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October 12, 2026

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अपनी ही सरकार पर भड़के शिवराज सिंह चौहान, आदिवासियों के घर उजाड़ने पर अफसरों को सख्त चेतावनी

“मैं उन घरों के मलबे के बीच खड़ा हूं, जहां आज सुबह तक जिंदगी गुलजार थी. आज इन गरीब आदिवासी किसानों की मेहनत की कमाई टूटे हुए छप्परों के नीचे दबी पड़ी है. JCB से उनके घर तोड़ दिए गए. उनके सपने चकनाचूर हो गए, सालों की मेहनत बर्बाद हो गई और वे बेघर हो गए. उनके पास कुछ भी नहीं बचा है. उनके पास जमीन का एक छोटा-सा टुकड़ा ही तो था’’, यह बात शिवराज सिंह चौहान ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कही. दरअसल, कोसमी गांव में हुई कार्रवाई की जानकारी मिलते ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे. उन्होंने पूरे मामले पर नाराजगी जताई. कोसमी गांव उनके संसदीय क्षेत्र विदिशा और विधानसभा क्षेत्र बुधनी में आता है. शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए बुधनी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते थे. अब उन्होंने अपने ही क्षेत्र में गरीब आदिवासी परिवारों के घर उजाड़ने की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा? वन विभाग और जिला प्रशासन ने कुछ महीने पहले भी गांव में ऐसी कार्रवाई करने की कोशिश की थी. तब शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से बात कर आदिवासी परिवारों के घर नहीं गिराने को कहा था. इसके बावजूद रविवार (11 अक्टूबर) को कार्रवाई की गई. शिवराज के कार्यालय के मुताबिक, उन्होंने मौके से ही मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन किया और पूरे मामले की जानकारी देकर अपनी नाराजगी जताई. शिवराज सिंह चौहान ने हेमंत खंडेलवाल को फोन किया शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी फोन कर गरीब परिवारों के घर तोड़े जाने की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव से बात करेंगे. शिवराज ने साफ कहा कि गरीब परिवारों को बेघर करने के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘‘जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाए जाएंगे. साथ ही, जब तक उनके रहने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उनके रहने और खाने-पीने की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.’’ विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने मामले पर प्रतिक्रिया दी मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने इस प्रकरण को शिवराज और मोहन यादव की आपसी खींचतान बताया और आरोप लगाया कि इस चक्कर में गांव के गरीब पिस रहे हैं. कांग्रेस नेता सिंघार ने कोसमी में की गई कार्रवाई का एक वीडियो शेयर करते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मोहन-मामा की आपसी खींचतान में उजड़ रहे आदिवासी परिवार.’’ उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री के गृह क्षेत्र सीहोर के ग्राम कोसमी में बरेला आदिवासी समुदाय के परिवारों की फसलें नष्ट की जा रही हैं और उनके मकान तोड़े जा रहे हैं.  सिंघार ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा प्रशासन की आपसी खींचतान के कारण गरीब आदिवासी परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है.’’ The post अपनी ही प्रशासन पर भड़के शिवराज सिंह चौहान, आदिवासियों के घर उजाड़ने पर अफसरों को सख्त चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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Bihar vs UP Ranji Trophy Day 2 Live: उत्तर प्रदेश का स्कोर 300 के पार, रिंकू सिंह 112 रन बनाकर आउट

Bihar vs UP Ranji Trophy Day 2 Live: उत्तर प्रदेश ने पहले दिन के स्पोर्ट्स खत्म होने तक 3 विकेट पर 287 रन बनाए थे. जिसमें ओपनर माधव कौशिक और स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह नाबाद शतकीय पारी स्पोर्ट्सकर क्रीज पर जमे है. The post Bihar vs UP Ranji Trophy Day 2 Live: उत्तर प्रदेश का स्कोर 300 के पार, रिंकू सिंह 112 रन बनाकर आउट appeared first on Naya Vichar.

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पुरानी कार पर मिलेगा 75% तक ‘रीसेल वैल्यू’, Kia लाई ‘अश्योर्ड बायबैक’ प्रोग्राम, 5 साल तक की गाड़ियों के लिए स्कीम

