उचकागांव. प्रखंड के परसौनी खास गांव में श्रीविष्णु महायज्ञ को लेकर आयोजित प्रवचन के प्रथम दिन सोमवार को कथावाचिका अर्चना मणि पराशर जी ने कथा सुनने से मिलने वाले लाभ पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से भक्तों को श्रीहरि का स्नेह प्राप्त होता है और भक्तों के साथ-साथ इसके श्रवण मात्र से पापियों का भी कल्याण हो जाता है. उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा 335 अध्याय, 12 स्कंध और 18 हजार श्लोकों की एक दिव्य संहिता है, जिसकी रचना भगवान गणेश की सहायता से वेदव्यास जी महाराज ने की थी. सुखदेव जी महाराज ने राजा परीक्षित को इसकी कथा सुनाई थी, जिसके बाद उनका कल्याण हो गया था. भागवत कथा सुनने से धूंधकारी, जघाई, मघाई जैसे पापियों का भी चैतन्य महाप्रभु की कृपा से कल्याण हो गया था. श्रीमद्भागवत कथा ऐसा ग्रंथ है जो मृत्यु को भी मंगलमय बनाती है और लोगों की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करती है. श्रीमद्भागवत कथा वाचन से पूर्व यज्ञ समिति के अध्यक्ष पूर्व प्रखंड प्रमुख राम अशिष सिंह, कामेश्वर सिंह, अंशी सिंह आदि लोगों ने व्यास पीठ पर विराजमान भगवान श्रीकृष्ण की बाल प्रतिमा, श्रीमद्भागवत गीता और रामायण पुस्तक की विधिवत पूजा की तथा कथा वाचिका अर्चना मणि पराशर जी को अंगवस्त्र और माला से सम्मानित किया गया.
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