IAF Plane Crash: असम के जोरहाट स्थित रौरिया इंडियन एयरबेस पर शनिवार सुबह 10 बजे लैंडिंग के समय वायुसेना का एक AN-32 मालवाहक विमान हादसे का शिकार हो गया. इस दर्दनाक दुर्घटना में विमान के पायलट सहित 5 बहादुर जवान शहीद हो गए, जबकि एक को-पायलट गंभीर रूप से घायल है. देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन शहीदों में बिहार के दो जांबाज लाल भी शामिल हैं.
इनमें भोजपुर जिले के अग्निवीर जवान दानिश आलम और जहानाबाद के फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार शामिल हैं. यह हादसा उस समय हुआ जब विमान एयरबेस पर उतरने का प्रयास कर रहा था. लैंडिंग के दौरान विमान अचानक क्रैश होकर दो हिस्सों में टूट गया और उसमें भीषण आग लग गई.
हिंदुस्तानीय वायुसेना ने बताया कि यह विमान एक सामान्य रूटीन उड़ान पर था और हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं.
भोजपुर का इकलौता चिराग बुझा, पिछले साल ही अग्निवीर बने थे दानिश
भोजपुर जिले के कोईलवर के कायमनगर गांव के रहने वाले 22 वर्षीय दानिश आलम इस हादसे में शहीद हो गए. दानिश अक्टूबर 2025 में ही अग्निवीर जवान के रूप में हिंदुस्तानीय वायुसेना का हिस्सा बने थे. वे अपने माता-पिता मो. फारूक आलम और अख्तरी बेगम के इकलौते बेटे थे. दानिश के पिता गीधा स्थित एचपीसीएल प्लांट में एक साधारण ऑपरेटर हैं.
परिवार की माली हालत बहुत अच्छी नहीं होने के कारण दानिश की यह नौकरी पूरे घर के लिए एक बड़ा सहारा और नई उम्मीद लेकर आई थी. दानिश ने 29 जून 2025 को बिहटा एयरफोर्स स्टेशन पर जॉइनिंग की थी, जिसके बाद उन्हें ट्रेनिंग के लिए कर्नाटक के बेलगांव भेजा गया था. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग असम के इसी जोरहाट एयर बेस पर हुई थी.
छुट्टी बिताकर 30 मई को ही लौटे थे ड्यूटी पर, घर में पसरा सन्नाटा
शहीद दानिश आलम अभी हाल ही में 23 मई 2026 को छुट्टी लेकर अपने गांव कायमनगर आए थे. परिवार के साथ एक हफ्ता बिताने के बाद वे 30 मई को ही वापस अपनी ड्यूटी पर लौटे थे. किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि दानिश की यह मुलाकात आखिरी साबित होगी. दानिश की शहादत की समाचार मिलते ही पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया है.
इकलौते बेटे को खोने के गम में मां अख्तरी बेगम बार-बार बेसुध हो जा रही हैं, वहीं उनकी बड़ी बहनें शगुफ्ता परवीन और गजाला परवीन का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव और आसपास के इलाकों से सैकड़ों लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच रहे हैं. ग्रामीण दानिश को एक बेहद होनहार, अनुशासित और सीधे सरल स्वभाव का लड़का बता रहे हैं.

जहानाबाद के फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम भी शहीद, हादसे से दो घंटे पहले हुई थी बात
इस विमान हादसे में शहीद होने वाले बिहार के दूसरे लाल जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना क्षेत्र के बनवरिया गांव के रहने वाले शुभम कुमार (26) हैं. शुभम ने साल 2021 में फ्लाइट लेफ्टिनेंट के रूप में हिंदुस्तानीय वायुसेना में अपनी सेवाएं शुरू की थीं. शुभम के भाई सत्यम ने बताया कि शुरुआत में उन्हें सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से कुछ भ्रामक और गलत जानकारियां मिली थीं. इसके बाद जब उन्होंने सच्चाई जानने के लिए सीधे शुभम के मोबाइल नंबर पर फोन किया, तब जाकर उन्हें इस रूह कंपा देने वाली घटना की आधिकारिक जानकारी मिली.
बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें
‘जल्दबाजी में हूं, बाद में बात करता हूं’ थे शुभम के आखिरी शब्द
सत्यम ने रोते हुए बताया कि शनिवार को हादसे से ठीक दो घंटे पहले ही उनकी शुभम से वीडियो कॉलिंग के जरिए बात हुई थी. उस बातचीत के दौरान शुभम ने बहुत ही सामान्य ढंग से कहा था कि वह अभी किसी जरूरी काम की वजह से थोड़ी जल्दबाजी में हैं और जैसे ही उन्हें फुर्सत मिलेगी, वे दोबारा फोन करके बात करेंगे. लेकिन इसके बाद शुभम का फोन कभी नहीं आया. इस विमान हादसे में बिहार के इन दो बेटों के अलावा स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा और अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत ने भी देश के लिए अपनी जान गंवाई है.
इसे भी पढ़ें: पटना से पूर्णिया तक बड़े अफसरों की तैनाती, 17 जून तक निपटाए जाएंगे सारे आवेदन, हर घंटे हो रही जिलों की निगरानी
बिहार में बनने जा रहे 3 नए ग्रीन फील्ड कॉरिडोर, बक्सर से पटना का सफर होगा आसान
The post असम विमान हादसे में बिहार के दो लाल शहीद, वीडियो कॉल के दो घंटे बाद ही आ गई मौत की समाचार appeared first on Naya Vichar.