जब भी कोई ग्राहक नई कार खरीदता है, तो गाड़ी के फीचर्स के साथ-साथ उसकी रिसेल वैल्यू भी मायने रखती है. क्योंकि गाड़ी के शोरूम से निकलती ही, उसकी कीमत घटने लगती है. आपकी कार कितनी भी अच्छी कंडीशन में क्यों न हो, उसकी कीमत हमेशा उम्मीद से कम ही मिलती है. लेकिन Kia अब इस परेशानी को दूर करने के लिए Assured Buyback प्रोग्राम लेकर आई है. कंपनी का दावा है कि इस योजना में ग्राहकों को Kia की कार पर चुनिंदा पेट्रोल और डीजल कारों पर 3 साल बाद 75% तक रीसेल वैल्यू मिलेगी. वहीं इलेक्ट्रिक कार पर ये 70% होगी. Kia Assured Buyback: क्या है इस स्कीम की खासियत? Kia की योजना है कि ग्राहकों को कार बेचते समय कीमत की अश्योरिटी मिले. आमतौर पर कार की उम्र, किलोमीटर और कंडीशन के हिसाब से उसकी रिसेल वैल्यू तय होती है. लेकिन इस स्कीम के तहत ग्राहक समयसीमा और ड्राइविंग किलोमीटर के हिसाब से बायबैक प्लान चुन सकता है. इस स्कीम की मुख्य बातें: पेट्रोल और डीजल कारों पर 3 साल बाद 75% तक रीसेल वैल्यू का दावा. इलेक्ट्रिक कारों पर 3 साल बाद 70% तक रीसेल वैल्यू का दावा. पेट्रोल-डीजल कारों के लिए 3, 4 और 5 साल के विकल्प. इलेक्ट्रिक कारों के लिए 3 और 4 साल के विकल्प. सालाना 10,000, 15,000 या 20,000 किलोमीटर की ड्राइविंग सीमा वाले प्लान. यहां पर ध्यान रखना चाहिए कि रिसेल वैल्यू की अधिकतम सीमा 75% और 70% है. तो ऐसा जरूरी नहीं है कि हर मॉडल और हर प्लान पर इतनी रीसेल वैल्यू मिले. ये भी पढ़ें: नई कार से ज्यादा पुरानी कारों की बिक्री, आखिर क्यों बदल रही है हिंदुस्तानीय ग्राहकों की पसंद? एक्सपर्ट ने बताई वजह किन Kia कारों पर मिलेगा फायदा? कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस प्रोग्राम में Kia की कई लोकप्रिय कारों को शामिल किया गया है. Kia Sonet: सब-कॉम्पैक्ट SUV Kia Syros: कॉम्पैक्ट SUV New Kia Seltos: मिडसाइज SUV Kia Carens: फैमिली MPV Kia Carens Clavis: फैमिली के लिए MPV Kia की इलेक्ट्रिक कारें: संबंधित मॉडल और प्लान की पात्रता के अनुसार हालांकि, सभी मॉडल, वेरिएंट और पावरट्रेन पर योजना की उपलब्धता एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है. कार खरीदने से पहले अधिकृत डीलरशिप से इसकी पुष्टि करना बेहतर रहेगा. 3, 4 या 5 साल का प्लान, कैसे चुन सकेंगे ग्राहक? इस प्रोग्राम में ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार कार रखने की अवधि चुन सकते हैं. पेट्रोल और डीजल कारों के लिए 3, 4 और 5 साल के विकल्प दिए गए हैं. वहीं, इलेक्ट्रिक कारों के लिए 3 और 4 साल का विकल्प बताया गया है. इसके अलावा, ग्राहक सालाना 10,000, 15,000 या 20,000 किलोमीटर की ड्राइविंग सीमा वाला प्लान चुन सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक रोज ऑफिस आने-जाने के लिए कार इस्तेमाल करता है, तो वह अपनी सालाना ड्राइविंग के हिसाब से प्लान चुन सकता है. वहीं, लंबी दूरी की यात्रा करने वाले ग्राहकों को ज्यादा किलोमीटर वाला विकल्प देखना चाहिए. बायबैक वैल्यू पाने के लिए किन बातों का रखें ध्यान? कार खरीदते समय केवल रीसेल वैल्यू के बड़े आंकड़े को देखकर फैसला करना सही नहीं होगा. ग्राहकों को योजना की शर्तें भी समझनी चाहिए. सालाना किलोमीटर की सीमा: आपने जितने किलोमीटर का प्लान चुना है, उसके मुकाबले कार कितनी चली है, इसका असर बायबैक राशि पर पड़ सकता है. सर्विस रिकॉर्ड: कार की सर्विस कहां और किस अंतराल पर करानी है, इसकी जानकारी अनुबंध में जरूर देखें. अधिकृत सर्विस सेंटर से सर्विस कराने की शर्त होने पर उसका पालन करना जरूरी होगा. कार की कंडीशन: दुर्घटना, बड़े नुकसान या बॉडी और स्ट्रक्चर में बदलाव से जुड़ी शर्तें पहले ही समझ लें. कार की जांच के बाद मिलने वाली राशि अनुबंध के नियमों पर निर्भर कर सकती है. अतिरिक्त शुल्क: बायबैक प्रोग्राम के लिए कोई अलग शुल्क, फाइनेंस से जुड़ी शर्त या अन्य भुगतान लागू होता है या नहीं, इसकी जानकारी डीलर से लिखित में लें. Kia Assured Buyback से जुड़े 3 जरूरी सवाल सवाल 1: क्या 3 साल बाद कार की कीमत का 75% मिलना तय है? नहीं, 75% तक की रीसेल वैल्यू का दावा किया गया है. वास्तविक रकम चुने गए प्लान, मॉडल और अनुबंध की शर्तों के अनुसार तय होगी. सवाल 2: क्या ग्राहक को नकद पैसे मिलेंगे या नई कार खरीदनी होगी? यह जानने के लिए बायबैक अनुबंध की शर्तें देखनी होंगी. डीलर से स्पष्ट करें कि रकम का भुगतान कैसे होगा, क्या उसे नई कार खरीदने में इस्तेमाल किया जा सकता है और अगर कार पर लोन बाकी है, तो उसका निपटारा कैसे होगा. सवाल 3: क्या पहले से खरीदी गई पुरानी Kia कार पर भी यह योजना लागू होगी? इसकी पात्रता की पुष्टि कंपनी या अधिकृत डीलरशिप से करनी चाहिए. नई कार खरीदते समय योजना में शामिल होने और पहले से इस्तेमाल हो रही कार पर इसे लागू करने के नियम अलग हो सकते हैं. ये भी पढ़ें: Tata की इलेक्ट्रिक कारों पर ₹3.35 लाख तक की छूट, पेट्रोल, डीजल और सीएनजी गाड़ियों पर बंपर डिस्काउंट, देखिए किस मॉडल पर कितनी बचत? The post पुरानी कार पर मिलेगा 75% तक ‘रीसेल वैल्यू’, Kia लाई ‘अश्योर्ड बायबैक’ प्रोग्राम, 5 साल तक की गाड़ियों के लिए स्कीम appeared first on Naya Vichar.

