Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद को लेकर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है. मंगलवार और बुधवार को उम्मीदवारों के इंटरव्यू हुए, जिसमें तीन लोगों का नाम शॉर्टलिस्ट किया गया है. इस पद के दावेदारों में उत्तर प्रदेश के पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का नाम भी शामिल है. राजेश पांडेय का पुलिस करियर काफी चर्चित रहा है. उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर जाना जाता है. पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने 80 से ज्यादा एनकाउंटर किए. वह यूपी पुलिस की खास यूनिट STF और ATS के संस्थापक सदस्य अधिकारियों में भी रहे हैं.
32 साल तक यूपी पुलिस में दी सेवा
राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश कैडर के 2003 बैच के IPS अधिकारी रहे हैं. वह प्रमोशन के जरिए IPS बने थे. इससे पहले वर्ष 1986 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के जरिए उनका चयन PPS अधिकारी के रूप में हुआ था. 21 फरवरी 1989 को उन्हें यूपी पुलिस में DSP के पद पर तैनाती मिली. प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर जिम्मेदारी संभालने के बाद वर्ष 2003 में वह IPS बने. राजेश पांडेय बरेली रेंज के IG भी रहे. करीब 32 साल की पुलिस सेवा के बाद 30 जून 2021 को वह IG-इलेक्शन सेल के पद से रिटायर हुए.
लखनऊ, अलीगढ़ और मेरठ में 80 से ज्यादा एनकाउंटर
राजेश पांडेय की पहचान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में रही है. लखनऊ, अलीगढ़ और मेरठ में SSP रहते हुए उन्होंने 80 से ज्यादा एनकाउंटर किए.वह उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) के संस्थापक सदस्य अधिकारियों में भी रहे. आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ अभियानों में उन्हें लंबा अनुभव रहा है. मोबाइल फोन के इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस में भी उन्हें विशेषज्ञता हासिल रही है.
श्रीप्रकाश शुक्ला के खिलाफ अभियान रहा चर्चित
राजेश पांडेय के पुलिस करियर में कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला के खिलाफ चलाया गया अभियान खास तौर पर चर्चित रहा.श्रीप्रकाश शुक्ला पर बिहार के मंत्री बृज बिहारी प्रसाद और पूर्वी उत्तर प्रदेश के माफिया वीरेंद्र कुमार शाही समेत कई लोगों की हत्या में शामिल होने के आरोप थे. उस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की हत्या की साजिश रचने का भी आरोप था.राजेश पांडेय ने यूपी में संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ कई अहम अभियानों में भूमिका निभाई.
चार बार राष्ट्रपति के वीरता पदक से सम्मानित
पुलिस सेवा के दौरान राजेश पांडेय को चार बार राष्ट्रपति के वीरता पदक से सम्मानित किया गया.वर्ष 2005 में उन्हें सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति का IPS पदक मिला. वर्ष 2008 में कोसोवो में शांति स्थापना मिशन के लिए संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया गया. वर्ष 2018 और 2020 में उन्हें यूपी DGP की सिल्वर कमेंडेशन डिस्क मिली. वर्ष 2021 में उन्हें यूपी DGP की प्लेटिनम डिस्क से सम्मानित किया गया.
रिटायरमेंट के बाद UPEIDA से जुड़े
रिटायरमेंट के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन ने राजेश पांडेय को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का नोडल सुरक्षा अधिकारी नियुक्त किया. वर्ष 2023 में उन्होंने पत्रकार और मीडिया-स्टडीज के प्रोफेसर राकेश गोस्वामी के साथ मिलकर अपनी पहली किताब ‘ऑपरेशन बाजूका’ लिखी.
यूट्यूब पर सुनाते हैं पुलिस ऑपरेशन की कहानियां
पुलिस सेवा से रिटायर होने के बाद राजेश पांडेय अपने अनुभवों को लोगों तक पहुंचा रहे हैं. वह यूट्यूब के जरिए पुलिस अभियानों और अपने अनुभवों से जुड़ी कहानियां भी साझा करते हैं. अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद के उम्मीदवार के रूप में उनका नाम सामने आया है. ऐसे में उनके लंबे पुलिस करियर और प्रशासनिक अनुभव की भी चर्चा हो रही है.
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