35,400 रुपये तक है. आवेदन की लास्ट डेट 6 नवंबर 2026 है. पूरी समाचार → 3477 नहीं अब 3548 पदों पर भर्ती, ग्रेजुएट्स के लिए रेलवे में शानदार मौका, ऐसे करें अप्लाई Job 2: इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए सेना में ऑफिसर बनने का मौका हिंदुस्तानीय सेना ने Technical Graduate Course यानी TGC-145 के लिए आवेदन शुरू कर दिए हैं. इस भर्ती के जरिए इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स को सेना में ऑफिसर बनने का मौका मिलेगा. इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी. उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग इंजीनियरिंग के अंकों के आधार पर होगी, जिसके बाद SSB इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट होगा. आवेदन की लास्ट डेट 29 अक्टूबर 2026 है. यह भर्ती अविवाहित पुरुष उम्मीदवारों के लिए है. पूरी समाचार → इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए सेना में ऑफिसर बनने का मौका, बिना लिखित परीक्षा ऐसे होगा चयन Job 3: सुप्रीम कोर्ट में Junior Court Assistant की भर्ती सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में जूनियर कोर्ट असिस्टेंट के पदों पर भर्ती निकली है. इस भर्ती के लिए ग्रेजुएशन करने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. इसके साथ कंप्यूटर पर इंग्लिश टाइपिंग की निर्धारित स्पीड भी जरूरी है. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. उम्मीदवार 28 अक्टूबर 2026 तक फॉर्म भर सकते हैं. आवेदन करने से पहले उम्र सीमा, टाइपिंग की शर्तें और सिलेक्शन प्रोसेस जरूर चेक कर लें. पूरी समाचार → Supreme Court Junior Court Assistant Recruitment 2026: भर्ती की पूरी डिटेल यहां जानें Job 4: रेलवे में 10वीं पास के लिए अप्रेंटिस भर्ती उत्तर पश्चिम रेलवे में अप्रेंटिस के 2008 पदों पर भर्ती निकली है. इस भर्ती के लिए 10वीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंक और संबंधित ट्रेड में ITI सर्टिफिकेट जरूरी है. इसकी खास बात यह है कि उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के बजाय 10वीं और ITI के अंकों से तैयार मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा. आवेदन की प्रक्रिया 7 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है और 6 नवंबर 2026 तक फॉर्म भरा जा सकता है. पूरी समाचार → रेलवे में 2008 पदों पर भर्ती, 10वीं-ITI पास उम्मीदवार ऐसे करें अप्लाई Job 5: IOCL में 335 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी IOCL के वेस्टर्न रीजन में ट्रेड, टेक्नीशियन और ग्रेजुएट अप्रेंटिस के 335 पदों पर भर्ती निकली है. योग्यता पद के अनुसार 10वीं-ITI, डिप्लोमा या ग्रेजुएशन हो सकती है. उम्मीदवारों का चयन संबंधित योग्यता में मिले अंकों के आधार पर मेरिट से होगा. आवेदन की लास्ट डेट 4 नवंबर 2026 शाम 5 बजे है. ध्यान रहे कि यह अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग है, इसे स्थायी नौकरी की गारंटी न समझें. पूरी समाचार → IOCL में 335 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती, वेस्टर्न रीजन में ऐसे करें अप्लाई तो ये थीं इस हफ्ते की 5 टॉप प्रशासनी नौकरियां. अगर इनमें से किसी भर्ती में आप आवेदन करना चाहते हैं, तो ऊपर दी गई पूरी समाचार जरूर पढ़ें. वहां आपको योग्यता, फीस, लास्ट डेट और अप्लाई करने का तरीका डिटेल में मिल जाएगा. ये भी पढ़ें: Nobel Peace Prize 2026: हिंदुस्तानीय मूल की नवी पिल्लई को नोबेल शांति पुरस्कार, जानिए हिंदुस्तान से क्या है नाता The post Weekly Top Jobs: रेलवे से सेना और सुप्रीम कोर्ट तक, इस हफ्ते की ये प्रशासनी भर्तियां जरूर देखें appeared first on Naya Vichar.

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