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IIIT रांची में छात्र की मौत से मचा हड़कंप: हॉस्टल की लिफ्ट खराब, एंबुलेंस से ड्राइवर गायब और ऑक्सीजन भी नहीं! पिता ने डायरेक्टर पर दर्ज कराई FIR

रांची. ट्रिपल आइटी रांची के हॉस्टल में सीएसई ब्रांच के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य (20 वर्ष) की मौत के बाद संस्थान की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं. बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले आदित्य ने शनिवार की रात करीब 11.30 बजे स्पोर्ट्सगांव हाउसिंग स्थित हॉस्टल में जान दे दी. आरोप है कि मेडिकल इमरजेंसी के दौरान लिफ्ट खराब होने, एंबुलेंस में ड्राइवर और ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं होने तथा मेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण छात्र को समय पर इलाज नहीं मिल सका. घटना के बाद विद्यार्थियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और संस्थान के निदेशक प्रो राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग की. वहीं, आदित्य के पिता विष्णुदेव कुमार राय ने स्पोर्ट्सगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज कराकर निदेशक और प्रबंधन के अन्य कर्मियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है. हॉस्टल के कमरे में मिला छात्र का शव, दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे साथी आदित्य ब्लॉक-1 के पांचवें तल्ले पर स्थित हॉस्टल के कमरा नंबर 504 बी में रहता था. जानकारी के अनुसार, शनिवार की रात खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में चला गया था. इसी बीच बिजली कट गयी. रूममेट सक्षम वाहर ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद आशंका होने पर आसपास के विद्यार्थियों प्रांजल पांडेय, रतन तिवारी, कार्तिक शर्मा और एक अन्य फ्लोरमेट ने धक्का मारकर दरवाजा तोड़ा. कमरे के अंदर पहुंचने पर उन्होंने आदित्य को पंखे से सीलिंग के सहारे लाल और पीले रंग के गमछे से लटका हुआ देखा. लिफ्ट खराब होने से पांचवें तल्ले से नीचे लाने में हुई देरी घटना के बाद विद्यार्थियों ने आदित्य को नीचे लाने की कोशिश की. आरोप है कि करीब आधे घंटे से अधिक समय तक बिजली नहीं रहने के कारण लिफ्ट बंद थी. हॉस्टल में डीजी सेट उपलब्ध होने के बावजूद उसे चालू नहीं किया गया. ऐसे में पांचवें तल्ले से छात्र को सीढ़ियों के सहारे नीचे लाना पड़ा. विद्यार्थियों के अनुसार, सीढ़ियों से नीचे लाते समय आदित्य की सांसें चल रही थीं. इस दौरान कीमती समय बर्बाद होने का आरोप लगाया गया है. एंबुलेंस में नहीं था ड्राइवर, ऑक्सीजन की व्यवस्था पर भी सवाल आदित्य के पिता विष्णुदेव कुमार राय ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि हॉस्टल परिसर की पार्किंग में एंबुलेंस खड़ी थी, लेकिन उस समय उसका ड्राइवर मौजूद नहीं था. एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था भी नहीं थी. इसके अलावा हॉस्टल में कोई मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था. आरोप है कि इस कारण आदित्य को समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल सका और उसे सीपीआर भी नहीं दिया जा सका. अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी के कारण छात्र की मौत होने का आरोप पिता ने लगाया है. विद्यार्थियों ने आदित्य को नजदीकी भगवान महावीर मनिपाल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. रात 10 बजे पिता से हुई थी आखिरी बातचीत आदित्य के पिता विष्णुदेव कुमार राय ने बताया कि 10 अक्तूबर की रात करीब 10 बजे उनकी बेटे से वीडियो कॉल पर आखिरी बातचीत हुई थी. इस दौरान आदित्य ने हॉस्टल में कुछ असुविधाओं और परीक्षा से संबंधित बातें बतायी थीं. इसके बाद उसने खाना खाकर सोने जाने की बात कही और फोन काट दिया. कुछ देर बाद पिता के पास एक अनजान नंबर से फोन आया, जिसमें उन्हें जल्द रांची पहुंचने को कहा गया. इसके बाद दूसरे नंबर से फोन कर बेटे की मौत की सूचना दी गयी. पिता ने डायरेक्टर और प्रबंधन के खिलाफ दर्ज करायी प्राथमिकी आदित्य के पिता विष्णुदेव कुमार राय पटना पुलिस के कंट्रोल रूम में दारोगा के पद पर नियुक्त हैं. उन्होंने रविवार को स्पोर्ट्सगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी. प्राथमिकी में संस्थान के निदेशक प्रो राजीव श्रीवास्तव और प्रबंधन के अन्य सहकर्मियों पर आरोप लगाते हुए उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गयी है. पिता का आरोप है कि हॉस्टल में करीब एक हजार विद्यार्थी रहते हैं, लेकिन आपात स्थिति से निपटने के लिए निर्धारित एसओपी का पालन नहीं किया गया. उन्होंने संस्थान की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि उचित इंतजाम नहीं होने और शिशु पर अत्यधिक मानसिक दबाव पड़ने से यह घटना हुई. सुबह 10:30 बजे से सड़क जाम कर प्रदर्शन, निदेशक के इस्तीफे की मांग घटना के बाद हॉस्टल के छात्र-छात्राओं में आक्रोश फैल गया. रविवार सुबह करीब 10:30 बजे विद्यार्थियों ने स्पोर्ट्सगांव हाउसिंग सोसाइटी के बाहर टाटीसिल्वे-स्पोर्ट्सगांव मुख्य मार्ग जाम कर दिया. छात्र दिनभर विरोध प्रदर्शन करते रहे. उनकी प्रमुख मांग थी कि संस्थान के निदेशक तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें. प्रदर्शनकारी छात्रों ने हॉस्टल की आपातकालीन सुविधाओं, एंबुलेंस की उपलब्धता और मेडिकल सहायता में कथित लापरवाही पर सवाल उठाये. घटना की सूचना मिलने के बाद स्पोर्ट्सगांव थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया. डायरेक्टर ने कहा- अनियमितता मिली तो होगी कार्रवाई रविवार दोपहर करीब एक बजे ट्रिपल आइटी रांची के निदेशक प्रो राजीव श्रीवास्तव आक्रोशित छात्रों से मिलने पहुंचे. उन्होंने कहा कि जहां भी अनियमितता हुई है, उसकी पूरी जांच करायी जायेगी और जो भी दोषी पाये जायेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. इस पर छात्रों ने निदेशक को ही जिम्मेदार ठहराया और उनके इस्तीफे की मांग दोहरायी. नया विचार से बातचीत में निदेशक ने कहा कि घटना के बाद से ही प्रबंधन के लोग मौके पर मौजूद हैं और छात्र को 10 मिनट में अस्पताल ले जाया गया. एंबुलेंस में ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक सामान नहीं होने की जानकारी उन्हें नहीं थी. उन्होंने कहा कि अगर ऐसी कोई कमी पायी जाती है, तो इसकी जांच करायी जायेगी. एनएचआरसी ने लिया संज्ञान, मामले की जांच के आदेश ट्रिपल आइटी रांची के प्रथम वर्ष के छात्र की असामयिक मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने संज्ञान लिया है. वह राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उन्होंने छात्र को समय पर इलाज नहीं मिलने, संस्थान के प्रशासन की कथित लापरवाही और मौत की परिस्थितियों की जांच कराने की बात कही है. मामले में जांच और आगे की कार्रवाई पर अब सबकी नजरें टिकी हैं. आदित्य के दो भाई, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ आदित्य तीन भाइयों में मंझला था. उसका

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Delhi Protest Latest Updates Hindi : दिल्ली मेट्रो के 6 स्टेशन बंद, ITO और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन

Delhi Protest Latest Updates Hindi : ‘वोट चोरी’ के आरोप को लेकर विपक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सोमवार (12 अक्टूबर) को प्रदर्शन करेगा. उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विपक्षी दल सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालेंगे. विपक्षी दलों के इस मार्च से जुड़ी हर बड़ी समाचार और ताजा अपडेट यहां पढ़ें. The post Delhi Protest Latest Updates Hindi : दिल्ली मेट्रो के 6 स्टेशन बंद, ITO और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली में आज फिर बंद रहेंगे 6 मेट्रो स्टेशन, सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष के मार्च को लेकर सुरक्षा सख्त

दिल्ली में विपक्षी दलों के सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित मार्च को देखते हुए मेट्रो और यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है. DMRC ने देर रात दिल्ली के 6 मेट्रो स्टेशन बंद रखने की जानकारी दी. जिन छह स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रहेंगे, उनमें पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और बाराखंभा रोड शामिल हैं.. ITO और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी 12 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ITO और आसपास के इलाकों में यातायात प्रतिबंधों और डायवर्जन की घोषणा की है. यह व्यवस्था डीडीयू मार्ग पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए की गई है. ANI ने एक्स पर पोस्ट कर दी जानकारी- ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च ये प्रतिबंध विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर लगाए गए हैं. विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. ‘चलो दिल्ली-मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ नाम से आयोजित इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक और बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था बहाल करने जैसी मांगें उठाई जानी हैं. ये भी पढ़ें: कौन हैं अजिंक्य शिंदे? जो दीपके के बाद संभाल रहे हैं CJP प्रोटेस्ट की कमान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात के लिए समय मांगा था. उन्हें अपनी मांगों और चिंताओं से जुड़ा ज्ञापन सौंपना था. हालांकि, इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश ने यह कहते हुए मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं किया कि इसी तरह के मामले पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं. सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में दोनों नेताओं को ईमेल के जरिए जवाब भेजा गया. The post दिल्ली में आज फिर बंद रहेंगे 6 मेट्रो स्टेशन, सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष के मार्च को लेकर सुरक्षा सख्त appeared first on Naya Vichar.

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केंद्र सरकार को झटके लगते ही क्यों मुखर हो जाते हैं NDA के साथी? चिराग, मांझी और कुशवाहा की राजनीति समझिए

Chirag Paswan-Jitan Ram Manjhi Politics: गठबंधन की नेतृत्व में साथ रहना और हर मुद्दे पर एक जैसी राय रखना, दोनों अलग-अलग बातें हैं. केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में भी इसकी झलक देखने को मिलती है. बिहार में चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा जैसे सहयोगी नेता कई मुद्दों पर अपनी अलग राय रखते हैं. कभी यह राय प्रशासन के फैसलों से मेल खाती है, तो कभी असहमति भी सामने आती है. हाल के दिनों में दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का बयान चर्चा में रहा. वहीं, NEET-UG विवाद के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और किसान आंदोलन के दौरान कृषि कानूनों की वापसी जैसे घटनाक्रम भी केंद्र प्रशासन के सामने आए बड़े दबाव के उदाहरण हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि इन घटनाओं का NDA के सहयोगी दलों की नेतृत्व से क्या संबंध है? और वे प्रशासन के साथ रहते हुए भी अपनी अलग आवाज क्यों उठाते हैं? CJP के प्रदर्शन पर चिराग ने क्यों रखी अलग राय? 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था. प्रदर्शन से पहले रेलवे ने दिल्ली पहुंचने वाली कई ट्रेनों को रद्द किया. इस फैसले पर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने सवाल उठाए. चिराग ने कहा कि हिंदुस्तान के युवाओं को रोका नहीं जा सकता. उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताया. उनका बयान इसलिए अहम था, क्योंकि वह केंद्र प्रशासन में मंत्री हैं और उनकी पार्टी NDA की सहयोगी है.  इस मामले में चिराग का रुख यह संकेत देता है कि गठबंधन में शामिल दल हर फैसले का बचाव करना जरूरी नहीं समझते. वे अपने समर्थकों और युवा मतदाताओं के बीच अपनी अलग पहचान भी बनाए रखना चाहते हैं. हालांकि, किसी एक बयान से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि चिराग केंद्र प्रशासन के खिलाफ हैं. NEET विवाद और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों ने केंद्र प्रशासन पर दबाव बढ़ाया था. छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच 25 जुलाई 2026 को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया. इसके बाद शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंपा गया.  यह घटनाक्रम बताता है कि बड़े जनआंदोलन और किसी मुद्दे पर लगातार उठते सवाल प्रशासन के लिए नेतृत्वक चुनौती बन सकते हैं. ऐसे समय में सहयोगी दलों के लिए भी यह जरूरी हो जाता है कि वे जनता के सामने अपना पक्ष रखें. लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को केवल सहयोगी दलों के दबाव का नतीजा मानना सही नहीं होगा. इसके लिए अलग से ठोस प्रमाण जरूरी हैं. किसान आंदोलन: जब प्रशासन को वापस लेने पड़े कृषि कानून केंद्र प्रशासन के सामने दबाव का एक बड़ा उदाहरण 2020-21 का किसान आंदोलन था. तीन कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर लंबा आंदोलन किया. किसानों को आशंका थी कि इन कानूनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की व्यवस्था कमजोर होगी और खेती पर बड़े कॉरपोरेट घरानों का प्रभाव बढ़ेगा. करीब एक साल तक चले आंदोलन के बाद 19 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा की. संसद ने भी बाद में इन्हें निरस्त कर दिया. इस उदाहरण से समझा जा सकता है कि व्यापक जनविरोध प्रशासन को अपने फैसलों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर सकता है. हालांकि, हर आंदोलन का असर एक जैसा नहीं होता. उसका प्रभाव मुद्दे, जनसमर्थन और नेतृत्वक परिस्थितियों पर निर्भर करता है. BJP की बहुमत से दूर स्थिति और सहयोगियों की अहमियत 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में BJP अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर सकी. NDA की प्रशासन सहयोगी दलों के समर्थन से बनी. ऐसे में गठबंधन के भीतर सहयोगियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई. नीतीश कुमार की JDU और चंद्रबाबू नायडू की TDP जैसे दलों का समर्थन प्रशासन के लिए अहम है. इसका अर्थ यह नहीं कि वे हर मुद्दे पर प्रशासन से असहमत हैं. लेकिन गठबंधन की व्यवस्था में सहयोगियों के पास अपनी मांगें रखने और नीतिगत फैसलों पर बातचीत करने की गुंजाइश रहती है. इसी नेतृत्वक गणित के बीच बिहार के छोटे सहयोगी दल भी अपनी बात रखने की कोशिश करते हैं. उन्हें अपने सामाजिक आधार, क्षेत्रीय मुद्दों और समर्थकों की अपेक्षाओं का ध्यान रखना पड़ता है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें लोजपा, HAM और RLM अपनी अलग पहचान क्यों चाहते हैं? बिहार में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा NDA के सहयोगी हैं. इन दलों के सामने दोहरी चुनौती रहती है. एक तरफ उन्हें गठबंधन के साथ बने रहना है. दूसरी तरफ अपने मतदाताओं को यह भी दिखाना है कि उनकी अपनी नेतृत्वक आवाज है. चिराग पासवान युवाओं और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं. जीतन राम मांझी और HAM भी अपने सामाजिक आधार से जुड़े सवाल उठाते रहे हैं. उपेंद्र कुशवाहा और RLM भी अपनी नेतृत्वक प्राथमिकताओं के अनुसार मुद्दों पर पक्ष रखते हैं. ऐसे बयान सहयोगियों को अपने समर्थकों तक संदेश पहुंचाने का मौका देते हैं. इससे वे यह दिखा सकते हैं कि गठबंधन में शामिल होने का अर्थ अपनी स्वतंत्र नेतृत्वक पहचान छोड़ देना नहीं है. हालांकि, हर बयान को प्रशासन पर दबाव बनाने की रणनीति मानना भी सही नहीं होगा. कई बार नेताओं की असहमति किसी खास नीति या घटना को लेकर वास्तविक होती है. यह तय करने के लिए कि कोई बयान नेतृत्वक सौदेबाजी का हिस्सा है या नीतिगत विरोध, उसके संदर्भ और बाद के घटनाक्रम को देखना जरूरी है. क्या केंद्र पर दबाव बढ़ने से सहयोगियों की ताकत बढ़ती है? गठबंधन की नेतृत्व में सहयोगियों की अहमियत केवल उनके सांसदों या विधायकों की संख्या से तय नहीं होती. चुनावी समर्थन, सामाजिक आधार और क्षेत्रीय प्रभाव भी उनकी भूमिका को मजबूत करते हैं. जब प्रशासन किसी बड़े विवाद में घिरती है, तो सहयोगी दल अपनी मांगें सामने रखने के लिए अधिक मुखर हो सकते हैं. लेकिन इसका

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‘रॉक ऑन’ के पीछे का असली हीरो, कभी मिलते थे सिर्फ ₹300, आज बॉलीवुड के म्यूजिक आइकॉन हैं एहसान नूरानी

कहा जाता है कि इंसान की तकदीर में जो लिखा होता है, वह उसे ढूंढ ही लेती है. कहानी कुछ ऐसी ही है बॉलीवुड के उस मशहूर गिटारिस्ट की, जिनके हाथों में पेन और नक्शे की जगह गिटार आया और उन्होंने अपनी धुनों से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया. हम बात कर रहे हैं मशहूर संगीतकार एहसान नूरानी की, जो ‘शंकर-एहसान-लॉय’ की जादुई तिकड़ी का अहम हिस्सा हैं. 12 अक्टूबर को एहसान नूरानी के जन्मदिन पर आइए पर्दे के पीछे की उस दिलचस्प दास्तान को जानते हैं, जहां एक विज्ञापन के लिए सिर्फ 300 रुपये कमाने वाले लड़के ने बॉलीवुड के सबसे बड़े रॉकस्टार बनने का सफर तय किया. नक्शों से गिटार तक का फासला एहसान का परिवार आर्किटेक्चर की दुनिया से ताल्लुक रखता था. उनके पिता दिलावर नूरानी अपने दौर के बेहद नामी आर्किटेक्ट थे, जिन्होंने मुंबई की मशहूर और ऐतिहासिक ऊंची इमारत ‘उषा किरण’ को डिजाइन किया था. एहसान नूरानी, ​​फोटो- इंस्टाग्राम वो पहली कमाई: जब जेब में आए सिर्फ 300 रुपये हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदमों से होती है. एहसान के करियर की शुरुआत भी कुछ ऐसी ही फिल्मी थी. रेडिफ डॉट कॉम को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया था कि उनकी जिंदगी की पहली कमाई महज 300 रुपये थी. ये पैसे उन्हें पैरागॉन शूज के एक विज्ञापन में गिटार बजाने के बदले मिले थे. फिल्मों में आने से पहले उन्होंने एक सेशन गिटारिस्ट के तौर पर लंबा संघर्ष किया और स्टूडियो के हर एक राज को बहुत करीब से जाना. जब मिले तीन यार और बन गया इतिहास (शंकर-एहसान-लॉय) 1986 में विदेश से पढ़ाई पूरी कर देश लौटने के बाद उन्होंने विज्ञापनों और फिल्मों के लिए गिटार बजाना शुरू किया. सफर आगे बढ़ा और किस्मत ने उनकी मुलाकात लॉय मेंडोंसा से कराई. और फिर साल 1996 में वह ऐतिहासिक मोड़ आया जब शंकर महादेवन, एहसान नूरानी और लॉय मेंडोंसा ने हाथ मिलाया और जन्म लिया ‘शंकर-एहसान-लॉय’ का. शंकर-एहसान-लॉय, फोटो – इंस्टाग्राम शंकर की जादुई आवाज, लॉय का कीबोर्ड और एहसान के गिटार के तीखे सुर इस तिकड़ी ने आते ही बॉलीवुड म्यूजिक का पूरा ट्रेंड ही बदलकर रख दिया. साल 2001 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दिल चाहता है’ ने इस जोड़ी को रातों-रात स्टार बना दिया. इसके बाद ‘कल हो ना हो’, ‘मितवा’, ‘रॉक ऑन!!’ और ‘सेनोरिटा’ जैसे एक से बढ़कर एक गानों ने उन्हें बुलंदियों के उस आसमान पर पहुंचा दिया, जहां पहुंचना हर किसी के बस की बात नहीं होती. जब ‘फेंडर’ गिटार ने दी एहसान को सबसे बड़ी सलामी एहसान नूरानी का रुतबा सिर्फ एक कम्पोजर तक सीमित नहीं है, वे हिंदुस्तान के उन चुनिंदा गिटार वादकों में हैं जिन्हें दुनियाभर में पहचान मिली है. दुनिया के सबसे बड़े गिटार ब्रांड ‘फेंडर’ ने जब उनके नाम का सिग्नेचर गिटार मॉडल जारी किया, तो यह हिंदुस्तानीय संगीत जगत और हर गिटार प्रेमी के लिए गर्व का सबसे बड़ा पल बन गया. इमारतों के नक्शों से शुरू हुआ सफर जब गिटार के तारों पर थिरका, तो उसने इतिहास रच दिया. एहसान नूरानी की यह कहानी हमें सिखाती है कि सपने चाहे कितने भी अलग रास्ते मांगें, अगर लगन सच्ची हो तो अपनी मंजिल मिल ही जाती है. ये भी पढ़ें: स्काउट पर भड़के सलमान खान, बोले- ‘जेल में भी प्यार से खाना देते हैं’, फिर क्यों फफक कर रो पड़े काजी तौकीर? ये भी पढ़ें: ‘Hustle 5’ को मिला अपना विनर, धड़कन ने जीती ट्रॉफी, खाते में आए 1 करोड़ रुपये The post ‘रॉक ऑन’ के पीछे का असली हीरो, कभी मिलते थे सिर्फ ₹300, आज बॉलीवुड के म्यूजिक आइकॉन हैं एहसान नूरानी appeared first on Naya Vichar.

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12 अक्टूबर सुबह की टॉप 20 खबरें: दिल्ली पुलिस ने दीपके की हिरासत का वीडियो किया जारी, INDIA ब्लॉक का आज सुप्रीम कोर्ट कूच; पाकिस्तान में इमरजेंसी

1. Video: अभिजीत दीपके का दिल्ली पुलिस पर आरोप- ‘दादी के निधन के बाद भी परिवार से बात नहीं करने दी’ CJP के अभिजीत दीपके ने हिरासत में परिवार से बात न करने देने का आरोप लगाया. दिल्ली पुलिस ने आरोपों पर सफाई दी, जानिए पूरा मामला. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 2. Video : CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष की नई चाल, राहुल गांधी ने कहा- कल पूरा हिंदुस्तान… Rahul Gandhi : दिल्ली में जारी CJP प्रोटेस्ट के बीच राहुल गांधी ने रविवार देर शाम एक वीडियो जारी किया. वीडियो में उन्होंने देशभर के लोगों से उनके साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में शामिल होने की अपील की. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 3. Video: प्रदर्शन के दौरान बदहवास भागती नजर आईं नेहा बोरा, हिरासत में प्रदर्शनकारियों से दुर्व्यवहार का लगाया आरोप दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. नेहा बोरा ने पुलिस पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 4. IND vs WI 3rd T20I: टीम इंडिया की शानदार वापसी, वेस्टइंडीज को 14 रनों से हराकर सीरीज में बनाई 2-1 की बढ़त IND vs WI T20: अभिषेक शर्मा के 69 रन और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से हिंदुस्तान ने वेस्टइंडीज को तीसरे टी20 में 14 रन से हराया. सीरीज में 2-1 की बढ़त. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 5. यौन उत्पीड़न के आरोपी कांग्रेस सांसद के खिलाफ 12 अक्टूबर को झारखंड में प्रदर्शन का भाजपा ने किया ऐलान यौन शोषण के आरोपों से घिरे कांग्रेस सांसद पर भाजपा ने झारखंड में आंदोलन की घोषणा की है. भाजपा कार्यकर्ता कल कांग्रेस दफ्तरों का घेराव करेंगे. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 6. CJP Protest: मेट्रो-ट्रेन सेवाएं रोकने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र प्रशासन, दिल्ली पुलिस और DMRC को अवमानना का नोटिस CJP Protest: सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को कहा कि दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगाने के उसके आदेश के कथित उल्लंघन पर पहली नजर में मामला बनता है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 7. कांग्रेस मुख्यालय में चले जूते-चप्पल, आराधना मिश्रा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में हंगामा, धरने पर बैठे अजय राय UP News: लखनऊ कांग्रेस मुख्यालय में आराधना मिश्रा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं के दो गुट भिड़ गए. हाथापाई और हंगामे का वीडियो वायरल हो रहा है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 8. VIDEO: दिल्ली पुलिस ने जारी किया अभिजीत दीपके की हिरासत का वीडियो, बोली – कस्टडी में दी थी दादी के निधन की समाचार CJP Protest: दिल्ली पुलिस ने रविवार को एक वीडियो जारी कर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की सूचना नहीं देने के आरोपों को खारिज किया. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 9. 250km तक की रेंज, रिमूवेबल बैटरी और बाइक जैसा लुक… मार्केट में हुई नए इलेक्ट्रिक स्कूटर की एंट्री, जानें कीमत MotoHaus India ने VLF Strada इलेक्ट्रिक स्कूटर को City और Max दो वेरिएंट में पेश किया है. इसकी कीमत 1.19 लाख रुपये से शुरू होती है. इसमें 250 km तक की दावा की गई रेंज, 85 kmph की टॉप स्पीड और TFT डिस्प्ले जैसे फीचर्स मिलते हैं. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 10. जिबूती के तट के पास प्रवासियों से भरी नौका पलटी, 15 बच्चों समेत 109 की मौत पूर्वी अफ्रीकी देश जिबूती के तट के पास प्रवासियों से भरी एक नौका पलटने से बड़ा हादसा हो गया. इस दुर्घटना में कम से कम 109 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 15 शिशु भी शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने रविवार को हादसे की जानकारी दी. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 11. Pakistan Emergency: शहबाज शरीफ प्रशासन ने लगाई इमरजेंसी, खैबर-पख्तूनख्वा में इमरान खान की पार्टी का शासन खत्म Pakistan Emergency: पाकिस्तान ने उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ते आतंकवादी हमलों का हवाला देते हुए रविवार को आपातकाल घोषित कर दिया. इसके साथ ही जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेतृत्व वाली प्रांतीय प्रशासन का अंत हो गया. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 12. IndiGo Flight: दिल्ली से चेन्नई जा रही फ्लाइट में पावर बैंक में लगी आग, हैदराबाद में इमरजेंसी लैंडिंग IndiGo फ्लाइट में पावर बैंक में आग लगने की घटना के बाद दिल्ली से चेन्नई जा रही फ्लाइट को हैदराबाद में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. सभी यात्री सुरक्षित निकाले गए. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 13. Video: प्रदर्शन के दौरान बदहवास भागती नजर आईं नेहा बोरा, हिरासत में प्रदर्शनकारियों से दुर्व्यवहार का लगाया आरोप दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. नेहा बोरा ने पुलिस पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 14. सुधांशु त्रिवेदी बोले, इमरजेंसी वो था; जब इंदिरा को सत्ता से हटाने की बात पर होती थी जेल, जानिए क्या था DIR और MISA कानून जो लोग जंतर-मंतर पर की गई बैरिकेडिंग की तुलना देश में लागू हुए इमरजेंसी से करते हैं, उन्हें यह समझना होगा कि इमरजेंसी कहते किसको हैं. आज की पीढ़ी को तो पता ही नहीं है कि इमरजेंसी क्या थी और हमारी पीढ़ी के लोगों को याद दिलाने की जरूरत है कि इमरजेंसी क्या थी. यह बातें बीजेपी के नेता और राज्यसभा के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने मीडिया के सामने कही. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 15. CJP Protest: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं रुकी दिल्ली पुलिस, कनॉट प्लेस से 100 प्रदर्शनकारी हिरासत में 11 अक्टूबर को करीब 7000 से ज्यादा लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से सख्त निर्देश दिए गए थे कि लोगों को बिना कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में नहीं लिया जा सकता. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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PHOTOS : बिहार में कहीं तांत्रिक पूजा तो कहीं पहाड़ पर विराजती हैं मां, जानें 9 रहस्यमयी मंदिरों की पूरी कहानी

बिहार के 9 रहस्यमयी दुर्गा मंदिरों की पड़ताल करें, जहां तांत्रिक पूजा और पहाड़ी पर मां का वास है. जानें इन अनूठे शक्तिस्थलों के अनसुने रहस्य. The post PHOTOS : बिहार में कहीं तांत्रिक पूजा तो कहीं पहाड़ पर विराजती हैं मां, जानें 9 रहस्यमयी मंदिरों की पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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